31 C
Mumbai
Monday, August 31, 2026
Home Blog Page 568

मलाला यूसुफजई की जिंदगी की कहानी का पहला मोशन पोस्टर हुआ रिलीज

मलाला यूसुफजई
मलाला यूसुफजई

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

नोबल पुरस्‍कार व‍िजेता मलाला यूसुफजई की बायोप‍िक ‘गुल मकई’ का फर्स्‍ट लुक पोस्‍टर र‍िलीज कर द‍िया गया है। लंबे समय से ‘गुल मकाई’ की तैयारी चल रही है। पिछले साल फिल्म का फर्स्ट लुक रिलीज किया गया था। जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस फिल्म में टीवी शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में नायरा का किरदार निभा चुकी चाइल्ड एक्ट्रेस रीम शेख मलाला युसुफजई के किरदार में नजर आएंगी। बतौर लीड रोल रीम शेख की यह बॉलीवुड डेब्यू फिल्म है।

खबरों की मानें तो अमजद इस फिल्म के द्वारा मलाला युसुफजई की जिंदगी में हुई कई घटनाओं से लेकर उन्हें मिले नॉवेल पुरस्कार तक के सफर को दिखाएंगे। बात करें फिल्म के मोशन पोस्टर की तो इसमें रीम शेख के हाथ में एक किताब नजर आ रही है।

जिसमें धूंआ निकल रहा है। वहीं पोस्टर के बैकग्राउंड में एक्टर कबीर बेदी की आवाज सुनाई दे रही है। जिसमें वह दर्शकों को मलाला युसुफजई की शख्सियत से परिचित करवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म ‘गुल मकई’ का टीजर जल्द ही रिलीज किया जाएगा ।स फिल्म में दिव्या दत्ता, मुकेश ऋषि, अभिमन्यू सिंह और एजाज खान ने भी काम किया है।

इस फिल्म का निर्देशन अमजद खान ने किया है। ये फिल्म स्वात जिले (पाकिस्तान) से शुरू मलाला की जिंदगी के संघर्ष और कठिनाइयों को दर्शकों के सामने पेश करेगी। आपको बता दें कि तालिबान ने लड़कियों को स्कूल न जाने का फरमान जारी किया था। लेकिन बावजूद इसके उन्होंने लड़कियों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और तालिबान के खिलाफ अपना अभियान चलाया।

उन्होंने 11 साल की उम्र से ही ‘गुल मकई’ नामकी एक डायरी लिखी और तालिबान के खिलाफ अपना अभियान यूं ही जारी रखा। और अक्टूबर, 2012 में स्कूल जाते समय मलाला पर आतंकवादियों ने हमला किया और उन्हें सिर में गोली मारी गई। बुरी तरह से जख्मी मलाला को इलाज के लिए लंदन ले जाया गया जहां वो पूरी तरह से ठीक हो गईं। 2014 में जब मलाला 17 साल की थी तब शांति के लिए उन्हें भारत द्वारा नोबेल प्राइज पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इरफान खान के बाद अब इस एक्‍ट्रेस को हुआ कैंसर, न्‍यूयॉर्क में चल रहा है इलाज

इरफान खान
इरफान खान के बाद अब इस एक्‍ट्रेस को हुआ कैंसर, न्‍यूयॉर्क में चल रहा है इलाज

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

एक्‍टर इरफान खान के बाद अब बॉलीवुड की एक और एक्‍ट्रेस ने खुद को कैंसर होने की बात का खुलासा किया है। अदाकारा सोनाली बेंद्रे कैंसर की बीमारी से गुजर रही हैं। इस बात खुलासा उन्‍होंने अपने ट्व‍िटर अकाउंट पर क‍िया है। सोनाली कैंसर के इलाज के ल‍िए न्‍यूयॉर्क रवाना हो चुकी हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे पिछले कई सालों से लाइमलाइट से दूर हैं। उन्‍हें सरफरोश, हम साथ-साथ हैं और लज्जा जैसी चर्चित फिल्मों में यादगार अभिनय के ल‍िए जाना जाता है।

