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Friday, August 21, 2026
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भारत सरकार को राहत, विश्वबैंक ने कहा, “वर्ष 2018 में विकास दर छू सकता है 7.3 आंकड़ा”

राजेश सोनी | Navpravah.com 

विश्वबैंक ने मोदी सरकार को राहत देते हुए साल 2018 में विकास दर 7.3 का अनुमान जताया है। मोदी सरकार द्वारा पिछले 2 वर्ष में अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए गए फैसलों के बाद से ही सरकार विरोधियों के निशाने पर है।

केंद्र की मोदी सरकार पर विरोधी दल के नेता आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार द्वारा जीएसटी और नोटबन्दी जैसे फैसलों से देश में बेरोजगारी का माहौल और अर्थव्यवस्था अपने सबसे निचले स्तर पर है। विश्वबैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर साल 2018 में 7.3 का अनुमान लगाया है और अगले दो साल में भारत की विकास दर का 7.5 रहने का भी अनुमान लगाया है।

विश्वबैंक प्रोस्पेक्टस ग्रुप के निदेशक आइहन कोसे ने कहा कि अगले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था दूसरे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की तुलना में सबसे ज्यादा उच्च विकास की तरफ अग्रसर है। आगे उन्होंने कहा कि उनका फोकस शार्ट टर्म आंकड़ों पर नहीं है। मैं भारत की बड़ी तस्वीर की ओर देखूंगा और भारत की बड़ी तस्वीर देखने के बाद मैं यही कहूंगा कि भारत में विकास की अपार क्षमता है।

उन्होंने चीन की अर्थव्यवस्था को धीमी अर्थव्यवस्था बताया है और कहा कि वर्ल्ड बैंक देख रहा है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था की धीरे-धीरे गति दे रहा है। कोसे ने कहा कि पिछले तीन सालों के विकास का आंकड़ा संतुलित है।

गठबंधन है समय की बर्बादी -अखिलेश यादव

सुनील यादव । Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को निर्णायक बताया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भाजपा को टक्कर देने वाली पार्टी फिलहाल समाजवादी पार्टी ही है। इसके लिए वह जन रैलियां निकालेंगे, ताकि कार्यकर्ताओं में जोश भर सकें। इस समय पार्टी का जनाधार बढ़ाना मेरी पहली प्राथमिकता है।

पीटीआई भाषा से बातचीत में अखिलेश ने बताया कि हमारी पार्टी इस बार किसी दल से समझौता या गठबंधन नहीं करेगी। क्योंकि इन सब चीजों में केवल समय की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के लिए इस समय मेरी प्राथमिकता पार्टी के वोटबैंक को मजबूत करना होगा, जिसपर मैं काम कर रहा हूँ। जनता का हम पर पूरा विश्वास है, हम उस पर खरे उतरने को पूरी कोशिश करेंगे।

पिछले चनावों में हार का कारण पूछने पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा जनता को बहकाने में कामयाब रही। इससे ना सिर्फ हमारा, बल्कि बहुजन समाज पार्टी का वोट भी भाजपा में चला गया। लेकिन आज देखोगे तो जनता मेरे शासनकाल को याद करती है। हमने पहले जितना कार्य किया था, इस सरकार में इतना कुछ नहीं हुआ है।

सपा प्रमुख ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम करार देते हुए कहा कि यह सरकार अपने करीब 10 महीने के कार्यकाल में अपनी एक भी योजना शुरू नहीं कर सकी है और जनता भलीभांति सरकार की नाकामियों को देख रही है। जनता ने मुझे पिछली बार वोट न देने की गलती को स्वीकारा है।

ऑस्ट्रेलिया में हुआ समलैंगिक विवाहों का आयोजन

धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट करेगा पुनर्विचार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आस्ट्रेलिया में मंगलवार को समलैंगिक शादियों का आयोजन हुआ। ऑस्ट्रेलिया में विवाह समानता के आधिकारिक दिवस के मौके पर यह इवेंट आयोजित किया गया था।

भारत को सेक्शन 377 देने वाले ब्र‍िटेन ने भी अपने यहां से इस कानून को खत्म कर दिया है। कई पश्च‍िमी देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया जापान जैसे देशों में भी समलैंगिक समुदाय को उनके अधिकार देने का सिलसिला जारी है।

