राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मोदी पर जोरदार हमला बोला है। लालू ने मोदी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख नहीं मिले तो इसका मतलब होगा कि यह ‘फर्जिकल स्ट्राइक’ था।
आक्रामक अंदाज़ में लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पीएम मोदी देश को आश्वासन दें कि जनता को दो महीने तक असुविधा झेलने और सरकार द्वारा कालेधं की उगाही के उपरांत सबके खाते में 15 लाख रूपए आ जाएंगे। लालू में कहा, “हम काले धन के विरूद्ध हैं, पर आपके इस काम में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है। आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए।”
लालू ने चुटकी लेते हुए कहा, “मोदी जी बताएं कि भ्रष्टाचार और काला धन समाप्त करना चाहते हैं, तो 2000 का नया नोट क्यों जारी किया? उन्होंने कहा, मोदी जी, आपकी इस मंशा पर देश को शंका है।
लालू ने ट्वीट कर पूछा, ‘देश जानना चाहता है कि आम आदमी को परेशान करने से पहले बैंकों का लाखों-करोडों रूपया डकारने वाले डिफॉल्टर्स पर क्या कार्रवाई की जा रही हैं? मोदी पर आरोप लगाते हुए लालू ने प्रश्न किया कि कहीं ये सब नाटक उन्हें बचाने के लिए तो नहीं किया जा रहा है!
केंद्र सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले का विरोध तेज़ होता दिख रहा है। सोमवार को कोलकाता में कुछ लोग सड़क पर भी उतर आए। जानकारी के मुताबिक़, सोमवार 14 नवंबर को सोसलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के समर्थकों ने मोदी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। यही नहीं प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी जलाया।
केंद्र सरकार के नोट बंदी फैसले को लेकर विरोध तो कई राजनीतिक पार्टियों ने किया लेकिन यह पहली पार्टी है, जिसने सड़क पर रैली निकाली और पीएम का पुतला जलाया। प्रदर्शन में शामिल पार्टी के सचिव सुमैन बसु ने कहा, ‘केंद्र सरकार को नोटबंदी के फैसले से पहले उचित कदम उठाने चाहिए थे। आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। मरीजों के परिवार की हालत खराब है। पैसे होते हुए भी लोग परेशान हैं कि उनके परिवार के सदस्य का इलाज कैसे हो!
प्रदर्शन के दौरान बसु ने कहा, “अगर ममता उनकी पार्टी के लोगों को उनके साथ आने के लिए कहेंगी तो वह जरूर उनका साथ देंगे।” गौरतलब है कि ममता बनर्जी एनडीए सरकार के इस फैसले का पहले ही विरोध कर चुकी हैं।
हालाँकि नोट बंदी से आम आदमी परेशान न हो, सरकार इसकी पूरी कोशिश में है, लेकिन एटीएम में पैसे की कमी और बैंकों के बाहर लगी लंबी कतारों से जनता की परेशानियों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। केंद्र सरकार ने जनता को राहत देने के लिए एटीएम से निकाले जा सकने वाली धनराशि में भी आवश्यक इज़ाफ़ा किया है। और पुराने नोटों की स्वीकार्यता की अवधि भी बढ़ाकर 24 नवंबर कर दी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोगों की मुश्किलों के मद्देनज़र ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने की बात कही है। सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने बनारस सहित सभी जिलों के जिलाधिकारियों को बैंकों के साथ तालमेल बैठाकर ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगवाने और शहरी इलाकों में करेंसी वैन चलवाने का निर्देश जारी किया।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने जब 8 नवम्बर की रात 1000 व 500 रुपये के नोट पर बैन लगाया था, तो इसके कुछ ही देर बाद सीएम अखिलेश ने उन्हें यह सलाह दी थी कि जनता की परेशानी को देखते हुए जिला स्तर पर करेंसी एक्सचेंज के कैम्प लगाए जाएं। पर पीएम मोदी और केन्द्र सरकार ने सीएम अखिलेश की सलाह को नजरअंदाज कर दिया।
