फ़िल्म पीपली लाइव के एसोसिएट डायरेक्टर महमूद फ़ारूक़ी को दिल्ली के साकेत कोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में दोषी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट 2 अगस्त को सज़ा सुनाएगी। अमेरिका की एक रिसर्च स्टूडेंट ने फ़ारूक़ी पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने महमूद फ़ारूक़ी पर बलात्कार का आरोप लगाया था। दरअसल छात्रा ने अपने शोध के सम्बन्ध में फ़ारूक़ी से संपर्क किया था। अपने शोध के सम्बन्ध में वह भारत आई और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ विश्वविद्यालय से जुड़ी।
मामले की शिकायत छात्रा ने दिल्ली पुलिस से की। शिकायत के मुताबिक छात्रा की आरोपी से शोध संबंधी मदद को लेकर हुई। गौरतलब है कि फ़ारूक़ी भी गोरखपुर के हैं, जिसकी वजह से छात्रा आरोपी के संपर्क में आई। 28 मार्च 2015 को अमेरिकी महिला दिल्ली में सुखदेव बिहार स्थित आरोपी के घर आई और वहां फारूकी ने उसका यौन-उत्पीड़न किया।
इस सम्बन्ध में शिकायत के बाद पुलिस ने फारूक़ी को गिरफ्तार भी क़िया। साल भर से अधिक समय के बाद साकेत कोर्ट ने आगामी 2 अगस्त को सज़ा सुनाने का फैसला किया है।
उत्तराखंड के पूर्व मंत्री व बीजेपी नेता हरक सिंह रावत फिर विवादों में घिर गए हैं। दिल्ली की एक 32 साल की महिला ने उन पर रेप का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि दो साल पहले रावत ने उनके साथ रेप किया था। आपको बता दें कि जिस महिला ने रावत के खिलाफ सफदरजंग थाने में मामला दर्ज कराया है, उसी महिला ने 2014 में भी हरक सिंह पर सफदरजंग थाने में ही मामला दर्ज कराया था, लेकिन तब महिला ने केस वापस ले लिया था। सफदरगंज पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। रावत हाल ही में कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं।
शिकायत करने वाली महिला असम की बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल मामले में महिला का बयान दर्ज कर रही है। इस मामले में आगे हरक सिंह रावत से भी पूछताछ की जाएगी।
आपको बता दें कि रावत के साथ जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। दो साल पहले उन पर एक अन्य महिला ने उत्तराखंड में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस मामले की भी जांच फिलहाल जारी है। 2003 में भी रावत पर एक अविवाहित मां जेनी ने रेप और यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसी आरोप के बाद सीबीआई द्वारा रेप केस दायर करने पर उस वक्त रावत को मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा था। महिला ने आरोप लगाया था कि रावत ने काम दिलाने का वादा कर उनका शोषण किया था।
आपने कभी सोचा भी न होगा कि कभी जो अबला पुरुष प्रधान समाज का अत्याचार बर्दाश्त करती थी, आज उसी अबला के पास इतना बाल आ जाएग कि वह स्वयं अत्याचारिणी बन जाएगी। हरियाणा में गुड़गांव के सोहना से ऐसी ही दिल दहला देनेवाली घटना सामने आई है। एक दबंग महिला ने जबरन घर में घुसकर अपने सास,ससुर और पति की जमकर पिटाई की। आरोपी महिला के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपी महिला की शादी 18 साल पहले हुई थी। साल 2012 तक महिला को कोई बच्चा नहीं हुआ। इसके बाद महिला ने परिवार के लोगों पर दहेज़ मागने और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
दहेज़ मामले में महिला के परिजन अपनी गवाही के लिए अदालत में हाजिर नहीं हुए और जब महिला।ने समझ लिया कि फैसला पीड़ित परिवार के हक में होने वाला है तब गुस्साई महिला ने झगड़ने का नया प्लान बनाया। लेकिन वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने महिला के प्लान को कामयाब नहीं होने दिया।
23 जुलाई को महिला अचानक घर पहुंची और दरवाजे पर बैठे ससुर को पीटने लगी हालांकि परिवारवालों ने महिला की इस तरह की हरकत का अंदाजा पहले से ही लगा लिया था। इसीलिए उन्होंने घर में सीसीटीवी लगा दिया था।
