28 C
Mumbai
Wednesday, August 5, 2026
Home Blog Page 1198

नवाज़ का आतंक प्रेम, पाक में ब्लैक डे की घोषणा

आनंद द्विवेदी,

आतंक और आतंकवादियों का ड्रीमलैंड माने जाने वाले पाकिस्तान ने एक बार फिर दुनिया को ये बता दिया है कि मासूम बच्चों के स्कूल में क़त्ल किये जाने जैसी भयानक घटना से उसके नापाक मंसूबों को कोई फ़र्क नहीं पड़ता। वो ऐसे ही आतंकवादियों को शरण, सामर्थ्य, सहानुभूति प्रदान करते रहेंगे। लश्कर,हिज्बुल जैसे न जाने कितने ही आतंकी संगठनों की ख़ाबगाह पाकिस्तान बना हुआ है।

आतंकवादियों से पाकिस्तानी प्रेम जगजाहिर है। कल ही यूएन जनरल एसेम्बली में पाक राजदूत ने अपने आतंक प्रेम का रोना रोया था और बुरहान वानी के समर्थन में भारत पर संगीन आरोप लगाये थे। जिसके जवाब में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने इन्हें जमकर लताड़ा था।

पिछले कुछ दिनों में हिज्बुल कमाण्डर बुरहान वानी की मौत से पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को ऐसा सदमा लगा है कि वो बेचैन हो उठे हैं। उन्होंने आतंकी बुरहान वानी को शहीद करार दिया है और उसकी याद में मंगलवार को पाकिस्तान में ब्लैक डे मनाये जाने का ऐलान कर दिया है।

इस्लामाबाद में एक हाई प्रोफाइल मीटिंग में पीएम शरीफ समेत सेना के शीर्ष अधिकारियों ने बैठक की और ब्लैक डे मनाने का फैसला किया। पाकिस्तान का कहना है कि भारत, कश्मीर में अवाम की आवाज़ को दबाना चाहता है इसलिए ऐसा कर रहा है।

दरअसल भारत ने पाकिस्तान को अंदरुनी मामलों में दखल देने के लिए फटकार लगाई थी। साथ ही भारत ने इस बैठक पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग देकर भारत की सरज़मीं पर वारदातों को अंज़ाम देने के लिए भेजता है। आतंकवाद को पाकिस्तान का भरपूर समर्थन प्राप्त है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया में लगातार अशांति और अस्थिरता फैलाये रखना चाहता है।

पाकिस्तान अातंकवाद के समर्थन में दुनिया में ये सन्देश देना चाहता है कि उनका देश किसी भी कीमत पर आतंकवादियों का साथ नहीं छोड़ेगा। बुरहान वानी के प्रति अगाढ़ स्नेह बरसाया जा रहा है। शायद नवाज़ शरीफ ये भूल रहे हैं कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी उनसे बेहद प्रेमपूर्ण व्यवहार रखने के हिमायती हैं। आतंकवादी घटनाओं का शिकार पाकिस्तान खुद भी रहा जिसमें उसने अपने मासूम बच्चों को खोया। इस सब के बावजूद पाक सरकार अपने नापाक इरादों में कोई परिवर्तन नहीं ला रही है।

गोल्डन मैन फुगे की निर्मम हत्या, पत्थरों से कूच कूचकर मार डाला

अभिजीत मिश्र,

कुछ साल पहले 1.27 करोड़ की सोने की शर्ट पहनकर सारे भारत में सुर्खियों में आने वाले 44 वर्षीय दत्तात्रेय फुगे की शुक्रवार को चार लोगों  ने मिल कर बेरहमी से पत्थरों से कूच कूचकर हत्या कर दी है।

पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि फुगे खुद की एक चिट फण्ड कंपनी चलाते थे, जिसमें उन्होंने कई निवेशकों से लोगों से लाखों रूपए लिए हुए थे। कुछ निवेशकों ने फुगे पर समय से पैसे न लौटाने के आरोप भी लगाए थे। कुछ दिन पहले ही फुगे की कुछ लोगों से पैसों के कारण  आपसी विवाद भी हुआ था।