जब दो दिनों तक जनता को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बैंकों में लम्बी लाइनें लगने लगीं तो सीएम अखिलेश ने केन्द्र सरकार के कदम का इन्तेजार न करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर, सभी जिलाधिकारियों को नगरीय इलाकों में करेंसी वैन और ग्रामीण इलाकों में करेंसी एक्सचेंज कैम्प लगाने का निर्देश दे दिया।
अब वित्त मन्त्रालय ने भी लोगों को सहूलियत देते हुए बैंकों को ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग वैन भेजने का आदेश दिया है। इन दो व्यवस्थाओं से ग्रामीण इलाकों में लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है।
आदेश में कहा गया है कि कैश वैन चलाने और कैम्प के लिये अपने जिलों के बैंकों से बात कर उनेक साथ सामंजस्य बनाते हुए इसे सुनिश्चित कराएं। इसके अलावा नोट बदलने के लिए बैंकों की ओर से मोबाइल कैश वैन के संचालन की व्यवस्था और मोबाइल एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं।
भारत और पाकिस्तान की सीमा पर बढ़े तनाव और नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के बीच गोलीबारी पर बौखलाए पाकिस्तानी सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने अपने सैनिकों से आह्वान किया है कि पाकिस्तान की रक्षा में एक भी पत्थर पीछे छूट न जाय, भारत के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दीजिये। शरीफ ने कहा कि कश्मीर को ठंडे बस्ते में कतई नहीं डाला जा सकता।
पाकिस्तानी सेना के एक बयान के अनुसार रविवार (13 नवंबर) देर रात भिम्बर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों के कथित संघर्ष विराम उल्लंघन में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। रावलपिंडी के नजदीक झेलम में मारे गए सैनिकों के अंतिम संस्कार में शरीक होने गए शरीफ ने कहा कि सीमा पार से होने वाली फायरिंग का मुंहतोड़ जबाव भारत को दो। पाक सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, राहिल शरीफ ने सीमा पर हो रहे हमलों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाक सेना सीमा पार से हो रहे हर हमले का माकूल जबाव देगी।
इस बीच पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारतीय सैनिकों के हमले का हमने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है। आसिफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने भी भारतीय सैनिकों को मार गिराया है लेकिन भारत उसे छुपा रहा है। इस खबर के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि उनका देश अपनी सरजमीं का किसी भी आक्रामक कार्रवाई से रक्षा करने में पूरी तरह समर्थ है।
पाकिस्तान का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर बिना किसी उकसावे के भारतीय सैनिकों द्वारा हमला किया जा रहा है, जिसमें उसके सात सैनिक मारे गए हैं। उनकी सेना ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों द्वारा की गयी गोलीबारी का जवाब दिया और भारतीय चौकियों को प्रभावी तरीके से निशाना बनाया। इसके बाद से पाकिस्तान में सैनिकों के मरने पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पाकिस्तान में सोशल मीडिया और मीडिया दोनों में ही उन सात सैनिकों की शहादत छाई हुई है। पाकिस्तान के एक मीडिया चैनल में चर्चा के दौरान पाकिस्तान पैनल ने कहा है कि मोदी के रहते भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरने की गुंजाईश नहीं दिख रही। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के लिए गरीबी और अलगाववाद बड़े मुद्दे हैं और अगर वो अपने किसी हमसाए के साथ युद्ध छेड़ते हैं, तो भारत को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारत के टुकड़े भी हो सकते हैं।
