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Friday, August 21, 2026
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मदरसों से डॉक्टर, इंजीनियर नहीं, आतंकवादी निकलते हैं -वसीम रिज़वी

वसीम रिज़वी ने दिया विवादित बयान

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने मदरसों को भी सीबीएसई और आईसीएसई की मान्‍यता दिए जाने पर ज़ोर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने मदरसों में गैर मुस्लिम छात्रों को भी शिक्षा दिए जाने की मांग की है। रिजवी ने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने एक विवादित बयान भी दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मदरसे इंजीनियर, डॉक्टर नहीं बल्कि आतंकवाद पैदा करते हैं।

रिजवी ने निजी एजेंसी से बातचीत में कहा कि ‘मदरसों को CBSE, ICSE बोर्ड में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने गैर मुस्लिम छात्रों को मदरसे में आकर पढ़ने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्‍यना‍थ को पत्र लिखा है। यह फैसला हमारे देश को और भी मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि कितने मदरसों ने अब तक इंजीनियर, डॉक्टर या IAS अधिकारी बनाये हैं? लेकिन यहाँ से आतंकवादी ज़रूर पैदा हुए हैं।

इस बयान से झल्लाए AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा हिया कि वसीम एक बड़े जोकर ही नहीं, बल्कि एक अवसरवादी व्यक्ति हैं। उन्होंने अपनी आत्मा आरएसएस के हाथों बेच दी है। उन्होंने वसीम को चुनौती देते हुए कहा कि वह एक ऐसे शिया या सुन्नी मदरसे के बारे में बताएं, जहाँ इस तरह की शिक्षा दी जाती हो। ऐसी जानकारी होने पर वह तुरंत गृह मंत्रालय को बताए।

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों व इस्लामी शैक्षणिक संस्थानों को और बेहतर बनाने के लिए  इन संस्थानों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण (एनसीईआरटी) की किताबें पढ़ाने का निर्णय लिया था। इस बाबत उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा था कि मदरसों में एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाई होगी। आधुनिक विषयों के साथ हम अन्य स्कूलों से भी बराबरी कर पाएंगे, शुरुवाती स्तर पर गणित और विज्ञान अनिवार्य होगी।

उन्होंने बताया कि सरकार ने मदरसों में पाठ्यक्रम को सुधारने के लिए एक 40 सदस्यीय समिति बनाई थी। इस समिति ने सरकार को रिपोर्ट भी सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार पढ़ाई के स्तर को सुधारने के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान अनिवार्य कर सकती है ।

मुख्तार अंसारी को अस्पताल मिलने पहुंची उनकी पत्नी को भी पड़ा दिल का दौरा, हालत गंभीर

मुख्तार अंसारी की पत्नी को भी पड़ा दिल का दौरा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बसपा के बाहुबली नेता और मऊ सीट से विधायक मुख्तार अंसारी को आज दिल का दौरा पड़ा है। वहीं संजोग ऐसा था कि जैसे ही उनकी पत्नी उनको अस्पताल देखने पहुँचीं, उन्हें भी अस्पताल में ही दिल का दौरा पड़ गया, अब दोनों की हालत गंभीर है। बांदा के जिला अस्पताल से दोनों को कानपुर रेफेर किया गया 
है।
 
बता दें कि मुख्तार अंसारी उसी कोमी एकता दल पार्टी के अध्य्क्ष हैं, जिसके कारण मुलायम सिंह यादव परिवार में दरार पड़ गई थी। अखिलेश यादव सपा में किसी भी बाहुबली को प्रवेश नहीं देना चाहते थे। वहीं उनके चाचा शिवपाल यादव कोमी एकता दल का विलय सपा से कराना चाहते थे और इसी वजह से मुलायम परिवार में दरार पड़ी थी।
 
बाद में अंसारी बंधुओं ने बीएसपी का दामन थामा था। बीएसपी ने न सिर्फ सदर विधानसभा सीट से मनोज राय का टिकट काटकर मुख्तार अंसारी को दिया, बल्कि घोसी से इनके बेटे अब्बास अंसारी को वसीम खां उर्फ चुन्नू खां का टिकट काटकर दिया गया। मुख्तार के भाई सिगबगतुल्लाह को भी गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट से बीएसपी ने टिकट देकर पूर्वांचल में मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी।
 
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी मऊ सदर विधानसभा सभा सीट से लगातार जीत रहे हैं। अंसारी का मऊ क्षेत्र  में अच्छा प्रभाव है। वह मऊ से 1996 से विधायक चुनकर आ रहे हैं। अंसारी के ऊपर दर्जन भर से ज्यादा आपराधिक मामले चल रहे हैं।
 

