पानापुर ओपी क्षेत्र की मणि फुलकाहां पंचायत के बकुलहारा चौर के पोखर के चारों तरफ बिछाए गए बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से दो किशोर की मौत हो गई. मृतकों की शिनाख्त भेड़ियाही सलोना निवासी मो. अमजद के पुत्र मो. सैफुल (14) और मो. इशाक के पुत्र मो. साबुदीन (16) के रूप में हुई है.
मछली को बचाने लगाया जाता है करंट
बताया जाता है कि पोखर में पशुओं को आने से रोकने के लिए पोखर के चारों ओर बिजली के तार से घेराबंदी की गई थी. रात में मो. सैफुल व मो. इशाक उधर से गुजर रहा था. इसी दौरान मो. सैफुल घेराबंदी की गई बिजली तार की चपेट में आ गया. उसे तड़पते देख मो. साबुदीन बचाने गया तो वह भी करंट की चपेट में आ गया. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल बिजली बंद करवाई.
मृतक के पिता ने दर्ज कराई नामजद रिपोर्ट
इसके बाद दोनों के शव को बाहर निकाला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले में पानापुर ओपी में मृतक मो. सैफुल के पिता मो. अमजद अली के बयान पर मैसाहा निवासी काशीनाथ झा एवं आलोक कुमार झा पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. ओपी अध्यक्ष रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में दो नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. छानबीन की जा रही है.
पशुओं को खेत में आने से रोकने के लिए लगाते है करंट
नीलगाय और जंगली सूअर से फसल को बचाने के लिए भी किसान खेतों की मेड़ पर करंट वाला नंगा तार लगाते हैं. जिले में इस तरह के बिजली के तार से अब तक आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं. जिसमें 8 से 10 लोगों की जान जा चुकी है. हालांकि विभाग इसके लिए मंजूरी नहीं देता है. प्रशासनिक स्तर पर भी रोक लगाई गई है.
धारा 304 के तहत होती है कार्रवाई
कानून के जानकार अधिवक्ता शरद सिन्हा ने बताया कि खेतों में नंगा तार लगाकर उसमें करंट प्रवाहित करने से यदि हादसे में किसी की मौत होती है तो ऐसी स्थिति में आईपीसी की धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज की जाती है. लापरवाही के कारण गैर इरादतन हत्या को लेकर पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में चार्जशीट की जाती है. इसके तहत सख्त सजा का प्रावधान है.
दमोह से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जिले के जबेरा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले देवतरा टपरिया नाम के गांव मे एक आदीवासी परिवार में आए उनके एक रिश्तेदार ने परिवार की डेढ़ साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बना लिया. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए. पुलिस दुष्कर्मी रिश्तेदार को तलाश रही है.
जानकारी के अनुसार गांव के एक आदिवासी परिवार के यहां उनका कोई रिश्तेदार मिलने के लिए आया था. घर मे आये मेहमान की खातिरदारी के लिए रात 8 बजे घर की महिला अपनी दो बेटियों को छोड़कर बाजार सब्जी लेने चली गई. इस मौके का फायदा उठाते हुए प्रमोद नाम के दरिंदे ने उसी घर मे डेढ़ साल की मासूम को शिकार बना डाला. जब महिला लौट कर घर आई तो मासूम खून से लथपथ थी और प्रमोद गायब था. घर मे मौजूद दूसरी बेटी ने दरिंदे की करतूत के बारे में बताया तो सब सन्न रह गए.
पीड़ितों ने जबेरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और पीड़ित मासूम को दमोह के जिला अस्पताल भेजा गया है जहां उसका इलाज चल रहा है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप और पास्को एक्ट के तहत मामला कायम कर जांच में लिया है वहीं आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश की जा रही है.
एक तरफ पूरे विश्व सहित पूरा देश कोरोना महामारी के प्रकोप से परेशान है, तो वहीं दूसरी ओर इन दिनों देश के अनेक हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने उत्पात मचा रखा है. अनेक लोगों की मौत हो गई, असंख्य लोग बेघर हो गए हैं, तो कुछ लोग लापता हो गए.
