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Thursday, September 10, 2026
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कोरोना को हराएगा ‘कोरोनिल’, बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की दवा

हेल्थ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम

आज बाबा रामदेव ने हरिद्वार में कोरोना की दवाई ‘कोरोनिल’ को लॉन्च कर दिया। इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि, दवा का हमने दो ट्रायल किया था। पहला, क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी, दूसरा, क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल।

रामदेव ने कहा, ‘पूरा देश और दुनिया जिस समय का इंतजार कर रहा था आज वो आ गया है, कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा तैयार हो गई है, इस दवा से तीन दिन के अंदर 69 फीसदी मरीज रिकवर हो गए यानी पॉजिटिव से निगेटिव हो गए हैं।

शत् प्रतिशत रिकवरी का दावा-

बाबा रामदेव ने बताया कि, दिल्ली से लेकर कई शहरों में हमने क्लिनिकल कंट्रोल स्टडी किया। इसके तहत हमने 280 रोगियों को सम्मिलित किया। क्लिनिकल स्टडी के रिजल्ट में 100 फीसदी मरीजों की रिकवरी हुई और एक भी मौत नहीं हुई।

दूसरे चरण में क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल किया गया,
बाबा रामदेव ने दावा किया कि, 100 लोगों पर क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल की स्टडी की गई, 3 दिन के अंदर 69 फीसदी रोगी रिकवर हो गए, हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है।

कोरोनिल में हैं ये जड़ी-बूटियाँ-

बाबा रामदेव ने कहा कि, इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीज़ों को डाला गया है। साथ ही गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया है।

अमेरिका के बायोमेडिसिन फार्माकोथेरेपी इंटरनेशनल जर्नल में इस शोध का प्रकाशन भी हो चुका है। पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट, हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर द्वारा किया गया है।

यह दवाई अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। यह कोरोनिल किट 545 रुपए में उपलब्ध होगी। यह किट 30 दिन के लिए है, वहीं इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसकी मदद से ये दवाई घर पर पहुंचाई जाएगी।

बिहार में चढ़ा ‘पॉलिटिकल पारा’, लालू के पाँच नेताओं ने नितीश का थामा दामन

लालू पहुंचे सलाखों के पीछे
ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 
 
पटना | बिहार में विधानपरिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ बढ़ गई हैं। मंगलवार को बिहार की राजनीति में एक बड़ा भूचाल तब आया, जब राजद के पाँच विधान पार्षदों ने पार्टी छोड़कर नितीश कुमार का दामन थाम लिया। इन सदस्यों के जेडीयू में शामिल होते ही नितीश की पार्टी ने विधान परिषद के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नाम भी तय कर दिए।
 
राष्ट्रीय जनता दल के राधा चरण सेठ, संजय प्रसाद, रणविजय सिंह, कमरे आलम और दिलीप राय ने मंगलवार को पार्टी को अलविदा कह दिया। वहीं दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ जनता जनता दल यूनाइटेड की ओर से इस बार ग़ुलाम गौस, कुमुद वर्मा और भीष्म साहनी को विधानपरिषद भेजा जा रहा है। 
ग़ुलाम ग़ौस हाल ही में आरजेडी छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए हैं। कुमुद वर्मा को महिला कोटे से सीट दिया गया है। इसके अलावा अशोक चौधरी, जो भवन निर्माण मंत्री हैं और इनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है, इसलिए उन्हें राज्यपाल के कोटे से विधानपरिषद की सदस्यता दिलाई जाएगी। 

पुरी: इतिहास में पहली बार रथ यात्रा में श्रद्धालु नहीं हो रहे हैं शामिल

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम 

ओडिशा के पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आज से शुरू हो गई है। हर साल यहां भक्तों का जमावड़ा होता है, लेकिन इतिहास में पहली बार इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालु हिस्सा नहीं ले रहे हैं। दरअसल यह निर्णय एहतियातन लिया गया है, ताकि संक्रमण का मामला न बढ़ने पाए।

कोरोनावायरस के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को देखते हुए श्रद्धालुओं को इस यात्रा में हिस्सा लेने की मनाही है। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है, जब यात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है‌। आज सुबह से जगन्नाथ यात्रा शुरू हो गई है, जिसके लिए यहां बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर में काम करने वाले सेवायत इकट्ठा हो गये हैं।

