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Monday, August 3, 2026
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कोर्ट ने विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया

अनुज हनुमत

देश के सबसे चर्चित शराब व्यवसायी विजय माल्या को आज भगोड़ा घोषित कर दिया गया। बैंक ऋण अदायगी में कथित चूक के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर यहां की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने यह आदेश जारी किया। यह मामला विजय माल्या के खिलाफ धन शोधन जांच से जुड़ा है। अब आदेश के बाद माल्या की दिक्कते बढ़ सकती हैं ।

विशेष न्यायधीश पी.आर. भावके ने अपने फैसले में कहा, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन को अनुमति दी जाती है और विजय माल्या के खिलाफ फरमान जारी किया जाता है।’’ प्रवर्तन निदेशालय ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत माल्या को भगोड़ा घोषित करने का अनुरोध करते हुए इस अदालत का रुख किया था। ईडी का कहना है कि माल्या के खिलाफ धन शोधन कानून :पीएमएलए: के तहत एक गैर-जमानती वारंट समेत ‘कई’ गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं।

ईडी के मुताबिक, विभिन्न मामलों में माल्या के खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं, जिसमें से एक मामला चेक बाउंस होने का है और वह धन शोधन के एक मामले में भी वांछित है।

भारत ने अप्रैल में ही माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया था। इस सिलसिले में भारत की ओर से ब्रिटेन को उन्हें डिपोर्ट करने की रिक्वेस्ट भी की गई है।

GST को लेकर तमिलनाडु के अलावा सभी राज्यों की हरी झंडी

प्रमुख संवाददाता, 

मोदी सरकार इस बार मानसून सत्र में जीएसटी पर एक राय बनाकर इसे पास कर दिया जाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है। कोलकाता में राज्यों के वित्त मंत्रियों की इस मुद्दे पर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ आज बैठक हुई है। इस बैठक में सबने मिलकर जीएसटी पर चर्चा की। बैठक के बाद जेटली ने कहा कि तमिलनाडु को छोड़कर बाकी सारे राज्यों के वित्त मंत्रियों ने या तो जीएसटी का समर्थन किया अथवा इसे स्वीकार किया। तमिलनाडु ने विधेयक को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की हैं।

राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक के बाद जेटली ने कहा, “प्रत्येक राज्य ने जीएसटी पर अपना पूरा नजरिया पेश किया है। एक राज्य तमिलनाडु को छोड़कर प्रत्येक राज्य ने जीएसटी के विचार का समर्थन किया है। तमिलनाडु ने कुछ सुझाव दिए हैं जिन पर गौर किया जाएगा।” इस बिल में कई सुधारों के लिए भी राज्यों ने अपने तर्क दिए हैं जिस पर सरकार विचार कर रही है।

मानसून सत्र में जीएसटी बिल पास कराने के लिहाज से ये बैठक काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि इस बैठक में टैक्स दरों को बिल में शामिल करने पर चर्चा नहीं की जाएगी। साथ ही एक फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाने का मुद्दा इस बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं है। बजट सत्र में विपक्ष के विरोध की वजह से जीएसटी बिल एक बार फिर अटक गया था।

इस बैठक में 22 राज्यों के वित्त मंत्रियों ने हिस्सा लिया। दो दिनों 15 जून तक चलने वाली इस बैठक में जीएसटी कानून के मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी जिसे आगे चलकर केंद्र और राज्य सरकारें अपनाएंगी।

आपको बता दें कि जीएसटी देश भर में विनिर्माण, वस्तु और सेवाओं की बिक्री एवं उपभोग पर लगने वाला अप्रत्यक्ष कर होगा। यह केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न करों की जगह लेगा। इनपुट टैक्स क्रेडिट पद्घति के आधार पर जीएसटी खरीद एवं बिक्री के प्रत्येक स्तर पर लगाया जाएगा और इससे न केवल विनिर्माण बल्कि एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं की आवाजाही और सुगम हो पाएगी।

सरकार इस बिल को लाने से पहले इसके विरोधों को खत्म करना चाहती है। राज्य और केंद्र के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद है। सरकार इस  बैठक के जरिये पहले उन विरोधों को खत्म करना चाहती है। कई राज्य जीएसटी के पक्ष में है तो कई राज्य इस बिल के बाद अपने राज्यों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

