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Sunday, August 16, 2026
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राजस्थान: देवी दर्शन को जा रहे यात्रियों को जीप ने कुचला, 7 की मौत, दर्जन भर घायल

रेलवे ट्रैक पर मिला JDU विधायक के बेटे
रेलवे ट्रैक पर मिला JDU विधायक के बेटे
एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com
धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा थाना इलाके में एक अनियंत्रित जीप ने केलादेवी जा रहे पदयात्रियों को कुचल दिया, जिससे सात यात्रियों की मौत जबकि 12 अन्य घायल हो गए. पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मरने वालों में तीन पुरूष और चार महिलाएं हैं। हादसे में मारे गए सभी लोग धौलपुर जिले के बाड़ी थाना इलाके में धनोरा रोड के रहने वाले थे. पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि हादसा धौलपुर-जयपुर राजकीय राजमार्ग संख्या 11बी पर आज तड़के तीन बजे हुआ।
पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि हादसा धौलपुर-जयपुर राजकीय राजमार्ग संख्या 11बी पर आज तड़के तीन बजे हुआ। उन्होंने बताया कि केलादेवी माता मंदिर में झांडा चढ़ाने जा रहे यह पदयात्री सरमथुरा कस्बे के आगे एक दुकान पर चाय पीने रुके थे।
घायलों को करौली के अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उनका उपचार जारी है। जहां पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ये सभी लोग धनोरा रोड बैरा बाग बाड़ी के निवासी है। हादसे को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ। जानकारी के अनुसार विलोनी स्थित माता मंदिर में दो दर्जन महिलाएं बच्चों के साथ पूजा करने के लिए गई थी, तभी तेज रफ्तार से आ रही एक बोलेरो ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया।
तभी करौली की ओर से आ रही एक जीप ने पदयात्रियों को रौंद डाला। हादसे के बाद जीप चालक मौके से भाग निकला। पुलिस सरमथुरा के सरकारी अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करावा रही है। सिंह के अनुसार मृतकों में मानदेही (35), उमर सिंह (25), ईर देवी (22), रशिम (14), मधु (15), लश्रमण सिंह (30) और धमेंद्र शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

“हनीप्रीत को डर था कि कहीं मेरी न हो जाये रामरहीम से शादी” – राखी सावंत

"Honeypreet feared that someday I would marry Ramaarham" - Rakhi Sawant

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बलात्कारी बाबा रामरहीम के जेल जाने के बाद से ही लगातार तमाम खुलासे होते आ रहे हैं। इस विषय पर फिल्मी दुनिया के लोग पीछे कैसे रह सकते थे। आनन फानन में बलात्कारी बाबा के जीवन पर एक फ़िल्म भी बनाई जा रही है। फ़िल्म में बाबा की तथाकथित बेटी जिससे रामरहीम के यौन संबंधों की बात भी सामने आई है , का किरदार मशहूर अभिनेत्री व डांसर राखी सावंत निभा रही हैं।
राखी सावंत ने ज़ी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि , ” मैं रामरहीम और हनीप्रीत के सम्पर्क में तकरीबन साढ़े तीन साल से थी। हनीप्रीत अक्सर लड़कियों को होटल्स में फ़िल्म में रोल दिलवाने के बहाने बुलाती थी। जहां एक बार मैं भी उनसे मिलने गए थी। मैंने बाबा के बाथरूम में कुछ यौन क्षमता वृद्धि करने वाली दवाएं देखीं जिनको शायद रामरहीम अपने लिए इस्तेमाल करता होगा।”
राखी सावंत ने चैनल को दिए बयान में कहा कि, “हनीप्रीत को मेरा बाबा के करीब होना पसंद नहीं आता था। वो असहज महसूस करती थी। उसे डर था कि कहीं मैं बाबा से शादी करके उसकी सौतन न बन जाऊँ।”
अपनी निर्माणाधीन फ़िल्म ‘अब होगा इंसाफ’ नामक फ़िल्म में राखी सावंत हनीप्रीत इंसान के किरदार में होंगी। ये फ़िल्म रामरहीम के कई रहस्यों को उजागर करेगी। राखी सावंत ने बताया कि ये फ़िल्म रामरहीम के ऐसे राजों का पर्दाफाश करेगी जिनके बारे में खुद पुलिस भी अब तक नहीं जान पाई हैं।

शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक आज, डेढ़ दर्जन से ज्यादा प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी

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एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक होगी | जिसमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा  प्रस्तावों पर विचार होगा| इन प्रस्तावों में संविदा  कर्मियों  के लिए नए नियम का प्रस्ताव भी शामिल है|  2017 के नए नियम पर तैयार किया गया प्रस्ताव पारित होना है| मंगलवार को मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने मंत्रालय वल्लभ भवन पर काले गुब्बारे छोड़कर कैबिनेट में लाई जा रही संविदा नीति 2017 का विरोध किया था| संविदा कर्मचारियों का कहना है कि प्रदेश के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर बनाने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति 2017 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लेकर जा रहा है उस नीति में ऐसे प्रावधान किये गये हैं जिससे कि संविदा कर्मचारी बंधुआ मजदूर बन जायेगा। वहीं मंत्री लाल सिंह आर्य का बयान सामने आया है जिसमे उन्होंने कहा है कि संविदा कर्मचारियों के हितों का सरकार ध्यान रखेगी, नियमों के मुताबिक काम किया जाएगा|
कैबिनेट बैठक में इसके अलावा सूखे के हालत पर भी चर्चा  होगी| प्रदेश में अल्पवर्षा के कारण सूखे के हालत बने हुए हैं, इस पर भी चर्चा होगी| वहीं जल निगम की संरचना के सुदृणीकरण के प्रस्ताव पर चर्चा होगी| इसके अलावा एमपी सहकारी सोसाइटी संसोधन के प्रस्ताव पर चर्चा होगी, सहकारिता वैज्ञानिकों ने इसे नियम के खिलाफ बताया है|बैंको में राजनीतिक नियुक्तियां को लेकर प्रस्ताव बैठक में लाया जा सकता है| इसके अलावा कई अहम् मुद्दों पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होनी है|

पीएम ने देखी है गरीबी, लेकिन जेटली दिखा रहे गरीबी – यशवंत सिन्हा

यशवंत सिन्हा का जेटली पर हमला

एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com

भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा लगातार गिर रही जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई और सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को करीब से देखा है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री सभी भारतीयों को गरीबी फिर से दिखाएगें।
सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया है, सिन्हा ने कहा कि आज के समय में नौकरी नही मिल रही है और न विकास हो रहा है। जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और व्यापार पर काफी फर्क पड़ा है।
सिन्हा ने कहा कि जीडीपी अभी 5.7 है, सभी को याद रखना चाहिए कि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने के तरीके को बदला था। अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखें तो आज के समय में 3.7 जीडीपी होती।
सिन्हा की अगुवाई में एक समूह ने केंद्र सरकार से कहा कि वह राज्य के हितधारकों के साथ कश्मीर पर वार्ता शुरू करे और इसके लिए ‘‘समयसीमा’’ तय करे। एक बयान जारी कर ‘कनसर्न्ड सिटिजंस ग्रुप’  ने कहा कि उसने कश्मीर के नागरिकों को लेकर नीति में सकारात्मक बदलाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा नेतृत्व के बयानों को बड़ी उम्मीद से देखा जा रहा है।

“जयंती विशेष : सरकारें भगत सिंह को शहीद का दर्जा देने से आखिर डरती क्यों हैं ?”

