आपने हाल ही में मारुति सुजुकी SWIFT या Dzire खरीदा है तो आपके लिए ये खबर जरूरी है, कंपनी ने न्यू जेनेरेशन स्विफ्ट और डिजायर को वापस मंगाया है, इसकी वजह एयरबैक कंट्रोलर यूनिट में खराबी है।
मारुति सुजुकी ने इस रिकॉल कैंपेन की शुरुआत 25 जुलाई से करने का ऐलान किया है, जिन कारों में ये दिक्कत उनके ओनर्स से कंपनी के डीलर्स संपर्क करेंगे और इसे ठीक किया जाएगा, इसके लिए कस्टमर्स को कोई पैसे नहीं देने होंगें।
कस्टमर्स चाहें तो खुद मारुति सुजुकी की वेबसाइट पर जा कर अपने कार की चेसिस नंबर दर्ज करके ये जान सकते हैं कि उनकी गाड़ी को ठीक कराने की जरूरत है या नहीं।
बता दें कि स्विफ्ट भारत ने एक लोकप्रिय कार है और ऐसे में इस कार में खराबी आना कंपनी के लिए एक बड़े झटके की तरह है, बता दें कि यह खराबी New Generation Swift और Swift desire में आयी थी जिसके बाद अब कंपनी ने इन कारों को रीकॉल किया है।
इस कार में आयी हुई खराबी के बारे में अभी कुछ ठीक तरीके से नहीं कहा जा सकता है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इन दोनों कारों के एयरबैग कंट्रोल में खराबी की वजह से ही इन्हें रीकॉल करने का फैसला लिया गया है जिसके बाद अब करीबी कार एजेंसियां अपने ग्राहकों से संपर्क करके इन कारों को वापस मंगवा रही है।
मध्य प्रदेश में इन दिनों बादल जमकर बरस रहे हैं, भारी बारिश से जहां तामपान में कमी आई है तो वहीं कई इलाकों में नदियां उफान पर भी आ गई हैं जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
बीते 24 घंटों में मध्यप्रदेश के भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और होशंगाबाद में अच्छी खासी बारिश हुई है, नलखेड़ा में 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है, तो कोलारस में 11 सेंटीमीटर. एमपी के मशहूर पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, देवास, सारंगपुर, रेहली औरदेवरी में 7 सेंटीमीटर तो वहीं उज्जैन, आगर, नरसिंहपुर, जबलपुर सतना और खुरई में 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, भारी बारिश ने पूरे मध्यप्रदेश को एक साथ तरबतर कर दिया है।
मंगलवार को ग्वालियर के पास डबरा के गांव उर्वा में भारी बारिश के बाद तालाब में इतना पानी भर गया कि तालाब का तटबंध टूट गया जिससे उर्वा गाँव के आसपास पानी भर गया और इलाके के खेतों में तालाब का पानी घुस गया, इसके अलावा श्योपुर में भी रुक-रुक कर हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं।
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो में राज्य के उज्जैन, ग्वालियर, शाजापुर, भिंड, पन्ना, श्योपुरकलां, दतिया, डिंडोरी, अनूपपुर, रीवाल बालाघाट, सतना, आगर, मंदसौर और नीमच ज़िलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है., इसके अलावा उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, शहडोल, रीवा और होशंगाबाद संभाग के जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें होने का भी पूर्वानुमान लगाया गया है।
मेहसाणा दंगा मामले में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और लाल जी पटेल को दो साल की सजा सुनाई गई है, निचली अदालत ने उन्हें ये सजा सुनाई है, पाटीदार अनामत आंदोलन के दौरान विसनगर के विधायक ऋषिकेश के दफ्तर में तोड़फोड़ के मामले में दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने दोनों की दो साल की सजा सुनाई गयी है, अदालत ने दोनों आरोपियों को IPC की धारा 147, 148, 149, 427 और 435 के तहत दोषी करार दिया था। मेहसाणा के विसनगर में साल 2015 में हुए पाटीदार आंदोलन के दौरान हार्दिक पटेल और 16 अन्य के नेतृत्व में 500 लोगों ने बीजेपी विधायक के दफ्तर पर हमला किया था।
कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब 25 अगस्त से हार्दिक पटेल सरकारी नौकरियों और शिक्षा में अपने समुदाय के सदस्यों को आरक्षण की मांग पर जोर देने के लिए वह 25 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने जा रहे हैं।
पटेल ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट विडियो संदेश में कहा कि अपने समुदाय के सदस्यों के लिए आरक्षण प्राप्त करना उनकी प्राथमिक चिंता है, उन्होंने कहा, यह हमारी आखिरी लड़ाई है, या तो मैं अपनी जान दे दूंगा या हम आरक्षण प्राप्त करेंगे, इसके लिए हमें आपके समर्थन की जरूरत है, यह लड़ाई आखिरी चरण में आ गई है।
इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर पी धोलारिया ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की उस याचिका पर सुनवाई से आज खुद को अलग कर लिया जिसमें उन्होंने 2015 में दर्ज देशद्रोह के मामले में अपने आप को आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया था।
31 जुलाई तक आम करदाताओं को आईटीआर फाइल करना है, लाखों लोग अंतिम तारीख के जल्दबाजी से बचने के लिए पहले ही आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, इस बार आयकर विभाग आईटीआर भरने की तारीख को आगे बढ़ने के मूड में भी नहीं दिख रहा है।
पिछले कुछ दिनों से आयकर विभाग भी रजिस्टर्ड आयकरदाताओं को जल्द से जल्द अपना आईटीआर फाइल करने के लिए कह रहा है, ऐसा नहीं करने पर विभाग बता रहा है कि अंतिम तिथि के बाद आईटीआर फाइल करने वालों पर जुर्माना लगेगा।
लेकिन पिछले कुछ दिनों से लोगों की शिकायत आ रही है कि वे आईटीआर ऑनलाइन दाखिल नहीं पा रहे हैं, विभाग की साइट पर दिक्कतें आ रही है, इन दिक्कतों में सबसे ज्यादा शिकायतें दो बातों को लेकर आ रही है, एक ईवीसी को लेकर हैं और दूसरी एक्सएमएल फाइल को लेकर दिक्कतें आ रही हैं।
लोगों के अनुसार, जब वे साइट पर आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं तब उन्हें एक्सएमएल फाइल अपलोड करने में दिक्कत आ रही है, भी तो फाइल अपलोड नहीं हो रही है तो कही अपलोड होने के बाद साइट पर एक्सएमएल कोड का ऐरर आ रहा है, यहां पर साइट पर मैसेज आ रहा है कि एक्सएमएल स्कीमा इनवैलिड है यानी गलत है।
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा राज्यव्यापी प्रदर्शन आज हिंसक हो गया है, पथराव में एक कांस्टेबल की मौत हो गई है, जबकि नौ अन्य लोग जख्मी हो गए हैं, आज मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद का आह्वान किया है।
औरंगाबाद में किसान जगन्नाथ सोनावने ने आरक्षण की मांग को लेकर जहर खा लिया था, और उसकी मौत अस्पताल में हो गई, नवी मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं, ठाणे और जोगेश्वरी में लोकल ट्रेनों को भी रोक दिया गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र बंद का सबसे ज्यादा असर औरंगाबाद और आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां कल आरक्षण के पक्ष में निकाले गए मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी, राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मामला बेहद विवादास्पद मुद्दा है।
गौरतलब है कि 27 वर्षीय काकासाहब शिंदे औरंगाबाद में एक पुल से गोदावरी नदी में कूद गया था, उसे नदी से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा जब वह शिंदे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए औरंगाबाद के कायगांव गए थे।
पुलिस ने बताया कि भीड़ ने उनके साथ धक्का – मुक्की की, उन्हें वह स्थान छोड़ना पड़ा, पुलिस ने बताया कि सांसद की गाड़ी पर भी पथराव हुआ था, औरंगाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि भीड़ को संभालने मौजूद पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
पाकिस्तान में कल 25 जुलाई को मतदान होना है, सोमावार रात 12 बजे से ही पाक में चुनाव प्रचार पूरी तरह से रूक गया है, लेकिन पाकिस्तान में इस बार का चुनाव प्रचार अलग तरीके का हुआ, चुनाव प्रचार में फिल्मी हस्तियों के पोस्टर दिखे वहीं उनके गानों का भी खूब जलवा रहा।
