अब शादी ब्याह में होने वाले खर्च पर सरकार की नजर पड़ गयी है, अगर सब कुछ तय नियमों के अनुसार हुआ तो लोगों को शादी में किए खर्चे का हिसाब सरकार को देना पड़ सकता है, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह शादी में हुए खर्चों का हिसाब किताब बताना अनिवार्य करने पर विचार करे।
कोर्ट ने कहा कि, सरकार को इस बारे में नियम बनाने पर विचार करना चाहिए, इससे दहेज लेन-देन पर भी रोक लगेगी, साथ ही, दहेज कानूनों के तहत दर्ज होने वाली झूठी शिकायतों पर भी कमी होंगी।
एक सुनवाई के दौरान कहा कि अगर शादी में खर्च का ब्यौरा दिया जाता है तो दहेज़ प्रताड़ना के तहत दायर किये गए मुकदमों में पैसे के विवाद पर कमी आएगी, कोर्ट ने ये भी कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शादी के व्यय का एक हिस्सा पत्नी बैंक खाते में भी जमा किया जा सकता है।
दरसअल सुप्रीम कोर्ट एक पारिवारिक विवाद पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें पत्नी ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप लगा है, दूसरी तरफ ससुराल वालें ने पत्नी के आरोपों को झूठा बताया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के मामले में बड़ी तादाद में की जाने वाली गिरफ्तारी पर चिंता जताई थी, कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामले में गिरफ्तारी के वक्त पुलिस के लिए निजी आजादी और सामाजिक व्यवस्था के बीच बैलेंस रखना जरूरी है।
अगर आप भी छठ पर घर जाने के लिए बेचैन हैं तो ये खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है, छठ के लिए घर जाने वाले लोगों के लिए कल से चार महीने पहले भारतीय रेलवे के नियमानुसार टिकट रिजर्वेशन की खिड़की खुल गई है, लेकिन फिर भी आपको घर जाने के लिए टिकट नहीं मिलेगा।
क्योंकि टिकट काउंटर खुलते ही बिहार जाने वाली सभी ट्रेनों में वेटिंग या वेटिंग की सीमा तक सीटें फुल हो गई हैं, 7 नवंबर को दिवाली है और इसके 6 दिन बाद छठ है, अगर आप अभी बिहार जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस में 8 नवंबर के लिए टिकट ढूढने जाएंगे तो आपको लगभग 200 से ऊपर वेटिंग मिलेगा।
छठ के दौरान बिहार जाने के लिए भीड़ का रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा होना, कोई नई बात नहीं है, बिहार के इस त्योहार पर टिकट का फुल होना एक आम सी बात हो गई है, इन ट्रेनों के अलावा बाद अगर राजधानी, शताब्दी, एक्सप्रेस-मेल की बात करें तो इन ट्रेनों में भी सीटें फुल हो गई हैं।
जिन लोगों को इन आम ट्रेनों में टिकट नहीं मिली है, उन्हें परेशान होने की आवश्यकता नहीं है अभी उनके पास स्पेशल ट्रेन का भी ऑप्शन बाकि है, इसके अलावा छठ पूजा के दौरान दिल्ली से बिहार के लिए जाने वाले बस और स्पेशल जीप सर्विस के भी ऑप्शन मौजूद है।
2017 में छठ पूजा पर भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बिहार के लिए कुल 996 ट्रेनें चलाई गई थी, आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों में कुल 40 लाख मुसाफिरों ने सफर किया था, पिछले साल रेलवे ने कुल 500 ट्रेनें चलाई थी।
केंद्र सरकार ने बिहार सरकार का समर्थन करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन का विरोध किया, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के स्टैंड का समर्थन किया है, केंद्र के तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि ये समान कार्य के लिए समान वेटर की कैटेगरी में नहीं आते हैं।
केंद्र सरकार ने कहा कि इन नियोजित शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने पर केंद्र सरकार पर करीब 40 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई की तारीख 12 जुलाई के लिए तय की थी।
केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए और वक्त मांगा था, केंद्र सरकार ने कहा था कि वो अन्य राज्यों के परिपेक्ष में इसे देख रही है, क्योंकि एक राज्य को अगर सैलरी पर विचार किया जाएगा तो अन्य राज्यों की ओर से भी मांग उठने लगेगी, केंद्र सरकार ने यह भी कहा था कि हम बिहार को आर्थिक तौर पर कितनी मदद कर सकते हैं, ये हम कोर्ट को अवगत कराएंगे।
