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Wednesday, August 5, 2026
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स्पेशल रिपोर्ट: आतंकवाद का दानव पूरे विश्व को न निगल जाए!

अनुज हनुमत,

इस समय पूरे विश्व में आतंकी घटनाएं बड़ी तेजी से बढ़ रही हैं। एक के बाद एक आतंकी हमले, जिसमें हजारों जानें गईं। ऐसा लग रहा है, मानो मनुष्य की जिंदगी का कोई मोल ही न रह गया हो! फ्रांस एक बार फिर आतंकी हमले का शिकार हुआ है। ये घटना नीस शहर में फ्रेंच नेशनल डे पर आयोजित समारोह के दौरान हुई जब एक तेज रफ्तार ट्रक भीड़ में जा घुसा और लोगों को रौंदते हुए निकल गया, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

सूचना के अनुसार पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को मार गिराया है और ट्रक उनके कब्जे में है। लेकिन फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक में बंदूकें और ग्रेनेड बरामद हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित कई राष्ट्राध्यक्षों ने इस हमले की निंदा की है।  अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले में ISIS का भी हाथ हो सकता है। लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि आखिर ऐसे आतंकी हमले कब तक होते रहेंगे ? क्या आतंकियों को रोकने दम अब किसी भी देश में नही रहा या सबके सब वैश्विक राजनीति के चलते यूँ ही अपने नागरिकों को खोते रहेंगे।

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इस वर्ष सबसे ज्यादा आतंकी हमले हुए और हजारों लोग पूरे विश्व में मारे गए। इन हमलों से प्रभावित होने वालों की संख्या करोड़ों में है। असल में सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि कुछ देश खुलकर आतंकियों का साथ दे रहे हैं, लेकिन ऐसे देशों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करना चाहता। पाकिस्तान की ही बात लें, पूरे विश्व को पता है कि पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ बना हुआ। इंटरपोल की सूची में टॉप मोस्ट वांटेड आतंकी हफीज सईद कभी लाहौर में भाषण देता देखा जा रहा है, तो कभी करांची में। लेकिन पूरा विश्व शांति से मौत के ऐसे सौदागरों को देख रहा है। खासकर महाशक्ति कहे जाने वाले विकसित देश।

सबके अपने अपने हित हैं। ऐसे मुट्ठी भर देश अपने हितों के बोझ तले पूरे विश्व को दबा कर कुचलना चाहते हैं। कुछ अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट्स की मानें तो दुनिया भर में आतंकवादी हमलों के लिहाज से वर्ष 2016 सबसे अधिक खून-खराबे वाला साल साबित हुआ है। पिछले छह महीने में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इस साल सबसे अधिक आतंकवादी हमले भी हुए हैं। इन सभी हमलों में कहीं न कहीं इस्लामिक आतंकवादियों की संलिप्तता रही है।

विकीपीडिया के मुताबिक – दुनिया के अलग-अलग इलाकों में जनवरी में 97, फरवरी में 68, मार्च में 108, अप्रैल में 150, मई में 197 और जून में 218 आतंकवादी वारदात हुए हैं। इनमें से अधिकतर आतंकवादी घटनाएं दुनिया के अखबारों की हेडलाइन नहीं बन सके थे।

आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करने वाली रूस व अमेरिका जैसी महाशक्तियों के आपसी झगड़ों का नतीजा है, आतंकवाद का मौजूदा स्वरूप।

जब तक महाशक्तियां दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल बंद नहीं करती और अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद को एक समान मानकर एक जुटकर नहीं लड़ती, तब तक आतंकवाद पर काबू पाना नामुमकिन हैं।

आतंकवाद से प्रभावित 10 देशों की सूची में भारत भी शामिल-

एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2014 में आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित रहे 10 देशों में शामिल है। इसमें यह भी कहा गया है कि दुनिया में आतंकी हमलों से होने वाली मौतों में से आधी से ज्यादा के लिए अब आईएसआईएस और बोको हराम संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2015 (जीटीआई) के अनुसार 2014 में आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित 162 देशों में भारत का छठा स्थान रहा।