श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा का लाइव टेलीकास्ट किया जाना है। रथयात्रा के मौके पर मंदिर को सजाया गया है, वहीं मंदिर परिसर को पूरी तरह सैनिटाइज़ भी किया गया है। न्यूज एजेंसी ANI की तरफ से आये एक वीडियो के अनुसार, कई सेवायत भगवान बालभद्र की मूर्ति को रथ तक गाते-बजाते हुए ले जा रहे हैं, वहीं एक दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है कि रथ पर भगवान को विराजमान किया जा रहा है और रथ के चारों ओर भीड़ लगी हुई है।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून के अपने ऑर्डर में रथयात्रा को मंजूरी देते हुए कहा था कि, यात्रा कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार पर होगी। कोर्ट ने कहा कि, जहां-जहां भी रथयात्रा निकाली जाएगी, वहां रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींचेंगे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

कानपुर: शेल्टर होम में नाबालिग़ लड़कियाँ गर्भवती, मचा हड़कम्प, सियासत तेज़

सौम्या केसरवानी | नवप्रवाह डॉट कॉम 

यूपी के कानपुर में सरकारी शेल्टर होम में करीब 57  लड़कियों को कोरोना वायरस हुआ है, वहीं एक को एड्स और दो लड़कियां गर्भवती पाई गई हैं। इस घटना के बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप सा मच हुआ है और साथ ही कई तरह के सवाल भी खड़े हो गए हैं।

अब इस मामले पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे घोर लापरवाही बताया है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि, ‘कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक और तथ्य सामने आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला, यह शर्मनाक है।’

प्रियंका गांधी ने लिखा कि, ‘मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है, ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है, लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।’

इस मसले पर कानपुर के डीएम ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘कानपुर संवासिनी गृह में कोरोना पॉज़िटिव मामलों में से दो गर्भवती लड़कियों की खबर के बारे में यह स्पष्ट करना है कि, ये पॉक्सो एक्ट के तहत CWC आगरा तथा कन्नौज के आदेश से दिसंबर 2019 में यहां संवासित की गई थीं और तत्समय किए गए मेडिकल परीक्षण के अनुसार ये पहले से गर्भवती थीं।’

डीएम ने आगे ट्वीट किया कि, ‘कुछ लोगों द्वारा कानपुर संवासिनी गृह को लेकर ग़लत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई है, कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचे बिना पोस्ट ना करें, जिला प्रशासन इस संबंध में जांच पड़ताल कर रहा है।’

लग्ज़री गाड़ियों की चोरी में धरे गए फ़िल्मी कलाकार, गिरोह का पर्दाफ़ाश

ब्यूरो | नवप्रवाह डॉट कॉम 

लखनऊ: प्रदेश की राजधानी से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। लग्ज़री गाड़ियों की चोरी का मामला बढ़ता जा रहा था। मामले को गम्भीरता से लेते हुए जब पुलिसवालों ने तफ़्तीश तेज़ की तो एक गिरोह हत्थे लगा। पुलिस के हाथ लगे इस गिरोह के लोग सामान्य चोर नहीं हैं, बल्कि कोई फ़िल्मी कलाकार है, तो कोई पत्रकार।

पांच लोगों की गैंग को लग्ज़री वाहन चोरी कर उनका व्यापार करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया। पब्लिश कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि इनसे 50 गाड़ियां बरामद की गई हैं। इसमें एक व्यक्ति तीन फिल्मों में एक्टिंग कर चुका है और पत्रकार भी है। दूसरा इसी पैसे से बैंकॉक में होटल बनवा रहा है।

उन्होंने बताया कि ये योजनागत तरीक़े से गाड़ियों को चोरी करते थे। पाँच लोगों के गिरोह में एक चोर ऐसा भी है, जो इन्हीं पैसों से बैंकॉक का बिल्डर बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक़ एक चोर बैंकॉक में होटेल बनवा रहा है। फ़िल्हाल मामले की पड़ताल शुरू है।

