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Thursday, August 6, 2026
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अंततः मायावती के मुजरिम दयाशंकर सिंह गिरफ्तार!

बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के कारण भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह को आज बिहार के बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया है।बक्सर का इलाक यूपी के बलिया से सटा है जहां से दयाशंकर ताल्लुक रखते हैं।दयाशंकर को यूपी पुलिस की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर रखा था।

इससे पहले दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी खारिज होने के बाद यह उम्मीद जतायी जा रही थी कि वह आत्मसमर्पण कर सकते हैं। लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजिल सैनी ने बताया था कि दो-तीन दिन में पुलिस अदालत से दयाशंकर के खिलाफ कुर्की का आदेश हासिल कर लेगी। कुर्की के आदेश जारी होने पर दयाशंकर की मुश्किलें बढ़ने की संभावना थी।

आपको बता दें कि मायाती को गाली देने के मामले में लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट के खिलाफ दयाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिल सकी, जिसके बाद से पुलिस शिद्दत के साथ उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थी।

क्या है पूरा मामला

मायावती पर टिप्पणी करके दयाशंकर सिंह ने 19 जुलाई को इस विवाद की शुरुआत की थी। मायावती को लेकर उपाध्यक्ष दया शंकर सिंह ने कहा था, “मायावती टिकट बेचती हैं। वो इतनी बड़ी नेता हैं, तीन बार सूबे की सीएम रही हैं। लेकिन वो उन्हें टिकट देती हैं जो उन्हें 1 करोड़ रुपये देने को राजी होता है। अगर कोई 2 करोड़ देने को तैयार हो जाता है तो वो उसे टिकट दे देती हैं। अगर कोई 3 करोड़ दे दे तो उसे ही दे देंगी। उनका चरित्र #@&*% से भी ज्यादा खराब है।”

इसके बाद 21 जुलाई को बीएसपी वालों ने दया शंकर की बेटी को लेकर अपशब्द कहे। गाली को लेकर पहले बीएसपी ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया, फिर जवाब में दया शंकर सिंह के परिवार ने भी मायावती और बीएसपी नेताओं पर केस दर्ज कराया। पहले लखनऊ की सीजीएम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर दयाशंकर के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।

इंटरेस्टिंग है फ़िल्म ‘ढिशूम’

अमित द्विवेदी,

फ़िल्म समीक्षा: ढिशूम

रेटिंग : 3.5*/5*
निर्माता: साजिद नाडियाडवाला/ सुनील लुल्ला
निर्देशक: रोहित धवन
संगीत: प्रीतम
मुख्य कलाकार: जॉन अब्राहम, अक्षय खन्ना, वरुण धवन, जैकलीन फर्नान्डीज़।

फ़िल्म ढिशूम रोहित धवन की बतौर निर्देशक दूसरी फ़िल्म है। इसके पहले देसी बॉयज से रोहित ने अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। इस फ़िल्म में रोहित के छोटे भाई वरुण धवन भी मुख्य भूमिका में हैं। आइए जानते हैं, ढिशूम है क्या?

कहानी-

फ़िल्म ढिशूम एक तरह का सर्च ऑपरेशन है। भारतीय क्रिकेट टीम का स्टार खिलाड़ी विराज शर्मा (साकिब सलीम) पाकिस्तान के साथ होने वाले फाइनल मैच से महज़ 36 घंटे पहले किडनैप हो जाता है। जिसकी वजह से हिंदुस्तानी सरकार परेशान हो उठती है। विराज को ढूँढने के लिए भारत सरकार अपने एक बेहद क़ाबिल अधिकारी कबीर शेरगिल (जॉन अब्राहम) को भेजती है। कबीर काम में प्रति बेहद संजीदा है लेकिन कोई भी कानून उसके काम के बीच में आए तो वो उसे तोड़ने को लेकर ज़्यादा सोचता नहीं।

