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Wednesday, August 5, 2026
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फ्रांस के नीस में हुए ट्रक हमले की ISIS ने ली ज़िम्मेदारी

ब्यूरो,

आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट ने फ्रांस के नीस में हुए ट्रक हमले में 84 लोगों के मारे जाने की घटना की जिम्मेदारी ले ली है। जिहादियों की समाचार सेवा एजेंसी ‘अमक’ ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अमक ने एक आईएस सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि उसके एक जांबाज सिपाही ने सहयोगी देशों के साथ मिलकर आईएस के खिलाफ लड़ने वालों को जवाब देने के लिए गुरुवार के नरसंहार को अंजाम दिया।

नीस में हुए हमले के मामले में अब तक पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ एक गिरफ़्तारी शुक्रवार को, जबकि चार लोगों को शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवां ओलांद ने इस संकट को देखते हुए वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की है। ओलांद ने इसे चरमपंथी हमला मानते हुए देश में पिछले साल से जारी आपातकाल को तीन महीने के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। पिछले साल नवंबर में हुए पेरिस हमले में कम से कम 130 लोग मारे गए थे। उसके बाद पूरे फ्रांस में आपातकाल लागू किया गया था।

आपको बता दें कि हमलावर की पहचान मोहम्मद लुहवेज़ बुहलोल के रूप में की गई है। बुहलोल एक ट्रक को लेकर भीड़ में जा घुसा था, जब लोग फ्रांसीसी क्रांति की याद में जश्न मना रहे थे। इस हमले में अभी तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान बुहलोल की भी मौत हो गई।

मोदी सरकार दलित उत्पीड़न को दे रही बढ़ावा -मायावती

अनुज हनुमत,

अपने तीखे बयानों के लिए प्रसिद्द बसपा सुप्रीमों मायावती ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने  गुजरात राज्य के ऊना जिले में ‘गौरक्षा’ के नाम पर मरी हुई गाय का चमड़ा उतारने वाले गरीब दलित समाज के लोगों के खिलाफ बर्बर व अमानवीय व्यवहार करने की घटना की निन्दा की।

मायावती ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि  इस प्रकार की अनेकों घटनाओं से बसपा का यह आरोप सही साबित होता है कि केन्द्र में मोदी सरकार के आने के बाद दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों में से खासकर मुस्लिम समाज के साथ भेदभाव, उनका शोषण व उत्पीडऩ काफी ज्यादा बढ़ा है। इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। धीरे-धीरे यह स्थिति भयावह रूप लेती जा रही है, जो अत्यन्त ही चिन्ताजनक है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार के आने के बाद खासकर आर.एस.एस. से जुड़े कट्टरवादी संगठनों के लोग अपने आपको संविधान व कानून से ऊपर मानकर काम करने लगे हैं और यही कारण है कि खासकर भाजपा शासित राज्यों में वे लोग खुलेआम कानून को अपने हाथ में लेकर उन्माद व उपद्रव का वीभत्स प्रदर्शन लगातार करते रहते हैं।

दरअसल इतना ही नहीं, भाजपा शासित मध्य प्रदेश में दलितों व आदिवासी समाज के लोगों के साथ भेदभाव, उनके हित व कल्याण की घोर उपेक्षा करने का मामला खुले तौर पर सामने आकर उसका विरोध हुआ है। वहां के एक वरिष्ठ आई.ए.एस. अफसर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखकर इन मामलों में आपत्ति जताई है और अब उन्हें प्रताडि़त करने की तैयारी है, जैसा कि हैदराबाद के पीएच.डी. स्कॉलर रोहित वेमूला के साथ किया गया था।

वैसे इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, ये तो कोई नहीं जानता है लेकिन ऐसे तेवर यूपी की जनता को लगातार देखने को मिलते रहेंगे। क्योंकि यूपी का सियासी बुखार तमाम नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।

फिर से भाभी के किरदार में नज़र आएंगी शिल्पा शिंदे!