एक समाचार एजेंसी के अनुसार, दिसम्बर में ऑस्ट्रेलिया की संसद ने एक जनमत सर्वेक्षण के बाद बहुमत के साथ समलैंगिक विवाह को मंजूरी दी थी।

आस्ट्रेलियाई कॉमनवेल्थ खेलों के धावक क्रैग बर्न्‍स और उनके साथी ल्यूक सुलिवियन (एथलीट) ने भी मंगलवार को शादी की। सुलिवियन ने सबको दिल से धन्यवाद कहा, जिसने-जिसने उन्हें मुबारक दी।

भारत में LGBT समुदाय के अधिकारों को लेकर अभी भी बहस जारी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेक्शन 377 पर दोबारा सुनवाई के आदेश के बाद उनके अधिकारों को लेकर अभी भी एक उम्मीद बाकी है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि धारा 377 हटाई नहीं जा सकती, क्योंकि उन्हें इस कानून से नहीं सेक्सुअलिटी के प्रदर्शन से दिक्कत है।

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
headlines of the day

उत्तराखंड में जीएसटी की वजह से जहर खाने वाले कारोबारी की हुई मौत।

पाकिस्तान को सैन्य मदद रोकने के बाद पहली बार स्विट्ज़रलैंड में मिलेंगे मोदी-ट्रम्प।

लालू यादव की सेवा के लिए बिरसा मुंडा जेल पहुंचे दो सेवकों पर उठे सवाल।

बजट में टैक्स छूट ढ़ाई लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने की खबर।

बजट से पहले अर्थशास्त्रियों के साथ निजी आयोग में बैठक करेंगे पीएम मोदी।

विश्व बैंक ने 2018 के लिए विकास दर के 7.3% रहने का अनुमान जताया।

पद्मावत के रिलीज को लेकर करणी सेना का आक्रोश बरकरार, कहा, “भंसाली मिले तो चांदी का जूता मारेंगे”।

ब्रिटेन: भगोड़े माल्या के प्रत्यर्पण केस में सुनवाई करेगा कोर्ट।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की हुई वापसी, बनेंगे ऑस्ट्रेलिया टी20 के सहायक कोच।

चंद्रयान-2 मिशन के तहत 2018 में चंद्रमा पर फहराया जाएगा भारतीय झंडा।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के तीन अहम प्रावधानों को बदल सकती है सरकार

विधेयक में बदलाव करेगी सरकार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक में कुछ बदलाव करने के संकेत लोगों को दिए हैं। यह विधेयक अभी संसद की स्थायी समिति में विचाराधीन है, लेकिन सूत्रों ने कुछ अहम प्रावधानों पर पुनर्विचार के संकेत दिए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार जिन तीन अहम प्रावधानों पर सरकार नरम रुख अपना सकती है, उनमें एक एमबीबीएस कोर्स करने के बाद एग्जिट टेस्ट के प्रावधान को हटाने का है। दूसरा बदलाव आयुष के डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स कराकर एलोपैथी में सीमित उपचार की इजाजत देने से जुड़ा है, सरकार का मानना है कि यदि आम राय नहीं बने तो इस प्रावधान को भी हटाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।

तीसरा प्रावधान एमबीबीएस की सीटों पर फीस के नियंत्रण से संबंधित है। विधेयक में सरकार ने यह कहा कि 40 फीसदी तक सीटों की फीस नियंत्रित की जाएगी, बाकी 60 फीसदी सीटें कालेजों को सौंप दी जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के ढांचे में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा, आयोग का चेयरमैन कम से कम बीस साल का अनुभवी चिकित्साविद् होगा, उसमें चुने हुए सदस्य पांच होंगे। 

अब तक के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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लालू यादव के इस तरह के हथकंडे अपनाने से पूरा बिहार शर्मसार हुआ, लालू कभी सुधर नहीं सकते -सुशील कुमार मोदी

पीएम मोदी अहमदाबाद में जो हमारे साथ करते थे, दिल्ली में भी वही कर रहे हैं -दलित नेता जिग्नेश मेवाणी

