मुंबई : दिशा सालियान के साथ 4 लोगों ने किया था गैंगरेप; चश्मदीद ने किया सनसनीखेज खुलासा
स्पीकर पर तेज आवाज में लगा दिए थे गाने, ताकि चीखें बाहर न पहुंचे
_ दिशा का मंगेतर अभी तक खामोश ही है
दिल्ली चिड़ियाघर के जानवर संकट में, मादा लंगूर की मौत, शेर को लकवा
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली के चिड़ियाघर के जानवरों पर इन दिनों मौत का संकट छाया हुआ है. आए दिन यहां के पशुओं की मौत हो रही है, तो कई पशु बीमार है. हालांकि चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि, जानवरों की बेहतर देखभाल की जा रही है और उन्हें उच्च दर्जे का उपचार भी दिया जा रहा है. इसके बावजूद शनिवार को एक मादा लंगूर की मौत हो गई. यह अफ्रीकी लंगूर 10 सितंबर से बीमार थी. दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक रमेश पांडे ने बताया कि, जानवर को सर्वश्रेष्ठ इलाज दिया गया. उसकी हालत पर चौबीसों घंटे नजर रखी गई. जानवर की आंत को जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली भेजा गया है.
18 सितंबर को भी हुई थी एक लंगूर की मौत,
इसके साथ ही इस महीने दो लंगूर की मौत हो गई. पहले लंगूर की मौत 18 सितंबर को हुई थी. चिड़ियाघर में अब केवल तीन लंगूर बचे हैं. चिड़ियाघर में एक 11 वर्षीय शेर सुंदरम का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सुंदरम लकवा से पीड़ित है. पांडे ने यह भी कहा कि पिछले छह महीने में चिड़ियाघर में पशु मृत्यु दर में लगभग 45 प्रतिशत की कमी आई है.
इन पशुओं की हो चुकी है यहां मौत
बता दें कि पिछले साल भी दिल्ली के चिड़ियाघर में दरियायी घोड़े के बच्चे, काला हिरण और एक अन्य जीव की मौत हो गई थी. दरियायी घोड़ा चिड़ियाघर की बीट-17 में रहता था. उसके मरने के कुछ घंटे पहले काला हिरण और एक अन्य जीव की मौत हो गई थी. तब पिछले 8 दिनों में जानवरों के मरने का आंकड़ा 5 तक पहुंच गया था. चिड़ियाघर के क्यूरेटर मो. रियाज खान ने हमेशा की तरह इस बार भी किसी जानवर की मौत को लेकर ‘जानकारी नहीं’ वाला रवैया अपनाया था. उनका कहना था कि उनके पास फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं है.
अफ्रीकी जंगली भैंसे की मौत हो गई थी
सिर्फ 25 प्रतिशत मामलों की ही दी जाती थी जानकारी
दरअसल, साल 2018 में भी यहां एक अफ्रीकी जंगली भैंसे की मौत हो गई थी. अफ्रीकी प्रजाति का वह इकलौता भैंसा था. 2017 में भी अफ्रीकी भैंसे की मौत हो गई थी. वहीं, साल 2018 में एक जंगली सूअर की भी मौत हो गई थी. कुछ साल पहले तक जानवरों की मौत के 25 फीसदी मामलों की जानकारी ही प्रशासन को देता था. इस पर काफी हो-हल्ला मचा था. हाई कोर्ट में चल रहे एक मामले में चिड़ियाघर प्रशासन ने कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में माना था कि जून 2018 से 7 जून 2019 तक 245 जानवरों की मौत हो चुकी है.
भोपाल : 9 महीने की बच्ची की हत्या कर प्रेमी संग भागी महिला
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
शुक्रवार को बड़े तालाब में मिली 9 माह की बच्ची की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस बच्ची की उसी की मां ने अपने प्रेमी के साथ हत्या कर तालाब में फेंकने का खुलासा हुआ है. हत्या के बाद महिला अपने प्रेमी के साथ लापता है. बच्ची की हत्या करनेवाली मां सोनम और उसके प्रेमी की पुलिस ने पहचान कर ली है. साेनम तीन दिन पहले औबेदुल्लागंज से अपने प्रेमी के साथ बच्ची को लेकर गायब हो गई थी. महिला के पति की शिकायत पर औबेदुल्लागंज पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी.
