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Friday, August 7, 2026
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मुलायम बने परदादा,लालू बन गए डबल नाना,दोनों बेटियों ने एक ही दिन दी खुशखबरी!

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक ही दिन दो-दो नातियों के नाना बन गए हैं। लालू यादव की दोनो बेटियों को एक ही दिन पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। एक तरफ लालू यादव एक साथ डबल नाना तो   बने ही, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव भी तो परदादा बन गए हैं।

लालू की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और लालू यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी , जो मुलायम यादव के घर की बहू हैं, दोनों ने बेटों का जन्म दिया है।

इस खुशखबरी के आते ही दोनों परिवारों में  बधाई और शुभकामनाओं की झड़ी लग गई है।  लालू यादव के बेटे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव और बेटी मीसा भारती ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर स्वयं  इसकी जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि लालू की बड़ी बेटी मीसा की यह  तीसरी संतान है। मीसा की शादी वर्ष 1999 में शैलेश कुमार के साथ हुई थी।मीसा भारती ने फेसबुक पर लिखा,” परिवार के उपवन में एक नन्हा पुष्प आकर जुड़ा है और मां बनने के इस अहसास से एक बार फिर अभिभूत हूं।”

दूसरी तरफ लालू की छोटी बेटी राजलक्ष्मी की यह पहली संतान है। वर्ष 2014 में राजलक्ष्मी की शादी मुलायम सिंह के पौत्र व सांसद तेज प्रताप यादव के साथ में हुई थी।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने रिलायंस जिओ पर लगाम लगाने के लिए पीएमओ से की शिकायत

शिखा पाण्डेय,

देश भर में मुफ्त कॉल व डेटा की सुनामी लेन वाले रिलायंस जियो के ऑफर्स के खिलाफ सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार को एक और शिकायत पत्र लिखा है, जिसमें लिखा गया है कि वे जिओ की फ्री-कॉल की बाढ़ को संभालने की स्थिति में नहीं हैं।

मोबाइल ऑपरेटरों के संगठन ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर कहा है कि वे ऐसे इंटरकनेक्ट आग्रहों को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं हैं, क्योंकि जियो की योजना प्रतिस्पर्धा रोधक है। सीओएआई ने उचित प्रतिस्पर्धा को बहाल करने के लिए पीएमओ से हस्तक्षेप की अपील की है।

सीओएआई ने पीएमओ को भेजे पत्र में कहा है, ‘‘ऑपरेटर नरम तरीके से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वे किसी भी प्रकार, मसलन नेटवर्क संसाधनों, वित्तीय संसाधनों की दृष्टि से उतनी मात्रा में ट्रैफिक को टर्मिनेट करने की स्थिति में नहीं हैं, जो असंयमित तरीके से आ रहा हो। इसके अलावा वे उन इंटरकनेक्ट आग्रह को मानने को भी बाध्य नहीं हैं, जो असामान्य तरीके के ट्रैफिक से आ रहा है और ऐसी आईयूसी व्यवस्था बनाता हो, जो प्रतिस्पर्धा रोधी है।’’

इसके विपरीत रिलायंस जिओ के सूत्रों ने कहा कि उसका विरोध कर रही कंपनियां पर जिओ या किसी नेटवर्क से आने वाली कॉल को ‘इंटरकनेक्टिविटी’ यानी मार्ग देने की कानूनी बाध्यता है।

गौरतलब है कि रिलायंस जिओ ने अपनी सेवाओं का व्यावसायिक परिचालन 5 सितंबर को शुरू किया है। जिओ ने आरोप लगाया है कि सेवाओं के परीक्षण के दौरान भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसे ऑपरेटरों ने पर्याप्त इंटरकनेक्शन पोर्ट उपलब्ध नहीं कराया था। मौजूदा ऑपरेटरों का आरोप है कि रिलायंस जिओ द्वारा नेटवर्क का परीक्षण नियमनों का उल्लंघन करने का प्रयास है।

