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Friday, September 11, 2026
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यात्रा सात गुफाओं से निर्मित ऐतिहासिक स्थल एलीफेंटा की

                                                                     (यात्रावृत्त)

डॉ. जितेन्द्र पांडेय,

मुंबई का ‘गेट वे ऑफ इंडिया’ महाराष्ट्र के व्यस्ततम पर्यटन स्थलों में से एक है। गुब्बारे वाले, दूरबीन वाले, खिलौने वाले और अपनी बीन पर सांप का करतब दिखाते सपेरे। सभी टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलकर विदेशी सैलानियों का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते हैं। भारत की विरासत कहा जाने वाला ताज होटल भी बड़ी शान से अपनी लाल गुम्बद के साथ यहीं मौजूद है। तुरंत फोटो मुहैया कराने वाले फोटोग्राफर्स एकदम व्यस्त और मस्त। दूर उठती ऊंची-ऊंची लहरें सीमा बंध से टकराकर सैलानियों को भिगोती रहती हैं। पत्थर की दीवार से बंधे दर्ज़नों स्टीमर लहरों पर हिचकोले खाते अपने ग्राहकों के लिए पलक- पांवड़े बिछाए रहते हैं। गर्जना भरती लहरों को देखकर ऐसा लगता है कि किसी ने बब्बर शेर को पिंजरे में कैद कर रखा है। वरुण देवता के प्रकोप को सोचकर मन सिहर उठता है।

भोग को केंद्र में रखकर समुद्र से खिलवाड़ करता मानव आखिर किस हद तक जाएगा ? समुद्री तटों को पाटकर अत्याधुनिक इमारतों के निर्माण में मशगूल इंसान शायद 26 जुलाई के जल-प्लावन को भूल गया। चराचर को विस्मृत कर मानव का स्वयं में सीमित होना कितना त्रासद हो सकता है , जयशंकर प्रसाद की निम्न पंक्तियों से समझा जा सकता है -“अपने में सीमित रह कैसे/ व्यक्ति विकास करेगा/यह एकांत स्वार्थ भीषण है/अपना नाश करेगा /” प्रकृति के श्यामल पक्ष की इसी दुश्चिंता में डूबा बनारस के दोनों प्रफेसरों (डॉ. श्रीनिवास पाण्डेय और डॉ.रंगनाथ ) की उपस्थिति से मैं अंजान था। इन्हीं दोनों महाशयों को एलीफेण्टा केव्स दिखाने की जिम्मेदारी मुम्बई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की तरफ से मुझे सौंपी गई थी। तब तक श्रीनिवास जी ने टिप्पणी की -“अभी तक समुद्र नहीं देखे हो पाण्डेय जी ?” अचकचाते हुए मैंने कहा -“ऐसी बात नहीं है सर। आप जैसे अतिथियों के सानिध्य में आज सागर भी विशेष है।” …तो चलो करते हैं समुद्री यात्रा।” उत्साह ज़ाहिर करते हुए डॉ. रंगनाथ ने टिकट मेरे हाथ में थमा दिया।

एलीफेण्टा के लिए यह मेरी पहली यात्रा थी। कल्पनाओं ने मानो पंख लगा लिए हों या यूं कहें कि स्वप्न के ऐसे अनोखे लोक में उतर आए हों जहां चारों ओर मात्र जल ही जल हो। हमारा स्टीमर समुद्र की लहरों को चीरता आगे बढ़ रहा था। इसी बीच सूर का पद भी स्मरण हो आया -“मेरो मन अनत कहां सुख पावै/जिमि जहाज का पंछी/उड़ि जहाज पे आवै/” यह लघु यात्रा सूर के वृहद् सामुद्रिक ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति का सहज ही भान करा रही थी। कुछेक घण्टों में हम एलीफेण्टा की धरती पर थे।