सोने की शर्ट पहनने के कारण फुगे सुर्खियों में आये थे। शर्ट का वजन करीब साढ़े तीन किलो था और शर्ट पूरी सोने से बनी हुई थी, जिसकी कीमत सवा करोड़ रूपए थी। फुगे को पुणे में गोल्डन मैन के नाम से भी जाना जाता था। उनकी पत्नी पार्षद रह चुकी है।

इनफ़ोसिस की आय 11 प्रतिशत बढ़कर 2.5 अरब डालर हुई

ब्यूरो,

इंफोसिस प्रमुख विशाल सिक्का ने आज कहा कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के निर्णय से निकट भविष्य में अनिश्चितता भले उत्पन्न हुई है, लेकिन उन्होंने उम्मीद है कि यह आय में वृद्धि के अवसर भी पैदा करेगा, क्योंकि मध्यम अवधि से दीर्घकाल में प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए नई मांग भी आएगी।

सिक्का ने कहा, “इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अब तक ब्रेक्जिट का हम पर कोई प्रभाव नहीं हुआ है। “कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2016-17 के लिये आय वृद्धि के अनुमान को कम कर 10.5 से 12 प्रतिशत के बीच कर दिया है। पहले इसके 11.5 से 13.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। कंपनी ने वृहत आर्थिक अनिश्चितता का हवाला देते हुए आय वृद्धि के अनुमान को कम किया है।

सिक्का ने आज भरोसा जताया कि आईटी कंपनी के पास 2020 तक 20 अरब डालर की आय हासिल करने की महत्वकांक्षा पूरा करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि किसी एक तिमाही का प्रदर्शन इस लक्ष्य को हासिल करने के रास्ते में रोड़ा नहीं बनेगा।

उन्होंने बताया कि कंपनी ने कनिष्ठ से लेकर मध्यम स्तर के प्रबंधन स्टाफ के लिये स्टाक विकल्प योजना (ईसॉप) को फिर से जारी किया है। कंपनी ने यह कदम कंपनी छोड़कर जाने वाले कर्मचारियों की संख्या में कमी लाने के लिये उठाया है। आपको बता दें कि इंफोसिस का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.4 प्रतिशत बढ़कर 51.1 करोड़ डालर जबकि कंपनी की आय करीब 11 प्रतिशत बढ़कर 2.5 अरब डालर हो गई।

56 इंच का सीना नहीं, अधिकार चाहिए -हार्दिक पटेल

शिखा पाण्डेय,

आज 9 महीने बाद जेल से जमानत पर रिहा होते ही हार्दिक पटेल ने दोबारा आग उगलनी शुरू कर दी है। गुजरात उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद हार्दिक पटेल नौ महीने बाद आज लाजपोर जेल से बाहर आया और आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा , “हमें 56 इंच का सीना नहीं, बल्कि अपने समुदाय के लिए अधिकार चाहिए।”

जेल से बाहर आकर हार्दिक ने पत्रकारों से कहा कि वो ओबीसी कोटा के तहत अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए हार्दिक ने कहा, “मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे ऊंचाई, वजन या 56 इंच का सीना नहीं चाहिए। मुझे तो अपने समुदाय के लिए अधिकार चाहिए।” हार्दिक ने कहा,” हमारा आंदोलन जारी रहेगा, बस हमारे काम करने के तरीके में बदलाव आएगा लेकिन हमारे तेवर ऐसे ही बने रहेंगे।”

हार्दिक ने कहा, “राज्य सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं। अगले छह महीने हम सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। हमारी मांग ओबासी कोटा के तहत आरक्षण की है। समय आने पर हम देखेंगे कि आंदोलन से हमने क्या खोया और क्या पाया और उसी के बाद उचित प्रतिक्रिया देंगे।”

ज़रूरत पड़ी तो राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे आंदोलन-

हार्दिक ने कहा, “सरकार से अब तक हमें जो भी मिला है हम उसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं, लेकिन हमें वह नहीं मिला है जिसकी हमने मांग की थी। इसलिए पहले तो हम सरकार से यह मांग पूरी करने का आग्रह करते हैं।” पटेल ने संकेत दिए हैं कि आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक फैलाने के लिए वे कुर्मी समुदाय को भी इसमें शामिल करेंगे।