एंटरटेनमेंट डेस्क,

सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ की मोस्ट फेवरट भाभी यानी ‘अंगूरी भाभी’ रह चुकी शिल्पा शिंदे जल्दी ही एक्टिंग की दुनिया में वापसी करने वाली हैं। शिल्पा शिन्दे एक बार फिर आपको भाभी जी का किरदार निभाती नजर आएंगी लेकिन इस बार उनका अंदाज थोड़ा अलग होगा।

सूत्रों के अनुसार शिल्पा शिंदे ने एक वेब सीरीज साइन की है, जिसके एक एपिसोड में वे भाभी जी के किरदार में दिखाई देंगी। यह वेब सीरीज टीवी के कैरेक्टर्स के सटायरिकल स्पूफ पर बेस्ड है। ‘अधिकारी ब्रदर्स’ के प्रोडक्शन में बनी यह सीरीज चैट शो की तरह होगी। फिलहाल शिल्पा ने इस शो में अपने कैरेक्टर के बारे में कोई भी जानकारी देने से मना किया है।

उन्होंने बताया, ” मैंने एक कॉमेडी वेब सीरीज के लिए शूट किया है। लेकिन इसका भाभीजी से कोई कनेक्शन नहीं है। इस एपिसोड में ऑडियंस को शिल्पा का रियल अवतार देखने को मिलेगा। मैं अभी अपने कैरेक्टर को रिवील नहीं कर सकती। क्योंकि यह मेरे फैन्स के लिए सरप्राइज है।”

गौरतलब है कि ‘अंगूरी भाभी’ के रूप में घर-घर में अपनी पहचान चुकी शिल्पा शिंदे ने करीब दो महीने पहले कपिल के शो में एंट्री करने के लिए ‘भाबी जी घर पर हैं’ शो छोड़ दिया था। उन्होंने मेकर्स पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए शो छोड़ा था। बाद में यह मामला ‘सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन’ तक भी पहुंचा था, क्योंकि शिल्पा ने शो के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया था।

आपको बता दें कि सीरियल ‘भाबी जी घर पर हैं’ में शिल्पा शिंदे की जगह फिलहाल अंगूरी भाभी का किरदार टीवी एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे निभा रही हैं, जिन्हें भाभी जी के रूप में दर्शक काफी पसंद भी कर रहे हैं।

भारत ने वेस्टइंडीज को 180 रन पर समेटकर दिखाया अपना दम

ब्यूरो,

बासेटेरे। भारतीय टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन और अमित मिश्रा मैच के पहले दिन आज वेस्टइंडीज बोर्ड अध्यक्ष एकादश को सिर्फ 180 रन पर समेट दिया।

इसके पहले खेल समाप्त होने पर भारत ने 25.3 ओवर में तीन विकेट पर 93 रन बना लिये थे। दिन का खेल खत्म होने तक के.एल. राहुल 30 और चेतेश्वर पुजारा 28 रन बनाकर खेल रहे थे। सलामी बल्लेबाज मुरली विजय 23 और शिखर धवन 9 रन बनाकर आउट हो गए।

पहले दिन का खेल भारतीय स्पिनरों के नाम रहा। जडेजा ने 13 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर तीन विकेट लिये। वहीं अश्विन ने 19.5 ओवर में 62 रन देकर तीन विकेट चटकाये, जबकि मिश्रा ने 10 ओवर में 45 रन देकर दो विकेट लिए। पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली मेजबान टीम 62.5 ओवर में आउट हो गई।

खेल शुरू होने के साथ भारत ने जब गेंदबाजी की शुरूआत की तो मोहम्मद शमी नयी गेंद को ठीक से संभाल नहीं सके। उन्होंने सिर्फ सुबह पांच ओवर का पहला स्पैल फेंका।

विदेशी दौरे पर गए युवा गेंदबाज शरदुल ठाकुर ने 24 रन देकर एक विकेट लिया। उन्होंने कप्तान लियोन जानसन को मिडआफ पर स्टुअर्ट बिन्नी के हाथों लपकवाकर पहली सफलता दिलाई। पहले बदलाव के रूप में आये बिन्नी ने शाइ होप को पवेलियन भेजा। उन्होंने भी सिर्फ पांच ओवरों का पहला स्पैल फेका।

अश्विन ने पिच धीमी होने के बावजूद उछाल का खूबसूरती से इस्तेमाल किया। अभ्यास मैचों में भारतीय स्पिनरों का प्रदर्शन शानदार है। अगर यही हाल रहा तो वेस्टइंडीज को उनकी धरती पर हराना विराट की सेना के मुश्किल नहीं होगा।

हार्दिक पटेल ‘AAP’ में और स्वामी प्रसाद मौर्य ‘कांग्रेस’ में हो सकते हैं शामिल!