सावधान! COVID-19 के नाम पर आप हो सकते हैं ‘लूट’ का शिकार

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
भारत सरकार बड़े साइबर अटैक की चेतावनी जारी कर इससे बचने की सलाह दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह साइबर अटैक कोरोना वाइरस महामारी की आड़ लेकर किया जा सकता है। इस बात की जानकारी इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेन्सी रेस्पॉन्स टीम ने ट्वीट के ज़रिए दी।
इंडियन कम्प्यूटर इमर्जेन्सी रेस्पॉन्स टीम ने ट्वीट में कहा कि “शरारती तत्वों” द्वारा २१ जून से ई-मेल के ज़रिए धोखाधड़ी शुरू की जा सकती है। ट्वीट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह ई-मेल सरकार वाली आईडी (ncov2019@gov.in) से भेजा जा सकता है।
ट्वीट में कहा, “शरारती तत्वों” द्वारा 21 जून से ई-मेल के जरिये धोखाखड़ी शुरू की जा सकती है और यह संदेहास्पद मेल सरकार की नाम वाली ई-मेल आईडी से भेजा जा सकता है। भारत की साइबर सुरक्षा की नोडल एजेंसी सीईआरटी-इन ने बयान में कहा कि ये हमले विश्वनसीय इकाइयों के नाम पर किए जा सकते हैं और लोगों को ई-मेल या मैसेज खोलने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
एजेंसी ने बताया कि इसके बाद व्यक्ति के लिंक पर क्लिक करने से मालवेयर इंस्टॉल हो सकता या फिर सिस्टम फ्रीज हो सकता है। हमलावर स्थानीय अधिकारी बनकर ईमेल भेज सकते हैं, जिन्हें सरकार द्वारा वित्तपोषित कोविड-19 समर्थित पहलों की सेवा देने का प्रभार दिया गया है।
इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) ने परामर्श में कहा, ‘‘इस तरह की ईमेल लोगों को फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं जहां उनसे सारी जानकारियाँ ले ली जाती हैं। कोविड सम्बंधी पहल समझकर लोग जानकारी दे भी सकते हैं। टीम ने कहा कि ऐसे लोगों के पास बीस लाख से ज़्यादा ईमेल आईडी होती है। जब ये मेल भेजते हैं, तो उसका सब्जेक्ट होता है, “दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद में सभी नागरिकों के लिए कोविड-19 की जांच मुफ्त।”
साइबर सुरक्षा एजेंसी ने लोगों से इस तरह के ई-मेल और संदेश नहीं खोलने का आग्रह किया है। साथ ही इस तरह के ई-मेल की जानकारी incident@cert-in.org.in पर देने के लिए कहा है ताकि इनका विश्लेषण और जरूरी कार्रवाई की जा सके।

शिवसेना ने मोदी पर कसा तंज, कहा, “चीनियों ने बाहुबली की हवा निकाल दी”

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने कॉलम में संजय राउत ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनावों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हारने के बाद मोदी अकेले रह जाएंगें।

संजय राउत ने लिखा है कि, ‘भारत के सीमावर्ती क्षेत्र अब कन्फ्लिक्ट जोन हैं, सभी पड़ोसी चीन के साथ जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी चुनाव हार जाएंगे, तो मोदी जी का साथ कौन देगा, अब चीन के हमले ने बाहुबली राजनीति की हवा निकाल दी है।

संजय राउत ने कहा कि, जब बराक ओबामा 55 साल के लंबे विवाद के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में क्यूबा गए थे, तब क्यूबा के पूर्व प्रधानमंत्री फिदेल कास्त्रो ने कहा था, ”क्यूबाई लोगों के लिए ओबामा का नया प्यार दिल का दौरा दे सकता है।”

शिवसेना सांसद ने आगे कहा कि, शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी ऐसी ही थी, क्योंकि यह विश्वास करना कठिन था कि चीनी भारत के मित्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि, 1975 के बाद यह पहला मौका था, जब चीनी सेना के साथ संघर्ष में इतने सारे भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं।

शिवसेना नेता ने आगे कहा कि, बीजेपी अब यह नहीं कह सकता कि, नेहरू ने 1962 में चीन के साथ गड़बड़ी की थी। अमेरिका के साथ सहानुभूति से भारत को चीन जैसे तटस्थ देश को लेकर कीमत चुकानी पड़ रही है। अब नेपाल जैसा देश चीन के इशारे पर भारत की आलोचना कर रहा है, इस क्षेत्र में अब भारत अकेला रह गया है।

