32 C
Mumbai
Wednesday, September 9, 2026
Home Blog Page 72

बिहार में भी जदयू – भाजपा में छोटे भाई – बड़े भाई का विवाद; किस करवट बैंठेगा ऊंट?

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच छोटे भाई, बड़े भाई के विवाद में गत विधानसभा चुनाव में बहूमत से दूर लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी भाजपा को विपक्ष में बैठने की नौबत आई. गठबंधन में चुनाव जीतने के बाद भी पहले बड़े भाई की भूमिका निभानेवाली शिवसेना ने छोटा भाई बनते ही, चुनाव के बाद युति तोड़ कर राकां, कांग्रेस के सहयोग से सरकार बना ली, लेकिन समान विचारधारा वाली भाजपा को बड़ा भाई मानने से इनकार कर दिया. ऐसा ही कुछ अब बिहार विधानसभा में भी देख्ाने को मिल रहा है.

सीटों के बंटवारे को लेकर फंसा पेंच
बिहार में चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी भले नहीं हुई है लेकिन सियासी सरगर्मी अपने उफान पर है. कहीं सीटों को लेकर दावेदारी है तो कहीं गठबंधन का पेंच फंसा है. कोई अपनी जीती हुई सीट छोड़ने को तैयार नहीं है तो कोई मुश्किल सीटों पर लड़ने से बच रहा है. जिसका जहां वोट बैंक है, उसके आधार पर अपनी जोर आजमाइश कर रहा है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भले कह रहे हैं कि एनडीए में सबकुछ ठीक है लेकिन लोजपा ने जिस तरह का रूख अख्तियार किया है, खासकर के जदयू के खिलाफ उससे लगता है कि कहीं न कहीं सीटों को लेकर पेंच जरूर है. आखिर ऐसा क्यों हैं इसे समझने की कोशिश करते हैं.

2015 में नीतीश ने धुर विरोधी लालू यादव से किया था गठबंधन
दरअसल 2015 का विधानसभा चुनाव कई मायनों में थोड़ा अलग और दिलचस्प था. इस चुनाव में वर्षों के यार जुदा हो गए थे और पुराने धुर विरोधी एक हो गए थे. 20 साल बाद लालू और नीतीश एक साथ मिलकर महा गठबंधन (जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी) के रूप में चुनाव लड़ रहे थे, जबकि दूसरी ओर भाजपा, लोजपा, रालोसपा और हम पार्टी मिलकर उनका मुकाबला कर रही थीं. चुनाव परिणाम घोषित हुए तो महा-गठबंधन को बहुमत मिला, सरकार भी बनी लेकिन दोनों का साथ ज्यादा दिन नहीं चल सका और जुलाई 2017 में नीतीश महा-गठबंधन से अलग होकर फिर से एनडीए में आ गए. इस बार के चुनाव में जदयू, भाजपा, लोजपा और हम पार्टी साथ हैं तो वहीं रालोसपा एनडीए से अलग होकर महा-गठबंधन का हिस्सा हो गई है.

52 सीटों पर भाजपा को दी थी सीधी टक्कर
2015 के पहले जदयू बड़े भाई की भूमिका में होती थी लेकिन इस बार भाजपा छोटे भाई की भूमिका में नहीं रहना चाहती है. राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों दल बराबर- बराबर सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं. अगर इस पर बात बन भी जाए तो मुश्किल यह है कि लोजपा और दूसरी सहयोगी पार्टियों को कितनी सीटें दी जाए.

