अब तक के प्रमुख समाचार
पिछले तीन दिनों से लगातार पाकिस्तान कर रहा है सीजफायर उल्लंघन, 2 जवान शहीद।
‘आप’ के बाद पुदुच्चेरी में कांग्रेस के ऊपर भी लाभ के पद मामले में मंडरा रहा है संकट।
पाकिस्तान को अच्छे और बुरे आतंकवाद में फर्क करने की मानसिकता को बदलने की जरूरत -भारतीय सयुंक्त राष्ट्र परिषद्
छत्तीसगढ़: कांकेर में नक्सली साजिश नाकाम, नदी किनारे हुए बम बरामद।
EC का फैसला लोकतंत्र के खिलाफ, राष्ट्रपति से समय मांग कर बताएँगे हकीकत -मनीष सिसोदिया
हरियाणा: 12वीं के छात्र ने गुस्से में आकर स्कूल की प्रिंसिपल को गोलियों से भूना।
मध्यप्रदेश: नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस को मिली बड़ी जीत, राघोगढ़ में 24 में से 20 सीटें जीती।
शटडाउन के कारण ट्रंप प्रशासन की पहली वर्षगांठ पर अमेरिकी सरकार का कामकाज हुआ ठप।
उड़ान के दौरान यात्रियों को मोबाइल और इंटरनेट सेवा मुहैया कराएगा TRAI
भारत ने जीता ब्लाइंड क्रिकेट विश्वकप, फाइनल में पाक को चटाई धूल।
गुजरात मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने किया ऐलान, पूरे राज्य में नहीं दिखाएंगे ‘पद्मावत’
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज का रास्ता भले साफ हो गया हो, लेकिन उनकी मुसीबतें इस फिल्म के संबंध में खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। करणी सेना की धमकियों और तोड़-फोड़ के बीच, गुजरात के मल्टीप्लेक्स असोसिएशन ने यह घोषणा कर दी है कि वह गुजरात के किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्म रिलीज नहीं करने देगें।
एएनआई के मुताबिक, गुजरात मल्टीप्लेक्स असोसिएशन के डायरेक्टर, राकेश पटेल ने कहा कि हम पूरे गुजरात में यह फिल्म रिलीज नहीं करेंगे, सभी डरे हुए हैं, कोई भी मल्टीप्लेक्स नुकसान या परेशानी नहीं उठाना चाहता है।
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही फिल्म की राह आसान कर दी है, लेकिन फिर भी कुछ लोगों द्वारा फिल्म रिलीज होने पर बुरे हालात पैदा करने की धमकियां दी जा रही हैं। गुजरात समेत राजस्थान में भी राजपूत करणी सेना द्वारा फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।
फिल्म को लेकर एक दिन पहले ही हैदराबाद के बीजेपी विधायक टी राजा सिंह ने एक वीडियो में कहा कि मैं लोगों से इस फिल्म का विरोध करने की विनती करता हूं, जो भी थिएटर यह फिल्म दिखाए, आप उसे तहस नहस कर दें, वहां आग लगा दें, ताकि इतिहास के साथ कभी कोई छेड़छाड़ न करे।
चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ -मनीष सिसोदिया
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
आम आदमी पार्टी के 20 से ज्यादा विधायक के ऊपर लाभ के पद का फायदा उठाने का मामला सामने आया था। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के अनुसार, आम आदमी पार्टी के 20 विधायक की छुट्टी तय है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इन विधायकों की लिस्ट राष्ट्रपति के पास सिफारिस के लिए भेजी है। चुनाव आयोग के इस फैसले को दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम ने असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है।
शनिवार को मीडिया के सामने इस मुद्दे पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि इस मामले में चुनाव आयोग ने एक तरफा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने इस तरह की सिफारिश करने से पहले न ही उन विधायकों की बातें सुनी और न ही गवाही कराई गई। सिसोदिया ने कहा कि वह इस मामले में राष्ट्रपति से समय की मांग कर रहे हैं, ताकि उनसे गुजारिश कर सकें कि विधायकों की बातें सुनें और उसके बाद ही विधायकों की सदस्यता पर अपना कोई फैसला लें। सिसोदिया ने केन्द्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह पिछले तीन वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से किए गए विकास कार्यों से डर गई है।
गौरतलब है कि कल ही आप के विधायक सौरव भारद्वाज ने कहा कि ‘आप’ को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पार्टी के किसी विधायक ने न गाड़ी लिया, न वेतन लिया और न कभी सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाया। उन्होंने इसे जन प्रतिनिधियों के खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्य आयुक्त ने रिटायरमेंट से पहले ऐसा फैसला क्यों सुनाया?
‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ विकास कार्यों को सब तक पहुंचाने का कार्य किया -सीएम योगी
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
योगी सरकार के शुक्रवार को 10 महीने पूरे हो गए हैं। विश्व हिंदू परिषद के संत सम्मेलन में शामिल मुख्यमंत्री योगी ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और जाति आधारित राजनीति पर भी कटाक्ष किया। योगी ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में भेदभाव अथवा अन्याय किसी के साथ नही किया गया है। भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया’ के भाव के साथ विकास कार्यों को सब तक पहुंचाने का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी के माघ मेला में निरीक्षण करने तथा हनुमान मंदिर दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ी। परेड से संगम नोज तक की सड़क पर आवागमन उनके आने से काफी पहले रोक दिया गया था, इसकी वजह से जगह-जगह स्नानार्थियों का जमावड़ा रहा। इतना ही नहीं, विश्व हिंदू परिषद के शिविर के आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गईं थीं। इससे उनका व्यापार प्रभावित हुआ, इससे लोगों में नाराजगी रही।
मुख्यमंत्री के आगमन से कुछ देर पहले एक दिव्यांग निरीक्षण स्थल पर पहुंच गया। वह पैर से दिव्यांग था और बैसाखियों के सहारे चल रहा था। पुलिस वालों ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की। दिव्यांग ने इसका प्रतिरोध किया तो सुरक्षाकर्मियों ने धक्का दे दिया।
स्कूल से निकालने पर झल्लाया छात्र, केबिन में घुसकर प्रिंसिपल को गोलियों से भूना
पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
हरियाणा के यमुनानगर से एक चौकानेवाली घटना सामने आई है। विवेकानंद स्कूल में पढनेवाले 12वीं कक्षा के छात्र को स्कूल से निकालने पर इतना ज्यादा गुस्सा आ गया कि उसने अपनी प्रिंसिपल को गोलियों से भून दिया।आरोपी छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्र के पास अपने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर थी, जिससे उसने इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इस कॉमर्स के छात्र को प्रिंसिपल रीतू छाबड़ा ने डांटा था, जिससे वह बहुत नाराज़ था। जिसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया।
दरअसल यह घटना दोपहर के करीब हुई, जब आरोपी छात्र अपने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर प्रिंसिपल रितु छाबड़ा के केबिन में पहुंचा और उनके नज़दीक जाकर तक़रीबन तीन गोलियां दाग दीं, जो उन्हें छाती और पैर पर लगीं। गंभीर रूप से घायल प्रिंसिपल को तत्काल पास के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं, घटना को अंजाम देने के बाद छात्र ने भागने की भी कोशिश की थी, पर ऐसा हो न सका।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया ने बताया कि छात्र को स्कूल ने उसकी कम हाजिरी और उसके झगड़ालू रवैये के कारण हाल ही में स्कूल से निकाल दिया था। पुलिस ने कहा कि इस मामले की जाँच चल रही है और इस घटना में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा छात्र के पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
TRAI: उड़ते विमान में भी मिलेगी इंटरनेट सेवा
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
अब हवाई यात्रा के दौरान भी लोग मोबाइल और इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस पर दूरसंचार नियामक ट्राई ने उड़ान के दौरान यात्रियों को सैटेलाइट और जमीनी नेटवर्क के जरिये मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने के बारे में सुझाव दिया है। दूरसंचार विभाग ने 10 अगस्त 2017 को ट्राई से सुझाव मांगा था, जिसमें भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सहित अन्य उड़ानों में वॉयस, डेटा तथा वीडियो सेवा दी जा सके।
ट्राई ने अपने सुझाव में कहा है कि प्राधिकरण भारतीय हवाईसीमा में उड़ान के दौरान यात्रियों को इंटरनेट व मोबाइल संचार दोनों सुविधाएं इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के तौर पर दी जा सकती है। ट्राई के अनुसार उड़ान में वाई-फाई के जरिये इंटरनेट सेवा तब दी जानी चाहिए, जब उड़ान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस फ्लाइट मोड पर हों। इस बाबत घोषणा तब की जानी चाहिए, जब सभी लोग विमान में सवार हो जाएं और वह उड़ान भरने के लिए तैयार हो।
नियामक ने (आईएफसी प्रदाता) इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सर्विस प्रोवाइडर यानी उड़ान के दौरान मोबाल संपर्क सेवा प्रदान करने वाली कंपनी बनाने का सुझाव दिया है। केवल एक रुपये के शुरुआती वार्षिक लाइसेंस पर बननेवाली यह कंपनी जल्द ही दूरसंचार सेवा कंपनियों के साथ समझौता कर सकती है। ट्राई के अनुसार आईएफसी प्रदाता कंपनियों को भारतीय उपग्रह प्रणालियों (इनसैट) तथा इनसैट से बाहर के क्षेत्र में विदेशी संचार उपग्रह प्रणालियों के साथ समझौता करने की इजाजत होनी चाहिए।
न्यायाधीश लोया की मौत की सुनवाई सोमवार से करेगी CJI दीपक मिश्रा की बेंच
एनपी न्यूज़ डेस्क| Navpravah.com
विशेष सीबीआई न्यायाधीश बीएच लोया की मौत 2014 में हुई थी। न्यायाधीश लोया की मौत को लेकर दायर की गई जनहित याचिकाओं पर अब सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर दो जनहित याचिकाओं में न्यायाधीश लोया की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री की तरफ से शनिवार को जारी रिलीज में बताया गया कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के अलावा इस केस में एएम खांडविल्कर, डीवाई चंद्रचूड़ भी बेंच में शामिल होंगी। इस केस में मोड़, सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के प्रेस वार्ता के चार दिन बाद आया, जब न्यायाधीश अरूण मिश्रा और न्यायाधीश एमएम शांतागौदार ने यह कहा कि न्यायाधीश लोया केस की सुनवाई किसी योग्य बेंच में की जानी चाहिए। जिसके बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि न्यायाधीश अरूण मिश्रा ने इस केस से अपना हाथ पीछे खींच लिया। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले को किसी योग्य बेंच को सौंपा जाएगा।
याचिकाकर्ता तहसीन पूनावाला और मुंबई के पत्रकार बीआर लोन के वकीलों ने इसे मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा। लोन की वकील अनिता शिनोय ने बताया कि वह मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में गयी और उनसे इस केस में आखिरी आदेश के लिए सुनवाई करने की तारीख की मांग की। शिनोय ने बताया कि 16 जनवरी को न्यायाधीश अरूण मिश्रा ने कहा था कि इस केस को किसी योग्य बेंच के पास एक हफ्ते के बाद सुनवाई करना चाहिए।
गौरतलब है कि न्यायाधीश लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में हुई थी। उस समय न्यायाधीश लोया सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का इस केस में नाम था, जिन्हें उसी साल दिसंबर के आखिर में अदालत ने बरी कर दिया था।

















