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Friday, September 11, 2026
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शिवसेना की मोदी की तारीफ, कहा, ‘दुनिया जीतने निकले हैं मोदी’

अमित द्विवेदी,

महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना आए दिन मोदी सरकार पर हमला बोलती रहती है लेकिन इस बार अपने मुखपत्र सामना के ज़रिए शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। ‘ज़ोरदार मोदी’ नामक लिखे गए सम्पादकीय में सामना में लिखा गया है कि अमेरिकी कांग्रेस के सामने प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ोरदार और ऐतिहासिक भाषण दिया।

प्रधानमंत्री मोदी पर शिवसेना का रुख बदलता नज़र आ रहा है। हमेशा मोदी सरकार पर हमला बोलने वाली पार्टी शिवसेना ने मोदी की जमकर तारीफ की। सामना के सम्पादकीय में लिखा गया है कि मोदी अपने भाषण से अमेरिकियों की तालियां बटोर रहे हैं, दिल जीत रहे है और देश को मान-सम्मान दिला रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री जोश में है और वे दुनिया को जीतने की मुहिम पर निकले है। उनका अभिनंदन और शुभकामनाएं।

सम्पादकीय में मोदी और बराक ओबामा की दोस्ती का भी ज़िक्र किया गया है। दोनों की दोस्ती का कुछ इस तरह उल्लेख किया गया है, “ऐसा लगने लगा है कि निवृत्ति के बाद वे अपनी पत्नी के साथ सूरत, राजकोट, पोरबंदर, मनाली, महाबलेश्वर या दिल्ली में बसनेवाले है ऐसा लगने लगा है।” यही नहीं शिवसेना ने अमेरिका की नीतियों में दोहरेपन को लेकर लताड़ा भी है, सम्पादकीय में आगे लिखा गया है कि मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के समय अमेरिका द्वारा हिन्दुस्तान की सहायता करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कृतज्ञता जताई। लेकिन इसी अमेरिका ने पाकिस्तान को आर्थिक मदद और हथियारों की आपूर्ति की नीति बंद नही की है।

सामना के सम्पादकीय के अनुसार, एक तरफ अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ हिन्दुस्तान को समर्थन देता है और दूसरी तरफ पाकिस्तान को एफ-16 जैसे लड़ाकू विमानो की आपूर्ति कर व्यापार करता है। अमेरिका के इस दोहरापन समझना होगा।

शुक्रवार 10 जून से शुरू होगा ‘यूरो कप’

ब्यूरो,
फुटबॉल का ‘मिनी वर्ल्डकप’ अर्थात ‘यूरो कप’ टूर्नामेंट शुक्रवार से फ्रांस में शुरू हो रहा है।  टूर्नामेंट का उद्‌घाटन मैच फ्रांस की राजधानी पेरिस से करीब 12 किलोमीटर दूर सेंट डेनिस स्थित ‘डि फ्रांस’ में रोमानिया और मेजबान फ्रांस के बीच खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट फ्रांस के दस शहरों में अत्यंत कड़ी सुरक्षा के साथ आयोजित किया गया है।
मेट्रोपोलिटन पुलिस अधिकारियों के एक दल को शुक्रवार को शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में फ्रेंच पुलिस के सहयोग के लिए पहले ही फ्रांस भेज दिया गया है जिसमें आतंकवाद निरोधक और कानून व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

स्काटलैंड यार्ड ने यूरो 2016 यूएफा टूर्नामेंट के लिए फ्रांस जाने वालों या ब्रिटेन में पार्टियों के दौरान बड़ी स्क्रीन में फुटबॉल मैच देखने के लिए जुटने वालों को आतंकी खतरे से सतर्क रहने को कहा है।

पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले को मद्दे नज़र रखते हुए नेशनल स्टेडियम  सहित अन्य नौ स्टेडियम में और उनके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के पुख़्ता इंतजाम किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि नेशनल स्टेडियम में ही पिछले साल आतंकी हमला हुआ था और 130 लोगों की मौत हो गई थी। जिस वक्त नेशनल स्टेडियम के बाहर आतंकी हमला हुआ था, उस समय फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद सहित करीब 80 हजार दर्शक वहां मौजूद थे।