तलैया पुलिस के मुताबिक फतेहगढ़ स्थित शीतलदास की बगिया के पास शुक्रवार सुबह करीब सवा दस बजे 9 महीने की बच्ची का शव पुलिस ने बरामद किया था. महिला ने गुरुवार शाम बच्ची को तालाब में फेंका था. बच्ची हाथ में काले कंगन, फ्राॅक, डायपर और पायल पहने हुई थी. बच्ची का एक दिन पुराना शव था. शिनाख्त और आरोपियों की तलाश में पुलिस दूसरे दिन में भी जुटी रही थी. इस बीच तलैया पुलिस को जानकारी मिली कि महिला और उसकी बच्ची 16 सितंबर को रेलवे कॉलोनी औबेदुल्लागंज से गायब है. महिला के लापता होने की शिकायत उसके पति जितेंद्र चौरसिया ने दर्ज कराई थी. महिला अपने प्रेमी शिवम के साथ भागी थी. इन्होंने बच्ची की हत्या की थी. बच्ची की शिनाख्त जितेंद्र ने की है.
पानी में फेंकने बाद वहीं खड़ी थी सोनम
सोनम रेतघाट पर तालाब की रेलिंग के पास खड़ी हुई थी. इस दौरान गोताखोरों ने उससे पूछा भी कि वह यहां कैसे खड़ी है. वह उस वक्त रो रही थी. गोताखोरों ने उससे पूछा कि वह क्योंं रो रही है तब उसने बताया कि उसकी पति से लड़ाई हो गई है. उसने अपने पति का नाम शिवम बताया था. उस वक्त उसके साथ बच्ची नहीं थी. सोनम ने बताया था कि वह पति का इंतजार कर रही है. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बच्ची की हत्या के बाद वह यहां से भागने की फिराक में थी. इसके पूर्व ही उसने बच्ची को तालाब में फेंका होगा. इसके बाद शिवम भी वहां पहुंच गया, उसने बताया कि वह उसका पति है.
सोशल मीडिया पर किया वायरल
तालाब में बच्ची का शव मिलने पर उसका फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गया था. इसके बाद रायसेन के किसी व्यक्ति ने संबधित महिला के बारे में जानकारी ली. इसके बाद पता चला कि वह घर से लापता है. पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया फिर पति जितेंद्र ने घटनाक्रम बताया. जानकारी मिलने पर परिजन भोपाल पहुंचे और बच्ची की शिनाख्त की.
बिहार : पशुओं को रोकने लगाए गए करंट की चपेट में आने से दो की मौत
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पानापुर ओपी क्षेत्र की मणि फुलकाहां पंचायत के बकुलहारा चौर के पोखर के चारों तरफ बिछाए गए बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से दो किशोर की मौत हो गई. मृतकों की शिनाख्त भेड़ियाही सलोना निवासी मो. अमजद के पुत्र मो. सैफुल (14) और मो. इशाक के पुत्र मो. साबुदीन (16) के रूप में हुई है.
मछली को बचाने लगाया जाता है करंट
बताया जाता है कि पोखर में पशुओं को आने से रोकने के लिए पोखर के चारों ओर बिजली के तार से घेराबंदी की गई थी. रात में मो. सैफुल व मो. इशाक उधर से गुजर रहा था. इसी दौरान मो. सैफुल घेराबंदी की गई बिजली तार की चपेट में आ गया. उसे तड़पते देख मो. साबुदीन बचाने गया तो वह भी करंट की चपेट में आ गया. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल बिजली बंद करवाई.
मृतक के पिता ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट
इसके बाद दोनों के शव को बाहर निकाला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले में पानापुर ओपी में मृतक मो. सैफुल के पिता मो. अमजद अली के बयान पर मैसाहा निवासी काशीनाथ झा एवं आलोक कुमार झा पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. ओपी अध्यक्ष रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में दो नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. छानबीन की जा रही है.
पशुओं को खेत में आने से रोकने के लिए लगाते है करंट
नीलगाय और जंगली सूअर से फसल को बचाने के लिए भी किसान खेतों की मेड़ पर करंट वाला नंगा तार लगाते हैं. जिले में इस तरह के बिजली के तार से अब तक आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं. जिसमें 8 से 10 लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि विभाग इसके लिए मंजूरी नहीं देता है. प्रशासनिक स्तर पर भी रोक लगाई गई है.