दूसरी ओर पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस की महिला के साथ मिली भगत है। पीड़ित परिवार के अनुसार इस मामले में पुलिस ने पहले दो दिन मुकदमा ही दर्ज नहीं किया, जिसके बाद पीड़ित थाना प्रभारी से मिले। तब जा कर पुलिस ने आधी अधूरी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। जब इस मामले को लेकर चौकी इंचार्ज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विवाहिता के पति की शिकायत पर आरोपी महिला चंदरकांता के खिलाफ धारा 323 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। अगर जरूरत पड़ी तो महिला पर धारा 452 भी लगा दी जायेगी।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले में घुसपैठ की कोशिश में दो आतंकियों को भारतीय सेना के जवानों ने ढेर कर दिया। आतंकवादियों से हुए मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद हो गए। फिलहाल आतंकियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। मारे गए आतंकियों के पास से दो एके ४७ समेत कई हथियार बरामद किए गए हैं।
शनिवार को कुछ आतंकवादी कश्मीर नियंत्रण रेखा के निकट से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, तभी सेना ने सतर्कता बरतते हुए दो आतंकवादियों को मारकर ढेर कर दिया। गौरतलब है कि मंगलवार को नौगाम में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में पकड़े गए आतंकी ने आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कई खुलासे किए। पूछताछ के दौरान इस आतंकी ने यह भी बताया कि वह कश्मीर निर्दोष लोगों को मारने के लिए ही आया था।
आज आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में जो आतंकी मारे गए, उनके साथ ढेर सारा हथियार और खाने पीने की चीज़ें भी बरामद की गईं। पिछले कुछ दिनों में हुए आतंकी हमले में पकिस्तान की कलई खुली है। मंगलवार को पकड़े गए आतंकी ने तो यह भी खुलासा किया कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने उसे गुरिल्ला हमले के लिए प्रशिक्षित किया था और ट्रेनिंग के दौरान वह जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद से दो बार मिला था।
दलित वोटों की चुनावी खींचा-तानी में अब केंद्र सरकार के राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर हमला किया है। अठावले ने मायावती पर आरोप लगते हुए कहा है कि मायावती स्वयं बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों को नहीं मानतीं। वे केवल आंबेडकर के नाम पर राजनीति करती हैं।
आठवले ने सीधे सवाल उठाया कि आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली हिन्दू धर्मी मायावती ने अभी तक खुद बौद्ध धर्म क्यों नहीं अपनाया? यही नहीं उन्होंने साफतौर पर कहा कि दलितों के हितों से मायावती को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दलितों को बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए।
दलित वोटों पर गरमाई इस राजनीती में एक ओर बीएसपी बीजेपी को दलित विरोधी साबित करने में लगी है। वहीं दूसरी और बीजेपी अपनी छवि सुधारने के लिए पूरा जोर लगा रही है। चर्चा है की आठवले को मंत्री बनाने के पीछे भी पार्टी की यही मंशा है। क्योंकि, यूपी में मायावती के सामने खड़ा करने के लिए पार्टी के पास कोई चेहरा ही नहीं है।
अठावले ने मायावती के नाम पर हुए गाली प्रकरण पर कहा कि मायावती को गाली देनेवाले दयाशंकर को निकालकर बीजेपी ने सही किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मोदी दलित विरोधी नहीं हैं। कुछ नेताओं की वजह से यह विवाद हो रहा है एयर लोगों में गलत धारणा फैलाई जा रही है।
रविवार, 31 जुलाई को अमित शाह की आगरा में होने वाली ‘धम्म चेतन रैली’ रद्द कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक अब वहां अमित शाह नहीं जाएंगे जबकि दूसरे बीजेपी नेताओं के जाने की उम्मीद है। बीजेपी सूत्र बारिश को अमित शाह के न आ पाने की वजह बता रहे हैं। दूसरी और चर्चा यह भी है कि दलितों के संभावित विरोध प्रदर्शन की वजह से रैली रद्द की गई है। रैली रद्द करने का वास्तविक कारण पता नहीं चला है।