नेताओं ने डीजे और इन गानों से काफी भीड़ जुटाई, पार्टियों ने थीम सांग्स भी बनवाए, चुनाव प्रचार के दौरान बॉलीवुड गाना ‘मेरे रश्क-ए-कमर’ सबसे ज्यादा डिमांड में रहा।
नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल का थीम सांग वोट को इज्जत दो रहा, इमरान खान की पार्टी पीटीआई बनेगा नया पाकिस्तान भी काफी चर्चा में रहा, इमरान खान ने युवाओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पाकिस्तान के चारो प्रांतों- पंजाब, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध में चुनाव होने जा रहे हैं, नेशनल एसेंबली में 272 प्रत्यक्ष सीटें और 70 आरक्षित सीटें हैं। चुनाव सिर्फ प्रत्यक्ष सीटों पर होंगे, इस तरह किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कम से कम 137 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी, इस चुनाव में त्रिकोणीय लड़ाई पीएमएल-एन, पीटीआई और पीपीपी के बीच है।
जानकारी के अनुसार, 371,000 जवान पूरे देश में बूथों के अंदर और बाहर तैनात किए जा रहे हैं, इसकी सारी जिम्मेदारी सेना को मिली हुई है। चुनाव आयोग एक वोट पर 198 रुपये खर्च कर रहा है, इस चुनाव पर 44000 हजार करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च हो रहे हैं।
अभी तक आए ज्यादातर सर्वे में इमरान खान की पीटीआई और नवाज की पीएमएल (एन) के बीच कड़ा मुकाबला है, हालांकि पीटीआई को पीएमएल (एन) से 4% वोटों की बढ़त मिल रही है, बिलाबल भुट्टो के नेतृत्व वाली पीपीपी तीसरे नंबर पर है।
इससे पहले पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कहा था कि नियमों के मुताबिक, प्रचार अभियान सोमवार मध्यरात्रि तक खत्म हो जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं को सोच-विचार का समय मिले और वे 25 जुलाई को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की तैयारी कर सकें।
पाक में चुनावी तैयारियों के बीच यहां के अल्पसंख्यक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनकी बात को संसद तक कैसे पहुंचाई जाए, इसका सबसे बड़ा कारण है अल्पसंख्यकों को बहुत कम टिकट मिलना।
पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों में हिंदू, सिख, ईसाई और अहमदी मुसलमान शामिल हैं, पाक की कुल 20 करोड़ की आबादी में ये अल्पसंख्यक महज चार फीसदी हैं जबकि 15-20 फीसदी लोग शिया समुदाय के हैं, इनमें से महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय को सिर्फ आरक्षित सीटों पर टिकट दिया गया है।
पाकिस्तान में हिंदुओं की कुल आबादी करीब 20 लाख है जिनमें अधिकांश गरीब तबके से हैं, यहां पर हिंदुओं की देश में दूसरी सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी है, इनका रहबर सिंध प्रांत में सबसे ज्यादा प्रभाव है। इन्हें भारत-पाक के बीच तनातनी का खामियाजा सबसे ज्यादा भुगतना पड़ता है और बहुसंख्यक समाज इन्हें कातर निगाहों से देखता है।
पाकिस्तान में कल होने जा रहे चुनाव में पहली बार 125 ट्रांसजेंडर चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में होंगे, इस दौरान वे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर कड़ी नजर रखेंगे, उन्हें इस काम के लिए एक एनजीओ (ट्रस्ट फॉर डेमोक्रेटिक एजूकेशन और एकाउटैबिलिटी) प्रशिक्षित किया है, इसका मकसद लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है।
वैसे आपको बता दें कि, इस चुनाव में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, चुनावी सर्वे में उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की लोकप्रियता में खासा इजाफा देखने को मिला है, इस चुनाव में तहरीक-ए-इंसाफ की जीत और बतौर प्रधानमंत्री इमरान खान की ताजपोशी की प्रबल संभावना है।