300 कट्स के बाद रिलीज होगी ‘पद्मावत’

पद्मावत विवाद

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भले ही ‘पद्मावत’ फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होने जा रही है, लेकिन इसपर उठा विवाद और इसकी परेशानियां ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को सिर्फ 5 बदलाव करने के बाद रिलीज करने की अनुमती दी थी, लेकिन यह 5 बदलाव करने पर पूरी फिल्‍म में 300 से ज्‍यादा कट करने पड़ सकते हैं। यानी सेंसर बोर्ड के इन 5 कट्स से पूरी फिल्‍म ही बदल सकती है। 

एक निजी अखबार की खबर के अनुसार इस फिल्म में जहां भी मेवाड़, दिल्ली और चितौड़ का जिक्र है, उसे भी पूरी तरह हटाया जाएगा। ऐसे में जब यह फिल्म दर्शकों के समक्ष होगी, तो वह फिल्म में किस जगह की बात हो रही है, यह पहचान नहीं सकेंगे। अब ‘पद्मावत’ नाम की इस फिल्‍म में आपको न तो रानी पद्मावती मिलेगी और न ही अलाउद्दीन खिलजी। सेंसर बोर्ड के द्वारा बताए गए इन 5 कट्स को लागू करने के लिए फिल्म को दोबारा एडिट करने में एडिटर्स ने रात-दिन एक कर रखा है। 

बता दें कि सेंसर बोर्ड ने भले ही संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनी फिल्म को हरी झंडी दिखा दी हो, लेकिन नाम बदलने के बाद भी इस फिल्म के साथ जुड़ा विवाद ख़त्म नहीं हो रहा है। शुरुआत से ही इस फिल्म का विरोध करणी सेना कर रही थी, लेकिन अब एक बार फिर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर फिल्म को प्रदर्शित किया गया तो वह पूरे देश में धरने-प्रदर्शन करेगी।

इतना ही नहीं करणी सेना ने फिल्म में लगे पैसे की भी जांच कराने की मांग की है। इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका अदा की है। बता दें कि ‘पद्मावत’ पहले 1 दिसम्बर 2017 को रिलीज़ होने वाली थी, जो कुछ समूहों के विरोध की वजह से टाल दी गई थी। 

अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा के घर पर बीएमसी ने गिरायी गाज

शत्रुघन सिन्हा के घर बीएमसी की गिरी गाज

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 
 
अभिनेता और बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की आठ मंजिला आवासीय इमारत के अवैध विस्तार और निर्माण को बीएमसी ने गिरा दिया है। शत्रुघ्न के जुहू इलाके में स्थित उनके घर का नाम ‘रामायण’ है। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक निजी न्यूज चैनल को बताया कि पिछले कुछ महीनों से बीएमसी को सिन्हा के आवास के अवैध विस्तार की शिकायतें मिल रहीं थी, इस संबंध में उन्हें नोटिस भी भेजा गया था।
 
अधिकारी ने बताया कि सिन्हा ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन हमने निर्माण के प्रावधानों के अनुसार विस्तार में त्रुटि पाई और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि पूजा के कमरे को छोड़कर बाकी अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। हमने उन्हें इसके लिए थोड़ा समय दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि सिन्हा के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज की जाएगी। 
 
अधिकारी ने आगे कहा कि अवैध निर्माण गिराये जाने के दौरान सिन्हा ने पूरा सहयोग किया और वह अपने परिवार के साथ इसी घर में रहते हैं। सिन्हा ने कुछ सालों पहले ही अपने घर को आठ मंजिला बनाने के लिए अपने बंगले का पुनर्निमाण करवाया था। 

ऐश्वर्या राय बनेंगी सरोगेसी की मदद से मां!

सरोगेसी की मदद से ऐश्वर्या बनेंगी माँ

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

ऐश्वर्या राय अब फिल्म ‘जैस्मीन-एक किराए की कोख’ में नजर आएंगी। ये फिल्म सरोगेसी पर आधारित है, जिसमें ऐश्वर्या एक सरोगेट मदर का रोल कर रही हैं। इससे पहले ऐश्वर्या राय ने फिल्म ‘जज्बा’ में मां का किरदार निभाया था। ऐश्वर्या ने अपनी डिमांड को देखते हुए, अपना चार्ज बढ़ा दिया है। ऐश्वर्या अब अपनी फिल्मों के लिए 10 करोड़ तक चार्ज कर सकती हैं।
 
मुंबई मिरर से बात करते हुए फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा राव अरोड़ा ने बताया कि उनकी अगली फिल्म ‘जैस्मीन’ में ऐश्वर्या राय सरोगेटिक महिला का किरदार निभा सकती हैं। फिल्म एक रियल स्टोरी पर आधारित है। फिल्म मेकर्स चाहते हैं कि ऐश्वर्या राय बच्चन उनकी इस फिल्म में मुख्य किरदार निभाएं, प्रेरणा का कहना है कि, इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या हमारी पहली पसंद हैं।

