राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। रविवार को रांची पहुंचे राजद सुप्रीमो ने स्टेट गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा,” देश में अच्छे दिन का वादा कर नरेंद्र मोदी विदेश भ्रमण में व्यस्त हैं। अब तो ऐसा लगता है कि एक पद क्रिएट कर उन्हें विश्व का प्रधानमंत्री बना देना चाहिए।” लालू ने कहा, “न काला धन आया और न ही किसी के खाते में 15 लाख रुपए आए। हां, कितनों के काले धन सफेद जरूर हो गए। देश के युवाओं, गरीबों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है।”
लालू ने कहा,” दो वर्ष बीत गए, कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। भाजपा और आरएसएस मिल कर देश में धार्मिक उन्माद फैलाने में जुटे हैं।” असम में भाजपा की जीत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा,” अगर दम था, तो बंगाल, तमिलनाडु, बिहार में भाजपा क्यों नहीं जीती? जो हाल बिहार में हुआ, वही हाल यूपी में भी होगा। चुनाव नजदीक देख मधुमक्खी की तरह यूपी में नेता जम रहे हैं। देश में कुछ साधु-संतों को छोड़ सभी की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।”
नीलगायों की हत्या के मामले में लालू ने कहा,” गोरक्षा की दुहाई देनेवाले लोग नीलगायों को मरवा रहे हैं। एक मंत्री मारने का आदेश दे रहा है, तो दूसरा उससे दु:खी है। अगर मेनका गांधी को नीलगायों के मरने से इतना ही दुख है, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
लालू प्रसाद ने कहा,” मेरे ही कारण झारखंड अलग राज्य बना और मुझे ही झारखंड का विरोधी कह कर बदनाम किया गया। मेरी ही मांग पर राज्य में आदिवासी सीएम बने। रघुवर, हेमंत सभी मेरे बनाये नेता-विधायक हैं। ” गौरतलब है कि चारा घोटाले के आरसी 38ए/96 मामले में लालू प्रसाद सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में उपस्थित होंगे।
भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने रियो ओलंपिक से पहले अपनी तैयारियां पुख्ता करते हुए चीन की सुन यू को तीन गेम के रोमांचक फाइनल में हराकर दूसरा ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर सीरिज खिताब जीता। साइना ने दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी को एक घंटे 11 मिनट तक चले फाइनल में 11-21, 21-14, 21-19 से हराया।
लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना ने क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की रेचानोक इंतानोन और सेमीफाइनल में चीन की यिहान वांग को हराया जो क्रमश: 2013 और 2011 में विश्व चैम्पियन रह चुकी हैं। इस सत्र के पहले खिताब के साथ साइना ने 56250 डॉलर ईनामी राशि भी जीती। यह ऑस्ट्रेलियाई ओपन में साइना की दूसरी खिताबी जीत है, जिसने 2014 में भी यहां खिताबी जीत दर्ज की थी। साइना को इस खिताब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
सायना पिछले पांच मुकाबलों में सुन को पांचों बार हरा चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्हें कड़ी चुनौती मिली। साइना पिछले साल दो अप्रैल को विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। उन्होंने अगस्त में जकार्ता में विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। वह नवंबर में चाइना ओपन सुपर सीरिज प्रीमियर के फाइनल में भी पहुंची लेकिन इसके बाद चोट के कारण उनका फॉर्म गिर गया।
इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन, बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में वह सेमीफाइनल में हारी। उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और जून में इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरिज में क्वॉर्टर फाइनल तक पहुंच गई। इस जीत से आने वाले रियो ओलम्पिक की तैयारी में साइना को मनोवैज्ञानिक रूप से काफी मजबूती मिलेगी।