ऐसे में मध्य प्रदेश के सीधी से एक दुखद खबर आई है. यहां आसामानी बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई. यह घटना सीधी जिले के खड्डी खुर्द में घटी. मृतकों में दो बच्चियां है जबकि एक लड़का शामिल है. बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है. ये तीनों ही बच्चे शिवनाथ साकेत नामक ग्रामीण के थे.
रेल मंत्रालय द्वारा 21 सितंबर से 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें चालने का ऐलान किया है. इन क्लोन ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन 19 सितंबर से शुरू हो गया है. ये क्लोन ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित होंगी और पहले से तय समय पर चलेंगी. इनकी रफ्तार मुख्य ट्रेन से ज्यादा होगी. साथ ही इनके स्टॉपेज भी मुख्य ट्रेन के मुकाबले कम होंगे. इससे दोनों ट्रेनें आखिरी स्टेशन पर करीब-करीब एक ही समय पर पहुंचेंगी.
– कितना होगा क्लोन ट्रेनों का किराया?
रेल मंत्रालय ने बताया कि 19 जोड़ी क्लोन स्पेशल ट्रेनों को हमसफर रैक्स का इस्तेमाल कर चलाया जाएगा. वहीं, 1 जोड़ी लखनऊ दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन को जनशताब्दी एक्सप्रेस की तरह चलाया जाएगा. हमसफर रैक का किराया हमसफर ट्रेन के बराबर होगा. जबकि, जनशताब्दी रैक का किराया जनशताब्दी एक्सप्रेस के बराबर होगा.
– इन शहरों से चलाई जाएंगी क्लोन स्पेशल ट्रेन
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्लोन स्पेशल ट्रेनें पहले से ही चल रहीं स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी. रेल मंत्रालय की ओर से जारी समय सारिणी के मुताबिक, सहरसा समेत बिहार के 5 स्टेशनों से क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें सहरसा के साथ ही पूर्व मध्य रेल के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, राजगीर और राजेंद्रनगर स्टेशन से चलेंगी. वहीं, 3 क्लोन ट्रेनें पंजाब के अमृतसर से शुरू होंगी. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से शुरू होकर दिल्ली आने वाली क्लोन ट्रेन सिर्फ दो स्टेशनों लखनऊ और मुरादाबाद ही रुकेगी. ये ट्रेनें यूपी, बिहार, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के बीच चलाई जाएंगी.
– कहां से कहां तक चलेंगी ट्रेनें?
1. सहरसा से नई दिल्ली- हर दिन
2. नई दिल्ली से सहरसा- हर दिन
3. राजगीर से नई दिल्ली-हर दिन
4. नई दिल्ली से राजगीर- हर दिन
5. दरभंगा से नई दिल्ली- हर दिन
6. नई दिल्ली से दरभंगा-हर दिन
7. मुजफ्फरपुर से दिल्ली- रविवार
8. दिल्ली से मुजफ्फरपुर- सोमवार
9. राजेंद्र नगर से नई दिल्ली- रविवार
10. नई दिल्ली से राजेंद्र नगर- सोमवार
11. कटिहार से दिल्ली- शुक्रवार
12. दिल्ली से कटिहार- रविवार
13. न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर- शुक्रवार
14. अमृतसर से न्यूजलपाई गुड़ी- बुधवार
15. जयनगर से अमृतसर- मंगलवार, शुक्रवार, रविवार
16. अमृतसर से जयनगर – रविवार, बुधवार, शुक्रवार
17. वाराणसी से नई दिल्ली- मंगलवार, गुरुवार, शनिवार
18. नई दिल्ली से वाराणसी- सोमवार, बुधवार, शुक्रवार
19. बलिया से दिल्ली- मंगलवार, गुरुवार, शनिवार
20, दिल्ली से बलिया- सोमवार, बुधवार, शुक्रवार
21. लखनऊ से नई दिल्ली- शनिवार
22. नई दिल्ली से लखनऊ – रविवार
23. सिकंदराबाद से दानापुर- हर दिन
