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Sunday, August 23, 2026
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भारी धुंध में छिपी मुंबई, दिल्ली से बढ़कर छाई कालिमा 

भारी धुंध में छिपी मुंबई

 पारुल पाण्डेय | Navpravah.com 

लगातार बढ़ते प्रदुषण ने दिल्ली के बाद अब मुंबई को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। बुधवार को मुंबई में धुंध का स्तर इतना बढ़ गया था कि अस्थमा से जूंझ रहे लोगों को सांस लेने में भी समस्या हो रही थी। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स(AQI) का आंकड़ा 275 तक रिकॉर्ड किया गया था। जबकि यह आंकड़ा मंगलवार को 271 रहा। बता दें कि 201 से 300 तक दर्ज हुए एयर क्लालिटी इंडेक्स को घटिया स्तर का माना जाता है। ऐसे में भारी धुंध वाला यह मौसम सेंसिटिव लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है। 
  
बुधवार को दर्ज हुई मुंबई की एयर क्वालिटी दिल्ली की तुलना में बहुत खराब रही। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 रहा। यह आंकड़ा दिल्ली के पिछले दिनों में सुधार को दर्शाता है। मुंबई में न्यूनतम तापमान में भी थोड़ी-बहुत बढ़ोत्तरी हुई है। मुंबई की 10 जगहों पर लिए गए सैंप्लस में ओवरऑल इंडेक्स 275 रहा, जो घटिया श्रेणी के अंतर्गत आता है ।   

इन दस जगहों में मझगांव (342), भांडुप (327), बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (327), बोरिवली (319), कोलाबा (320) और नवी मुंबई (309) प्रमुख नामों में से एक था। वहीं तापमान पर गौर करें, तो भारतीय मौसम विभाग की कोलाबा ऑब्जर्वेटरी में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस था जबकि यही तापमान मंगलवार को 21.5 डिग्री था। 

उन्नाव स्वास्थ्य कैंप मामला: दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी -केशव प्रसाद मौर्य 

उन्नाव स्वास्थ्य कैंप मामले पर केशव प्रसाद मौर्य ने दिया बयान

राजेश सोनी | Navpravah.com 

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार 6 फरवरी को एचआईवी का एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने स्वास्थ्य महकमे के होश उड़ा दिए थे। उन्नाव के बांगरमऊ में एक साथ 40 लोगों में एचआईवी का टेस्ट पॉजिटिव निकला था। अब इस मामले पर सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमने इस तरह की घटना के बारे में पहले कभी नहीं सुना था। हम इसकी निंदा करते हैं और निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, एचआईवी पीड़ितों का कहना है कि वह पहले जिले के नीम-हकीम और कुछ लोकल डॉक्टरों के पास इलाज कराने के लिए जाते थे। वह डॉक्टर उन्हें किसी भी तरह के इंजेक्शन से सूई और दवाई दे दिया करते थे, हो सकता है, उन्हें इसी कारण एचआईवी हुआ हो। 
 
इस मामले पर बांगरमऊ के काउंसलर सुनील का कहना है कि हमें 40 एचआईवी पॉजिटिव केस मिले है। अगर इस मामले की सही से जांच की जाए, तो पीड़ितों की संख्या 500 से ज्यादा पहुंच सकती है। गौरतलब है कि 2017 के नवंबर महीने में जिले में एक स्वास्थ्य कैंप लगा था, जिसके बाद 40 लोगों में एचआईवी के लक्षण पाए गए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में मौजूद झोला छाप डॉक्टरों से इलाज कराने के कारण उन्हें एचआईवी एड्स हुए हैं।   

कर्नाटक: देवगौड़ा-मायावती ने थामा एक दूसरे का दामन

देवगौड़ा-मायावती ने थामा एक दूसरे का दामन

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को धूल चटाने के लिए जनता दल (एस) और बीएसपी ने एक दुसरे का साथ देने का फैसला किया है। गुरुवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती और एचडी देवगौड़ा ने गठबंधन किया है। इतना ही नहीं,  दोनों नेताओं ने बकायदा एक एग्रीमेंट पेपर पर हस्ताक्षर भी किया।   

इस गठबंधन की घोषणा करते हुए JDS नेता दानिश अली ने बताया कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि BSP ने पहली बार राजनीतिक गठबंधन JDS के साथ करने का फैसला किया है। हम मिलकर कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, इस चुनाव अभियान की शुरुआत 17 फरवरी को बंगलौर से होगी। इस दौरान मायावती और देवेगौड़ा एक मंच पर साथ होंगे। 