अमेरिका में फ्लोरिडा के ‘पल्स’ नामक नाइटक्लब में कल रात हुए अकस्मात हमले में अब तक करीब 50 लोगों के मारे जाने और 53 लोगों के घायल होने की खबर है। सूचना के अनुसार पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हमलावर भी मारा गया है। फ्लोरिडा के गर्वनर ने इस हमले को आतंकी हमला करार दिया है।
फ्लोरिडा के लॉ एन्फोर्समेंट विभाग के विशेष एजेंट प्रभारी डैनी बैंक्स ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस घटना की जांच आतंकवादी घटना के पहलू से की जा रही है। उन्होंने कहा, जांच की जा रही है कि यह आतंकवाद की स्थानीय घटना है या इससे अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े हैं, और वह अकेला व्यक्ति था या उसके साथ अन्य लोग भी इस साज़िश में शामिल थे।
ओरलैंडो पुलिस ने बताया कि ओरलैंडो के पल्स नाइटक्लब में गोलीबारी शुरू होने के चार घंटे बाद शूटर मारा गया। शूटर द्वारा गोलीबारी शुरू करने के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और आपात वाहन तैनात कर दिए गए। ओरलैंडो पुलिस ने ट्विटर एकाउंट पर लिखा, ‘हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि यह बड़ी संख्या में लोगों को हताहत करने वाली घटना है।’
ओरलैंडो के पुलिस प्रमुख जॉन मिना ने बताया कि हमलावर के पास किसी प्रकार का संदेहास्पद उपकरण भी था। उन्होंने कहा कि रात करीब दो बजे हमलावर की मुठभेड़ क्लब में तैनात एक अधिकारी के साथ हुई, उसके बाद वह क्लब के भीतर चला गया और कुछ लोगों को बंधक बना लिया। सुबह करीब पांच बजे बंधकों को छुड़ाने के लिए स्पेशल वेपन्स एण्ड टैक्टिस टीम ( स्वात ) टीम भेजी गई, और उन्हीं अधिकारियों के साथ मुठभेड़ में संदिग्ध मारा गया। अधिकारी ने बताया कि अभी तक हताहतों की सही संख्या ज्ञात नहीं है। क्लब के भीतर करीब 50 लोगों की मौत हुई है।
क्लब ‘पल्स ओरलैंडो’ ने देर रात करीब दो बजे अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “सभी लोग ‘पल्स’ से भागें।” सुबह छः बजे से ठीक पहले क्लब ने अपडेट किया “जितनी जल्दी हमारे पास सूचना होगी, हम आप सभी को बताएंगे। कृपया सभी को अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें। हम इस मुश्किल घड़ी से निपट रहे हैं। आपके सहयोग और प्रेम के लिए धन्यवाद।” पुलिस ने बताया कि स्थानीय, राज्य और संघीय एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
संगम नगरी इलाहाबाद में 12 और 13 को भाजपा की राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमे पूरे देश से तमाम बड़े भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगेगा और सबसे ख़ास बात यह है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे। इस बाबत पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा चुका है, जिसमें हजारो करोड़ रूपये फूंके जा चुके हैं। शहर के सारे होटल बुक हो चुके हैं। लाखो-करोड़ों के पोस्टर भी नेताओं ने लगा रखे हैं।
भाजपा की इस राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक में आगामी चुनावों के लिए पार्टी नई रणनीति तय करेगी। लेकिन उन सूखे की मार झेल रहे किसानों का क्या होगा, जिन्हें प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से आस है। बुन्देलखण्ड का सूखा इलाका इलाहाबाद से महज 100 किमी की दूरी से शुरू हो जाता है, ऐसे में जब किसानों को ये पता चल रहा है कि भाजपा अपने इस कार्यक्रम में हजारों करोड़ रूपये फूंक रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शिरकत करने आ रहे हैं, तो उनमे इस बात को लेकर निराशा के साथ साथ गुस्सा भी पनप रहा है कि आखिर इतना बड़ा आयोजन और उसमें खर्च किया जा रहा है बेफिजूल धन कहाँ तक जायज है ?