"Jubilee special: Why are the governments afraid of giving martyr status to Bhagat Singh?"
अनुज हनुमत|Navpravah.com
अमर शहीद सरदार भगत सिंह का नाम विश्व में 20वीं शताब्दी के अमर शहीदों में बहुत ऊँचा है।  भगतसिंह अपने देश के लिए ही जीए और उसी के लिए शहीद हो गए। फिलहाल अधिकांश लोगो द्वारा 27 सितंबर को  ‘शहीद भगत सिंह’ का जन्म-दिवस होता है। लेकिन कुछ विवरणों में भगत सिंह का जन्म-दिवस 28 सितंबर भी दिया गया है। आज भगत सिंह हमारे बीच नही हैं लेकिन कुछ ऐसे प्रश्न आज भी जिंदा हैं जिनके जवाब हम आज तक नही ढूढ़ पाये । सबसे बड़ा प्रश्न ये है कि अभी भी भगत सिंह को शहीद का दर्जा क्यों नही दिया गया है ? आज उनकी जयंती के दिन इस पर सबसे अधिक बात होनी चाहिए ।
जी  हां क्योंकि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे तब उनसे भगत सिंह को शहीद घोषित करवाने के बारे में शहीद भगत सिंह के परिवार वालों ने समर्थन मांगा था और उन्‍होंने भरोसा दिया था कि केंद्र में भाजपा की सरकार आई तो वह भगत सिंह को शहीद का दर्जा दिला देंगे। अब उनकी सरकार के तीन साल से अधिक हो चुके हैं लेकिन इस बारे में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है।
भगत सिंह के प्रपौत्र यादवेंद्र सिंह संधू शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के बैनर तले उन्‍हें शहीद घोषित करवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। बड़े आश्चर्य का विषय है कि जिसने देश की आजादी के खातिर अपनी जान देने में तनिक भी देर नही लगाई । आज उसी को हम शहीद नही घोषित पा रहे हैं । ये बहुत शर्मनाक है ।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि दरअसल, जिन्‍हें हम शहीद-ए-आजम कहते हैं वह भारत सरकार के रिकॉर्ड में शहीद ही नहीं हैं। भगत सिंह को अब भी किताबों में ‘क्रांतिकारी आतंकी’ कहा जा रहा है। इस बात का खुलासा अप्रैल 2013 में एक आरटीआई के जवाब से हुआ था। तब से भगत सिंह के वंशज भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को सरकारी रिकॉर्ड में शहीद घोषित करवाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
शहीद भगत सिंह का सपना था की आजादी के बाद एक ऐसा मुल्क बनाएंगे की कोई एक व्यक्ति इतना अमीर नही होगा की किसी को खरीद सके और कोई इतना गरीब न हो की खुद को बेच सके । कुछ वर्ष पहले ही इलाहाबाद में मेरी मुलाकात शहीद ए आजम भगत सिंह के प्रपौत्र अभितेज सिंह से हुई थी । भगत सिंह जी के जीवन से सम्बंधित कई बातों और उनसे लंबी बातचीत हुई । अफ़सोस की बात ये है कि पिछले वर्ष अभितेज सिंह एक सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे और आज वो हमारे बीच नही हैं ।
उनसे साक्षात्कार के दौरान मैंने पूछा था कि , ‘ अभी हाल ही में एक आर टी आई द्वारा जानकारी मांगने पर यह पता लगा था की सरकार आज भी भगत सिंह को शहीद नही मानती ।इस पर आपका क्या कहना है ?’
उनका कहना था कि , ‘देखिये आज की तारीख में मुद्दा ये नही है की भगत सिंह हैं या नही । भगत सिंह की आत्मा रोती भी होगी या हसती भी होगी । भगत सिंह ने देश के लिए जो शहादत दी थी वो किसी दर्जे के लिए नही दी थी । शहीद भगत सिंह का जो नाम है वो किसी टाइटल का मोहताज नही । वो आज भी सबके दिलों में राज करते हैं । मुद्दा ये है की भगत सिंह ने जिस कारण के लिए कुर्बानी दी थी क्या हमारी सरकार ने उस तरफ कदम बढ़ाये हैं । जरूरी है कि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाये ।’
संसद में मंत्री ने माना था भगत सिंह को शहीद 
इस मामले को लेकर संसद में उठाने वाले राज्‍य सभा सांसद केसी त्‍यागी का कहना है कि यह विवाद पैदा होने के बाद 2013 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सामने एक मंत्री ने घोषणा की थी कि सरकार भगत सिंह को शहीद मानती है। संसद में की गई इस घोषणा पर अब तक अमल हो जाना चाहिए था, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ है तो दुर्भाग्यपूर्ण है। उससे भी दुखद यह कि भगत सिंह के वंशजों को इसके लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। मैं खुद मामले का पता करुंगा कि संसद में दिए बयान के बावजूद भगत सिंह को शहीद क्‍यों नहीं माना जा रहा। क्‍योंकि संसद में दिया गया वक्‍तव्‍य बेकार नहीं जाता। फिलहाल सरकार से लोगो को आस है कि वह जल्दी ही भगत सिंह को शहीद का दर्जा देने का निर्णय लेगी । नही तो कुछ दिनों में लोगो को अब ज्यादा फर्क नही पड़ेगा । क्योंकि आम जनमानस के लिए तो भगत सिंह शहीद ए आजम हैं और रहेंगे ।
सबसे खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट के वकील पदमश्री ब्रह्मदत्त कहते हैं कि भगत सिंह को सरकारी दस्तावेजों में शहीद घोषित करने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। फिर भी सरकार आनाकानी करती रहती है, जो गलत है। जिसे पूरा देश शहीद-ए-आजम बोलता और मानता है उसे सरकार क्यों शहीद नहीं मानती यह समझ से परे है।
डीयू की किताब में भगत सिंह को बताया था ‘क्रांतिकारी आतंकी’-
दिल्ली यूनिवर्सिटी में पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाई जा रही ‘भारत का स्वतंत्रता संघर्ष’ नामक पुस्तक में शहीद भगत सिंह को जगह-जगह क्रांतिकारी आतंकी कहा गया था। यादवेंद्र सिंह संधू ने यह मामला उठाया। इसके बाद राज्‍यसभा सांसद एवं जनता दल-यू के महासचिव केसी त्‍यागी ने संसद में इसे उठाया तो सरकार ने पुस्‍तक को प्रतिबंधित कर दिया। बाद में इसमें से क्रांतिकारी आतंकी शब्‍द हटा दिया गया।
आज भले ही देश के ये वीर हमारे बीच नही है , लेकिन वह कल भी देश के लिए मिसाल थे और आज भी मिसाल हैं । भगत सिंह चाहते तो माफ़ी मांगकर फांसी की सजा से बच सकते थे, लेकिन मातृभूमि के इस सच्चे सपूत को झुकना पसंद नहीं था । इसलिए महज 23 की उम्र में इस वीर सपूत ने हंसते हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया ।