24. दानापुर से सिकंदराबाद- हर दिन
25. वास्को से निजामुद्दीन- शुक्रवार
26. निजामुद्दी से वास्को – रविवार
27. बेंगलुरु से दानापुर- सोमवार
28. दानापुर से बेंगलुरु – बुधवार
29. यशवंतपुर से निजामुद्दीन- बुधवार, शनिवार
30. निजामुद्दीन से यशवंतपुर- शनिवार, मंगलवार
31. अहमदाबाद से दरभंगा- शुक्रवार
32. दरंभगा से अहमदाबाद- सोमवार
33. अहमदाबाद से दिल्ली- रविवार, बुधवार
34. दिल्ली से अहमदाबाद – सोमवार, मंगलवार
35. सूरत से छपरा- सोमवार
36. छपरा से सूरत – बुधवार
37. बांद्रा से अमृतसर- सोमवार
38. अमृतसर से बांद्रा – बुधवार
39. अहदाबाद से पटना- बुधवार
40. पटना से अहमदाबाद- रविवार
– यात्रियों को मिलेगा कंफर्म टिकट
रेलवे ने यह प्लान उन रूट्स के लिए बनाया है, जहां वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती है. इस प्लान के तहत व्यस्त रूट्स पर हर पैसेंजर को कंफर्म टिकट मिलना तय हो गया है. इसी के लिए भारतीय रेलवे क्लोन ट्रेनें चला रही है. आसान शब्दों में समझें तो मुख्य ट्रेन के जाने के एक घंटे बाद उसी रूट की दूसरी ट्रेन उसी प्लेटफॉर्म से जाएगी, जो वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर्स को लेकर जाएगी. इससे वेटिंग टिकट वाले यात्री करीब-करीब उसी समय पर बिना किसी परेशानी के अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाएंगे.
– यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले बुकिंग
रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन क्लोन ट्रेनों की टिकट बुकिंग की प्रक्रिया आज से यानी 19 सितंबर 2020 से शुरू हो गई है. यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले इन ट्रेनों की टिकट बुकिंग की जा सकती है. यानी आप जिस दिन टिकट बुक करेंगे उसके 10 दिन के भीतर ही आपको यात्रा करनी होगी. इससे ट्रेन में टिकट की उपलब्धता बनी रहेगी.
एक सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के इनपुट पर फ्रीलांस जर्नलिस्ट राजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है. शुरुआती जांच में पता चला कि राजीव शर्मा चीनी इंटेलिजेंस अफसरों के सम्पर्क में था और यहां से संवेदनशील सूचना भेज रहे थे. इनकी पूछताछ पर एक चीनी महिला किंग शी और उसके सहयोगी नेपाली नागरिक राज बोहरा को भी गिरफ्तार किया गया है.
– 2016 में चाइनीज अफसर के संपर्क में आया राजीव
राजीव शर्मा 40 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. 2010 के बाद से वो फ्रीलांस जर्नलिज्म कर रहे थे. उस समय राजीव शर्मा चाइनीज़ एजेंसी ग्लोबल टाइम्स के आर्टिकल लिखते थे. 2016 में राजीव का संपर्क एक चाइनीज अफसर माइकल से लिंक्डइन के जरिए हुआ. जिसने इनको चाइना में आमंत्रित किया, जहां पर शर्मा को भारत की रक्षा, भारत चाइना सीमा से जुड़ी सूचना देने के लिए प्रलोभन दिया गया. इसके बाद राजीव ने माइकल को 2016 से 2018 तक बहुत सी सूचना पहुंचाई.
– अलग अलग देशों में होती थी मीटिंग
2019 में इनका संपर्क दूसरे चीनी अफसर जॉर्ज से हुआ. इस बीच इनकी मीटिंग अलग-अलग देशों मालदीव, थाईलैंड, लाओस, काठमांडू में होती रही. जहां अलग-अलग टास्किंग की गई. 2019 के बाद जॉर्ज के संपर्क में रहे और सूचना भेजते रहे. भारत-चीन सीमा से जुड़ी सूचना देते रहे. इसके लिए इनको हवाला से बड़ी रकम मिलती रही है.