अजीबोगरीब ट्वीट से परेशान हुईं सुषमा स्वराज

प्रमुख संवाददाता,
सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों की समस्याएँ सुनने व सुलझाने वाली विदेश मंत्री सुषमा स्वराज स्वयं एक उलझन में पड़ गईं। सुषमा स्वराज एक अजीबो गरीब दुविधा में फंस गईं, जब सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर उनसे एक यूजर ने अपने खराब फ्रिज को लेकर उनसे मदद की गुहार लगाई। दरअसल पल्ली वेंकट नाम के व्यक्ति ने ट्विटर पर सुषमा स्वराज और रामविलास पासवान को ट्वीट करते हुए अपने खराब फ्रिज के बारे में शिकायत दर्ज़ करते हुए मदद मांगी थी।
पल्ली वेंकट ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को ट्वीट कर शिकायत की कि एक कंपनी ने उन्हें खराब फ्रिज बेच दिया है। वह कंपनी इसे बदलने को तैयार नहीं, बल्कि मरम्मत के लिए जोर दे रही है।
सुषमा स्वराज ने इस शिकायत का बड़ी ही विनम्रता के साथ ट्वीट के ज़रिए जवाब देते हुए लिखा,” भाई मैं रेफ्रिजरेटर से जुड़े मामले में आपकी मदद नहीं कर सकती। मैं संकटग्रस्त लोगों की मदद करने में ही व्यस्त हूं।”
इसके बाद लोगों ने ट्विटर पर वेंकट का खूब मजाक उड़ाया और सुषमा की हाजिर-जवाबी की जमकर तारीफ की। दरअसल वेंकट को यह शिकायत सिर्फ उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से ही करनी थी लेकिन उन्होंने अपनी यह शिकायत सुषमा स्वराज से भी कर दी।

एक बार फिर अंडरवर्ल्ड माफिया के किरदार में नज़र आएँगे विवेक

एंटरटेमेंट डेस्क,

अभिनेता विवेक ओबेरॉय अपनी आगामी फिल्म में अंडरवर्ल्ड सरगना मुथप्पा राय की किरदार में नज़र आएंगे। निर्देशक रामगोपाल वर्मा इस फिल्म को डायरेक्ट करेंगे और सी.आर. मोहन इस फिल्म को प्रोडूस करेंगे। यह फिल्म अंडरवर्ल्ड सरगना मुथप्पा राय के जीवन पर आधारित है।

विवेक अपनी हर फिल्म के शूटिंग शुरू करने से पहले खुद को उस करेक्टर में ढालते हैं, और मुथप्पा के किरदार को वास्तविक रूप देने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ेगी। विवेक कुल 10 किलो वज़न बढ़ाएंगे ताकि वे ममुथप्पा राय के लुक को वास्तविक रूप दे सके और उसके बाद मुथप्पा के यंगर लुक में दिखने के लिए वे 18 किलो वज़न घटाएंगे।

इस बारे में विवेक का कहना है कि “मुझे अपने इस किरदार को वास्तविक रूप देने के लिए काफी मेहनत करनी होगी, जहां एक तरफ मुझे फिल्म के कुछ हिस्से के लिए लगभग 10 किलो वज़न बढ़ाना है, तो वहीं दूसरी तरफ फिल्म के बाकी हिस्सों के लिए 18 किलो वज़न घटाना भी है, जो मैं नूट्रिशनिस्ट और सर्टिफाइड ट्रेनर की सहायता से करूँगा। एक अभिनेता होने के नाते मैं अपनी हर फिल्म में अपना शत प्रतिशत देने में विश्वास करता हूँ और अपने इस किरदार को वास्तविक रूप देने के लिए मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूँ। “

राजनीती के ‘एंग्री बर्ड’ केजरीवाल फिर गुस्से में

अमित द्विवेदी,

राजनीती के ‘एंग्री बर्ड’ अरविंद केजरीवाल एक बार फिर गुस्से में पंख फड़फड़ा रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव बिल को लौटा दिया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली सरकार के उस बिल को मंज़ूरी देने से मना कर दिया है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के 21 विधायकों के संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद से अलग करने का प्रस्ताव था।

पार्टी ने इस स्थिति पर विचार करने के लिए केजरीवाल की अध्यक्षता में एक आपातकालीन बैठक की, जिसके बाद दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते और ‘आप’ से डरते हैं। बैठक में कई आप नेताओं ने केंद्र की कड़ी आलोचना की और उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की सिफारिश पर विधेयक खारिज किया। केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की।

