यूट्यूब देख कर भाई बहन ने छापे नकली नोट, पहुंचे सलाखों के पीछे
_ पकड़े जाने पर लड़की ने किया बेहोशी का नाटक और भाग निकली
घर पर ही कलर प्रिंटर पर छाप रहे थे नकली नोट
बाजार पूंजीकरण में अपना ही रिकॉर्ड रिलायन्स ने रचा इतिहास
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने बुधवार को फिर इतिहास रच दिया है. एक स्टार्टअप के रूप में शुरू की गई रिलायंस आज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है. रिलायंस का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार के दौरान 16 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार चला गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 2.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,368 रुपये पर पहुंच गया. यह इसका सर्वकालिक उच्च स्तर है. अंत में यह 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 2,324.90 रुपये पर बंद हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 15.33 लाख करोड़ पर पहुंच गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में पिछले छह महीने से कम समय में 173 फीसदी से ज्यादा तेजी आ चुकी है.
अपना ही रिकॉर्ड तोड़ती आई है रिलायंस
- 18 अक्तूबर 2019 में रिलायंस नौ लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली कंपनी बन गई थी. यह भारत की पहली कंपनी थी जिसका बाजार पूंजीकरण नौ लाख करोड़ रुपये हुआ था.
- 28 नवंबर 2019 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ के पार चला गया था. जबकि उससे पिछले सप्ताह कंपनी की हैसियत 9.50 लाख करोड़ रुपये थी.
- देश के दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी का बाजार पूंजीकरण 19 जून 2020 को 11 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया. तब मुकेश अंबानी ने कच्चा तेल से लेकर दूरसंचार तक विस्तृत क्षेत्रों में कारोबार करने वाली अपनी कंपनी के शुद्ध रूप से ऋण-मुक्त होने की घोषणा की थी, जिसके बाद कंपनी का हैसियत में 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी.
- इसके बाद छह जुलाई 2020 को RIL ने फिर इतिहास रचा. तब शेयरों में भारी उछाल से इसकी बाजार हैसियत 26,150.05 करोड़ रुपये बढ़कर 11.5 लाख करोड़ के पार यानी 11,59,318.60 करोड़ रुपये हो गई.
- 13 जुलाई 2020 में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण बीएसई पर 38,163.22 करोड़ रुपये बढ़कर 12,29,020.35 रुपये पर पहुंच गया था.
22 जुलाई 2020 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा और 13.17 लाख करोड़ रुपये (176.4 अरब डॉलर) पर पहुंच गया. तब फोर्ब्स की अमीर व्यक्तियों की वास्तविक समय पर जारी की जाने वाली सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी 75 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ पांचवें पायदान पर आ गए थे. 24 जुलाई 2020 को रिलायंस ने फिर इतिहास रचा. कारोबार के दौरान रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 14 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार चला गया था. कंपनी के शेयरों में तेजी के चलते उसने इस मुकाम को हासिल किया था.
भोपाल में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में आया रजा मुराद का नाम, बने सरकारी गवाह
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बुलंद आवाज के धनी और अपने जमाने के नामी खलनायक रजा मुराद नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में सरकारी गवाह बन गए है. मुंबई में पुलिस के सामने उन्होंने अपने बयान में इस बात से साफ इनकार किया है कि भोपाल के प्यारे मियां से उनका कोई संबंध नहीं है. वे न तो उसे जानते हैं, न उससे कभी मिले हैं. दरअसल मशहूर फिल्म कलाकार रजा मुराद प्यारे मियां के फर्जीवाड़े के लपेटे में आ गए हैं. प्यारे मियां ने जो फर्जी सोसायटी बनाई थी, उसके 8 सदस्यों में रज़ा मुराद का नाम भी शामिल है.
_ रजा मुराद ने दर्ज कराया बयान
इस मामले में बुधवार को रजा मुराद ने श्यामला हिल्स थाने में प्यारे मियां पर दर्ज धोखाधड़ी के केस में अपना बयान दर्ज कराया. इस केस में पुलिस ने उन्हें सरकारी गवाह बनाया है. रजा मुराद ने अपने बयान में कहा कि मेरी प्यारे मियां साहब से कभी मुलाकात नहीं हुई है और न उनसे कोई संबंध रहा है. उन्होंने अपनी सोसायटी में जो रजा नाम लिखा था, वो अधूरा दस्तखत है. मैं अपने सिग्नेचर अंग्रेजी में करता हूं, मेरी पहचान रजा से नहीं है, मेरा पूरा नाम रजा मुराद है इसी नाम से मेरी पहचान है.