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कबीर अरब देश पहुँचते ही अपने काम में लग जाता है। जहां उसकी मुलाक़ात जुनैद (वरुण धवन) से होती है, जो बेहद चुलबुला किस्म का नौजवान है। विराज की तलाश में ही उन्हें इशिका (जैकलीन फर्नाण्डीज़) मिलती है, जो उनकी काफी मदद करती है। किस तरह से कबीर, इशिका और जुनैद विराज को ढूंढते हैं, यह बड़ा रोचक है। 36 घंटे के इस ऑपरेशन को रोहित ने बड़े बेहतरीन तरीके से दर्शाया है।

पटकथा-अभिनय-

फ़िल्म में कहानी के अलावा पटकथा लिखने में भी रोहित ने सहयोग किया है। रोहित के साथ पटकथा लिखी है तुषार हीरानंदानी ने। फ़िल्म की लंबाई परफेक्ट होने की वजह से पटकथा पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा। फ़िल्म इंटरवल के बाद कुछ सीन्स में बोर करती है, लेकिन समय रहते संभाल लेते हैं कलाकार। जॉन अब्राहम, वरुण धवन, अक्षय खन्ना, जैकलीन फर्नान्डीज़ और अन्य कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है। खासकर लंबे समय के बाद फ़िल्म इंडस्ट्री में लौटे अक्षय ने भी लाजवाब अभिनय किया।

गीत-संगीत-

फ़िल्म में गाने लिखे हैं मयूर पूरी और कुमार ने, जिसको सुरों से सजाया है प्रीतम चक्रवर्ती ने। हालाँकि फ़िल्म के कुछ गानों ने पहले से ही काफी तारीफ बटोरी है। लेकिन फ़िल्म में ऐसा कोई गाना नहीं है, जो पटकथा को कमज़ोर करता हो।

15 रुपये की खातिर हुई हत्या

संवाददाता,

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। महज़ 15 रूपए के लिए कुर्रा थाना क्षेत्र के एक शख्स अशोक ने गाँव के ही एक दलित पति-पत्नी को धारदार कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, अशोक ने सुबह भारत नट और उसकी पत्नी ममता से खेत में कीटनाशक दवाई डालने के लिए 15 रूपए मांगे, नहीं देने पर दिनों पक्षों में कहा सुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि अशोक ने ममता और भारत पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। धारदार कुल्हाड़ी से कई बार प्रहार कर अशोक ने दोनों को मार डाला।

जानकारी के मुताबिक़, अशोक को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मौके का जायज़ा लेने बाद में जिलाधिकार पी.सी. गुप्ता और पुलिस अधीक्षक देव रंजन भी पहुंचे।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नट एक खानाबदोश समुदाय है, जो नाच-गाकर या खेल तमाशा दिखाकर अपना जीवन यापन करता है। अब अपना पुराना काम छोड़कर ये लोग खेतिहर मजदूर के तौर पर काम कर रहे हैं।

गुरुग्राम ट्रैफिक जाम में भूख-प्यास से लोगो का हाल- बेहाल

अब्दुल फ़हद,

दिल्ली के पास गुरुग्राम (गुड़गांव) में रात से ही जाम लगा है और ये जाम मामूली नहीं है, बल्कि 25 किलोमीटर लंबा जाम है। जाम से एक तरफ लोग परेशान हैं, तो दूसरी ओर राजनीति भी हो रही है।  दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भी जाम की वजह से ट्रैफिक रेंग रहा है। राहत की बात ये है कि ट्रैफिक पुलिस की हरकत और सरकार की कोशिशों के बाद अब धीरे-धीरे जाम कम हो रहा है।

इस बीच हरियाणा के सीएम ने जाम से पल्ला झाड़ लिया है। यही नहीं उन्होंने इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहरा दिया है। उन्होंने कहा है कि जाम के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।

भूख प्यास औऱ थकान से बेहाल हैं लोग। लोगों की पूरी रात सड़क पर गुजर गई। नाइट शिफ्ट वाले ऑफिस नहीं पहुंच पाए। ईवनिंग शिफ्ट करने वाले घर नहीं पहुंच पाए। आपने कभी सुना नहीं होगा कि रात तक जाम सुबह तक लगा रहा। गुड़गांव में जरा सी बारिश क्या हुई, गुड़गांव की जिंदगी ही जाम में फंस गई।

बुरहान के जनाज़े में शामिल हुआ था लश्कर सरगना!

