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Wednesday, August 5, 2026
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शशि थरूर के विमान में गड़बड़ी होने से इमरजेंसी लैंडिंग, प्रभु से की स्लीपर क्लास टिकट की मांग

अभिजीत मिश्र,

कांग्रेस के जाने माने नेता शशि थरूर शुक्रवार को गया से दिल्ली की ओर जा रहे थे, 10 मिनट में ही प्लेन में तकनीकी खराबी आ जाने की वजह से उन्हें गया में ही इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

थरूर को दिल्ली पहुंचना आवश्यक था, उन्होंने रेलवे मिनिस्टर सुरेश प्रभु को ट्वीट कर के मदद की गुहार लगाई ओर उनसे कहा, “क्या मुझे आज गया से दिल्ली के लिए राजधानी में स्लीपर क्लास की टिकट मिल सकती है ? उन्होंने कहा, अगर मुझे टिकट मिल जाती है तो में अपना कुछ ज़रूरी काम भी निपटा लूंगा।

थरूर ने कहा कि भगवान की कृपा थी मेरी जान बच गई। टेक ऑफ़ के बस 5 मिनट बाद ही प्लेन में खराबी आ गई और सही वक़्त पर उसे लैंड करा दिया गया। विमान में थरूर सहित कुल 127 यात्री थे। थरूर ने विमान के जाँच करने की मांग की है। यह विमान लगभग 23 साल पुराना है।

आप फेसबुक पर आपके सन्देश होंगे और सुरक्षित, जल्द शुरू होगा ‘सीक्रेट कन्वर्सेशन’

शिखा पाण्डेय,

अब आप फेसबुक ‘मैंसेजर’ ऐप को एक नए फॉर्मेट में पाएंगे। सोशल मीडिया का सबसे लोकप्रिय प्लेटफार्म फेसबुक ‘मैसेंजर’ ऐप में यह बदलाव ‘सीक्रेट कन्वरसेशन’ के नाम से ला रहा है। इस बदलाव के बाद मैसेज चैट में ‘end-to-end encryption’ की सुविधा मिलेगी।

इस सुविधा के तहत जो यूजर्स फेसबुक ‘मैंसेजर’ ऐप यूज करते हैं, उन्हें अपने निजी मैसेज को प्राइवेट रखने का ऑप्शन मिलेगा। यूजर जिस भी डिवाइस से मैसेज करेगा उसकी चैट हिस्ट्री सिर्फ उसी डिवाइस से पढ़ी जा सकेगी।

फेसबुक इस बड़े बदलाव के लिए खास सिग्नल प्रोटोकॉल को अपना हथियार बना रही है, जिसे ओपन व्हिस्पर सिस्टम्स ने विकसित किया है। अभी ये टेस्टिंग कुछ खास लोगों के साथ चल रही है, पर आने वाले समय में सभी के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

फेसबुक द्वारा आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अगर ये सुविधा शुरू की जाती है तो अभी इसे वीडियो, ग्राफिक्स और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए यूज नहीं किया जा सकेगा।

हम अपने हिस्से की एक इंच भी ज़मीन नहीं छोड़ेंगे -चीन

अभिजीत मिश्र,

इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल द्वारा दक्षिणी सागर में चीन के दावे को ख़ारिज किए जाने के बाद चीन ने कहा है कि ये उनके ज़मींन के हक़ की बात है। वह अपने क्षेत्र में आने वाली एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ेगा। चीन के डिप्लोमेट मिनिस्टर येंग जिशि ने कहा, संप्रभुता का मामला चीन के लिए बहुत अहम बात है।

साथ ही ये भी कहा कि चीन एक विशाल और ऐतिहासिक देश है। यह हमारे पूर्वजों द्वारा बनाई गई हमारे लिए एक विरासत है, हम इसका एक इंच भी किसी के लिए छोड़ नहीं सकते। भारत के साथ सीमा वार्ता में शामिल होने वाले डिप्लोमैट मंत्री येंग को बेहद महत्वपूर्ण समझा जा रहा है, क्योंकि येंग चीन के बेहद प्रभावशाली प्रतिनिधि हैं, जो भारत के अजीत डोवाल से मिलने वाले हैं।