प्रदेश की अखिलेश सरकार से तो किसानों को अब कोई आस नही बची है, वैसे भी उत्तर प्रदेश के दो तिहाई से भी ज्यादा जिले सूखे की मार झेल रहे हैं। ऐसे में बीजेपी द्वारा इतना बड़ा आयोजन इस सूखे से बदहाल प्रदेश में नही करना चाहिए था ! पार्टी जिस आगामी यूपी के किले को फतह करना चाहती है, उसके मुख्य केंद्रबिंदु में किसान ही है, पर ये भी एक सच्चाई है की उसकी सुध भी पार्टी नही लेना चाहती। लगातार सूखे और कर्ज से किसान आत्महत्या कर रहे हैं और अभी तक भाजपा की तरफ से कोई भी बड़ा नेता बुन्देलखण्ड नही पहुंचा। किसानों को सबसे ज्यादा आस प्रधानमंत्री जी से थी कि वो तो जरूर बुन्देलखण्ड आएंगे, पर उन्होंने अभी तक सुध नहीं ली। इलाहाबाद की धरती पर नरेंद्र मोदी दो दिन रहेंगे और इधर महज कुछ दूरी पर बुन्देलखण्ड का किसान शायद इन्तजार ही करता रह जायेगा ।
🏼पिछले डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से बुंदेलखंड के किसान आत्महत्या और सर्वाधिक जल संकट से जूझ रहे हैं। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल वर्ष 2003 से मार्च 2015 तक 3280 (करीब चार हजार) किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सूखे की भीषण मार झेल रही बुन्देलखण्ड की बंजर धरती के किसान इस बार भी पहले सूखे और फिर हाड़तोड़ मेहनत के बाद तैयार फसल पर ओलों की बारिश से आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।
🏼पिछले 2 महीनों में शायद ही कोई ऐसा दिन गया हो, जब गांव से निकलती खबर में किसी किसान के आत्महत्या का मामला न आया हो। लाशों पर आंदोलन और सियासत का माहौल गर्म है, मगर उन गांव का हाल जस का तस है, जहां सन्नाटे को चीरती किसान परिवारों की चींखे सिसकियों के साथ हमदर्दी जताने वालों की होड़ में बार बार शर्मसार होती है। सूखे का आलम इतना विकराल है कि अब यहां के किसान उसी छाते का प्रयोग अपने दो वक्त की रोजी रोटी के लिए कर रहे हैं, जिसका प्रयोग प्रायः लोग पानी बरसने पर अपनी शरीर ढंकने के लिए करते हैं।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र तीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इनमें से 24 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य है परन्तु इनमें से मात्र चार लाख हेक्टेयर भूमि की ही सिंचाई हो पा रही है, क्योंकि इस इलाके में खेती के विकास के लिए सिंचाई की ऐसी योजनायें नहीं बनाई गई, जिनका प्रबंधन कम खर्च में समाज और गाँव के स्तर पर ही किया जा सके। बड़े-बड़े बांधों की योजनाओं से 30 हज़ार हेक्टेयर उपजाऊ जमीन बेकार हो गई, ऊँची लागत के कारण खर्चे बढे, और तो और ये बाँध कभी भी दावों के मुताबिक परिणाम नहीं दे पाए। मध्यप्रदेश भारत की परिभाषा का हिस्सा है, जहाँ 5 वर्ष में एक बार साधारण सूखा पड़ना स्वाभाविक है, परन्तु वास्तविकता यह है कि बुंदेलखंड में पिछले 9 वर्षों र्में 8 बार गंभीर सूखा पड़ा है।
