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Monday, August 31, 2026
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7वां वेतन आयोग : सरकार देगी 26000 रु. न्यूनतम वेतन

7वां वेतन आयोग
7वां वेतन आयोग
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग लागू होने का इंतजार है, 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग को मानते हुए बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा देगी, मोदी सरकार कर्मचारियों की मांग को स्वीकारते हुए 8000 रुपए की सैलरी हाइक का तोहफा दे सकती है, सूत्रों के अनुसार, मोदी सरकार कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18000 के बजाए 26000 रुपए करने पर राजी हो सकती है।
पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में चल रही खबर की मानें तो सरकार 15 अगस्त को केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का फायदा देगी, लेकिन, अब यह चर्चा हकीकत में बदलती नजर आ रही है, एक निजी चैनल के सूत्रों के अनुसार, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार  की बंद कमरे में इस विषय पर चर्चा हुई है।
सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की मांग को मानकर उनकी सैलरी में 8000 रुपए का इजाफा करने पर सहमत हो सकती है, हालांकि, सातवें वेतन आयोग ने न्यूनतम सैलरी 18000 रुपए करने की सिफारिश की थी, लेकिन, सरकार उनकी मांग के अनुसार 26000 रुपए सैलरी का ऐलान कर सकती है‌।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार कर्मचारियों को खुश करने के लिए 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर सैलरी में इजाफे की घोषणा कर सकती है, अगले साल चुनाव होने हैं, इससे पहले सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को खुश करना चाहती है, केंद्रीय कर्मचारी लगातार 18000 के मुकाबले 26000 रुपए तक सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को देखें तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 रुपए तय किया जा सकता है, लेकिन, कर्मचारियों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 8000 रुपए ज्यादा यानी 26000 रुपए दिया जाए, वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 24000 रुपए करने पर विचार कर रही है, इस हिसाब से 6000 रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है. लेकिन, दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि सरकार कर्मचारियों की मांग को मानते हुए उनके एरियर में कटौती कर सकती है।

दिल्ली:एनसीआर – सड़कों पर लगा जाम, लोग हैं बेहाल

दिल्ली-एनसीआर
दिल्ली-एनसीआर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कल सुबह से दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में हो रही बारिश आज भी जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली का मौसम खुशमिजाज हो गया है। लेकिन लोगों को परेशान कर सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में जगह-जगह पानी एकत्र होने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है‌।

दिल्ली के गाजीपुर मुर्गा मंडी, मयूर विहार, बदरपुर, आश्रम, पंजाबी बाग, इंद्रलोक, गीता कॉलोनी, धौला कुआं, दिलशाद गार्डन, पहाड़गंज, लक्ष्‍‍‍‍मी नगर, आईटीओ, कालकाजी, बदरपुर समेत प्रमुख मार्गों पर जलभराव की वजह से ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।

वहीं, दिल्ली में जलभराव होने कारण ट्रैफिक पुलिस काफी सक्रिय हो गई है, ट्रैफिक पुलिस ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को छतरपुर रोड, आश्रम रोड, गाजीपुर मुर्गा मंडी, मयूर फेस 2, रामलीला मैदान के पास से न गुजरने के लिए कहा है, इसके साथ ही ITO के पास सीवर का ढक्कन टूटा हुआ है और सड़क पर पानी भरने के कारण लोगों को सड़क देखने में दिक्कत हो रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार के बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को अंदेशा है कि छोड़ा गया पानी शुक्रवार तक राष्ट्रीय राजधानी पहुंच जाएगा। इसके लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया गया है, अधिकारी ने बताया कि यमुना में गुरुवार को जलस्तर 203.65 था जो इस मौसम में सामान्य माना जाता है, लेकिन आज जलस्तर के 204 पर पहुंचने का अंदेशा है।

दिल्ली : हाईकोर्ट का पेड़ो की कटाई के मामले में स्टे बरकरार

हाईकोर्ट का पेड़ो की कटाई
हाईकोर्ट का पेड़ो की कटाई

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दिल्ली की आधा दर्जन सरकारी कॉलोनियों में रीडेवलपमेंट के नाम पर 16 हजार से ऊपर पेड़ काटने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने स्टे को बरकरार रखा है, कोर्ट ने कहा कि पेड़ काटने की तमाम अनुमतियां और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को लेकर अपनी पूरी रूपरेखा अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने पेश की जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद साउथ दिल्ली के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाएंगी, साथ ही पानी की निकासी को लेकर भी समस्याएं और गहरी हो सकती हैं।