_ प्यारे मियां की फर्जी सोसाइटी में सिर्फ रजा नाम का जिक्र
प्यारे मियां ने उस सोसाइटी में फर्जी तरीके से रजा मुराद के जाली साइन किए थे और उसमें सिर्फ रजा नाम लिखा था. रजा मुराद के मुताबिक उनका भोपाल के अंसल अपार्टमेंट में एक फ्लैट है लेकिन वो इसमें वह कभी रहे नहीं है. मगर यहां फ्लैट होने के कारण वो अपार्टमेंट की मुख्य सोसाइटी लेक-व्यू एन्क्लेव वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी के सदस्य हैं. प्यारे मियां ने इसी की आड़ में फर्जी सोसाइटी बनायी है, लेकिन वो उसमें वह कभी सदस्य नहीं रहे. रजा मुराद ने कहा कि उनकी कभी भी प्यारे मिया से मुलाकात नहीं हुई है और उनका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है.
_ नशे में बेहोशी की हालत में मिली थी लड़कियां
बता दें कि प्यारे मियां के फ्लैट से नाबालिग लड़कियां नशे की हालत में मिली थी जिन्हें चाइल्ड लाइन को सौंपा गया था. काउंसलिंग के बाद पूछताछ में उन्होंने यौन शोषण किए जाने का खुलासा किया था. प्यारे मिया और उसके महिला साथी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत 376 (बलात्कार), और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
फॉरवर्ड लोकेशंस पर की बचकानी हरकत, पंजाबी गाने बजा कर जवानों का ध्यान भटकाने की कोशिश
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
भारतीय जवानों के हौसले के सामने घुटने टेकनेवाला चीन अब बचकानी हरकतों पर उतर आया है. चीन लद्दाख में बॉर्डर पर लाउडस्पीकर लगाकर पंजाबी गाने बजा रहा है. ऐसा वह इसलिए कर रहा है, तांकि भारतीय जवानों का ध्यान भटके और वह अपनी चाल में कामयाब हो जाए. न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक चीन ने लाउडस्पीकर फिंगर-4 इलाके की उन फॉरवर्ड पोस्ट पर लगाए हैं जो 24 घंटे भारत की निगरानी में हैं. चीन के इस कदम की 2 वजह हो सकती हैं. पहली यह कि चीन भारतीय जवानों का ध्यान भटकाने के लिए ड्रामा कर रहा हो. दूसरी यह कि चीन वाकई तनाव कम करना चाहता हो, हालांकि इसकी उम्मीद कम है.
_ सीमा पर 20 दिन में 3 बार हवाई फायर की घटनाएं
पूर्वी लद्दाख में एक-दूसरे को चेतावनी देने के लिए भारत-चीन के जवानों के बीच पिछले 20 दिन में 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं. आखिरी बार 8 सितंबर को दोनों तरफ से 100-200 राउंड फायर हुए थे. सीमा पर जारी तनाव के बीच दोनों देशों के बीच कॉर्प्स कमांडर लेवल की मीटिंग होनी है, लेकिन चीन की तरफ से अभी तक तारीख और समय कंफर्म नहीं हुआ है.
कारगिल युद्ध की विजेता बोफोर्स तोपों को तैयार कर रही सेना
पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव बढ़ने के साथ ही सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव की आशंका को देखते हुए सेना ने तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय सेना बोफोर्स होवित्जर तोपें तैनात करने की तैयारी भी कर रही है. इन तोपों ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ करगिल का युद्ध जिताया था.
समझौते तोड़ घुसपैठ की कोशिश
भारत-चीन के बीच आर्मी और डिप्लोमेटिक मीटिंग्स का दौर अप्रैल-मई से ही चल रहा है, लेकिन चीन बार-बार समझौते तोड़ घुसपैठ की कोशिश करता है. सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड में चीन ने तिनकार-लिपु पास के करीब हट जैसे स्ट्रक्चर खड़े किए हैं. जोजो गांव और चंपा मैदान के जनरल एरिया में भी चीन कंस्ट्रक्शन कर रहा है.
उमर खालिद ने कबूला, ‘सुनियोजित थे दिल्ली के दंगे’ पुलिस को मोबाइल से मिला 40 जीबी डेटा
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार जेएनयू का पूर्व छात्र उमर खालिद ने स्वीकार किया है कि दिल्ली के दंगों को पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था और इन दंगों की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए उमर खालिद से पूछताछ में ये बात सामने आई है. पुलिस ने उमर खालिद के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट मंगा ली है और उसका विश्लेषण कर रही है. उमर खालिद के मोबाइल से 40 जीबी डेटा दंगों से संबंधित मिला है.
