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Wednesday, August 5, 2026
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अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती हो सकता है लॉकडाउन बढ़ाना : आनन्द महिंद्रा

ब्यूरो | navpravah.com
लॉकडाउन को लेकर देश के दिग्गज व्यवसायी आनन्द महिंद्रा ने एक बार फिर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने लगातार कई ट्वीट कर स्पष्ट किया कि लॉकडाउन को लम्बी अवधि के लिए आगे बढ़ाना देश की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। 
सोमवार को कई ट्वीट कर आनन्द महिंद्रा ने चेताया कि लम्बी अवधि के लिए लॉकडाउन बढ़ाना निचले तबके के लिए अभिशाप बन सकता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाना ‘आर्थिक हारा-किरी’ यानी इकोनॉमी के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ग़रीबों को इससे काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
आनन्द महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफ़ी सक्रिय रहते हैं और देश हित को लेकर काफ़ी सजग भी रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था का चलते रहना और आगे बढ़ना लोगों की जीविका के लिए प्रतिरक्षा तंत्र की तरह होता है। लॉकडाउन से यह प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है और सबसे ज्यादा हमारे समाज के विपन्न तबके को नुकसान पहुंचाता है।’
उन्होंने अपने ट्वीट में ‘हारा-किरी’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब होता है आत्महत्या। दरअसल, जापान में जब युद्ध में पराजित हो जाते थे, तो वे बंदी बनाए जाने से बचने के लिए आत्महत्या कर लेते थे। यह एक तरह की प्रथा थी, जिसे हारा-किरी कहते हैं।
ज्ञातव्य है कि आनंद महिंद्रा काफी समय से लॉकडाउन खोलने की वकालत कर रहे हैं और इसके पहले भी वे कई ट्वीट कर यह कह चुके हैं, कि ऑफिस जाकर काम करना वर्क फ्रॉम होम से बेहतर है।
हालाँकि आनन्द महिंद्रा ने यह भी साफ़ किया कि इस बात का ये मतलब बिल्कुल नहीं लगाया जाना चाहिए कि लॉकडाउन से कुछ फ़ायदा ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ही हमारे देश में स्थिति नियंत्रण में है। नहीं तो बाक़ी विकसित देशों की तरह भारत में भी बुरा हाल होता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन का फ़ैसला किया, जिसकी वजह से बाक़ी देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है। 

प्रधानमंत्री मोदी के सम्बोधन में क्या होगा ख़ास ?

प्रधानमंत्री मोदी के सम्बोधन में क्या होगा ख़ास ?
प्रधानमंत्री मोदी के सम्बोधन में क्या होगा ख़ास ?

ब्यूरो | navpravah.com 

आज रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश को सम्बोधित करेंगे। इस सूचना के मिलते ही तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री के आज के सम्बोधन में क्या ख़ास होगा। आम जनमानस में इस बात की चर्चा है कि प्रधानमंत्री लॉकडाउन को लेकर कोई बड़ा फैसला लेकर सबके सामने आ सकते हैं।

कोरोना वाइरस के खिलाफ जारी इस जंग में अब तक प्रधानमंत्री देश को चार बार सम्बोधित कर चुके हैं, आज पांचवीं बार मोदी देश को सम्बोधित करेंगे। अब सवाल ये है कि पीएम मोदी लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान करेंगे या लॉकडाउन को हटाएंगे या कुछ और ढील के साथ लॉकडाउन बढ़ाएंगे। इन सब सवालों के जवाब आज रात 8 बजे पीएम मोदी के संदेश में मिल सकते हैं।

कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं पीएम-
आज रात अपने संबोधन में पीएम नरेन्द्र मोदी लॉकडाउन पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कल ही (सोमवार) देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। जिसमें महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, बिहार के सीएम ने लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील की थी। हालाँकि प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से 15 मई तक लॉकडाउन और वर्तमान चुनौतियों से कैसे निबटा जाए, इसको लेकर सुझाव माँगा है। अब पीएम मोदी के संबोधन में किस बात को प्राथमिकता दी जायेगी, यह कयास लगाया जा रहा है।

