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Saturday, September 12, 2026
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हाथी से उतर साइकिल पर सवार होंगे स्वामी प्रसाद मौर्य, मंत्रिपद मिलना तय!

अनुज हनुमत,

लखनऊ। पूरे देश की सियासत एक तरफ और उत्तर प्रदेश की सियासत एक तरफ। यहां की सियासी हवा कब किधर मुड़ जाये किसी को नहीं पता। अभी पार्टी से बागी हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को 48 घण्टे भी नही हुए, लेकिन उन्होंने नई सवारी करने की तैयारी कर ली है। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद जल्द ही साइकिल पर सवार होने जा रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य एक अच्छे इन्सान हैं और एक मजबूत नेता हैं। अब इस बयान से मामला काफी साफ़ होता दिख रहा है।

मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय को लेकर मचे घमासान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उससे भी बड़ा फैसला ये है कि स्वामी प्रसाद मौर्य बीएसपी छोड़कर आ गए हैं। बता दें इससे पहले मौर्य के पार्टी छोड़ने को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा था कि मौर्य परिवारवाद के मोह में थे। अगर वह पार्टी नहीं छोड़ते तो निकाले जाते।

मायावती ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैंने लोगों के कहने पर मौर्य को पार्टी में रखा। मौर्य अलग अलग पार्टियों में भटक रहे थे, जनता दल, लोकदल में रहे थे। बीएसपी में आने के बाद भी उनका परिवारवाद का मोह नहीं टूटा था।उन्होंने पार्टी छोड़कर उपकार किया है । मायावती ने कहा कि इन्हें कुशीनगर से लड़ाया गया, ऊंचाहार से बेटे को टिकट दिलाया, बेटी को आगरा से टिकट दिलाया। मैं इसके पक्ष में नहीं थी, लेकिन पार्टी नेताओं के कहने पर मैं मान गई। दोनों बेटे-बेटी चुनाव हार गए, ये कुशीनगर से जीते। 2014 में इन्होंने लोकसभा के लिए मैनपुरी से बेटे के लिए टिकट लिया, पर हार गए।

अब 2017 चुनाव में खुद के लिए कुशीनगर, बेटे के लिए ऊंचाहार और बेटी के लिए पुरानी सीट से टिकट मांगा। तो मैंने उनसे कहा कि क्या आपने मुलायम सिंह का जूठा खा लिया है, जिन्होंने पूरे परिवार राजनीति में लगा दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कौन किस पार्टी में पलटी मारेगा! क्योंकि यूपी में चुनावी गर्मी बढ़ती जा रही है।

ताशकंद के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति से करेंगे मुलाक़ात

अमित द्विवेदी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उजबेकिस्‍तान के ताशकंद में गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से संभावित मुलाक़ात को एनएसजी सदस्यता से जोड़ा जा रहा है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से उसकी आपत्तियों पर चर्चा कर सकते हैं। इसलिए दोनों नेताओं की होने वाली इस मुलाक़ात पर सभी की निगाहें तिकी हुई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सालाना शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए ताशकंद रवाना हो गए, जहां पूर्ण सदस्य के तौर पर पाकिस्तान के साथ भारत के इसमें शामिल होने की प्रक्रिया शुरू होगी। मोदी और जिनपिंग की बैठक होगी, कयास लगाया जा रहा हैं कि प्रधानमंत्री इस बैठक के दौरान एनएसजी के उसके विरोध को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं।

सियोल में आज परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का वार्षिक पूर्ण अधिवेशन होगा जिसमें विशिष्ट परमाणु कारोबार क्लब की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन पर चर्चा होने की सम्भावना है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की, उन्होंने लिखा, ‘मैं एससीओ सम्मेलन में भाग लेने और एससीओ राष्ट्रों के नेताओं से वार्ता करने के लिए संक्षिप्त यात्रा पर उज्बेकिस्तान जा रहा हूँ।’ उन्होंने कहा, ‘भारत एससीओ का सदस्य बनकर खुश होगा और एससीओ के जरिए विशेष आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में सार्थक परिणामों की उम्मीद कर रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ संबंधों को बहुत महत्व देता है और क्षेत्र के साथ आर्थिक एवं लोगों के आपसी संबंध मजबूत करना चाहता है। अंतर्राष्ट्रीय सियासी हलके में मोदी की उज़्बेकिस्तान यात्रा की वजह से माहौल गर्म है। सबकी निगाहें फिलहाल एनएसजी में भारत की सदस्यता पर टिकी हुई है।