🏼बुंदेलखंड में जंगल, जमीन पर घांस, गहरी जड़ें ना होने की कारण तेज गति से गिरने वाले पानी बीहड़ पैदा कर रहा है। हम सब को पता है कि चम्बल के इलाके में बीहड़ों में लाखों एकड़ जमीन को बर्बाद कर कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं पैदा की हैं, जिनसे हम निपट नहीं पा रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में नदी और जल स्रोतों की सीमाओं से सटे क्षेत्रों में बीहड़ बढ़ता है। पिछले 20 वर्षों में यहां खूब भू-क्षरण हुआ है। बुंदेलखंड में छतरपुर के आस-पास और केन-धसान नदी के बीच 1.05 लाख एकड़ के क्षेत्र में जमीन बीहड़ का रूप लेती जा रही है। पन्ना जिले में 50000 एकड़ जमीन बीहड़ हो रही है, टीकमगढ़ में 12000 एकड़ में बीहड़ जम रहा है। दतिया में 70000 एकड़ और दमोह में 62000 एकड़ जमीन बीहड़ों की चपेट में आती दिख रही है। ऐसा लग रहा है कि बीहड़ का यह विस्तार बुंदेलखंड को चंबल की घाटियों से जोड देगा। तब बुंदेलखंड, सरकार के लिये विकास का नही कानून-व्यवस्था का मसला होगा। बुंदेलखंड के इस बीहड़ीकरण के कारण 471 गांव के सामने अस्तित्व का खतरा खड़ा हो गया है।
🏼उत्तर प्रदेश के हिस्से वालें बुन्देलखण्ड के जिलों में बांदा से 7 लाख 37 हजार 920 ,चित्रकूट से 3 लाख 44 हजार 801,महोबा से 2 लाख 97 हजार 547, हमीरपुर से 4 लाख 17 हजार 489 ,उरई (जालौन) से 5 लाख 38 हजार 147, झांसी से 5 लाख 58 हजार 377 व् ललितपुर से 3 लाख 81 हजार 316 और मध्य प्रदेश के हिस्से वाले जनपदों में टीकमगढ़ से 5 लाख 89 हजार 371 ,छतरपुर से 7 लाख 66 हजार 809,सागर से 8 लाख 49 हजार 148 ,दतिया से 2 लाख 901,पन्ना से 2 लाख 56 हजार 270 और दतिया से 2 लाख 70 हजार 277 किसान और कामगार आर्थिक तंगी की वजह से महानगरों की ओर पलायन कर चुके हैं।
देश के 7 सोशल हीरो को नवाजा गया सावधान इंडिया सम्मान से, लखनऊ से चयनित हुई ऊषा विश्वकर्मा
लखनऊ की ऊषा विश्वकर्मा को लाइफ ओके चैनल पर प्रसारित सावधान इण्डिया की ओर से ”सावधान इण्डिया” सम्मान से नवाजा गया है। यह एपिसोड 12 जून को शाम 7:30 बजे प्रसारित किया जायेगा।
पूरे देश से 7 सोशल हीरोज में चयनित ऊषा विश्वकर्मा बताती हैं कि उनकी जिंदगी में कई बड़े स्तर के अवार्ड मिले हैं, लेकिन इस सम्मान को वो अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानती हैं। जिसके लिए वह सावधान इण्डिया की पूरी टीम के साथ, इसके होस्ट अभिनेता सुशांत सिंह, श्रेयस थल्पड़े और अभिनेत्री दिव्या दत्ता को धन्यवाद देती हैं।
मुंबई से लौटकर वापस लखनऊ पहुंची ऊषा बहुत खुश हैं। ऊषा बताती हैं, यह सम्मान लखनऊ के लोगों के व अपने सभी शुभचिंतको के साथ घरवालों को समर्पित करती हैं।
उषा विश्वकर्मा ने बताया कि यह सम्मान देश से 7 चयनित लोगों को दिया जा रहा है, जिसमें एक वह खुद भी हैं। इसके अलावा लखनऊ ‘स्टॉप ऐसिड अटैक’ संस्था के आलोक दीक्षित सहित देहरादून, बनारस, मुंबई, जयपुर और पंजाब से इस सम्मान के लिए सोशल हीरो को चयनित किया गया है।
बता दें कि ऊषा विश्वकर्मा रेड ब्रिगेड संस्था की प्रमुख हैं। इससे पहले ऊषा विश्वकर्मा केबीसी में अमिताभ बच्चन और प्रियंका चोपड़ा के साथ सेट पर नजर आई थी और सवालों का जवाब देकर पुरस्कार भी प्राप्त किया था। इसके अलावा वे कई और सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं।
उषा विश्वकर्मा से बातचीत के दौरान उन्होंने आज की लड़कियों व महिलाओं को सन्देश देना चाहा कि,
आज के प्रतिस्पर्धा के युग में किसी पर निर्भर ना रहें, पढ़ें-लिखें व आत्मनिर्भर बनें। आँख बंद कर किसी पर भी भरोसा ना करें, जिससे आपका नुकसान हो। अपनी रक्षा स्वयं करें व खुद को अपनी आत्मरक्षा के काबिल बनायें।
* क्या है ‘रेड ब्रिगेड’.. ?