भारत में आतंकवाद से संबंधित मौतों में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और मरने वालों की संख्या 416 रही। यह संख्या 2010 में हुई आतंकी घटनाओं और मौतों के बाद से सर्वाधिक है। वाशिंगटन आधारित इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की रिपोर्ट के अनुसार, वहां 763 घटनाएं हुईं। यह आंकड़ा 2013 के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा है। भारत में 2014 में दो खूंखार आतंकी समूह लश्कर ए तैयबा तथा हिज्बुल मुजाहिदीन सक्रिय रहे। पाकिस्तान आधारित लश्कर 2014 में 24 मौतों के लिए जिम्मेदार रहा, जबकि हिज्बुल मुजाहिदीन इस अवधि में 11 मौतों के लिए जिम्मेदार रहा। यह आंकड़ा पूर्व के साल की 30 मौतों से कम है। रिपोर्ट में कहा गया कि 2013 में हिज्बुल मुजाहिदीन भारत में आत्मघाती रणनीति का इस्तेमाल करने वाला एकमात्र समूह था, लेकिन 2014 में भारत में कोई आत्मघाती हमला नहीं हुआ ।

हैफा विश्वविद्यालय (इजराइल) की तरफ से किए गए एक अध्ययन में पता चला कि 90 प्रतिशत आतंकी संगठन अपने प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते है। सोशल मीडिया एक सस्ता, त्वरित और तेजी से संदेशों का प्रचार करने वाला माध्यम है। सोशल मीडिया के माध्यम से ही आतंकी समूह अपना जाल फैलाते है। नए आतंकी भर्ती करने में भी सोशल मीडिया का हाथ बहुत ज्यादा है।

स्थिति जितनी आंकड़ों में दिख रही है, इससे कहीं अधिक भयावह है। कुछ भी हो लेकिन आतंकवाद इस समय सबसे बड़ी चुनौती के रूप में पूरे विश्व के सामने है। अगर समय रहते पूरा विश्व एक साथ इस दानव (आतंकवाद) के विरुद्ध नही खड़ा हुआ, तो वो दिन दूर नहीं, जब कुछ शेष नही रहेगा। न ही मानव और न ही मानवीय मूल्य। चाहे वो अमेरिका जैसा विकसित देश हो या भारत जैसे विकासशील देश।

दुग्ध और ‘बेबी केयर’ उत्पादों में हाथ आजमाएंगे बाबा रामदेव

अब्दुल फ़हद,

पतंजलि के स्वदेशी उपभोक्ता उत्पादों की श्रेणी में विस्तार करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव अब दुग्ध और ‘बेबी केयर’ उत्पादों के कारोबार में हाथ आजमाना चाहते हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में पतंजलि के उपभोक्ता उत्पादों का कारोबार बढक़र 10,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। बाबा हरिद्वार के निकट 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अनुसंधान एवं विकास संस्थान की स्थापना करने जा रहे हैं।

बाबा रामदेव ने  कहा, ‘‘हम 1,000 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में छह प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे। इसके अलावा हम अनुसंधान एवं विकास पर 150 करोड़ रुपये खर्च करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादों जैसे दूध और पनीर के अलावा पतंजलि के नए उत्पादों की श्रेणी में पशुपालन और चारा, हाथ के बुने हुए खादी वस्त्र, और ‘बेबी केयर’ उत्पाद शामिल होंगे।

हरिद्वार के निकट पदार्थों में स्थित पतंजलि का ‘फूड पार्क’ 170 एकड़ में फैला हुआ है और यहां 10,000 स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का सृजन होता है। पतंजलि की दूसरी बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाई महाराष्ट्र के नागपुर में 600 एकड़ में स्थापित होने जा रही है।a

सावधान! लिपस्टिक आपकी जान न ले ले!