चीन लगातार अरुणांचल प्रदेश को दक्षिणी चीन का हिस्सा मानता है और उसे अपना अधिकार क्षेत्र मानता है। विस्तारवादी सोच से पीड़ित चीन का ध्यान सिर्फ अभी दक्षिणी चीन सागर की ओर है जहाँ उसके विरोध में फिलीपिन्स, वियतनाम, मलेशिया और ब्रूनेई आदि देश हैं। चीन के विदेश मंत्रालय लू कांग ने सभी देशों को धमकी भरी चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की सुरक्षा कार्यवाही का जवाब देने में चीन कोई देर नहीं करेगा।

तुर्की में तख्ता पलट की साजिश नाकाम, पूरे देश में कर्फ्यू

अनुज हनुमत,

सीरिया से सटे देश तुर्की में सेना के एक गुट ने तख्तापल़ट की कोशिश की लेकिन तुर्की की पुलिस ने कोशिश नाकाम करते हुए बागियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार सरकार ने राजधानी अंकारा में रात भर हुए विस्फोटों, हवाई संघर्ष एवं गोलीबारी के बाद सैन्य तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया है, लेकिन अभी ये स्पष्ट नही हो पाया है कि तख्ता पलट की कोशिश क्यों और किसके इशारे पर की गई।

सरकारी मीडिया के अनुसार, तख्तापलट की कोशिश में अभी तक कम से कम 17 लोग मारे गए हैं, जबकि ‘एएफपी’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एनटीवी ने गोलबासी जिले में मुख्य अभियोजक के कार्यालय के हवाले से कहा है कि अंकारा में 60 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 17 पुलिस कर्मी हैं। तुर्की देश में इंटरनेट की सभी सुविधाएं बन्द कर दी गई हैं और पूरे देश में कर्फ्यू लगा हुआ है। अभी की खबर के अनुसार, तख्तापलट की कोशिश करने वालों को राष्ट्रपति ने देशद्रोही करार दिया है और कहा है कि विद्रोहियों पर बड़ी कार्यवाही की जायेगी।

इस पूरे प्रकरण के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एरदोगन ने ‘फेसटाइम’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए कहा कि वह अभी भी राष्ट्रपति पद पर बने हुए हैं और उन्होंने विपक्षी बलों को ध्वस्त करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, “मैं देश की जनता से सड़कों पर उतरने का आह्वान कर रहा हूं आओ, इन्हें सबक सीखाएं। मुझे नहीं लगता कि तख्तापलट की यह कोशिश सफल होगी। इतिहास में तख्तापलट की कोई भी साजिश सफल नहीं हुई।” इधर प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरीम ने शुक्रवार रात को देश को संबोधित करते हुए कहा, “यह लोकतंत्र पर हमला है. हम इसे सहन नहीं करेंगे. लोकतंत्र पर किसी तरह का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

तुर्की में रह रहे सभी भारतीय सुरक्षित है और भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों से अपील की है कि ऐसे समय में आप तुर्की की यात्रा न करें। पूरे देश में सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है और एयरपोर्ट भी बन्द कर दिए गए हैं। न्यूज एजेंसी AFP के अनुसार अब तक तख्तापलट के आरोप में 338 लोगों गिरफ्तार किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार तुर्की सेना प्रमुख को अंकारा में बंधक बनाया गया है।

नाईक और आज़म खां फिर आमने सामने,अखिलेश तक पहुंची मंत्री की शिकायत

अनुज हनुमत

लखनऊ। अखिलेश सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम ही ले रही हैं। इस बार ­राज्यपाल राम नाईक और यूपी के कद्दावर कैबिनेट मंत्री आजम खां एक बार फिर आमने सामने हैं। इस दफे वजह बना है एक शपथ ग्रहण समारोह, जिसमें विभागीय मंत्री होने के नाते आजम को इस शपथ ग्रहण में आना था, पर वो इस बार भी नहीं आए। इस पर क्षुब्ध राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को फोन कर आपत्ति जताई है, लेकिम ये कोई पहला मामला नहीं है जब राज्यपाल और आजम खां के बीच दूरियां नजर आई हैं।