‘रेड ब्रिगेड‘उषा विश्वकर्मा द्वारा स्थापित एक गैर सरकारी संस्था है जो लखनऊ , उत्तर प्रदेश में स्थित है । आत्मरक्षा शिक्षा के माध्यम से किशोर लड़कियों महिलाओं को सशक्त बनाना इस संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
अठारह साल की उम्र में उषा विश्वकर्मा पर एक सहकर्मी द्वारा यौन उत्पीड़न की विफल कोशिश की गई।लेकिन वे चुप नहीं रहीं, इसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई। इसके पश्चात लड़कियों व महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित करना व इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना ही उनके जीवन का मुख्य ध्येय बन गया।
2010 में, जब उन्होंने किशोर लड़कियों के साथ एक कार्यशाला का आयोजन किया, तब उषा को पता चला कि उनमें से अधिकांश प्रतिभागियों (५५ में से ५३) पर परिवार के सदस्यों या करीबी रिश्तेदारों द्वारा उन्हीं के घरों में यौन उत्पीड़न हुआ है। लड़कियां घरों में सुरक्षित हैं, इस कार्यशाला ने इस विश्वास को तोड़ दिया।
इसलिए १५ लड़कियों के एक समूह के साथ उषा ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने का फैसला किया, जो किसी न किसी तरह के यौन उत्पीड़न की शिकार थीं। इसी क्रम में यौन उत्पीड़न के खिलाफ रेड ब्रिगेड की स्थापना उषा विश्वकर्मा के नेतृत्व में की गई।
प्रारंभ में रेड ब्रिगेड द्वारा सामूहिक नुक्कड़ नाटक और कार्यशालाओं के माध्यम से महिलाओं से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूकता अभियान शुरू किया गया। विभिन्न अवसरों पर विरोध व संघर्ष दर्शाने के लिए इन्होने लाल व काले कपडे पहनना शुरू किया । बाद में, लाल ब्रिगेड के सभी सदस्यों ने आत्मरक्षा की ट्रेनिंग ली।
ट्रेनिंग के पश्चात उन्होंने पाया कि आत्मरक्षा की तकनीक यौन उत्पीड़न से रक्षा करने में अधिक कारगर व विश्वसनीय साबित हो सकती है। परिणामस्वरूप इस सभी प्रशिक्षित लड़कियों ने ‘मिशन १ मिलियन‘ नाम से अन्य लड़कियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने का बीड़ा उठाया। अब तक उनकी टीम ने लगभग ३८,००० लड़कियों व महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने में सफलता पाई है। वे अपने इस प्रयास को अनवरत जारी रखना चाहती हैं।
उनके इस साहसिक कार्य के लिए १ मई, २०१३ को रक्षामंत्री कपिल सिब्बल द्वारा ‘बहादुरी पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
२२ जनवरी, २०१६ को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की १०० महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जिसमें उषा विश्वकर्मा भी एक थीं ।
१ मार्च, २०१६ को महिला दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें ‘रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
अमेरिका में फ्लोरिडा के ऑरलैंडो शहर में एक नाइट क्लब में अंधाधुंध गोलीबारी की खबर है। स्थानीय मीडिया के अनुसार हमलावर ने यहां प्रवेश करते ही फायरिंग करनी शुरू कर दी जिसमें दो दर्जन से भी अधिक लोग घायल हो गए। खबर है कि हमलावर ने कुछ लोगों को बंधक भी बना रखा है।
नाइटक्लब को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया है। फायरिंग अब भी जारी है। हमलावरों के विषय में या हमले के कारणों के विषय में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। इस आकस्मिक फायरिंग के आतंकवादी हमला होने की गुंजाइश से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय समयानुसार यह घटना फ्लोरिडा के आरलैंडो में स्थित पल्स नाइटक्लब में रविवार की रात को हुई जो कि एक ‘गे’ क्लब है। घटनास्थल के कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं जिनमें घायलों का इलाज होते देखा जा सकता है साथ ही पुलिस को हमलावर की फायरिंग का जवाब देते देखा जा सकता है।