गौरतलब है कि यूपी में अमित शाह दलितों को संबोधित करने के लिए 31 जुलाई को आगरा पहुंचने वाले थे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर पानी भर गया है इसलिए अब बड़ी रैली नहीं हो पाएगी। इसके स्थान पर स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर के बंद सभागार में सभा की जाएगी। सूत्रों की मानें तो धम्म चेतना रैली के विरोध में दलित संगठन और बीएसपी कार्यकर्ता बड़े प्रदर्शन की तैयारी में थे।
रैली के विषय में यह भी चर्चा थी कि इस दौरान कुछ बीएसपी के बड़े चेहरे बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इस रैली के जरिए बीजेपी दलित वोटों को अपनी ओर आकर्षित करने की फिराक में थी। इस क्रम में इसे झटका कहा जा सकता है।
गुड़गांव के लंबे ट्रैफिक जाम की गाज पुलिस कमिश्नर नवदीप सिंह विर्क पर गिरी। १८ घंटे के लंबे जाम के चक्कर में विर्क नप गए, अब उनकी जगह संदीप खिरवार को नए कमिश्नर की जगह नियुक्त किया गया है। फिलहाल नवदीप सिंह को रोहतक रेंज का इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बनाया गया है। यही तक संदीप खिरवार रोहतक रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस थे।
गुरूवार रात से लेकर शुक्रवार दोपहर तक के भीषण जाम की वजह से जनता में हाहाकार मच गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन को ज़रा भी होश नहीं आया। पुलिस खोखले वाडे करती रही कि जाम से जल्द निजात मिल जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं और लोगों को लगभग पूरा एक दिन ही सडकों पर बदहाली में बिताना पड़ा। मीडिया की रिपोर्ट्स के दबाव के चलते सरकार ने गुरुग्राम (गुड़गांव) के पुलिस कमिश्नर नवदीप सिंह का तबादला किया।
जाम से सबसे बुरा हाल होंडा चौक, मानेसर, सोहना, सुभाष चौक, एनएच 8 जैसे इलाकों में था। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम बादशाहपुर के पास बरसाती पानी से उफनता नाला टूट गया और उसका पानी एक्सप्रेस वे पर बहने लगा। देखते ही देखते सोहना रोड से एनएच 8 तक और शहर के सभी मुख्य इलाकों में पानी भर गया। जिसकी वजह से इस मार्ग से होकर गुजरने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना अरना पड़ा।
हास्य कलाकार और फ़िल्म अभिनेता राजपाल यादव ने फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स नाम की कंपनी से 2010 में 5 करोड़ रुपये लिए थे। क़र्ज़ चुकाने को लेकर कर रहे झूठे वादों से न्यायालय नाराज़ है, जिसके चलते अब राजपाल को 6 दिन जेल गुज़ारने पड़ सकते हैं।
ईद मामले में न्यायालय ने राजपाल यादव की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उन्हें 6 दिन के लिए जेल जाना होगा। कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को राहत नहीं दी है। मामला समय पर कर्ज न अदा करने का है। 2014 में हाई कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा था, लेकिन 4 दिन जेल में बिताने के बाद सज़ा स्थगित कर दी गई थी। उसी के बचे 10 दिन काटने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को 15 जुलाई तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करके पूर्व में उन्हें दी गई सजा के बचे हुए 6 दिन काटने का निर्देश दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अभिनेता को यह सजा झूठा हलफनामा दायर करने के लिए 2013 में दी गई थी।
राजपाल यादव ने 3 से 6 दिसंबर 2013 तक जेल में चार दिन काटे थे, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने उनकी अपील पर सजा निलंबित कर दी थी। राजपाल कोर्ट से बार बार झूठे वादे करते रहे हैं पर वक़्त पर कर्ज अदाईगी नहीं की हैं, जिस की वजह से फिर से जेल जाना पड़ सकता हैं।