राज्यपाल और मंत्री के बीच काफी वाक् युद्ध पहले भी हुआ है लेकिन ऐसा कभी नही हुआ। नगर विकास मंत्रालय के वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह का और विभागीय मंत्री होते हुए भी आजम खां इस समारोह से नदारद थे। ऐसे में सवाल तो उठने ही थे। सवाल इसलिए भी उठे क्योंकि समारोह राजभवन में हो रहा था और शपथ दिलानी थी राज्यपाल राम नाईक को। आजम की गैर मौजूदगी से क्षुब्ध राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन पर आपत्ति दर्ज कराई। राज्यपाल राम नाइक ने अखिलेश यादव को ये सलाह भी दी कि एक कैबिनेट मंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए। जाहिर है, एक बार फिर राजभवन और आजम आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि ये पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी कई बार आजम खान के बयानों को लेकर राज्यपाल एतराज जता चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जिस समारोह में राम नाईक ने शपथ दिलाई है उसमें आमतौर पर राज्यपाल की तरफ से मुख्य सचिव या कोई अफसर शपथ दिलाता है। लेकिन इस बार कार्यक्रम राजभवन में किया गया और राज्यपाल ने तय किया कि वे खुद शपथ दिलाएंगे। समारोह में आजम के साथ ही मुख्यमंत्री को भी आना था। पर सीएम ने फोन करके राज्यपाल को अपने नहीं आने की जानकारी दे दी थी। जब आजम भी नहीं गए तो सियासत गर्मा गई। कुछ भी हो लेकिन अखिलेश सरकार अपने दो मजबूत स्तंभो से बहुत परेशान है। पहले नंबर पर शिवपाल यादव हैं तो दूसरे नम्बर पर आजम खां। अब देखना होगा कि इन सब विवादों का आगे यूपी विधानसभा के चुनावों पर क्या फर्क पड़ता है।

अरुणाचल प्रदेश: सीएम नबाव तुकी को आज ही पास करना होगा फ्लोर टेस्ट

अनुज हनुमत,

देश की राजनीति में आये दिन किसी न किसी प्रकार की हलचल होती रहती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से अरुणाचल प्रदेश की राजनीति हाई वोल्टेज ड्रामे से गुजर रही है। हाल ही में अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पुनः बहाल हुए नबाम तुकी को राज्यपाल के निर्देश के अनुसार शनिवार को ही शक्ति परीक्षण से गुजरना होगा क्योंकि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का उनका अनुरोध और कैबिनेट प्रस्ताव खारिज कर दिया। जिसके बाद इसकी गूँज दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बहाल किये गये मुख्यमंत्री तुकी ने शुक्रवार को राज्यपाल तथागत राय से मुलाकात की और शक्ति परीक्षण के लिए कम से कम दस दिन का समय मांगा। एक बात और ध्यान देने वाली है कि तत्कालीन राज्यपाल जेपी राजखोवा विवादित भूमिका के बाद जनवरी में गिरने वाली कांग्रेस सरकार का तुकी नेतृत्व कर रहे थे। अभी भी संख्या बल तुकी के पक्ष में कतई नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री कालिखो पुल ने 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायकों सहित 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

इस परिस्थति में तुकी की मुश्किलें आज फ्लोर टेस्ट के दौरान बढ़ सकती हैं। पुल ‘पीपुल्स पार्टी ऑफ़ अरूणाचल’ (पीपीए) के प्रमुख हैं, जिसमें कांग्रेस के बागी भी शामिल हैं और तुकी ने कांग्रेस के बागी विधायकों से पार्टी में वापस लौटने की अपील की है। अब ये अपील कितना कारगर साबित होगी, ये तो आज ही पता चल जायेगा। आज के फ्लोर टेस्ट के लिए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं और राज्यपाल ने उससे विधानसभा, महत्वपूर्ण मार्ग, निजी आवासों और सभी पक्षों की अन्य संपत्तियों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

