अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिना छुट्टी काम करने के तरीके का कुछ खास प्रभाव देखने को मिल रहा गई। 70 वर्षीय ट्रम्प ने ऐलान किया है कि वह देश के राष्ट्रपति को मिलने वाले 400,000 डॉलर के वेतन के बजाय पूरे साल भर में बतौर वेतन केवल एक डॉलर लेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह कभी छुट्टियां भी नहीं लेंगे।
ट्रम्प ने बताया, ” मैं वेतन नहीं लेने वाला हूं।” ट्रम्प ने कहा कि वह नहीं जाानते कि अमेरिकी राष्ट्रपति का वेतन कितना है। इसके साथ ही उन्होंने अपने उस वादे की पुष्टि भी की जो सितंबर माह में चुनाव प्रचार के लिए बनाये गये एक वीडियो में उन्होंने किया था। उन्होंने शनिवार को सीबीएस के ‘60 मिनट’ नाम के कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा, “मेरे विचार से मुझे एक डॉलर वेतन लेकर नियम का पालन करना है, इसलिए मैं साल में बतौर वेतन एक डॉलर लूंगा।”
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे पास बहुत काम है। बहुत काम करना है और मैं यह लोगों के लिए करना चाहता हूं।” अपने लिए छुट्टियों से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, ” हमें करों की दर घटानी है। हम हेल्थकेयर के लिए काम करेंगे। बहुत कुछ करना है। मैं यह करना चाहता हूं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम लोग ज्यादा छुट्टियों करेंगे।”
गौतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने प्रवासी लोगों के मुद्दे पर भी बयान दिया था। आव्रजन पर अपने कड़े रूख के तहत ट्रम्प ने तीस लाख प्रवासियों को तुरंत प्रत्यर्पित करने का संकल्प जताते हुए कहा, ‘‘हम उन्हें अपने देश से बाहर कर देंगे या हम उन्हें जेल में बंद करेंगे।’’ ट्रम्प ने सीबीएस न्यूज से कहा, ‘‘हम अपराधियों या आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों, गिरोह के सदस्यों, नशे के डीलरों पर शिकंजा कसेंगे। ये बीस लाख या तीस लाख लोग हो सकते हैं, हम उन्हें देश से बाहर निकाल देंगे या हम उन्हें जेलों में बंद कर देंगे।’’
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 की नोटों को बैन करने के फैसले का प्रभाव बॉलीवुड पर भी पड़ रहा है और इस प्रभाव का पहला शिकार बन गयी है फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रॉक ऑन 2’। फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ तो हो गई, लेकिन पहले दिन का फिल्म का कारोबार बहुत ही कम हुआ। अभिनेता अर्जुन रामपाल ने अपनी फिल्म को हुए भारी नुकसान के बावजूद कहा कि भले हमारी फिल्म को नुकसान हुआ, पर देश को इसका लाभ मिलेगा, ये हमारे लिए इस वक़्त ज़्यादा महत्त्वपूर्ण है।
सरकार के फैसले का फिल्म के कारोबार पर सीधा असर देखने को मिला। फरहान अख्तर ने लंबे समय के बाद अपनी फिल्म रॉक ऑन का सिक्वल बनाया। इस फिल्म का खासतौर पर युवा काफी दिनों से इतंजार कर रहे थे, लेकिन फिल्म की रिलीज से कुछ दिन पहले ही नोट बैन फिल्म के लिए भारी पड़ गया। हालांकि ऑनलाइन टिकट बुकिंग के जरिये लोग टिकट बुक करके फिल्म देख रहे हैं लेकिन युवाओं की उतनी भीड़ नहीं जुट रही, जितनी प्रोड्यूसर ने उम्मीद कर रखी थी।
फिल्म ने पहले दिन 5 करोड़ रुपये कमाई का लक्ष्य रखा था, लेकिन फिल्म ने लगभग 2.25 करोड़ रुपये ही कमाये। नोट बदली के लिए बैंकों व एटीएम्स के चक्कर काट रहे परेशान लोग फिल्म देखने जा ही नहीं रहे। फिल्म के प्रोड्यूसर रितेश सिद्धवाणी ने कहा, जब सरकार ने यह फैसला लिया तो एक पल के लिए हमने सोचा कि फिल्म की रिलीज आगे बढ़ा दें लेकिन तब तक बहुत देर हो गयी थी। विदेशों में फिल्म रिलीज के लिए भेजी जा चुकी थी और हमें डर था कि लोग वहां से पाइरेटेड फिल्में देख लेंगे।