अब्दुल फ़हद,

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने दावा किया कि लश्कर-ए-तैयबा के एक ‘अमीर’ (सरगना) ने मुठभेड़ में मारे गए हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के जनाजे का नेतृत्व किया था।

लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सईद ने कहा, ‘बुरहान वानी शहीद हो गया। उसके जनाजे में शामिल होने के लिए लाखों कश्मीरी सड़कों पर उतर आए। क्या आपने उस आदमी को देखा, जिसे भीड़ अपने कंधों पर उठा रही थी? क्या आप उस युवक को जानते हैं जो जनाजे का नेतृत्व कर रहा था? क्या आपको पता है कि वह कौन है? वह एलईटी का ‘अमीर’ है।’

जमात सरगना सईद ने लाहौर से करीब 185 किलोमीटर दूर फैसलाबाद में एक रैली में यह बयान दिया। उसने कहा कि एलईटी के ‘अमीर’ अबु दुजना ने इस महीने की शुरुआत में निकाले गए वानी के जनाजे का नेतृत्व किया। सुरक्षा बलों ने कश्मीर में एक मुठभेड़ में वानी को मार गिराया था। उसने यह दावा भी किया कि कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी ने फोन कॉल कर उससे मदद मांगी थी।

सईद ने कहा, ‘आसिया अंद्राबी ने मुझे फोन किया और कहा, ‘मेरे पाकिस्तानी भाई कहां हैं? हम मुश्किल में हैं।’ उसने कहा, ‘मैंने अपने पाकिस्तानी भाइयों से उनके कॉल का जवाब देने को कहा। कश्मीर में एक समूह भेजने का तत्काल फैसला किया गया और तीन दिन के भीतर सारी तैयारियां कर ली गईं। फैसलाबाद से कई लोग कश्मीर गए।

लालू दे रहे प्रांतवाद को बढ़ावा, माँगा बिहारियों के लिए 80 % आरक्षण

अब्दुल फ़हद,

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने देश के कई अन्य राज्यों की तरह बिहार वासियों को अपने प्रदेश की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की। लालू ने कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करेंगे।

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए लालू ने कहा कि आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और केरल आदि राज्यों में इस प्रकार की नौकरी में आरक्षण लागू हैं। इन राज्यों की तरह बिहार में भी आरक्षण लागू होना चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हम इस संबंध में बात करेंगे।

उन्होंने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के कारण यहां के विद्यार्थियों को इसके लिए अन्य राज्यों में जाना पडता है, पर जब नौकरी की बात आती है तो स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के कारण उन्हें इससे वंचित रहना पड़ता है।

लालू ने आगे कहा कि बिहार में इस तरह के आरक्षण का प्रावधान नहीं होने के कारण अन्य राज्यों के अभ्यर्थी यहां के विश्वविद्यालयों और तकनीकी महाविद्यालयों में प्रोफेसर की नौकरी हड़प लेते हैं।

नहीं रहीं शोषितों की आवाज़ महाश्वेता

शिखा पाण्डेय,

आदिवासियों और शोषित वर्ग की एक आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। महान लेखिका महाश्वेता देवी (90) का गुरुवार दाेपहर 3.16 बजे एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। शनिवार रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा। तब से स्थिति लगातार बिगड़ती गयी। महाश्वेता के निधन से समूचा साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत शोकाकुल है।