बिहार में राबड़ी देवी सरकार में नियोजन की प्रक्रिया साल 2003 में शुरू हुई, उस समय नियोजित शिक्षकों को शिक्षामित्र के नाम से जाना जाता था और इनकी सैलरी महज 1500 रुपये हुआ करती थी, एक जुलाई 2006 को नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में सभी शिक्षामित्रों को पंचायत और प्रखंड शिक्षक के तौर पर समायोजित किया गया।
इसके बाद ट्रेंड नियोजित शिक्षकों का वेतन पांच हजार, जबकि अनट्रेंड नियोजित शिक्षकों का वेतन चार हजार रुपए कर दिया गया, उसके बाद बिहार में लगातार नियोजित शिक्षकों की बहाली होती रही और अब इनकी संख्या तीन लाख 69 हजार के आसपास पहुंच चुकी है।
बिहार में क्लास एक से लेकर क्लास आठ तक नियोजित शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों को वर्तमान में 14 हजार से लेकर 19 हजार तक सैलरी मिलती है, इनमें ट्रेंड और अनट्रेंड शिक्षक शामिल हैं, समान काम के लिए समान वेतन का फैसला लागू होता होते ही इनका वेतन 37 हजार से 40 हजार तक पहुंच जाएगा।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई पर आरोप लगाया है कि वह देश के संसदीय चुनावों को प्रभावित कर रही है,
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई पर आरोप लगाया है कि वह देश के संसदीय चुनावों को प्रभावित कर रही है, उनका कहना है कि आईएसआई के सीनियर अधिकारी जनरल फैज हामिद इस साल चुनावों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
नवाज शरीफ ने कहा कि उनके प्रत्याशियों को धमकाने के पीछे जनरल फैज हामिद और उनकी टीम का हाथ है, उनकी टीम प्रत्याशियों पर पार्टी को छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए भी दबाव बना रहे हैं, जनरल फैज आईएसआई में डीजी काउंटर इंटेलिजेंस हैं।
पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डीजी आसिफ गफूर ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैज हामिद का जिक्र किया था, वो चुनावों में सेना की भूमिका के बारे में बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि जनरल हामिद और उनकी टीम ने देश में आंतकवाद को खत्म करने में महत्पपूर्ण भूमिका निभाई है।
निर्वाचन कानून 2017 में संशोधन के बाद तेहरीक-ए-लब्बाइक के कार्यकर्ता इस्लामाबाद में धरने पर बैठ गए और बीते साल पाकिस्तान की राजधानी को करीब तीन सप्ताह के लिए जाम कर दिया, प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश नाकाम हो गई और इसके बाद सरकार ने सख्ती बरतते हुए पुलिस कार्यवाही शुरू की।
नवाज शरीफ को हाल में भ्रष्टाचार के मामले में 10 वर्ष की कैद सुनाई गई है और उन पर चुनाव लड़ने की पाबंदी लगा दी गयी है, पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने हैं, नवाज शरीफ ने कि फैज हामिद की टीम उनके उम्मीदवारों पर जीप का चुनाव चिह्न चुनने के लिए दबाव डाल रही है ताकि वो पार्टी छोड़कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ें।
ईशान खट्टर अपनी पहली फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं। अब ‘धड़क‘ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर अपनी कमान जमाने को तैयार हैं।
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
ईशान खट्टर अपनी पहली फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं। अब ‘धड़क‘ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर अपनी कमान जमाने को तैयार हैं। उनकी इस फिल्म की चर्चा जोरों पर है। फ़िल्म के सम्बन्ध में उन्होंने नवप्रवाह की संवाददाता कोमल झा से की ख़ास बातचीत। प्रस्तुत हैं उनसे हुई लम्बी बातचीत के प्रमुख अंश।
आपके इंस्टाग्राम वीडियोज़ चर्चा में रहते हैं, ऐसा क्या वीडियो में डालते हैं?
बस मैं अपने विचार और अपने अरमान जाहिर करता हूँ। मुझे सोशल मीडिया पर अपने वीडियोज़ और फोटोज़ अपडेट करना बहुत पसंद है, क्योंकि मुझे बहुत मज़ा आता है। मुझे फोटोग्राफी करना बहुत पसंद है, लेकिन मैंने कभी पॉपुलर अपील करने के लिए अपने वीडियोज़ यूज़ करने के लिए कभी नहीं सोचा, बस जिस तरह की मेरी ज़िंदगी है, जिस तरह का अनुभव है बस उसे कैप्चर किया।
करियर की शुरुआत में ही ऐसी फ़िल्म्स करेंगे, पहले से कोई एक्सरसाइज़ किया था आपने इसको लेकर?