बीएसपी महासचिव सतीश मिश्र और JDS नेता दानिश द्वारा ली गई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दोनों दलों ने आगामी लोकसभा चुनाव में भी एक साथ उतरने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में होनेवाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां एक साथ मैदान में उतरेंगी। इस गठबंधन के तहत राज्य की 224 सीटों में से मायावती की BSP 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और अन्य 204 सीटों पर JDS के उम्मीदवार होंगे। 

इस गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा JDS के एचडी कुमारस्वामी होंगे। बता दें कि वह पहले भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर दिखाई दे रही है।दोनों पार्टियां एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती नज़र आ रही हैं। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच चल रहे कड़वे बोल से साफ़ हो गया है। 

गौरतलब हो कि साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को 224 सीटों में से 122 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, बीजेपी और जेडीएस को 40-40 सीटें मिली थीं। वहीं बीएसपी इस चुनाव में अपना खाता तक नहीं खोल पाई। तब जेडीएस को 40 सीटों पर जीत मिली थी। 

J&K: अस्पताल से आतंकी को भगाने के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर अस्पताल हमले में 5 गिरफ्तारी

राजेश सोनी | Navpravah.com 

मंगलवार 6 फरवरी को श्रीनगर के महाराजा हरिसिंह अस्पताल में बड़ा आतंकी हमला हुआ था। अब इस हमले में शामिल 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये सारे लोग आतंकी समूह के लिए अंडरग्रॉउंड वर्कर्स के तरह काम करते थे। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, पुलिस ने श्रीनगर जिले में रात को अलग-अलग जगह छापेमारी करके इन लोगों को गिरफ्तार किया है। 

बता दें कि पुलवामा के एसएसपी मोहम्मद आलम चौधरी ने इस बात की पुष्टि की है। इन 10 में से 7 लोगों की पहचान भी हो चुकी है। एक और शीर्ष अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में हमले के वक़्त इनमें से 4 लोग अस्पताल में आये थे। वहीं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इन लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने आगे बताया कि एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया पर इन लोगों की बात को ट्रेस कर इनकी गिरफ्तारी की है।

गौरतलब है कि इस हमले में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। वहीं इस हमले में लश्कर कमांडर नवीद जाट भाग निकला था। पूर्व जनरल जी.डी. बख्शी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ये हमला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों का इलाज जरूरी है। ये आदमी के रूप में भेड़िया हैं, जो लगातार ऐसे काम करते हैं। पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलाबारी के बाद सीमा से सटे इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भ्रष्टाचार के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद जिया को पांच साल की सजा 

बांग्लादेश की पूर्व पीएम को 5 साल की सजा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बीएनपी की प्रमुख और बांग्लादेश की पूर्व मुख्यमंत्री खालिद जिया को ढाका की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने 72 वर्षीय खालिद जिया को 2,52,000 डॉलर के विदेशी चंदे के गबन के भ्रष्टाचार मामले यह सजा सुनाई गई है। इसी मामले में उनके बेटे और चार अन्य लोगों को भी 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। 

बता दें कि यह राशि जिया ओरफनेज ट्रस्ट के लिए थी। भ्रष्टाचार के इस मामले में सुनवाई से बचने की जिया ने अंतिम कोशिश भी की। 30 नवंबर 2014 को सारी कोशिशें तब नाकाम हो गई थी जब सर्वोच्च न्यायलय ने उनके अभ्यारोपण को चुनौती देने वाली उनके अपील को स्वीकार नहीं किया था और उनसे निचली अदालत में सुनवाई का सामना करने को कहा था। उससे पहले 19 मार्च को 2014 के उच्च न्यायलय ने निचली अदालत में उस सुनवाई को सही ठहराया था।

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने उनपर भ्रष्टाचार के दो आरोप लगाए थे। एसीसी का आरोप है कि जिया चेरीटेबल ट्रस्ट अस्तित्व सिर्फ कागजों पर था। प्रधानमंत्री जिया ने 2001 से लेकर 2006 के बीच इन दोनों संगठनों के नाम से खूब धन की हेराफेरी की थी। 