एनएसजी सदस्यता को लेकर उठापटक, फ्रांस भी आया भारत के साथ

अमित द्विवेदी,
परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश के विषय में फ्रांस ने आज भारत का ज़ोरदार समर्थन करते हुए कहा कि इससे परमाणु प्रसार के खिलाफ वैश्विक प्रयास मजबूत होंगे। फ्रांस के अनुसार सदस्य देशों को सियोल में होने वाले पूर्ण अधिवेशन में भारत के लिए सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “फ्रांस मानता है कि चार बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं, एनएसजी, एमटीसीआर, द ऑस्ट्रेलिया ग्रुप तथा द वासेनार अरेंजमेंट में भारत का प्रवेश परमाणु प्रसार से लड़ने में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करेगा। एनएसजी में पूर्ण रुपेण सदस्य के तौर पर भारत के प्रवेश के सक्रिय और दीर्घकालिक समर्थन की दिशा में फ्रांस सियोल में 23 जून को मिल रहे इसके सदस्यों से सकारात्मक निर्णय लेने का आह्वान करेगा।” बयान में यह भी उल्लेख है कि 1998 से रणनीतिक साझेदार फ्रांस और भारत जनसंहार के हथियारों के अप्रसार और उनकी आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में समान लक्ष्य साझा करते हैं।
परमाणु प्रसार रोकने में सहायक होगा भारत – फ्रांस
48 सदस्यीय एनएसजी के प्रमुख सदस्य देश फ्रांस ने कहा कि परमाणु नियंत्रण व्यवस्थाओं में भारत की सहभागिता संवेदनशील वस्तुओं के निर्यात को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद करेगी, चाहे वे परमाणविक हों, रासायनिक हों, जैविक हों, बैलिस्टिक हों या परंपरागत सामग्री और प्रौद्योगिकी हों।
इससे पहले अमेरिका ने कल एक बयान में कहा था कि भारत एनएसजी की सदस्यता के लिए तैयार है। अमेरिका ने सहभागी सरकारों से कल सियोल में शुरु हो रहे एनएसजी के पूर्ण सत्र में भारत के आवेदन का समर्थन करने को कहा था।

उधर चीन भारत के प्रवेश पर अपना विरोध बरकरार रखे हुए है। उसका तर्क है कि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, हालांकि चीन इस बात पर जोर दे रहा है कि भारत को एनएसजी द्वारा किसी तरह की छूट मिलने की स्थिति में उसके करीबी सहयोगी पाकिस्तान को भी सदस्यता दी जाए।

भारत ने कहा है कि एनएसजी में शामिल होने के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्यता नहीं है। इस संबंध में भारत ने फ्रांस के मामले का जिक्र करते हुए कहा है कि पहले भी इस तरह के उदाहरण रहे हैं। अब स्वयं फ्रांस की ओर से सकारात्मक परिणाम मिलने और फ्रांस द्वारा भारत की एनएसजी सदस्यता के विषय में सियोल में पूर्ण समर्थन देने के वायदे से भारत की दावेदारी और अधिक पक्की हो गई है।

इसलिए अरविन्द सुब्रमण्यम पर भड़के हैं स्वामी!

शिखा पाण्डेय, 
भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पर किए गए हमले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार पर सरकार का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि अरविंद सुब्रमण्यम की सलाह काफी महत्व रखती है। वित्त मंत्री ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि स्वामी के हमलों के मद्देनजर सरकार और भाजपा ने रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन का बचाव नहीं किया।

क्या हैं स्वामी के अरविंद सुब्रमण्यम पर आरोप?