10 दिन की रिमांड पर है उमर खालिद
स्पेशल सेल ने उमर खालिद को दस दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है. पुलिस को जांच में पता लगा है कि उमर खालिद दिसंबर 2019 से ही सीएए व एनसीआर के विरोध में दंगों की साजिश रचने में जुट गया था. लोगों को उसका समर्थन मिला तो उसका हौसला बढ़ता चला गया. जांच में ये भी पता लगा है कि उमर खालिद ने पूर्वी दिल्ली में कई धरना स्थलों पर भड़काऊ भाषण दिया था. उससे प्रदर्शनकारी इसके उकसावे में आ गए थे.
_ व्हॉट्सअप ग्रुप के माध्यम से तैयार की दंगे की भूमिका
उमर खालिद कई व्हाट्स एप ग्रुप से भी जुड़ा हुआ था. वह ग्रुप के माध्यम से दंगों की भूमिका तैयार कर रहा था. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाल ही में जो पूरक आरोपपत्र तैयार किया है, उनमें पिंजरा तोड़ की सदस्यों ने उमर खालिद की साजिश के बारे में काफी खुलासा किया है. पुलिस ने पूरक आरोपपत्र में कहा है कि उमर खालिद व राहुल राय के कहने पर ऐसी जगहों को धरना-प्रर्दशनों के लिए चुना गया, जहां लोगों को आवागमन ज्यादा रहता है.
_ उमर खालिद के कहने पर ही धरना स्थलों पर महिलाओं का जमावड़ा
ऐसे हालत पैदा कर दिए गए थे कि आम लोगों में टकराव हो और दंगे भड़क जाएं. उमर खालिद के कहने पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा धरना स्थलों पर एकत्रित किया गया था, ताकि पुलिस बल का प्रयोग न करे.
377 वोट हासिल कर योशिहिदे सुगा बने जापान के नए प्रधानमंत्री
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पिछले दिनों शिंजो आबे द्वारा स्वास्थ्य कारणों से प्रधानमंत्री पद से त्याग पत्र देने के बाद अब योशिहिदे सुगा जापान के नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं. सुगा के लिए प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने का रास्ता सोमवार को ही साफ हो गया था. जब उन्हें जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेता चुना गया. उन्होंने बेहद ही आसानी से आंतरिक वोट में जीत हासिल की. सुगा को 534 में 377 वोट हासिल हुए. इस तरह उन्होंने अपने दो प्रतिद्वंदियों पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा और पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा के खिलाफ जीत हासिल की थी.
_ आबे के पदचिन्हों पर चलनेवाले नेता के रूप में पहचान
एक शक्तिशाली सरकारी सलाहकार और प्रवक्ता 71 वर्षीय सुगा को देश में स्थिरता लाने और आबे की नीतियों को जारी रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है. उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि उनकी उम्मीदवारी प्रधानमंत्री आबे के कार्यक्रमों को जारी रखने की इच्छा से प्रेरित थी.
_ किसान के बेटे हैं सुगा
एक किसान के बेटे सुगा का पालन-पोषण जापान के उत्तरी अकिता क्षेत्र में हुआ था. सुगा को लेकर माना जाता है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या ह्रास का मुद्दा है, जिसपर वह प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कार्य कर सकते हैं. प्रधानमंत्री के रूप में वह बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना करेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस से निपटने और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से खड़ा रखना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरेगा.
बीकानेर में ट्रक – कार की भीषण टक्कर में भाजपा नेता की मौत
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान के बीकानेर में एक ट्रक ने भाजपा नेता की कार को सामने से टक्कर मार दी. इस भीषण भिड़ंत में वरिष्ठ भाजपा नेता सहीराम दुसाद की मौत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. बड़ी मशक्कत के बाद घायल भाजपा नेता को बाहर निकाला गया. घटना के बाद कार चालक फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और फिर नेता को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई.