नोट बैन के फैसले के बाद से आम जनता को हो रही तमाम दिक्कतों को मद्देनज़र रखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि 30 दिसंबर तक किसी भी बैंक का एटीएम इस्तेमाल करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसका मतलब ग्राहक 30 दिसंबर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के, अपने या किसी अन्य बैंक के एटीएम का जितनी बार चाहें, इस्तेमाल कर सकते हैं।
500 व 1000 रुपए के नोट बंद करने के ऐलान के बाद देश में मची अफरातफरी को देखते हुए पीएम ने रविवार रात को वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक बुलाकर जनता को राहत देने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद आम जनता की सुविधा के लिए सरकार की ओर से निम्नलिखित कदम उठाये गए-
-रेलवे ने सोमवार से पुराने 500 व 1000 रुपए के नोट लेने की समय सीमा बढ़ा दी है। माेदी सरकार द्वारा बंद किए गए नोटों का इस्तेमाल 24 नवंबर तक टिकट खरीदने तथा ऑनबोर्ड कैटरिंग के लिए किया जा सकेगा।
-यात्रियों की सुविधा के लिए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरपोर्ट्स पर 21 नवंबर की मध्यरात्रि तक पार्किंग शुल्क वसूली रोक दी है।
– लोगों तक कैश जल्द पहुंचाने के लिए नए माइक्रो एटीएम आएंगे और अब एटीएम से कैश निकालने की सीमा 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये तक कर दी गई है।
-बैंक से नए नोट मिलने की 4000 रुपये की सीमा को भी बढ़ा कर एक दिन में 4500 रुपये कर दिया है। बैंकों से एक दिन कि 10 हजार रुपये की विड्रॉ लिमिट को खत्म करके इसे एक हफ्ते में 24 हजार रुपये कर दिया गया है।
-जिन कारोबारियों के करेंट अकाउंट तीन महीने से ऐक्टिव हैं वह अपने खातों से एक दिन में 50 हजार रुपये तक निकाल पाएंगे।
-सरकार ने सभी दवा दुकानों, पेट्रोल पम्पों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और टोल नाकों पर पुराने नोटों को 24 नवंबर तक चलाने की अनुमति दी है।
-बैकों में पैसे जमा कराने आए और नोट बदलने आए लोगों के लिए दो अलग-अलग लाइनें होंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजों पर 18 नवंबर तक कोई शुल्क नहीं देना होगा। सरकार ने इस शुल्क में छूट की सीमा को चार दिन के लिए बढ़ा दिया है।
-बैंकों में नोट पहुंचाने के लिए एयरफोर्स की मदद ली गई है। इसके लिए विमान ग्लोब मास्टर का इस्तेमाल किया गया है।
करण जौहर द्वारा होस्ट किए जाने वाले ‘कॉफी विद करण’ टॉक शो में ट्विंकल ने एक ऐसा चौंकानेवाला खुलासा किया, जिसे सुनते ही सब दंग रह गए। शो के दूसरे एपिसोड के दौरान गेस्ट रही ट्विंकल खन्ना ने कहा कि शादी को 15 साल हो गये हैं लेकिन ताजगी अब भी बरकरार है। ट्विंकल ने कहा, “यह सब इतना आसान नहीं था। उन्होंने आगे बताया कि उनकी मां डिंपल कपाडिया उनके पति ‘सुपर खिलाड़ी’ अक्षय कुमार को गे समझती थीं। ऐसे में उन्हें समझाना बहुत मुश्किल हुआ कि अक्षय गे नहीं, स्ट्रेट हैं।
ट्विंकल ने कहा, “उनके एक पत्रकार मित्र ने उन्हें यह बात बताई थी। ट्विंकल की माँ डिंपल कपाडिया ने मान लिया था कि अक्षय गे हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो मुझे इस बात का यकीन नहीं हुआ।” ट्विंकल ने आगे कहा कि डिंपल कपाडिया के पास अक्षय जब ट्विंकल से शादी का प्रस्ताव लेकर पहुंचे, तो उन्होंने एक अजीब सी शर्त रख दी। डिंपल ने अक्षय को कहा कि शादी से पहले तक दोनों को एक साल तक एक साथ बिना शादी के रहना होगा। इसके अलावा भी डिंपल ने जेनिटिक कार्ड भी जांचा, पता किया कि अक्षय बच्चा पैदा कर भी सकते हैं या नहीं। तब उन्होंने शादी करने की अनुमति दी।
