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Wednesday, September 9, 2026
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बिहार : जिस कृषि कानून को नीतीश बाबू ने पहले ही खत्म कर दिया था, उसे हम आज देश से हटा रहे हैं

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
किसानों को शोषण से बचाने का रास्ता बिहार ने दिखाया है. जो काम कभी बिहार ने करके दिखाया था, आज देश उसी रास्ते पर चल पड़ा है. किसानों को नुकसान से बचाने की प्रेरणा देश को बिहार से दी. जिस किसान विरोधी कानून को नीतीश बाबू ने पहले ही बिहार से बाहर का रास्ता दिखाया था, उसी कानून को आज केन्द्र सरकार ने इतिहास बना दिया है. यह प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. कोसी रेल सेतु समेत बिहार की 12 रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि एपीएमसी एक्ट के नुकसान को नीतीश कुमार भलीभांति समझते हैं. इसीलिए तो बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद, अपने शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने बिहार में इस कानून को हटा दिया था. जो काम कभी बिहार ने करके दिखाया था, आज देश उस रास्ते पर चल पड़ा है. पीएम ने कहा कि कृषि सुधार विधेयक ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है.
किसानों को अपनी उपज बेचने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे
इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प मिलेंगे, और ज्यादा अवसर मिलेंगे. ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आया है. उन्हें बिचौलियों से मुक्ति दिलाएगी. यही नहीं ये हमारे कॉपरेटिव्स, कृषि उत्पादक संघ और बिहार में चलने वाले जीविका जैसे महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है.
कुछ लोग किसानों से झूठ बोल कर भ्रमित कर रहे हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वे झूठ बोलकर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके घोषणा पत्र में इसका वायदा किया गया है, लेकिन हमने किया तो परेशान हो गए. हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
86 साल बाद रेल से जुड़े निर्मली और सरायगढ़
कोसी रेल महासेतु बनने के बाद निर्मली से सरायगढ़ की दूरी महज 22 किमी में सिमट गई है. इससे पहले इन दोनों जगहों के बीच का रेल सफर करीब 300 किमी का था. इसके लिए दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा आदि से होकर ट्रेन जाती थी. इस तरह 8 घंटे की रेल यात्रा सिर्फ आधे घंटे में ही पूरी हो जाएगी. कोसी रेल महासेतु की कुल लंबाई 1.9 किमी है.
1934 में भूकंप से टूटा था पुल
1887 में ब्रिटिश काल मेंं निर्मली और भपटियाही के बीच कोसी की सहायक तिलयुगा नदी पर 250 फीट लंबा मीटरगेज रेल पुल बना था. 1934 में आए भूकंप में यह पुल ध्वस्त हो गया. 6 जून काे 2003 काे तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी आधारशिला रखी थी. इस माैके पर रेल मंत्री नीतीश कुमार और सीएम राबड़ी देवी भी माैजूद थीं.
3 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से बेहतर होगी रेल सेवा
पीएम ने कहा कि आज कोसी महासेतु और किऊल ब्रिज के साथ ही रेल यातायात, बिजलीकरण और रेलवे में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने, नए रोजगार पैदा करने वाले प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ है. 3 हज़ार करोड़ के इन प्रोजेक्ट्स से बिहार का रेल नेटवर्क तो सशक्त होगा ही, सेवा भी बेहतर होगी.
नीतीश कुमार ने की जमालपुर रेल इंस्टीट्यूट शुरू करने की गुजारिश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमालपुर रेल इंस्टीट्यूट फिर से शुरू करने व इसमें नए ट्रेंड की पढ़ाई का अनुरोध किया. सीएम शुक्रवार को पीएम द्वारा एक दर्जन परियोजनाओं के शुभारंभ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मुंगेर के जमालपुर में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकेनिकल इंजीनियरिंग था. इसमें छात्रों का सेलेक्शन यूपीएससी के माध्यम से होता था. यह इंस्टीट्यूट बंद हो गया है. इसको फिर से चालू कराया जाए. साथ ही कुछ नए ट्रेड की भी पढ़ाई करवाई जाए. सीएम ने रेल परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को बधाई दी. सीएम ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोसी सेतु और बाढ़ बिजलीघर बनने की कहानी भी विस्तार से बताई.