View this post on Instagram

Sometimes, when you least expect it, life throws you a curveball. I have recently been diagnosed with a high grade cancer that has metastised, which we frankly did not see coming. A niggling pain led to some tests, which led to this unexpected diagnosis. My family and close friends have rallied around me, providing the best support system that anyone can ask for. I am very blessed and thankful for each of them. There is no better way to tackle this, than to take swift and immediate action. And so, as advised by my doctors, I am currently undergoing a course of treatment in New York. We remain optimistic and I am determined to fight every step of the way. What has helped has been the immense outpouring of love and support I’ve received over the past few days, for which I am very grateful. I’m taking this battle head on, knowing I have the strength of my family and friends behind me.

A post shared by Sonali Bendre (@iamsonalibendre) on

सोनाली ने बताया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए वो सभी जरूरी कोशिश कर रही हैं और डॉक्टरों की सलाह ले रही हैं। इन दिनों वो ट्रीटमेंट के लिए न्यूयॉर्क गई हुईं हैं और उनके दोस्त और परिवारवाले इस घड़ी में उनके साथ मौजूद हैं।

सोनाली बेंद्रें ने अपने ट्व‍िटर अकाउंट पर ल‍िखा है क‍ि कई बार ज‍िंदगी आपको ऐसे मोड़ पर ले आती है ज‍िसके बारे में आपने सोचा नहीं होता है। मुझे हाईग्रेड कैंसर डायग्‍नोज हुआ है ज‍िसके बारे में कोई ख्‍याल तक नहीं था। मेरे दोस्‍त और पर‍िवार के लोग साथ हैं और मुझे सहारा दे रहे हैं। इस गंभीर बीमारी के इलाज के ल‍िए मैं न्‍यूयॉर्क में हूं। मैं इस लड़ाई को लड़ने के ल‍िए तैयार हूं।

आप को बता दें, मॉडलिंग के बाद बॉलीवुड की दुन‍िया में आने वाली सोनाली बेंद्र ने 1994 में आई फ‍िल्‍म ‘आग’ से डेब्‍यू क‍िया था। उसके बाद उन्‍होंने कई शानदार फ‍िल्‍में दीं। न‍िरमा वाश‍िंग पाउडर के व‍िज्ञापन से उन्‍हें खूब पहचान म‍िली। सोनाली को वर्ष 2001 में फिल्म ‘हमारा दिल आपके पास है’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के स्टार स्क्रीन पुरस्कार सहित कई पुरस्‍कार म‍िल चुके हैं।

मल्लिका शेरावत का खुलासा, कहा-3 बजे सुबह बुलाते थे डायरेक्टर

मल्लिका शेरावत
अभिनेत्री मल्लिका शेरावत अपने बोल्ड लुक की वजह से ही जानी जाती रही हैं। उन्होंने ऐसी कई फिल्में की हैं जिनमें उनका बोल्ड लुक उभरकर सामने आया था।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

अभिनेत्री मल्लिका शेरावत अपने बोल्ड लुक की वजह से ही जानी जाती रही हैं। उन्होंने ऐसी कई फिल्में की हैं जिनमें उनका बोल्ड लुक उभरकर सामने आया था। लेकिन जितनी वो बोल्ड लुक के लिए जानी जाती हैं, उतनी ही अपनी बेबाक राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं। अब मल्लिका ने कास्टिंग काउच से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया है।

मल्लिका शेरावत ने पीटीआई को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान बताया है कि, ‘मुझे कई प्रोजेक्ट्स से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया क्योंकि अभिनेता कहते थे कि जब तुम उस हीरो के साथ इंटिमेट सीन कर सकती हो तो फिर मेरे साथ क्यों नहीं ? तुम जब यह सब स्क्रीन पर कर सकती हो तो प्राइवेट में क्यों नहीं ? बॉलीवुड में कई अदाकाराओं को इस परेशानी से रोज दो-चार होना पड़ता है।’ये साफ है कि हमारे समाज में महिलाएं किन परिस्थितियों से जूझती हैं।’