अक्षय और ट्विंकल की शादी को 15 साल हो गए हैं, लेकिन ट्विंकल का कहना है कि पहले वो इस रिश्ते के लिए गंभीर नहीं थीं। ट्विंकल ने बताया कि शादी के पहले उन्होंने अक्षय के फैमिली बैकग्राउंड पर काफी रिसर्च किया था। उन्होंने पता लगाया था कि उनके परिवार में किसी को कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है, क्योंकि उन्हें अपनी अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य की चिंता थी।
आपको बता दें कि कुछ साल पहले एक कार्यक्रम में अक्षय कुमार और ट्विंकल के रैंप वॉक का वाक़िया काफी चर्चे में रहा था। इस संबंध में ट्विंकल ने कहा कि मैंने सिर्फ जीन्स का ऊपरवाला बटन खोला था। वो भी अक्षय के कहने पर। अगले दिन अक्षय को पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा जाना था। इससे पहले मेरी मम्मी ने फोन कर मुझे बताया कि मेरी पुलिस में शिकायत दर्ज हो गई है, जिसके बाद 500 रुपये के मुचलके पर मुझे रिहा किया गया।
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के प्रमुख रामदास आठवले का कहना है कि यदि बसपा प्रमुख मायावती चुनाव लड़ती हैं, तो वे उनके खिलाफ सुपर हॉट एक्ट्रेस राखी सावंत को उतारने पर विचार कर रहे हैं।
आठवले ने कहा, “ चाहे वह विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, मायावती काफी समय से खुद चुनाव लड़ने से बच रही हैं। हम देखना चाहेंगे कि क्या वह इस बार चुनाव लड़ने जा रही है। यदि वह चुनाव लड़ती हैं तो हम उस सीट से राखी सावंत को खड़ा करेंगे जहां से मायावती चुनाव लड़ती हैं।”
रविवार को केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना रही है। आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नीत राजग का एक अभिन्न हिस्सा है। इसलिए वे इस पार्टी के गठबंधन में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहेंगे। लेकिन अगर ऐसा गठबंधन नहीं होता तो आरपीआई आगे बढ़ेगी और 200 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
आठवले ने कहा, “हमें लगता है कि यह आवश्यक है क्योंकि उत्तर प्रदेश के दलित बसपा से ठगा सा महसूस कर रहे हैं और वे विकल्प तलाश रहे हैं।” समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही तकरार पर वे बोले कि इससे पार्टी कमजोर हुई है। ऐसे में मुस्लिम वोटों पर उसकी पकड़ कमजोर पड़ी है। इन सब बातों को देखते हुए अब आरपीआई प्रदेश मे आंदोलन शुरू करेगी।
500-1000 के नोट बैन पर अठावले बोले कि पीएम मोदी ने यह फैसला उनके लिए लिया है, जिनके पास काला धन है। उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर के पहले ही पता चल जाएगा कि किसके पास काला धन है।
गौरतलब है कि राखी सावंत पहले भी असम में आरपीआई के लिए चुनाव प्रचार कर चुकी हैं। उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी भी बनाई थी और चुनाव लड़ा था। उनकी पार्टी का नाम ‘राष्ट्रीय आम पार्टी’ था। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ा था।
नौ बार के ओलंपिक चैम्पियन रह चुके फर्राटा धावक उसेन बोल्ट ने पहली बार ‘नाइट्रो एथलेटिक्स’ को लांच किया है। दरअसल चीन, जापान और इंग्लैंड ने मेलबर्न में एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए टीमें भेजने के लिए एग्रीमेंट किया है, जिसमें बोल्ट पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर प्रतिस्पर्धा करते नजर आने वाले हैं।
फरवरी में होने वाली प्रतियोगिता में बोल्ट ‘बोल्ट ऑल स्टार्स’ के कप्तान होंगे। प्रतियोगिता का आयोजन 4, 9 और 11 फरवरी को मेलबर्न के लेकसाइड स्टेडियम में किया जाएगा। प्रतियोगिता में छह टीमें हिस्सा लेंगी, में 24 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जिसमें बराबर पुरुष और महिला खिलाड़ी होंगे। इसमें गैरपारंपरिक खेलों,जैसे मध्यम दूरी की दौड़ और बाधा दौड़ रिले होंगी।