आपको बता दें कि ‘रॉक ऑन 2’ को शुजात सौदागर ने डायरेक्ट किया है, जो उनका डायरेक्टोरियल डेब्यू भी है। फ़िल्म में फ़रहान के साथ श्रद्धा कपूर, अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली और शशांक अरोरा ने लीड रोल्स निभाए। फ़रहान और श्रद्धा की पेयरिंग के चलते माना जा रहा था कि फ़िल्म 4-5 करोड़ की ओपनिंग तो कर ही लेगी।
रॉक ऑन अभिनेता अर्जुन रामपाल ने इस विषय में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस फैसल से मेरी फिल्म और प्रोड्यूसर को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन अच्छी चीजों के लिए थोड़ा त्याग करना पड़ता है। मुझे विश्वास है कि इस फिल्म से हमें लंबे वक्त में फायदा मिलेगा। यह समय है जब हमें सरकार के फैसले के साथ डटकर खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों को भले थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन विश्वास रखिये यह एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला है। जिन लोगों ने कालाधन जमा किया है जो ट्रैफकिंग, आतंकवाद को को फंडिंग करते हुए उनके रीड़ की हड्डी को बहुत गहरा नुकसान पहुंचा है।
आप अगर चांद की खूबसूरती के दीवाने हैं, तो आज चाँद का दीदार करने से बिल्कुल न चूंके। चाँद की खूबसूरती का अंदाज़ा तो इसी बात से लगा सकते हैं कि जब भी सुंदरता का ज़िक्र होता है, तो चांद को ही याद किया जाता है। आज चांद की खूबसूरती में चार चांद लगने वाले हैं, क्योंकि आज चांद होगा ज़्यादा बड़ा, ज़्यादा चमकीला यानी चांद की चांदनी और भी खूबसूरत होगी।
आपको बता दें कि आज दिखने वाला चाँद 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज़्यादा चमकदार होगा और ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक़्त चांद पृथ्वी के सबसे क़रीब होगा। आमतौर पर चांद और पृथ्वी के बीच का फ़ासला करीब 3 लाख 84 हज़ार किमी होता है। लेकिन सोमवार को ये फासला सिर्फ़ 3 लाख 55 हज़ार किमी ही होगा। जिससे चांद की काफी बड़ा दिखेगा।
दरअसल इसके लिए दो परिस्थितियां होनी ज़रूरी हैं। पहली परिस्थिति- पृथ्वी के चक्कर लगाते हुए चांद की कक्षा को दो हिस्सों में बंट गया है। एक पेरिजी और दूसरी आपॉजी। आपॉजी में रहते हुए चांद पृथ्वी से सबसे दूर होता है और पेरिजी में होते हुए सबसे करीब।
दूसरी परिस्थिति- चांद, सूर्य और पृथ्वी के एक कतार में आने की। लेकिन इस कतार में पृथ्वी का चांद और सूर्य के बीच होना ज़रूरी है। यानि जब सूरज और चांद एक कतार में पृथ्वी के इर्द-गिर्द आ जाते हैं और चांद अपनी कक्षा के उत्तरी गोलार्ध पेरिजी में प्रवेश करता है तो होता है- सुपरमून।
आपको बता दें कि इस बार का सुपरमून दूसरे सुपरमून्स के मुक़ाबले पृथ्वी के ज़्यादा क़रीब होगा। ये मौक़ा 68 साल बाद मिल रहा है। पिछली बार 26 जनवरी 1948 को चांद पृथ्वी के इतने क़रीब आया था और उसके बाद अब। और अगली बार 25 नवंबर 2034 को चांद पृथ्वी के इतना क़रीब आ पाएगा।
एक तरफ पूरे देश में इस समय नोटों को लेकर बवाल मचा है और दूसरी ओर भाजपा के कुछ नेता अपनी ही पार्टी के विरोध में सामने आ गए हैं। बैंकों में आम जनता की सहूलियत के लिए काउंटर की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए भारतीय जनता पार्टी की एक वरिष्ठ नेत्री ने रविवार को अपनी ही पार्टी के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिना तैयारी के ही सरकार ने यह घोषणा कर दी है और सरकार के इस फैसले ने आवाम को भिखारी बना दिया है।