दिल्ली की छवि गुप्ता ने पहले ही प्रयास में कैट 2017 की परीक्षा की उत्तीर्ण

छवि ने पहले ही प्रयास में पास की कैट-2017 परीक्षा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

दिल्ली की बेटी और आईआईटी दिल्ली से पासआउट छवि गुप्ता ने पहली बार कैट की परीक्षा दी और 100 पर्सेंटाइल के साथ टॉप-20 में जगह बना ली है। छवि ने नौकरी करते हुए ये परीक्षा उत्तीर्ण की है।
 
आईआईटी की तर्ज पर ही बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार आईआईएम में भी सुपर न्यूमेरी कोटा लाने की योजना बना रही है। छवि के कहा कि उनकी आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री लेने की हसरत पूरी हो गई है।
 
छवि ने कहा कि अच्छी नौकरी के लिए एमबीए डिग्री बेहद जरूरी है, इसीलिए पहली बार कैट की परीक्षा दी और सौ पर्सेंटाइल हासिल किया। आईआईएम अहमदाबाद में एमबीए के लिए दाखिला लूंगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार प्रश्न पत्र बेहद कठिन था। लेकिन टॉप-20 में दो लड़कियां पहली बार शामिल हुई हैं, इसलिए खुशी के साथ बेहद गर्व भी महसूस कर रही हूं।
 
टेक्नॉलोजी एंड एनालिटिक्स फर्म में फुल टाइम नौकरी करते हुए छवि को वीक डेज में प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिलता था, लेकिन वह अपनी पढ़ाई वीकेंड में करती थीं और कोचिंग क्लास भी उसी दिन करती थीं।

पंजाब में AAP का राज्यसभा उम्मीदवारों पर फूटा गुस्सा

अरविंद केजरीवाल की बढ़ी मुश्किलें

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com 
 
राज्यसभा के लिए घोषित किए गए तीन उम्मीदवारों के नामों पर आम आदमी पार्टी में तकरार बढ़ती जा रही है, अब इसका असर पंजाब के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच दिख रहा है। पंजाब के खरड़ से आप विधायक कंवर संधु ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और पंजाब के इंचार्ज मनीष सिसोदिया को इस बाबत चिट्ठी लिखी है कि इस फैसले पर वे और कार्यकर्ता निराश हैं।
 
पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक पंजाब चुनाव हरवाने वाले संजय सिंह को राज्यसभा क्यों भेजा जा रहा है? संजय सिंह पंजाब में पार्टी के प्रभारी रह चुके हैं। संधु ने पत्र में लिखा कि जब पार्टी में कुमार विश्वास और आशुतोष जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, तो संजय गुप्ता और एनडी गुप्ता को उम्मीवार क्यों बनाया गया।
 
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर विधायकों की कोई बैठक नहीं हुई है, लेकिन कुछ विधायक उम्मीदवारों के नामांकन से खुश नहीं हैं। संधु ने यह भी लिखा कि अगर संजय सिंह को उनके काम को लेकर राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया, तो फिर पार्टी में ऐसे कई नेता हैं, जिन्हें काम का ईनाम मिलना चाहिए था।
 
आम आदमी पार्टी इस मामले में दो टुकड़ों में बंटती नजर आ रही है। आप विरोधी दलों ने भी पार्टी और केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा है। अब देखना होगा कि ये पार्टी का ये घमासान कब तक खत्म होता है।

आतंकी सैयद सलाउद्दीन ने माना मन्नान वानी बना हिजबुल मुजाहिदीन का हिस्सा

हिजबुल में शामिल हुआ अलीगढ यूनिवर्सिटी का छात्र

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सरगना सैयद सलाउद्दीन ने बयान जारी कर बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से गायब छात्र मनान बशीर वानी अब हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बन चुका है। मन्नान वानी के आतंकी बनने की बात तब सामने आयी थी, जब मन्नान वानी ने एके 47 के साथ एक फ़ोटो सोशल मीडिया पर डाली थी। जिसके बाद से ही यह अंदाज लगाया जा रहा था कि मन्नान आतंकी बन गया है।
 