मल्लिका ने आगे कहा कि, ‘आदमी अक्सर छूट लेने की कोशिश करते हैं। साथ ही हम जिस तरह का किरदार निभाते हैं उसके लिए भी हमें जज किया जाता है। अगर आप शॉर्ट स्कर्ट पहनती हैं, ऑन स्क्रीन किस कर लेती हैं तो आप एक गिरी हुई महिला हैं जिसके कोई मूल्य नहीं हैं। ऐसे आदमी अक्सर छूट लेने की कोशिश करते हैं। एक ऐसा भी समय था जब निर्देशक मुझे सुबह 3 बजे मिलने बुलाते थे। मैं इन सबके बारे में बात करने से काफी डरती थी कि वो इसके लिए मुझ पर ही दोष लगाएंगे’।

आप को बता दें, मल्लिका शेरावत को आखिरी बार साल 2015 में ‘डर्टी पॉलिटिक्स’ में देखा गया था। इसके बाद से वो किसी भी हिन्दी फिल्म में दिखाई नहीं दी हैं।

इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन का मानना है कि उनकी टीम अच्छा खेल रही थी

इयोन मोर्गन
भारत और इंग्लैंड के बीच शुरू हुई टी20 मैचों की सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, इसमें मैच के हीरो रहे कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी के जाल में उलझाते हुए आधी इंग्लैंड टीम को पवेलियन भेज कर इंग्लैंड कैम्प में हलचल मचा दी थी।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भारत और इंग्लैंड के बीच शुरू हुई टी20 मैचों की सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, इसमें मैच के हीरो रहे कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी के जाल में उलझाते हुए आधी इंग्लैंड टीम को पवेलियन भेज कर इंग्लैंड कैम्प में हलचल मचा दी थी।

इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने स्वीकार किया किट मैच में कुलदीप यादव ने उनके बल्लेबाजों को पूरी तरह से छक्का दिया, मोर्गन ने साथ ही कहा कि अगर मेजबान टीम को भारत को सीरीज में कड़ी टक्कर देनी है तो बाकी मैचों में मेहमान टीम के कलाई के स्पिनरों के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

कुलदीप ने अपने तीसरे ओवर में मोर्गन (07), जानी बेयरस्टा (00) और जो रूट (00) को पवेलियन भेजा जिससे 10 ओवर में बाद एक विकेट पर 95 रन बनाकर बेहद मजबूत स्थिति में दिख रही इंग्लैंड की टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाई।

मोर्गन ने कहा, बेंगलुरू (जब फरवरी 2017 में युजवेंद्र चहल ने 25 रन देकर छह विकेट लिए) में हमने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन वह अलग मैच था, आज का मैच अलग था।

उन्होंने कहा, हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए और संभवत: हमने 30 से 40 रन कम बनाए, मुझे लगता है कि हमारी शुरुआत शानदार थी, कुलदीप ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन हमें पता है कि हम उसका सामना इससे बेहतर कर सकते हैं।

मोर्गन ने अपने बल्लेबाजों से कहा कि वह जोस बटलर से सबक लें जिन्होंने स्पिनरों का सामना काफी अच्छी तरह किया, भारत ने मैच में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा, लोकेश राहुल ने 54 गेंद में नाबाद 101 रन की पारी खेलकर भारत को आसान जीत दिलाई।

उन्होंने कहा, उन्होंने हमारे स्पिनरों को अधिक मौके नहीं दिए, अगर हम मुश्किल मौकों को भुना लेते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था, जैसे क्रिस जोर्डन ने बाउंड्री पर कैच छोड़ा या अगर पारी की शुरुआत में राहुल का प्वाइंट पर कैच पकड़ लिया जाता, तो यह मैच पूरी तरह से अलग होता।

