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Thursday, August 6, 2026
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भिवंडी में गिरी इमारत, कम से कम 2 लोगों की मौत, कई घायल

शिखा पाण्डेय,

मुंबई के करीब भिवंडी के हनुमान टेकड़ी इलाके में आज एक दो मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई। हादसे में अब तक 2 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि कई लोग घायल  बताये जा रहे हैं। ठाणे और कल्याण से आपदा नियंत्रण दल सूचना मिलते ही मौके के लिए रवाना हो गए। स्थानीय दमकल कर्मी भी वहां बचाव कार्यों में लगे हैं।

नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल भी बुलाया गया है। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह में शहर में इमारत ध्वस्त होने की यह दूसरी घटना है। ठाणे नगर निगम में क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि यह इमारत कल्याण रोड के हनुमान टेकड़ी इलाके में थी और सुबह करीब आठ बजे ध्वस्त हो गई।बचाव कर्मियों ने मलबे से 4 व्यक्तियों को बाहर निकाला।आशंका है कि सात या आठ व्यक्ति मलबे में फंसे हैं।

भिवंडी की तहसीलदार वैशाली लंबाते के अनुसार,” यह इमारत ‘खतरनाक इमारत’ श्रेणी में आती थी और बहुत पुरानी हो चुकी थी।” स्थानीय प्रशासन के मुताबिक इमारत में 2-3 परिवार रहते थे। अधिकारी ने बताया कि स्थानीय निकाय ने इमारत में रह रहे लोगों को इसे खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किए थे। ठाणे पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस दल भी मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 31 जुलाई को शहर में भारी बारिश के चलते भिवंडी में दो मंजिला एक रिहायशी इमारत ध्वस्त हो गई थी जिससे चार बच्चों और तीन महिलाओं सहित नौ लोगों की जान चली गई थी और दस अन्य घायल हो गए थे।

हिरोशिमा परमाणु हमले को हुए 71 वर्ष, द्वितीय विश्व युद्ध को याद कर नम हुईं आँखें

ब्यूरो,

जापान का हिरोशिमा शहर आज परमाणु हमले की 71वीं बरसी मना रहा है। समारोह 6 अगस्त, 1945 की उस दुखद घड़ी को याद करते हुए सुबह 8.15 बजे एक मिनट के मौन के साथ शुरू हुआ, जब अमेरिकी वायुसेना के बी-29 इनोला गे ने विश्व का पहला परमाणु बम ‘लिटिल बॉय’ गिराया था। द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के समय हुए इस परमाणु हमले में हजारों लोग मारे गए थे।

समारोह का आयोजन परमाणु विस्फोट के केंद्र के निकट ‘पीस पार्क’ में किया गया। समारोह में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और ब्रिटेन, फ्रांस और रूस समेत 91 देशों के प्रतिनिधि और साथ ही शहर के युवा और बमबारी से बचे हुए लोग शामिल हुए।

उल्लेखनीय है कि हिरोशिमा में 71 साल पहले हुए उस परमाणु हमले में उस वक्त 80,000 जानें गई थीं। साल के अंत तक परमाणु बमबारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,40,000 हो गई थी। नागासाकी में तीन दिन बाद यानी नौ अगस्त, 1945 को हुई बमबारी के कारण जापान को आत्मसमर्पण करना पड़ा था, जिसके बाद द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हो गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के पदचिन्हों पर चलते हुए शहर के मेयर कुजुमी मत्सुई ने विश्व के नेताओं से परमाणु हमले के प्रभाव को समझने के लिए हिरोशिमा और नागासाकी का दौरा करने का आग्रह किया है। आपको बता दें कि ओबामा मई में इस शहर का आधिकारिक दौरा कर ऐसा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गए हैं।

इलाहाबाद विवि के छात्रसंघ ने विवि प्रशासन को दी धमकी, कहा- निलंबन वापस नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं और विवि प्रशासन के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। विवि प्रशासन द्वारा कठोर निर्णय लेते हुए जिस तरीके से अनुशासनहीनता के आरोप में आठ छात्रों पर कार्यवाही की गई, जिसमें चार छात्र नेताओं का निष्कासन और बाकी चार छात्र नेताओं को निलम्बित किया गया उसने कैम्पस के माहौल में एक बार फिर अस्थिरता पैदा कर दी है ।

मौजूदा छात्र संघ अध्यक्षा ऋचा सिंह ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं और प्रवेश परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर आन्दोलन कर रहे छात्रों के निष्कासन एवं निलंबन की छात्रसंघ घोर निंदा करता है। जिस तरह से छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह एवं अन्य दो पदाधिकारियों का निष्कासन किया गया है, यह पूरी तरह से न सिर्फ अलोकतांत्रिक है बल्कि नियमों के विपरीत भी है।