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केजरीवाल ने कहा कि किसी भी विधायक को संसदीय सचिव के रुप में उनकी क्षमता से एक भी पैसा, कार या बंगला नहीं दिया गया और उन्होंने कहा कि वे मुफ्त में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “मोदीजी का कहना है कि आप सभी घर पर बैठें, काम नहीं करें।” केजरीवाल ने कहा कि विधायकों को बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति, अस्पताल एवं स्कूलों के संचालन पर गौर करने का काम दिया गया है। उन्होंने कहा, “मोदी जी का कहना है कि न काम करुंगा और न ही करने दूंगा।”

इस बिल के लौटाने के बाद अब संसदीय सचिव बनाए गए केजरीवाल के 21 विधायकों की सदस्यता पर तलवार लटक गई है। संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का मानना है कि चुनाव आयोग इस मामले पर आखिरी फैसला लेगा। अगर चुनाव आयोग निर्णय लेता है और सदस्यता खत्म होती है तो इन सीटों पर उपचुनाव का ही रास्ता बचता है।

गौरतलब है कि इस मामले में एक याचिका के जरिए चुनाव आयोग के पास विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने की शिकायत की गई थी। दिल्ली सरकार ने इस बिल को मंजूरी दिलाने के लिए उप राज्यपाल नजीब जंग के पास भेजा था और जंग ने इसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेज दिया था।

लिंक्डइन को 26.2 अरब डालर में खरीदेगी माइक्रोसॉफ्ट कंपनी

शिखा पाण्डेय,

माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने घोषणा की है कि वह प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को 26.2 अरब डालर में खरीदेगी। माइक्रोसाफ्ट ने एक बयान में कहा है कि कंपनी 196 डालर प्रति शेयर के हिसाब से लिंक्डइन को पूरी तरह नकदी सौदे में खरीदेगी। इस हिसाब से लिंक्डइन का मूल्यांकन 26.2 अरब डालर बैठता है।

यह सौदा इसी कैलेंडर वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है। घोषणा के अनुसार लिंक्डइन का विशिष्ट ब्रांड, संस्कृति व स्वायत्तता ज्यों की त्यों बनी रहेगी। जेफ वेइनर लिंक्डइन के सीईओ बने रहेंगे। वह माइक्रोसाफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला के अधीन काम करेंगे। बयान के अनुसार वेइनर तथा लिंक्डइन के चेयरमैन व सहसंस्थापक रीड हाफमैन ने इस सौदे का पूरा समर्थन किया है।

नाडेला ने कहा है, ” लिंक्डइन की टीम ने दुनिया के पेशेवरों को कनेक्टेड करने पर केंद्रित शानदार कारोबार खड़ा किया है। हम साथ मिलकर लिंक्डइन तथा माइक्रोसाफ्ट आफिस 365 तथा डायनामिक्स की वृद्धि को गति दे सकते हैं, क्योंकि हम दुनिया के हर व्यक्ति व संगठन को सक्षम बनाना चाहते हैं।”

उल्लेखनीय है कि लिंक्डइन की शुरुआत इसके सहसंस्थापक हाफमैन के घर में एक बैठक (कमरे) में 2002 में हुई थी। इसे 5 मई, 2003 को औपचारिक तौर पर शुरु किया गया था। दुनिया भर में इसके 43.3 करोड़ सदस्य हैं और यह 19 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है। भारत में लिंक्डइन में लगभग 650 कर्मचारी हैं और इसका अनुसंधान व विकास केंद्र बेंगलुर में है।

48 घंटे के भीतर ‘उड़ता पंजाब’ को प्रमाणपत्र दे सीबीएफसी -बम्बई हाई कोर्ट

प्रमुख संवाददाता,

बंबई उच्च न्यायालय ने सीबीएफसी को 48 घंटे के भीतर फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को सिर्फ एक कट के साथ निर्धारित तारीख पर रिलीज करने के लिए प्रमाण पत्र देने का आदेश दे दिया है। अदालत ने फिल्म में पेशाब करने का एक दृश्य हटाने और संशोधित घोषणा दिखाने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति एस सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति शालिनी फंसाल्कर जोशी की पीठ ने कठोर शब्दों में आदेश दिया, “दादी मां की तरह काम नहीं करें। आज के समय के अनुसार बदलें। सीबीएफसी को कला के मामले में अति संवेदनशील होने की आवश्यकता नहीं है। सीबीएफसी रचनात्मक लोगों को अचानक से रोक नहीं सकती, क्योंकि यह उन्हें हतोत्साहित कर सकता है।” खंडपीठ ने सीबीएफसी को निर्देश दिया कि नशे पर आधारित फिल्म का 48 घंटे के अंदर प्रमाणन करे, ताकि निर्माता इसे तय समय 17 जून पर रिलीज कर सकें।