अनुज हनुमत

इस समय पूरे देश में सबकी निगाहें यूपी चुनाव पर हैं और यही हालात तमाम बड़े नेताओं की भी है, जिन्हें अपना भविष्य यूपी की राजनीति में दिखता है। ऐसे ही दो शख्स जिनमें एक पुराने नेता स्वामी प्रसाद मौर्या हैं, जो अभी हाल ही में बसपा से बागी हुए हैं और  दूसरा शख्स आम आदमी से नेता बना हार्दिक पटेल है। इस समय इन दोनों के ऊपर सबकी नजरें हैं कि आखिर ये दोनों किस पार्टी का दामन थामेंगे।

सूत्रों की मानें तो बसपा से बागी हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को अब कांग्रेस से उम्मीदें हैं। बताया तो यहाँ तक जा रहा है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता स्वामी प्रसाद के सम्पर्क में हैं और उनका दावा है कि जल्द ही वह कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। बहरहाल इस पर न तो स्वामी अपने पत्ते खोलने को तैयार हैं और न ही कांग्रेस कुछ बोल रही है। लेकिन अगर स्वामी प्रसाद कांग्रेस में शामिल होतें हैं, तो कांग्रेस की स्थिति और भी मजबूत हो सकती है। क्योंकि अभी हाल ही में कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटरों को साधने के उद्देश्य से शीला दीक्षित को यूपी में पार्टी का सीेएम उम्मीदवार घोषित किया है और सूत्रों की मानें तो पार्टी ने स्वामी प्रसाद मौर्य को शामिल करकेे मायावती के वोट बैंक में सेंध लगाने के साथ ओबीसी वोटरों, खासकर कुर्मी वोट बैंक पर सेंध लगाने की सोंच रही है। क्योंकि स्वामी प्रसाद मौर्य भी खुद को कुर्मी जाति का सबसे बड़ा नेता मानते हैं।

यही एक समानता है स्वामी प्रसाद में और हार्दिक पटेल में। जिन पटेल पाटीदारों के आरक्षण का आंदोलन हार्दिक पटेल ने गुजरात में चलाया और सरकार से नाक में दम कर दिया, यूपी में वो कुर्मी जाति के नाम से जाने जाते हैं। पटेल और कुर्मी लगभग एक ही जाति मानी जाती है। जेल से रिहा होने के बाद हार्दिक यूपी में अपना ठिकाना जमा सकते हैं।

यूपी में कुशवाहा, शाक्य, कटियार, मौर्य, निरंजन भी इसी जाति के होते हैं और पूरे यूपी में इनकी आबादी लगभग साढे आठ फीसदी है। ये सभी ओबीसी में शामिल हैं और हार्दिक पटेल ऐसे समय पर रिहा हो रहे हैं, जब यूपी में कुर्मी वोटों को हड़पने की मारा मारी मची हुई है। बगल के राज्य बिहार से आकर नीतीश कुमार भी इसी वोट बैंक को लुभाने में लगे हैं, लेकिन यूपी में पहले से ही कुर्मी नेताओं की भी कमी नहीं है और हार्दिक पटेल के लिए अपनी जगह बनाना बेहद मुश्किल है।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि हार्दिक पटेल आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। अरविन्द केजरीवाल का हार्दिक प्रेम किसी से भी छिपा नही है। कई बार उन्हें हार्दिक पटेल की बड़ाई करते देखा गया है। आगामी यूपी चुनाव में हार्दिक पटेल अपने आक्रामक तेवरों से लखनऊ के सियासी गलियारों में हलचल तो जरूर मचाएंगे लेकिन यूपी चुनाव में उनके आने से कितना परिवर्तन होगा ये तो आने वाला समय बतायेगा  ।

अरुणाचल प्रदेश: फ्लोर टेस्ट से पहले तुकी का इस्तीफा, पेमा खांडू होंगे नए सी.एम.