भारत में मूंह की खाने के बाद अब ताइवान में घुसपैठ कर रहा चीन, 18 फाइटर ने ताइवान की सीमा में भरी उड़ान

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
एक तरफ चीन ने भारत में घुसपैठ का मोर्चा खोल रखा है, तो दूसरी ओर अब वह ताइवान की सीमाएं भी लांघने की कुटिल चाल चल रहा है. चीन के 18 फाइटर जेट्स शुक्रवार शाम ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसे. इन फाइटर जेट्स ने कुछ मिनट तक यहां उड़ान भरी और बाद में लौट गए. अपनी इस गतिविधि पर चीन ने कहा कि, यह हमारी तरफ से अमेरिका और ताइवान को वॉर्निंग है. खास बात ये है कि जिस वक्त यह फाइटर जेट्स ताइवान के आकाश में उड़ान भर रहे थे, तब अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी कीथ क्रेच ताइवान की राजधानी ताइपे में एक प्रोग्राम में मौजूद थे.
_ ताइवान-अमेरिका दोनों को कड़ी वॉर्निंग
चीन के फाइटर जेट्स जब ताइवानी सीमा से लौटे तो उसके कुछ देर बाद चीन के रक्षा मंत्रालय के एक सीनियर अफसर का बयान आया. कर्नल रेन गुओकियांग ने कहा- जो लोग आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं, वे जल जाएंगे. वहां के एक सरकारी थिंक टैंक ने कहा- हमारी तरफ से यह अमेरिका और ताइवान दोनों को वॉर्निंग है.
अभी शांत है अमेरिका
दो महीने में यह दूसरा मौका है जब डोनाल्ड ट्रम्प ने किसी मंत्री स्तर के अफसर को ताइवान भेजा है. 1979 के बाद से अमेरिका का कोई बड़ा अफसर ताइवान नहीं जाता था. हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते हैं. चीन की इस हरकत पर अमेरिका ने अभी जवाब नहीं दिया. गुरुवार को अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी कीथ क्रेच ताइवान की राजधानी ताइपे पहुंचे. चीन ने अमेरिका को आगाह किया कि वो ताइवान से डिप्लोमैटिक और मिलिट्री रिलेशन न बढ़ाए. अमेरिका ने उसकी चेतावनी नजरअंदाज कर दी है. अमेरिका और ताइवान जल्द ही अरबों डॉलर की डिफेंस डील करने वाले हैं.
अमेरिका ताइवान के साथ
महामारी शुरू होने के बाद ताइवान की खाड़ी और साउथ चाइना सी में शी जिनपिंग सरकार छोटे देशों पर दबाव बढ़ा रही है. चीनी सरकार ताइवान को अपना हिस्सा मानती है. जबकि, ताइवान एक स्वतंत्र देश है. अमेरिका खुलकर ताइवान के साथ खड़ा हो गया है. दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर की डिफेंस डील भी होने वाली है. कुछ महीनों में चीन ने ताइवान की हवाई और समुद्री सीमा का कई बार उल्लंघन किया है. लेकिन, पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उसके फाइटर जेट्स ताइवान की सीमा में घुसे हैं.
ताइवान भी चीन के खिलाफ पूरी तरह तैयार
जिस दौरान चीनी फाइटर जेट्स ताइवान के आकाश में पहुंचे, उसी वक्त ताइवान ने अपने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को एक्टिव और हाई अलर्ट पर रखा. हालांकि, ताइवान की तरफ से जवाबी कार्रवाई का शक होने पर चीन के एयरक्राफ्ट्स फौरन लौट गए. बुधवार को भी चीन के दो फाइटर जेट्स ताइवान की हवाई सीमा में घुसपैठ कर चुके थे.