आपस में भिड़े मेनका और प्रकाश, अमानवीयता का लगाया आरोप

शिखा पाण्डेय,
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी तथा पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के बीच पशु हत्या को लेकर ज़ुबानी जंग शुरू हो गई है। बिहार में फसल बर्बाद करने वाली नील गायों की हत्या के बाद मेनका गांधी ने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर पर अमानवीय होने का आरोप लगाया है।
आज सुबह जावड़ेकर पर व्यंग करते हुए मेनका ने कहा कि  हमारी सरकार में पहली दफा पर्यावरण मंत्रालय इतने सक्रिय हो गए हैं और सभी राज्यों को कह रहे हैं कि आप बताएं किस-किस जानवर को आप मारने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री महोदय ने सुझाव दिया है कि बंगाल में हाथियों को, गोवा में मोर को, हिमाचल प्रदेश में बंदरों को, राजस्थान में नील गायों को मार दिया जाए परंतु वहां हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है। मेनका ने कहा कि पर्यावरण मंत्री राज्यों को चिट्ठी लिखकर जानवरों को मारने की मंजूरी दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मेनका ने यह बयान बिहार में लगभग 250 नील गायों की हत्या के बाद दिया है।
मेनका के आरोपों पर पलटवार करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि यह एक पुराना कानून है कि राज्य सरकार की अपील पर जानवरों को मारने की अनुमति दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार जानवरों द्वारा किसानों को परेशान करने की शिकायत करती है तभी जानवरों को मारने की अनुमति दी जाती है।
गौरतलब है कि बिहार के सीतामढ़ी जिले के कई प्रखंडों के किसान वर्षों से नीलगाय व जंगली सूअर के आतंक से परेशान थे। दोनों जंगली पशुओं द्वारा बड़े पैमाने पर फसलों को क्षति पहुंचायी जा रही थी। वन विभाग के स्तर से नीलगाय व जंगली सूअर पर अंकुश लगाने के लिए जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था तब जाकर राज्य सरकार ने उक्त दोनों पशुओं को मारने की अनुमति दी थी। पिछले दिनों बिहार सरकार ने भारत सरकार को भेजे प्रस्ताव में बताया था कि नीलगाय के आतंक से सूबे के 31 जिले प्रभावित हैं, वहीं जंगली सूअरों के आतंक से 10 जिले  प्रभावित हैं।

मोहोंजो दारो का फर्स्ट लुक हुआ वायरल

एंटरटेनमेंट डेस्क,

प्यार और पॉवर की अभिव्यक्ति नाम से आज ऋतिक रोशन ने मोहोंजो दारो के अपने पहले लुक को ट्वीट किया। ऋतिक के ट्वीट करते ही यह ट्वीट वाइरल हो गया। फेसबुक से लेकर यू ट्यूब, हर जगह ऋतिक का फर्स्ट लुक वाइरल हो रहा है। उनके फैन्स में गजब की खुशी दिखाई दे रही।

खालिस कपास के हाथ से बने हुए अंगवस्त्र पहने, बाजू-गले में काला धागा और हाथ में एक्सटेंडेट साइड स्पोर्ट त्रिशूल लिया हुआ ऋतिक का यह लुक है। उनका यह लुक को सभी पसंद कर रहे हैं। फिल्म 12 अगस्त को रिलीज हो रही है। गुजारिश, जोधा-अकबर में उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है।

ऋतिक की मोहनजो दारो की लम्बे समय समय से प्रतीक्षा की जा रही है। ऋतिक के अलावा यह फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि काफी समय से आशुतोष की भी कोई फिल्म कुछ ख़ास नहीं कर पाई है। मोहोंजो दारो के साथ कई बड़े नाम जुड़े हुए हैं। जैसे फिल्म का निर्माण सिद्धार्थ रॉय कपूर और सुनीता गोवारिकर ने किया है। निर्देशन आशुतोष गोवारिकर का है, संगीत एआर रहमान का है।

छत्तीसगढ़ में ITBP शिविर पर नक्सलियों का हमला

ब्यूरो,

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव ज़िले में बुधवार रात नक्सलियों ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस पर हमला कर दिया। लेकिन जैसे ही जवानों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की नक्सली भागकर जंगल में चले गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ नापाल क्षेत्र में नक्सलियों ने रात तकरीबन 1 बजे ITBP की 41 वीं बटालियन के शिविर पर चार रॉकेट लॉंचर्स से हमला किया। पुलिस ने जवाब में गोलियां चलाईं। नक्सलियों के साथ ये मुठभेड़ सुबह तीन बजे तक जारी रही। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों तरफ से लगभग 600 राउंड गोलियां चली।

ITBP के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में नक्सली भाग खड़े हुए। सूत्रों की मानें तो नक्सलियों की संख्या लगभग 100 थी। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ।