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट में पेड़ों को तो काट दिया जाता है, लेकिन नए पेड़ों को लगाने के वादे को भुला दिया जाता है, लिहाजा जो पेड़ कट जाते हैं, उनके एवज में नई जगह प्लांटेशन नहीं हो पाता है।

इस मामले में अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को होगी, यह सुनवाई एनबीसीसी के लिए भी बेहद अहम होगी क्योंकि एनबीसीसी को अपने प्रोजेक्ट से जुड़ी हुई तमाम जानकारियां और कंस्ट्रक्शन को मिली अनुमति की सारी बारीकियों को कोर्ट के साथ साझा करना होगा।

एनबीसीसी पिछले कुछ वक्त से सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, त्यागराज नगर, प्रगति मैदान और किदवई नगर में दो मंजिला पुरानी सरकारी इमारतों को तोड़कर बहुमंजिला इमारतें बना रही है, इसके लिए इन इलाकों के पेड़ों को एनबीसीसी काट रहा था, लेकिन कुछ एनजीओ और स्थानीय लोगों के कोर्ट में याचिका लगाने के बाद पेड़ों की कटाई पर दिल्ली हाईकोर्ट और एनजीटी दोनों ने ही स्टे लगाया हुआ है।

आज फिर उग्र हुआ मराठा आंदोलन, पुणे में रेलवे ट्रैक और हाइवे जाम

मराठा क्रांति मोर्चा
मराठा क्रांति मोर्चा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन फिर उग्र हो गया है। पुणे में ‘मराठा क्रांति मोर्चा’ ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है, वहीं मुंबई-पुणे हाइवे को भी जाम कर दिया गया है। इस आंदोलन के मद्देनजर महाराष्‍ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बैठक बुलाई है।

पुणे में रेलवे ट्रैक

बता दें, मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा राज्यव्यापी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि, सरकार ने मराठा समुदाय के विरोध का संज्ञान लिया है और इस पर कई फैसले लिए हैं। सरकार उनसे बात करने के लिए तैयार है।

इससे पहले, प्रदर्शनकारियों के पथराव में एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य जख्मी हो गए हैं, कल मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद का आह्वान किया था, इसके बाद मुंबई में कई जगहों पर बेस्ट बसों पर पथराव किया गया, लेकिन कल दोपहर तक हिंसा तेज होते देख मराठा क्रांति मोर्चा ने मुंबई बंद वापस ले लिया था।

‘मराठा क्रांति मोर्चा’ के मुताबिक, अगर सरकार ने मराठाओं के पक्ष में उचित फैसला नहीं लिया तो जन आक्रोश पूरे महाराष्ट्र में अशांति फैला देगें, और इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री होंगे, राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मामला बेहद विवादास्पद मुद्दा है।

चीन ने कैलाश मानसरोवर के यात्रियों के वीजा का समय 10 दिन और बढ़ा दिया है

कैलाश मानसरोवर
कैलाश मानसरोवर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

उत्तराखंड में आपदा की वजह से कैलाश मानसरोवर यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड रहा है, वहीं भारत सरकार की वार्ता के बाद चीन सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों का वीजा का समय 10 दिन बढ़ा दिया है, अब कुछ दिन लेट होने के बाद भी यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर सकेंगे।

खराब मौसम के बीच कैलास मानसरोवर यात्रियों का पांचवा और छठा दल सकुशल वापस आ गया है, सभी यात्रियों ने केएमवीएन के व्यवस्था और होम स्टे प्लान की काफी सराहना की है, यात्रियों के मुताबिक, सफर कठिन था, लेकिन बेहद उत्साहित भरा रहा, सुविधाएं जितनी सोची थी उससे कही ज्यादा बढ़कर मिली।

केएमवीएन अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल यात्रा में कोई दिक्कत नहीं है और सभी दल सुचारू रूप से यात्रा पर आएंगे, उनके मुताबिक, यदि यात्रा में कोई दिक्कत आती है तो गुंजी सबसे सुरक्षित स्थान है, यात्रियों के लिए खाने-पीने की सामग्री चॉपर से भेजी जा रही है।

वहीं यात्रियों का कहना है कि भारत के लास्ट सीमा उत्तराखंड तक काफी अच्छी सुविधाएं सरकार और कुमाऊं मंडल विकास निगम दे रहा है, लेकिन वही बॉर्डर पार करने के बाद चीन सीमा में प्रवेश करते ही खाने रहने और टॉयलेट की बहुत सी समस्याएं यात्रियों को हो रही है।