बंगाल के इस फैन ने बना डाला सुशांत सिंह राजपूत का हू ब हू स्टैच्यू

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सुशांत सिंह राजपूत के फैन्स उनकी मौत के पहले उतने नहीं होंगे, जितने उनकी असमय मौत के बाद बने हैं. इन सभी फैन्स ने पिटीशन साइन करके मांग की थी कि लंदन वाले तुसाद म्यूजियम में उनका वैक्स स्टेच्यू लगाया जाना चाहिए. लेकिन भारत में ही उनके एक फैन सुकांतो रॉय ने उनके बाकी फैन्स की यह तमन्ना पूरी कर दी है. सुकांतो आसनसोल के रहने वाले हैं. उन्होंने ही यह वैक्स आर्ट बनाया है.
सुकांतो रॉय ने बताया कि वे सुशांत को बेहद पसंद करते थे. ये बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनकी याद में ही मैंने यह स्टेच्यू अपने म्यूजियम में बनाया है. सुकांतो ने कहा कि अगर सुशांत का परिवार चाहेगा तो मैं उनके लिए एक और स्टेच्यू बनाने तैयार हूं. सुशांत के स्टेच्यू ने डेनिम जैकेट, टी-शर्ट और जीन्स पहना है. ये लुक 2019 में आई उनकी फिल्म छिछोरे के प्रोमोशन का है.
सुशांत के फैंस लगातार लंदन के मैडम तुसाद म्यूजियम में उनके वैक्स स्टेच्यू लगाने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए एक ऑनलाइन पिटीशन अगस्त से चल रही है. सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी लोगों से इस पर साइन करने की मांग की थी. उस वक्त टारगेट 2 लाख सिग्नेचर का था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 लाख कर दिया है.

सुशांत केस में आज अपनी फाइनल रिपोर्ट सार्वजनिक कर सकते हैं एम्स के डॉक्टर

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
जब से सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई, एनसीबी, ईडी ने अपने हाथ में ली है, तब से इस केस की जांच को गति मिली है और रोज ही नए खुलासे हो रहे हैं. इसे देखते हुए लगता है कि जल्द ही यह जांच किसी नतीजे पर पहुंचेगी. अब इंतजार है, तो एम्स की रिपोर्ट का. उम्मीद जताई जा रही है कि आज एम्स अपनी फाइनल रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगा. इस रिपोर्ट के जारी होते ही सुशांत केस लगभग हल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
_ दिल्ली लौटी एसआईटी की टीम
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई का विशेष जांच दल (SIT) मुंबई से दिल्ली लौट आया है. शुक्रवार को इस टीम ने सीबीआई के आला अफसरों को जांच की डिटेल में रिपोर्ट दी है. सुशांत मामले में एम्स के डॉक्टरों द्वारा तैयार विसरा रिपोर्ट भी आज सार्वजनिक हो सकती है. शुक्रवार को सभी पांच डॉक्टरों की एक फाइनल मीटिंग दिल्ली में हुई है. आज यह रिपोर्ट सीबीआई टीम को सौंपी जानी है. अगले एक से दो दिन में यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुशांत की मौत हत्या थी या आत्महत्या.
_ सीबीआई ने सौंपी प्रोग्रेस रिपोर्ट
सीबीआई के इस दल ने पिछले एक महीने में मुंबई में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के दौरान संबंधित कई लोगों के बयान दर्ज किए और घटनास्थल पर उनकी कथित आत्महत्या के सीन को दोबारा से रीक्रिएट करके मामले की असलियत को खंगालने के प्रयास किए. सीबीआई की एसपी नूपुर प्रसाद और डीएसपी अनिल यादव ने सीबीआई के मुख्यालय पर वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की. उन्होंने इन अफसरों को इस मामले में हुई अब तक की प्रोग्रेस की डिटेल दी है.
सुशांत मामले में सीबीआई ने केंद्र सरकार के आदेश पर 6 अगस्त को केस दर्ज किया था. सीबीआई ने यह जांच अपने हाथ में बिहार सरकार के दर्ज किए गए केस के आधार पर शुरू की गई थी. यह शिकायत सुशांत सिंह के पिता केके सिंह की ओर से बिहार पुलिस के समक्ष दर्ज की गई थी.
_ विसरा के आधार पर बनी रिपोर्ट
विसरा रिपोर्ट से साफ होगा कि सुशांत को जहर दिया गया था या नहीं. इससे पहले फॉरेंसिक ने अपनी रिपोर्ट में विसरा रिपोर्ट को निगेटिव बताया था. दोबारा सामने आने वाली ये रिपोर्ट एक्टर के 20 प्रतिशत विसरा की जांच पर तैयार की गई है. क्योंकि मुंबई पुलिस ने सुशांत का 80 फीसदी विसरा अपनी जांच में इस्तेमाल कर लिया था.

लॉकडाउन में भी शिर्डी के साईंबाबा मंदिर को मिला 20.76 करोड़ ऑनलाइन दान

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

पूरे देश ही नहीं बल्कि विश्वभर में साईबाबा के भक्त फैले है. कई भक्त नित्य नियम से बाबा के दर्शन करने शिर्डी जाते थे, लेकिन कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के कारण भक्त बाबा के दर्शन करने नहीं जा सके. ऐसे भक्तों के लिए ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था संस्थान की ओर से की गई थी. भक्तों ने भी अपने साईं की झोली में दिल खोल कर दान किया. बताया जाता है कि भक्तों की आस्था इस कदर गहरी है कि लॉकडाउन के दौरान ही 17 मार्च से 31 अगस्त के बीच मंदिर को 20.76 करोड़ रुपए का दान मिला है.