गेट वे ऑफ इंडिया से 10 किलोमीटर दूर एलीफैंट के आकार के इस द्वीप को एलीफेण्टा के नाम से जाना जाता है। यह ऐतिहासिक स्थल सात गुफाओं से निर्मित है। इनका प्राचीन नाम “घारापुरी की गुफाएं” है।” घारापुरी” शब्द की उत्पत्ति “अग्रहारपुरी” से मानी जाती है। 1987 में यूनेस्को ने इन गुफाओं को ‘विश्व धरोहर’ का दर्ज़ा दिया था। गुफाओं का निर्माण काल नौवीं से तेरहवीं शताब्दी के मध्य माना जाता है। सर्वप्रथम राष्ट्रकूट राजाओं द्वारा इन गुफाओं की खोज की गई। कुछ हद तक इन राजाओं ने कठोर पाषाणों को तराश कर दक्षिण भारतीय शिल्प को जगह-जगह उकेरा भी है। कुल मिलाकर दक्षिण वंशीय राजाओं की कई पीढ़ियां इसे सजाने-संवारने में खप गईँ। दूसरी तरफ उन आतताइयों का ख्याल आया जिनकी क्रूरता के साक्ष्य चारों तरफ बिखरे मिले। शांत और सौम्य मूर्तियों पर जमकर कुंठा बरपी थी। वज्राघात से अधिकांश मूर्तियों का अधोभाग क्षत-विक्षत था।

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ध्वंस-राग गूँजने के बावजूद ध्यानस्थ मूर्तियों की चिर समाधि यथावत है। भग्नावशेष एक समृद्ध संस्कृति का एहसास कराते हैं। सदियां बोलती हैं यहां। इनके बीच खड़ा होकर माथा गर्व से ऊंचा हो रहा था। अनायास ही जिह्वा पर आ गया, “कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी / सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-जहां हमारा/” खम्भों और दीवारों की पच्चीकारी अप्रतिम है। भगवान शिव और शक्ति कई रूपों में यहां मौजूद हैं। यदि सिंह और द्वारपाल को छोड़ दिया जाय तो लगभग सभी मूर्तियों में शिव-लीला अपने सर्वोत्तम एवं दुर्लभ रूप में मौजूद है। महेश मूर्ति गुफा सर्वाधिक आकर्षक एवं मिथकीय रहस्य समेटे हुए है। कई प्रकोष्ठों में विभाजित ये गुफाएं पर्यटकों के लिए आकर्षण की केंद्र हैं।पर्यटकों की तादात बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की तरफ से प्रतिवर्ष फरवरी महीने में द्विदिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाता है। नृत्य, संगीत और नाटक से सजा यह महोत्सव अनूठा होता है। इस उत्सव की शुरुआत 1989 से की गई थी।

अर्धनारीश्वर शिव की विशाल मूर्ति देखकर मन में ख्याल आया, “जहां शक्ति, शिव से मिलती हैं, वहीं सुंदरता आ पाती है। एक दूसरे से विलगाव विनाश और तांडव का कारण बन जाता है। सही मायने में जीवन और सृष्टि का सन्तुलन भी इसी सूत्र पर आधारित है।” इसी प्रकार हम शैव दर्शन पर चर्चा करते हुए त्रिमूर्ति शिव, शिवलिंग, नटराज की मुद्रा धारण किए हुए रूद्र, कैलाश पर विराजमान सपत्नीक चन्द्रशेखर, कैलाश पर्वत को उठाने की असफल कोशिश करता रावण, शिव-विवाह आदि मूर्तियों की शैल्पिक बुनावट को भी समझने और बूझने का प्रयत्न कर रहे थे। कार्तिकेय, गणेश, सिंह और द्वारपाल की पाषाण प्रतिमाएं दक्ष मूर्तिकारों की छैनी और हथौड़ी से सजीव हो उठी थीं। इसी बीच श्लीलता और अश्लीलता की भी बात उठी। “कला की परख पर आम समझ” विषय पर स्वस्थ व संतुलित चर्चा सुखकर लग रही थी।