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न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने कहा, “आम बोलचाल में सेंसर का मतलब फिल्म का प्रमाणन करने से है। इसलिए अगर कानून के जरिए बोर्ड को बदलाव, कट या हटाने की शक्ति है तो सीबीएफसी की यह शक्ति संविधान और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरुप होनी चाहिए।” अदालत फिल्मकार अनुराग कश्यप की फैंटम फिल्म्स की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सीबीएफसी के आदेश को चुनौती दी गई थी।

अदालत ने कहा, “बोर्ड के निर्देश के मुताबिक पेशाब करने के दृश्य को हटाने और घोषणा में संशोधन को छोड़कर सीबीएफसी की समीक्षा समिति के छह जून के आदेश को खारिज और दरकिनार किया जाता है, जिसमें फिल्म में कुल 13 बदलाव करने के निर्देश दिए गए थे।”

उच्च न्यायालय के बाहर फिल्म के निर्देशक अभिषेक चौबे ने संवाददाताओं से कहा, “वकीलों के कठिन परिश्रम ने नतीजा दिया है। मैं फैसले से काफी खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि फिल्म को सही संदर्भ में देखा जाएगा।”

यूपी में मोदी ने बजाया चुनावी बिगुल, कहा, “सपा-बसपा की चल रही है लूट की दुकान”

अनुज हनुमत ( navpravah.com )

इलाहाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगमनगरी से यूपी में होने वाले चुनाव के लिए शंखनाद कर दिया है। यहां रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी में गुंडागर्दी चरम पर है। यहां संप्रदायवाद और जातिवाद है। इससे निजात पाने के लिए लोगों को विकास का यज्ञ करना होगा। उन्होंने कहा कि यूपी में मायावती और मुलायम सिंह में सत्ता की मिलीभगत है। यूपी में 5-5 साल की लूट की ठेकेदारी चल रही है। मोदी ने कहा कि अगर हमने अपने निजी फायदे के लिए जरा भी आपका अहित किया तो हमें सत्ता से लात मारकर बाहर कर देना।

मोदी ने कहा कि विधानसभा चुनावों में बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन मिला। मुसीबत के वक्त यूपी ही देश को बचाने आया। केंद्र सरकार में उत्तर प्रदेश में दबदबा है। उन्होंने कहा कि आज ये मंच देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी केंद्र सरकार के लिए कितना अहम है।

मोदी ने विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर मुसीबत का यही उपाय है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी से सपा सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में भी यूपी का दबदबा है।

उन्होंने पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मिली सफलता के लिए यूपी की जनता का तहे दिल से धन्यवाद भी दिया। मोदी ने कहा कि आज दुनिया में भारत का नाम जिस सम्मान से लिया जा रहा है, वह आपके कारण हैं। इससे मोदी का कुछ भी लेना देना नहीं है। संगम नगरी में तीनों नदियों के संगम को उन्होंने विचार, कर्म और आस्था से जोड़कर लोगों को विकास के नाम पर एकजुट करने का काम किया। उन्होंने कहा कि गंगा विचार देती है, यमुना कर्म के लिए प्रेरित करती है, तो नहीं दिखने वाली सरस्वती आस्था का प्रतिनिधित्व करती है। यूपी में विकास के लिए यज्ञ करने की जरूरत है और इसके लिए आहुति देनी पड़ेगी।

Narendra modi

सपा-बसपा की मिलीभगत-

मोदी ने राज्य सरकार पर लचर कानून व्यवस्था और गुंडागर्दी के नाम पर घेरते हुए उन पर भाई-भतीजावाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। इस बार यूपी को इन सभी समस्याओं से मुक्ति दिलानी होगी और इसका एकमात्र रास्ता विकास है। प्रधानमंत्री ने रैली में यूपी की वर्तमान सपा सरकार और पूर्व की बसपा सरकार के गठजोड़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब राज्य में मायावती की सरकार थी, तो यही मुलायम सिंह यादव उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, लेकिन सत्ता में आने के पांच साल बीतने के बाद भी आज तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मोदी ने कहा कि माया-मुलायम के बीच पहले ही करार हो चुका है कि पांच साल तुम राज करो और पांच साल हम।

यूपी में विकास के नाम पर ठगी-

यूपी की हालात का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यहां विकास के नाम पर केवल लोगों को ठगा जाता है। केंद्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में साक्षात्कार की प्रणाली ही खत्म कर दी, क्योंकि उसके नाम पर सबसे अच्छा नंबर पाने वाले बच्चे को भी फेल कर दिया जाता था और इसके पीछे लाखों के दलाली का खेल चलता था। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सरकारों से भी साक्षात्कार हटाने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने अब तक उसे नहीं माना।

modi in allahabad

मोदी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों से भी जनता को परिचित कराया। उन्होंने बताया कि देश में कोयले और बिजली के उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। जिसकी वजह से जिस गांव में आजादी के बाद कभी बिजली नहीं जली, वहां भी सरकार ने बिजली पहुंचाने का काम किया है। मोदी रेलवे में तेजी से होकर कामों के बारे में भी जनता को बताया। पीएम ने कहा कि देश सांप्रदायिकता की आग में जल रहा है और जब तक इस पर विराम नहीं लगेगा, तब तक विकास का यज्ञ नहीं हो पाएगा।

रैली में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, वी के सिंह सहित 12 राज्यों के मुख्यमंत्री मंच पर मौजूद थे। मंच पर लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी नजर आए। मुरली मनोहर जोशी को अमित शाह के बगल वाली कुर्सी पर जगह दी गई है। बता दें कि कार्यसमिति की बैठक के दौरान मुरली मनोहर जोशी को मंच पर जगह नहीं देने को लेकर काफी सवाल भी उठे थे।

राजस्थान: जोधपुर में एयरफोर्स का एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त

ब्यूरो,

सोमवार सुबह राजस्‍थान के जोधपुर में एयरफोर्स का एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, आज सुबह जोधपुर में एयरफोर्स का मिग 27 विमान क्षतिग्रस्त हो गया।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ लड़ाकू विमान एक मकान से टकरा गया। विमान के टकराने की वजह से इलाके के कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालाँकि विमान के क्रैश होने की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। विमान टेक ऑफ के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विमान दुर्घटना की ख़बर के तुरंत बाद ही मौके पर पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम को रवाना कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में सरकार मस्त, जनता पश्त -मेनका गांधी

प्रमुख संवाददाता,

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने उत्तर प्रदेश के कैराना विवाद पर आज टिप्पणी करते हुए कहा कि एक समय ऐसा आएगा जब प्रदेश को छोड़कर सब भाग जाएंगे, क्योंकि इस प्रदेश में सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरण रिजजू ने कहा,” उत्तर प्रदेश सरकार को मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यदि राज्य सरकार केंद्र से मदद मांगेगी तो उसे हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। रिजजू ने राज्य सरकार से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से यह खबर चर्चा में है कि कैराना से हिंदू परिवार गुंडागर्दी के कारण पलायन कर रहे हैं। इस खबर के प्रकाश में आने के बाद मामले पर राजनीति शुरू हो गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को कथित तौर पर अपराधियों के डर के मारे कई परिवारों के कैराना इलाके में अपना घर छोड़ कर भागने के मामले में नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से शिकायत पर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहते हुए नोटिस जारी किया है।

क्या है मामला-

हाल ही में भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुम सिंह ने दावा किया था कि कैराना से बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों का पलायन हुआ है। सिंह ने 346 परिवारों की एक सूची जारी की है, जो 2014 से इस मुस्लिम बहुल कस्बे को छोड़कर चले गए हैं। दूसरे समुदाय के कथित डर और धमकाए जाने के चलते हिंदू परिवार अपनी संपत्तियों को छोड़कर दूसरी जगहों पर चले गए हैं। सांसद ने यहां तक आरोप लगाया कि कैराना कस्बे में कम से कम 10 सांप्रदायिक हत्याएं हुई हैं। सांसद के मुताबिक कैराना पिछले तीन सालों में ‘नया कश्मीर’ बन गया।