आंध्र प्रदेश को केंद्र ने दिया विशेष वित्तीय पैकेज

अमित द्विवेदी,

केंद्र सरकार ने बुधवार देर रात आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज प्रदान किया। केंद्र की इस वित्तीय पैकेज में पोल्लावरम सिंचाई परियोजना का खर्च, कर में छूट देना आदि शामिल है। हालाँकि राज्य को विशेष दर्ज़ा दिए जाने की मांग केंद्र ने नहीं मानी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस वित्तीय सहायता का स्वागत किया, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि यदि राज्य को विशेष दर्ज़ा दिया गया होता तो वे ज़्यादा खुश होते। उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि केंद्र अपनी सहायता को लेकर प्रतिबद्ध रहे और समय पर पूरा करे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जुलाई 2014 में पृथक राज्य तेलंगाना के गठन के कारण वित्तीय रूप से नुकसान झेलने वाले आंध्र प्रदेश को एक रेलवे जोन प्रदान किया जाएगा। केंद्र पोल्लावरम परियोजना के सिंचाई संबंधी हिस्से का सारा खर्चा उस तारीख से वहन करेगा, जब एक अप्रैल, 2014 को इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था।

ब्रिक्‍स (BRICS) के पहले फिल्म फेस्टिवल में कन्नड़ फिल्म ‘तिथि’ को मिला बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड

शिखा पाण्डेय,

दुनिया के पांच देशों के प्रभावशाली समूह, ब्रिक्‍स(BRICS) के पहले फिल्म फेस्टिवल में कन्नड़ फिल्म ‘तिथि’ को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड दिया गया है। यह सम्मेलन दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में 2 सितम्बर से शुरु हुआ और 6 सितम्बर तक चला।

देश के लिए यह एक अत्यंत सम्माननीय बात है क्योंकि भारत के अतिरिक्त ब्राज़ील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका से 20 फिल्में BRICS से जुड़ी इस प्रतियोगिता में शामिल थीं, जिसमें दक्षिण भारत के फिल्म निर्देशक राम रेड्डी की फिल्म ‘तिथि’ को यह अवॉर्ड मिला।

आपको बता दें कि फिल्म ‘तिथि’ को 68 लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल, मर्राकेश फिल्म फेस्टिवल, शंघाई फिल्म फेस्टिवल और 63 वीन नेशनल फिल्म अवार्ड्स में सम्मानित किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त साउथ अफ्रीकन एक्टर थाबो रामेटासी को ‘बेस्ट एक्टर’ का अवार्ड मिला। फिल्म ‘कालुशी’ के लिए रूसी अभिनेत्री यूलिया पेरेसील्ड को ‘बेस्ट एक्ट्रेस’ का अवार्ड मिला। फिल्म “बैटल फॉर सेवास्तोपोल” के लिए चीन के निर्देशक हुआ जिनकी को बेस्ट डायरेक्टर के अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस फेस्टिवल में 20 फिल्में भी दिखाई गईं, जो अलग-अलग केटेगिरी के तहत थी।

दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने सिनेमा में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिए सिनेमा से जुड़ी अलग-अलग कैटेगरी में ये अवार्ड्स दिए। BRICS की क्लोजिंग समारोह में वेंकैया नायडू ने सभी विजेताओं कक शुभकामनाएं दीं और कहा, “सिनेमा सरहदें पार कर लोगों के दिलों को जोड़ता है। सिनेमा का काम सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी टटोलना है।” BRICS का अगला समारोह चीन के चेंगडु में आयोजित किया जाएगा।

राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों का सफ़र होगा महँगा

शिखा पाण्डेय,

अब जल्दी ही भारतीय रेलवे की राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों का सफ़र महंगा होनेवाला है। रेलवे दुरंतो, शताब्‍दी और राजधानी ट्रेनों में किराये को लेकर एक नया नियम लेकर आया है। रेल मंत्रालय ने राजधानी, दुरंतो और शताब्दी में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू करने का निर्णय किया है। इसके तहत 10 फीसदी सीट बुक होने पर बेस फेयर में 10 फीसदी का इजाफा हो जाएगा।

रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह नई व्यवस्था 9 सितंबर 2016 से लागू हो जा रही है। रेलवे की यह तैयारी घाटे से उबरने के लिए की जा रही है। हालांकि, प्रथम श्रेणी, वातानुकूलित और एक्जीक्यूटिव क्लास को इससे अलग रखा गया है।

जानें क्या है फ्लेक्सी फेयर सिस्टम-

इस नए सिस्टम के अनुसार इन ट्रेनों के यात्रियों को पहली 10 प्रतिशत सीटों के लिए तो बेस फेयर यानी अभी जितना किराया है, उतना ही देना होगा। लेकिन अगली 10 प्रतिशत सीटों पर किराए में 10 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा।इसी तरह 10 प्रतिशत सीटें भरने के बाद अगली 10 प्रतिशत सीटों के लिए किराया बढ़ जाएगा। इस तरह से 50 प्रतिशत सीटें भरने के बाद आखिरी 50 प्रतिशत सीटों के यात्रियों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा।

आपको बता दें कि जिन यात्रियों के पहले ही टिकट बुक हो चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त किराया सफर के दौरान देना पड़ेगा। यही नहीं, बढ़े हुए किराए के आधार पर अतिरिक्त टैक्स भी देना पड़ेगा।

यूपी पुलिस ट्विटर पर भी होगी उपलब्ध, अब सीधे कर सकेंगे शिकायत

अनुज हनुमत,

मौजूदा समय में सूबे की कानून व्यवस्था पर एक के बाद एक प्रश्नचिह्न लग रहे हैं, ऐसे में यूपी पुलिस की लोकप्रियता में भी भारी गिरावट आई है। ऐसे में रेलवे की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश पुलिस से भी सीधे जनता ट्विटर के जरिये शिकायत दर्ज करा सकेगी। इसके खातिर यूपी पुलिस ने ट्विटर प्लेटफार्म तैयार कर लिया है।

उच्च अधिकारियों की मानें तो इस सेवा का उदघाटन 8 सितम्बर को होगा। सूत्रों के अनुसार, इस सेवा को लॉन्च करने के लिए ट्विटर इण्डिया के वाइस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली एवं सीईओ रहील खुर्शीद लखनऊ आ रहे हैं। इस सेवा के लॉन्चिंग के दौरान ट्विटर के अधिकारियों के साथ पुलिस महानिदेशक भी मौजूद रहेंगे।

उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जिसमें पुलिस द्वारा सभी जिलों में ट्विटर सेवा का उपयोग किया जायेगा। इससे पहले बंगलुरु शहर में पुलिस ने एक सीमित क्षेत्र में ट्विटर सेवा लांच की थी। फ़िलहाल यह सेवा देश के चुनिंदा मंत्रालय जैसे विदेश, रेलवे, वाणिज्य,पासपोर्ट विभाग में लागू है।
इस सेवा से ये होंगे फायदे-

1.पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए दौड़ नही लगानी होगी ।
2. पुलिस के ट्विटर एकाउंट में शिकायत व सम्बंधित फोटो अपलोड करनी होगी ।
3. मुख्यालय से सम्बंधित जिलों को शिकायत तत्काल प्रेषित की जायेगी ।
4.शिकायतों का जल्दी होगा निस्तारण । जिस जिले में कितनी समस्याओं का निस्तारण हुआ इसका भी पता चलेगा ।

‘एक कहानी जूली की’ को ‘A’ सर्टिफिकेट मिलने से नाराज़ निर्माता अवध शर्मा पहुंचे हाई कोर्ट

