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Monday, August 3, 2026
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राजन के सेवा जारी न रखने के फैसले से दुखी हूँ -पी. चिदंबरम

शिखा पाण्डेय,
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन के दूसरे कार्यकाल नहीं लेने के फैसले पर निराशा और दुःख व्यक्त किया लेकिन उन्हें इस घटनाक्रम पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ।

पी. चिदंबरम ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “मैं डाक्टर रघुराम राजन के कार्यकाल समाप्ति के बाद आरबीआई छोड़ने के फैसले से निराश और बेहद दुखी हूं लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि मुझे इस पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ।” पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जाने-माने विद्वान और अर्थशास्त्री पर उकसाने वाले, आधारहीन और बचकाने आरोप लगाकर, सोचे-समझे, नियोजित अभियान के जरिए इस मकसद में कामयाबी पाई है।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूँ कि  यह सरकार खुद डाॅक्टर राजन के काबिल नहीं है। बावजूद इसके, भारत नुकसान में है।”
आपको बाता दें कि राजन को 2013 में संप्रग सरकार ने नियुक्त किया था जब चिंदबरम वित्त मंत्री थे। पिछले दिनों भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों के बाद भी चिदंबरम ने राजन के पक्ष में अपना खुला मत रखा था और सरकार पर निशाना साधा था।

कैराना विवाद: मौके पर अब ‘ओवैसी’ का चौका

प्रमुख संवाददाता,
अब कैराना विवाद को बढ़ाने में रही सही कसर पूरी करने के लिए इस विवाद में कूद पड़े हैं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी। कैराना से हिंदुओं के पलायन की खबरों के बीच अब ओवैसी ने दावा किया है कि साल 2013 के मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 मुसलमानों ने भी पलायन किया था। ओवैसी ने भाजपा से पूछा कि क्या वह एक तथ्यान्वेषी टीम मुज़फ्फरनगर भी भेजेगी, जैसा कि इसने हिंदुओं के कथित पलायन के मुद्दे पर कैराना भेजी है?

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के कैराना से कथित तौर पर पलायन करने वाले 346 परिवारों की सूची को ‘फर्जी’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सपा दोनों इस मुद्दे पर नाटक कर माहौल को अपने-अपने अनुकूल बनाने में लगे हैं। ओवैसी ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद 50,000 से अधिक लोगों ने अपना मूल स्थान छोड़ दिया, जहां वे पीढ़ियों से रहते आ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि देश की आजादी के बाद अल्पसंख्यकों को सामूहिक रूप से हटाने के लिए यह सब किया गया था।

उन्होंने भाजपा के समक्ष सवाल खड़ा किया कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद विस्थापित हुए 50,000 लोगों के साथ क्या हुआ, उसका पता लगाने के लिए क्या भाजपा समय निकालेगी? क्या भाजपा अपनी तथ्यान्वेषी टीम भेजेगी? ओवैसी ने दावा किया कि मूल रूप से भाजपा के पास कोई और मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भाजपा सबका साथ सबका विकास की बात करती है, कैराना मुद्दे ने उस भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा बहुसंख्यक समुदाय के बीच डर की भावना पैदा करना चाहती है और सपा मुसलमानों को यह संदेश देना चाहती है कि यदि आप सपा को नहीं चुनते हैं तो आप असुरक्षित हैं। इस तरह यह नाटक भाजपा और सपा, दोनों के लिए अनुकूल बैठता है। उन्होंने कहा कि जब ऐसा मुद्दा सामने आता है तो सपा खुश होती है क्योंकि इसे अपने मकसद में नाकाम रहने और कुशासन पर सवालों का जवाब नहीं देना पड़ता है।

ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम अगले साल के शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में एक गठबंधन बनाने के लिए विकल्प खुले रखे हैं।