चीन में भारतीय दूतावास के पास धमाका करने वाला व्यक्ति हुआ गिरफ्तार

चीन में भारतीय
चीन में भारतीय

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आज बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के बाहर धमाका हुआ है। जिस जगह पर धमाका हुआ है, उसी के पास अमेरिकी दूतावास भी मौजूद है, अभी तक जान के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।

ब्लास्ट के बाद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। एएफपी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 26 साल के एक चीनी व्यक्ति ने छोटा सा देसी बम फेंका, जिसके कारण व्यक्ति का हाथ जख्मी हो गया, लेकिन व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

ब्लास्ट के बाद लोगों ने स्पॉट की फोटो और वीडियो शेयर किए हैं। इन तस्वीरों में मौके से साफ तौर पर धुंआ उठता नजर आ रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में देखा जा सकता है कि क्या हुआ था। इस ब्लास्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें शुरू हो गयी है।

जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति ने हाथ से बने देसी बम को एम्बेसी के गेट की तरफ फेंका, हालांकि, मामूली ब्लास्ट होने के कारण किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। भारतीय एम्बेसी के सभी अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित हैं।

गाजियाबाद : भारी बारिश के बाद 30 फीट धंस गयी सड़क

गाजियाबाद
30 फीट धंस गयी सड़क

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह से ही मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरे शहर की रफ्तार रूक गयी, वहीं  गाजियाबाद के वसुंधरा में जमीन धंस गई, जिसकी वजह से लंबा जाम लगा हुआ है, लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है‌।

जमीन धंसने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के देखते हुए प्रज्ञा कुंज और वार्तालोक के करीब 50 फ्लैटों के साथ मेवाड़ कॉलेज को भी खाली करा दिया है, जानकारी के मुताबिक, बाला जी बिल्डर्स ने वार्तालोक सोसाइटी के पास पिछले कई सालों से प्रोजेक्ट को लेकर खुदाई शुरू की थी, जिसे आज तक पूरा नहीं किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रशासन और जीडीए ने बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, लोगों का कहना है कि पहले भी कई दफा सड़क धंसने की सूचना प्रशासन को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब बारिश की वजह से जमीन धंस गयी है।

बताया जा रहा है कि दोनों जगह करीब 30-30 फीट गहरी जमीं धंस गई है, घटना सुबह 7.30 बजे की है, वहीं, दूसरी ओर साहिबाबाद इलाके की अशोक वाटिका कॉलोनी में एक मकान का आधा हिस्सा गिर गया, मनीमत ये रही कि इन हादसों में किसी के हताहत होने की कोई खबर अब तक नहीं है।

जानकारी के अनुसार, बाला जी बिल्डर्स का मालिक सचिन दत्ता है, ये वही सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद हैं, जिन्हें निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाने पर विवाद खड़ा हुआ था, विवाद के बाद डिस्कोथिक और पब के साथ रियल एस्टेट कारोबारी सचिन दत्ता से उनकी संन्यासी की पदवी छीन ली गई थी।

पाकिस्तान चुनाव : इमरान खान ने अपनी सीट पर दर्ज की जीत

पाकिस्तान: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामले
पाकिस्तान: तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना के मामले

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

कल पाकिस्तान में आम चुनाव हो गया है, और वहां के अंतिम रुझानों में इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जियो न्‍यूज के अनुसार, इमरान खान ने अपनी सीट नेशनल असेंबली इस्‍लामाबाद 2 पर 92,891 वोटों से जीत हासिल की है।

चुनावों में मिली जीत पर उनके समर्थकों में भी खुशी की लहर है, समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर जश्‍न मनाना शुरू कर दिया है, चुनावों के नतीजों की घोषणा में देरी हो रही है। पाकिस्‍तान चुनाव आयोग के सचिव बाबर याकूब ने बताया कि चुनाव परिणाम में दबाव के कारण देरी हो रही है, साथ ही उन्‍होंने बताया है कि इसके चलते परिणाम जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई है।

वहींं, नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज इन चुनावों में पीछे है और उसे 61 सीटों पर बढ़त हासिल है, वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 40 सीटों पर आगे चल रहे हैं, बता दें कि, आतंकी सरगना हाफिज सईद की पार्टी अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक का खाता तक नहीं खुल पाया है।

वहीं नियमों के अनुसार, पाकिस्‍तान के चुनाव आयोग को मतदान के नतीजे फॉर्म 45 में उपलब्‍ध कराने होते हैं, लेकिन आयोग हैदराबाद और खी में फॉर्म 45 के बजाय सादे कागजों में ही नतीजे उपलब्‍ध करा रहा है, इसके कारण चुनावों में गड़बड़ी की आशंका भी उठाई जा रही है।