विवेक तंखा ने कहा, दिल्ली की जनता को मिल पायेगा लोकतांत्रिक अधिकार

विवेक तंखा
दिल्ली सरकार के संवैधानिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस न्याय प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेक तंखा ने एक निजी चैनल से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दिल्ली सरकार के संवैधानिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस न्याय प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेक तंखा ने एक निजी चैनल से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि, इस फैसले के बाद सिविल सर्विस पुलिस और भूमि संबंधी मामलों के अलावा अन्य सभी मामलों में दिल्ली की चुनी हुई सरकार को उसी तरह काम करने का अधिकार होगा, जिस तरह का अधिकार देश के अन्य राज्यों की सरकारों को है।

उन्होंने कहा की यह धारणा गलत थी कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने के बाद चुनी गई सरकार और उसके मुख्यमंत्री के अधिकार बहुत सीमित हैं और प्रदेश का सारा प्रशासनिक अधिकार उपराज्यपाल के पास है।

क्या यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के 2016 के फैसले के उलट है ये सवाल के जवाब पर, तन्खा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान में वर्णित उपराज्यपाल और कैबिनेट के अधिकारों की व्याख्या की है, असल में यह एक बीच का रास्ता है, जाहिर है सिविल सर्विस पुलिस और भूमि के मामलों में उपराज्यपाल पहले की तरह ही फैसले लेते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से दूरगामी परिणाम निकलेंगे, दिल्ली के अलावा दूसरे अर्ध राज्यों में भी इस फैसले को नजीर माना जाएगा, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में दिल्ली की जनता को केंद्र में रखा है, क्योंकि संविधान के केंद्र में हम भारत के लोग ही तो हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, दिल्‍ली को पूर्ण राज्‍य का दर्जा नहीं दिया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट
दिल्‍ली में उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिकारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने फैसला दिया।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दिल्‍ली में उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिकारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने फैसला दिया।

जज ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्‍य ही सबसे बड़ा है, चुनी हुई सरकार जनता के लिए जवाबदेह है, संविधान का सम्‍मान करना चाहिए, हम इससे अलग नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संघीय ढांचे में राज्यों को भी स्वतंत्रता है, केंद्र और राज्‍यों को मिलकर काम करना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संघीय ढांचे में राज्यों को भी स्वतंत्रता है।

उन्होंने ककैबिनेट के फैसले को लटकाना ठीक नहीं, विवाद हों तो राष्‍ट्रपति के पास जाना उचित है, इसलिए एलजी-कैबिनेट के बीच मतभेद की स्थिति में राष्‍ट्रपति के पास जाना चाहिए।

जज ने कहा कि, उपराज्‍यपाल दिल्‍ली सरकार की सलाह से काम करें, इसके साथ ही पांच सदस्‍यीय संविधान पीठ में से तीन जजों ने कहा कि दिल्‍ली को पूर्ण राज्‍य का दर्जा नहीं दिया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर केंद्रशासित राज्यों के अलावा देश के तमाम राज्यों की निगाहें भी बनी हुई है, इस संवैधानिक पीठ में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं।

वहीं 4 अगस्त, 2016 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि उपराज्यपाल ही दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं और दिल्ली सरकार एलजी की मर्जी के बिना ना तो कानून बना सकती है और ना ही विधानसभा में इसे पेश कर सकती है।

इलाहाबाद में दिखा हिंदू-मुस्लिम का भाईचारा

हिंदू-मुस्लिम एकता
इस समय इलाहाबाद में कुंभ मेले के तहत सड़क चौड़ीकरण हो रहा है। शहर में चारों तरफ काम लगा हुआ है। इसी बीच हिंदू-मुस्लिम एकता की बेहद अच्‍छी तस्‍वीर देखने को मिली है।


एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

इस समय इलाहाबाद में कुंभ मेले के तहत सड़क चौड़ीकरण हो रहा है। शहर में चारों तरफ काम लगा हुआ है। इसी बीच हिंदू-मुस्लिम एकता की बेहद अच्‍छी तस्‍वीर देखने को मिली है।

संगम नगरी में होने वाले कुंभ के आयोजन के लिए सड़क चौड़ी हो रही है, इसके तहत पुराने इलाहाबाद में कई इमारतें सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं, अब यहां के मुस्लिमों ने कुंभ मेले के लिए इस सड़क चौड़ीकरण का समर्थन करते हुए अपनी मस्जिदों के कुछ हिस्‍सों को तोड़ दिया है।

यह मस्जिदें सरकारी जमीन पर बनी हुई थीं, मुस्लिमों का कहना है कि वे कुंभ मेले के लिए हो रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में पूरा सहयोग देना चाहते हैं इसलिए ऐसा किया है।

इसे लेकर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अधिकारियों को तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हुए हैं, पुराने इलाहाबाद में भी सड़क चौड़ीकरण का काम होना है।

लेकिन यह इलाका बेहद घनी आबादी वाला है, जिन सड़कों का चौड़ीकरण होना है, वहां कुछ मस्जिदें भी मौजूद हैं, जब यहां के मुस्लिमों को पता चला के सड़क चौड़ीकरण का काम कुंभ मेले के लिए होना है तो उन लोगों ने इसका विरोध करने के बजाय पूरा समर्थन किया।

अवैध निर्माण के लिए  BMC ने प्रियंका चोपड़ा को नोटिस भेजा।

प्रियंका चोपड़ा
प्रियंका चोपड़ा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा को अवैध निर्माण के लिए नोटिस भेजा है। अंधेरी वेस्ट स्थित ओशिवारा में अपने ऑफिस परिसर और उसी के पास बने दूसरे कमर्शियल कॉम्पलेक्स में अवैध निर्माण करने की वजह से नोटिस जारी किया है। बीएमसी ने बताया कि इस बिल्डिंग में अवैध निर्माण को लेकर उसे कुल पांच लोगों से शिकायतें मिली हैं। जांच में पाया गया कि कॉम्प्लेक्स में अवैध तरीके से निर्माण किया गया है।

बीएमसी ने प्रियंका चोपड़ा के ऑफिस की वास्तु प्रिसिंक्ट बिल्डिंग में भी गैरकानूनी तरीके से निर्माण होने की शिकायत को सही पाया। जिसके बाद एक्ट्रेस को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं।

बीएमसी के ओर से जारी बयान में कहा गया है कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेटर के साथ ही अन्य लोगों की ओर से भी इस अवैध निर्माण के चलते शिकायतें मिलीं हैं। इसके बाद बीएमसी के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण कर शिकायत को सही पाया है।

बीएमसी ने इसी मामले में अभिनेत्री और किराएदार दोनों को नोटिस भेजकर अवैध निर्माण को तुड़वाने को कहा है। इसके लिए बीएमसी की ओर से एक महीने का वक्त दिया गया है। इतना ही नहीं नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि एक महीने के भीतर अवैध निर्माण को हटाया नहीं जाता है तो बीएमसी अपनी ओर से कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगी।

हालांकि प्रियंका चोपड़ा जुर्माना भरकर कुछ निर्माण को व्यवस्थित भी कर सकती हैं। फिलहाल प्रियंका अमेरिका में हैं। कुछ दिनों पहले वो अपने ब्वॉयफ्रेंड अमेरिकी सिंगर और सॉन्गराइटर निक जोनस के साथ भारत आईं थीं। आप को बता दें कि प्रियंका निक से 10 साल बड़ी हैं। फिल्मफेयर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस साल वो निक जोनस के साथ सगाई कर सकती हैं। सगाई जुलाई या अगस्त महीने में हो सकती है।

अंधविश्‍वास में ‘आस्‍था’ बुराड़ी केस में एक ही परिवार के 11 लोगो की जान गई तो वही एक साथ 900 लोगों की जान गई