कार्यकाल समाप्ति के बाद एकेडेमिक करियर में वापसी करेंगे रघुराम राजन

शिखा पाण्डेय,
आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने आज लगभग यह साफ कर दिया है कि सितंबर में अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करने पर वे अपने अकेडमिक कैरियर में वापसी करेंगे।  आरबीआई स्टाफ को लिखे एक पत्र में राजन ने अपनी दूसरी पारी, अपने कार्यकाल व आरबीआई की उपलब्धियों के विषय में चर्चा की है। राजन ने इस बात को लेकर आश्वस्ति जताई है कि उनके उत्तराधिकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि राजन पर पिछले कुछ दिनों से राज्यसभा सदस्य व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी लगातार गंभीर आरोप लगा रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें बरखास्त करने की मांग कर रहे थे। स्वामी ने आरोप लगाया था कि राजन ने जानबूझ कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है क्योंकि वे दिल से पूरे हिंदुस्तानी नहीं हैं। स्वामी ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर राजन को बर्खास्त करने की मांग की है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी उनके खिलाफ बयान दे चुकी हैं। हालांकि आर्थिक जगत की ज्यादातर बड़ी हस्तियां चाहतीं हैं कि राजन को दूसरी पारी मिले।
दुविधा की बात यह रही कि सत्ताधारी भाजपा के अंदर एक वर्ग राजन की दूसरी पारी का पक्षधर रहा है, जबकि एक वर्ग उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का इक्षुक है।
आपको बता दें कि रघुराम राजन की नियुक्ति सितंबर 2013 में यूपीए सरकार द्वारा तत्कालीन गवर्नर डी. सुब्बाराव की जगह की गई थी। स्वामी द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोपों के बाद पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि यूपीए सरकार ने उस समय सबसे प्रतिभाशाली अर्थशास्त्रियों में एक को आरबीआइ का गवर्नर नियुक्त किया था। दो दिन पूर्व भाजपा नेता व वाजपेयी सरकार के अहम सदस्य रहे अरुण शौरी ने भी राजन का बचाव किया था और कहा था कि गड़बड़ियों के लिए वे अकेले दोषी नहीं हैं और उनकी क्षमता पर संदेह नहीं किया जा सकता है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में राजन का मौजूदा कार्यकाल इस साल चार सितंबर को पूरा होगा, हालांकि राजन ने कहा है कि वे हमेशा अपने देश की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे। रघुराम राजन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आइएमएफ के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री हैं। साथ ही शिकागो बूथ स्कूल में वित्त मामले के प्रोफेसर रहे हैं।

सेना ने दो आतंकी मारकर नाकाम की घुसपैठ की कोशिश

अनुज हनुमत 

श्रीनगर: एक बार फिर भारतीय सेना ने आज कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास तंगधार सेक्टर में दो आतंकियों को मारकर उनकी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। यह जानकारी सेना के अधिकारियों ने दी है।

आपको बताते चलें की बीते तीन दिनों में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की ऐसी कोशिश को दूसरी बार नाकाम किया है।

सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सेना ने आज सुबह नियंत्रण रेखा के पास कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया। दो आतंकी मारे गए हैं और ऑपरेशन जारी है।’’ उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में एक जवान भी घायल हो गया जिसका उपचार चल रहा है।

बीते मंगलवार को ही कुपवाड़ा जिले के माचिल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम की गई थी। दो दिन के ऑपरेशन में एक आतंकी मारा गया था और एक जवान शहीद हो गया था। इस ऑपरेशन में चार अन्य जवान भी घायल हो गए थे।

सावरकर पर की गई टिप्पणी पडी मंहगी, मुश्किल में कांग्रेस

अमित द्विवेदी,

ट्विटर पर विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ की गई टिप्पणी कांग्रेस पार्टी को मंहगी पड़ती नज़र आ रही है। मार्च महीने में सावरकर के खिलाफ किए गए ट्वीट को आधार बनाते हुए सावरकर परिवार के वकील ने कांग्रेस को मानहानि का नोटिस भेजा है और स्पष्ट कहा है कि उसी ट्विटर हैंडल से कांग्रेस सावरकार परिवार से माफ़ी मांगे।

विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ ट्विटर पर की गई आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर कांग्रेस पार्टी, पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजा गया है। पहली मर्तबा ऐसा हुआ है, जिसमें ट्विटर पर की गई टिपण्णी पर नोटिस भेजा गया है। सावरकर के रिश्तेदार रंजीत सावरकर ने यह कानूनी नोटिस भेजा है।