सूरत में अपने समर्थकों के साथ रोड शो शुरु करने से पहले पत्रकारों से बातचीत में हार्दिक ने सभी पार्टियों को इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ नहीं उठाने की चेतावनी दी। हार्दिक ने कहा, “आंदोलन किसी एक राजनीतिक पार्टी की बपौती नहीं है। किसी पार्टी को इसका राजनीतिक फायदा उठाने का सोचना भी नहीं चाहिए। यह आंदोलन केवल मेरे या किसी और के चाहने से नहीं रुकने वाला। यह तभी खत्म होगा जब पटेल समुदाय को उसके अधिकार मिल जाएंगे।”

आपको बता दें कि हार्दिक को पिछले साल अक्तूबर में गिरफ्तार किया गया था।पिछले हफ्ते हार्दिक को राजद्रोह के  मामले में जमानत देते हुए अदालत ने यह शर्त लगाई थी कि अगले छह महीनों तक हार्दिक को गुजरात से बाहर रहना होगा। अदालत के आदेश के मुताबिक हार्दिक को जेल से रिहाई के 48 घंटों के भीतर गुजरात छोड़ना पड़ेगा। अब अपने राज्य निकाले के ये 6 महीने हार्दिक राजस्थान के उदयपुर में बिताएगा।

मैं भगवान नहीं, जो किसी के जीत-हार के बारे में बताऊँ

शिखा पाण्डेय,

कांग्रेस द्वारा शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने व राज बब्बर को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर और उनकी जीत-हार पर अमर सिंह ने बयान दिया है कि मैं भगवान नहीं हूँ, जो बता दूँ कि कांग्रेस जीतेगी या नहीं।

अमर सिंह ने कांग्रेस की जीत पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, “देश में लोकशाही है। यह कांग्रेस का अधिकार है, वह किसी को भी उतारे। मैं भगवान नहीं हूँ, जो बता दूं कि वे जीतेंगे या नहीं।”

यूपी में ख़राब कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी द्वारा लखनऊ में सीएम आवास के घेराव पर अमर सिंह ने कहा कि वो छत्तीसगढ़ में जाकर घेराव करें जहां मां-बहनों के साथ रेप हुआ। वहां पर नक्सलवादी हावी हैं।”

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अखिलेश के पास उन लोगों को पवित्र करने के लिए गंगाजल नहीं है, जो सरकार में गुंडे हैं, ऐसा गंगाजल बीजेपी में अमित शाह के पास है।”

आदित्यनाथ यशस्वी हों लेकिन विजयी न हों-

योगी आदित्यनाथ पर अमर सिंह ने कहा कि, ”वो पीठाधीश्वर हैं। मैं उनको प्रणाम करता हूं। वो यश्यश्वी हों, लेकिन विजयी ना हों।” आपको बता दें कि हाल ही में कानपुर में बजरंग दल की प्रांतीय बैठक में योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया था।

आजम खान की नाराज़गी को लेकर जब उनसे  सवाल किया गया, तब अमर सिंह ने कहा, “मुलायम सिंह के दिल में जगह बना ली है, एक दिन आजम खान के दिल में भी जगह बना लेंगे।”

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य अमर सिंह कानपुर में आज एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये थे, जहां उन्होंने मीडिया के सवालों का खुलकर जवाब दिया।

ऑगस्टा घोटाले में इस साल हो सकता है आरोप पत्र दाखिल, नप सकते हैं सोनिया, मनमोहन

आनंद द्विवेदी,

सुप्रीम कोर्ट में ऑगस्टा वेस्टलैंड घोटाले मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा है कि 2013 में FIR दर्ज़ की गई थी और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जांच शुरू कर दी थी, जिसमें आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष इस वर्ष दाखिल किये जायेंगे ऐसा संभावित है।

जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस सी नागप्पन की ज्वाइंट बेन्च ने सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार के आवेदन पर विचार करते हुए उस PIL को निर्णीत कर दिया, जिसमें न्यायालय से एसआईटी, कुछ राजनेताओं, व अन्य के विरुद्ध FIR दर्ज़ करने के आदेश दिए जाने की गुहार लगाई गई थी। गौरतलब है कि कथित तौर पे इन सभी के नाम इटैलियन कोर्ट के फैसले में शामिल पाये गए थे।