ऐसा कभी नहीं था कि मैं इस तरह की फिल्म करूँगा। हाँ, मेरी इच्छा थी कि मैं इस तरह के निर्देशक के साथ काम करुँ। माजिद के साथ हमेशा से काम करना चाहता था और ये संयोग से हो भी गया। मुझे ऐसा लगता है मेरी जिंदगी में जो तालीम मिली है, सबसे ज्यादा सिनेमा से मिली है। शायद इसलिए मैं इतने जोश से फ़िल्मों के आने का इंतज़ार करता हूँ।
पहली फिल्म से इतनी पहचान नहीं मिली, जितनी फिल्म धड़क से मिल रही है?
जी हाँ, ज़ाहिर सी बात है, जिस तरह के नाम इस फिल्म से जुड़े हैं, चर्चा तो होनी थी। करण जोहर इस देश के सबसे लीडिंग प्रोडूसर है। इतना सालो का तज़ुर्बा है उनका, तो ये सारी चीज़ें तो होंगी ही। लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि इस वजह से ऐसी फिल्म करनी चाहिए। जब हमने ये फिल्म बनायी थी, तो बहुत ही मासूमियत से बनायी थी और शशांक की पहली दो फिल्म भी हिट रही है, तो यही सब वजह है जो इस फिल्म को ज्यादा अटेंशन मिल रही है।
कितना आसान और मुश्किल रहा, क्योंकि इस फिल्म के किरदार को सब जानते हैं?
आप लोग इस किरदार को नहीं जानते। ये फिल्म सैराट कि कहानी पर आधारित ज़रूर है, लेकिन ये ऑफिसियल अडेप्टशन है और रीमेक नहीं है। हमने किसी भी तरह से उस फिल्म की नक़ल उतारने कि कोशिश नहीं की है। सैराट में जो दो किरदार है परश्या और अर्चि वो महाराष्ट्र में पले बढ़े है। हमारे फिल्म में जो दो किरदार हैं, मधुकर और पार्थवी वो उदयपुर यानी राजस्थान में पले बढ़े है। फिल्म में दोनों की ज़िंदगी में और दोनों के नज़रिए में बहुत फ़र्क़ है। हाँ, फिल्म की कहानी एक जैसी है, लेकिन हम लोगों ने कुछ अलग तरीके से प्रेजेंट किया है। इस फिल्म को बनाने का मकसद यही था कि इस फिल्म को सभी लोग जाने और समझे इसलिए इसे हिंदी में प्रेजेंट किया गया। पर फिल्म में आप को बहुत कुछ अलग देखने को मिलेगा।
स्टार किड्स से प्रतियोगिता को लेकर कभी टेन्शन होती है?
नहीं, बिलकुल नहीं। क्योंकि मेरा नज़रिया ऐसा नहीं है। जब मैं लोगो की परफॉरमेंस देखता हूँ, तो मैं कोशिश करता हूँ कि उनसे प्रेरणा लूँ, नाकि मैं किसी कि परफॉरमेंस देख कर डर जाऊँ या घबरा जाऊँ। अगर किसी की परफॉरमेंस अच्छी है, तो मुझे कुछ सीखने को ही मिलेगा, तो मैं इसे बुरी चीज़ नहीं मानता हूँ।
ईरान ने कहा कि वह भारत को तेल आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा, करेगा, ईरान के दूतावास ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
ईरान ने कहा कि वह भारत को तेल आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा, करेगा, ईरान के दूतावास ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है जब उसके उप राजदूत ने मसूद रिजवानियन रहागी ने एक दिन पहले कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंध के बाद यदि भारत ने ईरान से तेल आयात में कटौती की तो ईरान भारत को मिलने वाली विशिष्ट सहूलियतें बंद कर देगा
दूतावास ने कहा, वह अस्थिर ऊर्जा बाजार से निपटने में भारत को हो रही दिक्कतों को समझ रहा है, उसने कहा कि ईरान द्विपक्षीय व्यापार विशेष तौर पर ईरानी तेल के आयात को बनाये रखने के लिए विभिन्न कदम उठाकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करेगा।
रहागी ने कल कहा था कि यदि भारत ने सऊदी अरब, रूस, इराक, अमेरिका या किसी अन्य देश से तेल मंगाने की कोशिश की तो ईरान भारत को दी जाने वाली विशिष्ट सहूलियतें बंद कर देगा।
एक दिन पहले ही चाबहार बंदरगाह को लेकर ईरान ने भारत के प्रति नाराजगी जाहिर की थी, ईरान ने आरोप लगाया था कि भारत ने उसके साथ वादाखिलाफी की है. सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह में वादे के मुताबिक निवेश नहीं करने पर भारत की आलोचना करते हुए ईरान ने कहा कि यदि भारत ईरान से तेल का आयात कम करता है तो उसे मिलने वाले विशेष लाभ खत्म हो सकते हैं।
इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है, ईरान ने अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक (2017-18 वित्त वर्ष के शुरुआती 10 महीनों में) भारत को 1.84 करोड़ टन कच्चे तेल की आपूर्ति की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा, ताज को सरंक्षण दो या ध्वस्त कर दो,
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा, ताज को सरंक्षण दो या ध्वस्त कर दो, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफिल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते हैं, लेकिन, आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं हैं और न ही आपको इसकी परवाह है।
कोर्ट ने ताजमहल के संरक्षण को लेकर उठाए गए कदमों को लेकर केंद्र तथा उसके प्राधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कहा कि मुगलकाल की इस ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण को लेकर कोई उम्मीद नजर नहीं आती है। हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है।आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है इसकी वजह से देश का नुकसान हो रहा है।
कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि उत्तर प्रदेश सरकार ताजमहल की सुरक्षा और उसके संरक्षण को लेकर दृष्टि पत्र लाने में विफल रही है। साथ ही, केंद्र को कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस महत्वपूर्ण स्मारक के संरक्षण को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं और किस तरह की कार्रवाई की जरूरत है, ये सब बतायें।
जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि ताजमहल के संरक्षण के बारे में संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। केंद्र ने पीठ को बताया कि IIT-कानपुर ताजमहल और उसके आसपास वायु प्रदूषण के स्तर का आकलन कर रहा है और चार महीने में अपनी रिपोर्ट देगा।
पुरानी दिल्ली के हौजखास इलाके में मौजूद राबिया स्कूल में फीस नहीं जमा करने की वजह से बच्चियां को स्कूल के बेसमेंट में लगभग पांच घंटे तक बंद कर दिया गया,
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
पुरानी दिल्ली के हौजखास इलाके में मौजूद राबिया स्कूल में फीस नहीं जमा करने की वजह से बच्चियां को स्कूल के बेसमेंट में लगभग पांच घंटे तक बंद कर दिया गया, ये बच्चियां 40 डिग्री तापमान में भूखी – प्यासी रही जब तक अभिभावकों उन्हें छुड़ाने नही आये।
अभिभावकों को देखते ही बच्चियां चीख – चीख कर रोने लगीं, पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के तहत बच्चों को अभिभावक सुबह सात बजे स्कूल में छोड़ कर आए थे, अभिभावकों के जाने बे बाद इन बच्चों को दोपहर छुट्टी के समय लगभग 12.30 बजे तक स्कूल के बेसमेंट में बंद कर के रखा गया।
अभिभावक जब स्कूल पहुंचे और बच्चियां क्लास में नहीं मिले तो उन्होंने बच्चों के बारे में पूछा, स्कूल के स्टाफ ने बताया कि बच्चे बेसमेंट में हैं, अभिभावक नीचे गए तो देखा की वहां दरवाजे में बाहर से कुंडी लगी हुई थी, उन्होंने कुंडी खोल कर बच्चों को निकाला।
परिजनों की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने स्कूल के खिलाफ जूवेनाइल जस्टिस ऐक्ट की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर लिया है, इस मामले में स्कूल प्रशासन से पूछताछ की जा रही है और तथ्य जुटाने के लिए अभिभावकों से भी जानकारी ली जा रही है।
राबिया स्कूल की घटना को दिल्ली सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है, इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा विभाग के सचिव व शिक्षा निदेशक को सभी तथ्यों के साथ दोपहर 12.30 बजे बुलाया है, ये जानकारी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्विट के जरिए दी है, दिल्ली सरकार इस मामले में कड़ी कार्रवाई के बारे में विचार कर रही है, इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने IS के आत्मघाती हमलावार को दबोचा