एंटरटेनमेंट डेस्क
शीना वोरा हत्या काण्ड पर आधारित फिल्म ‘एक कहानी जूली की’ के निर्माता अवध शर्मा ने सेंसर बोर्ड पर फिल्म को ठीक से सेंसर न करने और सर्टिफिकेशन बदलने का आरोप लगाया है। शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में सेंसर बोर्ड के खिलाफ शिकायत दर्ज़ की है।

अवध शर्मा ने दिल्ली हाइकोर्ट में शिकायत दर्ज़ की है कि ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन’ ने पहले फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दिया था, मगर बाद में इसे बदल दिया और अब A सर्टिफिकेट दिया जा रहा है।

अवध शर्मा ने मीडिया में बयान जारी कर कहा है, ” केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड(CBFC) के काम करने के तरीके सही नहीं हैं। वहाँ बहुत नाइंसाफी होती है, गैरकानूनी ढंग से काम होता है और अपने ही दिए हुए सर्टिफिकेट पर भरोसा नहीं करते।” शर्मा ने आगे कहा,” फिल्म को पहले U/A सर्टिफिकेट दिया जा चुका था। लेकिन 1 सितम्बर को सेंसर बोर्ड ने कुछ डायलॉग काटकर A सर्टिफिकेट दे दिया। इसलिए हम उनके खिलाफ लीगल एक्शन ले रहे हैं।”

शीना बोरा हत्याकांड पर आधारित इस फिल्म में राखी सावंत शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी की भूमिका निभा रही हैं जो कि इस हत्या की मुख्य आरोपी है।
इस फिल्म का निर्माण चेतना इंटरटेनमेंट के शर्मा ने किया है।

एक कहानी जूली की’ का निर्देशन अजीज ने किया है। राखी के अतिरिक्त इसमें अमित मेहरा, सानिया पन्नू, जिम्मी शर्मा, राजेश खेड़ा, अदी ईरानी, सबगीता तिवारी, सोनिया गुप्ता, सोनू बाबा और रामवीर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई है। इसे शुक्रवार को रिलीज किया जा रहा है।

आंबेडकर का अपमान करनेवाले बयान पर माफ़ी मांगें आज़म-मायावती

शिखा पाण्डेय,

बसपा सुप्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान द्वारा भीमराव अंबेडकर पर की विवादित टिप्पणी से बेहद खफा हैं। मायावती ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि आजम ने अपने बयान से लोगों की भावनाओं को आहत किया है और उन्हें माफी मांगनी होगी।

बसपा प्रमुख ने लखनऊ में जारी किए एक बयान में कहा, ‘‘ सभी धर्म व जाति के लोग अपनी जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अंबेडकर का सम्मान करते हैं। अंबेडकर के बारे में आजम के घटिया बयान की बसपा कड़ी निन्दा करती है।” उन्होंने कहा कि सपा सरकार की जातिवादी नीति से प्रभावित होकर यदि आजम अंबेडकर को समुचित आदर नहीं दे सकते तो कम से कम उनका अपमान करने की कोशिश ना करें।

मायावती ने कहा कि आजम का यह बयान यदि सपा की जातिवादी नीति के तहत चुनावी राजनीति का हिस्सा है तो अलग बात है,अन्यथा अपने गलत बयान से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आजम को सच्चे दिल से अंबेडकर के अनुयायियो से माफी मांगनी चाहिए।

गौरतलब है कि आजम ने बीते सोमवार गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों में लगी अम्बेडकर की मूर्तियों की पारम्परिक बनावट पर टिप्पणी की थी कि अम्बेडकर की उठी हुई उंगली बसपा की महत्त्वाकांक्षा दर्शाती है कि वह जिस जमीन पर खड़े हैं, वह तो उनकी है ही, साथ ही जिस तरफ वह अंगुली से इशारा कर रहे हैं, वह प्लॉट भी उन्ही का है।