ईटी की एक खबर के मुताबिक, कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से मार्च महीने में जो ट्वीट्स पोस्‍ट किए गए थे, उनसे वीर सावरकर का अपमान हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ यह नोटिस 16 जून को भेजा गया था।

सावरकर परिवार के वकील हितेश जैन ने बताया कि यह नोटिस कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए उस ट्वीट से संबंधित है, जिसमें सावरकर को गद्दार की संज्ञा दी गई। दरअसल, इस नोटिस में @INC द्वारा किए गए उन ट्वीट्स का जिक्र है जो 5, 22 और 23 मार्च को किए गए थे। हालाँकि इस पूरे मामले में अभी तक कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका के जाफना स्टेडियम का करेंगे उद्घाटन

ब्यूरो,

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका के जाफना में श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना के साथ भारत की मदद से दोबारा बने एक स्टेडियम का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन की सबसे खास बात यह होगी कि मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस स्टेडियम का उद्घाटन करेंगे।

श्रीलंकाई राष्ट्रपति उद्घाटन समारोह के दौरान स्टेडियम में मौजूद रहेंगे जबकि पीएम मोदी दिल्ली से वीडियो कॉफ़्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। पीएमओ की ओर से इस खबर की पुष्टि की गई है।

भारत ने 7 करोड़ की लागत से इस स्टेडियम का जीर्णोंद्धार करवाया है। लगभग 2 हजार लोगों की क्षमता वाला स्टेडियम 1997 से प्रयोग में नहीं था। यह स्टेडियम श्रीलंका में आए सूनामी तूफान में तबाह हो गया था।

जाफना के पूर्व महापौर दिवंगत अलफ्रेड थांगराजा दुरैपा के सम्मान में इस स्टेडियम का नाम दुरैपा स्टेडियम रखा गया है। स्टेडियम 1997 से ही प्रयोग में नहीं था। इस स्टेडियम में अतंराराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाएगा।

भारतीय वायुसेना ने रचा इतिहास, पहली बार शामिल हुईं महिला फाइटर पायलट्स

शिखा पांडेय,

भारतीय वायुसेना ने इतिहास रचते हुए आज पहली बार बतौर फाइटर पायलट तीन महिला पायलट्स को शामिल किया गया। फ्लाइंग कैडेट भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी को हैदराबाद के पास वायुसेना एकेडमी में कमीशन मिला। इन तीनों की फाइटर पायलट की ट्रेनिंग का एलान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर किया गया था।

इन तीनों कैडेटों का चयन 120 महिला कैडेटों में से किया गया था। हैदराबाद से तकरीबन तीन किलोमीटर दूर डुंडिगल एयरफोर्स अकादमी में इन तीन प्रशिक्षु महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए समारोहपूर्वक वायुसेना में शामिल किया गया। इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट ये तीनों युवा महिलाएं अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं। अब इनकी एक साल की एडवांस ट्रेनिंग कर्नाटक के बीदर में होगी।

उक्त तीनों महिला लड़ाकू पायलटों की पहले चरण की ट्रेनिंग 18 जून अर्थात आज खत्म हो रही है। उन्हें आज वायुसेना अकादमी में समारोहपूर्वक दूसरे चरण में भेजा जाएगा, जहां वे ट्रेनर हांक और लड़ाकू विमानों पर एक साल तक कड़ी ट्रेनिंग प्राप्त करेंगी। इस अवसर पर उन्हें वायुसेना में शामिल (कमीशन) कर लिया गया।

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वायुसेना ने फायटर महिला फाइटरों को चार साल तक गर्भधारण न करने का निर्देश जारी किया गया है। दुनिया के अन्य देशों जैसे अमेरिका, रूस इत्यादि में महिला लड़ाकू विमान पायलटों की नियुक्ति पहले से ही की जा चुकी है। यहां तक की पाकिस्तान ने भी पिछले दिनों एक माहिला लड़ाकू विमान पायलट की नियुक्ति की।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर माह में भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना में महिला लड़ाकू पायलटों को भी शामिल करने की मंजूरी प्रदान की थी। हालांकि वर्ष 1991 से ही यहां की वायुसेना में महिलाएं हेलीकाप्टर तथा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाती आ रही हैं। लेकिन लड़ाकू विमानों से इनको दूर ही रखा जाता था। इन तीन महिला पायलटों ने 150 घंटे की ट्रेनिंग पूरी की है।महिला लड़ाकू पायलटों के चयन के पहले चरण में 120 कैडेट्स में से सिर्फ 37 का चयन किया गया था, जिसमें से अंतिम दौर में उक्त तीन कैडेट्स चुनी गईं।