दिल्‍ली
दिल्‍ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की वजह को अंधविश्‍वास में 'आस्‍था' और 'मोक्ष' की चाह के रूप में देखा जा रहा है।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दिल्‍ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की वजह को अंधविश्‍वास में ‘आस्‍था’ और ‘मोक्ष’ की चाह के रूप में देखा जा रहा है। भारत में संभवतया ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह के किसी धार्मिक अंधविश्‍वास के कारण एक साथ 11 लोगों की कथित रूप से खुदकुशी के कारण मौतें हुई हैं। इस कारण कई लोगों को ये बात गले से उतर नहीं रही है। कि यह पहली बार हुआ है। लेकिन ऐसे ही दुनिया में कई घटनाये सामने आई है। जिन्‍होंने लोगों को हैरत में डाल दिया। दक्षिणी अमेरिकी देश गुयाना में 1970 के दशक में घटित हुई जब 900 से भी ज्‍यादा लोगों ने सामूहिक रूप से खुदकुशी की। इतिहास में इसको जोंसटाउन नरसंहार के रूप में जाना जाता है।

अमेरिका में जिम जोंस नाम के धार्मिक नेता ने 1950 के दशक में इंडियाना प्रांत में पीपुल्‍स टेंपल धार्मिक समुदाय की स्‍थापना की। कुछ ही सालों में यह बहुत  इसके सैंकड़ों-हजारों अफ्रीकी-अमेरिकी अनुयायी बन गए। 1970 की शुरुआत में अमेरिका में इस पर शारीरिक उत्‍पीड़न, बाल शोषण, वित्‍तीय फ्रॉड जैसे कई किस्‍म के आरोप लगने शुरू हो गए। लिहाजा अमेरिका छोड़कर दक्षिण अमेरिका के गुयाना में इसने एक निर्जन स्‍थान जोंसटाउन में अपना ठिकाना बनाया।

इसने अपने अनुयायियों से कहा कि यह इस जगह को ईश्‍वसरीय स्‍थल में बदल देगा। वह खुद को मसीहा कहता था और मस्तिष्‍क पर नियंत्रण के तरीकों से अपने अनुयायियों का ब्रेनवॉश करता था। ये जोंसटाउन तकरीबन 3800 एकड़ में फैला था। इसका निर्माण 1974 में शुरू हुआ और 1977 तक यह बना। जोंसटाउन बनने के बाद जब यह जगह ईश्‍वसरीय स्‍थल में तब्‍दील नहीं हुई और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा तो उनमें से कुछ का मोहभंग होना शुरू हो गया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनका जबरन शोषण हो रहा है और उनके बच्‍चों को कैद कर के रखा गया है। ऐसे कई ‘भक्‍तों’ ने अमेरिकी सांसद लियो रेयान से पूरे मामले की जांच करने का आग्रह किया।

अमेरिकी सांसद लियो रेयान अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस मामले की जांच के लिए 17 नवंबर, 1978 को जोंसटाउन पहुंचे। वहां जिम जोंस की पत्‍नी ने उनको जोंसटाउन दिखाया। उस दिन तो सब कुछ ठीक-ठीक रहा। लेकिन अगले दिन जब लियो रेयान जाने लगे थे तभी कुछ अनुयायी वहां पहुंचे और कहने लगे कि वे यहां के जीवन से तंग है और घर वापस लौटना चाहते हैं। इससे वहां मौजूद जिम जोंस को गुस्‍सा आ गया। जिम के एक समर्थक ने सांसद रेयान पर पहले चाकू से हमला कर दिया। लेकिन वह किसी तरह बचकर वहां से भाग निकले। पर जब वह अपने विमान में बैठने वाले थे तभी जोंस के लोगों ने उनकी हत्‍या कर दी। क्योकि जोंस को पता था कि अब अमेरिकी कार्रवाई होना तय है।