महाश्वेता का जन्म ढाका के संपन्न परिवार में हुआ था। पिता मनीष घटक प्रख्यात कवि थे। मां धारित्री देवी भी साहित्य की गंभीर अध्येता थीं। मशहूर रंगकर्मी विजन भट्टाचार्य से उनकी पहली शादी हुई थी। महाश्वेता एक अद्भुत विद्रोही और मानवीय भावनाओं से परिपूर्ण लेखिका थीं। केवल अपने साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से ही नहीं, वरन अपना पूरा जीवन शोषित, पीड़ित, पिछड़े वर्ग के लोधा संप्रदाय के कल्याण और विकास के लिए उत्सर्ग किया था।

महाश्वेता के पिता मनीष घटक कवि और उपन्‍यासकार थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को एक लेखक, साहित्यकार और आंदोलनधर्मी के रूप में विकसित किया था। विद्रोह और अांदोलन उनके साहित्य के साथ उनके जीवन में भी परिलक्षित होता है।

महाश्‍वेता देवी बहुत ही कम उम्र से ही साहित्य और लेखन जगत से जुड़ गयी थीं। उनकी पहली रचना ‘झांसीर रानी’ को जिस ढंग से लिखा था, उसमें इतिहास के साथ-साथ नाटकीयता भी थी। उन्होंने लोकगीत, लोककथा और आम लोगों के गानों को अपने साहित्य में स्थान दिया था। उनका पारिवारिक जीवन बहुत ज्यादा सुखमय नहीं रहा था। पहले विजन भट्टाचार्य और फिर बाद में असीत गुप्त के साथ उनका वैवाहिक जीवन ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाया था। मगर उनके निजी जीवन ने उनके लेखन को कभी प्रभावित नहीं किया।

महाश्वेता देवी की प्रमुख रचनाओं में अग्निगर्भ, जंगल के दावेदार, हजार चौरासी की मां, माहेश्वर आदि हैं। इनकी लगभग 20 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुकी हैं। महाश्वेता देवी को 1979 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, 1986 में पद्मश्री, 1996 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, 1997 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और 2006 में पद्मविभूषण मिला।

देश में आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल, एटीएम भी रहेंगे बंद

अब्दुल फ़हद,

आज देशभर में बैंको की राष्ट्रव्यापी हड़ताल होगी, जिससे पूरे देश का कारोबार प्रभावित होगा। फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आज यूनाइटेड जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। हड़ताल के लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी तैयारी पूरी कर ली है।

हड़ताल के दौरान बैंकों में ताला तो लटका ही रहेगा, साथ में एटीएम भी बंद रहेंगे। यूनियन की ओर से विभिन्न जगहों पर बैंक शाखाओं के सामने प्रदर्शन किया जायेगा। बैंक और एटीएम बंद रहने की स्थिति में लगभग 150 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।

यूनियन के अधिकारियों ने हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है। यूनियन के भागलपुर जिला सचिव अरविंद रामा ने बताया कि हड़ताल में जिले भर के बैंकों के लगभग 500 अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे।

सरकार द्वारा आर्थिक सुधार एवं बैंकिंग सुधार के नाम पर बैंककर्मी के अधिकारों के खिलाफत वाले निर्णय के विरोध में यह बंद है।

बेरहम चिकित्सकों ने ली शिवशक्ति की जान, ज़बरदस्ती किया डायलिसिस

पारुल पाण्डेय,

मुम्बई: विरार में रहनेवाली सोनिया प्रभाकर आज भी उस दिन को कोसती हैं, जब वह अपने पति शिवशक्ती प्रभाकर को उनके इलाज के लिए विजय वल्लभ नामक एक निजी अस्पताल में ले गई थीं। दरअसल शिवशक्ती को डायबिटीज समेत कई दिक्कतें थी। जिनका इलाज डॉ. लिनस रोड्रिग्ज कर रहे थे, डॉ. रोड्रिग्ज के ही कहने पर सोनिया अपने पति को विजय बल्लभ अस्पताल लेकर गईं। सोनिया ने डॉ. रोड्रिग्ज और अस्पताल की मिलीभगत बताते हुए अपने पति की मौत का ज़िम्मेदार इन्हें ठहराया है।