उन्होंने आगे कुलपति महोदय को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि बिना छात्रों का पक्ष सुने उन पर इस तरह की कार्यवाही कुलपति की तानाशाही का प्रमाण है, जिसे किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

छात्र संघ अध्यक्षा ऋचा सिंह ने कहा कि यह छात्रसंघ की गरिमा पर प्रहार है और छात्रसंघों के अस्तित्व को कुलपति द्वारा ख़त्म करने को कोशिश की जा रही है। जिस तरह से अभी छात्रसंघ अध्यक्ष द्वारा भेजी गयी शिकायतों पर PMO, एवं महिला आयोग से विश्वविद्यालय से जवाब माँगा गया है, उससे विश्वविद्यालय प्रशासन बौखलाया हुआ है और यह सब कुलपति द्वारा आनन फानन में छात्र आंदोलन को तोड़ने एवं छात्रों को दबाव में लेने के लिए कार्यवाही की जा रही है, जो बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि अभी पिछले शुक्रवार को छात्रसंघ अध्यक्ष ने राज्य मानव संसाधन विकास मंत्री श्री महेंद्र नाथ पाण्डेय से मिलकर उन्हें विश्वविद्यालय में चल रही अनिमितताओं की जानकारी दी और साक्ष्यों को उपलब्ध कराया गया है। छात्रसंघ को आश्वासन मिला है और जल्द ही कुलपति समेत विवादित रजिस्ट्रार, विवादित प्रवेश परीक्षा निदेशक पर कार्यवाही होने जा रही है। आगे उन्होंने कड़े अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा की अगर विश्वविद्यालय प्रशासन  तत्काल रूप से छात्रसंघ पदाधिकारियों समेत सभी छात्रों का निष्कासन एवं निलंबन वापस नहीं लेता तो छात्र उग्र आन्दोलन करेंगे।

फिल्म ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ की रिलीज़ डेट तय

शिखा पाण्डेय,

फिल्म ‘हाफ गर्लफ्रैंड’ की रिलीज डेट तय हो गई है। फ़िल्म अगले वर्ष 19 मई को रिलीज होगी। फ़िल्म में श्रद्धा कपूर और अर्जुन कपूर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्मकार मोहित सूरी हैं व सह निर्माण चेतन भगत ने किया है। यह फिल्म चेतन भगत की ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ नामक उपन्यास पर बनाई जा रही है। फिल्म की शूटिंग अभी जारी है।

अर्जुन और श्रद्धा इन दिनों फिल्म के दूसरे शेड्यूल की शूटिंग अमेरिका में कर रहे हैं। फिल्म का पहला शेड्यूल दिल्ली में शूट किया गया था। अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने खुद शनिवार को ट्विटर पर फिल्म रिलीज की तारीख साझा की। श्रद्धा ने लिखा-

#HalfGirlfriend is going to release on 19th May 2017 @mohit11481@chetan_bhagat @arjunk26

— Shraddha Kapoor (@ShraddhaKapoor) August 6, 2016

यह पहला मौका है, जब अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर किसी फिल्म में एक साथ नजर आएंगे। श्रद्धा अच्छी स्क्रिप्ट चुन रही हैं, इसीलिए बॉक्स ऑफिस पर उनको लगातार सफलता भी मिल रही है।

बता दें कि अर्जुन पहली बार चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित फिल्म का हिस्सा नहीं बनने जा रहे हैं। इससे पहले भी वह ‘2 स्टेट्स’ में काम कर चुके हैं। यह फिल्म भी चेतन भगत के ‘2 स्टेट्स : द स्टोरी ऑफ माय मैरिज’ उपन्यास पर आधारित थी।

रियो ओलंपिक: क्वालीफाइंग राउंड निशाने से चूक गई दीपिका, तीरंदाज़ी में अतनु का शानदार प्रदर्शन

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक में तीरंदाज़ी में अतनु दास के शानदार प्रदर्शन की ख़ुशी के साथ भारत के लिए एक दुखद समाचार भी आया। तीरंदाजी की महिलाओं की टीम से दीपिका कुमारी, जिनसे सभी को जीत की उम्मीद थी, क्वालीफाइंग राउंड में निशाने से चूक गईं। दीपिका 720 में 640 के स्कोर के साथ 20वें स्थान पर रह गईं।