अब्दुल फ़हद,

लिपस्टिक महिलाओं की मेकअप किट का एक बेहद अहम हिस्सा है, इससे चेहरे पर एक अलग ही निखार आ जाता है। लेकिन यह सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह साबित हो सकती है। एक नए अध्ययन के अनुसार, लिपस्टिक दिमाग के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है।

अध्ययन के अनुसार अधिकतर लिपस्टिक उत्पादों में सीसा मौजूद होता है, जिसकी हल्की मात्रा के संपर्क में आने से भी दिमाग, व्यवहार और सीखने की क्षमता प्रभावित होती है।

एक अमेरिकी पत्रिका द्वारा कराए गए अध्ययन में 22 लिपस्टिक ब्रांडों को शामिल किया था। इनमें 55 प्रतिशत लिपस्टिकों में जहरीले तत्व की निहित मात्रा पाई गई। अंडरराइटर्स प्रयोगशाला में की गई जांच में 12 लिपस्टिक उत्पादों में सीसा पाया गया।

इनमें सीसा का उच्चतम स्तर पाया गया। बोस्टन सीसा विषाक्तता रोकथाम कार्यक्रम के चिकित्सा निदेशक पॉल फ्रे ने चेतावनी देते हुए कहा कि सीसे की कम मात्रा के संपर्क में आने से भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।

पॉल फ्रे ने कहा कि ऐसा पता चला है कि सीसे की कम मात्रा भी आपके दिमाग, आपके व्यवहार और सीखने की क्षमता पर प्रभाव डाल सकती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिमों की अनुसूचित जातियों के आरक्षण संबंधी याचिका खारिज की

आनंद द्विवेदी

एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हिंदुओं की अनुसूचित जातियों की तरह, मुस्लिमों को भी आरक्षण दिए जाने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस अहम फैसले के दौरान मुस्लिमों को जनजातीय आरक्षण दिए जाने और हिंदुओं, सिखों और बौद्धों की जातीय आरक्षण को रद किये जाने की मांग को खारिज कर दिया।

जस्टिस वीके शुक्ल व जस्टिस एमसी त्रिपाठी की बेन्च ने एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स द्वारा दायर की गई इस याचिका पर ये फैसला दिया है।

याचिका के कथनानुसार, प्रेसिडेंसी रूल्स 1950 के नियम 3 के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति का दर्ज़ा केवल हिंदुओं, बौद्धों,सिखों व जैन समुदाय के दलितों एवं आदिवासियों को दिया गया है और वे ही इसका लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जबकि इन्हीं परिस्थितियों में रह रहे मुस्लिमों को भी SC, ST में शामिल किया जाना चाहिए।

इसी याचिका में संविधान के आर्टिकल 341(3) को ख़त्म किये जाने की गुहार लगाई गई थी। याचना के अनुसार धर्म आधारित भेदभाव असंवैधानिक है। जातीय आरक्षण का लाभ मुस्लिमों के अतिरिक्त अन्य मजहबों को देकर संविधान के आर्टिकल्स 14, 16, 19, 21 के प्रावधानों की अवहेलना की जा रही है। माननीय न्यायालय ने उक्त याचिका को कमजोर मानते हुये बिना हस्तक्षेप खारिज कर दिया।

‘आतंक का साथ देने’ वाले बयान पर शिवपाल की सफाई, कहा- ज़ुबान फिसल गई थी

अनुज हनुमत, 

लखनऊ। आखिरकार वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री शिवपाल यादव को सफाई देने के लिए मीडिया के सामने आना ही पड़ा। आतंकवाद को लेकर अपनी ही पार्टी को कठघरे में खड़े करने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शिवपाल ने वायरल हुए अपने वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह आतंकवाद के खिलाफ है और हमेशा इसका विरोध किया है।

शिवपाल ने कहा कि आंतकवाद का हमने हमेशा विरोध किया है और उस दिन भी मैंने आतंकवाद के खिलाफ ही बोला, दंगाइयों के खिलाफ बोला। मैंने कहा कि आतंकवाद पर रोक लगना चाहिए, लेकिन हमारे टंग से स्लिप हो गया, क्लेरिफिकेशन दे दिया था उसी दिन। घबराए हुए लोग हैं, षडयंत्र करते रहते हैं। टंग स्लिप हुआ था, जिसका हमें खेद है। अगर टीवी पर पूरा चलाते तो साफ हो सकता था। इसके बाद मेरा क्लेरिफिकेशन नहीं चलाया। ये हमारी पार्टी के खिलाफ षडयंत्र है।