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पर ट्विटर पर निशाना साधते हुए भारत के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया है और उन्हें बरखास्त करने की मांग की है। स्वामी ने कहा है कि अरविंद वही शख्स हैं, जिन्होंने मार्च 2013 में अमेरिका को विश्व व्यापार संगठन में अमेरिकी फार्मास्युटिकल्स के हितों का बचाव करते हुए भारत के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया है कि अरविंद सुब्रमण्यम ने जीएसटी में कांग्रेस से सुझावों को मानने की सलाह दी थी। सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि अरविंद सरकार के विरोधी काम में लिप्त हैं। अत: उन्हें फौरन उनके पद से हटा देना चाहिए।

अपने ट्वीट के संबंध में उन्होंने कहा कि मैंने ट्विटर पर यही बताया है कि अरविंद अमेरिका में काम करते थे। ग्रीन कार्ड तो नहीं है, सिटिजन हैं भी या नहीं पता नहीं। स्वामी ने कहा कि अरविन्द ने लिखित में बयान दिया था, जिसमें उसने कहा कि भारत अमेरिका के अनुकूल नहीं चल रहा है, उसको सबक सिखाने के लिए कुछ करना चहिए। उन्होंने कहा  कि मैंने 27 नामों की लिस्ट तैयार की है जिनको एक-एक कर निपटाऊंगा।

स्वामी द्वारा अरविंद सुब्रमण्यन को निशाना बनाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने उनसे पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी सचिव श्रीकांत शर्मा ने इसे उनके निजी विचार बताते हुए कहा है कि भाजपा का इससे कुछ लेना-देना नहीं है। आज स्वामी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने भी पहुंचे थे। हालाँकि अभी मुलाकात के कारण का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इसे स्वामी द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार को निशाना बनाए जाने से जोड़ कर देखा जा रहा है।

सोल पहुंचे एस. जयशंकर, एनएसजी सदस्यता पर माथापच्ची

अनुज हनुमत,

भारत इस बार एनएसजी की सदस्यता पाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता, इसीलिए पीएमओ सहित पूरा विदेश मंत्रालय पूरी तेजी से लगा है। इसी प्रयास के तहत विदेश सचिव एस जयशंकर कल से शुरू हो रही एनएसजी की पूर्ण बैठक से पहले भारत के सदस्यता प्रयासों को मजबूत करने के लिए आज सोल रवाना हो गए।

एक तरफ भारत जहां सदस्यता पाने की उम्मीद कर रहा है वहीं चीन, तुर्की जैसे देश इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। जयशंकर दक्षिण कोरिया की राजधानी में भारत की सदस्यता हासिल करने की संभावना को मजबूत करने के लिए सदस्यों का समर्थन जुटाने का प्रयास करेंगे। ये दौरा इसी लिहाज आवश्यक है। वह सोमवार से शुरू हुई 48 देशों वाले समूह की आधिकारिक स्तर की वार्ता के दौरान हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखे हुए थे। सूत्रों की माने तो विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं ‘निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा’ प्रभाग के प्रभारी अमनदीप सिंह गिल समर्थन जुटाने और भारत के मामले की व्याख्या करने के लिए पहले से ही सोल में हैं।

भारत जैसे गैर एनपीटी देशों के प्रवेश पर सदस्यों के बंटे होने के साथ चीन एनएसजी सदस्यता के भारत के प्रयासों में लगातार रोड़ा अटका रहा है। बताते चलें कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) सर्वसम्मति के सिद्धांत के तहत काम करता है और अगर कोई एक देश भी भारत के खिलाफ मतदान करता है तो सदस्यता पाने का उसका प्रयास विफल हो जाएगा। बहरहाल, समूह के अधिकतर देशों ने भारत का समर्थन किया है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि चीन के साथ ही तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड और न्यूजीलैंड एनएसजी में भारत के प्रवेश के पक्ष में नहीं हैं।

‘सुल्तान’ ने लाई अनुष्का और विराट की लव लाइफ में फिर से रंगत

एंटरटेनमेंट डेस्क, 

स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और अदाकारा अनुष्का शर्मा की जोड़ी एक बार फिर चर्चा में है। अनुष्‍का शर्मा की फिल्‍म सुल्‍तान ईद पर रिलीज होनी है, लेकिन फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग 6 जुलाई को रखी गयी है। मिड डे की एक रिपोर्ट के अनुसार , अनुष्‍का शर्मा चाहती हैं कि उनकी फिल्‍म ‘सुल्‍तान’ की स्‍क्रीनिंग में उनके ब्‍वायफ्रेंड विराट कोहली भी मौजूद रहें और यही कारण है कि अनुष्‍का विराट के लिए स्‍पेशल स्‍क्रीनिंग रखना चाहती हैं।