आपको बता दें कि हाल ही में रियो में बोल्ट ने 100, 200 और 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक जीते थे।
गाज़ीपुर: भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से काले धन पर पीएम मोदी के किये गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राजनीतिक पंडितों को पूरी उम्मीद है कि यूपी चुनाव में भाजपा को इसका जबरदस्त फायदा मिलेगा। यूपी के सियासी किले को फतह करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के गाजीपुर पहुंचे। उन्होंने गंगा रेल पुल का शिलान्यास किया। इसके बाद यहां मोदी ने एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कालाधन रखने वालों और भ्रष्टाचारियों को निशाने पर लिया।
सबसे खास बात यह देखने को मिली की पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान बीच-बीच में मोदी-मोदी के नारे भी लगते रहे। मोदी ने अपने पुराने अंदाज में लोगों से सवाल-जवाब के अंदाज में बात की। उन्होंने भोजपुरी से अपने भाषण की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दूसरी बार गाजीपुर के लोगों का आशीर्वाद मिला है। अगर 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में मदद नहीं करते तो न भ्रष्टाचार करने वाले और न ही कालाबाजारी करने वाले परेशान होते। पीएम मोदी ने कहा कि वोट की ताकत से गरीब चैन की नींद सो रहा है। कालेधन वाले नींद की गोलियां खरीद रहे हैं। उन्होंने तेज स्वर में कहा, ‘मैंने कहा था कि विकास करके आपका प्यार ब्याज समेत लौटाउंगा। मैं उत्तर प्रदेश से 9वां प्रधानमंत्री हूंं। पंडित जी के जन्मदिन पर गाजीपुर आया हूं। नेहरु के अधूरे काम पूरे करुंगा।’
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी किसानों को नहीं भूले। उन्होंने कहा, “हमने किसानों के लिए बीमा योजना लागू की। किसानों के नुकसान की भरपाई होगी और तय समय में विकास कार्य पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के जरिये जनता का काम कर रहा हूँ, बस आप सबका साथ चाहिए। लूट करने वालों का पैसा कागज बन जाएगा। धन जहां होना चाहिए वहां नहीं है। कोई बड़ा काम करने से तकलीफ जरूर होती है। ये काम मैं देश की भलाई के लिए कर रहा हूं, गरीबों की भलाई के लिए कर रहा हूं।”
पीएम मोदी ने अन्य सियासी दलों पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल बहुत परेशान हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि अब क्या करें। ऐसी-ऐसी मालाएं लगती थी कि मुंडी भी नहीं दिखती थी। अभी तक एमपी से ऐसी खबरें सुनते थे कि बिस्तर के नीचे से 3-3 करोड़ रुपये निकल रहे हैं। ये किसका पैसा है। मेरे पास एक ही उपाय था कि एक साथ 500 और 1000 के नोटों को रद्दी में डाल दो। गरीब-अमीर क्या अब एक समान नहीं हो गए हैं? उन्होंने कहा कि आम लोगों को होने वाली परेशानियों की मुझे भरपूर पीड़ा है। मुझे रात-रात भर नींद नहीं आती है।
रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “कुछ लोगों को जरा ज्यादा तकलीफ हो रही है। ये लोग कुछ ही लोग हैं। खुद बोलते नहीं है। दूसरों के भड़काते हैं। कांग्रेस वालों से पूछना चाहता हूं, वो कहते हैं जनता को तकलीफ हो रही है। मैं तो जनता की तकलीफ महसूस करता हूं। उनकी मुश्किलें दूर करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा हूं।
कांग्रेस ने तो 19 महीने आपातकाल लगाकर इस देश को जेलखाना बना दिया था। लोगों को जेल में बंद कर दिया था। करोड़ों रुपये आपके नेताओं ने लोगों से ऐंंठे थे। आपके प्रधानमंत्री को देश और कानून ने नकार दिया था।
