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Thursday, September 3, 2026
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#MeToo कैंपेन पर एम जे अकबर पर लगे आरोपों पर ओवैसी समेत कई लोगों ने दी प्रतिक्रया

#MeeToo कैंपेन पर एम जे अकबर पर लगे आरोपों पर ओवैसी समेत कई लोगों ने दी प्रतिक्रया
#MeeToo कैंपेन पर एम जे अकबर पर लगे आरोपों पर ओवैसी समेत कई लोगों ने दी प्रतिक्रया
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 
#METOO कैंपेन के जोर पकड़ते ही कई नामी-गिरामी चेहरे कठघरे में खड़े हो गए हैं, इसी क्रम में विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर, जो पहले कई अखबारों और पत्रिकाओं के संपादक रह चुके हैं, उन पर अब तक 10 महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सीनियर जर्नलिस्ट रहे अकबर होटल के कमरे में उनका इंटरव्यू लेते थे और फिर उन्हें अपना बिस्तर और शराब ऑफर करते थे, अकबर ने इन आरोपों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
अब इस मामले में लोगों की प्रतिक्रियायें आने लगी हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम विपक्ष पीएम मोदी से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ने चुप्पी साधी हुई है।
दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे केंद्रीय मंत्री और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर को पद से हटाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, ये सही वक्त है, सामने आइए और इसकी रिपोर्ट करिए ताकि हमारे समाज में मौजूद ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा सके और उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की जरूरत है।
वहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर कुछ बोलने से इनकार कर दिया है, उमा भारती ने कहा, ये मामला उस समय का है, जब वो केंद्र सरकार में शामिल नहीं थे, इसलिए ये मामला अकबर और उन महिलाओं के बीच का है, सरकार इस पर कुछ नहीं कर सकती है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मी टू कैंपेन में घिरे विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर के बारे में पूछने पर कहा कि, इस मुद्दे पर वही सही बता सकते हैं, उन्होंने कहा मीडिया अकबर की महिला सहयोगियों की बातें सामने ला रहा है, मेरा मानना है कि जो भी महिलाएं आपबीती बता रही हैं उन्हें न तो बदनामी का शिकार बनाया जाना चाहिए और न उनका मजाक उड़ाना चाहिए।
इस मामले में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्‍यम स्वामी ने मीटू कैंपन का समर्थन किया है, एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर स्वामी ने कहा, अकबर मंत्री हैं, उन्हें पीएम मोदी ने मंत्री बनाया है, प्रधानमंत्री को इस पर बोलना चाहिए।
वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री परिषद से हटाए जाने की मांग की है, उन्होंने ट्वीट किया है कि, अकबर शर्म करिए! और आप तीन तलाक विधेयक पर बहस के दौरान संसद में खड़े होकर मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके उत्पीड़न को रोकने की बात करते हैं।

मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप

मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप
मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 
फिल्म इंडस्ट्री से ‘मी टू’ अभियान की शुरुआत होने के बाद इसकी चपेट में मीडिया जगत भी आ गया है और इसकी लपटें मोदी सरकार के एक मंत्री पर भी आ गयी हैं, मोदी सरकार के केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर दो महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर आरोप लगाने के एक दिन बाद, उनकी पूर्व सहयोगी प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने भी उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने 9 अक्टूबर को रमानी और न्यूज पोर्टल फर्स्टपोस्ट में एक अनाम लेखिका के ट्वीट पर आधारित खबर चलाई थी, संयोग की बात है कि अकबर द टेलीग्राफ के संस्थापक संपादक रह चुके हैं।
वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अकबर के विरुद्ध लगे आरोपों पर मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया है, पत्रकारों ने उनसे जब जोर देकर पूछा कि क्या इस मामले में कोई जांच होगी, तो वह बिना उत्तर दिए वहां से चली गईं।
बता दें कि, प्रिया रमानी ने 6 अक्टूबर को ट्वीट किया था कि, ‘आखिर एमजे अकबर की बारी कब आएगी.’ जल्द ही मेरे दोस्तों और एशियन एज- जहां 1994 में इंटर्न के तौर पर मेरे जुड़ने के वक्त एमजे अकबर संपादक थे, मेरे सारे  पुराने सहकर्मियों ने मुझसे संपर्क करना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि, तुम अकबर के बारे में अपनी कहानी क्यों नहीं लिखती हो? मैं इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थी कि क्या दो दशक से ज्यादा वक्त गुज़र जाने के बाद ऐसा करना सही रहेगा, लेकिन जब ऐसे संदेश आते रहे, तब मैंने इसके बारे में सोचा।
वहीं कुछ लोगों ने कहा कि, हो सकता है कि मेरी कहानी कुछ दूसरों को भी अपना सच बताने का हौसला दे, इसलिए मैंने अपनी कहानी बताने का फैसला लिया।
मैंने ‘जर्नलिस्ट’  बनने का फैसला तब ही कर लिया था, जब मैं इसकी स्पेलिंग भी नहीं जानती थी, लेकिन अकबर की किताबों से मेरा सामना होने के बाद मेरी इच्छा, जुनून में तब्दील हो गई थी।
जब 1994 में मुझे एशियन एज के दिल्ली दफ्तर में नौकरी मिली, अकबर अपनी विद्वता को हल्के में लेते थे, कुछ ज्यादा ही हल्के में लेते थे, वे दफ्तर में चिल्लाया करते, गालियां देते और शराब पीते थे, एक सीनियर ने मेरी खिंचाई करते हुए हुए कहा, तुम कुछ बिल्कुल छोटे शहरवाली ही हो।
मैंने लोगों को एशियन एज के दिल्ली ऑफिस को अकबर का ‘हरम’ कहकर पुकारते सुना- वहां जवान लड़कियों की संख्या पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा थी, मैं अक्सर सब संपादकों-रिपोर्टरों के साथ उनके अफेयर की चर्चाएं भी सुना करती थी और यह भी कि एशियन एज के हर क्षेत्रीय ऑफिस में उनकी एक गर्लफ्रेंड है।
लेकिन एशियन एज में मेरे तीसरे साल में मैं इस ‘ऑफिस कल्चर’ से अछूती नहीं रह सकी, उनकी निगाह मुझ पर पड़ी और इस तरह बुरे सपने सरीखे उस दौर की शुरुआत हुई।
मेरी डेस्क बदलकर उनके केबिन के ठीक बाहर कर दी गई, जो दरवाजा खुलने पर उनकी डेस्क के ठीक सामने पड़ती, इस तरह कि अगर उनके कमरे का दरवाजा थोड़ा-सा भी खुला रह जाए तो मैं उनके सामने होती थी।
उसके बाद मेरी साफ दिख रही बेबसी से प्रोत्साहित होकर उन्होंने मुझे अपने केबिन में बुलाना शुरू कर दिया, वे ऐसाी बातचीत करते, जो निजी किस्म की होती, अश्लील होती थी।
1997 को एक रोज़ जब मैं आधा उंकड़ू होकर डिक्शनरी पर झुकी हुई थी, वे दबे पांव पीछे से आए और मुझे कमर से पकड़ लिया, मैं डर के मारे खड़े होने की कोशिश में लड़खड़ा गई. वे अपने हाथ मेरे स्तन से फिराते हुए मेरे नितंब पर ले आए. मैंने उनका हाथ झटकने की कोशिश की, लेकिन झटक नहीं पायी।
दरवाजा न सिर्फ बंद था, बल्कि उनकी पीठ भी उसमें अड़ी थी, ख़ौफ के उन चंद लम्हों में हर तरह के ख्याल मेरे दिमाग में दौड़ गए, आखिर उन्होंने मुझे छोड़ दिया, मैं उनके केबिन से भागते हुए निकली और वॉशरूम में जाकर रोने लगी।
अगली शाम उन्होंने मुझे अपने केबिन में बुलाया. मैंने दरवाजा खटखटाया और भीतर दाखिल हुई, वे दरवाजे के सामने ही खड़े थे और इससे पहले कि मैं कोई प्रतिक्रिया दे पाती, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मुझे अपने शरीर और दरवाजे के बीच जकड़ लिया।
मैंने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुझे पकड़े रखा और मुझे चूमने के लिए झुके, मैंने पूरी ताकत से अपना मुंह बंद किए हुए, अपने चेहरे को एक तरफ घुमाने के लिए जूझ रही थी, ये खींचातानी चलती रही, मुझे कामयाबी नहीं मिली।
फिर जिंदगी आगे बढ़ती गयी और ये बात पुरानी होती गयी, आंखों से ओझल होती गयी, ये मेरे लिए एक बुरा सपना या बुरी जिंदगी से कम नहीं था, #Mee too कैमरन की वजह से आज मैं अपनी बात सबके सामने बेबाकी से रख पा रही हूं।