सूत्रों के अनुसार अनुष्‍का शर्मा पहले केवल विराट कोहली के लिए ही स्‍पेशल स्‍क्रीनिंग चाहती थीं, पर बाद में अनुष्‍का ने कुछ खास लोगों के साथ अपनी फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग की मांग की। इस फिल्‍म में अनुष्‍का ने कड़ी मेहनत की है और धोबी पछाड़ रोल में नजर आने वाली हैं। फिल्‍म में अनुष्‍का के साथ बॉलीवुड के दबंग हीरो सलमान खान मुख्य किरदार में हैं।

मीडिया में जो खबरें हैं, उसके अनुसार विराट कोहली वेस्‍टइंडीज टूर पर 9 या 10 जुलाई को रवाना होने वाले हैं। यही कारण है कि अनुष्‍का ने ‘सुल्‍तान’ की स्‍क्रीनिंग इसके पहले रखने की मांग की है। सुल्‍तान की स्‍क्रीनिंग 6 जुलाई या एक दिन पहले हो सकती है। अनुष्‍का शर्मा ने इसके लिए प्रोडक्‍शन हाउस से भी बात कर ली है।

बता दें कि पहले तो अनुष्का और विराट के बीच फिल्म सुल्तान को लेकर हुई अनबन पिछले दिनों काफी चर्चा में रही।उसके बाद कई दिनों तक मीडिया में दोनों के ब्रेकअप पर नमक मिर्च लगाकर खबरें उड़ाई गईं। फिर दोनों को एक साथ एयरपोर्ट पर देखा गया था और जब अनुष्‍का शर्मा अपनी आगामी फिल्‍म ‘सुल्‍तान’ की शूटिंग के लिए हंगरी जा रही थीं, तो उन्‍हें सीऑफ करने के लिए विराट कोहली खुद अपनी कार से मुंबई एयरपोर्ट गए थे। इस दौरान दोनों एक दूसरे के गले भी लगे थे। दोनों की तसवीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हुई थीं।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा बसपा को अलविदा, मायावती पर टिकट बेचने का मौर्या ने लगाया आरोप

अनुज हनुमत,

लखनऊ। आज यू.पी. की सियासी हवा उस समय अचानक गर्म हो गई, जब स्वामी प्रसाद मौर्या ने मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुये पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। मौर्या ने कहा कि मायावती ने अम्बेडकर के सपनों को बेचा है और बीएसपी में अब दलितों की पूछ नहीं है।

मौर्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि मायावती दिखावे के लिए अम्बेडकरवादी बनती हैं और दिखावे के लिए अम्बेडकर की जयंती मनाती हैं। इस समय पार्टी में सौदेबाजी और टिकटों की नीलामी होती है और टिकट की बिक्री के चलते 2012, 2017 में BSP हारी। स्वामी प्रसाद यही नही रुके, उन्होंने मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी को मजबूत करने में जुटी हैं बसपा सुप्रीमो। उन्होंने कहा कि अब मैं बीएसपी में घुटन महसूस कर रहा था। बीएसपी में दलितों की कोई जगह नहीं। मायावती दलित के सपनों में पलीता लगा रही। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में सम्पन्न हुए पंचायत चुनावों में जिला पंचायत सदस्यों से भी रुपया लिया गया।

यूपी में कुछ महीनों बाद ही चुनाव है और ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्या का बसपा छोड़ना मायावती को काफी नुकसान पहुंचा सकता है । सूत्रों का कहना है की मौर्या जल्दी ही मुलायम सिंह से मुलाकात कर सकते हैं और जल्दी ही सपा ज्वाइन कर सकते हैं ।

बिहार में बिजली गिरने से 57 की मौत, CM नीतीश कुमार ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

अनुज हनुमत

पटना । मंगलवार देर शाम बिहार के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से पिछले 24 घंटों में 57 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग जख्मी हैं। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। सरकार ने आपदा के शिकार लोगों के परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा देने का एलान किया है ।