जल्दी ही लौटने का वक़्त भी हो गया। अनचाहे मन से हम पगडंडीनुमा रास्ते से नीचे उतर रहे थे। रुद्राक्ष, शंख, पुस्तक और छोटी-छोटी वस्तुओं के खोमचे दोनों ओर लगे थे। डॉ. श्रीनिवास की नज़र स्टॉल के एक पुस्तक पर पड़ी। लगभग उछलते हुए उन्होंने कहा , “आज हमें “मारा बालि राम तब, हृदय माझि सर तानि” का रहस्य समझ में आ गया। मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रहा था कि मल्ल युद्ध के दौरान आखिर वह कौन-सी स्थिति बनी होगी , जब प्रभु राम का बाण बालि का वक्षस्थल विदीर्ण कर गया ? बालि को चिन्हित करके भी मारना असंभव था क्योंकि सुग्रीव और बालि का लगातार तेजी से पैंतरा बदल रहे थे। देखिए, पुस्तक के ऊपर का चित्र। सब समझ में आ जाएगा।” हम लोगों की नज़रें पुस्तक के कवर पर छपे चित्र की तरफ उठी ही थी कि डॉ. साहब उसे व्याख्यायित करने लगे- ” ध्यान दें चित्र पर। सुग्रीव पेट के बल जमीन पर पड़ा है। बालि का दाहिना पैर सुग्रीव की पीठ पर। एक तरफ वह सुग्रीव का दोनों हाथ अपनी ओर खींच रहा है दूसरी ओर अपने पैर का दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे में राम के लिए सर-संधान ज़रूरी हो जाता है अन्यथा सुग्रीव की मृत्यु निश्चित थी। यही वह स्थिति बनती है जब बालि का मुख राम की तरफ होता है और बाण सीधे उसके हृदय में प्रवेश कर जाता है।” मान गए सर, आप की तरल जिज्ञासा ‘सुंदरकांड’ के मधुसागर से रिसकर मानस में प्लावित हो रही है।” डॉ. रंगनाथ ने बड़े ही सधे शब्दों में गंभीर टिप्पणी की। मैं मन ही मन प्रसन्न था। सोचने लगा “कबीर का सुप्रसिद्ध दोहा ‘बरस्या बादल प्रेम का, भीजि गया सब अंग’ आज भी कितना खरा और सच्चा है।”
उधर सूरज का लाल गोला जल-समाधि ले रहा था। इधर हम भी भारी मन से प्रस्तर- कानन की तरफ रवाना हुए।

विश्व योग दिवस के मौके पर भारत में बने कई रिकॉर्ड

शिखा पांडेय,

आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश और दुनिया में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया लेकिन फरीदाबाद में योग गुरु स्वामी रामदेव ने इस मौके पर कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बना कर अनूठी मिसाल कायम कर दी। देश और दुनिया में कई सेलिब्रेटीज ने अलग-अलग जगहों पर योग दिवस समारोह में हिस्सा लेकर सेहत को लेकर जागरुकता का संदेश दिया। दुनिया के 191 देशों में इस मौके पर योग किया गया।

बाबा रामदेव ने कई दशकों से योग विज्ञान को आम जान तक पहुँचाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को विश्व स्तर पर पहुँचाने के साथ ही स्वामी रामदेव ने विश्व का सबसे बड़ा योग शिबिर आयोजित कर गिनीज़ बुक में नाम दर्ज करा दिया है।

आज योग गुरु रामदेव के कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों ने शिरकत की जिनमें से 408 लोगों ने एक साथ शीर्षासन कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया। समारोह में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी शिरकत की।

Ramdev

योग दिवस के कार्यक्रम के बाद स्वामी रामदेव ने बताया कि आज यहां कई रिकॉर्ड बने हैं। गिनीज रिकॉर्ड को गोल्डेन रिकॉर्ड्स मिले हैं। एक प्रतिभागी की पुशअप का प्रदर्शन भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया। रोहताश चैधरी ने एक मिनट के दौरान पीठ पर 80 पौंड (36.5 किलोग्राम) वजन लेकर 51 पुशअप्स किए। इसके पहले का वर्ल्ड रिकॉर्ड 38 पुशअप्स का था।

स्वामी रामदेव ने कहा कि योग का अभ्यास किसी एक दिन के लिए नहीं है। इसे रोज की जिंदगी में शामिल करें। इससे शांति और दिव्यता मिलेगी।

“अन्य बड़ी हस्तियों द्वारा कहाँ कहाँ किया गया योग और फैलाई जागरूकता”

कानपुर के योग दिवस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने हजारों लोगों के साथ योग किया।

लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

मेरठ में यूनियन मिनिस्टर मुख्तार अब्बास नकवी और भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल योग दिवस कार्यक्रम में लोगों का साथ देने पहुंचे।

भोपाल में योग दिवस के कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शामिल होकर लोगों में योग के लिए जागरूकता फैलाई।

बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और क्रिकेटर हरभजन सिंह ने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में योग दिवस मनाया।

पटना के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने योग दिवस के कार्यक्रम में योग का अभ्यास किया।

अमेरिका के राजदूत रिचर्ड राहुल वर्मा ने नई दिल्ली स्थित यूएस एंबेसी में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में योग का अभ्यास किया।

दिल्ली में दिव्यांग लोगों के लिए योग दिवस का एक खास कार्यक्रम किया गया।

मुंबई में योग दिवस के कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया।

दिल्ली में नेवी चीफ सुनील लांबा ने अपने साथियों के साथ योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया।

अब ऑनलाइन रिजर्वेशन में सिर्फ कन्फर्म या आरएसी टिकट

प्रमुख संवाददाता,

भारतीय रेल ने वेटिंग टिकट से संबंधित एक एक नया नियम लागू किया है। रेलवे अब ऑनलाइन रिजर्वेशन करने वाले यात्रियों को सिर्फ कन्फर्म या आरएसी टिकट ही जारी करेगा। अर्थात ऑनलाइन यात्रियों को अब वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा। इसके साथ ही अब रेलवे अपने उपभोक्ताओं को क्षेत्रीय भाषाओं में भी टिकट उपलब्ध कराएगा। काफी लंबे अरसे से लोगों की मांग यह मांग थी जो अब भारतीय रेल द्वारा पूरी की जा रही है।

नए बदलावों के अनुसार अब राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के लिए 1 जुलाई से पेपरलेस टिकट मिलेगी। इन ट्रेनों में मोबाइल टिकट वैध रहेगा। इसके अतिरिक्त भारतीय रेलवे एक जुलाई से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह ही सुविधा ट्रेनें चलाएगा। इन ट्रेनों में यात्रियों को केवल कन्फर्म टिकट ही दी जाएगी। इनमें वेटिंग का सिस्टम नहीं रखा गया है। साथ ही प्रीमियम ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

रेलवे ने एक जुलाई से ही शताब्दी, राजधानी और कई अन्य ट्रेनों के कोचों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कन्फर्म टिकट मिल सकें। तत्काल टिकट रद्द कराने पर उसकी आधी कीमत यात्रियों को मिलेगी। अन्य टिकट रद्द कराने का चार्ज अलग-अलग कोच का अलग-अलग होगा। प्रथम और द्वितीय श्रेणी में एसी टिकट रद्द कराने पर 100 रुपए, एसी तीसरी श्रेणी के लिए 90 रुपए और स्लीपर के लिए 60 रुपए रखा जाएगा।

अन्य बड़े बदलावों के तहत रेलवे में अब कोई भी व्यक्ति 50 हजार रुपए में सात दिनों के लिए एक कोच बुक करवा सकता है। 9 लाख रुपए देकर कोई भी व्यक्ति या संगठन सात दिनों के लिए 18 डिब्बों की पूरी ट्रेन बुक करवा सकता है। अगर उसे 18 डिब्बों से ज्यादा की जरूरत होगी, तो एक कोच के लिए 50 हजार रुपए अतिरिक्‍त जमा करवाकर कोच ले सकता है। इसके अलावा यदि सात दिन से ज्यादा कोच या रेलगाड़ी लेनी हो तो इसके लिए रोजाना के हिसाब से एक कोच के 10 हजार रुपए देने होंगे।

पाकिस्तान में 100 कट के बाद रिलीज़ होगी उड़ता पंजाब

एंटरटेनमेंट डेस्क,

फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने पाकिस्तान में रिलीज करने की अनुमति दे दी है। वैसे ये अनुमति इतनी आसानी से नहीं दी गई है। बोर्ड ने फिल्म से सभी आपत्तिजनक और पाकिस्तान विरोधी सामग्री हटाने के लिए कुल 100 कट लगाने की शर्त पर ये अनुमति दी है।

पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड के प्रमुख मुबाशिर हसन ने कहा, “सेंसर बोर्ड के सभी 10 सदस्यों ने पूर्णसहमति से ‘उड़ता पंजाब’ को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के बाद रिलीज करने की अनुमति दे दी है।” हसन ने कहा, “चूंकि लगभग सभी डायलॉग्स में गालियां हैं, ऐसे में इस फिल्म में बहुत बदलाव करने को कहा गया है।”

उन्होंने कहा, “हमने फिल्म से सभी गालियों वाले शब्द, डायलॉग और पाकिस्तान-विरोधी सामग्री हटा दी है। फिल्म वितरकों को 100 से ज्यादा कट, म्यूट, बीप करने की सलाह दी गयी है। एक बार जब वह बोर्ड की जरूरत के अनुसार संपादन पूरा कर लेंगे, उसे अंतिम मंजूरी के लिए बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।”

गौरतलब है कि फिल्म भारत में भी सेंसरशिप को लेकर विवाद में थी। अभिषेक चौबे निर्देशित इस फिल्म में शाहिद कपूर, करीना कपूर, आलिया भट्ट, और पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं।

गिरी का अनशन समाप्त, लेकिन आंदोलन रहेगा जारी

प्रमुख संवाददाता,

पिछले तीन दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर अनशन पर बैठे भाजपा सांसद महेश गिरि ने आज शाम अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। अनशन ख़त्म कर के भी गिरि ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और केजरीवाल को एक बार फिर बहस की चुनौती दी।

भाजपा सांसद ने अपना अनशन खत्म करने के बाद मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए कहा, “पार्टी के कहने पर मैं अपना अनशन खत्म कर रहा हूँ, लेकिन अपनी बात पर मैं अब भी अटल हूँ। मैं एक बार फिर केजरीवाल को बहस करने की चुनौती देता हूँ।” गिरि ने बहस के लिए केजरीवाल को कल तक का वक्त दिया है। भाजपा सांसद ने केजरीवाल से बहस के लिए जगह और वक्त बताने के लिए भी कहा है।

धरने पर बैठे महेश गिरि ने आज सुबह योगासन करके योग दिवस भी मनाया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह महेश गिरि से मुलाकात करने धरना स्‍थल पहुँचे और उनसे अनुरोध किया कि केजरीवाल के चुनौती स्वीकार न करने पर उन्हें आमरण अनशन कर जान देने की आवश्यकता नहीं। सोमवार को गिरि के प्रदर्शन को भाजपा सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी, मनोज तिवारी और पार्टी महासिचव कैलाश विजयवर्गीय का भी साथ मिला था।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एमसीडी कर्मचारी एमएम खान मर्डर केस में गिरि की संदिग्ध भूमिका का आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद गिरि ने तीन दिन पहले केजरीवाल के आवास के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। गिरि ने केजरीवाल को चुनौती दी थी कि केजरीवाल या तो उन पर लगाए गए आरोप को साबित करें नहीं तो अपने पद से इस्तीफा दे दें। गिरि ने यह भी कहा था कि आरोप यदि साबित हो जाते हैं तो वे राजनीतिक व सार्वजनिक जीवन से सन्यास ले लेंगे।

आपको बता दें कि एनडीएमसी में संपदा अधिकारी खान की 16 मई को जामिया नगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक दिन बाद वह एक होटल के लीज की शर्तों पर आदेश देने वाले थे। केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग को लिखे पत्र में जंग पर आरोप लगाया था कि खान हत्या मामले में वह गिरि और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष करण सिंह तंवर को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

‘एनएसजी’ मसले पर रोज़ रंग बदल रहा चीन

शिखा पाण्डेय,

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की एंट्री के मसले पर चीन आए दिन रंग बदल रहा है। अब चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और अन्य गैर एनपीटी देशों को शामिल करने के मुद्दे पर एनएसजी सदस्यों के बीच वार्ता चल रही है, जबकि कल चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की हो रही बैठक में भारत को सदस्यता देने का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि हमने किसी भी देश को टारगेट नहीं किया है, चाहे वह भारत हो या पाकिस्तान। हम लोगों की चिंता केवल परमाणु अप्रसार संधि से जुड़ी हुई है। यदि परमाणु अप्रसार संधि के नियम बदल दिए जाते हैं तो हम ईरान के साथ हुए न्यूक्लियर ट्रीटी की व्याख्या कैसे करेंगे?