सऊदी अरब: सरकार का ऐतिहासिक फ़ैसला, अब महिलाएँ भी चलाएँगी गाड़ियाँ

Saudi Arabia: Government's historic decision, now women will also run trains
एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com
सऊदी अरब में जल्द महिलाएं कार चलाती हुई दिखेंगी।सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने मंगलवार (26 सिंतबर) को एक शाही फरमान जारी करते हुए महिलाओं को देश में वाहन चलाने की इजाजत दी। आधुनिकता की ओर बढ़ते सऊदी अरब के इस कदम से न सिर्फ सऊदी अरब में बल्कि दुनियाभर में इस फैसले की सराहना हो रही है। आपको बता दें कि सऊदी अरब दुनिया का एकलौता देश है, जहां महिलाएं ड्राइव नहीं कर सकती थीं।
यह निर्णय हालांकि, तत्काल लागू नहीं किया जाएगा क्योंकि देश में महिलाओं के लिए ड्राइविंग सीखने या ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कोई बुनियादी ढांचा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को महिलाओं के साथ उस तरीके से बातचीत करने के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत होगी, जिस तरीके से शायद ही इस समाज में अनजान पुरुषों और महिलाओं के बीच बातचीत होती है। कई सालों से सऊदी मौलवी महिलाओं के ड्राइविंग करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कई कारण गिनाते रहे हैं, जिनमें से एक में दावा किया जाता रहा है कि ड्राइविंग से महिलाओं के अंडाशय को नुकसान पहुंचता है।
इस प्रतिबंध को रद्द करने के लिए विभिन्न अधिकार संगठनों द्वारा लंबे समय तक अभियान चलाया गया, जिस दौरान ड्राइविंग करने को लेकर कई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया। जहां महिलाओं के लिए पाबंदियां बहुत ज्यादा और सख्त हैं। वहीं यह आदेश उस विकास और मॉडर्न फैसलों के सिलसिले में शुमार एक कदम है, जिसकी सऊदी अरब में झलक देखने को मिल रही है। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम का अमेरिका ने भी स्वागत किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, ‘यह सऊदी अरब को सही दिशा में ले जाने के लिए बड़ा कदम है।’
ऐसा माना जा रहा है कि विदेशों में सऊदी अरब की छवि पर होने वाले प्रभावों के अलावा महिलाओं को ड्राइविंग करने देने के पीछे का मकसद सऊदी अर्थव्यवस्था में सुधार करना है, जिसमें महिला चालक मददगार हो सकती हैं। तेल की कम कीमतों ने सरकारी नौकरियों को सीमित कर दिया है, जिस पर सऊदी लंबे समय से निर्भर रहे हैं और अब देश महिलाओं सहित ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लाभकारी रोजगार देने की कोशिश कर रहा है।
शनिवार को सऊदी अरब ने अपने फाउंडेशन डे में पहली बार महिलाओं को स्टेडियम में हो रहे कॉन्सर्ट में एंट्री दी थी। उस फैसले को भी काफी सराहा गया था। ऐसे में यह सारे फैसले सऊदी सरकार के विज़न 2030 का हिस्सा हैं। अब सऊदी अरब विजन 2030 के लिए सोशल और इकोनॉमिक रिफॉर्म के तहत इन पाबंदियों और नियम-कायदों को ढील देने की कोशिश में लगा हुआ है।

बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ने दिया इस्तीफा

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
वाराणसी के बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में छेड़खानी के खिलाफ शुरू हुआ बवाल अब तक नहीं थमा है, शनिवार रात में हालात और बिगड़ गए जब पुलिस ने कैंपस में घुसकर छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज कर दिया था।
बीएचयू में लाठीचार्ज की घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चीफ प्रॉक्टर ओंकारनाथ सिंह ने इस्तीफा दे दिया है, वहीँ CM योगी ने कहा था कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
कल वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी के प्रशासनिक अधिकार सीज़ कर दिए गए थे, वो कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे, सूत्रों के मुताबिक एमके सिंह को नया चीफ प्रॉक्टर बनाया जा सकता है।
इसके पहले वीसी ने कहा था कि घटना के पीछे साजिश थी, उन्होंने आइसा पर हिंसा फ़ैलाने का आरोप लगाया था।
वीसी ने कहा था कि अगर लड़कियों को बाहर जाना है, तो बताकर जा सकती हैं, धरना देने वाले बीएचयू के अधिकतर नहीं थे, प्रदर्शन आइसा के सुनील यादव ने करवाया है, हमने किसी छात्र को हॉस्टल छोड़ने के लिए नहीं कहा था।
बीएचयू के छात्र और अभिभावक मेरे साथ हैं, मेरी घटना पर कई बार एचआरडी मंत्री से बात हुई है, न्यायिक जांच का गठन मैंने किया है। बीएचयू के आदर्श भी आहत हुए है। लेकिन जल्दी सामने आयेगा कि हालात किसके वजह से बिगड़े हैं।

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफ़ायर का उल्लंघन, भारतीय जवानों ने खदेड़ा

कोमल झा । Navpravah.com
सरहद पर पाकिस्तान की शैतानी हरकतों का भारतीय सेना ने फिर करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से फायरिंग लगातार जारी है, जिसका करारा जवाब दिया जा रहा है। पाक सेना ने बुधवार सुबह एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारतीय सेना पर गोलीबारी की। फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने सुबह करीब 8.15 बजे नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे पूंछ और भिंबर गली सेक्टर में फायरिंग की।
मंगलवार को भी पाकिस्तान की ओर से आतंकियों और BAT टीम ने कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में हमले की कोशिश की थी, लेकिन मुस्तैद भारतीय जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया। कुपवाड़ा में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम और आतंकी 7-8 की संख्या में आए थे और भारतीय सैन्य पोस्ट को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय जवानों ने उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया और आतंकियों को खदेड़ दिया। इस हमले में भारतीय जवानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार भी दाए गए, जिसके बाद भारतीय जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया।
दो दिन पहले उत्तर कश्मीर के उरी सेक्टर में भी पाकिस्तान से आए आतंकियों ने आर्मी कैंप पर हमले को नाकाम कर दिया। सुरक्षाबलों के इस ऑपरेशन में 4 आतंकी मारे गए। आतंकी यहां किसी सैन्य ठिकाने पर हमले की फिराक में थे। फ़िलहाल सुरक्षा  मद्देनज़र सेना ने पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी है।
पाकिस्तान की नापाक हरकतों को देखते हुए सोमवार को ही भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की जाएगी। रावत   कि आएंगे तो वो अपनी मर्ज़ी से लेकिन जायेंगे मेरी मर्ज़ी से और इसके बावजूद पाकिस्तानी आतंकियों ने इस हमले की कोशिश की। ख़ुफ़िया रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सीमापार अलग-अलग लॉन्चिंग पैड पर 759 आतंकी पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में मौजूद हैं। ख़ुफ़िया सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि केरन, तगंधार और नौगांव में पाकिस्तान की एसएसजी के साथ बैट (BAT) यानी पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम भी इन लॉन्चिंग पैड पर आतंकियों के साथ मौजूद है। जो घात लगाकर सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं।