हालांकि, पिछले साल के मुकाबले ये दान महज 10% ही है. पिछले साल इसी अवधि में मंदिर को 202 करोड़ रुपए का दान मिला था. इस लिहाज से इस साल 180 करोड़ रु. से ज्यादा का नुकसान मंदिर को उठाना पड़ा है. लॉकडाउन के दौरान शिरडी साईं मंदिर का सबसे खास क्षेत्र द्वारिका माई का भी कायाकल्प कर दिया गया है.

पुराने पत्थरों को निकालकर 40 लाख की लागत से नए संगमरमर का फर्श लगवा दिया गया है. द्वारिकामाई वो ही खंडहरनुमा मस्जिद है, जहां साईंबाबा ने अपने जीवन का ज्यादातर समय गुजारा था.

फिर नाकाम हुई देश को दहलाने की साजिश, NIA के शिकंजे में अल-कायदा के 9 आतंकी फंसे

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

एक बार फिर आतंकवदियों की देश में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश नाकाम हो गई है. NIA ने समय रहते देश में अल-कायदा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया है. केरल और पश्चिम बंगाल में एनआईए (NIA) ने अलकायदा के 9 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. आज एनआईए की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की. एनआईए ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्णाकुलम में रेड की. एनआईए ने कहा है कि सभी गिरफ्तार आतंकवादी आतंकी साजिश से जुड़े हुए हैं.

_ ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाने की साजिश
एनआईए ने कहा है कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक इन गिरफ्तार व्यक्तियों को सोशल मीडिया पर पाकिस्तान स्थित अल-कायदा आतंकवादियों द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया था और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित कई स्थानों पर हमले करने के लिए प्रेरित किया गया था. एनआईए ने कहा है कि इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

_ दिल्ली थी टारगेट पर
यह गिरोह सक्रिय रूप से धन उगाहने में लगा था और गिरोह के कुछ सदस्य हथियारों और गोला-बारूद की खरीद के लिए दिल्ली की यात्रा करने की योजना बना रहे थे. संभव है कि इस गिरफ़्तारी से देश के विभिन्न हिस्सों में संभावित आतंकवादी हमले रोके जा सके हैं.

_ बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य डिवाइस बरामद
एनआईए ने कहा है कि छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, जिहादी साहित्य, धारदार हथियार, स्वदेशी आग्नेयास्त्र, घरेलू शारीरिक कवच और होममेड एक्सप्लोसिव डिवाइस बरामद किए गए हैं.

अब गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड नहीं होगा पेटीएम एप

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

गूगल ने गूलल प्ले स्टोर से पेटीएम ऐप को हटा दिया है. इस पर गूगल ने कहा है कि वह किसी भी गैंबलिंग ऐप का समर्थन नहीं करेगा. गूगल का कहना है कि पेटीएम और UPI ऐप वन97 कम्यूनिकेशन लिमिटेड द्वारा डेवलप किया गया है. इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर सर्च करने पर ये नहीं दिख रहा है. हालांकि, पहले से Android स्मार्टफोन्स में इंस्टॉल्ड हुआ ऐप काम कर रहा है.

पेटीएम पेमेंट ऐप के अलावा कंपनी के अन्य ऐप्स- Paytm for business, Paytm money, Paytm mall आदि गूगल प्ले स्टोर पर अभी भी उपलब्ध हैं. हालांकि अभी पेटीएम की तरफ से इस ऐप के गूगल प्ले स्टोर से रिमूव किए जाने के बारे में कोई बयान नहीं आया है. गूगल ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि हम ऑनलाइन कैसिनो की अनुमति नहीं देते हैं. हम किसी भी ऐसे ऐप का समर्थन नहीं करते हैं जो किसी उपभोक्ता को किसी दूसरी वेबसाइट पर ले जाता हो. अगर कोई ऐप किसी ऐसी वेबसाइट पर कस्टमर को ले जाता है जहां नकद पुरस्कार जीतने के लिए किसी टूर्नामेंट में भाग ले सकते हैं.