बिहार के कई इलाकों में मानसून आ चुका है और पिछले 24 घंटों में यहां तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की खबरें आ रही हैं। पटना के बिहटा में पांच, नौबतपुर में दो, रोहतास के नासरीगंज इलाके में चार लोग मारे गए। वहीं, औरंगाबाद में बाप-बेटे समेत चार लोग बिजली की चपेट में आ गए। कैमूर में चार और नालंदा में चार-चार लोगों की मौत होने की खबर है। आकाशीय बिजली से 57 लोगों की मौत को सरकार ने गंभीरता से लिया है । ये मौतें राज्य के 15 अलग-अलग जिलों में हुईं

सबसे ज्यादा मौतें पटना और रोहतास जिले में हुईं ।नीतीश कुमार ने खुद डिजास्टर मैनेजमेंट के अफसरों के साथ मीटिंग की। मारे गए लोगों की फैमिली को चार-चार लाख रुपए का चेक दिया गया है।

मानसून विभाग ने अगले तीन दिनों तक कहीं मूसलधार तो कहीं हल्की बारिश होने का अंदेशा जताया है। मंगलवार को बिहार में पूर्णिया में सबसे अधिक 83.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पटना में 17.2 मिमी बारिश हुई।

केदारनाथ जा रहे राष्ट्रपति मुख़र्जी मौसम की खराबी के चलते लौटे

नारायण सिंह,
उत्तराखंड,

मौसम में अचानक आई गड़बड़ी की वजह से केदारनाथ के दौरे पर जा रहे महामहिम प्रणब मुखर्जी को वापस लौटना पड़ा।प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ मौसम की खराबी की वजह से हेलीकॉप्टर को रास्ते से ही लौटना पड़ा। इस दौरान केदारनाथ के लिए तीन बार उड़ाने भरने की कोशिश की गई। कुछ देर उन्होंने गौचर पहुंचकर मौसम साफ होने का इंतजार भी किया।

राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी सुबह देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचे थे। यहां कुछ देर बाद रुकने के बाद उन्होंने केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी । इस दौरान राज्यपाल डॉ. केके पाल व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनका स्वागत किया।

तय समय के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे राष्ट्रपति वायु सेना के विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद वह सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर से केदारनाथ को रवाना हुए। सुबह 9.40 बजे उनका केदारनाथ पहुंचने का कार्यक्रम था। मौसम खराब होने के चलते लिनचौली से उनका हेलीकॉप्टर वापस लौट गया।

इसके बाद उनके हेलीकॉप्टर ने दो बार गौचर से गुप्तकाशी की और चक्कर लगाए, लेकिन हेलीकॉप्टर आगे नहीं जा सका। ऐसे में उनका हेलीकॉप्टर देहरादूुन की ओर रवाना हुए। खराब मौसम के चलते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी केदारबाबा के दर्शन नहीं कर पाए। लेकिन गौचर की वादियों में उन्होंने चाय की चु‌स्कियों का लुत्फ उठाया। दोपहर करीब बारह बजे वह देहरादून पहुंचकर राजभवन पहुंच गए। यहां से वह शाम छह बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

भारत ने अंतरिक्ष में एक साथ भेजा 20 उपग्रह, दर्ज़ किया नया रिकॉर्ड

शिखा पाण्डेय,

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक मिशन के तहत PSLV-C3 नामक रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा। इसके साथ ही भारत ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज़ कर लिया। इसरो ने 20 उपग्रहों का एक साथ प्रक्षेपण किया। जिनमें भारत के उपग्रह के अलावा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इंडोनेशिया के भी उपग्रह शामिल हैं।

श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी सी-34 के जरिए 20 उपग्रहों को आज प्रक्षेपित करने के लिए 48 घंटे का काउन्टडाउन सोमवार सुबह नौ बजकर 26 मिनट पर शुरू हुआ था। आज इसे सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया।

भारतीय वैज्ञानिकों की इस बेमिसाल उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। साथ ही पूरे विश्व से लोग सोशल मीडिया के ज़रिए इसरो के इस उपलब्धि की प्रशंसा कर रहे हैं।

इसरो के अनुसार 20 उपग्रहों का कुल वजन तकरीबन 1288 किलोग्राम है। कार्टोसैट-2 सीरीज के उपग्रह के साथ जिन अन्य उपग्रहों को भेजा उसमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ भारतीय विश्वविद्यालयों के भी दो उपग्रह हैं।