हालांकि, अभी तक पाकिस्तान की हंग असेंबली बनती हुई दिख रही है, 272 सीटों पर हुए चुनावों में पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 137 सीटें चाहिए, हालांकि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 44 सीटों पर आगे चल रही है।

इन चुनावों में इमरान खान के विरोधियों ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी यानि पीटीआई को पाकिस्‍तानी सेना और पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन मिला हुआ है, इस कारण उन्हें अपने विरोधियों के खिलाफ थोड़ी बढ़त हासिल है।

2019 के चुनाव में 100 फीसदी VVPAT मशीनों का होगा इस्तेमाल -चुनाव आयोग

VVPAT मशीनो
VVPAT मशीन

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

चुनाव आयोग ने दावा किया है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में 100 फीसदी वीवीपीएटी मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा, आयोग ने कहा है कि, 16.15 लाख नई मशीनों की खरीद की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, साथ ही आयोग ने कहा कि वह मशीनों के उत्पादन और आपूर्ति की भी समीक्षा कर रहा है।

चुनावों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने पहले तो ईवीएम का इस्तेमाल शुरू किया था, इसके बाद अब ईवीएम में वीवीपीएटी मशीन यानी मतदाता-सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल भी लगाई जाने लगी है, इस मशीन से वोट डालने के बाद मतदाता को एक पर्ची मिलती है, जिसमें यह दर्शाया जाता है कि वोटर ने जो अपना वोट दिया है, वह सही उम्मीदवार को गया है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 100 फीसदी वीवीपीएटी मशीनों की आपूर्ति के लिए चुनाव आयोग के लिए समय सीमा तय की थी, चुनाव आयोग ने कोर्ट में एक हलफनामे में कहा था कि 2019 के आम चुनावों में पूरी तरह से वीवीपीएटी मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

बता दें कि पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की थी कि सरकार 16 लाख से ज्यादा वीवीपीएटी मशीनें खरीदेगी, कैबिनेट ने इसके लिए 3,000 करोड़ रुपए नई ईवीएम मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी थी।

मतदाता पावती रसीद यानी वोटर वेरिफायड पेपर ऑडिट ट्रायल मतपत्र रहित मतदान प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं को फीडबैक देने का तरीका है. इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सत्यता की पुष्टि करता है, यह व्यवस्था मतदाता को इस बात का पता चलता है कि उसकी इच्छानुसार मत पड़ा है या नहीं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, मॉब लिंचिंग को तूल देने वाली कांग्रेस को 1984 के दंगे याद कर लेने चाहिए

योगी आदित्यनाथ
किसान आन्दोलन
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
देश में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर) हत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं,  तमाम विपक्षी दल इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रही हैं, सरकार ने भी इन घटनाओं से दुखी होकर कानून में बदलाव करने तथा अन्य जरूरी कदम उठाने की रणनीति तैयार की है।
अब इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस तरह के मामलों को बिना वजह के तूल दिया जा रहा है, कांग्रेस इन घटनाओं को तूल दे रही है, उन्होंने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि उनके लिए लोग भी जरूरी हैं और गाय भी।
उन्होंने कहा कि कुदरत में दोनों का ही अपना-अपना महत्व है और सभी को सुरक्षा मिलनी चाहिए, इसलिए सभी की सुरक्षा के लिए कानून अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रहा है, सरकार सभी को सुरक्षा मुहैया कराएगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति, हर समुदाय और हर धर्म को एकदूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए‌।
मॉब लिंचिंग के लिए कांग्रेस का जिम्मेदार ठहराते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 1984 के दंगों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस कुछ मुद्दों को बिना वजह तूल दे रही है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कोई भी मुद्दा उठाने से पहले 84 के दंगों को याद कर लेना चाहिए।
वहीं आगे योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में पीएम मोदी को गले लगाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी उनसे गले मिलने से पहले 10 बार सोचेंगे, योगी ने कहा कि राहुल गांधी बच्चों जैसी हरकतें करते हैं। उनके पास अपनी बुद्धि और विवेक नहीं है।
बता दें कि जब योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली थी तो उन्होंने प्रदेश में गैर-कानून तरीके से चल रहे स्लाटर हाउसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी, उन्होंने कहा था कि गायों का संरक्षण बहुत जरूरी है, गोरक्षकों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष आदमी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन माफिया और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।