भारत के स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह साल के अंत तक शादी के बंधन में बंध जाएंगे। युवराज का जन्मदिन 12 दिसंबर है, इसकी ऐसी संभावना है कि शादी की तारीख में इसी के आस पास हो सकती है। यह खुलासा स्वयं युवराज की माँ शबनम ने की। परिवार के मुताबिक, युवराज की शादी में गिने चुने लोग ही शामिल होंगे।
पिछले साल जब से हेजल और युवराज की सगाई हुई थी, तभी से सबको इन दोनों की शादी का बेसब्री से इंतज़ार था। एक इंग्लिश डेली को दिए साक्षात्कार में युवराज ने कहा था कि शादी दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। लंबे समय के बाद अब जाकर युवराज की माँ ने दोनों की शादी की घोषणा की है।
शादी दिल्ली में पंजाबी रीति रिवाज़ से होगी। शादी में उत्तर प्रदेश की परंपराओं का भी ख्याल रखा जाएगा, क्योंकि हेजल की माँ मूलतः उत्तर प्रदेश की हैं। शादी और रिसेप्शन दोनों दिल्ली में होगा।
Kapil Sharma during press conference of Zee TV's Star Ya Rockstar at hotel Hometel in Industiral Area Ph-1 of Chandigarh. *** Local Caption *** Kapil Sharma during press conference of Zee TV's Star Ya Rockstar at hotel Hometel in Industiral Area Ph-1 of Chandigarh. Express Photo by kamleshwar Singh / chandigarh
शिखा पाण्डेय,
हमेशा से नरेंद्र मोदी के समर्थक रहे कॉमेडियन कपिल शर्मा ने ट्विटर पर मोदी को टैग कर दफ्तर बनाने के लिए बीएमसी पर घूस मांगने का आरोप लगाकर खुद ही के लिए मुश्किलें खड़ी कर ली हैं। कपिल ने घूस मांगने का आरोप तो लगा दिया लेकिन घूस मांगने वाले अधिकारी का नाम नहीं बताया। इसके बाद तो पूरे मामले की शक़्ल ही बदल गई।
बीएमसी सूत्रों से पता चला है कि कपिल शर्मा अवैध निर्माण करवाना चाहते थे और उसके लिए उन्हें बीएमसी ने जुलाई में नोटिस भी भेजा था और अगस्त में बीएमसी द्वारा अवैध निर्माण तोड़ा भी गया था।
अब कपिल ने अपने ट्वीट में सीधे पीएम नरेंद्र मोदी को टैग कर अच्छे दिनों पर सवाल तो खड़ा कर दिया पर अवैध निर्माण के आरोप पर अभी कपिल शर्मा का जवाब नहीं आया है।
गौरतलब है कि सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर पीएम मोदी को टैग करके कपिल ने ट्वीट किया है कि वो बीते पांच साल से 15 करोड़ टैक्स भरते हैं लेकिन उनसे बीएमसी वाले 5 लाख की घूस मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें ऑफिस बनवाना है। इसके बाद पीएम मोदी को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, “ये हैं आपके अच्छे दिन?” कपिल के आरोपों के जवाब में बीएमसी ने कहा है कि कपिल उस अधिकारी का नाम बताएं जिन्होंने घूस मांगी, उसपर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
सोशल मीडिया पर इस ट्वीट के बाद कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर मोदी समर्थक जमकर कपिल का मजाक उड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कपिल के समर्थक इसपर सहानुभूति दिखा रहे हैं। इस ट्वीट के बाद कुछ लोगों ने कपिल से पूछा है कि कहीं ये राजनीति में किस्मत चमकाने की उनकी कोई चाल तो नहीं है। कई लोगों को तो यह भी शक़ है कि कहीं कपिल नवजोत सिंह सिद्धू की पार्टी ‘आवाज-ए-पंजाब ‘ तो नहीं ज्वाइन करने वाले हैं!
यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में सेरेना विलियम्स कारोलिना पिलिसकोवा से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गयी हैं। इस हार के साथ सेरेना का 23वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने और लगातार 187 सप्ताह तक ‘नंबर वन’ बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का सपना टूट गया। अब सेरेना की जगह जर्मनी की एंजेलिक केरबर दुनिया की नंबर एक महिला खिलाड़ी होंगी।
सेमीफाइनल में चेक गणराज्य की दसवीं वरीयता प्राप्त पिलिसकोवा ने सेरेना को 6-2, 7-6 से हराया।
पिलिसकोवा इससे पहले पिछले 17 अवसरों पर किसी ग्रैंडस्लैम में तीसरे दौर से आगे नहीं पहुंच पायी थीं। उन्होंने कहा, “मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। मुझे पता था कि यदि मैं अपना नैसर्गिक खेल खेलती हूं तो किसी को भी हरा सकती हूं। मैं फाइनल में पहुंचकर और सेरेना जैसी चैंपियन को हराने से उत्साहित हूं।”
दूसरी ओर एंजेलिक केरबर फाइनल में भी पहुँच गई हैं और यूएस ओपन खिताब की प्रबल दावेदार भी हैं। हालांकि यह उनका पहला यूएस ओपन ख़िताब होगा।
इस उपलब्धि पर केरबर ने कहा, “फाइनल में पहुंचना और विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनना अविश्वसनीय है। यह शानदार दिन था।”
फाइनल में कारोलिना पिलिसकोवा को केरबर से भिड़ना होगा जिन्होंने एक अन्य मैच में कारोलिना वोजनियाकी को 6-4, 6-3 से पराजित किया।
आपको बता दें कि जब सोमवार को नयी विश्व रैंकिंग जारी होगी तो केरबर नंबर एक बनने वाली दूसरी जर्मन खिलाड़ी होंगी क्योंकि स्टेफी ग्राफ के आखिरी बार 1996 में यूएस ओपन फाइनल में पहुंचने के बाद केरबर पहली जर्मनी खिलाड़ी हैं जो यहां खिताबी मुकाबले में पहुंची हैं। उनसे पहले जर्मनी से केवल ग्राफ ने ही यह उपलब्धि हासिल की थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान आज सुबह शुरू हो गया। यह चुनाव छात्र संघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए कराया जा रहा है। प्रातःकालीन महाविद्यालयों में 12.30 बजे तक मतदान हुआ, जबकि सायंकालीन विद्यालयों में अपराह्न 3 बजे से शाम के 7 बजे तक होगा।
इस बार एनएसयूआई अपनी शाख़ बचाने की पुरजोर कोशिश में है, जबकि पिछली बार के चुनाव में चारों सीटों पर कब्ज़ा करने वाली एबीवीपी पूरे आत्मविश्वास में है। डूसू चुनाव के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, छात्र संघ के चुनाव में 4 पदों के लिए कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए 7, उपाध्यक्ष के लिए 4 और सचिव एवं संयुक्त सचिव के लिए तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना कल यानी शनिवार को की जाएगी, जिसमें इन उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।
इस बार, अध्यक्ष पद के लिए अमित तंवर एबीवीपी के उम्मीदवार हैं। एनएसयूआई) ने एलएलबी के छात्र निखिल यादव को अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि इसी पद के लिए आइसा ने कंवलजीत कौर को उम्मीदवार बनाया है।
भ्रष्टाचार का शिकार हुए कॉमेडियन कपिल शर्मा ने मुंबई महानगरपालिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शासन व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। कपिल ने एक ट्वीट कर पीएम मोदी से प्रश्न किया कि पिछले 5 सालों से 15 करोड़ रूपए आयकर जमा कर रहा हूँ, उसके बावजूद ऑफिस बनाने के लिए बीएमसी 5 लाख रूपए घूस मांग रही है। क्या यही हैं आपके अच्छे दिन!
कपिल के इस ट्वीट के बाद ही मोदी सरकार की किरकिरी शुरू हो गई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कपिल को ट्वीट किया “कपिल भाई आप सारी जानकारी उपलब्ध कराएं। मैंने बीएमसी को मामले की जांच का सख्त आदेश दिया है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
कपिल ने इस मामले में पत्रकारों को बताया कि कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि बीएमसी से पर्मिशन लेने में साल भर लग जाएंगे। अगर आप जल्दी ऑफिस बनाना चाहते हैं, तो आपको 5 लाख रूपए रिश्वत के देने पड़ेंगे। कपिल ने आगे कहा कि मुझे रिश्वत के पैसे नहीं देने थे। गलत होने के बावजूद काम जल्दी करवाने के लिए मैंने पैसा दिया। फिर भी बीएमसी वाले मेरा वो बँगला तोड़ दिए।
कपिल ने कहा कि जब हम जैसे पब्लिक फिगर को इतनी दिक्कत है तो आम आदमी का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि मैंने इस संबंध में पत्र भेजकर बीएमसी से जानकारी मांगी कि और कितना वक़्त लगेगा। तब बीएमसी से जवाब आया कि अब और 5 लाख रूपए देने पड़ेंगे।
जैसे जैसे उत्तर प्रदेश चुनाव करीब आने लगा है, वैसे वैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी राहुल गांधी में ‘अच्छा लड़का’ नज़र आने लगा है। अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठजोड करने का स्पष्ट संकेत देते हुए आज राहुल गांधी को ‘बहुत अच्छा लड़का’ कहकर कुछ उसी अंदाज में उनकी तारीफ की, जैसी हाल ही में उनके लिए राहुल ने की थी।
अखिलेश के अनुसार, “राहुल जी बहुत अच्छे इंसान हैं, बहुत अच्छे लड़के हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश में और ज्यादा आना चाहिये और ज्यादा रहना चाहिये। हमारी दोस्ती उनसे होगी तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी। दो अच्छे लोग मिल जाएं तो क्या खराबी है?”