ब्राजील की ऐतिहासिक सांबा स्ट्रीट पर शुरू हुए ओलंपिक खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड में अतनु दास ने अपना धैर्यपूर्ण प्रदर्शन कर पांचवां स्थान हासिल किया। वे 36 तीरों के बाद 10वें स्थान पर चल रहे थे, लेकिन बाकी बचे 36 तीरों में कोलकाता के इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। उन्होंने आखिरी 36 तीर में 23 परफेक्ट 10 बनाए और 720 में से 683 अंक जुटाकर पांचवां स्थान प्राप्त किया।

अनुत ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया है। भारतीय तीरंदाजी टीम में दास एकमात्र पुरूष सदस्य हैं। दास अब एलिमिनेशन राउंड की शुरूआत नेपाल के 60वें नंबर के जीतबहादुर मुकतान के खिलाफ करेंगे। अनुत व दीपिका के अलावा अपने तीसरे ओलंपिक में शामिल वरिष्ठ तीरंदाज बोमबायला देवी लैशराम ने 638 का स्कोर किया और 24वें स्थान पर रहीं तथा लक्ष्मीरानी माझी 614 अंकों के साथ 43वें स्थान पर रहीं। अपने आठवें ओलंपिक स्वर्ण पर निगाहें जमाए तीन कोरियाई खिलाड़ी शीर्ष तीन स्थानों पर काबिज रहे।

मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने वाले BJP नेता दयाशंकर को कोर्ट से राहत

अमित द्विवेदी,

मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह को न्यायालय ने राहत दी है। मऊ न्यायालय ने सिंह को 50-50 हजार के दो निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी है।

सिंह मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के बाद फरार थे। गत 29 जुलाई को सिंह बिहार के बक्सर इलाके से धरे गर। एसटीएफ ने दयाशंकर को मॉडल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार क़िया। गौरतलब है कि सिंह के विवादित बयान से भाजपा की भी काफी किरकिरी हुई थी। जब शिकंजा कसता नज़र आया तो सिंह फरार हो गए।

दयाशंकर को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय भेजा गया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद ही सिंह ने मायावती पर अभद्र टिप्पणी की, जिसके लिए उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी माफी मांगनी पड़ी थी।

जीएसटी बिल पारित होना भारत के लिए सकारात्मक निर्णय -मूडीज

शिखा पाण्डेय,

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने जीएसटी बिल पारित होने को भारत के लिए बहुत सकारात्मक निर्णय बताया है। मूडीज के अनुसार राज्यसभा में जीएसटी विधेयक का पारित होना भारत की साख के लिये अच्छा है क्योंकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने से वृद्धि एवं कर राजस्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अपनी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि नई कर व्यवस्था गैर-वित्तीय भारतीय कंपनियों के लिये सकारात्मक होगी। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों पर इसका प्रभाव अलग-अलग होगा। यह बात मूडीज ने शुक्रवार को कही।

मूडीज ने कहा, ” जीएसटी मध्यम अवधि में वस्तु एवं सेवाओं की सुचारू आवाजाही की बाधा को समाप्त करने में सहायक होगा। साथ ही कंपनियों एवं सरकार की कर प्रशासन लागत में कटौती कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने तथा सरकार के राजस्व में वृद्धि में भी मददगार होगा। इससे अनुपालन और कर प्राप्ति बढ़ेगी।

मोहंजो दारो में किसानी करते नज़र आएंगे ऋतिक रोशन!

अमित द्विवेदी,

बॉलीवुड की ऐसी तमाम फिल्में जिनमें कहानी किसानों के इर्द गिर्द घूमती है, काफी सराही जाती रही हैं। फिल्म इंडस्ट्री के कई अभिनेताओं को इसका फायदा भी मिला है। आमिर, सलमान और शाहरुख़ से लेकर ऐसे कई अभिनेता हैं, जिन्हें किसान के किरदार में जनता का बड़ा प्यार मिला। अब इसी रूप में नज़र आने वाले है ऋतिक रोशन फिल्म मोहंजो दारो में।

आशुतोष गोवारिकर की इस फिल्म की दर्शकों को लंबे समय से प्रतीक्षा है। अब देखना है कि फिल्म के रिलीज़ होने के बाद निर्देशक और अभिनेता आम जनता को कितना प्रभावित कर पाते हैं। हालाँकि निर्देशक आशुतोष अपनी इस फिल्म को लेकर काफी कॉंफिडेंट हैं।

ऋतिक फिल्म मोहेंजो दारो में सरमन नाम के किसान का रोल प्ले कर रहे हैं, जो नील की खेती करता है। नील की खेती करना मोहेंजो दारो की खासियत है। इससे मोहेंजो दारो की ऐतिहासिकता और फिल्म के कनेक्शन को ज्यादा बल मिलता है।