एडवोकेट एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका के सम्बन्ध में भी 6 मई को सरकार से जवाब माँगा गया था। उक्त याचिका में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, समेत तमाम अन्य नेताओं के विरुद्ध FIR दर्ज़ किये जाने की मांग की गई थी। इनके नाम इटैलियन  कोर्ट के फैसले में शामिल थे।

सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि कोई भी देश के कानून से ऊपर नहीं है तथा मामले को गहन जांच जारी है, जिसके बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त, 6 सुरक्षाकर्मी घायल

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

आज पश्चिम बंगाल में दार्जीलिंग से बागडोगरा जाते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस सड़क हादसे में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, घना कोहरा होने से सुरक्षा कार एक मोड़ पर गड्ढे में जा गिरी। इस काफिले में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। इस हादसे में घायल सुरक्षाकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ममता बनर्जी के साथ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस की नेता श्रर्मिष्ठा और भाई अभिजित भी साथ थे।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का काफिला दार्जीलिंग के सोनादा से गुजर रहा था, तभी घने कोहरे के कारण रास्ता साफ दिखाई न देने से एक कार मोड़ पर एक गड्ढे में गिर गई। इस दुर्घटना के तुरंटी बाद बचाव कार्य की निगरानी खुद ममता बनर्जी की देखरेख में की गई और गड्ढे से सभी सुरक्षा कर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। ममता बनर्जी ने राहत टीम के लिए इनाम की घोषणा की भी की है।

राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित-

राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से एक ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी गई और बताया गया है कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों में राष्ट्रपति की सुरक्षा प्रबंध से जुडे अधिकारी ए.पी. सिंह शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारी बारिश एवं घने कोहरे के कारण राष्ट्रपति को सड़क मार्ग से यात्रा करनी पडी, क्योंकि भारतीय वायु सेना का हेलीकॉप्टर उडान नहीं भर सका। इस दुर्घटना की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजामणि ने कहा कि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं।

सांसद एवं राष्ट्रपति के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी बचाव अभियान में मदद की। इस संबंध में एडीसी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब वाहन मुड़ रहा था। उन्होंने बताया कि घायल हुए सभी सुरक्षा कर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का वाहन राष्ट्रपति के काफिले के पीछे था। बता दें कि राष्ट्रपति चार दिवसीय दौरे पर 12 जुलाई को दाजीर्लिंग आए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बैनर्जी  से की बात-

पश्चिम बंगाल में दार्जीलिंग से बागडोगरा जाते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काफिले की एक कार खाई में गिरने की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है। घायल सुरक्षाकर्मियों को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भरती करा दिया गया है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  बागडोगरा की ओर रवाना हो गये हैं। राज्य के उत्तर बंगाल मामलों के मंत्री गौतम देव शीघ्र ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस दुर्घटना में घायल सुरक्षाकर्मियों के नाम हैं- एसएस सीआइडी दीपक शंकर रूद्र, आइपीएस सीएसएलओ एपी सिंह, एसआइ पीयूश, एसआइ एसके विश्वास (दार्जिलिंग) तथा ड्राइवर गौतम सेन। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी भी सुरक्षाकर्मी को इस घटना में गहरी चोट नहीं आई है।

ज़ाकिर नाईक ने कहा- 10 टीवी चैनलों के खिलाफ मानहानि का मामला दायर करूँगा

अमित द्विवेदी,

शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाईक ने भारतीय मीडिया पर भी हमला किया। ज़ाकिर ने कहा कि भारत के तमाम मीडिया हाउस उनका ट्रायल करने में लगे हैं। ज़ाकिर ने कहा कि मैं देश के 10 बड़े चैनलों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने वाला हूं। उन्होंने कहा कि मीडिया ने मेरे बयानों को तोड़ा मरोड़ा और उसे मुद्दे से बाहर ले जाकर पेश किया।

वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए अपनी बात रखते हुए ज़ाकिर ने वर्तमान में हो रही आतंकी घटनाओं की निंदा की। नाईक ने कहा कि यदि मीडिया बायस्ड न होकर मुक्त सोच के साथ विश्लेषण करेगी तो उन्हें समझ में आएगा कि मैंने किसी को भड़काने का काम नहीं किया है।