साल के बेहतरीन फिल्मों में से एक है ‘TE3N’

रेटिंग- ***/5

अमित द्विवेदी,

फ़िल्म समीक्षा – Te3n
निर्देशक- ऋभु दासगुप्ता
निर्माता- सुजॉय घोष
गीत-संगीत- अमिताभ भट्टाचार्य/क्लिंटन सेरेजो
प्रमुख कलाकार- अमिताभ बच्चन, विद्या बालन और नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी।

सुजॉय घोष, थ्रिलर, कलकत्ता और विद्या बालन की वजह से ऐसा अंदाज़ा लगाया जा रहा था कि फ़िल्म ती3न भी ‘कहानी’ से ही मिलती जुलती होगी। ऋभु दासगुप्ता ने अपने निर्देशन की निपुणता का बेहतरीन परिचय दिया है। आइए जानते है क्या है ती3न की कहानी।

कहानी-

जॉन बिस्वास (अमिताभ बच्चन) कलकत्ता में अपनी पत्नी और नातिन एंजेला के साथ खुशहाल जीवन बिता रहे होते हैं कि एक दिन अचानक जॉन की नातिन का अपहरण हो जाता है। इन्स्पेक्टर मार्टिन को इस केस को सुलझाने का ज़िम्मा मिलता है, किडनैपर से एन्जेला को छुड़ाने की कोशिश में ही एन्जेला की मौत हो जाती है। मामले को लगभग 8 साल बीत जाते हैं, लेकिन पुलिस किडनैपर का पता नहीं लगा पाती। समय के साथ मामला एकदम ढीला पड़ जाता है। लेकिन जॉन पिछले 8 साल से रोज़ पुलिस स्टेशन जाता है, इस विश्वास के साथ कि एकदिन कुछ ज़रूर पता लगेगा।

थक हारकर जॉन खुद पड़ताल शुरू करता है। फादर मार्टिन की मदद भी मांगता है लेकिन एक समय के बाद मार्टिन उसे सांत्वना देते हुए कहता है कि शांति के  लिए ईश्वर की शरण में जाओ। जॉन किडनैपर की तलाश जारी रखता है। कुछ समय के बाद उसे कुछ ऐसे सुराग मिलते हैं, जो किडनैपर तक पहुंचाने मदद करते हैं। लेकिन कहानी इसी बीच और रोमांचक मोड़ ले लेती है, जब एक और अपहरण का मामला सामने आता है। पहले अपहरण और दूसरे अपहरण में कई समानताएं होती हैं जो दर्शकों को बांधकर रखेंगी। पटकथा इतने शानदार तरीके से लिखी गई है कि उससे निकलने का वक़्त नहीं मिलता। इसके रोमांचक अंत के लिए सिनेमाघरों की ओर रुख करना होगा।

TE3N amitabh bachchan

पटकथा-निर्देशन-

सुरेश नायर, रितेश शाह और बृजेश जयराजन ने बेहतरीन पटकथा लिखी है। शुरू का 10 मिनट थोड़ी ढील ज़रूर देगा, लेकिन जैसे-जैसे फ़िल्म आगे बढ़ेगी पटकथा काफी कसती जाती है। मज़बूत पटकथा को निर्देशक ऋभु दासगुप्ता ने काफी ख़ूबसूरती से फिल्माया है। निर्देशक ने अमिताभ और नवाज़ुद्दीन को काफी स्पेस दिया है लेकिन विद्या बालन को जितना सशक्त बनाया जाना चाहिए था।

गीत-संगीत-

अमिताभ भट्टाचार्य के बोलों को सुरों से सजाया है क्लिंटन सेरेजो ने। फ़िल्म में अतिरिक्त गाने नहीं रखे गए हैं, सभी तीन गाने कहानी को गति देते हैं। गानों ने फ़िल्म के इमोशन्स को जीवंत किया है।

साल की बेहतरीन फिल्मों में से एक है फ़िल्म ‘ती3न’।  अवश्य देखें।

यहां लोग भगवान के डर से नहीं करते गन्दगी

अनुज हनुमत,

इस समय पूरे देश में स्वच्छता अभियान बहुत तेजी से चल रहा है और लोगो के अंदर इसे लेकर जागरूकता भी बढ़ी है। लेकिन अभी भी ज्यादातर लोग इसे अपना नैतिक दायित्व मानने से कोसों दूर हैं। लेकिन भारत में कुछ स्थान ऐसे भी हैं, जहाँ स्वच्छता को लेकर आम जनमानस में नैतिक कर्तव्यबोध तो है ही, दूसरा इन्होंने एक ऐसा नायब तरीका भी खोजा है, जिससे इन्हें गंदगी को रोकने में बहुत ज्यादा सफलता भी मिली है।

उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर के एक छोटे से रेस्टोरेंट में ऐसी ही एक तस्वीर देखने को मिली, जिसे देखकर आप भी प्रभावित होंगे। यहाँ अधिकांश दुकानों,सरकारी भवनों, ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों आदि स्थानों में लोगो ने गंदगी रोकने के लिए भगवान की प्रतिमाएँ व मूर्तियां स्थापित कर रखी हैं, जिसके बाद उस स्थान पर गंदगी रोकने में बहुत सफलता मिली है। उडीसा राज्य में देवी देवताओं के प्रति आम जनमानस की जबरदस्त आस्था है, ऐसे में इन्ही देवी देवताओं की मूर्तियों व प्रतिमायों का प्रयोग गंदगी रोकने में किया जा रहा है।

odisha

भुवनेश्वर से कुछ ही किमी. पहले प्रमोद पटनायक एक छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते हैं और इनका कहना है कि हमारे यहाँ पूरे देश से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु खाना खाने आते हैं और साथ में यहाँ के स्थानीय लोग भी खाते हैं। ऐसे में हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम बाहरी यात्रियों को अच्छा माहौल दें। इसीलिए हमने अपनी दुकान के नीचे और सीढ़ियों पर भगवान की प्रतिमाएँ स्थापित करा रखी हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति गंदगी न फैला पाये। हम ये तरीका बहुत दिनों से प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि मौजूदा समय में ईश्वर ही है, जिससे सब डरते हैं।

वैसे उडीसा में स्वच्छता अभियान के प्रति लोगो की ये सजगता काबिले तारीफ है और साथ में ऐसा उपाय भी, जिसका प्रयोग करके गंदगी में बड़े पैमाने पर अंकुश लगाया जा रहा है। केंद्र सरकार सहित देश के अधिकांश राज्यों को उड़ीसा जैसे राज्यों से कुछ सीख लेनी चाहिए, जिससे स्वच्छता के प्रति लोगों के नैतिक दायित्व में बढ़ोत्तरी हो सके।

ऋतिक की मर्दानगी पर उठा सवाल, रवीना ने कहा बॉलीवुड में मर्दों की चलती है

एंटरटेनमेंट डेस्क,

अभिनेत्री कंगना रनौत अब हृतिक रोशन के साथ अपनी ज़ाती लड़ाई में अकेली नहीं हैं। उनका साथ देने खड़ी हुई हैं बॉलीवुड की तेज़, बेबाक और निडर अभिनेत्री रवीना टंडन। दरअसल रवीना टंडन ने बॉलीवुड जगत के परदे के पीछे छिपी हकीकत बयान करने वाला एक ब्लॉग लिखा है। इस ब्लॉग में कई खुलासों के साथ रवीना ने अभिनेता हृतिक रोशन को भी आड़े हाथ लिया है और सीधा उनकी मर्दानगी पर प्रश्न खड़ा कर दिया है।

अपने ब्लॉग में रवीना ने लिखा है कि फिल्मी दुनिया में हमेशा से ही हिरोइनों के साथ ज्यादती होती रही है। इस इंडस्ट्री में सिर्फ हीरो की चलती है। यहां मर्द हिरोइनों के जज़्बातों से साथ खेलते हैं।

सन 1990 का जिक्र करते हुए रवीना ने लिखा है कि एक शादीशुदा हीरो थे, जिनका एक हिरोइन के साथ अफेयर था, लेकिन अगर हिरोइन गलती से भी किसी से कुछ कहती थी, तो उसकी शामत आ जाती थी। अगर वो हिरोइन कुछ बोलती, तो उसे उस हीरो के साथ फिल्म तक नहीं मिलती थी, यहां तक कि उनके बाकी हीरो और प्रोड्यूसर दोस्त भी उसके साथ फिल्में नहीं करते थे।

Raveena-Kangna

रवीना ने कंगना की हिम्मत की दाद देते हुए कहा कि मैं कंगना को सलाम करती हूं, जो उन्होंने इतनी हिम्मत दिखाई। यहां धोखा कई हिरोइनों के साथ होता है, लेकिन वो डर से कुछ कह नहीं पातीं। रवीना ने लिखा है कि यहां शादीशुदा मर्द हिरोइनों के दिल से खेलते हैं और फिर उनसे मुंह मोड़ लेते हैं।