मैट्रिक व इंटरमीडिएट परीक्षाओं में डिजिटल मार्किंग सिस्टम लागू करेगा बिहार बोर्ड

शिखा पाण्डेय,
‘शिक्षा स्तर’ पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाने वाले ‘टॉपर्स घोटाले’ के बाद बिहार बोर्ड ने एक अहम् फैसला लिया है। अपने इस फैसले के तहत इंटर और मैट्रिक की परीक्षा को और पारदर्शी बनाने के लिये बिहार बोर्ड हाईटेक कदम उठाने जा रहा है। मैट्रिक और इंटरमीडिएट के उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन सुरक्षित और संरक्षित हो, इसके लिये बोर्ड बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मूल्यांकन में ‘डिजिटल मार्किंग सिस्टम’ को लागू करने जा रहा है।

स्वयं बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस सिस्टम से पहले मैट्रिक और इंटर 2016 की कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का मूल्यांकन किया जायेगा।  इसके तहत उत्तर पुस्तिका की जांच शिक्षक मैनुअल नहीं करेंगे, बल्कि उत्तर पुस्तिका की जांच शिक्षक कंप्यूटर पर करेंगे।  कंप्यूटर में शिक्षकों को उत्तर पुस्तिका की साफ्ट कॉपी उपलब्ध करवायी जायेगी।

इस सिस्टम से लाभ यह होगा कि हर प्रश्न की जांच होगी। कोई प्रश्न चेकिंग के दौरान छूट नहीं पायेगा और स्क्रूटनी की जरूरत नहीं होगी। साथ ही  रि-टोटलिंग करने की जरूरत नहीं होगी। कोई भी गलत मूल्यांकन नहीं हो पायेगा। स्टेप वाइज मार्किंग पूरी तरह से फॉलो हो पायेगी। उत्तर पुस्तिका गायब होने या बदल जाने जैसी घटनाएं नहीं घटेगी। टेबुलेशन संबंधित गलतियां नहीं हो पाएंगी।

बोर्ड के मुताबिक इसके लिये शिक्षकों को बकायदा ट्रेनिंग दी जायेगी।  यदि इस सिस्टम के साथ कंपार्टमेंटल परीक्षाओं के मूल्यांकन में समिति सफल हो जायेगी, तो इसे 2017 के मैट्रिक और इंटर के मूल्यांकन में भी लागू किया जायेगा।

बोर्ड के अध्यक्ष ने मीडिया को बताया,” जब मूल्यांकन डिजिटल मार्किंग सिस्टम से किया जायेगा, तब मार्क्स देने में गलती शिक्षक नहीं कर पायेंगे। रिजल्ट तैयार करने में पूरा महीना नहीं बल्कि दस दिन लगेंगे और उत्तर पुस्तिका को बदलना संभव नहीं होगा।”

जैन मुनी पर टिप्पणी कर फंसे विशाल डडलानी को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

शिखा पाण्डेय,

बॉलीवुड सिंगर, कंपोजर व परफ़ॉर्मर विशाल डडलानी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। डडलानी द्वारा विवादित ट्वीट मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार  कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस में वे हाईकोर्ट जाएं।

उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त को जैन मुनि तरुण सागर ने हरियाणा विधानसभा में प्रवचन दिया था, जिसके बाद गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने उनमे पहनावे को लेकर ट्वीट किया था। इसको लेकर अंबाला छावनी के पुनीत अरोड़ा नाम के व्यक्ति ने डडलानी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी जिसके बाद अंबाला में विशाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 295, 153, 509 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था।

पोस्ट पर विवाद के बाद विशाल ने तुरंत माफी भी मांगी, लेकिन पुनीत का कहना है कि उन्होंने जो गलती की है उसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ेगी। पुनीत अरोड़ा ने एक महिला के साथ जैन मुनि तरुण सागर की तस्वीर पोस्ट करने पर तहसीन पूनावाला के खिलाफ भी मामला दर्ज करवाया है।

इन तमाम विवादों के बाद डडलानी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी और FIR रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निराश कर दिया है।