इमरान खान पाकिस्तानी सेना और ज्यादातर नौकरशाहों के भी पसंदीदा उम्मीदवार हैं, लिहाजा इमरान की जीत और ज्यादा पुख्ता नजर आ रही है, क्योंकि यह बात हर कोई जानता है कि पाकिस्तान में सेना का दखल हर सरकारी महकमे और समाज के हर तबके में है।
इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बनने वाले नवाज शरीफ की गिरफ्तारी हो गयी है, जिससे कि इमरान की राह साफ हो गयी है। दरअसल भ्रष्टाचार की कमाई से लंदन में आलीशान फ्लैट खरीदने के मामले में पाकिस्तान की अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने 6 जुलाई को नवाज शरीफ को 10 साल जेल की सजा सुनाई थी।
कुछ दिन पहले तक इमरान खान के लिए लोकतांत्रिक रूप से नवाज शरीफ को हरा पाना संभव नजर नहीं आ रहा था, लेकिन जैसे ही नवाज शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति और पनामा पेपर लीक के मामले सामने आए, इमरान खान ने बढ़त बना ली, इस तरह से इमरान पाकिस्तान में प्रधानमंत्री पद के दौड़ में सबसे आगे निकल गए।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में बच्चा चोर होने के संदेह में चार महिलाओं से मारपीट की और उनमें से दो को निर्वस्त्र कर दिया, पुलिस ने बताया कि घटना धूपगुड़ी प्रखंड के दवकिमारी गांव में हुई है।
बच्चा चोर होने के संदेह में जिले में इस महीने हमले की यह चौथी घटना सामने आई है, पिछले सप्ताह बच्चा चोरी के संदेह में जिले के उसी प्रखंड में मानसिक रूप से परेशान एक महिला से मारपीट की गयी थी।
वहां के पुलिस अधीक्षक अमिताभ मैती ने बताया कि चारों महिलाओं की उम्र 20 से 50 साल के बीच है। महिलाएं स्थानीय नहीं थी, बाहर की थी और जब भीड़ ने उनसे कुछ सवाल पूछे जिसके जवाब पर उन्हें यकीन नहीं हुआ था।
पुलिस ने बताया कि एक महिला ने कथित तौर पर कहा कि वह एक परिजन की तलाश कर रही थी, दूसरी महिला ने कहा कि वह रिश्तेदार के यहां जा रही थी, जबकि तीसरी महिला ने कहा कि वह घर घर जाकर कपड़ा बेचती है और चौथी महिला ने कहा कि वह बगल के बैंक में काम से आयी थी।
चोरी के संदेह में भीड़ ने चारों महिलाओं से कथित तौर पर मारपीट की और उनमें से दो को निर्वस्त्र कर दिया, पुलिस ने महिलाओं को बचाया और उन्हें निकटवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां उनकी हालत स्थिर बतायी जा रही है।
26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले का आरोपी पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड हेडली पर अमेरिकी जेल में हमला हुआ है, जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, ‘इंडिया टुडे’ की खबर के अनुसार, 8 जुलाई को हेडली पर दो अन्य कैदियों ने हमला किया है।
हेडली को सीसीयू में भर्ती कराया गया और वह 24 घंटे निगरानी में है। जिन लोगों ने हेडली पर हमला किया था, उन्हें दशकों पहले पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए अरेस्ट किया गया था।
फरवरी 2016 में हेडली को मुंबई हमलों के सिलसिले में मुंबई अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था, डेविड कॉलमेन हेडली, जिसका नाम दाऊद सैयद गिलानी था, जन्म से एक अमेरिकी नागरिक है और पाकिस्तान से संबंधित आतंकवादी है।
वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था। उसने 2008 के मुंबई हमले की योजना बनाने और अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हेडली ने अमेरिकी अदालत में कबूला कि उसकने कई बार पाकिस्तान जाकर लश्कर से प्रशिक्षण लिया था।
हेडली को 2009 में शिकागो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, मुंबई हमले में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और वो सरकारी गवाह बन गया, डेविड कोलमैन हेडली का असली नाम दाऊद सैयद गिलानी है, उसका जन्म अमेरिका के वॉशिंगटन में हुआ था, उसके पिता सैयद सलीम गिलानी पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक थे, आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के अलावा हेडली ड्रग ट्रैफिकिंग में भी शामिल रहा है।