सीटों का मसला सुलझाना आसान नहीं
अगर सीटों का बंटवारा हो भी जाए तो कौन किस सीट से लड़ेगा, इस मसले को सुलझाना आसान नहीं होगा. क्योंकि पिछले चुनाव में 52 सीटों पर जदयू और भाजपा में सीधी टक्कर यानी यहां दोनों पार्टियां पहले और दूसरे नंबर पर थीं. इनमें से 28 जदयू और 24 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं. 22 सीटों पर तो हार जीत का अंतर 10 हजार से भी कम था. जबकि जदयू और लोजपा 22 सीटों पर आमने- सामने थीं, इनमें से 21 पर जदयू को जीत मिली थी. इस बार लोजपा की पूरी कोशिश है कि उसे कम से कम वो सीटें तो मिले ही जिस पर पिछली बार उसने चुनाव लड़ा था, लेकिन मुश्किल यह है कि जदयू अपनी जीती हुई सीटें इतनी आसानी से कैसे देगी.

2010 में छोटे भाई की भूमिका में थी भाजपा
आखिरी बार 2010 में भाजपा और जदयू एक साथ लड़ी थीं. उस वक्त भाजपा ने 102 और जदयू ने 141 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इनमें से 115 पर जदयू को और 91 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी. पिछली बार रालोसपा एनडीए का हिस्सा थी. लेकिन इस बार वह महा-गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. 2015 में14 सीटों पर रालोसपा का मुकाबला राजद और कांग्रेस के साथ हुआ था. जिसमें से सिर्फ दो सीटों पर रालोसपा को जीत मिली थी. पिछले चुनाव में 8 सीटें ऐसी थीं जहां हार-जीत का अंतर एक हजार से भी कम था. इनमें से तीन राजद को, तीन भाजपा को और एक-एक जदयू और सीपीआई को मिली थी. तरारी सीट पर जीत-हार का अंतर 272 तो चनपटिया सीट पर सिर्फ 464 वोट का अंतर था.

इन 21 सीटों पर भाजपा ही जीतती आई है
अगर हम पिछले कुछ चुनावों को देखें तो कई दिलचस्प आंकड़े सामने आते हैं. कई ऐसी सीटें हैं जहां एक ही पार्टी लंबे समय से चुनाव जीत रही है तो कई ऐसी सीटें हैं जहां लंबे वक्त से किसी पार्टी को जीत नसीब नहीं हुई है. कुम्हरार, बनमनखी और गया टाउन, ये तीन सीटें भाजपा की गढ़ रही हैं. यहां भाजपा 1990 से चुनाव जीत रही है. वहीं बांकीपुर, दानापुर और पटना साहिब सीट पर भाजपा 1995 से जीत रही है. रामनगर, हाजीपुर, चनपटिया और रक्सौल सीट पर भाजपा 2000 से हारी नहीं है. इसके अलावा 11 ऐसी सीटें जहां भाजपा 2005 से लगातार जीत रही है. इस तरह कुल 243 सीटों में 21 पर भाजपा 15 या उससे ज्यादा साल से लगातार जीत रही है. जदयू की बात करें तो वह 17 सीटों पर 2005 से लगातार चुनाव जीत रही है. इनमें लौकहा, त्रिवेणीगंज,जोकिहाट, सिंघेश्वर और महाराजगंज जैसी सीटें शामिल हैं. हालांकि आंकड़ों के इस मुकाबले में कांग्रेस और राजद के हिस्से में कुछ खास नहीं है. कांग्रेस सिर्फ एक सीट (बहादुरगंज) पर तो राजद दरभंगा ग्रामीण और मनेर सीट पर 2005 से जीत रही है. इन आंकड़ों को देखें तो 28 सीटों पर भाजपा-जदयू लगातार 15 साल से जीतती आ रही है. इनमें से पिछली बार 10 सीटों पर दोनों आमने-सामने थीं. जिसमें से 3 पर भाजपा और 7 सीटों पर जदयू को जीत मिली थी.

इस देश में सभी नागरिकों को मुफ्त में मिलेगा कोविड-19 का टीका

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कोविड19 के टीके को लेकर अपनी योजना का खुलासा करने के साथ इस पर काम भी शुरू कर दिया है. इसके तहत देश के सभी नागरिकों को टीका मुफ्त में मिलेगा. खास बात यह है कि टीके का वितरण जनवरी माह की शुरुआत में होने की बात इस योजना में कही गई है. अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग और रक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से बुधवार को इस योजना से जुड़े दो दस्तावेजों को जारी किया है. इनमें कोरोनो वायरस महामारी के बीच ट्रंप प्रशासन की वैक्सीन वितरण रणनीति को रेखांकित किया गया है.
_ अभी सीमित मात्रा में उपलब्ध है वैक्सीन
एचएचएस सचिव एलेक्स अजार ने कहा कि हम दूसरे राज्यों और स्थानीय स्वास्थ्य साझीदारों के साथ भी काम कर रहे हैं ताकि अमेरिका में हर किसी को कोरोना वैक्सीन मिल सके. अमेरिकी लोगों को पता होना चाहिए कि विज्ञान और डाटा की मदद से वैक्सीन बनाने की प्रकिया शुरू की गई थी. बयान जारी होने बाद प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि अभी सीमित मात्रा में ही वैक्सीन उपलब्ध है और पूरा ध्यान स्वास्थ्य कर्मियों, आवश्यक कार्यों में लगे दूसरे कर्मचारियों और वंचितों की सुरक्षा पर है.
वैक्सीन के वितरण में पेंटागन भी सक्रिय रूप से शामिल होगा. नागरिक स्वास्थ्य कर्मी ही वैक्सीन का टीका लगाएंगे. अजार ने बयान में कहा कि ऑपरेशन वार्प स्पीड के तहत हम महीनों से इस पर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को कोरोना वैक्सीन का प्रभावी टीका उपलब्ध कराया जा सके और जो तमाम मानकों पर भी खरा उतरे.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता ने जहर खा कर की आत्महत्या

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
दिल्ली पानीपत हाई वे पर आम आदमी पार्टी (आप) के नेता निशांत तंवर ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली है. तंवर की अर्ध नग्न लाश पुलिस को मिली थी. पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.
जानकारी के अनुसार दिल्ली-पानीपत हाईवे पर कार में एक युवक ने जहर निगल लिया. वह कार के पास अर्द्धनग्न हालत में बेसुध पड़ा था. लोगों ने पुलिस को सूचना दी और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो शव की पहचान दिल्ली के नारायणा निवासी निशांत तंवर के रूप में हुई.