महामना एक्सप्रेस: पहली ही ट्रिप में चोरों का क़हर, नल और शॉवर जेट भी नहीं छोड़ा

एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com

मोदी सरकार ने बुलेट ट्रेन के सपना धरातल पर ला दिया है। लेकिन जनता लगातार अपने नैतिक दायित्वों के क्रियान्वयन से पीछे हटती नज़र आ रही है। विगत दिनों रेलवे से सम्बंधित एक ऐसी खबर आई, जिसने सबको हसने पर मजबूर कर दिया। हुआ यूँ कि वाराणसी से वड़ोदरा के बीच चलने वाली महामना एक्सप्रेस में चोरी से अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि बीती शुक्रवार को वीडियो लिंक के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महामना ट्रेन की शुरूआत की थी।

जानकारी के मुताबिक महामना एक्सप्रेस जब वाराणसी से वड़ोदरा पहुंचने के बाद ट्रेन सफाई के लिए यार्ड पहुंची। यार्ड में पहुंचते ही ट्रेन को देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। ट्रेन के पहले ट्रिप में ही डिब्बों से तीन नल, चार शावर जेट और डिब्बे के बीच में लगे दो पायदान चोरी हो चुके थे। इसके अलावा सीटों और टॉयलट्स की हालत बेहद खराब थी। सीटों पर स्क्रैच और कुछ शीशे लगभग टूटने की स्थिति में थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सब किसने किया इस बारे में तो कोई जानकारी नहीं है। लेकिन जिन्होंने भी ऐसा किया है, निश्चित रुप से उन्हें पब्लिक प्रॉपर्टी की कोई कद्र नहीं है।

फिलहाल वेस्टर्न रेलवे के चीफ पीआरओ रवींद्र भाकर ने बताया है कि, ‘हम पैसेंजर्स को आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग डिब्बों से नल और शावर जेट चुरा कर ले गए। डिब्बों की हालत भी काफी खराब थी।’ अब देखना होगा कि रेलवे की स्थिति सुधरने में कितना समय लगेगा ।

UP : सूबे की IPS अधिकारी अपर्णा कुमार ने रचा इतिहास

अनुज हनुमत । Navpravah.com

उत्तर प्रदेश की एक और आईपीएस अधिकारी ने अपने हौसलों से एक ऐसी उड़ान तय की, जिसके बाद आज सभी उसके जज्बे को सलाम कर रहे हैं। जी हां, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईपीएस अधिकारी सुश्री अपर्णा कुमार को हिमालय की चोटी मनास्लु का सफलतापूर्वक पर्वतारोहण करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि इस उपलब्धि से सुश्री अपर्णा कुमार ने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैडर की वर्ष 2002 बैच की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी सुश्री अपर्णा कुमार ने 26,781 फीट ऊँची मनास्लु पर्वत चोटी पर 25 सितम्बर, 2017 को भारतीय समय के अनुसार पूर्वान्ह 10 बजे फतह हासिल की। माउण्ट मनास्लु दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी है। उन्होंने पर्वत शिखर पर भारतीय तिरंगे के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के ध्वज को भी फहराया।

गौरतलब है कि, सुश्री अपर्णा कुमार 07 महाद्वीपों में से 06 महाद्वीपों की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों पर फतह हासिल कर चुकी हैं। मई, 2016 में उन्होंने माउण्ट एवरेस्ट पर भी विजय पताका फहरायी थी। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वे अखिल भारतीय पुलिस सेवा की पहली महिला अधिकारी हैं।