– एक साल में 40 से 50 लाख की कमाई
चीनी महिला और नेपाल के नागरिक ने यहां एक शेल कम्पनी बना रखी है. महिपालपुर में एमज़ेड मॉल और एमज़ेड फार्मास्युटिकल के नाम से जिसमें यहां से चाइना को दवाएं एक्सपोर्ट करते रहे हैं. उसके एवज में जो पैसे आते हैं वो पैसे इस तरह के एजेंट को दिए जाते हैं. बताया जा रहा है कि एक साल में राजीव शर्मा को 40 से 50 लाख रुपये आए. फिलहाल पुलिस शर्मा से पूछताछ कर रही है. शर्मा के पास से लैपटॉप, 10-12 मोबाइल फ़ोन, ATM कार्ड बरामद हुए हैं.
– मिनिस्ट्री तक थी राजीव की पहुंच
जो अभी तक सूचना है उसके हिसाब से ये ठीक ठाक मीडिया सर्कल में मूवमेंट करते थे. PIB कार्ड भी था. मिनिस्ट्री में एक्सेस थी. औपचारिक अनौपचारिक तौर पर लोगों से मिलते थे जो भी सूचना मिलती थी उसे ये पास ऑन करते थे. राजवी शर्मा ने जो सूचना चीन के लिए भेजी वे सारे सोशल मीडिया एकाउंट, मेल पर है. उन्हें डाउनलोड किया जा रहा है. उसके बाद पता चलेगा कि किस तरह की सूचना दी है. क्या कोई अधिकारी रैंक का मिला हुआ भी था? ये अभी जांच का विषय है. इनके हिसाब से डायरेक्ट कोई कनेक्शन नहीं मिला है.
– कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुका है राजीव
राजीव शर्मा ने पत्रकारिता की शुरुआत 1981-82 से की है. दिल्ली के पढ़े हुए हैं. यहां वो UNI, HT, TOI, ट्रिब्यून जैसी कई मीडिया संस्थानों में काम किया है. 14 तारीख को सर्च वारंट के साथ घर की तलाशी ली गई. जिसमें कई गोपनीय जानकारी मिली है. इस चीनी महिला ने 2013 में जामिया में एडमिशन लिया था कोर्स के लिए. उसके बाद से यही पर है. उसके बाद से आना जाना रहता है. जो कम्पनी बनाई गई है दूसरे चाइनीज नेशनल ने ये कंपनी बनाई थी जाते वक़्त ये उन्हें यहां डायरेक्टर बनाकर चले गए.
– आर्टिकल की आड़ में भेजता था सूचनाएं
पुलिस को अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, राजीव शर्मा ग्लोबल टाइम्स में लिख रहे थे. ये सिर्फ दिखाने के लिए था. इंडो चाइना रिलेशन पर लिखते थे इसके आड़ में बहुत सारी संवेदनशील सूचनाएं चीन को पहुंचाते थे.
5 साल पहले यानी 2015 में लापता हुए मध्यप्रदेश के रीवा के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के छंदहई गांव के अनिल साकेत को पाकिस्तान ने पूरे पांच साल के बाद रिहा कर दिया. घर लौटने पर उसका परिजनों और गांव के लोगों ने भव्य स्वागत किया. उसकी सकुशल घर वापसी पर पूरा छंदहई गांव खुशी से झूम उठा. मां ने अपने लाल की आरती उतारी और दादा ने उसका स्वागत किया. गांव में ढोल-ढमाके बचे और घर में गीत गाए गए. उसकी सकुशल घर वापसी पर पूरा छंदहई गांव खुशी से झूम उठा.
अनिल ने पैर छूकर बड़ों का आशीर्वाद लिया. परिवार और अनिल सब भावुक हो गए. परिवार ने तो अनिल के ज़िंदा होने की आस ही छोड़ दी थी. पोते को जीवित देख दादा इतने भावुक हुए कि हाथ जोड़कर अनिल का स्वागत किया. रीवा जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूरी बसे छंदहई गांव का अनिल साकेत 5 साल पहले 2015 में लापता हो गया था. परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया. जब घर-परिवार सब तरफ से निराश हो गया था और अनिल के ज़िंदा रहने की आस भी खो बैठा था, तभी वर्ष 2019 में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने नईगढ़ी थाना क्षेत्र से लापता युवक अनिल साकेत की जानकारी मांगी. उसके बाद पता चला कि अनिल ज़िंदा है और पाकिस्नान में लाहौर की जेल में बंद है.