पीएम मोदी ने भाषण के दौरान जनता से पूछा कि जाली नोटों का खात्मा होना चाहिए कि नहीं? 500-1000 के नोट पर हमला ना बोलता तो जाली नोट खत्म हो सकते थे क्या? जब से ये किया है ये परेशान हैं, पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। अब लोगों को भड़का रहे हैं। शादी के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं कि आपका जमा पैसा लेकर मोदी भाग गया। माता-बहनों जब तक आपका भाई, लाडला जिंदा है, आपकी कड़ी मेहनत का पैसा एक भी सरकारी अफसर आंख नहीं लगा पाएगा।
उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ 50 दिन मांगे हैं और 18-18 घंटे बैंककर्मी काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपनी कुर्सी के लिए 19 महीने देश को जेलखाना बना दिया था। तो क्या अच्छे काम के लिए 50 दिन कष्ट नहीं झेला जा सकता।
तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस पवित्र काम के लिए मुझे आशीर्वाद दीजिए। ईमानदारी का महायज्ञ मैंने शुरू किया है। आपका ये आशीर्वाद पूरा देश देख रहा है। तालियां बजाकर बताइए कि ये लड़ाई बेईमानों के खिलाफ है।
कुलमिलाकर पीएम नरेंद्र मोदी की इस रैली ने इतना तो स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी यूपी के आने वाले विधानसभा चुनावों में कालेधन पर की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक को ही मुख्य मुद्दा बनायेगी, क्योंकि मौजूदा समय में यही एक मुद्दा है, जिसके सामने तमाम सियासी दलों के गले सूख रहे हैं।
पूरे देश में इस समय छोटे नोटों को लेकर मारामारी मची हुई है और सामान्य खर्चों से निपटने के लिए छोटे नोटों की चाहत में लोग घण्टों बैंक के सामने कतार में खड़े हो रहे हैं। लंबी लंबी क़तारें, धक्कामुक्की के बीच जहां ज्यादातर लोगों को छोटे नोटों की दरकार है, वहीं शिवकुमार नाम के एक शख्स, 50 और 100 रूपये की नोट लेकर खाते में जमा कराने रविवार को दिल्ली रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की आवास विकास शाखा में पहुँच गये ।
बैन नोट बदलवाने के लिए उमड़ी तमाम भीड़ के बीच यह अजूबा देख न केवल बैंक स्टाफ, बल्कि मैनेजर क्रांति कुमार अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और उन्होंने शिवकुमार पाठक को अपने कक्ष में बुलाकर कुर्सी पर बैठाया। उन्होंने अपने कक्ष में ही शिवकुमार से फार्म भरवाया और पैसे जमा करवाये ।
बैंक मैनेजर से शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने टीवी में खबर देखी की बैंको में छोटे छोटे नोटों की कमी पड़ रही है। घर में बच्चों और पत्नी की कुल बचत करीब छह हजार रूपये थी। इसमें सभी 100 और 50 के नोट थे । शिवकुमार ने बताया कि हमने आधी रकम अपने पास रख ली है जिससे उनके पूरे परिवार का तीन महीने का खर्च चल जायेगा। बाकी बचे तीन हजार रूपये किसी जरूरतमंद तक पहुँच जाएं,इसी सोच के साथ हमने जमा कराएं हैं । वहीं बैंक मैनेजर का मानना था कि, अगर ऐसे ही भावना का प्रदर्शन करते हुए सभी लोग धैर्य से काम लें तो मौजूदा समय में हो रही कैश की कमी की समस्या से निपटा जा सकता है ।आपको बता दें कि पिछले हफ्ते मंगलवार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया था । सरकार के अनुसार इस फैसले से काले धन पर लगाम लगेगी। जैसे जैसे सरकार के फैसले को दिन बीतते जा रहे हैं, वैसे वैसे ही आम जनता की समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं, लेकिन इतना स्पष्ट है कि सरकार के इस फैसले के बाद अधिकांश सफेदपोशों में हलचल मची हुई है। सरकार भी अपनी ओर से तमाम प्रयासों में लगी हुई है कि किस प्रकार जनता की असुविधाएं काम की जाएं।