अनुज हनुमत,

अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में एक के बाद एक नाटकीय परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट से मना करते हुए कांग्रेस के बहुमत के प्रस्ताव को मान लिया है और अब पेमा खांडू प्रदेश के नए सीएम होंगे। इससे पहले आज दोपहर एक बजे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होने वाला था, लेकिन इससे पहले ही सीएम नबाम तुकी ने अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है।

सूत्रों के मुताबिक़, सबसे ज्यादा कांग्रेस के 44 विधायक पेमा खांडू को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे, जिसके बाद नाबाम तुकी को इस्तीफा देना पड़ा। इसके पहले उन्होंने सुबह 9 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई। इसमें किन मसलों पर चर्चा हुई, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई थी।

आपको बता दें की एक्टिंग गवर्नर तथागत रॉय ने तुकी को 16 जुलाई को असेंबली में बहुमत साबित करने को कहा था। इससे पहले, तुकी ने गवर्नर से मिलकर बहुमत साबित करने के लिए 10 दिन का समय मांगा था। लेकिन गवर्नर ने उनकी मांग ठुकरा दी थी। अरुणाचल असेंबली में कुल 60 सीटें हैं। इस समय फिलहाल 58 विधायक हैं। 2014 में हुए इलेक्शन में कांग्रेस को 42 सीटें मिली थीं। बीजेपी को 11 और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश को पांच सीटें मिलीं। पीपीए के 5 एमएलए कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद सरकार के पास कुल 47 एम.एल.ए. हो गए। लेकिन कांग्रेस विधायकों की बगावत के बाद तुकी के पास सिर्फ 26 विधायकों का ही सपोर्ट रह गया। 15 दिसंबर को स्पीकर ने 14 कांग्रेस विधायकों को डिसक्वालिफाई कर दिया था। इस समय राज्य में कलीखो पुल के साथ कांग्रेस के 19 बागी, बीजेपी के 11 और दो निर्दलीय एमएलए शामिल हैं। पेमा खांडू के प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनने के साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कई अब प्रदेश में चल रहा राजनीतिक संकट ख़त्म हो जायेगा।

विवादित पाकिस्तानी मॉडल कंदील बलोच की हत्या

शिखा पाण्डेय,

अपने बयानों को लेकर हमेशा विवादों में रहीं पाकिस्तान की मॉडल कंदील बलोच की हत्या हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार खुद उसके भाई ने मुल्तान में उसकी हत्या कर दी है। हत्या को लेकर मीडिया में दो तरह की खबरें आ रही है। पहली रिपोर्ट के अनुसार खबर है कि भाई ने गोली मार कर हत्या की। दूसरी रिपोर्ट में कहा गया है कि भाई ने गला दबाकर हत्या की है। वारदात के बाद से कंदील का भाई फरार है। अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

कंदील बलोच से जुड़े विवाद-

हमेशा अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली कंदील बलोच ने हाल ही में एक और विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के एक खिलाड़ी ने उन्‍हें टी-20 विश्वकप के दौरान कहा था कि वो शाहिद अफरीदी को छोड़े और उनके लिए कपड़े उतारे।

एक साक्षात्‍कार के दौरान कंदील ने कहा, टी-20 विश्वकप के दौरान उनके स्ट्रिप डांस वाले बयान के बाद एक पाकिस्‍तानी क्रिकेटर ने उन्‍हें फोन किया और कहा था कि आप मेरे लिए कपड़े उतारें। उन्‍होंने उस क्रिकेटर का नाम उमर अकमल बताया। अकमल टीम के विकेट कीपर हैं। कंदील के अनुसार उन्‍होंने इसके लिए कंदील से बार-बार मिन्नत भी की, लेकिन कंदील ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया और कहा, “मैंने एक बार अफरीदी के लिए यह बयान दिया तो अब मैं उसपर कायम हूं।”

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आपको बता दें कि टी-20 विश्वकप के दौरान कंदील ने कहा था कि अगर पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम भारत को हरा देती है तो वो टीम के लिए और कप्‍तान शाहिद अफरीदी के लिए स्ट्रिप डांस करेंगी। लेकिन भारत के हा‍थों पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम की करारी हार हुई। इससे कंदील बौखला गयीं और अफरीदी को पागल कह दिया था। कंदील ने कहा था, “जब तक यह पागल टीम का कप्‍तान रहता है कुछ नहीं हो सकता है।”

पिछलेे दिनों एक मौलवी के साथ भी कंदील ने सेल्फी ली थी और उसे सोशल मीडिया में पोस्ट किया था, जिसके बाद मौलवी साहब की काफी किरकिरी भी हुई थी और उन्हें अपना पद गंवाना पड़ा था।