गूगल किसी भी ऐप को ऐसा करने की अनुमति नहीं देता है और ऐसा करना गूगल नीतियों का उल्लंघन है. गूगल के Suzanne Frey, उपाध्यक्ष ने लिखा कि हम ऑनलाइन कैसीनो की अनुमति नहीं देते हैं या किसी भी ऐसे अनियमित जुआ ऐप्स का समर्थन नहीं करते हैं जो खेल सट्टेबाजी की सुविधा प्रदान करते हैं.

पेटीएम ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि पेटीएम ऐप डाउनलोड या अपडेट करने के लिए गूगल के प्ले स्टोर पर अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है. यह बहुत जल्द वापस आ जाएगा. आपके सभी पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं और जिनके पास पेटीएम ऐप पहले से डाउनलोडेड हैं वे लोग अपने पेटीएम ऐप को सामान्य रूप से यूज कर सकते हैं.

पुणे : कोरोना ने ली पति की जान, तो पत्नी ने भी लगाया मौत को गले

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

महामारी कोरोना ने कइयों को अपनी चपेट में ले लिया है. कई घर और कई परिवार तबाह हो गए हैं. ताजा मामला पिंपरी चिंचवड़ शहर का है जहां महामारी की चपेट में आकर पति की मौत के करीबन  दो माह बाद उसके विरह में उसकी पत्नी ने भी फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. पिंपरी चिंचवड़ के भोसरी इलाके के महात्मा फुले नगर में शुक्रवार की सुबह सामने आयी इस घटना से पूरे शहर में दुख जताया जा रहा है. माता- पिता की इस तरह से मौत हो जाने से 11 और 7 वर्षीय संतानें अनाथ हो गई हैं.

गोदावरी गुरुबसप्पा खजुरकर (30) ऐसा आत्महत्या करनेवाली महिला का नाम है. 18 जुलाई को उनके पति गुरुबसप्पा उर्फ प्रकास खाजुरकर (35) की महामारी कोरोना की चपेट में आकर मौत हो गई. स्थानीय भूतपूर्व नगरसेवक जितेंद्र ननवरे ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि, गुरुबसप्पा टीवी फिटींग और इंस्टॉलेशन के काम करते थे, उसी से उनका गुजारा होता था. उनकी पत्नी गोदावरी भी छोटे- मोटे काम कर पति का हाथ बंटाती थी. इसी बीच शहर में महामारी कोरोना का संक्रमण फैलने लगा और गुरुबसप्पा भी संक्रमण का शिकार हो गए. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था, महात्मा फुले नगर बसाहत के लोग भी उनके इलाज के लिए प्रयासरत थे. हालांकि 18 जुलाई को इलाज के दौरान गुरुबसप्पा ने दम तोड़ दिया. वे अपने पीछे 11 साल का बेटा, सात साल की बेटी, मां और पत्नी से भरा परिवार छोड़ गए.

पति की मौत के बाद घर कैसे चलाएंगे, बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा? इन सवालों ने उनकी पत्नी गोदावरी को निराशा में धकेल दिया. पति के मरने का विरह सहन नहीं हो रहा था, इसके चलते गोदावरी ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आज सुबह यह घटना सामने आयी. अब गुरुबसप्पा के परिवार में उनकी मां और दो छोटे बच्चे रह गए हैं. इस घटना से पूरे शहर में दुख और शोक जताया जा रहा है. उनके बच्चों की मदद के लिए लोग भी आगे आ रहे हैं.

शिवसेना शहर संगठक सुलभा उबाले दोनों बच्चों के पूरे ख़र्च का जिम्मा उठाया है. वहीं पूर्व नगरसेवक जितेंद्र ननवरे ने दोनों बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाया है. गोदावरी का मायका सोलापुर-कर्नाटक की सीमा पर है. उनके मायके वाले पिंपरी चिंचवड़ में आने के बाद उनकी पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया जाएगा, ऐसा ननवरे ने बताया.