बॉलीवुड के ‘बादशाह’ शाहरुख खान का ऐसा मानना है कि बॉडी फिटनेस के मामले में वे कभी भी अभिनेता आमिर खान जितने अनुशासित नहीं बन सकते। शाहरुख ने कहा कि ‘पीके’ अभिनेता अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करते हैं। दरअसल जब से आमिर ने अपनी आगामी फिल्म ‘दंगल’ के लिए पहले वजन बजन बढ़ाया फिर घटाया, तब से वे अपने संयमित स्वास्थ्य के लिए काफी चर्चा में हैं।
शाहरुख ने लाइव वीडियो चैट के दौरान कहा, “आमिर बहुत अनुशासित हैं और वह अपने शरीर पर कड़ी मेहनत करते हैं। मैं इतना अनुशासित नहीं हो सकता। मैंने तो ‘ओम शांति ओम’ के बाद, जिम में पसीना बहाना शुरू किया है।” उन्होंने कहा,” दो साल पहले, जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने काफी वजन बढ़ाया हुआ था और अब उन्होंने अपना अतिरिक्त वजन घटा लिया है। इतना शारीरिक संतुलन मेरे लिए संभव नहीं है। ”
आपको बता दें कि शाहरुख ने फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के लिए सिक्स पैक एब्स बनाए थे। आमिर ने ‘गजनी’ के लिए पहले सिक्स पैक्स एब्स बनाए। थ्री इडियट्स में वे अपनी उम्र से 15 साल जवान नज़र आये और अब फिल्म दंगल में महावीर फोगट के दो अलग-अलग दौर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उम्रदराज महावीर काफी मोटा-तगड़ा है। इसके लिए आमिर ने अपना वजन 95 किलो तक बढ़ा लिया था।अब युवा महावीर के लिए उन्होंने अपना वजन 25 किलो घटा लिया है।
इंडोनेशिया में कथित रूप से नशे की तस्करी में मौत की सजा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह को मौत की सज़ा नहीं दी गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बताया कि इंडोनेशिया में मादक पदार्थ मामले में भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह, जिसे बीती रात मौत की सजा दी जानी थी, उन्हें मौत की सजा नहीं दी गयी है।
विदेश मंत्री ने ट्वीट कर बताया, “इंडोनेशिया में भारतीय राजदूत ने मुझे सूचना दी कि गुरदीप सिंह को मौत की सजा नहीं दी गई है,जिसकी मौत की सजा बीती रात के लिए तय थी।” हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि भारतीय नागरिक को मौत की सजा क्यों नहीं दी गयी जबकि चार अन्य दोषियों को ‘फायरिंग स्क्वाड’ द्वारा मौत की सजा दे दी गई।
गुरदीप इस समय नुसाकाबंगन पासिर पुतिह, सिलाकाप में हिरासत में है। उसे 29 अगस्त 2004 में सुकर्णो हत्ता हवाईअड्डे से मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इंडोनेशिया की एक अदालत ने सिंह को 300 ग्राम हेरोइन तस्करी करने के प्रयास का दोषी पाया था और उसे 2005 में मौत की सजा सुनायी थी। फरवरी 2005 में तांगेरांग अदालत ने उसे मौत की सजा सुनायी थी, जबकि अभियोजकों ने उसे 20 साल का कारावास देने का अनुरोध किया था। बानतेन हाईकोर्ट ने मई 2005 में मौत की सजा के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। फिर उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिसने उसकी मौत की सजा बरकरार रखी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कल कहा था कि जकार्ता में भारतीय दूतावास के अधिकारी इस मुद्दे को लेकर इंडोनेशियाई विदेश विभाग और देश के शीर्ष नेताओं तक पहुंच रहे हैं। सुषमा ने कहा था कि सरकार सिंह को बचाने के लिए अंतिम क्षण का प्रयास कर रही है।
स्वरूप ने कहा कि सिंह के कानूनी प्रतिनिधि अफधाल मुहम्मद का मत था कि वह संबंधित कानून के तहत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के समक्ष क्षमादान की याचिका दायर कर सकता है। दूतावास ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को एक ‘नोट वर्बेल’ भेजकर आग्रह किया कि मौत की सजा से पहले सभी कानूनी उपाय अपनाए जाने चाहिए। अधिकारियों के मौत की सजा फिर से शुरू करने का निर्णय लेने के बाद गुरदीप ही नहीं,बल्कि इंडोनेशिया, नाइजीरिया, जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के नागरिकों सहित 14 लोगों का नाम मौत की सजा की सूची में था।