सहीराम कृषि उपज मंडी में चेयरमैन भी रहे. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने लूनकरणसर से अपनी दावेदारी भी जताई थी. जानकारी के अनुसार, हादसा जामसर थाना क्षेत्र के श्रीगंगानगर हाइवे पर जामसर और जगदेववाला पर हुआ है. यहां सोमवार को दोपहर में कार-ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई जिसमें भाजपा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष सहीराम दुसाद, उनकी मां चिमनादेवी और उनकी चाची कमला देवी गंभीर घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना जामसर टोल प्लाजा के कार्मिक व पुलिस मौके को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को टोल नाके की एम्बुलेंस से पीबीएम अस्पताल के ट्रामा सेंटर भेजा, जहां डॉक्टरों ने सहीराम दुसाद व कमला देवी को मृत घोषित कर दिया.
शवों की पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.दुर्घटना के बाद ट्रक के चालक-खलासी मौके पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गए.फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. वही निधन की खबर लगते ही भाजपा में शोक की लहर है, नेताओं का लगातार ट्रामा सेंटर पहुंचने का सिलसिला जारी है.
विश्व ओजोन दिवस : लॉकडाउन काल में भरा जीवन के लिए जरूरी ओजोन सुरक्षा कवच का गहरा घाव
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
इंसानों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने वाली ओजोन लेयर के लिए लॉकडाउन राहत वाला समय कहा जा सकता है. देश में लॉकडाउन का जो असर हुआ, उसका एक बड़ा फायदा ओजोन लेयर को भी मिला है. एनसीबीआई जर्नल में प्रकाशित भारतीय वैज्ञानिकों की रिसर्च कहती है, दुनिया के कुछ देशों में 23 जनवरी से लॉकडाउन लगने के बाद प्रदूषण में 35 फीसदी की कमी और नाइट्रोजन ऑक्साइड में 60 फीसदी की गिरावट आई है. इसी दौरान ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन का उत्सर्जन भी 1.5 से 2 फीसदी तक घटा और कार्बन डाई ऑक्साइड का लेवल भी कम हुआ. ये सभी ऐसे फैक्टर हैं, जो ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं.
_ सूर्य की पराबैंगनी किरणों को रोकती है ओजोन लेयर
इसी साल अप्रैल महीने की शुरुआत में ओजोन लेयर पर बना सबसे बड़ा छेद अपने आप ठीक होने की खबर भी आई. वैज्ञानिकों ने पुष्टि कि आर्कटिक के ऊपर बना दस लाख वर्ग किलोमीटर की परिधि वाला छेद बंद हो गया है. सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों को रोकने वाली इस लेयर को कोरोनाकाल में कितनी राहत मिली है, इस पर पूरी रिपोर्ट आनी बाकी है. पर्यावरणविद् शम्स परवेज के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन और दूसरी गैसों का उत्सर्जन 50 फीसदी तक घटा, जिसका पॉजिटिव इफेक्ट आने वाले समय में दिख सकता है. इस दौरान एयर ट्रैफिक 80 तक कम हुआ है, जो फिलहाल अच्छे संकेत रहे हैं.
क्या है ओजोन लेयर?
ओजोन लेयर दो तरह की होती है. एक फायदेमंद है और दूसरी नुकसानदेह. फायदेमंदर ओजोन लेयर एक ऐसी पर्त है, जो सूर्य की ओर से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को सोखकर रोकने का काम करती हैं. ओजोन परत पृथ्वी के वातावरण के समताप मंडल के निचले हिस्से में में मौजूद है. सामान्य भाषा में समझें तो यह पराबैंगनी किरणों को छानकर पृथ्वी तक भेजती है. इसकी खोज 1957 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. गॉर्डन डोब्सन ने की थी. वहीं नुकसानदायक ओजोन लेयर हमारे ब्रीदिंग लेवल (सांस लेने के स्तर पर) पर होती है, जो नुकसान पहुंचाती है. यह गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं में मौजूद नाइट्रोजन ऑक्साइड से बनती है. यह कार्सिनोजेनिक होती है, जो कैंसर का कारण बन सकती है. हवा की जांच करके इसके स्तर को समझा जाता है.
ओजोन लेयर में लिकेज का मतलब
इस लेयर में छेद होने पर सूर्य की पराबैंगनी किरणें सीधे धरती तक पहुंचेंगी. ये किरणें स्किन कैंसर, मलेरिया, मोतियाबिंद और संक्रमक रोगों का खतरा बढ़ाती हैं. अगर ओजोन लेयर का दाकयरा 1 फीसदी भी घटता है और 2 फीसदी तक पराबैंगनी किरणें इंसानों तक पहुंचती हैं तो बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है.