चीन की ना नुकर को देखते हुए उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जून को उज्बेकिस्तान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे व एनएसजी सदस्यता के मसले पर चीन को मनाने का प्रयास करेंगे। वहीं मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि चीन के रुख को देखते हुए एनएसजी में भारत के प्रवेश के लिए एनएसजी के बड़े और ताकतवर देश ‘प्लान बी’ पर भी काम कर रहे हैं।

‘इकोनॉमिक टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के मुताबिक 9 जून को विएना में हुई बैठक में भारत का आवेदन स्‍वीकार कर लिया गया था। अर्थात भारत का आवेदन तकनीकी रूप से स्वीकार कर लिया गया था जिस पर सियोल बैठक में विस्तृत चर्चा होनी थी। लेकिन भारत का आवदेन स्वीकार कर लिए जाने के बाद चीन ने एनपीटी का मुद्दा उठाया। चीन ने कहा कि गैर-एनपीटी देशों को सदस्य बनाए जाने के लिए पहले आम सहमति पर पहुंचना होगा। दरअसल चीन चाहता है कि यदि भारत को एनएसजी की सदस्यता मिले, तो उसके करीबी मित्र पाकिस्तान को भी यह सदस्यता मिले, वर्ना भारत को भी सदस्यता न मिले।

चीन ने भारत को एनएसजी पर दिए जा रहे अमेरिका के समर्थन पर कहा कि अमेरिका ही वह देश है जिसने नियम बनाया है और बिना परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए किसी को एनएसजी में शामिल नहीं किया जा सकता है।

चीन ने आम सहमति का बहान भले बना दिया लेकिन उसके इस प्रयास के बावजूद 48 में से 29 देशों ने खुलकर भारत की सदस्यता का समर्थन किया। लेकिन चीन के रुख में कोई बदलाव न होता देख एनएसजी का मुखिया अर्जेंटीना, समूह के अन्य देशों के साथ मिलकर ‘प्लान बी’ तैयार करने में जुट गया। सूत्रों ने बताया कि ‘प्लान बी’ के तहत एक वर्किंग ग्रुप गैर-एनपीटी देशों को समूह में शामिल करने का एक खाका तैयार करेगा।

सलमान के किए को लेकर पिता सलीम ने माँगी माफ़ी

एंटरटेनमेंट डेस्क,

अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘सुल्तान’ की शूटिंग के दौरान की गई मशक्कत पर दिए गए विवादित बयान को उनके पिता ने गलत बताया है। सलीम खान ने कहा है कि बेशक सलमान का यह बयान गलत था लेकिन उसकी नीयत गलत नहीं थी। सलमान के पिता सलीम खान ने स्वीकार किया कि सलमान को ऐसा उदाहरण नहीं देना चाहिए था। उन्होंने सलमान की ओर से माफी मांगते हुए कहा,” सलमान की गलती के लिए मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। गलती को माफ करने से बड़ा पुण्य कोई नहीं होता।”

उल्लेखनीय है कि अभिनेता सलमान खान द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर विवाद हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपनी आगामी फिल्म ‘सुल्तान’ को लेकर सलमान खान ने एक साक्षात्कार में कहा है कि शूटिंग के दौरान जब वे रिंग से बाहर निकलते थे तो उन्हें रेप का शिकार हुई महिला की तरह महसूस होता था, क्योंकि वे सीधे चल भी नहीं पाते थे। सलमान के जो फैंस बेसब्री से उनकी ईद के मौक़े पर रिलीज़ होनेवाली फिल्म सुल्तान की प्रतीक्षा कर रहे थे, वो उनके इस बयान से बहुत आहात हुए हैं।

सलमान के इस गैर ज़िम्मेदाराना बयान को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सलमान को सात दिनों के अंदर महिला आयोग को जवाब देना होगा। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी कई लोगों ने आलोचना की है। सलमान की गलती के लिए उनके पिता ने माफ़ी तो मांग ली है पर अब सलमान को भी दुआ करनी होगी कि उनके इस बयान का असर उनकी फिल्म पर न पड़े।