खुली आँखों से न देखें सूर्य ग्रहण, हो सकता है नुक़सान

सेंट्रल डेस्क | नवप्रवाह डॉट कॉम 
वर्ष का पहला सूर्यग्रहण आज लग रहा है। जानकारों का मानना है कि खुली आँखों से सूर्य ग्रहण को नहीं देखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इसका बुरा असर आपकी आंखों पर पड़ सकता है। इसलिए सूर्य ग्रहण
नंगी आँखों से देखने से परहेज करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण को सुरक्षित तकनीक या तो एल्युमिनेटेड मायलर, ब्लैक पॉलिमर, शेड नंबर 14 के वेल्डिंग ग्लास या टेलिस्कोप द्वारा सफेद बोर्ड पर सूर्य की इमेज को प्रोजेक्ट करके करके उचित फिल्टर का उपयोग करके देखा जा सकता है।
यह सूर्यग्रहण कांगाे (अफ़्रीकी देश) में सबसे पहले दिखाई देगा। वहीं देश में सबसे पहले गुजरात के भुज में सुबह 9:58 बजे शुरू हाेगा। यह 4 घंटे बाद दोपहर 2:29 बजे असम के डिब्रूगढ़ में समाप्त हाेगा।

सूर्य ग्रहण के समय सूर्य को सीधे देखने से आंखाें काे नुकसान हाे सकता है।

इसे देखने के लिए धूप के चश्मे, काले चश्मे, एक्सरे शीट या लैंप की लाै से काले किए गए शीशे का उपयाेग न करें। इससे आंखों को भारी नुकसान हो सकता है। आप ऑनलाइन भी सूर्य ग्रहण देख सकते हैं।

सूर्य ग्रहण: छह ग्रह होंगे वक्री, विशेष ध्यान देने की आवश्यक्ता

सूर्य ग्रहण: छह ग्रह होंगे वक्री

आचार्य प्रदीप द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम

दशकों बाद 21 जून यानि रविवार के दिन ऐसा संयोग बन रहा है, जब एक साथ छह ग्रह सूर्य ग्रहण पर वक्री होंगे। छह ग्रह की चाल उल्टी पड़ेगी, जिसका सीधा असर मानव जीवन पर पड़ेगा।

ग्रहों के इस योग को ज्योतिष के विद्वान शुभ नहीं मान रहे हैं। वर्तमान में देश जिस तरह की संक्रामक आपदा से जूझ रहा है, ऐसे में ग्रहों की चाल अच्छी नहीं मानी जा रही है। यह अवस्था आपदा बढ़ा सकती है। ज्योतिषीय आंकड़े की मानें, तो अगस्त माह में महामारी के बढ़ने के भी संकेत मिल रहे हैं। शनि के राशि परिवर्तन से ऐसी आशंका जताई जा रही है। सितंबर माह में केतु के राशि परिवर्तन और गुरु के साथ शनि के मार्गी होने से हालात सामान्य हो जाएंगे।

ज्योतिष के हिसाब से सितंबर के अंतिम सप्ताह से देश में हालात पूरी तरह से अनुकूल हो जाएंगे और लोग संक्रमण से मुक्ति पा जाएंगे। 21 जून को मिथुन राशि में लगने वाला सूर्य ग्रहण शुभ नहीं है, क्योंकि कई ग्रहों की चाल इस दौरान उल्टी रहेगी। सूर्य ग्रहण पर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा जप से राहत मिल सकती है। संबंधित ग्रहों के मंत्रों का जाप संकट से मुक्ति दिलाएगा।

ग्रहण काल-
ग्रहण काल का समय 21 जून को स्पर्श 1013, मध्य 12.17 और मोक्ष 2.04 बजे दिन में है। सूर्य ग्रहण लगभग साढ़े तीन घंटे का होगा।

विद्वानों का मत है कि 3 सितंबर 2020 को केतु राशि परिवर्तन करेंगे, वह धनु से वृश्चिक राशि में जाएंगे, जिसके कारण इस महामारी के उपचार की भी प्रबल संभावना है। 15 सितंबर को स्थिति और भी सुधर जाएगी और 28 सितंबर तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हो जाएगी।