इस बीच विधानसभा अध्यक्ष नबाम रेबिया ने कहा कि उनके लिए इतने कम समय में विधानसभा का सत्र बुलाना संभव नहीं होगा। उधर, भाजपा की राज्य इकाई ने शक्ति परीक्षण के दौरान पीपीए को पूरा समर्थन देने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। अब आज देखना होगा कि क्या आज कांग्रेस उत्तराखण्ड जैसी जीत हासिल कर पायेगी या तुकी अपनी पार्टी का सम्मान नही बचा पायेगें। ये भी देखना आज दिलचस्प होगा कि क्या केंद की बीजेपी सरकार को उत्तराखण्ड के बाद अरुणांचल प्रदेश में भी आज मुंह की खानी पड़ेगी!

महीने में दूसरी बार तेल की कीमतों में कटौती

संवाददाता,

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण इस महीने पेट्रोल व डीजल के दाम में दूसरी बार कटौती हुई है। पेट्रोल के दाम आज 2.25 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल के दाम 42 पैसे प्रति लीटर घटा दिए गए हैं।

इंडियन आयल कारपोरेशन के अनुसार, नई कीमतें आज यानि 16 जुलाई से लागू होगी। इससे दिल्ली में पेट्रोल के दाम अब 64.76 रुपये से घटकर 62.51 रुपये प्रति लीटर हो जाएंगे। इसी तरह डीजल के दाम मौजूदा 54.70 रुपये से घटकर 54.28 रुपये प्रति लीटर रहेंगे।

इंडियन आयल ने एक बयान में कहा कि पेट्रोल व डीजल के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मूल्यों तथा रुपये-अमेरिकी डालर विनिमय दर को ध्यान में रखते हुए यह कटौती की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले एक मई से लेकर पेट्रोल व डीज़ल के दामों में चार बार वृद्धि हुई थी। फिर एक जुलाई को पेट्रोल के दाम 89 पैसे, जबकि डीजल के दाम 49 पैसे प्रति लीटर घटाए गए थे।

जिगिशा घोष हत्या काण्ड: तीन आरोपी दोषी करार

ब्यूरो,

2009 में घटित आईटी कर्मी जिगिशा घोष अपहरण व हत्या काण्ड मामले में दिल्ली की एक अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। आरोपी रवि कपूर, अमित शुक्ला व बलजीत सिंह को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए हैं।

कोर्ट ने परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनो को दोषी पाया है। 20 अगस्त को सजा पर सुनवाई होगी। इन तीनों ने जिगिशा का अपहरण हत्या के उद्देश्य से किया था। दरअसल 18 मार्च 2009 को हैवेट एसोसिएट प्रा० लि० में बतौर ऑपरेशन मैनेजर कार्यरत 28 वर्षीया जिगिशा घोष का सुबह 4 बजे उनके दिल्ली वसंत विहार स्थित ऑफिस से ऑफिस कैब से घर आने पर अपहरण किया गया था। जिसके बाद 20 मार्च 2009 को जिगिशा का शव हरियाणा के सूरजकुण्ड इलाके से बरामद हुआ था। 23 मार्च 2009 को पुलिस ने तीन आरोपियों गिरफ़्तार किया था।

अभियोजन पक्ष के 58 गवाहों को सुनने के बाद ये फैसला सुनाया गया है। आईपीसी की धारा 201, 364, 394,468, 471, 482, 34 के तहत आरोपियों को दोषी पाया गया है। अदालत के फैसले से जिगिशा के परिजन संतुष्ट हैं।