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक अभूतपूर्व साहसिक काउंटर इंटेलिजेंस ऑपरेशन में इस्लामिक स्टेट की एक बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है, इसके तहत अफगानिस्तान के आत्मघाती हमलावरों द्वारा नई दिल्ली को दहलाने की साजिश रची गई थी।
इस साजिश को आतंकियों ने इंडियन ‘प्लांट’ नाम दिया था और इसके तहत वो आईएस के आत्मघाती हमलावर को भारत भेजने और दिल्ली में उसके रहने का इंतजाम करने में कामयाब हो गए थे, इस मामले में भारतीय एजेंसियों ने नई दिल्ली में सितंबर 2017 में गिरफ्तारी की, लेकिन शीर्ष राजनयिक और इंटेलिजेंस सूत्रों ने अब इसकी पुष्टि की है।
समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आईएस का हमलावर नई दिल्ली में एक इंजीनियरिंग छात्र के रूप में रह रहा था, गिरफ्तारी के बाद उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया और माना जाता है कि इस समय वो अफगानिस्तान में एक प्रमुख अमेरिकी सैन्य बेस में कैद है, ये अफगान हमलावर इतना प्रभावशाली था कि उससे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर हाल में अमेरिकी बलों को अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है।
सूत्रों के अनुसार, अफगानिस्तान, दुबई और नई दिल्ली में करीब 18 महीने लंबे निगरानी अभियान के बाद खुफिया दलों को ये जानकारी मिली कि 12 आईएस ऑपरेटिव के एक दल को पाकिस्तान में ट्रेनिंग के बाद बम धमाकों के लिए भेजा गया है, ये सभी अफगानिस्तान के नागरिक हैं और इनकी उम्र 20 साल के आसपास है।
बताया जाता है कि आईएस से जुड़े इस आतंकी ने दिल्ली एयरपोर्ट, मॉल्स, बाजारों की रेकी कर कई स्थानों को संभावित आतंकी हमलों के लिए चुना था, एजेंसियों के अनुसार आतंकियों के इस नेटवर्क के द्वारा अलग अलग देशों में 12 जगहों पर धमाके किए जाने थे, उससे पूछताछ के दौरान पता चला कि 22 मई 2017 को मैनचेस्टर हमले को इसके ग्रुप के लोगों ने ही अंजाम दिया था, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी।
मेरठ के इस शख्स को शाओमी ने बनाया 320 करोड़ का मालिक
चीन की कंपनी ने भारत के एक शख्स को 320 करोड़ रुपए का मालिक बना दिया है, चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शाओमी हॉन्ग कॉन्ग के शेयर बाजार में लिस्ट हो गई, लेकिन लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर्स में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन, इस गिरावट में भी उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी मनु जैन को इससे 320 करोड़ का तोहफा मिला और वह रातोंरात अरबपति हस्ती बन गए।
यूपी के परिवार से आने वाले मनु जैन शाओमी इंडिया के एमडी और ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट हैं, कंपनी ने कुछ समय पहले ही उनको 2.29 करोड़ शेयर दिए थे, लिस्टिंग के बाद इन शेयरों की कीमत करीब 320 करोड़ रुपए हो गई, खुद मनु को भी इस बात का अंदाजा नहीं था।
मनु जैन ने 2003 में आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक कोर्स किया था, उन्होंने 2007 में आईआईएम कोलकाता से मैनेजमेंट की पढ़ाई की, यही वो समय था जब स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शाओमी चीन में अपनी नींव रख रही थी।
लेकिन, मनु जैन को तब शाओमी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, मनु ने अपने करियर की शुरुआत एक ऐसी कंपनी से की, जो इंवेस्टमेंट बैंक के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करती है, इसके बाद मनु जेबॉन्ग जैसी ऑनलाइन रिटेलर कंपनी से जुड़े।
शाओमी की भारतीय मार्केट में एंट्री के दौरान कंपनी ने मनु जैन को कंट्री हेड के तौर पर नियुक्त किया गया, मनु ने इस कदर कंपनी को भारतीय बाजार में पॉपुलर कर दिया कि आज यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन है, हाल ही में काउंटर पॉइंट की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 की पहली तिमाही में स्मार्टफोन मार्केट में Xiaomi ने सैमसंग को पछाड़ते हुए 31 प्रतिशत मार्केट शेयर पर कब्जा कर लिया है।