यादव ने कहा कि मैंने हमेशा आंतकवादियों के खिलाफ बोला है। हमें एक होकर आंतकवाद को खत्म करना होगा। ये हमेशा दंगा कराने वाले लोग हैं, जिन्होंने कैराना में प्रयास किया, मुज्जफरनगर में कराया, षडयंत्र करने वाले लोग हमारे खिलाफ हैं।

बता दें कि लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सपा को आतंकवादियों और देशद्रोहियों का हिमायती बता दिया था। उन्होंने बड़बोलेपन में कह दिया कि हां, हमारी पार्टी आतंकवादियों और देशद्रोहियों की हिमायती है। उनके इस बयान का वीडियो वायरल हो गया था और उनकी जमकर खिंचाई हो रही थी। सबसे ज्यादा सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ, जिसके कारण अंततः मंत्री जी को अपनी गलती का एहसास हुआ । अब इस बयान से पार्टी को कितना नुकसान होगा ये तो आने वाले चुनाव के परिणाम ही बताएँगे लेकिन इस वीडियो के वायरल होने से जनता के बीच पार्टी की किरकिरी बहुत हुई है।

नेशनल डे पर फ्रांस में हाहाकार, आतंकी ने ट्रक से 80 लोगों को रौंदा

ब्यूरो,

फ्रांस के नीस शहर में फ्रेंच नेशनल डे पर आयोजित समारोह के दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक भीड़ में जा घुसा और लोगो को रौंदते हुए निकल गया, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस घटना के पीछे आतंकी हमले की आशंक जताई जा रही है, लेकिन इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक जानकरी नहीं मिली है।

फ्रांसीसी अधिकारियों और फ्रेंच मीडिया के अनुसार ये घटना नीस शहर के फ्रेंच रिवेरा रिसॉर्ट के पास उस समय घटित हुई, जब बैस्टिल डे के मौके पर परंपरागत आतिशबाजी समारोह का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान ट्रक भीड़ में जा घुसा और सैकड़ों लोगों को रौंदते हुए चला गया। एक अधिकारी ने कहा है कि ड्राइवर ट्रक को भीड़ में लगभग दो किलोमीटर तक दौड़ाता रहा, जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी।

एक चश्मदीद ने बताया कि हम नीस शहर के पुराने इलाक़े में बैठे थे कि अचानक डरे हुए सैकड़ों लोग भागते हमारी ओर आए। उन्होंने बताया कि सभी को यहां से भागना चाहिए और हम भी आगे की ओर भागने लगे। उसने बताया कि जब हम नीस के क़िले वाले पहाड़ की तलहटी में पहुंचे तो पुलिस दौड़ती हुई आई और कहा कि आप आगे भागते रहिए।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ओलांद ने कहा कि पूरा फ्रांस ‘इस्लामिक आतंकवाद’ के निशाने पर है। देश में जारी आपातकाल को तीन माह के लिए बढ़ा दिया जाएगा जिसके लिए संसद में क़ानून पारित किया जाएगा। आपको बता दे कि यह आपातकाल 26 जुलाई को समाप्त हो रहा था।

बता दें की इस शहर में बहुत भारतीय भी रहते हैं लेकिन अभी तक किसी भारतीय के हताहत होने की खबर नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा सहित कई राष्ट्राध्यक्षों ने इस हमले की निंदा की है। अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमलें में ISIS का भी हाथ हो सकता है।

JDU विधायक ने शराब पीकर नितीश के फैसले को कहा फ़िज़ूल, पार्टी से निलंबित

अब्दुल फ़हद,

बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के पूर्व विधायक ललन राम पर दोहरी गाज गिरी है। ललन के शराब पी रहे वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने बुधवार रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जद (यू) ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। ललन राम जद (यू) में संगठन सचिव थे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने गुरुवार को बताया कि पूर्व विधायक को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