AMU विवाद: दो छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज 

AMU विवाद: दो छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज 
AMU विवाद: दो छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज 
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आजादी-आजादी के नारे लगने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद एएमयू प्रशासन ने 9 कश्मीरी छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एएमयू प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो छात्रों को सस्पेंड भी कर दिया है, जानकारी के अनुसार, ये दोनों वही छात्र हैं, जिनके खिलाफ पुलिस ने नामजद केस दर्ज किया है।
एएमयू प्रशासन ने सात लड़कों को 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है, सस्पेंड किए दोनों छात्र पीएचडी के छात्र हैं, इनका नाम वसीम अयूब मालिक और अब्दुल हसीब मीर है, वहीं, पुलिस बाकी आरोपियों की पहचान के लिए मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था, मारे गए आतंकियों में से एक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के स्कॉलर से हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बना मन्नान बशीर वानी भी है।
11 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर दोपहर साढ़े तीन बजे कैनेडी हॉल परिसर में नमाज-ए-जनाजा के आयोजन की सूचना दी गई थी, निर्धारित समय पर कश्मीर के करीब 150 छात्र जमा हो गए, सीनियर छात्रों ने इसका विरोध किया, बस इसी दौरान कश्मीरी छात्रों की उनसे नोकझोंक भी हुई और विवाद शुरू हो गया।
मनान वानी AMU का छात्र था, AMU से मिली जानकारी के मुताबिक, वह भूगर्भ विज्ञान में PhD की पढ़ाई कर रहा था, एएमयू ने बताया कि, अटेंडेंस रजिस्टर के मुताबिक, वह आखिरी बार २ जनवरी को यूनिवर्सिटी पहुंचा था।
वहीं 6 जनवरी 2018 को उसे दिल्ली से कश्मीर जाना था, इसी दौरान उसकी एके-47 के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर आ गई थी, यह खबर मिलते ही AMU प्रशासन ने उसे यूनिवर्सिटी से निष्काषित कर दिया था।

यूपीटीईटी 2018: अध्यापक पात्रता परीक्षा की तारीख बदल गयी, अब 18 नवंबर को होगी परीक्षा

यूपीटीईटी 2018: अध्यापक पात्रता परीक्षा की तारीख बदल गयी, अब 18 नवंबर को होगी परीक्षा
यूपीटीईटी 2018: अध्यापक पात्रता परीक्षा की तारीख बदल गयी, अब 18 नवंबर को होगी परीक्षा
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने 4 नवंबर को होने वाली टीईटी परीक्षा 2018 की डेट अब  बढ़ा दी है,  अध्यापक पात्रता परीक्षा अब 18 नवंबर को होगी और रिजल्ट 10 दिसंबर तक आयेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई एक बैठक के बाद मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय व बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा प्रभात कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि टीईटी 2018 की तारीख बढ़ा दी गई है, इसे 4 नवम्बर से बढ़ाकर 18 नवम्बर कर दिया गया है, टीईटी के आवेदनों के लिए बनी वेबसाइट में हुई गड़बड़ी के चलते ये निर्णय लिया गया है।
वहीं 1 से 3 नवंबर तक बीटीसी के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा फिर से आयोजित कराई जाएंगी, और इसका रिजल्ट भी 10 दिसंबर तक आयेगा, बंता दें कि पेपर लीक होने के चलते इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था।
इस मुद्दे पर बीटीसी प्रशिक्षु भी टीईटी की तिथि बढ़ाने को लेकर तीन दिन परीक्षा नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं, इसी को देखते सचिव ने शासन को तिथि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था।