जाफरी के गोली चलाने से भड़क गयी भीड़, जिसके कारण हुई सारी हत्याएं

स्पेशल रिपोर्ट 

अनुज हनुमत,

अहमदाबाद: 14 साल पहले गुजरात की गुलबर्ग सोसायटी में हुए नरसंहार में षड्यंत्र के किसी भी पहलू से इनकार करते हुए विशेष अदालत ने कल कहा कि कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी द्वारा चलायी गयी गोलियों ने भीड़ को उकसाया था, जिससे वह गुस्सा हो गयी और उन्होंने इस तरह हत्याएं कीं, लेकिन गोलीबारी के कारण भीड़ की इस करतूत को माफ नहीं किया जा सकता है।

विशेष एसआईटी अदालत के न्यायाधीश पी. बी. देसाई ने अपने आदेश में कहा कि , ‘‘ एहसान जाफरी की निजी गोलीबारी ने उत्प्रेरक का काम किया और उसने भीड़ को इस कदर उकसा दिया कि उपलब्ध सीमित पुलिस बल के पास ऐसी भीड़ को रोकने का कोई उपाय नहीं था। गोलीबारी की घटना के बाद वहां बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गयी।’’ जाफरी की बंदूक से आठ गोलियां चलीं, उनसे एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 15 लोग घायल हो गए।

अदालत ने कहा, ‘‘एहसान जाफरी गुलबर्ग सोसायटी में एक अलग जगह से भीड़ पर गोली चलाने के दोषी हैं, जिसके कारण एक व्यक्ति की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गए। मेरे विचार में वह उत्प्रेरक था, जिसने भीड़ को इस कदर उकसा दिया कि वह अनियंत्रित हो गयी और उसके कारण हत्याएं हुईं, बड़ी संख्या में मासूमों की जान गयी।’’

घटना में षड्यंत्र के पहलू से इनकार करते हुए, अदालत ने कहा कि यह ‘‘अप्राकृतिक’’ है कि 28 फरवरी, 2002 को सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई, और डेढ़ बजे के बाद अचानक चीजें बहुत खराब हो गयीं जैसे ‘‘कोई नल खोल दिया गया हो, जिसके कारण पानी की बाढ़ आ गयी और नरसंहार का कांड हुआ।’’ अदालत ने कहा कि इन तथ्यों से किसी भी प्रकार से भीड़ ने जो किया उसकी कोई माफी नहीं हो सकती है।

…तो भारत फिर बन जाएगा टी-20 रैंकिंग में नंबर वन

अनुज हनुमत,

नई दिल्ली। नये जोश से लबरेज जिम्बाबे गई भारतीय टीम ने वनडे सीरीज तो अपने नाम कर लिया, ऐसे में यदि उसने टी-20 में भी जिम्बाबे को शिकस्त दे दी तो एक बार फिर भारत टी-20 रैंकिंग में नम्बर एक पर आ जायेगा। आईपीएल में धूम मचाने वाले खिलाड़ियों को भारतीय चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे का टिकट दिया। इन खिलाड़ियों ने पहले वनडे सीरीज में दमखम दिखाया और अब बारी है फटाफट क्रिकेट में एक बार फिर छा जाने की। उम्मीद है कि इस बार इन बल्लेबाजों को आईपीएल के तर्ज पर टी-20 सीरीज में बल्ले से पूरा जलवा दिखाने को मिलेगा।

धोनी की टीम ने अगर जिम्बाब्वे को हरा दिया तो इंडिया एक बार फिर टी-20 में बन जाएगी नंबर वन टीम। अगर ऐसा हुआ तो ये भी एक नया कीर्तिमान होगा। ऐसे खिलाड़ी, जिन्होंने अपने बल्ले से जिम्बाब्वे दौरे पर जीत का छक्का लगाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। वनडे सीरीज में मेजबान का सूपड़ा साफ करने के बाद धोनी के जांबाजों से टी-20 में तूफानी पारी की उम्मीद है। ये वही खिलाड़ी हैं, जो आईपीएल सीजन-9 में अपनी टीम के लिए बल्ले से आग उगल चुके हैं। बेंगलुरू से खेलने वाले लोकेश राहुल ने आईपीएल 9 के 14 मैच में 397 रन बनाए। इसी तरह करूण नायर ने 14 मैच में 357 रन, अंबाती रायडू ने 13 मैच में 334 रन, एम एस धोनी ने 14 मैच में 284 रन और मनीष पांडे ने 12 मैच में 248 रन बनाए।

आईपीएल सीजन-9 में बैंगलोर टीम को फाइनल में पहुंचाने मे जितना बड़ा हाथ विराट कोहली के बल्ले का था, उतना ही अहम रोल लोकेश राहुल का भी था। इसी को बरकरार रखते हुए लोकेश ने जिम्बाब्वे जाते ही शतक जमा दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में लोकेश राहुल ने 196 के औसत से 3 मैच में 196 रन बनाए है। इसमें एक नाबाद शतक और एक नाबाद अर्धशतकीय पारी शामिल है।

आईपीएल में मुंबई के लिए बल्ले से दमखम दिखाने वाले अंबाति रायडू धोनी के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में रन बनाने की मशीन साबित हो सकते हैं। जिम्बाब्वे दौरे पर वनडे सीरीज में रायडू का जलवा देखने को मिला। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में रायडू ने 3 मैच की 2 पारी में 103 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 1 नाबाद अर्धशतकीय पारी भी निकली। बहरहाल अगर भारत टी-20 में जीत हासिल करता है, तो एक बार फिर उसकी जीत और बादशाहत का डंका पूरे विश्व में बजेगा।

देश के पहले स्वदेशी बेसिक प्रशिक्षण विमान ‘HTT-40’ ने भरी उदघाटन उड़ान

शिखा पाण्डेय,
भारत के पहले स्वदेशी बेसिक प्रशिक्षण विमान ‘हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40’ (एचटीटी-40) ने आज उद्घाटन उड़ान भरी। इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी इसके गवाह बने। दो सीटों वाले इस विमान को हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने डिजाइन और विकसित किया है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी इस विमान की उद्घाटन उड़ान के साक्षी बने।

इस विमान को ग्रुप कैप्टन सी सुब्रमण्यम और ग्रुप कैप्टन वेणुगोपाल ने एचएएल हवाई अड्डा से करीब 10 से 15 मिनट उड़ाया। तीनों सेनाओं के सभी फ्लाइंग कैडेटों के लिए पहले स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उपयोग किए  जाने के मकसद से तैयार किए जाने वाले इस विमान एटीटी-40 विमान ने पहली उड़ान 31 मई को भरी थी। भारतीय वायु सेना ऐसे 70 एचटीटी-40 विमान खरीद सकती है।

उल्लेखनीय है कि एचटीटी-40 के विस्तृत डिजाइन चरण को अगस्त 2013 में पेश किया गया था और यह एचएएल के आंतरिक वित्तपोषण से हुआ था और मई 2015 में पूरा हुआ था। इसके बाद से पहले प्रोटोटाइप के उड़ान भरने के लिए 12 माह का समय लगा था। एचटीटी-40 परियोजना को संप्रग शासन के दौरान लगभग बंद कर दिया गया था। रक्षा मंत्री पर्रिकर ने आइएएफ और एचएएल को इस प्रशिक्षक का विकास सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ाया।

एचटीटी-40 दल की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ” जब मैं यहां मार्च 2015 में आया था तब इन्होंने मुझे विश्वास दिलाकर कहा था कि एक वर्ष में वे विमान को उड़ा कर दिखाएंगे। मुझे प्रसन्नता है कि उन्होंने अपना वादा निभाया।” इस कार्यक्रम का मकसद इसे 2018 तक परिचालनात्मक मंजूरी दिलाना है। पर्रिकर ने कहा,”मैं आग्रह करुंगा कि इसे और पहले लाया जाए।”