बेटे के ज़िंदा होने की खबर सुनकर परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा. उसके बाद शुरू हुआ अनिल की घर वापसी का प्रयास. रीवा और प्रदेश के सांसदों ने यह मुद्दा सदन तक पहुंचाया और अंतत: 14 सितंबर 2020 को पाकिस्तान सरकार ने अनिल साकेत सहित जेल में बंद तकरीबन 111 कैदियों को रिहा कर दिया. शुक्रवार को अनिल सरकारी अमले के साथ जब पहुंचा तो उसे देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा. अनिल लौट तो आया लेकिन गुमसुम सा था. वह पाकिस्तान कैसे पहुंचे यह किसी को पता नहीं है. उनकी दिमागी हालत खराब थी. इसलिए आशंका है कि भटकते-भटकते वह देश की सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया होगा.
अनिल की शादी हो चुकी थी. बीवी ने तीन साल तक ससुराल में रहकर अनिल के लौटने का इंतज़ार किया. अनिल के लौटने की कहीं से कोई उम्मीद न देख वो अपने मायके लौट गयी और मायके वालों ने उसकी शादी कर दी.
धनरुआ के डुमरा गांव में शुक्रवार को करंट से 45 वर्षीय मिथिलेश बिंद की माैत हाे गई. उनकी पुत्रियों ने उनके पार्थिव शरीर काे कंधा देकर मिसाल पेश की. इस दृश्य को देख लोग भावुक हो गए. अपने पिता को कंधा देने वाली 16 वर्षीय सुनीता कुमारी, 14 वर्षीय सिकांता कुमारी, 11 वर्षीय रेश्मी कुमारी व 6 वर्षीय सुषमा कुमारी लगातार राे रही थीं.
_ बड़ी बेटी सुनीता ने दी मुखाग्नि
वहीं उनकी मां जासो देवी रह-रहकर बेहोश हो जा रही थी. फतुहा घाट पर बड़ी पुत्री सुनीता ने पिता को मुखाग्नि दी. मिथिलेश घर में कमाने वाला एकमात्र व्यक्ति था. वह बटाईदार किसान था. उसके जाने से उसकी चारोें पुत्रियों की परवरिश पर कौन करेगा, इसकी चिंता उसकी पत्नी को सताने लगी है. मुखिया संगीता देवी ने अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक मदद की.
_ ट्रान्सफार्मर से पनई में प्रवाहित हो रहा था करंट
गांव में स्थित एक पईन में मछली मारने के दौरान मिथिलेश काे करंट लगा. वह खेत पटवन के दौरान पास स्थित पईन में मछली मारने लगा. इसी बीच पास स्थित ट्रांसफार्मर के स्टेक में प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. बाद में ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति को बंद कर शव को बाहर निकाला.
किसानों को शोषण से बचाने का रास्ता बिहार ने दिखाया है. जो काम कभी बिहार ने करके दिखाया था, आज देश उसी रास्ते पर चल पड़ा है. किसानों को नुकसान से बचाने की प्रेरणा देश को बिहार से दी. जिस किसान विरोधी कानून को नीतीश बाबू ने पहले ही बिहार से बाहर का रास्ता दिखाया था, उसी कानून को आज केन्द्र सरकार ने इतिहास बना दिया है. यह प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. कोसी रेल सेतु समेत बिहार की 12 रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि एपीएमसी एक्ट के नुकसान को नीतीश कुमार भलीभांति समझते हैं. इसीलिए तो बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद, अपने शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने बिहार में इस कानून को हटा दिया था. जो काम कभी बिहार ने करके दिखाया था, आज देश उस रास्ते पर चल पड़ा है. पीएम ने कहा कि कृषि सुधार विधेयक ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है.