दरअसल सोनिया के पति शिवशक्ति के शरीर में पानी भरने के चलते सोनिया 15 जुलाई की सुबह अपने पति को विरार स्थित नजदीकी अस्पताल में ले गई। अस्पताल में लगातार चार दिन यानि 15 से 18 जुलाई तक चिकित्सकों ने सोनिया के पति को आईसीयू में रखकर इलाज किया। अस्पताल का बिल उम्मीद से ऊपर हो जाने के चलते, सोनिया ने अपने पति को जनरल वार्ड शिफ्ट करवा दिया। ऐसे में सोनिया जब खाना लेने के लिए अपने घर लौटी तो अस्पताल प्रशासन ने बिना सोनिया को बताए उनके पति का डायलसिस किया। सोनिया ने आरोप लगाया कि इसी बीच डॉक्टरों द्वारा हुई लापरवाही के कारण उनके पति को ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी और कुछ ही घंटों बाद मरीज ने अपनी जान गंवा दी।

पत्नी की गैरमौजूदगी में किया डायलसिस-

शिवशक्ती प्रभाकर की पत्नी सोनिया बताती हैं कि अस्पताल प्रशासन ने उनको 19 जुलाई की दोपहर 3 बजे थर्ड डायलसिस करने की बात कही थी। जबकि अस्पताल प्रशासन बिना उन्हें जानकारी दिए आनन-फानन में सोनिया के जाने के बाद 12 बजे ही उनके पति का डायलसिस करने लगा। सोनिया ने कहा कि उनके पति ने उन्हें 3 से 4 बार फोन करके यह बात बताने की कोशिश भी की, लेकिन इन्होंने जल्द आने की बात कहकर फोन रख दिया।

मरीज को छुट्टी देकर झाड़ा पल्ला-

सोनिया ने आगे बताया कि जब वह अस्पताल पहुची तो उनके पति को ब्लीडिंग शुरू थी जो रुकने का नाम नहीं ले रही थी। ऐसे में अस्पताल ने कुछ उपाय करके ब्लीडिंग रोकी और मरीज को छुट्टी देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद घर पहुँचने पर मरीज की हालत और बिगड़ने लगी। ज्यादा ब्लीडिंग होने के बाद मरीज को बेहोशी होने लगी, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया।

जल्दबाजी और लापरवाही का नतीजा-

अस्पताल प्रशासन से इस बात की शिकायत करने पर उन्होनें कुछ फॉर्मेलिटीज के बाद सोनिया को डेथ सर्टिफिकेट थमा दिया। सोनिया का आरोप है कि अस्पताल की जल्दबाजी और लापरवाही के चलते उनके पति है की जान गई है। जिसके लिए वह आगाशे पुलिस स्टेशन में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर भी करेंगी।

इस मामले में डॉ. रोड्रिग्स, जिन्होंने शिवशक्ति विजय बल्लभ हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दिया था, उहोने अपना बचाव करते हुए खुद को पाक साफ़ बताया। डॉ. रोड्रिक्स ने कहा कि इस पूरे मामले में उनकी कोई गलती नहीं है। डॉ. रोड्रिक्स ने कहा कि “मामले की जानकारी को रिपोर्ट देखकर समझा जा सकता है। शिवशक्ति को डायलिसिस की आवश्यकता थी, इसीलिए सलाह दी गई।” विजय बल्लभ अस्पताल में जब इस मसलेपर बात करने के लिए फोन किया गया तो अस्पताल के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से बात नहीं हो पाई।

देखिए, मायावती को शूर्पणखा कहने वाले अनुराग ने क्या कहा

इलाहाबाद में विवादित पोस्टर लगाकर बसपा सुप्रीमो मायावती को ‘शूर्पणखा’ की संज्ञा देने वाले अनुराग शुक्ल नवप्रवाह मीडिया नेटवर्क्स के संवाददाता अनुज हनुमत से बातचीत की। पूरे मामले को जानने के लिए देखें ये वीडियो।