#MeToo मामला: जांच के लिए बनेगी कमेटी -मेनका गाँधी

MeToo पर सख्त फैसले लेने की तैयारी में सरकार
MeToo पर सख्त फैसले लेने की तैयारी में सरकार

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

यौन शोषण के खिलाफ सोशल नेटवर्किंग साइट पर #MeToo कैंपेन में अब तक कई नाम सामने आ चुके हैं, मामले की गंभीरता को समझते हुए अब सरकार इस पर एक्शन लेने की तैयारी कर रही है।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा, इस कमेटी में जज और कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो पहले मामलों की गहनता से जांच करेंगे और फिर इसकी सुनवाई करेंगें।

मेनका गांधी ने कहा, मैं प्रत्येक शिकायत की पीड़ा और सदमा समझ सकती हूं, उन्होंने कहा कि किसी के दर्द को समझने से बात नहीं बनती है, इसलिए इस बात का फैसला लिया गया है कि इस मामलों की जांच के लिए वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति बनाई जाएगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौतम पटेल देश में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के समर्थन में खुल कर आये हैं और कहा है कि पितृसत्तात्मक दुनिया महिलाओं को खुल कर बोलने की अनुमति नहीं देती है।

सोशल नेटवर्किंग साइट पर ज़ोर पकड़ती मुहिम-
देश में जारी ‘मी टू’ मुहिम के तहत कई महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न या यौन दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए हैं, जिसके लपेटे में केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर और फिल्म अभिनेता आलोक नाथ सहित मीडिया और मनोरंजन जगत के कई नामी-गिरामी चेहरे आए हैं।

माता रानी के दर्शन के लिए पहुंची सारा अली खान, कहा – मैंने पाप किया हो तो…. 

माता रानी के दर्शन के लिए पोहची सारा अली खान, कहा - मैंने पाप किया हो तो.... 
माता रानी के दर्शन के लिए पोहची सारा अली खान, कहा - मैंने पाप किया हो तो.... 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com 

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान अपने बॉलीवुड डेब्यू से पहले ही काफी लाइमलाइट में हैं। घर से निकलते ही सारा की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है। इस बार सारा एक वीडियो है जो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। सारा का ये वीडियो उन दिनों का जब वो अपनी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग कर रही थीं।
 
 सारा अली खान नवरात्रि के मौके पर माता वैष्णो देवीके दर्शन करने पहुंची हैं। सारा अली खान का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे माता वैष्णो देवी की गुफा के दर्शन करने के लिए जा रही हैं, और अपने गाइड से बातें कर रही हैं।
 
इस वायरल वीडियो को सारा ने खुद अपनी सोशल साइट इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है।  सारा के इस वीडियो को फैंस काफी सपंद कर रहे हैं। सारा अली खान ने इस वीडियो के साथ लिखा है कि ‘कोई बता पाएगा मैं गुफा में जा पाऊंगी या नहीं?’  वीडियो में आप देख सकते हैं कि सारा घोड़े पर सवार होकर माता रानी के दर्शन करने के लिए जा रही हैं. उस दौरान उन्होंने अपने फोन से ये वीडियो बनाया है. वीडियो में सारा कहती है, “अगर मैंने पाप किए हैं तो मैं दर्शन नहीं कर पाऊंगी… मैं अंदर जा ही नहीं पाऊंगी…और अगर मैंने पाप नहीं किए हैं तो मैं अंदर जा पाऊंगी और माता रानी को पता होगा की मैंने पाप किए हैं या नहीं.”
 