हृतिक द्वारा कंगना की चिट्टिय़ां लीक करने पर रवीना ने लिखा है कि मैं नहीं जानती कि कौन सही है कौन गलत, लेकिन किसी लड़की की चिट्ठी लीक कर देना कहां की मर्दानगी है। इस इंडस्ट्री में हीरो हमेशा से  हिरोइनों का इस्तेमाल कर छोड़ देते हैं। रवीना ने मीडिया पर भी आरोप लगाते हुए लिखा कि इस इंडस्ट्री में सिर्फ हीरो की चलती है और मीडिया भी सिर्फ उन्हीं का साथ देती है।

अमेरिका ने कहा, ‘पठानकोट हमले के दोषियों को सज़ा दे पाकिस्तान’

अमित द्विवेदी,

पठानकोट आतंकी हमले को लेकर अब अमेरिका भी सख्त होता नज़र आ रहा है। आतंकी खतरे के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने की बात कहते हुए अमेरिका ने पकिस्तान को चेताया कि पठानकोट हमले को अंजाम देने वालों को पाकिस्तान सज़ा दे। अमेरिका ने भरोसा दिलाया कि वह जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और दाउद कंपनी जैसे पाकिस्तान स्थित संगठनों से आतंकी खतरे के खिलाफ सदैव भारत के साथ खड़ा रहेगा।

व्हाइट हाउस ने बराक ओबामा और नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें स्पष्ट है कि दोनों नेताओं ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट आतंकवादी हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने का पाकिस्तान से आह्वान किया। दोनों नेताओं ने न सिर्फ भारत में हुए आतंकीहमले को लेकर बात की बल्कि विश्व के अन्य इलाकों में भी हुए आतंकी हमले को अभिशाप बताया और लगातार हो रहे आतंकी हमले की निंदा की।

modi-obama

अमेरिका ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट आतंकवादी हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने का पाकिस्तान से आह्वान किया। हालाँकि व्हाइट हाउस से आए इस बयान को लेकर पाकिस्तान की सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि अमेरिका के इस बयान से पाकिस्तान पर दबाव काफी पड़ेगा।

राहुल का ‘राम बाण’, ‘एडवाइजर्स ब्लॉक’ बचाएगा पार्टी की इज़्ज़त

शिखा पाण्डेय,
दिन दुगुनी रात चौगुनी बढ़ती मुसीबतों के समाधान हेतु कांग्रेस ने अंततः एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। लगातार पार्टी छोड़कर जा रहे वरिष्ठ नेताओं से पार्टी को हुई क्षति की पूर्ति हेतु राहुल गांधी ने नया तरीका ढूंढा है। पार्टी ने एक ‘एडवाइजर्स ब्लॉक’ का गठन करने का सुझाव दिया है। जिसमें 10 नेता और उद्योगपतियों को शामिल किया जाएगा, जो पार्टी के अहम मुद्दों पर फैसला लेंगे।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस को हाल में ही एक के बाद एक तीन बड़े झटके लगे हैं। महाराष्ट्र के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरुदास कामत ने मंगलवार को पार्टी से इस्‍तीफा दे कर राजनीति से संन्‍यास लेने का एलान कर दिया। छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी ने कांग्रेस छोड़ नई पार्टी बना ली और त्रिपुरा के 6 बागी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को टीएमसी ज्वाइन करने का लेटर दे दिया। यही नहीं, हाल ही में 4 राज्यों में भी पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल का ‘एडवाइजर्स ब्लॉक’ भाजपा के संसदीय बोर्ड जैसा होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता भले इसकी शक्ति को लेकर सवाल उठा रहे हों, परंतु पार्टी की तमाम दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए राहुल ने वेलफेयर रिफॉर्म्स और ट्राइबल राइट्स जैसे मुद्दे सुलझाने के लिए एडवाइजर्स ब्लॉक बनाने का सुझाव दिया है। राहुल का मानना है कि ये ब्लॉक पार्टी में नई जान फूंकेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस एडवाइजर्स ब्लॉक में उद्योगपतियों के साथ-साथ एक्टिविस्ट भी होंगे। राहुल इसमें पी. चिदंबरम और गुलाम नबी आजाद जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल करना चाहते हैं। इस ब्लॉक के जरिए राहुल एक सामूहिक नेतृत्व का उदाहरण पेश करना चाहते हैं। इस नई टीम का ऐलान 11 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद कभी भी किया जा सकता है।