राजनीतिक गलियारे में इस बात की भी चर्चा ज़ोरों पर है कि प्रधामंत्री लॉकडाउन से एग्जिट प्लान को लेकर भी घोषणा कर सकते हैं। आगामी १७ मई के बाद देश में लॉकडाउन को लेकर क्या होगा, इसका अंदाज़ा आज के प्रधानमंत्री के भाषण में लगाया जा सकेगा। वैसे ज़्यादातर राजनीतिज्ञों और वाइरस के जानकारों का मानना है कि अभी लॉकडाउन अभी एकदम से खोला जाना संभव नहीं है।

विशेष ट्रेनों में 82 हज़ार से अधिक लोग करेंगे यात्रा : रेलवे

विशेष ट्रेनों में 82 हज़ार से अधिक लोग करेंगे यात्रा
विशेष ट्रेनों में 82 हज़ार से अधिक लोग करेंगे यात्रा

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com

भारतीय रेलवे ने मंगलवार को जानकारी दी कि अब तक लगभग 16 करोड़ रुपये की लगभग 45 हज़ार टिकटें बुक की जा चुकी हैं। दिल्ली से बिलासपुर के लिए रवाना होने वाली ट्रेन के जाने के कुछ समय पूर्व रेलवे ने यह आंकड़ा जारी किया। इन विशेष ट्रेनों की बुकिंग सोमवार शाम छह बजे शुरू हुई थी।

रेलवे ने बताया कि अभी तक अगले सात दिन के लिए 16.15 करोड़ रुपये की 45,533 (पीएनआर) बुकिंग की गई है। इन टिकटों पर करीब 82,317 लोग यात्रा करेंगे। रेलवे ने सोमवार को 15 विशेष ट्रेनों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो आज मंगलवार से चलना शुरू होंगी।

रेलवे द्वारा जारी गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिन गया था कि यात्रियों को अपना भोजन और चादर लाना होगा और स्वास्थ्य जांच के लिए ट्रेन के रवाना होने के समय से करीब 90 मिनट पहले पहुंचना होगा। उन्होंने कहा था कि इन यात्रियों के लिए ‘आरोग्य सेतु एप’ डाउनलोड करना भी अनिवार्य होगा।

ये रेलगाड़ियां नई दिल्ली और देश के सभी प्रमुख शहरों डिब्रूगढ़, अगरतला, हावड़ा, पटना, बिलासपुर, रांची, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, मडगांव, मुम्बई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी के बीच चलेंगी। मंगलवार 12 मई को आठ में से तीन रेलगाड़ियां नई दिल्ली से रवाना होंगी और डिब्रूगढ़, बेंगलुरु और बिलासपुर पहुंचेंगी।

हावड़ा, राजेन्द्र नगर (पटना), बेंगलुरु, मुम्बई मध्य और अहमदाबाद से एक-एक रेलगाड़ी रवाना होगी और दिल्ली पहुंचेगी। लॉकडाउन में चलाए जाने के कारण इन विशेष रेलगाड़ियों में सिर्फ वातानुकूलित श्रेणी (एसी-1, एसी-2 और एसी-3) के डिब्बे होंगे। किराया सामान्य राजधानी ट्रेन के अनुरुप होगा। सार्वजनिक परिवहन रेलवे ने कहा था कि इन रेलगाड़ियों में अग्रिम आरक्षण अधिकतम सात दिन के लिए होगा, फिलहाल आरएसी और वेटिंग टिकट जारी नहीं होगा।

रेलवे ने स्पष्ट किया कि रेलगाड़ी में टीटीई को किसी का टिकट बनाने की अनुमति नहीं होगी। भारतीय रेल ने टिकटें रद्द कराने का भी विकल्प दिया है। इस संबंध में उसका कहना है कि यात्री रेलगाड़ी के प्रस्थान से 24 घंटे पहले तक ही टिकट रद्द करा सकते हैं, लेकिन टिकट रद्द होने पर कुल किराये का 50 प्रतिशत शुल्क के रूप में काट लिया जाएगा।