इतना ही नहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक वीडियो पोस्ट के जरिये उसने धमकी भी दी थी। साथ ही उन्होंने भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से एकतरफा प्यार का ऐलान कर दिया था व उन्हें लव मेसेजस भेजने के कारन सुर्ख़ियों में आई थीं। बता दें कि कंदील बलोच सलमान खान के रियलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस 10’ की प्रतिभागी बनने वाली थीं। इस बार कंटेस्टेंट्स की लिस्ट में उनका नाम शीर्ष पर था।

शिवराज ने एम. पी. को दिया खुशियों भरा तोहफा, किया हैप्पीनेस विभाग का गठन

आनंद द्विवेदी,

बड़ी मेहनत और सूझबूझ के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार को हैप्पीनेस विभाग का गठन कर दिया। जिसके बाद मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहाँ हैप्पीनेस विभाग हो। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं इस नए विभाग के मुखिया होंगे।

शिवराज के अनुसार, “हैप्पीनेस विभाग को बनाने का मुख्य मकसद लोगों को रोटी, कपडा और मकान की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने का है , और समाज में लोगो को सुकून भरी जिंदगी जीने के लिए और भी चीज़ों की ज़रूरत होती है।” हैप्पीनेस विभाग में विशेषज्ञों को लाया जाएगा और उनसे जीवन में खुशियां लाने के लिए सुझावों में अमल किया जाएगा।

शिवराज ने ये भी कहा कि प्रदेश में होने वाले विकास को आर्थिक विकास से मापा जा सकता है, मगर इससे जनता की ख़ुशी को मापना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, पद, प्रतिष्ठा, और पैसों से भी ज्यादा एक चीज होती है, जो इंसान की खुश रहने के लिए ज़रूरी होती है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश से पहले इस विभाग का गठन भूटान में किया गया था। भूटान दुनिया का सबसे ज्यादा ख़ुशी वाला देश कहा जाता है, जिस तरह अन्य देशों में ग्रोथ रेट मांपा जाता है, भूटान में लोगों की हैप्पीनेस मापी जाती है।

पटना में उमड़ा पाकिस्तान प्रेम, लगे पाक जिंदाबाद के नारे

आनंद द्विवेदी,

सुशासन बाबू की छत्रछाया में शुक्रवार के दिन इस्लामिक गुरु जाकिर नाइक और AIMIM चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी के समर्थन में रैली निकाली गई। इतना ही नहीं, रैली में लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए साथ ही केंद्र सरकार को मुस्लिमों का विरोधी घोषित कर दिया।

पहली बार बिहार में किसी रैली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गए। रैली का आयोजन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया ने किया था। इन सपोर्टर्स ने जाकिर नाईक और ओवैसी की तस्वीरों वाले बैनर झंडे आदि पकड़ रखे थे। आयोजक फ्रंट के नेता मोहम्मद रैयाज़ मोआरी के अनुसार, “भारत में मुस्लिम नेताओं को चुप कराने की साज़िश रची जा रही है।

पुलिस ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसीज़ की सहायता से इस वाक़ये की जांच गहनता से शुरू कर दी है। DGP पीके ठाकुर के अनुसार रैली पहले से निश्चित थी और उसमें लगाए गए नारों की जांच की जा रही है। वीडियो फ़ुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

मुश्किल में ओवैसी, राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज़

प्रमुख संवाददाता,

आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। गिरफ्तार किए गए आईएस के कथित पांच संदिग्धों को कानूनी मदद देने के ऐलान के बाद ओवैसी के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। एक वकील की शिकायत पर स्थानीय अदालत ने यह आदेश जारी किया है।

शिकायत करने वाले वकील करुणा सागर ने बताया कि उन्होंने तीन जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद वहां जब कोई कार्ऱवाई नहीं हुई तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने
सरूर थाने को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने इस मामले में 30 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।

वकील करुणा सागर ने दावा किया कि ओवैसी के दावे के बाद देश विरोधी ताकतों को बल मिला है। गौरतलब है कि पिछले दिनों एनआईए ने गुप्त सूचना के आधार पर हैदराबाद में कई जगहों पर एक साथ छापे मारे थे। इसमें कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। प्राथमिक जांच में कुछ लोगों को तो छोड़ दिया गया लेकिन, पांच लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने का दावा किया गया और उनकी गिरफ्तारी हुई। बाद में उन पांचो के परिजनों से मुलाकात के बाद ओवैसी ने उन्हें कानूनी मदद मुहैया कराने का वादा किया था।