धारा 304 के तहत होती है कार्रवाई
कानून के जानकार अधिवक्ता शरद सिन्हा ने बताया कि खेतों में नंगा तार लगाकर उसमें करंट प्रवाहित करने से यदि हादसे में किसी की मौत होती है तो ऐसी स्थिति में आईपीसी की धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज की जाती है. लापरवाही के कारण गैर इरादतन हत्या को लेकर पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में चार्जशीट की जाती है. इसके तहत सख्त सजा का प्रावधान है.
मध्य प्रदेश : घर आए मेहमान ने किया डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
दमोह से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जिले के जबेरा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले देवतरा टपरिया नाम के गांव मे एक आदीवासी परिवार में आए उनके एक रिश्तेदार ने परिवार की डेढ़ साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बना लिया. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए. पुलिस दुष्कर्मी रिश्तेदार को तलाश रही है.
जानकारी के अनुसार गांव के एक आदिवासी परिवार के यहां उनका कोई रिश्तेदार मिलने के लिए आया था. घर मे आये मेहमान की खातिरदारी के लिए रात 8 बजे घर की महिला अपनी दो बेटियों को छोड़कर बाजार सब्जी लेने चली गई. इस मौके का फायदा उठाते हुए प्रमोद नाम के दरिंदे ने उसी घर मे डेढ़ साल की मासूम को शिकार बना डाला. जब महिला लौट कर घर आई तो मासूम खून से लथपथ थी और प्रमोद गायब था. घर मे मौजूद दूसरी बेटी ने दरिंदे की करतूत के बारे में बताया तो सब सन्न रह गए.
पीड़ितों ने जबेरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और पीड़ित मासूम को दमोह के जिला अस्पताल भेजा गया है जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और पास्को एक्ट के तहत मामला कायम कर जांच में लिया है वहीं आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है.
मध्य प्रदेश : आसमानी बिजली गिरने से तीन बच्चों की दर्दनाक मौत
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
एक तरफ पूरे विश्व सहित पूरा देश कोरोना महामारी के प्रकोप से परेशान है, तो वहीं दूसरी ओर इन दिनों देश के अनेक हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने उत्पात मचा रखा है. अनेक लोगों की मौत हो गई, असंख्य लोग बेघर हो गए हैं, तो कुछ लोग लापता हो गए.
ऐसे में मध्य प्रदेश के सीधी से एक दुखद खबर आई है. यहां आसामानी बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई. यह घटना सीधी जिले के खड्डी खुर्द में घटी. मृतकों में दो बच्चियां है जबकि एक लड़का शामिल है. बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है. ये तीनों ही बच्चे शिवनाथ साकेत नामक ग्रामीण के थे.
40 क्लोन ट्रेनों के लिए शुरू हुआ आरक्षण, जानिए किसी रूट पर दौड़ेंगी क्लोन ट
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
रेल मंत्रालय द्वारा 21 सितंबर से 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें चालने का ऐलान किया है. इन क्लोन ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन 19 सितंबर से शुरू हो गया है. ये क्लोन ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित होंगी और पहले से तय समय पर चलेंगी. इनकी रफ्तार मुख्य ट्रेन से ज्यादा होगी. साथ ही इनके स्टॉपेज भी मुख्य ट्रेन के मुकाबले कम होंगे. इससे दोनों ट्रेनें आखिरी स्टेशन पर करीब-करीब एक ही समय पर पहुंचेंगी.
– कितना होगा क्लोन ट्रेनों का किराया?
रेल मंत्रालय ने बताया कि 19 जोड़ी क्लोन स्पेशल ट्रेनों को हमसफर रैक्स का इस्तेमाल कर चलाया जाएगा. वहीं, 1 जोड़ी लखनऊ दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन को जनशताब्दी एक्सप्रेस की तरह चलाया जाएगा. हमसफर रैक का किराया हमसफर ट्रेन के बराबर होगा. जबकि, जनशताब्दी रैक का किराया जनशताब्दी एक्सप्रेस के बराबर होगा.
– इन शहरों से चलाई जाएंगी क्लोन स्पेशल ट्रेन
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्लोन स्पेशल ट्रेनें पहले से ही चल रहीं स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी. रेल मंत्रालय की ओर से जारी समय सारिणी के मुताबिक, सहरसा समेत बिहार के 5 स्टेशनों से क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें सहरसा के साथ ही पूर्व मध्य रेल के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, राजगीर और राजेंद्रनगर स्टेशन से चलेंगी. वहीं, 3 क्लोन ट्रेनें पंजाब के अमृतसर से शुरू होंगी. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से शुरू होकर दिल्ली आने वाली क्लोन ट्रेन सिर्फ दो स्टेशनों लखनऊ और मुरादाबाद ही रुकेगी. ये ट्रेनें यूपी, बिहार, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के बीच चलाई जाएंगी.