जमशेदपुर में दो छात्र कोरोना पॉज़िटिव, इलाक़े में मचा हड़कम्प

अभिषेक झा | navpravah.com

आज लॉकडाउन के 51वें दिन जमशेदपुर में सुबह ही दो कोरोना पॉज़िटिव मामले मिलने से इलाक़े में हड़कम्प मच गया। कोलकाता से आए इन दोनों छात्रों की जाँच हुई, जिसकी रिपोर्ट आज सुबह मिली। रिपोर्ट पॉज़िटिव आने की वजह से लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों ही छात्र, छात्रा जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके से हैं। छात्र चाकुलिया नगर पंचायत के वार्ड संख्या 9 के जुगिपाड़ा निवासी है तथा छात्रा वार्ड संख्या 7 के पुराना बाजार निवासी है। दोनों विद्यार्थी 8 मई को कोलकाता से चाकुलिया आये थे। आने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी जांच की प्रक्रिया कर दी गई थी जिसका रिपोर्ट आज (मंगलवार) सुबह पॉजिटिव पाया गया।

रिपोर्ट आने के बाद दोनों छात्रों को इलाज के लिए TMH लाया गया है और उनके नजदीकियों में गाँव के 13 लोगो को भी TMH में लाया गया है, उनकी भी जांच प्रक्रिया चल रही है। चाकुलिया के उस क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है, जहाँ से ये दोनों छात्रा मिले थे। इन दो मामलों के बाद स्थानीय प्रशासन सकते में है और व्यवस्था को और मज़बूत कर दिया गया है। ताकि किसी तरह की लापरवाही की वजह से मामले न बढ़े। स्थानीय प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है।

भूली हुई यादें- “ दुर्गा खोटे ”

डॉ० कुमार विमलेन्दु सिंह | Navpravah Desk

नादुरुस्त, कुछ भी नहीं रहता ज़िंदगी में, या तो वक़्त ठीक कर देता है सब या बुन देता है ऐसा वहम, कि जिसमें पड़ के, सब ठीक लगने लगता है। वहम भी उम्रदराज़ नहीं होते, सो टूटते, बनते, ज़िंदगी को ख़ुशी और ग़म के रंगों से भरते रहते हैं। वहम टूटे, तो ग़म, बने तो ख़ुशी, लेकिन एक बात कभी नहीं बदलती, और वो है ज़िंदगी का चलते रहना। जो शख़्स किसी ख़ुशी या ग़म के मोहल्ले में ज़्यादा देर रुक जाता है, ज़िंदगी उसे छोड़, आगे बढ़ जाती है और जो बेफ़िक़्र बढ़ता चला जाता है, वो ज़िंदगी के बाद भी महफ़िलों में गुफ़्तगू का सबब बना रहता है। ऐसे ही चलीं, दुर्गा खोटे।

दुर्गा खोटे, फ़िल्म ‘हम एक हैं’ में (PC- Flickr)

दुर्गा खोटे का जन्म, एक कोंकणी परिवार में, 1905 में, मुंबई में हुआ। इनके पिता पांडुरंग श्यामराव लाड और माता मंजुलाबाई, एक बड़े और अमीर परिवार के सदस्य थे। इनका नाम, वीटा लाड रखा गया और अपने बाक़ी के भाई बहनों की तरह इनकी पढ़ाई लिखाई भी, बहुत अच्छे ढंग से हुई।

अभी ये कॉलेज में पढ़ ही रही थीं कि इनकी शादी, विश्वनाथ खोटे से हो गई, जो उन दिनों BHU से इंजीनियरिंग कर के लौटे थे। इसके कुछ दिनों बाद इनकी बहन शालिनी की शादी हुई और उस शादी में जे० एच० वाडिया भी आए थे, जो उन दिनों मोहन भगनानी के साथ फ़िल्में बनाया करते थे। उन्होंने शालिनी को फ़िल्मों में काम करने के लिए पूछा। शालिनी ने साफ़ मना कर दिया और कहा कि उनकी बहन काम कर सकती हैं।

दुर्गा खोटे, देवआनंद, हेमा मालिनी (PC- IMDb)