विद्वानों का मत है कि मिथुन राशि पर लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद संवेदनशील होगा। मंगल का जलीय राशि मीन में होना शुभ नहीं माना जाता है। सूर्य बुध, चंद्रमा और राहु पर मंगल की दृष्टि पड़ना अशुभ माना जाता है। चंद्र ग्रहण में 9 घंटे तथा सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पूर्व सूतक लग जाता है। इसमें देव प्रतिमाओं का दर्शन अशुभ माना जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि राहु और केतु दोनों ही अशुभ ग्रह हैं, जब ये सूर्य और चंद्रमा को ग्रास करते हैं, तब सूर्य और चंद्रमा को पीड़ा पहुंचती है।

यह ग्रहण राहुग्रस्त है। मिथुन राशि में राहु सूर्य-चंद्रमा को पीड़ित कर रहा है। मंगल जल तत्व की राशि मीन में है और मिथुन राशि के ग्रहों पर दृष्टि डाल रहा है। इस दिन बुध, गुरु, शुक्र और शनि वक्री रहेंगे। राहु और केतु हमेशा वक्री ही रहते हैं। इन 6 ग्रहों की स्थिति के कारण ये सूर्य ग्रहण और भी खास है।

केदारनाथ के निर्देशक अभिषेक कपूर ने किया ख़ुलासा, इस वजह से डिप्रेशन में थे सुशांत!

अमित द्विवेदी | नवप्रवाह डॉट कॉम

मुंबई | सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स ने बॉलीवुड के काले कारनामों का खुलासा किया। सुशांत के सुसाइड की वजह से लोग बहुत आहत हैं। कंगना रनौत समेत तमाम कलाकारों ने साफ़ कहा कि बॉलीवुड में आज भी चंद लोग हैं, जो तानाशाह बने हुए हैं। इस बीच सुशांत की फिल्म केदारनाथ के निर्देशक अभिषेक कपूर ने एक बड़ा खुलासा किया है।

फिल्म निर्देशक अभिषेक कपूर ने बताया कि केदारनाथ के बाद से ही सुशांत खोए-खोए से रहने लगे थे। सुशांत के बारे में उन दिनों मीडिया में कई तरह की खबरें आ रही थीं, जिसे लेकर वह काफी परेशान रहने लगे थे। अभिषेक ने बताया कि फिल्म के प्रमोशन से लेकर रिलीज तक में सिर्फ सारा अली खान की चर्चा थी और उन्हें ही सारा प्यार मिल रहा था, जिससे सुशांत काफी नाराज थे।

अभिषेक कपूर ने एक ऑनलाइन चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि केदारनाथ रिलीज़ होने के बाद सुशांत मुझसे बात भी नहीं करता था। वो कहीं खो सा गया था। उन्होंने कहा कि इस बीच मैंने सुशांत को कई मैसेज भेजे। फिल्म रिलीज़ हुई और उसने अच्छा प्रदर्शन किया, तो मैंने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन बात हो नहीं पाई। अभिषेक ने कहा कि मैंने फिर एक बार उन्हें मैसेज किया, “ब्रो, मैं तुमसे बात करने की कोशिश कर रहा हूं, मुझे नहीं पता कि क्या हुआ है। तुम परेशान हो, व्यस्त हो या फिर क्या हुआ है। लेकिन, मुझे कॉल करो। हमने बहुत अच्छी फिल्म बनाई है। अगर हम इसे सेलिब्रेट नहीं करेंगे तो कौन करेगा।’

अभिषेक कपूर ने जो भी बातें बताईं उससे एक बात स्पष्ट है कि सुशांत मीडिया की अनदेखी से बेहद दुखी थे। इंडस्ट्री में ऐसा बहुत कम होता है कि अभिनेता से से ज़्यादा तवज्जो अभिनेत्री को दी जाए, लेकिन सुशांत के मामले में ऐसा था। उन्होंने ट्वीट भी कर के कई दफा यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि लोग समझें कि उन्हें बॉलीवुड का एक तबका एकदम से अलग-थलग कर देना चाहता है, लेकिन जब तक लोग सुशांत की बात समझते बहुत देर हो चुकी थी।

फिलहाल सुशांत के मामले की जांच में मुंबई पुलिस लगी हुई है, मुंबई पुलिस के हाथ सुशांत की पांच डायरी भी लगी है, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि डायरी से कुछ सुराग मिल सकता है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि अभिनेता को अचनाक इतना बड़ा फैसला कैसे लेना पड़ गया। मामले की तफ्तीश जारी है।