यूट्यूब देख कर भाई बहन ने छापे नकली नोट, पहुंचे सलाखों के पीछे

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
यूट्यूब पर देखकर जाली नोट छापकर उसे बाजार में चलाने की कोशिश करनेवाले भाई – बहन को पिंपरी चिंचवड़ पुलिस की क्राइम ब्रांच के यूनिट 1 ने गिरफ्तार किया है. उनके पास से सौ रुपये के 34 जाली नोट, प्रिंटर और कागज की रिम आदि कुल 34 हजार रुपए का माल बरामद किया गया है. गिरफ्तार भाई-बहन के नाम सुनीता प्रदीप रॉय (22) और दत्ता प्रदीप रॉय (18, दोनों निवासी उत्तम नगर, घोटावडे फाटा, पुणे) हैं. उन्होंने झटपट पैसे कमाने के उद्देश्य से यूट्यूब पर जाली नोट छापने का वीडियो देखा और नोट छाप कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश की, ऐसा पुलिस की जांच में सामने आया है.
_ पकड़े जाने पर लड़की ने किया बेहोशी का नाटक और भाग निकली
क्राइम ब्रांच यूनिट 1 के पुलिस निरीक्षक उत्तम तांगड़े ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, शॉर्टकट में पैसे कमाने के लिहाज से आरोपी भाई- बहन ने उत्तमनगर के एक घर में जाली नोट छापे. उसमें सटीकता लाने के लिए उन्होंने यूट्यूब के वीडियो का सहारा लिया और इस बार 100 रुपए के 34 नोट छापे. इन नोटों को बाजार में खपाने के इरादे से संगीता अपने भाई के साथ भोसरी के सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने आयी थी. उसने एक जाली नोट एक विक्रेता को देने की कोशिश की, मगर विक्रेता ने तुरंत नोट की पहचान की और परिसर के लोगों ने महिला को पकडकर जमकर धुलाई की. बेहोश होने का नाटक कर संगीता किसी तरह से वहां से भाग निकली. हालांकि उसके भाई को लोगों ने पकड़े रखा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया.
घर पर ही कलर प्रिंटर पर छाप रहे थे नकली नोट
क्राइम ब्रांच यूनिट 1 के कर्मचारी गणेश सावंत को इस घटना की जानकारी मिली. इसके बाद तुरतं 2 टीम तैयार की गई और महिला की खोज के लिए भेजा गया. कुछ घंटों में उन्हें संगीता को पकड़ने में सफलता भी मिल गई. इसके बाद पुलिस संगीता के घर तलाशी लेनेे लिए उत्तमनगर पहुंची. उनके घर से पुलिस को 100 रुपयों के 34 और अन्य जाली नोटों समेत प्रिंटर और कागज ऐसा कुल 34 हजार 210 रुपयों का माल बरामद हुआ. उन्होंने पुलिस को बताया कि यूट्यूब वीडियो देखकर उन दोनों ने कलर प्रिंटर द्वारा जाली नोटों की छपाई की थी और उसे मार्केट में अपने भाई की मदद से चलाती थी. ये भाई-बहन जल्द ही दो हजार के जाली नोट बनाने की कोशिश करनेवाले थे. हालांकि वक्त रहते दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को भोसरी पुलिस के हवाले कर दिया है.

बाजार पूंजीकरण में अपना ही रिकॉर्ड रिलायन्स ने रचा इतिहास

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने बुधवार को फिर इतिहास रच दिया है. एक स्टार्टअप के रूप में शुरू की गई रिलायंस आज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है. रिलायंस का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार के दौरान 16 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार चला गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी का शेयर 2.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,368 रुपये पर पहुंच गया. यह इसका सर्वकालिक उच्च स्तर है. अंत में यह 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 2,324.90 रुपये पर बंद हुआ और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 15.33 लाख करोड़ पर पहुंच गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में पिछले छह महीने से कम समय में 173 फीसदी से ज्यादा तेजी आ चुकी है.
अपना ही रिकॉर्ड तोड़ती आई है रिलायंस
  • 18 अक्तूबर 2019 में रिलायंस नौ लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण वाली कंपनी बन गई थी. यह भारत की पहली कंपनी थी जिसका बाजार पूंजीकरण नौ लाख करोड़ रुपये हुआ था.
  • 28 नवंबर 2019 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ के पार चला गया था. जबकि उससे पिछले सप्ताह कंपनी की हैसियत 9.50 लाख करोड़ रुपये थी.
  • देश के दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी का बाजार पूंजीकरण 19 जून 2020 को 11 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया. तब मुकेश अंबानी ने कच्चा तेल से लेकर दूरसंचार तक विस्तृत क्षेत्रों में कारोबार करने वाली अपनी कंपनी के शुद्ध रूप से ऋण-मुक्त होने की घोषणा की थी, जिसके बाद कंपनी का हैसियत में 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी.
  • इसके बाद छह जुलाई 2020 को RIL ने फिर इतिहास रचा. तब शेयरों में भारी उछाल से इसकी बाजार हैसियत 26,150.05 करोड़ रुपये बढ़कर 11.5 लाख करोड़ के पार यानी 11,59,318.60 करोड़ रुपये हो गई.
  • 13 जुलाई 2020 में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 12 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का बाजार पूंजीकरण बीएसई पर 38,163.22 करोड़ रुपये बढ़कर 12,29,020.35 रुपये पर पहुंच गया था.
22 जुलाई 2020 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा और 13.17 लाख करोड़ रुपये (176.4 अरब डॉलर) पर पहुंच गया. तब फोर्ब्स की अमीर व्यक्तियों की वास्तविक समय पर जारी की जाने वाली सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी 75 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ पांचवें पायदान पर आ गए थे. 24 जुलाई 2020 को रिलायंस ने फिर इतिहास रचा. कारोबार के दौरान रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 14 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के पार चला गया था. कंपनी के शेयरों में तेजी के चलते उसने इस मुकाम को हासिल किया था.