यहाँ दुर्गा खोटे को, उनकी पहली फ़िल्म, “फ़रेब जाल” मिली, जो 1931 में आई। ये फ़िल्म ज़बरदस्त फ़्लॉप हुई। दुर्गा का मज़ाक उड़ने लगा, लेकिन उनके पति ने उन्हें हौसला दिया। इस फ़िल्म में उनकी अदाकारी पर महान वी० शांताराम की नज़र पड़ी। उन्होंने आपनी फ़िल्म, “माया मछिन्द्रनाथ” के लिए, दुर्गा के साथ क़रार कर लिया। ये फ़िल्म ज़बरदस्त कामयाब रही और फिर “आयोध्याचे राजा”, जो कि पहली सवाक् मराठी फ़िल्म थी, इसमें भी दुर्गा खोटे, अहम किरदार में दिखीं। ये दोनों फ़िल्में 1932 में आईं। अब दुर्गा खोटे हर तरह से कामयाब हो रही थीं। उनके दो बेटे भी हो चुके थे। लेकिन इसी साल, इनके शौहर गुज़र गए। ऐसा लगा, जैसे सब ख़त्म हो गया।

दुर्गा खोटे इसके बाद भी चलती रहीं। 1936 में आई “अमर ज्योति” में इन्होंने सौदामिनी का किरदार निभाया जिसे बहुत पसंद किया गया। इन्होंने अपने दौर के सभी बड़े अदाकारों के साथ काम किया। उस दौर में फ़िल्म कंपनियां, अपने कलाकारों को हर महीने तनख़्वाह दिया करती थी, लेकिन दुर्गा खोटे कहीं बंध कर तनख़्वाह पर नहीं रहीं और लगभग सभी बड़ी कंपनियों के लिए काम किया।

दुर्गा खोटे, फ़िल्म ‘भरत मिलाप’ में (PC- Flickr)

सफ़र चलता रहा और इन्होंने इतनी शोहरत और नाम कमा लिया कि 1937 में “साथी” नाम की फ़िल्म का निर्माण और निर्देशन किया। इसके बाद 1941 और 1942 में इन्हें प्रतिष्ठित Bengal Film Journalists’ Association के द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का इनाम भी मिला। 1943 में IPTA बनी, ये इसकी भी सदस्या रहीं।

“मुग़ल-ए-आज़म” में जोधाबाई का किरदार, इन्होंने निभाया और उसके बाद तो, “आनंद”, “अभिमान”, “बॉबी”, “कर्ज़”, “बावरची” और ऐसी कई मशहूर फ़िल्मों समेत 200 फ़िल्मों में काम किया। 1983 में इन्हें दादा साहब फाल्के आवार्ड दिया गया। “

इनके पति के बड़े भाई, नंदू खोटे, मराठी रंगमंच के बहुत बड़े कलाकार थे जिनके बेटे, विजू खोटे (शोले के कालिया) और बेटी शोभा खोटे (गोलमाल की कालिंदी) मशहूर चरित्र अभिनेता बने।  शोभा की बेटी भावना बलसावर ने भी “देख भाई देख” और “ज़बान संभाल के” जैसे मशहूर टीवी धारावाहिकों में काम किया। पूरा परिवार अभिनय की साधना में लगा रहा।

दुर्गा खोटे पर जारी डाक टिकट (PC-Amazon)

दुर्गा खोटे ने “दुर्गा खोटे प्रोडक्शन्स” भी शुरू किया और बेहद मशहूर टीवी धारावाहिक, “वागले की दुनिया” बनाई। दुर्गा के पोते, देवेन खोटे, UTV के संस्थापकों में से एक हैं।

लड़खड़ा चुकी ज़िंदगी को, दुर्गा खोटे ने, न केवल संभाला बल्कि रफ़्तार भी दी और एक बेहद सुहाना सफ़र करते हुए, कई मील के पत्थर पीछे छोड़ते हुए, 86 साल की उम्र में, 1991 में, इस दुनिया से चल बसीं।