अक्सर दूसरों पर उंगली उठाने वाली और फब्तियां कसने वाली शिवसेना पार्टी अब खुद निशाने पर है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने शिवसेना का नया नामकरण ‘व्याकुल सेना’ के तौर पर किया है। आरएसएस के मराठी मुखपत्र ‘तरुण भारत’ के आज के संपादकीय पन्ने पर ‘व्याकुल सेना का खोता संयम’ नाम से शिवसेना पर व्यंग करता हुआ लेख लिखा गया है।
आरएसएस ने शिवसेना को इस लेख में ‘हफ्ता वसूलने वाली पार्टी’ भी कहा है। दो दिन पहले शिवसेना ने मोदी सरकार को निजाम से भी बदतर कहा था। आशंका है कि इसी को लेकर शिवसेना पर हमला बोला गया है।
गौरतलब है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना लगातार कई मुद्दों पर सरकार पर हमला कर चुकी है। अब बारी हमला झेलने की है। आरएसएस के इन संगीन आरोपों का शिवसेना पर क्या और कितना असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आज शुरु हो चुकी है। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भाजपा फिलहाल सीएम उम्मीदवार का चेहरा तय नहीं करेगी, यह सितंबर में ही होगा। इस बैठक के बाद भाजपा एक सर्वे कराएगी और सर्वे के बाद ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान किया जाएगा।
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं अन्य नेता हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर तीन बजे पदाधिकारियों की बैठक में पहुंचेंगे। बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसद हिस्सा लेंगे, जो राज्य में विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय कर सकती है। बैठक में अमित शाह और नरेंद्र मोदी के भाषण में उत्तर प्रदेश पर विशेष जोर होगा। रविवार को अध्यक्षीय भाषण के बाद राज्यों की रिपोर्ट के दौरान चर्चा होने की उम्मीद है।
पोस्टर से पटा प्रयाग, सोमवार को सांसदों संग बनेगी चुनावी रणनीति-
उल्लेखनीय है कि पूरा शहर भाजपा के पोस्टर से पटा हुआ है। सबसे अधिक यहां भाजपा नेता वरुण गांधी के पोस्टर नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रविवार को बैठक में कोई प्रस्ताव पास नहीं होगा। सभी प्रस्ताव सोमवार को पेश किए जाएंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सोमवार शाम को उत्तर प्रदेश के पार्टी सांसदों से चुनावी रणनीति पर बातचीत करेंगे।
भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी की स्थापना के बाद से पहली बार भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए इस शहर को चुना है। यहां काफी संख्या में बैनर पोस्टरों पर ‘मिशन 265 प्लस’ प्रदर्शित किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ‘मिशन 265 प्लस’ को आगे बढ़ाया है और 403 सदस्यों वाले उत्तरप्रदेश विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते रहते हैं। कुछ पोस्टरों में पार्टी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार सुल्तानपुर से सांसद वरुण गांधी को घोषित करने की मांग की गयी है।
इस कार्यकारिणी बैठक में भाजपा पंजाब, गोवा और उत्तराखंड चुनावों पर भी चर्चा करेगी, लेकिन सूत्रों की माने तो एजेंडे में टॉप पर उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए रणनीति तैयार करना है। प्रधानमंत्री दो दिनों तक दिल्ली छ़ोड़कर इलाहाबाद में डेरा जमाएंगे, लिहाजा उनका दफ्तर यानी पीएमओ भी वहीं से चलेगा।