भोपाल में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में आया रजा मुराद का नाम, बने सरकारी गवाह

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
बुलंद आवाज के धनी और अपने जमाने के नामी खलनायक रजा मुराद नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में सरकारी गवाह बन गए है. मुंबई में पुलिस के सामने उन्होंने अपने बयान में इस बात से साफ इनकार किया है कि भोपाल के प्यारे मियां से उनका कोई संबंध नहीं है. वे न तो उसे जानते हैं, न उससे कभी मिले हैं. दरअसल मशहूर फिल्म कलाकार रजा मुराद प्यारे मियां के फर्जीवाड़े के लपेटे में आ गए हैं. प्यारे मियां ने जो फर्जी सोसायटी बनाई थी, उसके 8 सदस्यों में रज़ा मुराद का नाम भी शामिल है.
_ रजा मुराद ने दर्ज कराया बयान
इस मामले में बुधवार को रजा मुराद ने श्यामला हिल्स थाने में प्यारे मियां पर दर्ज धोखाधड़ी के केस में अपना बयान दर्ज कराया. इस केस में पुलिस ने उन्हें सरकारी गवाह बनाया है. रजा मुराद ने अपने बयान में कहा कि मेरी प्यारे मियां साहब से कभी मुलाकात नहीं हुई है और न उनसे कोई संबंध रहा है. उन्होंने अपनी सोसायटी में जो रजा नाम लिखा था, वो अधूरा दस्तखत है. मैं अपने सिग्नेचर अंग्रेजी में करता हूं, मेरी पहचान रजा से नहीं है, मेरा पूरा नाम रजा मुराद है इसी नाम से मेरी पहचान है.
_ प्यारे मियां की फर्जी सोसाइटी में सिर्फ रजा नाम का जिक्र
प्यारे मियां ने उस सोसाइटी में फर्जी तरीके से रजा मुराद के जाली साइन किए थे और उसमें सिर्फ रजा नाम लिखा था. रजा मुराद के मुताबिक उनका भोपाल के अंसल अपार्टमेंट में एक फ्लैट है लेकिन वो इसमें वह कभी रहे नहीं है. मगर यहां फ्लैट होने के कारण वो अपार्टमेंट की मुख्य सोसाइटी लेक-व्यू एन्क्लेव वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी के सदस्य हैं. प्यारे मियां ने इसी की आड़ में फर्जी सोसाइटी बनायी है, लेकिन वो उसमें वह कभी सदस्य नहीं रहे. रजा मुराद ने कहा कि उनकी कभी भी प्यारे मिया से मुलाकात नहीं हुई है और उनका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है.
_ नशे में बेहोशी की हालत में मिली थी लड़कियां
बता दें कि प्यारे मियां के फ्लैट से नाबालिग लड़कियां नशे की हालत में मिली थी जिन्हें चाइल्ड लाइन को सौंपा गया था. काउंसलिंग के बाद पूछताछ में उन्होंने यौन शोषण किए जाने का खुलासा किया था. प्यारे मिया और उसके महिला साथी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत 376 (बलात्कार), और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

फॉरवर्ड लोकेशंस पर की बचकानी हरकत, पंजाबी गाने बजा कर जवानों का ध्यान भटकाने की कोशिश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
भारतीय जवानों के हौसले के सामने घुटने टेकनेवाला चीन अब बचकानी हरकतों पर उतर आया है. चीन लद्दाख में बॉर्डर पर लाउडस्पीकर लगाकर पंजाबी गाने बजा रहा है. ऐसा वह इसलिए कर रहा है, तांकि भारतीय जवानों का ध्यान भटके और वह अपनी चाल में कामयाब हो जाए. न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक चीन ने लाउडस्पीकर फिंगर-4 इलाके की उन फॉरवर्ड पोस्ट पर लगाए हैं जो 24 घंटे भारत की निगरानी में हैं. चीन के इस कदम की 2 वजह हो सकती हैं. पहली यह कि चीन भारतीय जवानों का ध्यान भटकाने के लिए ड्रामा कर रहा हो. दूसरी यह कि चीन वाकई तनाव कम करना चाहता हो, हालांकि इसकी उम्मीद कम है.
_ सीमा पर 20 दिन में 3 बार हवाई फायर की घटनाएं
पूर्वी लद्दाख में एक-दूसरे को चेतावनी देने के लिए भारत-चीन के जवानों के बीच पिछले 20 दिन में 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं. आखिरी बार 8 सितंबर को दोनों तरफ से 100-200 राउंड फायर हुए थे. सीमा पर जारी तनाव के बीच दोनों देशों के बीच कॉर्प्स कमांडर लेवल की मीटिंग होनी है, लेकिन चीन की तरफ से अभी तक तारीख और समय कंफर्म नहीं हुआ है.
कारगिल युद्ध की विजेता बोफोर्स तोपों को तैयार कर रही सेना
पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव बढ़ने के साथ ही सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव की आशंका को देखते हुए सेना ने तैयारी शुरू कर दी है. भारतीय सेना बोफोर्स होवित्जर तोपें तैनात करने की तैयारी भी कर रही है. इन तोपों ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ करगिल का युद्ध जिताया था.
समझौते तोड़ घुसपैठ की कोशिश
भारत-चीन के बीच आर्मी और डिप्लोमेटिक मीटिंग्स का दौर अप्रैल-मई से ही चल रहा है, लेकिन चीन बार-बार समझौते तोड़ घुसपैठ की कोशिश करता है. सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड में चीन ने तिनकार-लिपु पास के करीब हट जैसे स्ट्रक्चर खड़े किए हैं. जोजो गांव और चंपा मैदान के जनरल एरिया में भी चीन कंस्ट्रक्शन कर रहा है.

उमर खालिद ने कबूला, ‘सुनियोजित थे दिल्ली के दंगे’ पुलिस को मोबाइल से मिला 40 जीबी डेटा

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार जेएनयू का पूर्व छात्र उमर खालिद ने स्वीकार किया है कि दिल्ली के दंगों को पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था और इन दंगों की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए उमर खालिद से पूछताछ में ये बात सामने आई है. पुलिस ने उमर खालिद के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट मंगा ली है और उसका विश्लेषण कर रही है. उमर खालिद के मोबाइल से 40 जीबी डेटा दंगों से संबंधित मिला है.

10 दिन की रिमांड पर है उमर खालिद
स्पेशल सेल ने उमर खालिद को दस दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है. पुलिस को जांच में पता लगा है कि उमर खालिद दिसंबर 2019 से ही सीएए व एनसीआर के विरोध में दंगों की साजिश रचने में जुट गया था. लोगों को उसका समर्थन मिला तो उसका हौसला बढ़ता चला गया. जांच में ये भी पता लगा है कि उमर खालिद ने पूर्वी दिल्ली में कई धरना स्थलों पर भड़काऊ भाषण दिया था. उससे प्रदर्शनकारी इसके उकसावे में आ गए थे.

_ व्हॉट्सअप ग्रुप के माध्यम से तैयार की दंगे की भूमिका
उमर खालिद कई व्हाट्स एप ग्रुप से भी जुड़ा हुआ था. वह ग्रुप के माध्यम से दंगों की भूमिका तैयार कर रहा था. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाल ही में जो पूरक आरोपपत्र तैयार किया है, उनमें पिंजरा तोड़ की सदस्यों ने उमर खालिद की साजिश के बारे में काफी खुलासा किया है. पुलिस ने पूरक आरोपपत्र में कहा है कि उमर खालिद व राहुल राय के कहने पर ऐसी जगहों को धरना-प्रर्दशनों के लिए चुना गया, जहां लोगों को आवागमन ज्यादा रहता है.

_ उमर खालिद के कहने पर ही धरना स्थलों पर महिलाओं का जमावड़ा
ऐसे हालत पैदा कर दिए गए थे कि आम लोगों में टकराव हो और दंगे भड़क जाएं. उमर खालिद के कहने पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा धरना स्थलों पर एकत्रित किया गया था, ताकि पुलिस बल का प्रयोग न करे.

377 वोट हासिल कर योशिहिदे सुगा बने जापान के नए प्रधानमंत्री

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पिछले दिनों शिंजो आबे द्वारा स्वास्थ्य कारणों से प्रधानमंत्री पद से त्याग पत्र देने के बाद अब योशिहिदे सुगा जापान के नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं. सुगा के लिए प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने का रास्ता सोमवार को ही साफ हो गया था. जब उन्हें जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेता चुना गया. उन्होंने बेहद ही आसानी से आंतरिक वोट में जीत हासिल की. सुगा को 534 में 377 वोट हासिल हुए. इस तरह उन्होंने अपने दो प्रतिद्वंदियों पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा और पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा के खिलाफ जीत हासिल की थी.
_ आबे के पदचिन्हों पर चलनेवाले नेता के रूप में पहचान
एक शक्तिशाली सरकारी सलाहकार और प्रवक्ता 71 वर्षीय सुगा को देश में स्थिरता लाने और आबे की नीतियों को जारी रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है. उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि उनकी उम्मीदवारी प्रधानमंत्री आबे के कार्यक्रमों को जारी रखने की इच्छा से प्रेरित थी.
_ किसान के बेटे हैं सुगा
एक किसान के बेटे सुगा का पालन-पोषण जापान के उत्तरी अकिता क्षेत्र में हुआ था. सुगा को लेकर माना जाता है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या ह्रास का मुद्दा है, जिसपर वह प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कार्य कर सकते हैं. प्रधानमंत्री के रूप में वह बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना करेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस से निपटने और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से खड़ा रखना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरेगा.

बीकानेर में ट्रक – कार की भीषण टक्कर में भाजपा नेता की मौत

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान के बीकानेर में एक ट्रक ने भाजपा नेता की कार को सामने से टक्कर मार दी. इस भीषण भिड़ंत में वरिष्ठ भाजपा नेता सहीराम दुसाद की मौत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. बड़ी मशक्कत के बाद घायल भाजपा नेता को बाहर निकाला गया.  घटना के बाद कार चालक फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और फिर नेता को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई.
सहीराम कृषि उपज मंडी में चेयरमैन भी रहे. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने लूनकरणसर से अपनी दावेदारी भी जताई थी. जानकारी के अनुसार, हादसा जामसर थाना क्षेत्र के श्रीगंगानगर हाइवे पर जामसर और जगदेववाला पर हुआ है. यहां सोमवार को दोपहर में कार-ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई जिसमें भाजपा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष सहीराम दुसाद, उनकी मां चिमनादेवी और उनकी चाची कमला देवी गंभीर घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना जामसर टोल प्लाजा के कार्मिक व पुलिस मौके को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को टोल नाके की एम्बुलेंस से पीबीएम अस्पताल के ट्रामा सेंटर भेजा, जहां डॉक्टरों ने सहीराम दुसाद व कमला देवी को मृत घोषित कर दिया.
शवों की पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.दुर्घटना के बाद ट्रक के चालक-खलासी मौके पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गए.फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. वही निधन की खबर लगते ही भाजपा में शोक की लहर है, नेताओं का लगातार ट्रामा सेंटर पहुंचने का सिलसिला जारी है.