भाजपा जान बूझकर नाईक को कर रही है टार्गेट -दिग्विजय सिंह

शिखा पाण्डेय, 

दुनिया भर में जिस मुस्लिम धर्म प्रचारक ज़ाकिर नाईक को आतंकवादी भावनाएं भड़काने का ज़िम्मेदार माना जा रहा है, उसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शांति दूत करार दिया है। दिग्विजय ने आज कहा,” ज़ाकिर इस्लाम के सही अर्थ और उद्देश्य का प्रचार कर रहे हैं। भाजपा इस्लाम को आतंकवाद से जोड़कर पेश कर रही है।”

सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि नाईक भड़काऊ उपदेश देने के आरोपी हैं तो साक्षी महाराज, योगी आदित्यनाथ, साध्वी प्राची जैसे भाजपा नेताओं पर भावनाएं भड़काने को लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है?

सिंह ने कहा, “मुझे 2012 में शांति सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था, जहां मैंने डॉ. नाईक के साथ मंच साझा किया था। उनका पूरा भाषण सांप्रदायिक सद्भाव और आतंकवाद के खिलाफ था। उन्होंने हमेशा शांति का संदेश दिया है।” पंढरपुर के विट्ठल मंदिर से लौट रहे सिंह ने नई दिल्ली रवाना होने से पहले यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “लोगों में इस्लाम के सही अर्थ और उद्देश्य का प्रचार कर डॉ. नाईक शांति के दूत के रुप में काम कर रहे हैं और भाजपा जान बूझकर इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ रही है।”

कांग्रेस महासचिव ने पूछा, “यदि नाईक इतने ही खतरनाक हैं, तो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जो कभी खुफिया ब्यूरो के निदेशक थे, नाईक के भाषणों के बारे में क्यों नहीं जानते?” उन्होंने सवाल किया कि यदि वह इतने खतरनाक हैं और उनके भाषण उत्तेजक हैं, जो आतंकवादियों को उकसा रहे हैं, तो पिछले दो सालों में राज्य में भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया, जबकि उनके सभी भाषण यू-ट्यूब पर उपलब्ध हैं?

गौरतलब है कि इस्लाम के प्रचार के लिए ‘पीस टीवी नेटवर्क’ चलाने वाले मुंबई के टीवी उपदेशक नाईक के भाषणों की जांच चल रही है, क्योंकि ढाका हमले में मारे गए एक आतंकवादी के ज़ाकिर के भाषणों से प्रभावित होने का खुलासा हुआ था।

ज़ाकिर के आरोपों पर नायडू का पलटवार, कहा, ‘पीस टीवी को कभी नहीं मिली प्रसारण की अनुमति’

प्रमुख संवाददाता,

विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों पर सूचना व प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने पलटवार करते हुए कहा है कि पीस टीवी को कभी प्रसारण की अनुमति मिली ही नहीं। पीस टीवी को नियमों को पूरा न करने के कारण बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि ज़ाकिर नाईक के भाषण सचमुच आपत्तिजनक हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेंकैया नायडू ने कहा, “यह आरोप पूरी तरह गलत है कि पीस टीवी को इस्लामिक होने की वजह से प्रसारण का अधिकार नहीं दिया गया है। भारत में कभी भेदभाव नहीं होता।” एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को हमारी सरकार पर अंगुली उठाने का कोई अधिकार नहीं है।

दूसरी ओर शिवसेना सांसद अरविन्द सावंत ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर भी प्रतिबन्ध लगाने की मांग की है। ज़ाकिर के मुंबई के डोंगरी इलाके में स्थित इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन कार्यालय के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

गौरतलब है कि ढाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद एक आतंकी के ज़ाकिर नाईक से प्रेरित होने की खबरें आई थीं। उसके बाद उचित जांच पड़ताल के बाद भारत तथा बांग्लादेश में ‘पीस टीवी’ पर बॅन लगा दिया गया। इसके विरोध में जाकिर ने सऊदी अरब से स्काइप के जरिये आज मुंबई के माज़गाँव इलाके के एक छोटे से हॉल में प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें जाकिर ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि अभी तक उससे पुलिस ने कोई संपर्क नहीं किया है।