किसानों को अपनी उपज बेचने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे
इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प मिलेंगे, और ज्यादा अवसर मिलेंगे. ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आया है. उन्हें बिचौलियों से मुक्ति दिलाएगी. यही नहीं ये हमारे कॉपरेटिव्स, कृषि उत्पादक संघ और बिहार में चलने वाले जीविका जैसे महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है.
कुछ लोग किसानों से झूठ बोल कर भ्रमित कर रहे हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वे झूठ बोलकर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके घोषणा पत्र में इसका वायदा किया गया है, लेकिन हमने किया तो परेशान हो गए. हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
86 साल बाद रेल से जुड़े निर्मली और सरायगढ़
कोसी रेल महासेतु बनने के बाद निर्मली से सरायगढ़ की दूरी महज 22 किमी में सिमट गई है. इससे पहले इन दोनों जगहों के बीच का रेल सफर करीब 300 किमी का था. इसके लिए दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा आदि से होकर ट्रेन जाती थी. इस तरह 8 घंटे की रेल यात्रा सिर्फ आधे घंटे में ही पूरी हो जाएगी. कोसी रेल महासेतु की कुल लंबाई 1.9 किमी है.
1934 में भूकंप से टूटा था पुल
1887 में ब्रिटिश काल मेंं निर्मली और भपटियाही के बीच कोसी की सहायक तिलयुगा नदी पर 250 फीट लंबा मीटरगेज रेल पुल बना था. 1934 में आए भूकंप में यह पुल ध्वस्त हो गया. 6 जून काे 2003 काे तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी आधारशिला रखी थी. इस माैके पर रेल मंत्री नीतीश कुमार और सीएम राबड़ी देवी भी माैजूद थीं.
3 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट से बेहतर होगी रेल सेवा
पीएम ने कहा कि आज कोसी महासेतु और किऊल ब्रिज के साथ ही रेल यातायात, बिजलीकरण और रेलवे में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने, नए रोजगार पैदा करने वाले प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ है. 3 हज़ार करोड़ के इन प्रोजेक्ट्स से बिहार का रेल नेटवर्क तो सशक्त होगा ही, सेवा भी बेहतर होगी.
नीतीश कुमार ने की जमालपुर रेल इंस्टीट्यूट शुरू करने की गुजारिश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमालपुर रेल इंस्टीट्यूट फिर से शुरू करने व इसमें नए ट्रेंड की पढ़ाई का अनुरोध किया. सीएम शुक्रवार को पीएम द्वारा एक दर्जन परियोजनाओं के शुभारंभ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मुंगेर के जमालपुर में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकेनिकल इंजीनियरिंग था. इसमें छात्रों का सेलेक्शन यूपीएससी के माध्यम से होता था. यह इंस्टीट्यूट बंद हो गया है. इसको फिर से चालू कराया जाए. साथ ही कुछ नए ट्रेड की भी पढ़ाई करवाई जाए. सीएम ने रेल परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को बधाई दी. सीएम ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोसी सेतु और बाढ़ बिजलीघर बनने की कहानी भी विस्तार से बताई.
एक तरफ चीन ने भारत में घुसपैठ का मोर्चा खोल रखा है, तो दूसरी ओर अब वह ताइवान की सीमाएं भी लांघने की कुटिल चाल चल रहा है. चीन के 18 फाइटर जेट्स शुक्रवार शाम ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसे. इन फाइटर जेट्स ने कुछ मिनट तक यहां उड़ान भरी और बाद में लौट गए. अपनी इस गतिविधि पर चीन ने कहा कि, यह हमारी तरफ से अमेरिका और ताइवान को वॉर्निंग है. खास बात ये है कि जिस वक्त यह फाइटर जेट्स ताइवान के आकाश में उड़ान भर रहे थे, तब अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी कीथ क्रेच ताइवान की राजधानी ताइपे में एक प्रोग्राम में मौजूद थे.
_ ताइवान-अमेरिका दोनों को कड़ी वॉर्निंग
चीन के फाइटर जेट्स जब ताइवानी सीमा से लौटे तो उसके कुछ देर बाद चीन के रक्षा मंत्रालय के एक सीनियर अफसर का बयान आया. कर्नल रेन गुओकियांग ने कहा- जो लोग आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं, वे जल जाएंगे. वहां के एक सरकारी थिंक टैंक ने कहा- हमारी तरफ से यह अमेरिका और ताइवान दोनों को वॉर्निंग है.