बैठक के मद्देनजर इलाहाबाद में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए हैं। इस स्थान पर विशाल एवं वातानुकूलित शामियाने के तले यह बैठक होनी है। यहीं पवित्र संगम के पास परेड ग्राउंड के पास सोमवार को एक रैली का भी आयोजन किया जायेगा। सुरक्षा व्यवस्था में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 20 जिलों से जवानों को लगाया है। इलाहाबाद जोन के पुलिस महानिरीक्षक आर.के. चतुर्वेदी के अनुसार, 18 एसपी रैंक के अधिकारियों, 30 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 50 सर्कल आफिसर (डीएसपी रैंक) के अधिकारी 2500 कांस्टेबल और प्रांतीय सशस्त्र बल के 1800 जवानों को शहर में सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात का प्रबंधन करने के काम में लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बम निष्क्रिय करने वाले दल और श्वान दस्ते को भी सेवा में लगाया गया है।
जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कन्हैया कुमार सहित अन्य छात्रों की मुसीबत बढ़ती नज़र आ रही है। सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसएल) ने गत 9 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में लगे ‘देश विरोधी’ नारों वाले वीडियो क्लिप को सही बताया है।
‘द हिंदू’ ने दिल्ली पुलिस के एक सूत्र के हवाले से बताया है कि ‘देश विरोधी’ नारे वाला वीडियो सही और प्रामाणिक है। इस वीडियो को लेकर दुष्प्रचार किया गया था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। बाद में दिल्ली पुलिस ने इस वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए सीएफएसएल के पास भेज दिया था।
मामले में दिल्ली पुलिस ने एक प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी में कहा गया कि गत 9 फरवरी की रात उमर खालिद के नेतृत्व में छात्रों के एक समूह ने परिसर में कथित रूप से ‘भारत-विरोधी’ और ‘पाकिस्तान के समर्थन’ में नारे लगाए।
उल्लेखनीय है कि जेएनयू परिसर में ‘देश विरोधी’ नारे लगाने के आरोप में कन्हैया, उमर और अन्य छात्र गिरफ्तार हुए थे। फिलहाल, कन्हैया और उमर जमानत पर हैं। संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की बरसी पर उमर खालिद ने जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था और इस कार्यक्रम में कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। इसके पहले गांधीनगर स्थित सीएफएसएल ने नारों से संबंधित चार और वीडियो एवं मोबाइल क्लिप्स को सही पाया है।
भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने आस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज के सेमिफाइनल में महिला एकल स्पर्धा में दुनिया की दूसरे नंबर की चीनी खिलाड़ी यिहान वांग को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है और जीत से महज एक कदम दूर हैं।
साइना ने 2011 विश्व चैम्पियन और 2012 ओलंपिक रजत पदकधारी चौथी वरीय यिहान को सेमीफाइनल में 21 -8 , 21 – 12 से शिकस्त दी। साइना के लिए रियो ओलंपिक अभियान से पहले यह प्रदर्शन मनोबल बढ़ाने वाला रहेगा।
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साइना की भिड़ंत कल फाइनल में बारहवीं वरीयता प्राप्त चीन की खिलाड़ी सुन यु से होगी, जिन्होंने एक अन्य सेमीफाइनल में हमवतन लि जुरेई को हराया। साइना 2014 में आस्ट्रेलियन ओपन जीत चुकी हैं, उनका सुन के खिलाफ रिकार्ड 5 – 1 का है।
पुरुष एकल में किदाम्बी श्रीकांत सेमीफाइनल में डेनमार्क के हैंस-क्रिस्टियन विटिंगस से हार गए। उन्हें 43 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में 20 – 22 , 13 – 21 से पराजय मिली।