राजस्थान के अलवर जिले में गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिये गए रकबर की पोस्टमार्ट रिपोर्ट अब आ गई है, रिपोर्ट की अनुसार, शरीर पर ज्यादा चोट लगने और इसके बाद सदमे की वजह से मौत हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार चोट की वजह से रकबर के जांघ की हड्डी टूट गई थी, साथ ही पसलियों पर भी चोट के निशान पाए गए थे, रकबर और असलम गाय लेकर जा रहे थे, तभी भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था, जिसमें रकबर की मौत हो गई थी।
रकबर की हत्या के सिलसिले में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है, दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल के बीच मामले की जांच सीनियर अफ़सर को सौंप दी गई है, एडिशनल एसपी क्राइम और विजिलेंस के एडिशनल एसपी अब इस मामले की जांच करेंगी।
आईजी के मुताबिक, इस पहलू की भी जांच की जाएगी कि आख़िर पुलिस ने रकबर को अस्पताल ले जाने में इतनी देर क्यों कर दी, दरअसल शुक्रवार और शनिवार की रात गो तस्करी के शक में रकबर और असलम की भीड़ ने पिटाई कर दी थी।
असलम भाग निकला, लेकिन रकबर पिटता रहा, पुलिस मौक़े पर पहुंची, लेकिन रकबर को अस्पताल ले जाने की जगह ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक यहां-वहां घुमाती रही, फिर थाने ले गई, घायल रकबर लगातार कहता रहा कि वो दर्द में है लेकिन पुलिस उसे तुरंत अस्पताल न ले जाकर पहले गाय के लिए गाड़ी का इंतज़ाम करने में लगी रही।
पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है, इन सभी पर हत्या का मामला दर्ज हुआ है, कोर्ट ने तीनों को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, मृतक रकबर का परिवार आरोपी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के इंटरव्यू का दूसरा भाग प्रकाशित किया है, इस इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि शिवसेना रिजनल पार्टी है लेकिन यह ओरिजिनल है। उन्होंने यह भी कहा है कि शिवसेना को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने दूसरों का दल तोड़कर स्थापित नहीं किया है।
इससे पहले 22 जुलाई को सामना में प्रकाशित उद्धव ठाकरे के इंटरव्यू के पहले भाग में उन्होंने बीजेपी और पीएम मोदी पर निशाना साधा था, उन्होंने कहा था कि मैं पीएम मोदी के सपनों के लिए नहीं आम जनता के सपनों के लिए लड़ रहा हूं, उन्होंने कहा, वह किसी के मित्र नहीं हैं, बल्कि वह भारत की जनता के मित्र हैं।
इंटरव्यू के दूसरे भाग में उन्होंने कहा कि 2014 के जनमत का रुझान जनता की गलती नहीं बल्कि जनता से ठगी थी, उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में पैसे का जोर बढ़ गया है, यह पैसा कहां से आता है, यह पता चल गया तो अन्य राजनीतिक दलों को भी लाभ होगा।
उन्होंने किसानों के मामले में पीएम मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम मोदी के गुजरात में पांच हजार किसानों ने इच्छामृत्यु की मांग की है, क्या यही तुम्हारे विकास का मॉडल है, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ध्यान गुजरात की ओर ना होकर विदेश की ओर है।
इंटरव्यू में उनसे यह पूछे जाने पर कि क्या पदवीधर (डिग्रीधारक) हैं, उद्धवे ठाकरे ने अपने अंगूठे पर लगा स्याही का निशाना दिखाते हुए कहा, यह देखो, उन्होंने कहा कि यह मेरे पास प्रमाण है लेकिन ऐसा आपको क्यों लगा कि मैं स्नातक नहीं हूं, मैं अच्छी साफ-सुथरी राजनीति करता हूं इसलिए? मित्रों और समर्थकों की ओर से उन्हें दी जा रही उपाधियों पर सवाल पूछने पर उद्धव ठाकरे ने कहा ‘मेरा विचार है कि बेवजह दूसरे बॉस की चाटूगीरी करने के बजाय खुद बॉस बनना मुझे हमेशा पसंद आएगा।