बता दें कि मन्नान बशीर वानी के आतंकी संगठन हिज़्ब-उल-मुजाहिदीन में शामिल होने की खबरों के बाद उसका रूममेट मुजम्मिल हुसैन भी लापता है। हालांकि अभी तक मन्नान वानी का भी पता नहीं चल पाया है। खुफियां एजेंसियां वानी की तलाश में जुटी हुई हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक उसके आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल होने की बात की पुष्टि नहीं की है। अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि वानी का रूममेट हुसैन पिछले साल जुलाई के बाद से नहीं आया है। हॉस्टल के मेस वाले ने बताया कि मन्नान को दो जनवरी को अंतिम बार देखा गया था।
 
जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने कहा कि सभी चीजों की जांच की जा रही है और यह कहना अभी जल्दीबाजी होगा कि मुनीर हिज्बुल में शामिल हो गया है। हालांकि अलीगढ़ पुलिस की जांच से पता चला है कि वानी ने जनवरी 2017 में हॉस्टल में हिज्बुल का कैलेंडर भी बांटा था। वहीं मन्नान को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से निष्काषित कर दिया है और कश्मीर में वाणी के माता-पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
 

अमेरिका ने 7.5 लाख भारतीयों को दी बड़ी राहत, H-1 बी वीजा प्रस्तावों को किया खारिज

अमेरिका ने दी भारतीयों को बड़ी राहत

राजेश सोनी | Navpravah.com 

अमेरिका ने H-1 बी वीजा प्रस्तावों को खारिज करने का फैसला लिया है। जिससे अमेरिका में रह रहे 7.5 लाख भारतीयों को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने साफ कहा गया है कि H-1 बी वीजा में प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया है। वीजा प्रस्तावों के कारण अमेरिका में बसे भारतीयों की मुश्किलें बढ़ सकती थीं और उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता था।
 
बता दें कि खबर आई थी कि जो भी भारतीय अमेरिका में पिछले 6 साल से रह रहे हैं और जो अब ग्रीन कार्ड मिलने का इंतेजार कर रहें हैं, अब ऐसे सभी लोगों को अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसपर अमेरिकी प्रशासन ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से इनकार कर दिया है। वहीं इस मामले को लेकर विदेशी लोगों के लिए एच1बी वीजा को देखनेवाली एजेंसी यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के चीफ ऑफ मीडिया रिलेशंस जॉनाथन का बयान भी आया है।

उन्होंने कहा कि यूएसआईसीएस की तरफ से एसी-21 की धारा 104 (सी) जो विदेशी नागरिक को एच1बी वीजा पर छह साल से ज्यादा रहने की इजाजत देता है, उसमें किसी तरह के बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसा था तो भी फिर भी इस बदलाव के बाद एच1बी वीजाधारकों को अमेरिका छोड़ने पर मजबूत नहीं करना पड़ता, क्योंकि नियोक्ता की तरफ से एसी21 की धारा 106 (ए)-(बी) के तहत एक साल बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है। 
 
अमेरिकी प्रशासन की तरफ ये घोषणा अमेरिका में रह रहे ए1बी वीजाधारक जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए बड़ी राहत बनकर आयी है। अमेरिकी प्रशासन अगर H-1 बी वीजा 
प्रस्तावों को खारिज नहीं करता तो, अमेरिका में रह रहे भारतीय को अमेरिका छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
 

सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं -सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

सुनील यादव | Navpravah.com

मंगलवार को देश की सर्वोच्च न्यायालय ने सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाये जाने पर एक अहम् फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अब सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है। 

केंद्र सरकार ने सिनेमाघरों में राष्ट्र्गान के अनिवार्यता को लेकर ठोस नियम बनाये जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय माँगा था, इसके लिए सोमवार को गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि फिल्म से पहले राष्ट्रगान को अनिवार्य न किया जाए। बता दें कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजने पर कई लोग खड़े नहीं होते, तो कुछ लोग उनकी पिटाई कर देते हैं। ऐसी घटनाएं दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही हैं। 

 
बता दें कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाने को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रिय ध्वज संहिता कानून में संशोधन करने पर विचार किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में देशभर में हो रही इन घटनाओं पर आक्रोश जताते हुए कहा था कि देशभक्ति साबित करने के लिए सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के समय खड़ा होना जरूरी नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान के लिए खड़ा नहीं होता है, तो ऐसा नहीं माना जा सकता कि वह कम देशभक्त है। 
 
देश की सर्वोच्च न्यायलय ने नवम्बर 2016 में श्याम नारायण चौकसी के सिनेमाघरों में राष्ट्र्गान बजाये जाने के जनहित याचिका पर निर्देश दिया था कि फिल्म से पहले राष्ट्र्गान को अनिवार्य रूप से चलाया जाए। लेकिन राष्ट्रभक्ति के नाम पर इन घटनाओं को रोकने के लिए आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि देश के सिनेमाघरों में फिल्म से पहले राष्ट्र्गान बजाना अनिवार्य नहीं है।