आपको बता दें कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की पूर्व उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांता चावला ने बयान जारी कर कहा, देश में काले धन के प्रवाह को बंद करने के लिए केंद्र सरकार ने एक हजार और पांच सौ रूपये के नोटों को रद्द कर एक अच्छा काम किया है, लेकिन देश की मौजूदा हालात देख कर ऐसा लगता है कि सरकार अभी इस निर्णय के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी। चावला ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार को पहले बैंकों में पर्याप्त नोटो की आपूर्ति करानी चाहिए थी और उसके बाद मौजूदा नोटों का प्रचलन समाप्त किया जाता।”
अपनी ही पार्टी पर कड़ा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों का पैसा बैंकों में जमा है, उन्हें उनके आवश्यकता अनुसार धन मिलने की व्यवस्था बैंकों में होनी चाहिए थी। एक दिन में चार हजार के निर्णय ने आवाम को भिखारी बना दिया है, क्योंकि उन्हें रोज कतार में खड़ा होना पड़ता है। बैंकों में और अधिक संख्या में काउंटर होने चाहिए। पर्याप्त संख्या में नोट, खास कर छोटे नोट होने चाहिए ताकि कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़े । इसके अलावा प्रति दिन दी जाने वाली राशि भी कम से कम दस हजार होनी चाहिए।
सरकार ने लोगों को अपने पुराने नोट बदलवाने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया है। अब बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा भी हो रही है।
विपक्षी दल भी सरकार की तैयारी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी ने जनता से 31 दिसम्बर तक का समय मांगा है। बहरहाल हर बड़े निर्णय में थोड़ी बहुत समस्याएं तो होती हैं लेकिन पीएम मोदी के इस निर्णय ने सियासी महकमों में हलचल मचा रखी है ।
मंगलवार रात पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रूपये के नोटों की बंदी के बाद से ही आम आदमी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोट बंदी से परेशान लोगों के लिए एक निराश कर देने वाली खबर यह है कि सोमवार यानी आज गुरु नानक जयंती की वजह से सभी बैंक बंद रहेंगे।
हालाँकि आठ राज्यों (गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार और हरियाणा) में सोमवार को बैंक खुले रहेंगे। सरकार ने आम लोगों को थोड़ा राहत देते हुए पुराने नोटों की एक्सचेंज लिमिट को भी 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया है। एटीएम से अब 2,500 रूपए प्रतिदिन निकाला जा सकता है। फिलहाल ये सुविधा रेकैलिब्रेटेड एटीएम पर ही मिल सकेगी।
आपको बता दें कि विभिन्न बैंकों से प्राप्त अनुमानों के अनुसार 500 और 1000 के नोट वापस लेने की घोषणा के बाद से बैंकों में कुल डेढ़ लाख करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में कुल 75945 करोड़ डिपॉजिट किए गए हैं, जबकि एक्सचेंज की गई कुल करंसी का आंकड़ा 3753 करोड़ रुपये है। इसके उलट रविवार तक लोगों द्वारा निकाली गई (2000 और 100 के नोट) कुल राशि 7705 करोड़ रुपये है।
भारत सरकार द्वारा लिए गए 500 और 1,000 रुपए के बड़े नोटों को बैन करने के फैसले का यूरोपीय संघ ने स्वागत किया है। यूरोपीय संघ ने कहा है कि वित्तीय प्रणाली को कालेधन से मुक्त करने और इसमें पारदर्शिता लाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और वृद्धि की रफ्तार तेज होगी।
यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष जिर्की कटाईनेन, जो भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापक व्यापार एवं निवेश समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भारत की यात्रा पर हैं, उन्होंने वित्तीय प्रणाली को साफ सुथरा बनाने के भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है। इसके अलावा वस्तु एवं सेवाकर प्रणाली लागू करने और कई अन्य सुधार उपायों को तेज करने के लिए भारत सरकार की सराहना की है।
कटाईनेन ने कहा, “कर चोरी करने वालों और अवैध संपत्ति रखने वालों के खिलाफ लड़ाई का फायदा मिलेगा और इससे वित्तीय प्रणाली में मजबूती आएगी।” कटाईनेन ने 500 और 1,000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर करने के सवाल पर कहा, “ऐसे सभी उपाय जो काली अर्थव्यवस्था को समाप्त करते हों, उसमें कमी लाते हों, वह हमेशा ही लोगों और वित्तीय प्रणाली के लिये अच्छे होते हैं।”
जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा, “भारत में कर ढांचे में सुधार लाने के लिए यह काफी महत्वकांक्षी और काफी जरूरी उपाय है। इससे भारत में निवेशकों का विश्वास और बढ़ेगा।”
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने ख़राब स्वास्थ्य के चलते साल 2017 में अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 2017 के पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकती हैं।
स्वास्थ्य सही नहीं रहने की वजह से सोनिया गांधी अपने पद से हट सकती हैं। पार्टी में यह भी चर्चा है कि प्रियंका वाड्रा 2019 में सक्रिय राजनीतिक में आ जाएंगी।
पार्टी अध्यक्ष के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी का स्वास्थ्य काफी दिनों से सही नहीं चल रहा है। वह पहले ही इस्तीफा दे देना चाहती थीं, लेकिन पार्टी के पुराने नेताओं ने कहा कि जब तक दो अहम राज्यों में चुनाव न हो जाएं, वे पद पर बनी रहें। सूत्रों ने बताया, “सोनिया गांधी चुनाव के बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगी। वे अध्यक्ष पद का कार्यकाल पूरा करने के लिए राजी नहीं हैं।”
पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी की कोर टीम में मांग के बावजूद पार्टी के पुराने नेता इन अहम चुनावों के लिए सोनिया गांधी के साथ सहज महसूस कर रहे हैं।
1 फरवरी 2017 को केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद फरवरी से मार्च के बीच पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे। इन दो राज्यों के चुनाव पार्टी के भविष्य के लिए बेहद अहम हैं। राहुल गांधी के पार्टी की कमान संभालने के बारे में सूत्र ने बताया, “यह चुनाव से पहले तो होने वाला नहीं है। हालांकि, प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”
हाल ही में दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के शीर्ष पद के लिए राहुल गांधी का नाम तय किया गया था। यह भी समझा जा रहा था कि इस महीने होने वाली बैठक में औपचारिकताओं की तारीख तय की जा सकती है। प्रियंका वाड्रा के 2019 में सक्रिय राजनीतिक में आने के विषय में सूत्र ने बताया, “यह मांग कई दिनों से उठ रही है। लेकिन जिस तरह का माहौल बन रहा है कि उनसे लगता है कि वे 2019 में रायबरेली से चुनाव लड़ सकती हैं।”