नाईक के IRF को मिले लगभग 8 मिलियन पाउंड में से एक बड़ा हिस्सा पीस टीवी के खाते में ट्रान्सफर होने की बात सामने आई है। खबर है कि पीस टीवी पर भी कर विभाग की नज़र है। अब देखना है कि ज़ाकिर के भारत आने पर सरकार और जांच एजेंसियां क्या कर्यवाही करती हैं।

संकटमोचन मिशन: सूडान से 156 भारतीय स्वदेश पहुंचे

अनुज हनुमत,

एक बड़े मिशन के तहत जनरल वीके सिंह को दक्षिण सूडान भेज गया था और जाते ही उनके नेतृत्व का असर दिखने लगा है। आज युद्ध प्रभावित दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा से 156 लोग स्वदेश पहुंचे। विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय वायु सेना का विमान सी-17 आज तडके इन भारतीयों को लेकर यहां पहुंचा।

अपनी सरजमीं में लैंड करते ही भारतीयों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि अभी भी कई भारतीय वहां फंसे हुए हैं और हिंसा की वजह से 156 लोगों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। फंसे हुए लोगों में दो नेपाली नागरिक शामिल हैं। सूडान से भारत लौटे कुल 156 लोगों में नौ महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं। सुबह दक्षिण सूडान से यहां आया विमान कुछ देर के लिए जब हवाईअड्डे पर उतरा तो उसमें से केरल तथा तमिलनाडु के कुछ लोग उतरे और इसके बाद फिर विमान दिल्ली के लिए रवाना हो गया।

विमान से यात्रियों के साथ वापस आये विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने हवाईअड्डे पर संवाददाताओं को बताया कि 156 लोगों को वहां से निकाला गया है, जिनमें से दो नेपाल के नागरिक हैं। अभी भी जुबा में 550 से अधिक भारतीय हैं तथा 150 भारतीय उन जगहों पर हैं, जहां तेल के कुएं स्थित हैं। श्री सिंह ने कहा, ‘‘हमारे साथ 156 लोग आए हैं और तकरीबन 30 से 40 लोगों ने उस समय अपना टिकट आरक्षित करा लिया था, जब वाणिज्यिक उडानें शुरु हुई थीं ।

प्रेस कांफ्रेंस में ज़ाकिर ने खुद को बताया शांतिदूत, कहा- देशहित में आत्मघाती हमला जायज़

शिखा पाण्डेय,

विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक ने स्काईप के जरिये शुक्रवार को दक्षिण मुंबई के मजगांव इलाके में मीडिया को संबोधित किया। प्रेस कांफ्रेंस में जाकिर ने खुद को शांति दूत बताया। जाकिर ने कहा कि मैं आतंकी हमले की निंदा करता हूं। निर्दोष लोगों की हत्‍या इस्‍लाम में हराम है। मेरा मीडिया ट्रायल हो रहा है जिसे बंद करना चाहिए।

जाकिर ने आज प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत एक इस्‍लामिक प्रार्थना के साथ की व फ्रांस में हुए आतंकी हमले की निंदा की। फ्रांस हमले की निंदा करते हुए नाईक ने कहा, “निर्दोष लोगों की हत्या इस्लाम में हराम है। मैं फ्रांस हमले की निंदा करता हूं।” जाकिर ने कहा कि टीवी पर उसके ऊपर लगाए गए सभी आरोपों के जवाब उसने दे दिए हैं। ये सभी जवाब पेन ड्राइव में दर्ज हैं।

जाकिर ने कहा कि इस्लाम में आत्मघाती हमले की इजाजत नहीं,मैं हमेशा से इसकी निंदा करता रहा हूँ। हालांकि उसने कहा कि देशहित में आत्मघाती हमले की इजाजत दी जा सकती है।

जाकिर नाईक ने कहा कि मैंने कभी किसी को आतंक के लिए प्रेरित नहीं किया। मेरे जवाब को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिन्होंने यह किया उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरा ऐसा कोई विडियो दिखाइए, जहां मैंने किसी आत्मघाती हमले की निंदा नहीं की हो।” जाकिर नाईक ने माना कि उन्हें भारत के मुस्लिमों की साक्षरता दर के बारे में जानकारी नहीं है।