जब उनके इस बयान को सपा कांग्रेस गठबंधन से जोड़ कर देखा गया, तो उन्होंने कहा “दो अच्छे लोग मिलते हैं तो इसमें राजनीति की बातें क्यों करते हो?”
गौरतलब है कि राहुल ने 29 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश की तारीफ की थी और कहा था,”आपने अपने दिल से 2012 के चुनाव में एक युवक को वोट दिया। अखिलेश ठीक लड़का है लेकिन आप जैसा चाहते थे, वह वैसा कर नहीं पाया।’’ ठीक उसी अंदाज में अखिलेश ने भी आज राहुल की तारीफ कर डाली।
चुनाव से पहले सपा राष्ट्रीय लोक दल और कौमी एकता दल जैसे छोटे दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत कर रही है। उसकी रणनीति ठीक वैसी ही लगती है, जैसा बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में जदयू, कांग्रेस और राजद का महागठबंधन बनाकर नीतीश ने चुनाव जीता।
जैसे ही रिलायंस ने पिछले सप्ताह मुफ़्त में कॉल की सुविधा देने की घोषणा की, उसके बाद तो मानों पूरे टेलीकॉम जगत में तहलका मच गया। उसी समय रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि रिलायंस जियो पर सिर्फ़ डेटा के लिए पैसे लिए जाएँगे।
मुकेश अंबानी की इस घोषणा के बाद छिड़े प्राइस वॉर के बीच एक और विवाद खड़ा हुआ और वो था रिलायंस जिओ का विज्ञापन, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिखते हैं। इस पूरे विज्ञापन को लेकर काफ़ी हंगामा भी हुआ और कई राजनीतिक दलों ने इस पर सवाल भी खड़े किए। मामले को ज्यादा बढ़ता देख रिलायंस प्रमुख मुकेश अंबानी ने इस विज्ञापन पर अंग्रेज़ी अख़बार इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अपना पक्ष रखा।
इस पूरे मामले पर मुकेश अंबानी ने कहा कि इस पर विवाद बेमानी है और इस विवाद का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और वे जितने आपके प्रधानमंत्री हैं, उतने ही मेरे प्रधानमंत्री हैं।” उन्होंने कहा पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का विजन सामने रखा है, जिससे वे काफ़ी प्रभावित हैं और हम अपनी सेवा भारत के नेता, भारत और 1.2 अरब भारतीयों को समर्पित कर रहे हैं। इसीलिए इसमें कोई राजनीति नहीं है ।
ऐसा माना जा रहा है कि मुकेश अम्बानी के इस बयान के बाद विवाद थम सकता है, लेकिन मुद्दा कुछ भी हो पर रिलायंस जिओ के आते ही बाक़ी टेलीकॉम कम्पनियों की दिमागी टेंशन बढ़ गई है।
आम आदमी पार्टी पर आज कल दुखों का पहाड़ टूटा हुआ दिखाई दे रहा है। एक के बाद एक अशुभ समाचारों की झड़ी सी लगी है। अब अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी एक बड़ा झटका दे दिया है। दिल्ली सरकार ने 21 विधायकों की मदद के लिए जिन 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी, हाईकोर्ट ने उन 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी है। इन 21 विधायकों और सचिवों में अलका लांबा, जरनैल सिंह, राजेश गुप्ता और आदर्श शास्त्री के नाम अहम हैं।
विस्तार में जानें मामला-
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल मार्च में दिल्ली के 21 विधायकों को मंत्रियों की सहायता के लिए संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था। दिल्ली सरकार के इस कदम के खिलाफ गैर सरकारी संस्था ‘राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा’ ने एक जनहित याचिका दाखिल की थी।
याचिका में एनजीओ ने इन नियुक्तियों को खत्म करने की मांग की थी और इसे असंवैधानिक, अवैध व अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था। याचिका में यह भी कहा गया था कि केजरीवाल को संसदीय सचिवों को शपथ ग्रहण कराने का कोई अधिकार नहीं है।
हाई कोर्ट के फैसले पर दिल्ली सरकार का कहना है,” हाई कोर्ट का फैसला कहता है कि सभी फाइलें उपराज्यपाल द्वारा ही स्वीकृत होनी चाहिए। लेकिन यह अपॉइंटमेंट उनके द्वारा क्लियर नहीं था। इसलिए हम अपने ऑर्डर को विथड्रॉ करते हैं।”