जीरो बजट का हेल्थ इंश्योरेंस है योग – नरेंद्र मोदी

शिखा पाण्डेय,
द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ के योग कार्यक्रम में शिरकत की। जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग जीरो बजट से हेल्थ इंश्योरेंस देने का साइंस है। जिस तरह मोबाइल आपके जीवन का अभिन्न हिस्सा है,उसी प्रकार योग को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है। देश के हर कोने में योग का कार्यक्रम हो रहा है, जिसे समाज के हर तबके का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योग जीवन अनुशासन का अनुष्ठान होता है।

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में बताया कि यूएन द्वारा पूरे विश्व में इस दिवस को मनाया जा रहा है। भारत के अनुरोध पर पिछले साल इसकी शुरूआत की गई। 21 जून इस लिए चुनाव गया क्योंकि यह सबसे लंबा दिवस होता है। पीएम मोदी ने योग के लिए दो अवॉर्ड देने का ऐलान किया, एक अवॉर्ड अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और दूसरा अवॉर्ड राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग आस्तिक और नास्तिक दोनों के लिए होता है। योग को अमीर और गरीब का भेद नहीं पता साथ ही इसे विद्वान, अनपढ़ का भी भेद नहीं है।उन्होंने अनुरोध किया कि कृपया इसे धर्म से जोड़कर न देखें।

30,000 से अधिक लोगों ने लिया आयोजन में हिस्सा-
चंडीगढ़ में हुए इस आयोजन में 30,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जो हर आयु वर्ग के थे। इनमें से करीब 10-10 हजार लोग क्रमश: चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से आए थे। इसके अलावा चंडीगढ़ में 100 से अधिक अन्य जगहों पर भी करीब 10,000 लोगों ने योग किया।

प्रधानमंत्री ने भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर चंडीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में इन 30,000 से अधिक लोगों के साथ योग अभ्यास किया तथा मधुमेह जैसी बीमारियों का प्राचीन आध्यात्मिक पद्धति से इलाज कराने पर जोर दिया। बीती रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री ने लोगों के साथ “कॉमन योग प्रोटोकॉल” के व्यापक प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

बढ़ रही है योग प्रशिक्षकों की मांग-
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में योग ट्रेनर्स की मांग बढ़ रही है, योग विश्व में आर्थिक कारोबार की तरह अग्रसर है। उन्होंने कहा कि योग हमारे पूर्वजों की विरासत है। देश में डायबिटीज की संख्या बढ़ रही है, योग से डायबिटीज पर कंट्रोल करना संभव है। योग का शारिरिक, मानसिक संतुलन से सीधा संबंध रखता है।

मोदी सरकार के 57 मंत्रियों ने भी अलग-अलग शहरों में योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में करीब 150 दिव्यांगों ने भी हिस्सा लिया जो अपने आप में एक मिसाल है।

सलमान के ‘बलात्कार पीड़िता’ वाले बयान से मचा बवाल, प्रशंसक भी नाराज़

एंटरटेनमेंट डेस्क,
बॉलीवुड के बिंदास भाईजान सल्लू मिया अक्सर अपने बिन सोचे समझे दिए गए बायानों से मुसीबत में पड़ जाते हैं। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सलमान एक बार फिर अपने एक विवादित बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं, जिसके बाद से बवाल मच गया है।

सलमान ने एक इंटरव्‍यू में कहा है कि उनकी आने वाली फिल्‍म सुल्‍तान की शूटिंग के दौरान जब वे रिंग से बाहर निकलते थे, तो उन्‍हें रेप की शिकार हुई महिला जैसा महसूस होता था क्‍योंकि वे सीधे चल भी नहीं पाते थे। इस अभद्र बयान के बाद खुद सलमान के फैंस उनकी कड़ी आलोचना कर रहे हैं।

टीवी चैनलों की रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान ने अपने इंटरव्‍यू में कहा, “शूटिंग के दौरान उन 6 घंटों में काफी मेहनत होती थी, जब मैं रिंग में होता था। मुश्‍किल इसलिए होती थी क्‍योंकि मुझे 120 किलो के पहलवान को 10 अलग-अलग एंगल से उठाना होता था।”