IPS अमिताभ गुप्ता के हाथ में पुणे शहर पुलिस की कमान

– डॉ. अभिनव देशमुख पुणे जिला पुलिस अधीक्षक नियुक्त

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के तबादले के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है. बीती रात गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता समेत 50 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. गुप्ता अब पुणे शहर के नए पुलिस आयुक्त होंगे. पुणे पुलिस आयुक्त डॉ. के. वेंकटेशम का तबादला अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान) के रूप में किया गया है. वहीं पुणे जिला (ग्रामीण) पुलिस बल की कमान डॉ. अभिनव देशमुख को सौंपी गई है. डॉ. देशमुख कोल्हापुर पुलिस के जिला अधीक्षक थे. पुणे जिला पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल को नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक नियुक्त किया गया है.
– के. वेंकटेशम बने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान)
गुरुवार शाम जारी सरकारी आदेश के मुताबिक 41 आईपीएस अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है जबकि बाकी अधिकारियों को अभी नई तैनाती नहीं मिली है. पुणे के पुलिस आयुक्त के. वेंकटेशम का तबादला अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान) के रूप में किया गया है. उनकी जगह पर गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता का तबादला किया गया है. गुप्ता इसी साल सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कोरोनाकाल में यस बैंक और पंजाब एवं महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े घोटालों को लेकर छानबीन के दायरे में आए दो कारोबारी भाइयों- कपिल और धीरज वधावन को पुणे के पास खंडाला से सातारा जिला स्थित महाबलेश्वर जाने की अनुमति दी थी. करप्शन केस के दोनों संदिग्ध भाइयों को ट्रैवल परमिट दिए जाने के मामले पर हंगामा मचने के बाद गुप्ता को अनिवार्यत: अवकाश पर भेज दिया गया था. हालांकि, बाद में एक समिति, जिसने जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी, की सिफारिश पर उनका अवकाश रद्द कर दिया गया. अब उन्हें पुणे शहर पुलिस की कमान सौंपी गई है.
– भरोसा सेल जैसे उपक्रम चलाए
उनसे पहले के आयुक्त डॉ. के. वेंकटेशम ने पुणे में पदभार संभालने के साथ कई नए उपक्रमों की शुरुआत की. सालों से धूल फांक रही शिकायतों की फाइलों का निपटारा किया. उनके द्वारा शुरू की गई टीआरएम मीटिंग और सेवा उपक्रम तो पुणे समेत पूरे राज्य पुलिस बल में गूंजी. सेवा उपक्रम का सबसे ज्यादा लाभ शिकायतकर्ताओं और उनके बाद पुलिस अधिकारियों को मिला. भरोसा सेल जैसे उपक्रम के अलावा पुणे की अनुशासन हीन ट्रैफिक को अनुशासन बद्ध बनाने के लिए भी उन्होंने कई योजनाएं शुरू की. उन्हीं की बदौलत पुणे ट्रैफिक पुलिस विभाग को अपर आयुक दर्जे का अधिकारी मिल सका.
– गढ़चिरौली भेजे गए संदीप पाटिल
दो सितंबर को गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश के अनुसार पुणे जिला पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल को नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक पद पर तबादला दिया गया. पुणे से पहले पांच सालों तक वे गढ़चिरौली में ही तैनात थे औऱ वहां उनके द्वारा शुरू किए गए पुस्तक दान उपक्रम को भारी तवज्जो मिली थी. गढ़चिरौली ने नक्सलवाद के उच्चाटन के लिए भी उन्होंने कई सफल अभियान चलाये. दो साल पहले पुणे जिला पुलिस की कमान संभालने के बाद यहां भी स्मार्ट पुलिसिंग जैसे कई उपक्रम चलाये. तबादले के दौरान उन्होंने खुद से गढ़चिरौली में नियुक्ति की मांग की थी, ऐसा उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया.

– डॉ. अभिनव देशमुख को नक्सल प्रभावित क्षेत्र का अच्छा अनुभव
अब उनकी जगह पुणे जिला पुलिस अधीक्षक पद पर कोल्हापुर जिला अधीक्षक डॉ अभिनव देशमुख का तबादला किया गया है. कोल्हापुर आने से पहले वे भी गढ़चिरौली.के तैनात थे. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किये गए उल्लेखनीय कार्य की दखल खुद केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने ली. कोल्हापुर में कार्यरत रहते उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय का आंतरिक सुरक्षा सेवा मेडल घोषित किया गया. कोल्हापुर में भी उन्होंने काफी उल्लेखनीय काम किया है.

राष्ट्रपति ने स्वीकारा कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएम मोदी से सलाह के बाद कैबिनेट मंत्रिमंडल से हरसिमरत कौर के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत हरसिमरत का इस्तीफा स्वीकार किया है. इस इस्तीफे के कारण रिक्त हुए पद का प्रभार नरेंद्र तोमर को दिया गया है.

मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर दी थी. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है. हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं.