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Sunday, August 30, 2026
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काला हिरण मामला: सलमान खान दोषी करार, तब्बू, सैफ़ और सोनाली बरी

सलमान खान
सलमान खान

अमित द्विवेदी | Navpravah.com

वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को दोषी करार दिया गया है।  फिलहाल जोधपुर न्यायालय ने इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों तब्बू, सोनाली बेंद्रे और सैफ अली खान को बरी कर दिया है। इस मामले का फैसला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने दिया।

पिछले दिनों मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि अदालत ने सलमान को छोड़ अन्‍य चार आ‍रोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। गौरतलब है कि इन दिनों सलमान खान बॉलीवुड के कई प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं।

सलमान खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान और जोधपुर के ही रहने वाले दुष्यंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 1 और 2 अक्टूबर 1998 को जोधपुर में देर रात लूणी थाना इलाके के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था। उस समय पेश किए गए गवाहों ने कोर्ट को स्पष्ट बताया था कि सलमान खान ने हिरणों का शिकार किया और बाकी आरोपी जिप्सी में सवार थे।

गवाहों ने यह साफ़ कहा था कि जिप्सी में सवार आरोपियों ने सलमान खान को हिरन का शिकार करने के लिए उकसाया। बयान के मुताबिक़, गोली की आवाज सुनकर सभी गाववाले वहां एकत्र हो गए थे। गांव वालों के आने के बाद सलमान वहां से गाड़ी लेकर भाग गए थे और दोनों हिरण वहीं पड़े थे।

जानकारी के मुताबिक़, जोधपुर में चार मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से तीन मामले हिरण शिकार के और एक अवैध हथियार रखने के लिए दर्ज किया गया था। इनमें से दो मामलों पर सलमान को कोर्ट ने सजा सुनाई थी और उन्हें जेल जाना पड़ा था। वहीं अवैध हथियार रखने के मामले में कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था।

गर्मी में गुलकंद के सेवन करने से होते हैं, ये फायदे

गुलकंद
गुलकंद

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आप सभी ने कभी ना कभी गुलकंद तो ज़रूर खाया होगा। इसका स्वाद सभी को पसंद आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही गुलकंद आपके स्वास्थ्य को कई फायदे देता है।

गुलकंद को गुलाब की पत्तियों और शक्कर की मदद से बनाया जाता है। यह हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करता है इसलिए यह गर्मी से संबंधित कई समस्याएं जैसे थकान। सुस्ती, खुजली आदि में उपयोग किया जाता है।

गर्मियों में गुलकंद डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करता है। गर्मियों में गुलकंद खाने से शरीर में ताजगी आती है और पानी की कमी भी भी दूर होती है। इसलिए गर्मी मे गुलकंद का सेवन अवश्य करें।

अगर मुंह में छाले हो गए है तो दिन में दो बार गुलकंद खाए। ये पेट में जाकर ठंडक पहुंचाता हैं और छालों पर मरहम का काम करता हैं।

शरीर की हडडियों को मजबूती प्रदान करने में भी गुलकंद लाभकारी है। गुलाब में प्राकृतिक रूप से विटामिन सी पाया जाता है जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है। जोड़ों या हड्डियों के दर्द होने पर आप गुलकंद खाएं जो आपके शरीर को आराम देगा।

गुलकंद खाने से शरीर को ठंड़क मिलती है

 रोजाना इसके सेवन से लू और तपती गर्मी के कारण होने वाली सेहत संबंधी दिक्कतों से बचा जा सकता है। सुबह शाम दूध के साथ 1 चम्मच गुलकंद खाने से दिमाग तेज होता है और इससे गुस्सा भी नहीं आता।

पाक ने दो महीनों में 633 बार किया सीजफायर का उल्लंघन

सीजफायर
सीजफायर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने आज राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि, पाकिस्तान ने वर्ष 2018 में जनवरी तथा फरवरी के दौरान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 432 बार और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 201 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है।

वर्ष 2017 में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर 860 बार और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 111 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है और जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच नवंबर 2003 में संघर्ष विराम हुआ था।

अहीर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि वर्ष 2002 में संघर्षविराम उल्लंघन की सर्वाधिक 8,376 घटनाएं और वर्ष 2003 में ऐसी 2,045 घटनाएं होने की खबर है।

इससे पहले सरकार ने कल कहा था कि जम्मू-कश्मीर में विध्वंसक गतिविधियों के लिए पाकिस्तान कुछ प्रमुख अलगाववादी नेताओं को वित्तीय मदद और निर्देश देता है और उन्होंने कहा। कुछ प्रमुख अलगाववादी नेताओं के पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादियों के संपर्क में रहने की बात सामने आई है।

डाटा लीक मामले में वाइली का नया खुलासा, भारत में भी था कैम्ब्रिज एनालिटिका का कार्यालय

विसलब्लोअर वाइली
विसलब्लोअर वाइली

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा लीक मामले में भारत में बवाल मचा हुआ है। इस बीच, डेटा लीक मामले का खुलासा करने वाले विसलब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने दावा किया है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका की क्लायंट शायद कांग्रेस पार्टी भी थी।

एनालिटिका वाइली ने कहा, कंपनी भारत में बड़े पैमाने पर काम करती थी और शायद इसकी क्लायंट कांग्रेस पार्टी भी थी। उसने कहा कि भारत में कंपनी का एक दफ्तर भी था।

वाइली ने दावा किया, मैं मानता हूं कि कांग्रेस कंपनी की क्लायंट थी। लेकिन मुझे पता है कि वे सभी प्रकार के प्रॉजेक्ट लेते थे। मुझे कोई नैशनल प्रॉजेक्ट याद नहीं है। लेकिन मुझे क्षेत्रीय प्रॉजेक्ट याद हैं।

वायली के इस बयान के बाद बीजेपी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, राहुल गांधी एक्सपोज हो गए हैं। कांग्रेस ने कैम्ब्रिज एनालिटिका की सर्विस का यूज किया है। क्या कांग्रेस जीत के लिए इतना गिर गई है। वैसे भी कैम्ब्रिज एनालिटिका के सर्विस लेने पर बीजेपी और कांग्रेस में पिछले कई दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने रविशंकर प्रसाद के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कानून मंत्री प्रसाद लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, कानून मंत्री टीवी के माध्यम से इल्जाम लगाकर भाग जाते हैं। अघर उनके पास सबूत हैं तो वह ऐक्शन लें, हम डरने वाले नहीं हैं।

इन दिनों फेसबुक डेटा लीक के कारण विवादों में घिर गया है। दावा किया जा रहा है कि फेसबुक पर करीब 5 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारियां लीक हुईं जिसका फायदा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के लिए काम कर रही फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने उठाया।
बता दें कि, कैम्ब्रिज एनालिटिका अमेरिका की एक बिग डेटा अनैलेसिस फर्म है। यह चर्चा में तब आई जब इसने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डॉनल्ड ट्रप के लिए काम किया। 2016 में अमेरिकी चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप की अप्रत्याशित जीत का श्रेय कैम्ब्रिज एनालिटिका को भी दिया गया था।

भूख हड़ताल के दौरान ऐश करते नज़र आए AIADMK नेता

भूख हड़ताल
भूख हड़ताल

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.

एआईएडीएमके के लिए शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई है। एआईएडीएमके के नेता केंद्र द्वारा कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन नहीं करने के विरोध में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे थे।

लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे AIADMK के नेता और कार्यकर्ता पार्टी करते नजर आए। मीडिया के कैमरों में कैद हुई तस्वीरों में वेल्लोर में एआईएडीएमके के कुछ नेता बिरयानी खाते दिख रह हैं। जबकि कोयंबटूर और सलेम में पार्टी के कई नेता शराब तक पीते नजर आए।

मरों में कैद हुई तस्वीरों में वेल्लोर में एआईएडीएमके के कुछ नेता बिरयानी खाते दिख रह हैं। जबकि कोयंबटूर और सलेम में पार्टी के कई नेता शराब तक पीते नजर आए।

एआईएडीएमके ने कल सुबह 8 से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर नेताओं की ये करतूत वायरल हो रही है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ये नेता अनशन के नाम पर जम कर खाना पीना खा रहे थे। इस भूख हड़ताल में मुख्यमंत्री पलानीस्वामी और डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम भी शामिल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लोग केंद्र सरकार से कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन इन नेताओं ने लोगों की भावनाओं की परवाह नहीं की और भूख हड़ताल के नाम पर मस्ती करने लगे।

एआईएडीएमके के एक दिन के अनशन के अलावा कल कई मजदूर संगठनों ने एक दिन के तमिलनाडु बंद का भी आह्वान किया था। इसकी वजह से पूरे तमिलनाडु में लगभग 21 लाख दुकानें बंद थी।

इस नेक काम को लेकर फिर चर्चा में हैं वीरेंद्र सहवाग

सहवाग
सहवाग

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं। अपने ट्वीट्स से फैन्स को हंसाने के साथ-साथ सहवाग सामाजिक मुद्दों को लेकर भी ट्वीट करते रहते हैं।

कुछ वक्त पहले केरल में एक आदिवासी युवक की हत्या को लेकर सहवाग ने एक ट्वीट किया था। जिसके बाद उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

एएनआई के अनुसार, एक्टिविस्ट राहुल ईस्वर ने इस बात पर मुहर लगाई है कि उन्हें पूर्व भारतीय खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग की तरफ से 1.5 लाख रुपए का चेक मिला है।

यह 1.5 लाख रुपए का चेक उस आदिवासी युवक की मां के लिए है। जिसकी हत्या केरल के पलक्कड़ में इसी साल की गई थी। ईस्वर यह चेक 11 अप्रैल को मधु की मां को देंगे।

मधु की हत्या पलक्कड़ के अट्टापदी गांव में कुछ लोगों ने की थी। मधु पर एक दुकान से चावल चुराने का आरोप लगा था। यह घटना 22 फरवरी को हुई थी। मधु को बांध कर घंटों टॉर्चर किया गया था।

इस मामले में सहवाग ने ट्वीट किया था कि, यह सभ्‍य समाज के लिए कलंक की तरह है। उनके इस ट्वीट के बाद काफी बवाल हो गया था। जिसके बाद सहवाग को ट्वीट डिलीट करना पड़ा था और माफी भी मांगनी पड़ी थी।

मॉनसून का पहला अनुमान जारी, समय पर बारिश होने की संभावना

मॉनसून
मॉनसून

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.cor

इस साल देश में मानसून सामान्य रहेगा। मौसम की जानकारी देने वाली निजी एजेंसी स्काईमेंट ने मॉनसून का पहला अनुमान जारी कर दिया है। स्काईमेट को मुताबिक, इस साल देश में मॉनसून सामान्य रहने की संभावना है।

स्काईमेट के अनुसार, इस साल जून-सितंबर के बीच 100 फीसदी मॉनसून का अनुमान है, यही नहीं इस बार बारिश की शुरुआत भी समय पर होगी। इस बार सूखा पड़ने की संभावना भी जीरो फीसदी है।

स्काईमेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि इस साल सामान्य से कम बारिश होने की संभावना सिर्फ 20 फीसदी है। सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना भी 20 फीसदी और भारी बारिश की संभावना 5 फीसदी है।

स्काईमेट के अनुसार, इस साल जून-सितंबर के बीच 100 फीसदी मॉनसून का अनुमान है। पूरे सीजन के लिए 96 से 104 फीसदी बारिश होने की संभावना 55 फीसदी है।

उत्तर भारत की बात करें तो वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, शिमला, मनाली, देहरादून, श्रीनगर सहित पूर्वी यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू एंड कश्‍मीर के इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश की उम्मीद है।

CBSE पेपर लीक में सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दी

CBSE
CBSE

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीएसई पेपर लीक में दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दीं हैं। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि परीक्षा के बारे में फैसला CBSE का अधिकार है।

इससे पहले कल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फैसला किया कि सीबीएसई की 10वीं कक्षा की गणित विषय की दोबारा परीक्षा नहीं कराई जाएगी। सीबीएसई ने कहा कि 10वीं कक्षा स्कूली शिक्षा प्रणाली का आंतरिक भाग भर है।

शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा था कि, सीबीएसई की 10वीं कक्षा का गणित का पर्चा लीक होने की सूचनाओं के प्राथमिक विश्लेषण के बाद तथा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने फिर से परीक्षा नहीं करवाने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा था कि, यह परीक्षा दिल्ली एनसीआर और हरियाणा राज्यों में भी नहीं होगी। ऐसे में 10वीं कक्षा के लिए कोई पुन: परीक्षा नहीं होगी। बाद में सीबीएसई ने एक बयान में कहा, “10वीं कक्षा की परीक्षाएं 11वीं कक्षा के लिए प्रवेश द्वार होती हैं और इसलिए मोटे तौर पर स्कूली शिक्षा का आंतरिक भाग बनी रहती है।”

केंद्र ने इस साल से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं फिर से शुरू की है और सतत समग्र मूल्यांकन की व्यवस्था खत्म कर दी है।सरकार को लगा था कि सीसीई की वजह से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चुप क्यों हैं पीएम

राहुल गाँधी
राहुल गाँधी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

राहुल ने आज कर्नाटक में अपने पांचवें चरण की यात्रा के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह दलितों एवं आदिवासियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और अजा/ अजजा( अत्याचार निवारण) अधिनियम को‘ शिथिल’ बनाए जाने जैसे मुद्दों पर एक भी शब्द क्यों नहीं बोल रहे हैं।

राहुल ने कहा, रोहित वेमुला की हत्या हो जाती है। गुजरात में दलितों को पीटा जाता है लेकिन प्रधानमंत्री इस पर एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में वृद्धि हुई है और पीएम चुप हैं।

राहुल ने सीबीएसई के प्रश्न पत्र के लीक होने और कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों के‘ लीक’ होने को लेकर भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इन मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री चुप रहे हैं।

इस मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा की तैयारी को लेकर एक किताब भी लिखी थी और इस संबंधों में बच्चों को दो घंटे का व्याख्यान भी दिया था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बच्चों ने उनके सुझावों को गंभीरता से लिया और अपने माता- पिता की मदद से परीक्षा की तैयारी की लेकिन जब वे परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि प्रश्न पत्र के लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गयी है।

राहुल ने आगे कहा कि, ऐसा लगता है कि आरएसएस ने मोदी को यह सिखाया है कि उन्हें भाषण देने पर अधिक जोर देना चाहिए। आरएसएस ने उन्हें खड़ा होना, लाठी पकड़ना,निकर पहनना और झूठ बोलना सिखाया है।

SC-ST एक्‍ट पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देने से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम को कमजोर करने वाले अपने फैसले पर आज रेाक लगाने से इंकार कर दिया है। अदालत ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों से 3 दिन में राय मांगी है।

इस मामले की अगली सुनवाई 10 द‍िन बाद होगी। हालांकि अदालत ने इस केस में केंद्र की याचिका स्‍वीकार कर ली है। आज दोपहर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की दलीलों को सुनते सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्‍पणी करते हुए कहा कि हम एससी/एसटी एक्‍ट के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन किसी बेकसूर को सजा नहीं मिलनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते एससी/एसटी एक्‍ट पर शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसले के चलते जैसे देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। हजारों लोग सड़क पर हैं। इसके मद्देनजर इस आदेश पर रोक लगाई जाए।

इस मामले में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि, सरकार पूरी क्षमता के साथ सर्वोच्च न्यायालय में इस मुद्दे पर बहस करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार हमेशा से उपेक्षित वर्ग के समर्थन में रही है और भाजपा ने ही देश को दलित राष्ट्रपति दिया है।

बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को आदेश दिया था कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अंतर्गत आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करना जरूरी नहीं होगा। प्राथमिक जांच और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बाद ही दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।