सलमान ने विस्तार में बताया,” कई बार तो मुझे उन पहलवानों को जमीन पर पटखनी देनी होती था। रिंग में ऐसा एक बार नहीं, कई बार करना पड़ता था, ताकि रियल फाइट का फील आए। शॉट के बाद जब मैं रिंग से बाहर निकलता था, मुझे रेप का शिकार हुई महिला की तरह महसूस होता था। मैं सीधा नहीं चल पाता था।” सोशल मीडिया पर सलमान के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है।

आपको बता दें कि सलमान खान की आगामी फिल्‍म सुल्‍तान ईद के मौके पर रिलीज हो रही है, जिसमें उनके साथ अनुष्का शर्मा मुख्य किरदार में नज़र आएंगी। सलमान के फैंस के बीच यह फिल्म पहले ही से बहुत चर्चा में थी लेकिन सलमान के इस बयान के बाद उनके फैंस काफी निराश और दुःखी हुए हैं।

एनएसजी मामले में भारत को चकमा देता चीन

शिखा पाण्डेय,
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को लेकर चीन ने भारत की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है। चीन ने कहा है कि दक्षिण कोरिया के सिओल में हो रही परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी की बैठक के एजेंडे में भारत को इसकी सदस्यता देने का मुद्दा शामिल ही नहीं है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता होवा चुनिइंग ने आज कहा कि एनएसजी की वार्षिक बैठक में नए सदस्यों को शामिल किया जाना एजेंडे में कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि  परमाणु अप्रसार संधि (NPT) पर हस्ताक्षर किए बिना भारत को इसकी सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए और अगर उसे इसकी सदस्यता मिलती है तो अन्य दूसरे देशों,जिन्होंने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं उन्हें भी सदस्यता मिलनी चाहिए।

इससे पहले, एनएसजी की सदस्यता पाने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को कहा था कि चीन एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध नहीं कर रहा है। इन प्रयासों के तहत विदेश सचिव एस जयशंकर चीन का समर्थन हासिल करने की कवायद के तहत 16-17 जून को बीजिंग की अघोषित यात्रा पर भी गए थे।

सुषमा ने कहा कि चीन 48 देशों के समूह एनएसजी की सदस्यता के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और मापदंड की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि वह समर्थन देने के लिए चीन को मना लेगा। सुषमा ने यह भी कहा कि भारत इस साल एनएसजी की सदस्यता हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। आपको बता दें कि एनएसजी एकमत के सिद्धांत पर काम करता है और यहां तक कि भारत के खिलाफ एक देश का वोट भी इसकी कोशिशों को नाकाम कर सकता है।

राहत की बात यह है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने कल कहा है कि वे चीन से भारत के समर्थन देने के मुद्दे पर बात करेंगे और उससे पूछेंगे कि वह क्यों विरोध कर रहा है। शनिवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन चीन के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे वहां अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से वार्ता करेंगे। जैसा कि उन्होंने कहा है संभव है इस दौरे में वे एनएसजी में भारत की सदस्यता पर भी शी से बात करें और उन्हें राजी करने की कोशिश करें।

उल्लेखनीय है कि एनएसजी की बैठक दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल में आज से शुरू हुई है। यह बैठक 24 जून तक चलेगी। भारत के सरकारी रेडियो आकाशवाणी ने पूर्व में खबर दी थी कि लगभग सप्ताह भर की इस बैठक में 48 देश 24 जून को वार्षिक पूर्ण बैठक में एनएसजी में भारत की सदस्यता के मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं।

अबतक दुनिया के 21 देश ने भारत को सीधे-सीधे एनएसजी मेंबरशिप के लिए सपोर्ट करने की बात कही है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, स्विटजरलैंड, मैक्सिको जैसे देश शामिल हैं, जबकि चीन, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका व आस्ट्रिया एक प्रकार से भारत के खिलाफ हैं। विरोध करने वाले देश भारत के परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं करने सहित दूसरे बहाने बनाते हैं।