नोट बंदी पर तमाम परेशानियों का सामना कर रही और वित्तीय भाग दौड़ कर रही आम जनता को भारतीय रिजर्व बैंक ने विश्वास दिलाया है कि बैंकों के पास पर्याप्त नकद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने लोगों से कहा है कि वे बैंकों व एटीएम से बार-बार नकद न निकालें, इसकी कोई जरूरत नहीं है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने लोगों को हो रही समस्या को ध्यान में रखते हुए नोट बदलने और कैश निकालने की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है।
आज लिए गए फैसले में वित्त मंत्रालय ने नोट बदलने की सीमा को 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपए प्रतिदिन कर दी है। वहीं अब सप्ताह में 20000 की जगह आप 24000 रुपए निकाल पाएंगे। वहीं एटीएम से पैसे निकालने की सीमा 2000 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है।
वित्तमंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ बिजनेस हाउस ( जैसे अस्पताल) ग्राहकों से चेक, डीडी या ऑनलाइन के जरिए पैसे नहीं ले रहे हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि अगर ऐसी कोई दिक्कत है तो इसकी तुरंत शिकायत डीएम या जिला प्रशासन से करें।
बैंकों से सीनियर सिटीजन और दिव्यांग लोगों के लिए अलग से लाइन लगाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही नोटों के बदलने, कैश निकालने और जमा कराने की अलग-अलग लाइन बनाने के लिए कहा गया है। साथ ही बैंकों से कहा गया है कि मरीजों के लिए आपातकाल के लिए बड़ी अस्पतालों के बाहर मोबाइल बैंकिंग की सुविधा शुरू की जाए।
आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों द्वारा नए नोटों को बांटने और उनकी उपलब्धता पर रविवार को समीक्षा की, जिसके अनुसार पहले चार दिनों (10 नवंबर से 13 नवंबर शाम पांच बजे तक) में 3.0 लाख करोड़ रुपए के पुराने नोट बैंकों में जमा कराए गए हैं। करीब 50 हजार करोड़ रुपए ग्राहकों को एटीएम, अकाउंट्स या पुराने नोट बदलकर दिए गए हैं। वित्त मंत्रालय ने बैंकों से छोटी कीमत के नोट बांटने और उपलब्ध कराने के लिए कहा है। राज्य के मुख्य सचिवों को उन ग्रामीण इलाकों की पहचान करने के लिए कहा गया है, जहां पर कैश नहीं होने की दिक्कत हो रही है।
काले धन पर हल्ला बोलने के लिए उठाये गए केंद्र सरकार के ऐतिहासिक कदम की निंदा कर रहे लोगों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आड़े हाथ लिया। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान आज प्रधानमंत्री ने देश की जनता से आह्वान किया कि मुझे सिर्फ 50 दिन दीजिए। यदि उसके बाद भी मैं सफल नहीं हुआ, तो जो सजा आप देंगे वह मुझे मंजूर होगी।
गोवा में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी थी। मैंने देश को कभी अंधेरे में नहीं रखा। सरकार से देश को अपेक्षा है, जिस पर वह खरा उतरने की कोशिश कर रही है। मैंने हमेशा देश से खुलकर बात की है और देश की जनता का समर्थन मुझे मिला है।”
मोदी ने कहा कि सत्ता संभालते ही मैंने काले धन के मुद्दे पर एसआइटी बनाई, क्योंकि लोगों की मुझसे अपेक्षाएं हैं, लोगों ने मुझे देश की कमान देश की दशा सुधारने के लिए दी है।” पीएम मोदी ने कहा कि 500 व 1000 की नोट बंद करने के बाद अब हम बेनामी संपत्ति वालों पर कानूनन हमला बोलने वाले हैं क्योंकि यह संपत्ति देश के गरीबों की है।
मोदी ने कहा, “मैं जानता हूं कि मेरे इस फैसले से बहुत लोग मेरे दुश्मन हो गए हैं, उनका बस चले तो मुझे जान से मार दें, क्योंकि मैं उनसे 70 साल का लूटा हुआ पैसा निकलवा रहा हूं, लेकिन मैं देश की यह बीमारी ख़त्म कर के रहूँगा। मैं आपको भरोसा दिलाता हूँ कि यदि एक बार देश स्वच्छ हो गया तो कोई मच्छर भी आस-पास नहीं भटकेगा।” उन्होंने कहा कि देश की आजादी से लेकर अभी तक का सारा कच्चा-चिट्ठा खोलकर रख दूंगा। पीएम मोदी का राहुल गांधी पर हमला कहा बड़े-बड़े घोटाले करने वालों को अब 4000 रुपये के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