यह पहला मौका होगा, जब ऋतिक किसान का किरदार निभा रहे हैं। हालाँकि मोहंजो दारो में नील की खेती करने वाले किसान की भूमिका में नज़र आ रहे ऋतिक के इस किरदार में एक नयापन सा है।

इरोम शर्मिला को कट्टरपंथी ग्रुप से धमकी, “मणिपुरी लड़के से शादी नहीं की तो मार डालेंगे”

अब्दुल फ़हद,

अफस्पा के खिलाफ 16 साल से जारी अनशन समाप्त करने की घोषणा करने वाली मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को धमकी मिली है। शर्मिला को यह धमकी एक स्थानीय कट्टरपंथी ग्रुप ने दी है। शर्मिला ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा करने के साथ ही कहा था कि वह विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगी।

अलगाववादी समूह एएसयूके ने शर्मिला को चुनाव न लड़ने और किसी विदेशी लड़के से शादी न करने की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि 16 साल से अनशन कर रहीं मणिपुर की आयरन लेडी इरोम शर्मिला ने घोषणा की कि वह 9 अगस्त को अपना अनशन समाप्त कर देंगी और राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि अब उन्हें नहीं लगता कि उनके अनशन से कठोर आफ्सपा हट पाएगा, लेकिन वह लड़ाई जारी रखेंगी। उनका मानना है कि राजनीति में कदम रखकर ही उनका सफाया किया जा सकता है, जो समाज और देश के दुश्मन हैं।

इविवि: विवि प्रशासन ने एक दर्जन छात्रों को किया निलम्बित, अधिकांश ABVP के सदस्य

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ और विवि प्रशासन के बीच आपसी टकराव एक नए स्तर पर पहुंच गया है, जिसे देखकर इतना तो स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में कैम्पस का माहौल इसी तरह गर्म रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार, विवि प्रशासन ने पिछले दिनों छात्र नेताओं द्वारा कुलपति कार्यालय का घेराव, DSW और अकाउंट कार्यालय में तालाबंदी के कारण लगभग एक दर्जन छात्र नेताओ पर कड़ी कार्रवाई की है।

छात्रों को उनकी हदें पार करने को लेकर नाराज़ प्रशासन ने उन्हें निलम्बित कर दिया है। निलम्बित किए गए नेताओं में से अधिकांश ABVP संगठन के हैं । जानकारी के अनुसार छात्र नेता सूर्यप्रकाश मिश्रा,  आनंद सिंह निक्कू, विक्रांत सिंह, श्रवण जायसवाल, विशाल को आजीवन विवि से टर्मिनेट किया गया है और छात्र नेता अनुभव उपाध्याय, नलिनी मिश्रा, हिमांशु को विवि से निलम्बित कर दिया गया है।

विवि प्रशासन ने छात्र नेता सौरभ तिवारी को नोटिस दिया है। निलम्बन के ये आदेश चीफ प्रॉक्टर द्वारा जारी किये गए हैं। निलम्बित किये गए छात्र नेताओ में कुछ अध्यक्ष पद के उम्मीदवार भी शामिल है। सूत्रों की माने तो अभी कुछ और छात्र नेताओं पर कार्यवाही हो सकती है। कुलमिलाकर इन सभी छात्र नेताओं के ऊपर हुई इस कार्यवाही ने इतना तो स्पष्ट कर दिया है आने वाले दिनों में विवि प्रशासन अपने तेवर ढीले नहीं करने वाला।

निम्लबित हुए अधिकांश  छात्र नेताओं से जब हमने बात की तो उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन अब पूरी तरह से लोकतान्त्रिक मूल्यों का गला घोंटने पर उतर आया है। उसकी ये हिटलरशाही अब नहीं चलेगी। बल्कि अधिकांश छात्र नेताओं ने आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की धमकी भी दी है।

कुछ छात्र नेताओं ने तो यहाँ तक कहा है कि कुलपति महोदय पीजीएटी और क्रेट की प्रवेश परीक्षा में हुई धांधली पर खुलकर क्यों नही बोल रहे। जाँच की सच्चाई को आखिर क्यों छात्रों से छिपा रहे हैं ? बहरहाल अभी तो सुचारू रूप से कैम्पस का शिक्षण कार्य भी नहीं शुरू हुआ लेकिन संभावनाएं ऐसी बन रही हैं कि विवि प्रशासन और छात्र नेताओं के टकराव की वजह से शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।