इन प्रॉडक्ट से पहुंच रहा ओजोन लेयर को नुकसान
ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट और स्प्रे का इस्तेमाल हो रहा जिसमें क्लोरोफ्लोरो कार्बन पाए जाते हैं. ये ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचाते हैं. स्मोक टेस्ट के मानकों पर न खरे उतरने वाले वाहनों से निकलता धुआं. इसमें कार्बन अधिक पाया जाता जो क्षरण का कारण बनता है. फसल कटाई के बाद बचे हुए हिस्सों को जलाने से निकलने वाला कार्बन स्थिति को और बिगाड़ रहा है. इसके अलावा प्लास्टिक व रबड़ के टायर और कचरे को जलाने से भी इस लेयर को नुकसान पहुंच रहा है. अधिक नमी वाला कोयला जलाने पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है.
ओजोन लेकयर को नुकसान पहुंचाने वाले कण
वातावरण में नाइट्रोजन ऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन जब सूर्य की किरणों के साथ रिएक्शन करते हैं तो ओजोन प्रदूषक कणों का निर्माण होता है. वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली कार्बन-मोनो-ऑक्साइड व दूसरी गैसों की रासायनिक क्रिया भी ओजोन प्रदूषक कणों की मात्रा को बढ़ाती हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, 8 घंटे के औसत में ओजोन प्रदूषक की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए.
ऐसे शुरू हुआ वर्ल्ड ओजोन डे
ओजोन परत में हो रहे क्षरण को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने पहल की. कनाडा के मॉन्ट्रियल में 16 सितंबर, 1987 को कई देशों के बीच एक समझौता हुआ, जिसे मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कहा जाता है. इसकी शुरुआत 1 जनवरी, 1989 को हुई. इस प्रोटोकॉल का लक्ष्य वर्ष 2050 तक ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों को कंट्रोल करना था. प्रोटोकॉल के मुताबिक, यह भी तय किया गया कि ओजोन परत को नष्ट करने वाले क्लोरोफ्लोरो कार्बन जैसी गैसों के उत्पादन और उपयोग को सीमित किया जाएगा. इसमें भारत भी शामिल था. इस साल वर्ल्ड ओजोन डे की थीम है ‘ओजोन फॉर लाइफ’ यानी धरती पर जीवन के लिए इसका होना जरूरी है.
_ लॉकडाउन में घटा 50 प्रतिशत प्रदूषण
6 महीने के लॉकडाउन में 50 फीसदी से अधिक प्रदूषण का स्तर घटा है, लेकिन ओजोन गैस का स्तर सिर्फ 20 फीसदी तक ही कम हुआ है. इसका स्तर इतना ही क्यों हुआ इसके जवाब में शम्स परवेज कहते हैं, लॉकडाउन के दौरान जगहों को सैनेटाइज करने में लिए सोडियम हायपो-क्लोराइड का इस्तेमाल हुआ. इससे ब्रीदिंग लेवल पर बनने वाली ओजोन गैस का स्तर उतना नहीं गिरा, जितना गिरना चाहिए था.
साउथ एशियाई देशों में प्रदूषण की अधिकता
दुनिया में बढ़ता तापमान और इस लेयर के बीच कोई संबंध नहीं है. वायुमंडल का तापमान तब बढ़ता है, जब प्रदूषण के कारण पर्यावरण में मौजूद कण सूरज की गर्मी को अवशोषित करते हैं. इनमें सबसे ज्यादा कार्बन होते हैं. साउथ एशियाई देशों में प्रदूषण अधिक होने के कारण तापमान और भी बढ़ रहा है.
अमित शाह के जल्द स्वस्थ होने की गई पूजा अर्चना
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह 12 सितंबर को तबियत बिगड़ने के बाद एम्स में भर्ती है. ऐसे में जहां राष्ट्रीय स्तर के बड़े नेताओ ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओ द्वारा अब गृहमंत्री अमित शाह की लंबी आयु के लिए प्रार्थना की जा रही है.
इंदौर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मालवा मिल चौराहे स्थित महादेव मंदिर में विशेष पूजन कर हवन किया और गृहमंत्री अमित शाह के स्वास्थ्य लाभ व दीर्घायु के प्रार्थना की. बता दें कि तबियत बिगड़ने पर गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर एम्स में भर्ती है. बीजेपी कार्यकर्ता योगेश ठाकुर ने बताया कि अमित शाह एक आदर्श नेता है और देश के गृहमंत्री के पद पर रहकर वो देश की सेवा में जुटे हैं और हम चाहते हैं कि वो जल्द ठीक हो ताकि उनका मार्गदर्शन सभी को मिल सके.



