नोट बंद करने के फैसले पर उन्होंने कहा, “मैंने यह फैसला अचानक नहीं लिया। देश की आर्थिक तबियत सुधारने के लिए समय समय पर मैं अलग अलग दवाई देता रहा। 8 तारीख रात 8 बजे देश के लाखों लोग चैन की नींद सो रहे थे। अब लोग नींद को गोलियां खरीदने जा रहे हैं, गोलियां नहीं मिल रही हैं।” उन्होंने कहा कि नोट बंदी पर हम 10 महीने से काम कर रहे थे, जो बहुत बड़ा सीक्रेट ऑपरेशन था। एक छोटी टीम बनाकर नोट बैन पर काम शुरू किया।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश के लाखों-करोड़ों लोगों के धैर्य को सलाम करता हूं। मैं देश के सभी बैंक कर्मचारियों को सलाम करता हूं। मैं उन युवाओं का भी अभिनंदन करता हूं, जो बैंकों की लाइनों में लगे लोगों की मदद कर रहे हैं। रिटायर्ड कर्मचारियों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं बैंक के उन रिटायर्ट कर्मचारियों को सलाम करता हूं, जिन्होंने हमारी मदद करने का प्रस्ताव रखा।
पीएम मोदी ने कहा कि आपके पास जो काला धन है वह कागज के टुकड़ों से ज्यादा कुछ नहीं है, इसलिए ज्यादा दिमाग न लगाएं। इस देश में ईमानदार लोगों की कमी नहीं है। आइए, ईमानदारी के इस काम में मेरा साथ दीजिए। मैं आपका सिर झुकाकर नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि बेईमान लोग सुन लें, दिसंबर के बाद मोदी अटकने वाले नहीं है। लोगों के बीच पेन (दर्द) है लेकिन देश के लिए गेन है।
बेलगांव में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिनेमा, थिऐटर के बाहर भी झगड़ा हो जाता है लेकिन इतना बड़ा हिन्दुस्तान आज शांति से कतार में खड़ा है। पूरा देश काले धन और भ्रष्टाचार से देश को मुक्त कराने के लिए सरकार का साथ दे रहा है।
इस कार्यक्रम में उन्होंने रुंधे गले से कहा कि मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ हूं। अपने परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने देश के लिए घर-परिवार छोड़ दिया है। देश का कल्याण हो इससे बड़ा कुछ नहीं।
केंद्र सरकार द्वारा लिए गए 500 व 1000 के नोट बंद किए जाने के फैसले की निंदा लगभग सभी विपक्षी पार्टियां कर रही हैं। जनता भले तकलीफ उठा रही हो, पर फैसले की सराहना भी कर रही है। वहीं कई लोग ऐसे हैं, जो इस फैसले से बेहद नाराज हैं, क्योंकि उन्हें अचानक बंद हुए इन नोटों से बहुत बड़ी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में अन्य राजनैतिक दलों से समर्थन मांगा है व राष्ट्रपति से इसके खिलाफ गुहार लगाने का सुझाव दिया है।
ममता ने कहा है कि वह 500, 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के खिलाफ प्रतिद्वंदी कम्युनिस्ट पार्टी आॅफ इंडिया-मार्क्सवादी के साथ आने को भी तैयार हैं। उन्होंने लेफ्ट पार्टियों के महासचिव सीताराम येचुरी का आह्वान कर कहा कि भाजपा और इसके जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ मिलकर लड़ाई की जाए।
बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने अन्य पार्टियों के नेताओं से भी बात की थी। उन्होंने कहा, ”आइए मिलकर इससे लड़ें ताकि आम जनता, गरीबों को राहत मिले, यह वित्तीय अराजकता रुके।” हालांकि एक वरिष्ठ सीपीआई-एम नेता ने बनर्जी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपनी ही पार्टी के नेताओं को बचाना चाहती हैं, जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।