फिर उसने अनुयायियों को एक पैवेलियन में इकठ्ठा किया। उसने सभी से कहा कि यदि उन लोगों ने आत्‍महत्‍या नहीं की तो अमेरिकी सैनिक उनको और बच्‍चों को कत्‍ल कर देंगे। उसने लोगों से यह वादा भी किया वह मरकर एक बेहतर दुनिया में जाएंगे।  लिहाजा एक बड़े से टब में अंगूर के फ्लेवर में सॉफ्ट ड्रिंक को भरा गया। उसमें सायनाइड जैसे खतरनाक जहर को मिलाया गया। उसको सबको पीने को दिया गया। इस तरह 900 से ज्‍यादा लोगों की मौतें हुईं। इनमें से एक तिहाई बच्‍चे थे।

वही जो लोगो ने जहर पीने से इनकार किया तो उनको बंदूक दिखाकर जबर्दस्‍ती जहर पिलाया गया। जिम जोंस ने खुद जहर नहीं पिया। जब उसकी लाश मिली तो उसके सिर पर गोली का निशान था। कहा जाता है कि उसने किसी से कहकर अपने ऊपर गोली चलवाई। इस पूरे घटनाक्रम में 900 से अधिक लोगों की एक साथ जान गई। अमेरिकी इतिहास में यह 9/11 अमेरिकी आतंकी हमले के बाद यह सबसे बड़ी घटना है, जिसमें एक साथ इतने लोगों की जान गई|

सबसे कम बिल की गारंटी के साथ वोडाफोन ने किया नया प्लान लॉन्च

वोडाफोन ने अपने पोस्टपेड ग्राहकों
वोडाफोन ने अपने पोस्टपेड ग्राहकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने नए स्मार्ट प्लान लॉन्च किए हैं, कंपनी की गारंटी है कि यह अब तक का सबसे कम बिल वाला प्लान होगा।

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

वोडाफोन ने अपने पोस्टपेड ग्राहकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने नए स्मार्ट प्लान लॉन्च किए हैं, कंपनी की गारंटी है कि यह अब तक का सबसे कम बिल वाला प्लान होगा।

अभी तक ऐसा प्लान किसी कंपनी ने नहीं दिया होगा, कम बिल के साथ ही वोडाफोन ने कॉम्प्लीमेंटरी मोबाइल इंश्योरेंस, अनलिमिटेड इंटरनेशनल रोमिंग और एंटरटेनमेंट कॉन्टेंट के ऑफर भी पेश किए हैं।

कंपनी के एसोसिएट डायरेक्टर (कंज्यूमर बिजनेस) अवनीश खोसला ने कहा, ग्राहकों के लिए वोडाफोन के नए रेड पोस्टपेड प्लान्स लॉन्च करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। जो उनकी एंटरटेनमेंट, ट्रैवल और स्मार्टफोन संबंधी सभी जरूरतों को पूरा करेंगे।

इस फीचर के जरिए ग्राहक अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य डिवाइसेज को एक साथ रेड टुगेदर प्लान का फायदा ले सकते हैं। टोटल रेंटल में 20 फीसदी तक की बचत कर सकते हैं और एक ही बिल के जरिए आसानी से सभी का भुगतान कर सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, वोडाफोन के नए रेड पोस्टपेड प्लान पावर पैक्ड एंटरटेनमेंट पैकेज के साथ आते है, इनमें बिना किसी अतिरिक्त कीमत के अमेजन प्राइम का 12 महीने का सब्सक्रिप्शन ग्राहकों को मिलेगा।

यहां यूजर्स प्राइम वीडियो पर अनलिमिटेड बॉलीवुड, हॉलीवुड, भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों और टीवी शोज का लुत्फ उठा सकते हैं। इसके अलावा ग्राहक प्राइम म्यूजिक के साथ कई भाषाओं में हजारों गानों को ऑफलाइन डाउनलोड कर एड-फ्री म्यूजिक का आनंद ले सकेंगे।