अभी शांत है अमेरिका
दो महीने में यह दूसरा मौका है जब डोनाल्ड ट्रम्प ने किसी मंत्री स्तर के अफसर को ताइवान भेजा है. 1979 के बाद से अमेरिका का कोई बड़ा अफसर ताइवान नहीं जाता था. हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते हैं. चीन की इस हरकत पर अमेरिका ने अभी जवाब नहीं दिया. गुरुवार को अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी कीथ क्रेच ताइवान की राजधानी ताइपे पहुंचे. चीन ने अमेरिका को आगाह किया कि वो ताइवान से डिप्लोमैटिक और मिलिट्री रिलेशन न बढ़ाए. अमेरिका ने उसकी चेतावनी नजरअंदाज कर दी है. अमेरिका और ताइवान जल्द ही अरबों डॉलर की डिफेंस डील करने वाले हैं.
अमेरिका ताइवान के साथ
महामारी शुरू होने के बाद ताइवान की खाड़ी और साउथ चाइना सी में शी जिनपिंग सरकार छोटे देशों पर दबाव बढ़ा रही है. चीनी सरकार ताइवान को अपना हिस्सा मानती है. जबकि, ताइवान एक स्वतंत्र देश है. अमेरिका खुलकर ताइवान के साथ खड़ा हो गया है. दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर की डिफेंस डील भी होने वाली है. कुछ महीनों में चीन ने ताइवान की हवाई और समुद्री सीमा का कई बार उल्लंघन किया है. लेकिन, पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उसके फाइटर जेट्स ताइवान की सीमा में घुसे हैं.
ताइवान भी चीन के खिलाफ पूरी तरह तैयार
जिस दौरान चीनी फाइटर जेट्स ताइवान के आकाश में पहुंचे, उसी वक्त ताइवान ने अपने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को एक्टिव और हाई अलर्ट पर रखा. हालांकि, ताइवान की तरफ से जवाबी कार्रवाई का शक होने पर चीन के एयरक्राफ्ट्स फौरन लौट गए. बुधवार को भी चीन के दो फाइटर जेट्स ताइवान की हवाई सीमा में घुसपैठ कर चुके थे.
सुशांत सिंह राजपूत के फैन्स उनकी मौत के पहले उतने नहीं होंगे, जितने उनकी असमय मौत के बाद बने हैं. इन सभी फैन्स ने पिटीशन साइन करके मांग की थी कि लंदन वाले तुसाद म्यूजियम में उनका वैक्स स्टेच्यू लगाया जाना चाहिए. लेकिन भारत में ही उनके एक फैन सुकांतो रॉय ने उनके बाकी फैन्स की यह तमन्ना पूरी कर दी है. सुकांतो आसनसोल के रहने वाले हैं. उन्होंने ही यह वैक्स आर्ट बनाया है.
सुकांतो रॉय ने बताया कि वे सुशांत को बेहद पसंद करते थे. ये बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि वे अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनकी याद में ही मैंने यह स्टेच्यू अपने म्यूजियम में बनाया है. सुकांतो ने कहा कि अगर सुशांत का परिवार चाहेगा तो मैं उनके लिए एक और स्टेच्यू बनाने तैयार हूं. सुशांत के स्टेच्यू ने डेनिम जैकेट, टी-शर्ट और जीन्स पहना है. ये लुक 2019 में आई उनकी फिल्म छिछोरे के प्रोमोशन का है.
सुशांत के फैंस लगातार लंदन के मैडम तुसाद म्यूजियम में उनके वैक्स स्टेच्यू लगाने की मांग कर रहे हैं. इसके लिए एक ऑनलाइन पिटीशन अगस्त से चल रही है. सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी लोगों से इस पर साइन करने की मांग की थी. उस वक्त टारगेट 2 लाख सिग्नेचर का था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 लाख कर दिया है.