साल के बेहतरीन फिल्मों में से एक है ‘TE3N’

रेटिंग- ***/5

अमित द्विवेदी,

फ़िल्म समीक्षा – Te3n
निर्देशक- ऋभु दासगुप्ता
निर्माता- सुजॉय घोष
गीत-संगीत- अमिताभ भट्टाचार्य/क्लिंटन सेरेजो
प्रमुख कलाकार- अमिताभ बच्चन, विद्या बालन और नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी।

सुजॉय घोष, थ्रिलर, कलकत्ता और विद्या बालन की वजह से ऐसा अंदाज़ा लगाया जा रहा था कि फ़िल्म ती3न भी ‘कहानी’ से ही मिलती जुलती होगी। ऋभु दासगुप्ता ने अपने निर्देशन की निपुणता का बेहतरीन परिचय दिया है। आइए जानते है क्या है ती3न की कहानी।

कहानी-

जॉन बिस्वास (अमिताभ बच्चन) कलकत्ता में अपनी पत्नी और नातिन एंजेला के साथ खुशहाल जीवन बिता रहे होते हैं कि एक दिन अचानक जॉन की नातिन का अपहरण हो जाता है। इन्स्पेक्टर मार्टिन को इस केस को सुलझाने का ज़िम्मा मिलता है, किडनैपर से एन्जेला को छुड़ाने की कोशिश में ही एन्जेला की मौत हो जाती है। मामले को लगभग 8 साल बीत जाते हैं, लेकिन पुलिस किडनैपर का पता नहीं लगा पाती। समय के साथ मामला एकदम ढीला पड़ जाता है। लेकिन जॉन पिछले 8 साल से रोज़ पुलिस स्टेशन जाता है, इस विश्वास के साथ कि एकदिन कुछ ज़रूर पता लगेगा।

थक हारकर जॉन खुद पड़ताल शुरू करता है। फादर मार्टिन की मदद भी मांगता है लेकिन एक समय के बाद मार्टिन उसे सांत्वना देते हुए कहता है कि शांति के  लिए ईश्वर की शरण में जाओ। जॉन किडनैपर की तलाश जारी रखता है। कुछ समय के बाद उसे कुछ ऐसे सुराग मिलते हैं, जो किडनैपर तक पहुंचाने मदद करते हैं। लेकिन कहानी इसी बीच और रोमांचक मोड़ ले लेती है, जब एक और अपहरण का मामला सामने आता है। पहले अपहरण और दूसरे अपहरण में कई समानताएं होती हैं जो दर्शकों को बांधकर रखेंगी। पटकथा इतने शानदार तरीके से लिखी गई है कि उससे निकलने का वक़्त नहीं मिलता। इसके रोमांचक अंत के लिए सिनेमाघरों की ओर रुख करना होगा।

TE3N amitabh bachchan

पटकथा-निर्देशन-

सुरेश नायर, रितेश शाह और बृजेश जयराजन ने बेहतरीन पटकथा लिखी है। शुरू का 10 मिनट थोड़ी ढील ज़रूर देगा, लेकिन जैसे-जैसे फ़िल्म आगे बढ़ेगी पटकथा काफी कसती जाती है। मज़बूत पटकथा को निर्देशक ऋभु दासगुप्ता ने काफी ख़ूबसूरती से फिल्माया है। निर्देशक ने अमिताभ और नवाज़ुद्दीन को काफी स्पेस दिया है लेकिन विद्या बालन को जितना सशक्त बनाया जाना चाहिए था।

गीत-संगीत-

अमिताभ भट्टाचार्य के बोलों को सुरों से सजाया है क्लिंटन सेरेजो ने। फ़िल्म में अतिरिक्त गाने नहीं रखे गए हैं, सभी तीन गाने कहानी को गति देते हैं। गानों ने फ़िल्म के इमोशन्स को जीवंत किया है।

साल की बेहतरीन फिल्मों में से एक है फ़िल्म ‘ती3न’।  अवश्य देखें।

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