बसपा पर नहीं पड़ा नोटबंदी का असर, कमाई में बम्पर इजाफा

बसपा पर नहीं पड़ा नोटबंदी का असर

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन बसपा की कमाई पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ा है। कल इलेक्शन वॉच की एक रिपोर्ट के अनुसार, बसपा की कमाई में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। नवंबर 2016 में जब पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था, तब इसका सबसे तगड़ा विरोध करने वालों में से एक बसपा सुप्रीमो मायावती भी थीं।

तब सभी जगह चर्चाएं भी हो रही थीं कि नोटबंदी की वजह से मायावती की बसपा को तगड़ा झटका लगा है, लेकिन अब इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने उन सब बातों पर पूर्ण विराम लगा दिया है। इस रिपोर्ट को तो देखते हुए कहा जा सकता है कि पीएम मोदी की नोटबंदी का जरा भी असर बसपा पर नहीं पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, बसपा की 2015-16 की कुल आय 47.385 करोड़ हुआ करती थी। जो यूपी विधानसभा चुनाव से पहले 2016-17 में बढ़कर 173.58 करोड़ रुपये हो गई है।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, कमाई के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी दूसरे नंबर पर है। साल 2016-17 में सीपीएम की कमाई 100.256 करोड़ रुपये रही, जबकि सीपीएम का कुल खर्च 94.056 करोड़ रुपये रहा। वहीं एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस पार्टी तीसरे नंबर पर रही।

सबसे ज्यादा घाटा ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को उठाना पड़ा। ममता की पार्टी की इनकम 6.39 करोड़ थी और खर्च 24.26 करोड़ रुपये हुआ। ममता बनर्जी का खर्च 17.87 करोड़ रुपये आय से अधिक रहा। इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग को अपना ब्योरा ही नहीं दिया। जिस वजह से बीजेपी और कांग्रेस का आय-व्यय का कोई हिसाब नहीं निकल पाया है।

J&K: सेना के खिलाफ एफआईआर का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट

सोपियां मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

 
सोपियां में मुठभेड़ के बाद राज्य सरकार की ओर से इजाजत मिलने के बाद पुलिस ने सेना के मेजर और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में सेना के अधिकारियों पर हत्या के आरोप लगाए गए थे। सेना के मेजर के पिता ने एफआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अब याचिका दाखिल कर दी है। याचिका में मेजर के पिता ने जम्मू कश्मीर के सोपियां में 27 जनवरी को दाखिल FIR को रद्द करने की मांग की है।

मेजर आदित्य कुमार के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बचाने के लिए भारतीय सेना के जवानों के मनोबल की रक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से राज्य में राजनीतिक नेतृत्व द्वारा FIR का चित्रण किया गया, उससे विपरीत स्थिति देश में दिखती है, जो उनके बेटे के लिए समानता के अधिकार और जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन है।

याचिका में मांग की गई है कि आतंकी गतिविधियों और सरकारी सम्पतियों को नुकसान पहुचाने और केंद्रीय कर्मचारियों के जीवन को खतरे में डालने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

MP में ‘पद्मावत’ की रिलीज को लेकर अब भी सवाल!

पद्मावत विवाद

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

विवादों से घिरी ‘पद्मावत’ भले ही 25 जनवरी को रिलीज हो गई हो, लेकिन मध्य प्रदेश में इस फिल्म को थियेटर्स में दिखाने को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। दरअसल, राजधानी भोपाल और इंदौर में गुरुवार को संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत रिलीज होने वाली थी। इतना ही नहीं, सभी थिएटर्स के मलिक ने एमपी पुलिस से अपने लिए सुरक्षा भी मांगी थी, लेकिन ख़बरों की माने, तो इस फिल्म कि रिलीज को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। क्योंकि शुक्रवार को अक्षय कुमार की फिल्म ‘पैडमैन’ रिलीज होने वाली है, ‘पद्मावत’ और ‘पैडमैन’ को एक साथ रिलीज नहीं किया जा सकता है।    

बता दें कि संजय लीला भंसाली ने 25 जनवरी को अपनी फिल्म ‘पद्मावत’ को रिलीज करने से पहले अक्षय कुमार से मुलाकात की थी। संजय ने अक्षय से उनकी फिल्म ‘पैडमैन’ की रिलीज को आगे बढाने के लिए आग्रह किया था, जिसके चलते ‘पद्मावत’ को बॉक्स ऑफिस पर सिंगल रिलीज मिली थी। अब दोनों के कॉन्ट्रेक्ट के चलते थिएटर्स का कहना है कि एक साथ दोनों फिल्मों को रिलीज नहीं किया जा सकता है।     