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो सेवा को लेकर निवेशकों की सभी तरह की आशंकाओं को दूर कर दिया है। बिजनेस न्यूजपेपर इकनॉमिक टाइम्स को दिए अपने इंटरव्यू में मुकेश ने कहा कि जियो की फ्री वॉइस कॉल सेवा और सस्ते डेटा दाम के बावजूद 2.5 लाख करोड़ के इस निवेश को नुकसान नहीं, बल्की ‘हेल्दी रिटर्न’ हासिल होगा।
अपने इस इंटरव्यू में निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए मुकेश ने कहा, ” मुझपर विश्वास कीजिये। हम पैसा गंवाने नहीं जा रहे हैं। हम अपनी पूंजी पर उच्च लाभ हासिल करने की तरफ जा रहे हैं, जो हमारी पूंजी का 18-19 फीसदी होगा।”
‘जिओ’ सेवा से पूरे देश में तहलका मचाने वाले मुकेश अम्बानी ने कहा कि रिलायंस जियो इंफोकॉम महज एक टेलिकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि इंटरनेट कंपनी है और यह’ इंटरनेट ऑफ थिंग्स’, ‘वर्चुअल रियलिटी’ और ‘ड्राइवरलेस कार्स’ सहित इनोवेशन की लहर पैदा करेगी।
इस दौरान मुकेश ने सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की। उन्होंने देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली इस लॉबी के लोकतांत्रिकरण पर बल दिया। उन्होंने संगठनात्मक कार्यप्रणाली का हवाला देते हुए कहा,” असोसिएशन में वोटिंग का अधिकार ऑपरेटर्स के रेवेन्यू पर निर्भर करता है। हमारे पास जीरो रेवेन्यू था इसलिए हमें यह अधिकार नहीं मिला। COAI दरअसल, एक या दो ऑपरेटर्स का नजरिया है, न कि पूरी इंडस्ट्री का।”
मुकेश ने अखबारों में जियो के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छापे जाने पर हो रही आलोचना के विषय में कहा, “जैसे वह आपके प्रधानमंत्री हैं, वैसे ही हमारे भी हैं। इसमें कोई राजनीति नहीं है। इसे अगर हमने उन्हें समर्पित नहीं किया होता, तब यह एक तरह से अनुचित बात होती क्योंकि इस विजन के लिए वे सबसे अधिक श्रेय के हक़दार हैं।”
मुकेश ने छोटे भाई अनिल अंबानी के साथ अपने संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भाई के साथ उनके संबंध मैत्रीपूर्ण हैं लेकिन दोनों के कार्य की दिशा अलग अलग है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर ‘जियो’ अनिल अंबानी की ‘रिलायंस कम्युनिकेशनंस’ के साथ वैसे ही मिलकर काम करेगा जैसा उसने बाकी ऑपरेटर के साथ किया है।
गोमांस पर चल रहे तमाम विवादों के बीच हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र मेवात में बिकने वाली बिरयानी के सैम्पल जांच के लिए भिजवा दिए हैं। सरकार यह जांचना चाहती है कि कहीं उसमे गोमांस तो नहीं। अगर ऐसा पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज शाम तक रिपोर्ट आने की संभावना है। हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई का कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर सहित कई लोगों ने विरोध किया है।
जांच का यह निर्णय मंगलवार को ही मेवात में हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला और काउ प्रोटेक्शन टास्क फोर्स की इंचार्ज और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भारती अरोड़ा ने लिए थे। उसी दिन पुलिस ने सैंपल उठा लिए थे।
हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला ने बताया , “अब तक सात सैंपल लिए गए हैं। यह कार्रवाई कई बार मिली शिकायत के आधार पार्किंग गई है। कई बार यह शिकायत मिली है कि मेवात में बिकने वाली बिरयानी में गोमांस मिलाया जा रहा है। इसी वजह से सैंपल जांच के लिए भेजे गए।”
सैंपल हिसार की एक लैब में भेजे गए हैं, पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर विक्रेताओं पर कार्रवाई होगी। आपको बता दें कि गोसंरक्षण के नए कानून के तहत गोमांस बेचने, खाने और रखने पर तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है।
आपको यह बता दें कि मेवात गोहत्या को लेकर सबसे ज्यादा बदनाम रहा है। वहां के मुस्लिम सबसे ज़्यादा गोपालन करते हैं। वहां अक्सर गोतस्करों और गोरक्षकों में भिडंत होती रहती है। पिछले दिनों गुड़गांव के पास कुछ गोतस्करों को पकड़कर उन्हें जबरन गोबर खिलाने का सनसनीखेज मामला भी सामने आया था।