सन् 2000 में, जब इंडिया टुडे ने अपना मिलेनियम अंक निकाला, तो उसमें उन सौ लोगों की फ़ेहरिस्त जारी की, जिन्होंने हिंदुस्तान को आकार दिया था। दुर्गा खोटे का भी नाम उसमें था। इनका नाम इसलिए था क्योंकि इनके पहले, किसी बहुत बड़े परिवार की लड़की, फ़िल्मों में काम नहीं करती थीं। इन्होंने ही बतौर महिला डायरेक्टर काम शुरू किया था फ़िल्मों में।

दुर्गा खोटे लगातार चलीं और उनके पीछे इबारतें लिखी जाती रहीं। इनके जज़्बे ने भारतीय सिनेमा को बहुत कुछ दिया, इन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

(लेखक जाने-माने साहित्यकार, स्तंभकार, व शिक्षाविद हैं.)

“चीन का साइबर अटैक, हैकर्स कर रहे हैं कोरोना वैक्सीन हेल्थ डेटा चुराने की कोशिश” :अमेरिका

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी एफबीआई और होमलैंड सुरक्षा विभाग जल्द ही एक चेतावनी चीन को देंगे। यह चेतावनी साइबर अटैक से सम्बंधित है। अमेरिका का मानना है कि चीन के कुछ बेहद शातिर हैकर्स अमेरिका की कोरोना वायरस की वैक्सीन रिसर्च को चोरी करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा प्रयास चीन की तरफ से बार-बार किया जा रहा है जो कि एक प्रकार का साइबर हमला है और ऐसा साइबर हमला चीन द्वारा लाभ कमाने के लिए किया जा रहा है।

PC- The NewYork Times

न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक विस्तृत रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि चीन के हैकर्स द्वारा चोरी का ऐसा प्रयास किया जा रहा है। यहां तक कि अमेरिका के मित्र देश साउथ कोरिया, वियतनाम आदि ने भी अपने साइबर सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदार हैकर्स को वायरस संबंधी सतर्कता बरतने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

चीन के विरुद्ध साइबर हमले कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की तैयारी अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिसे जल्द ही आरोप के तौर पर सामने लाया जाएगा। इसमें यह आरोप लगाया जाएगा कि, “चीन अमेरिका के महत्वपूर्ण इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और पब्लिक हेल्थ डाटा ( वैक्सीन ट्रीटमेंट और टेस्टिंग संबंधी जानकारियां) चुराने का अवैधानिक काम कर रहा है।”

अमेरिका द्वारा यह भी दावा किया जा रहा है कि वह चीन की तरफ़ से होने वाले किसी भी साइबर अटैक से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। रिपोर्ट के मुताबिक यह ठीक वैसा ही है जैसा कि अमेरिका के 2018 मध्य अवधि चुनाव के दौरान रूसी हैकर्स ने अमेरिका के चुनावी डेटा से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी और बदले में अमेरिकी साइबर सिक्योरिटी द्वारा रूस में चेतावनी के तौर पर गैर गम्भीर वायरस भेज कर चेताया गया था।

रिपोर्ट की मानें तो जल्द ही अमेरिकी अधिकारी चीन के विरुद्ध साइबर अटैक की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

PM ने कहा, “कोरोना का गाँव पहुँचना एक बड़ा ख़तरा”, फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!

फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!
फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!

अमित द्विवेदी | navpravah.com

लॉकडाउन में विभिन्न प्रदेशों में फंसे मज़दूर अपने वतन पलयान करने को मजबूर हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजदूरों के पलायन को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मजदूरों का पलायन स्वाभाविक है, लेकिन साथ ही एक बड़ा खतरा हम सबके सामने आता नज़र आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों के सामने पलायन से एक बड़ा खतरा सामने आ सकता है।

पलायन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोरोना गाँव तक पहुंच गया, तो संकट गहरा सकता है। इस सम्बन्ध में आज प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिये हुई इस बैठक में देश में कोरोना के चलते निर्माण हुई स्थिति पर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में उपस्थित थे। तीसरे लॉकडाउन की घोषणा करने के बाद मजदूरों के पलायन का मुद्दा तीव्र हो गया।