बता दें कि करणी सेना के विरोध के चलते पहले यह फिल्म मध्य प्रदेश में रिलीज नहीं होनी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन से मिले भरोसे के बाद भोपाल और इंदौर के थिएटर मालिक इस फिल्म के प्रदर्शन के लिए तैयार हो गए थे। इंदौर में फिल्म रिलीज किए जाने से पहले बुधवार की रात को विजयनगर स्थित एक मल्टीप्लेक्स में करणी सेना के प्रतिनिधियों को यह फिल्म दिखाई गई। करणी सेना के रघु परमार का कहना है कि राजपूत समाज के 24 संगठन हैं, जो आज बैठक कर निर्णय लेंगे।       

राजधानी के पांच थिएटर्स इस फिल्म के प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि सिनेमाघर संचालकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, इंदौर में भी आज ‘पद्मावत’ फिल्म थिएटर्स में दिखाई जानी है। पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि सिनेमाघर के मालिकों को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।    

‘पैडवुमन’ पैड बेचकर महिलाओं को करती हैं जागरूक

पैडवुमन

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन इन दिनों चारों तरफ सुर्खियां बटोंरती नजर आ रही है। सैनेटरी नैपकिन्स और पीरियड्स को लेकर बनाई गई इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को जागरुक करना है। फिल्म में अरुणाचलम मुरुगनाथनम की बॉयोपिक दिखाई गयी है कि कैसे मुरुगनाथनम ने अपनी पत्नी की परेशानी देखते हुए सैनेटरी पैड बनाए और महिलाओं को जागरूक किया।

ऐसा ही कुछ झाबुआ जिले के छोटे से गांव आम्बा खोदरा में भी हुआ। यहां पुरुष नहीं, बल्कि तीन महिलायें दो साल से गांव में ही एक पुराने स्कूल के कमरे में सैनेटरी पेड बनाती हैं। ये महिलाएं 8 पैड का एक पैकेट 25 रुपए में गांव की महिलाओं को बेचती हैं। इन पैड्स को बेचने के लिए ये महिलाएं बैठ और ग्राम सभाओं में काउंटर लगाती हैं और उन्हें बेचती हैं।

अब तो उनसे सिर्फ गांव की महिलाएं ही नहीं, बल्कि आस-पास के गांव की महिलाएं भी पैड खरीदने लगी हैं। दो साल पहले शुरू किए गए इस काम की बात जब इन्होंने परिवार और गांव वालों के बीच रखी, तो पुरुषों ने विरोध किया। इन्होंने पुलिस में शिकायत करने की धमकी दे दी, तो विरोध खत्म हो गया।

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इंकार, 14 मार्च को होगी अगली सुनवाई

अयोध्या मामले में 14 मार्च को होगी सुनवाई

राजेश सोनी | Navpravah.com 

अयोध्या विवाद पर आज सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। आज की सुनवाई के बाद भी इस विवाद का कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकला। सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 मार्च को मुकर्रर की है। एक याचिकाकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि यह 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने साफ कर दिया है कि न्यायालय अयोध्या विवाद पर राजनीतिक और भावनात्मक दलीलें नहीं सुनेगा।

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि यह एक भूमि का मुद्दा है, इसे धार्मिक मुद्दा न बनाया जाए। यह 2.77 एकड़ जमीन का विवाद है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्‍यीय बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। यूपी सरकार ने कहा है कि हमने 504 दस्‍तावेज जमा किए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को दस्‍तावेज तैयार करने के लिए दो हफ्ते का वक्‍त दिया और मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को तय की गई है।

गौरतलब है कि 3 फरवरी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 8 तारीख को अयोध्या मामले की सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई को लेकर चर्चा हुई थी। इस बैठक के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मांग की थी कि अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला जल्द आए। बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय से अपील की थी कि अयोध्या मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों पर गौर किया जाए और फैसला जल्द सुनाया जाए।

इस बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कानूनी विशेषज्ञ भी शामिल थे। इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में बैठक के बाद जिलानी ने बताया था कि आठ फरवरी को सुनवाई होने जा रही है और इससे पहले हमने कानूनी जानकारों के साथ बैठक की और अपनी तैयारी को लेकर बातचीत की। यूपी सरकार ने कहा है कि हमने 504 दस्‍तावेज जमा किए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को दस्‍तावेज तैयार करने के लिए दो हफ्ते का वक्‍त दिया और मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को तय की गई है।