जिग्नेश मेवाणी की रैली में खाली नजर आई कुर्सियां, ट्विटर पर लोगों ने की खूब खिंचाई।

पार्टी का जनाधार बढ़ाना उनकी पहली प्राथमिकता है, किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं -अखिलेश यादव

कश्मीर-अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों ने मार गिराए 2 आतंकी।

भारत-पाकिस्तान के बीच खून-खराबा रोकने के लिए बातचीत ही एक रास्ता -सीएम महबूबा मुफ्ती

हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन का दावा एमयू का छात्र वानी अब हिजबुल का हिस्सा।

सिनेमाघरों में राष्ट्रगान अनिवार्य नहीं -सर्वोच्च न्यायालय का आदेश

मुख्तार अंसारी को पड़ा दिल का दौरा, पत्नी भी हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती।

फ़िल्म टाइगर ज़िंदा है देखने के बाद कटरीना कैफ से मिलना चाहता था, कश्मीर से पकड़ा गया संदिग्ध युवक।

यूपी बोर्ड: अगले सत्र से चलेंगी एनसीईआरटी की किताबें -दिनेश शर्मा

अब यूपी बोर्ड में चलेंगी NCERT की किताबें -दिनेश शर्मा

सुनील यादव | Navpravah.com 

यूपी बोर्ड से पढ़कर निकलने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अब तैयारी करने में आसानी होगी। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी की किताबें चलाने को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने कहा कि अब यूपी बोर्ड में अगले सत्र से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रिय शैक्षिक अनुसंधान एवं परिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) की किताबें चलेंगी। 
 
यूपी बोर्ड के विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की योजना पर काम वर्ष 2016 से चल रहा था। बोर्ड जुलाई 2017 से शुरू हो रहे सत्र में इस पाठ्यक्रम को लागू करने की तैयारी में था, लेकिन नौ से 12 तक की कक्षाओं में विद्यार्थियों की भारी संख्या और उसके हिसाब से समय पर किताबें प्रकाशित करा पाना संभव न हो पाने के कारण इसे लागू कर पाने में देरी हुई, पर अब शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने इसे हरी झंडी दे दी है। अगले सत्र से यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी की किताबें चलनी शुरू हो जाएंगी। 
 
बता दें कि विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की योजना इसलिए भी बनाई है, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की तैयारी प्रारंभिक स्तर से ही हो सके। एनसीईआरटी की किताबों की शैक्षिक गुणवत्ता भी बेहतर होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी एनसीईआरटी की किताबों को ही प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि इन परीक्षाओं में काफी सवाल एनसीईआरटी के पाठ्यक्रमों से शामिल किए जाते हैं।  

इजराइल ने बिटकॉइन को करेंसी मानने से किया इनकार 

इजरायल ने बिटकॉइन को करेंसी मानने से किया इनकार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन ने भले ही निवेशकों को खूब आकर्षित किया है, लेकिन इजराइल के केंद्रीय बैंक ने इसका बहिष्कार किया है। इजराइल ने इसे करेंसी मानने से साफ़ इनकार कर दिया है।

इजराइल के केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर नदाइन वाउदोत ट्राजटेनबर्ग ने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने कहा है कि इजराइल बिटकॉइन को बैंक करेंसी नहीं, केवल एक वित्तीय संपत्ति मानता है। ट्राजटेनबर्ग ने कहा कि कुछ ग्राहकों की ओर से यह शिकायत आई थी कि बिटकॉइन खरीदने के लिए खाते से पैसे ट्रांसफर ही नहीं हो रहे हैं, वहीं ट्राजटेनबर्ग ने अपने बयान में कहा है कि जब बैंक इसे करेंसी मानता ही नहीं, तो राशि ट्रांसफर होने पर सवाल ही नहीं उठता।

ट्राजटेनबर्ग ने यह भी कहा कि बिटकॉइन के दाम में हाल के दिनों में काफी तेज उतार-चढ़ाव आया है। ऐसे में इसके लेनदेन को लेकर मानक बनाना केंद्रीय बैंक के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बिटकॉइन में निवेश डूबने पर केंद्रीय बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी और निवेशक खुद इसके लिए जिम्मेदार होंगे। ट्राजटेनबर्ग ने कहा कि अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी इसे मान्यता नहीं दी है। 

बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी को लेकर रिजर्व बैंक वर्ष 2013 से ही निवेशकों को आगाह करता रहा है। आरबीआई यह कह चुका है कि देश में इसको मान्यता नहीं है और ऐसे में इसमें कमाई डूबने पर निवेशक खुद जिम्मेदार होंगे। दिसंबर में देश में आयकर विभाग ने कई एक्सचेंजो पर छापा भी मारा था।

ज्ञात हो कि बिटकॉइन की कीमत दिसंबर में 20 हजार डॉलर के करीब पहुंच गई थी, लेकिन तेज उतार-चढ़ाव में एक समय यह टूटकर 12,000 डॉलर के करीब आ गया था। सोमवार को इसका भाव 15,000 डॉलर के करीब था।

पीएम मोदी सुनेंगे अर्थशास्त्रियों के ”मन की बात”

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

देश की मैक्रो-इकनॉमिक स्थिति पर पीएम मोदी बुधवार को दिग्गज अर्थशास्त्रियों से मुलाकात करेंगे और राय लेगें।इस मीटिंग में कैबिनेट के शीर्ष मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स और प्रधानमंत्री की इकनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य भी मौजूद होगें।

देश में अगला लोकसभा चुनाव 2019 में होना है। स्टैटिस्टिक्स ऑफिस ने पिछले सप्ताह 2017-2018 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान दिया था। पिछले वर्ष जीडीपी ग्रोथ 7.1 पर्सेंट की थी, कम ग्रोथ के अनुमान के पीछे ऐग्रिकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग में धीमी ग्रोथ जैसे कारण हैं। अनुमानों से दूसरी छमाही में ग्रोथ बढ़कर 7 पर्सेंट होने का संकेत मिला है, जो पहली छमाही में 6 पर्सेंट की थी।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि यह प्री-बजट मीटिंग है और इसमें मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया को मजबूत करने, एक्सपोर्ट बढ़ाने, किसानों की आमदनी दोगुनी करने के तरीकों और देश में रोजगार बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। इसमें अर्थशास्त्री टैक्सेशन और टैरिफ से संबंधित मामलों, एजुकेशन, डिजिटल टेक्नॉलजी, हाउसिंग, टूरिज्म, बैंकिंग और ग्रोथ बढ़ाने के लिए भविष्य के कदमों पर अपनी राय दे सकते हैं।

2019 का चुनाव जीतने के लिए BJP ने बनाया नया गेम प्‍लान

भाजपा ने बनाया नया प्लान

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

2019 में लोकसभा का चुनाव है और इस चुनाव को जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस पूरे प्लान में बीजेपी की सोशल मीडिया टीम तेजी से काम में जुट गयी है। इसके लिए पार्टी ने पूरा प्‍लान भी तैयार कर लिया है। इस प्‍लान के तहत भाजपा उन युवा वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश करेगी, जिनका जन्‍म साल 2000 में हुआ था।
 
साल 2000 में पैदा हुए युवा वोटर साल 2019 में पहली बार वोट डालेंगे। पार्टी की नजर उन पर बनी हुई है कि कैसे इन वोटरों को अपनी तरफ खींचा जा सके। इसके लिए बीजेपी ने सोशल मीडिया के जरिये प्लान बनाया है। इस प्‍लान को एक ऐप से चलाया जाएगा, जिसका नाम ‘मिलेनियम वोट कैंपेन’ है, जिसे 18 जनवरी को लॉन्‍च किया जाएगा।
 
पार्टी अपने इस प्लान पर पूरी तरह से गंभीर है और बीते रविवार को बीजेपी युवा मोर्चा की बैठक में भी इस पर चर्चा की गई है कि इस प्लान के तहत काम कैसे किया जायेगा। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सन् 2000 में जो पैदा हुआ है वह 2018 का नया वोटर होगा। सदी के नए वोटरों का भारतीय लोकतंत्र स्वागत करता है।