घर जाना मानव स्वभाव-
मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का घर जाना स्वाभाविक है, क्योंकि घर जाना मानव स्वभाव है। पीएम मोदी ने कहा, “मैं मजदूरों की घर जाने की आवश्यकता को समझ सकता हूं। तालाबंदी के बाद, हमने ‘जो लोग जहां है वहीं रहे’ इस पर जोर दिया था। लेकिन घर जाना मानव स्वभाव है। इसलिए हमें कुछ फैसले बदलने पड़े। अब मजदूर अपने गांव जा रहे है, कई मज़दूर घर पहुंच गए है। लेकिन हमारे सामने एक बड़ा संकट है। कोरोना गांव तक पहुंचेगा यह हमारे सामने बड़ी चुनौती है।”

बैठक में मोदी ने कोरोना के बारे में सभी राज्यों की भूमिकाएं जान ली। वहीं कोरोना के कारण विभिन्न राज्यों में बनी स्थिति की समीक्षा की। इससे अब 17 मई के बाद लॉकडाउन के बारे में फैसला लिया जा सकता है।

वर्तमान मे महाराष्ट्र के मुंबई और कुछ शहरों की स्थिति गंभीर है। इसलिए बाकी राज्यों में लॉकडाउन में ढील देने की बात की गई। इसके साथ ही मोदी ने मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, मालेगांव, नागपुर और अन्य हॉटस्पॉट शहरों में कोरोना का प्रसार रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया।

विवादित ट्वीट मामले में ज़फ़र पर कसा पुलिस का शिकंजा, लैप्टॉप ज़ब्त

ब्यूरो | Navpravah Desk

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ज़फ़र-उल-इस्लाम ख़ान अपने विवादित ट्वीट के चलते भारी परेशानी में आ गए हैं। उनके विवादित पोस्ट मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने उनका लैप्टॉप जमा करने को कहा था। ज़फ़र ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पुलिस को लैप्टॉप सौंप दिया।

ज़फ़र ने अपने विवादित ट्वीट के बारे में कहा कि उन्होंने जो पोस्ट किया है, उसको लेकर आज भी अडिग हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो लैप्टॉप जमा किया है, वो दबाव की वजह से किया है। क्योंकि ट्वीट या किसी तरह का सोशल मीडिया पोस्ट वो मोबाइल से करते हैं, ऐसे में लैप्टॉप जमा करवाने के आदेश का मतलब समझ में नहीं आया।
ग़ौरतलब है कि वसंत कुंज के एक निवासी की शिकायत पर ख़ान के खिलाफ 30 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए और 153ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खान को ”विवादित” सोशल मीडिया पोस्ट करने में इस्तेमाल किया गया अपना लैपटॉप सौंपने के लिये अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 91 के तहत नोटिस भेजा गया था।

ज़फ़र खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, ”मुझे ट्विटर और फेसबुक पोस्ट करने में इस्तेमाल किये गए लैपटॉप को जमा करने के लिए शनिवार को दिल्ली पुलिस का नोटिस मिला। मैंने आज अपना लैपटॉप पुलिस को सौंप दिया। लेकिन, मैंने लिखित रूप से कहा है कि मैं दबाव में यह सब कर रहा हूं, क्योंकि लैपटॉप में ट्वीट या सोशल मीडिया पोस्ट का कोई रिकॉर्ड नहीं है और यह केवल ऑनलाइन है।