– कहां से कहां तक चलेंगी ट्रेनें?
1. सहरसा से नई दिल्ली- हर दिन
2. नई दिल्ली से सहरसा- हर दिन
3. राजगीर से नई दिल्ली-हर दिन
4. नई दिल्ली से राजगीर- हर दिन
5. दरभंगा से नई दिल्ली- हर दिन
6. नई दिल्ली से दरभंगा-हर दिन
7. मुजफ्फरपुर से दिल्ली- रविवार
8. दिल्ली से मुजफ्फरपुर- सोमवार
9. राजेंद्र नगर से नई दिल्ली- रविवार
10. नई दिल्ली से राजेंद्र नगर- सोमवार
11. कटिहार से दिल्ली- शुक्रवार
12. दिल्ली से कटिहार- रविवार
13. न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर- शुक्रवार
14. अमृतसर से न्यूजलपाई गुड़ी- बुधवार
15. जयनगर से अमृतसर- मंगलवार, शुक्रवार, रविवार
16. अमृतसर से जयनगर – रविवार, बुधवार, शुक्रवार
17. वाराणसी से नई दिल्ली- मंगलवार, गुरुवार, शनिवार
18. नई दिल्ली से वाराणसी- सोमवार, बुधवार, शुक्रवार
19. बलिया से दिल्ली- मंगलवार, गुरुवार, शनिवार
20, दिल्ली से बलिया- सोमवार, बुधवार, शुक्रवार
21. लखनऊ से नई दिल्ली- शनिवार
22. नई दिल्ली से लखनऊ – रविवार
23. सिकंदराबाद से दानापुर- हर दिन
24. दानापुर से सिकंदराबाद- हर दिन
25. वास्को से निजामुद्दीन- शुक्रवार
26. निजामुद्दी से वास्को – रविवार
27. बेंगलुरु से दानापुर- सोमवार
28. दानापुर से बेंगलुरु – बुधवार
29. यशवंतपुर से निजामुद्दीन- बुधवार, शनिवार
30. निजामुद्दीन से यशवंतपुर- शनिवार, मंगलवार
31. अहमदाबाद से दरभंगा- शुक्रवार
32. दरंभगा से अहमदाबाद- सोमवार
33. अहमदाबाद से दिल्ली- रविवार, बुधवार
34. दिल्ली से अहमदाबाद – सोमवार, मंगलवार
35. सूरत से छपरा- सोमवार
36. छपरा से सूरत – बुधवार
37. बांद्रा से अमृतसर- सोमवार
38. अमृतसर से बांद्रा – बुधवार
39. अहदाबाद से पटना- बुधवार
40. पटना से अहमदाबाद- रविवार
– यात्रियों को मिलेगा कंफर्म टिकट
रेलवे ने यह प्लान उन रूट्स के लिए बनाया है, जहां वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती है. इस प्लान के तहत व्यस्त रूट्स पर हर पैसेंजर को कंफर्म टिकट मिलना तय हो गया है. इसी के लिए भारतीय रेलवे क्लोन ट्रेनें चला रही है. आसान शब्दों में समझें तो मुख्य ट्रेन के जाने के एक घंटे बाद उसी रूट की दूसरी ट्रेन उसी प्लेटफॉर्म से जाएगी, जो वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर्स को लेकर जाएगी. इससे वेटिंग टिकट वाले यात्री करीब-करीब उसी समय पर बिना किसी परेशानी के अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाएंगे.
– यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले बुकिंग
रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन क्लोन ट्रेनों की टिकट बुकिंग की प्रक्रिया आज से यानी 19 सितंबर 2020 से शुरू हो गई है. यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले इन ट्रेनों की टिकट बुकिंग की जा सकती है. यानी आप जिस दिन टिकट बुक करेंगे उसके 10 दिन के भीतर ही आपको यात्रा करनी होगी. इससे ट्रेन में टिकट की उपलब्धता बनी रहेगी.






_ दिशा की दोस्त रश्मि देसाई ने भी जताया मौत पर संदेह