इससे पहले ही औरंगाबाद जिले में कुटुंबा के पूर्व जद (यू) विधायक ललन को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन पर नए उत्पाद एवं मद्य निषेध कानून के उल्लंघन का आरोप है, जिसे लेकर कुटुंबा थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा चुकी है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव के.के. पाठक ने बुधवार को औरंगाबाद के डीएम को उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को पूर्व विधायक का खुलेआम शराब पीते हुए वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया था। वीडियो में पूर्व विधायक ललन राम न केवल बियर पीते दिख रहे, बल्कि बातचीत के दौरान वह नीतीश कुमार की शराबबंदी के फैसले को भी फिजूल बताते दिखे। वहीं, पूर्व विधायक ने इस वीडियो को खुद को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह वीडियो पुराना हो सकता है, जिससे छेडड़ाड़ कर चलाया जा रहा है।

सैयद अकबरुद्दीन ने यूएन में पाकिस्तान की उड़ाई धज्जियाँ

ब्यूरो,

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने पाकिस्तान की आज धज्जियाँ उड़ा दीं। दरअसल यूएन जनरल असेम्बली में पाकिस्तान की प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने पर अपना पाकिस्तानी आतंक प्रेम उड़ेला था, इसे भारत में एक्स्ट्रा जुडिशियल किलिंग करार दिया था। आज जब सैयद अकबरुद्दीन ने बोलना शुरू किया तो, पाकिस्तान को जमकर लताड़ा और उसकी हक़ीक़त से दुनिया को रूबरू करवाया।

सैयद अकबरुद्दीन ने कहा,”पाकिस्तान आतंकवादियों का गुणगान कर रहा है। पाकिस्तान ने आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी बना ली है और लोगों को गुमराह कर रहा है। पाकिस्तान आतंकियों का ‘गुणगान’ करता है और दूसरों के भूभाग के लालच में आतंकवाद का इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर करता है।

अकबरूद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों का गुणगान करता है और इसे इसके ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ की वजह से ही अब तक संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संगठन में सदस्यता नहीं मिल सकी है। साथ ही यूएन के इस मंच का पाकिस्तान ने आतंकवाद समर्थन करके दुरूपयोग किया है।

इनकी वजह से कार्टून की दुनिया को मिले गुदगुदाने वाले ‘स्कूबी डू’ और ‘टॉम एन्ड जेरी’

शिखा पाण्डेय,

मस्ती और मनोरंजन से भरपूर ‘टॉम एंड जेरी’ शो को कौन भूल सकता है? बच्चा हो या बूढ़ा, सबको हंसा हंसा के लोटपोट करने वाला यह कार्यक्रम दरअसल विलियम हन्ना की देन है। विलियम हन्ना एक अमेरिकन एनिमेटर, निर्माता, निर्देशक, कार्टून आर्टिस्ट, वॉइस आर्टिस्ट, इसके अलावा कई प्रतिभाओं के धनी थे। उनकी फिल्मों व कार्टून कैरेक्टर्स 20वीं सदी का सबसे मनोरंजक हिस्सा रहे और अब भी करोड़ों दिलों पर राज कर रहे हैं।

विलियम हन्ना का जन्म 14 जुलाई,1910 को हुआ था। शुरुवाती दौर में कुछ अलग-थलग काम करने के बाद हन्ना ने एनीमेशन क्षेत्र में 1930 में कदम रखा। उन्होंने 1930 में ‘हर्मन एंड आईसिंग एनीमेशन स्टूडियो’ से अपने इस सफर की शुरुवात की। 1930 के दशक के दौरान उन्होंने ‘कैप्टन एंड द किंग’ जैसे कार्टून करैक्टर्स पर काम करने की कई बारीकियां सीखीं।

इसी दौरान उनके जीवन में उस शख्स का आगमन हुआ, जिसके साथ वे सफलता की बुलंदियों पर पहुंचे। 1937 में मेट्रो गोल्डविन मेयर (एमजीएम) में काम करने के दौरान उनकी मुलाकात जोसेफ बार्बरा से हुई। बस यहीं से सफ़र शुरू हुआ, नटखट टॉम एंड जेरी की नोक झोंक का। दोनों ने मिलकर ‘टॉम एंड जेरी’ व एनिमेटेड हाइब्रिड फिल्मों का निर्माण शुरू किया।

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1957 में दोनों ने मिलकर ‘हन्ना बार्बरा’ स्टूडियो की स्थापना की जो सबसे सफल टेलीविज़न एनीमेशन स्टूडियो बना। इस स्टूडियो की स्थापना के बाद उन्होंने ‘द फ्लिंटस्टंस’, ‘द हकलबेरी हाउंड शो’, ‘द जेटसन्स’ ‘स्कूबी डू’, ‘द स्मर्फ’ और ‘योगी बेयर’ का निर्माण किया।

सन् 1967 में ‘हन्ना बार्बरा’ ‘टाफ्ट ब्रॉडकास्टिंग’ को 12 मिलियन डॉलर्स में बेच दिया गया लेकिन हन्ना और बार्बरा वर्ष 1991 तक इस कंपनी के कर्ता धर्ता रहे। उस दरम्यान स्टूडियो ‘टर्नर ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम’ को बेचा गया, जिसका ‘टाइम वॉर्नर’ के साथ 1996 में विलय हुआ। इस दौरान भी हन्ना और बार्बरा सलाहकार के रूप में स्टूडियो के साथ बने रहे।

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हन्ना और बार्बरा ने 7 अकादमी व 8 एमी अवार्ड्स जीते। उनके द्वारा बनाए गए कार्टून कैरक्टर्स अपने आप में एक पहचान बन गए और उन कैरक्टर्स पर आगे चलकर फिल्में बनीं व किताबें लिखी गईं। 1960 के ही दशक में हन्ना बार्बरा के कार्यक्रमों के दुनिया भर में करीब 300 मिलियन से ज़्यादा चाहने वाले थे और आगे चलकर तो उनके कार्यक्रमों का लगभग 28 से अधिक भाषाओं में अनुवाद हुआ। उनके द्वारा बनाये गए कार्टून कैरक्टर्स ने अपने साथ उनका भी नाम अमर कर दिया।

सलमान का बयान असंवेदनशील, बोलते समय ध्यान देना चाहिए – अनुष्का शर्मा

एंटरटेनमेंट डेस्क,

सलमान खान के ‘रेप पीड़िता’ वाले बयान के बाद कई सेलीब्रिटीज ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। अब सुल्तान फ़िल्म में सलमान की सह अभीनेत्री रही अनुष्‍का शर्मा ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अनुष्‍का ने ‘फेस टाइम’ नामक शो पर सलमान के इस बयान को असंवेदनशील बताया है। उन्होंने इस विषय में बात करते हुए पहले तो यह कहा,”उन्‍होंने किस बात पर ऐसा बयान दिया यह मुझे देखना होगा क्‍योंकि उस वक्‍त मैं वहां मौजूद नहीं थी।”

फिर उन्‍होंने  कहा, “हम सबका मनना है कि य‍ह बयान असंवेदनशील था। मैं इसे लेकर हुई बहस को भी देख चुकी हूं। यह बात सुनकर मैं भी हैरान हुई थी। मुझे इस बात का अहसास हुआ कि सिर्फ सेलीब्रिटीज को ही नहीं, सबको अपनी बात रखते समय अपनी जिम्‍मेदारियों का अहसास होना चाहिये।”

अनुष्का ने कहा, ‘खासकर सेलीब्रिटीज को इस बात का खास ध्‍यान देना चाहिये। हमें अपने शब्‍दों को चुनने में सावधानी बरतनी चाहिये। ऐसा कुछ नहीं बोलना चाहिये, जो असंवेदनशील हो। मुझे ऐसा भी लगता है कि आजकल महिलाओं को वो सम्‍मान नहीं मिल रहा है, जिसकी वे हकदार हैं। मुझे लगता है कि इसके बाद लोग इससे सबक लेंगे।”

जब अनुष्‍का से पूछा गया कि क्‍या उन्‍होंने इस बारे में सलमान से बात की, तो जवाब में अनुष्‍का ने कहा, “मेरे और  सलमान के बीच बस प्रोफेशनल रिश्‍ता है। हम दोनों ने एक फिल्‍म में साथ काम किया है, लेकिन हमारी दोस्ती इतनी गहरी नहीं है कि हम हर बात एकदूसरे से शेयर करें। इसलिए मैं उन्‍हें कैसे समझा सकती हूं कि उन्‍हें क्‍या करना चाहिये क्या नहीं।”