11 मई: नेशनल टेक्नोलॉजी डे

न्यूज़ डेस्क | navpravah.com
हमारे देश में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ११ मई को मनाया जाता है। ११ मई भारत के लिए एक बेहद ख़ास दिन है। आज ही के दिन भारत ने तकनीकी के क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ दिया था। आज का दिन 1998 के ‘पोखरण परमाणु टेस्ट’ और अंतरिक्ष में भारत की बड़ी प्रगति के रूप में इतिहास में दर्ज है। भारत ने आज ही के दिन ऑपरेशन शक्ति मिसाइल को सफलतापूर्वक फायर किया था। 
भारत ने अपने परीक्षण से दुनिया को दिखा दिया कि वह विश्व के किसी भी विकसित देश से कदम से कदम मिलाकर चल सकता है। पूरी दुनिया में होने वाले न्यूक्लियर खेल को भारत ने अपने इस परीक्षण से पूरी तरह पलट दिया। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बदौलत भारत ने पश्चिमी शक्तियों के कभी न खत्म होने वाले प्रभुत्व को चुनौती दी।
11 मई 1998 की सुबह थार के रेगिस्तान में पोखरण के खेतोलाई गांव के पास भारत ने अपना परमाणु परीक्षण किया था। व्हाइट हाउस नाम से बनाये शाफ्ट में धमाका हुआ। भारत ने 58 किलो टन क्षमता के परमाणु बम का परीक्षण करके सभी को चौंका दिया था। यह अमेरिका की ओर से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा में गिराए गए परमाणु बम लिटिल बॉय से चार गुना अधिक शक्तिशाली था। दुनिया भारत के इस कारनामे से अंजान थी, लेकिन भारत कमाल कर चुका था। 
इस परीक्षण के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने भारत को परमाणु सम्पन्न देश घोषित किया। इसके बाद भारत परमाणु क्लब देशों में शामिल होने वाला छठवाँ देश बना। इसकी वजह से सन १९९९ से भारत में ११ मई को राष्ट्रीय तकनीकी दिवस (नेशनल टेक्नॉलजी डे) के रूप में मनाया जाता है। 
इसके अलावा भी भारत ने कई सफल परीक्षण किए- 
• भारत ने राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला, बेंगलुरु द्वारा विकसित अपने पहले स्वदेशी विमान ‘हंसा 3’ का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
• भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारत की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल त्रिशूल का सफल परीक्षण करके इस दिन की उपलब्धि में चार चांद लगा दिए। यह सेना और नौसेना द्वारा शामिल किया गया और भारत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम का एक हिस्सा बन गया।

तीन करोड़ फ़र्ज़ी ‘राशन कार्ड’ किये रद्द, अब देश के किसी भी हिस्से में मिलेगा राशन

न्यूज़ अपडेट | Navpravah Desk

केंद्र सरकार ने देश भर के तकरीबन 3 करोड़ राशन कार्डों को रद्द कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट के माध्यम से यह बताया कि राशन कार्डों के डिजिटलीकरण और आधार सीडिंग की प्रक्रिया के दौरान ही 3 करोड़ राशनकार्ड फर्जी पाए गए जिन्हें रद्द किया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब योजना (पीएमजीएवाई) के तहत जून तक 3 महीने के लिए हर राशनकार्ड धारक को एक किलो दाल मुफ़्त वितरित करने का फैसला सरकार ने किया है। यह फैसला लॉकडाउन के समय गरीबों को होने वाली समस्या से निबटने के लिए लिया गया।

दरअसल 1 जून से केंद्र सरकार राशन कार्ड व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर रही है। ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के तहत एक राशन कार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से में जाकर राशन ले सकेगा। इस राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की घोषणा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने की है।

इसलिए रद्द हुए राशनकार्ड:

एक ट्वीट के माध्यम से सरकार ने जारी बयान में कहा गया कि आधार और राशन कार्ड लिंकिंग जरूरी है। इसीलिए राशन कार्ड रद्द हुए हैं। साथ ही फर्जी राशन कार्ड भी बनाकर सरकार की स्कीम से मुफ्त में अनाज और अन्य सामान लिया जा रहा था। ये सभी फर्जी राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। देशभर के तकरीबन 80 करोड़ लोग राशन कार्ड धारक हैं। इस पहल को मोटे तौर पर कई प्रवासी लाभार्थियों जैसे कि मजदूरों, दैनिक मजदूरों, ब्लू-कॉलर श्रमिकों आदि के कल्याण के लिए आवश्यक माना जा रहा है, ऐसे लोग देश भर में रोजगार की तलाश में अक्सर अपना निवास स्थान बदलते हैं।

अब आपको क्या करना है:

खाद्य आपूर्ति विभाग में जाकर आपको राशन कार्ड की स्थिति का पता लगाना होगा। पुराना राशन कार्ड दिखाने पर आपसे आधार नम्बर मांगा जाएगा जिसके बाद आपका राशन और आधार लिंक करते हुए आपको नया राशन कार्ड बना दिया जाएगा।