सारा अली खान वैसे भी इन दिनों अपनी अगली दो फिल्मों को लेकर फिंगरक्रॉस करे हुए हैं क्योंकि ‘केदारनाथ’ बहुत ही मुश्किलों के बाद पूरी हो पाई हैं जबकि ‘सिम्बा’ दिसंबर में रिलीज होगी। बता दें कि, सारा अली खान की डेब्यू फिल्म ‘सिंबा’ इसी साल दिसंबर में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में सारा के साथ रणवीर सिंह नजर आएंगे। इस फिल्म को रोहित शेट्टी डायरेक्ट कर रहे हैं और इसे प्रोड्यूस किया है करण जौहर ने।   

दिल्ली : इन कारणों की वजह से आरोपी बेटे सूरज ने ली थी मां-बाप और बहन की जान

डॉक्टर ने पूर्व पत्‍नी का किया ख़ून, सामने आया सारा सच
डॉक्टर ने पूर्व पत्‍नी का किया ख़ून, सामने आया सारा सच
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 
दिल्ली के किशनगढ़ इलाके में अपने माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी बेटे ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं, पूछताछ में उसने इस घटना को अंजाम देने के पांच अहम कारण बताए हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बेटा अपने दोस्तों के साथ गोवा जाना चाहता था, लेकिन परिजनों ने उसे मना कर दिया था, उसके बार-बार गुजारिश करने के बाद भी उसके परिजन गोवा जाने के खिलाफ थे।
इस बात का खुलासा पूछताछ के आलवा उसके मोबाइल में बने व्हाट्सअप ग्रुप की जांच में हुआ है, आरोपी के गोवा जाने की जिद करने पर पिता ने उसकी पिटाई कर दी थी, इससे सूरज इस कदर आहत हुआ कि उसने परिवार को मौत के घाट उतार दिया। 
आरोपी 12वीं कक्षा में फेल हो गया था, जिसके बाद वह आगे पढ़ाई नहीं करना चाहता था, मगर परिजनों ने जबरन 12वीं में फिर से उसका दाखिला करा दिया, इसके बाद पिता ने उसकी मर्जी के खिलाफ उसका दाखिला गुरुग्राम के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में करा दिया था, जिससे वह खुश नहीं था।
आरोपी अपने दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करता था तो उसे देर हो जाती थी, इस पर पिता उसकी पिटाई भी कर देते थे, पिता उसके दोस्तों को फोन कर उनसे भी पूछताछ करने के लगे थे, इस पर दोस्त उसका मजाक उड़ाते थे , इससे भी वह खफा था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने तिहरे हत्याकांडके बाद सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़े धो दिए थे व फर्श से खून साफकर दिया था, पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके कपड़े बरामद कर लिए है। 

हाउसफुल 4 से नहीं हसाएंगे आपको अक्षय कुमार छोड़ी साजिद खान की फिल्म 

हाउसफुल 4 से नहीं हसाएंगे आपको अक्षय कुमार छोड़ी साजिद खान की फिल्म 
हाउसफुल 4 से नहीं हसाएंगे आपको अक्षय कुमार छोड़ी साजिद खान की फिल्म 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com 

अक्षय कुमार ने फिल्म हाउसफुल 4 से खिंचा अपना हाथ खिंचा। बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने भी #MeToo कैंपेन का सपोर्ट करते हुए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘हाउसफुल 4’ की शूटिंग कैंसिल करने के लिए प्रोड्यूसर्स के रिक्वेस्ट किया है। 
 
नाना पाटेकर और साजिद खान जैसे बड़े नाम सामने आने के बाद अब बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर भी इसका असर पड़ने लगा है। मूवी हाउसफुल-4 के एक्टर अक्षय कुमार ने साजिद और नाना पाटेकर पर लगे गंभीर आरोपों के तहत जांच खत्म होने तक शूटिंग कैंसल करने की जानकारी दी है।
 
अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की हैl जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैं अभी कल रात ही देश में वापस आया हूं l और जो भी अब तक इस बारे में (मी टू) बातें सुनी हैं उससे बहुत ही डिस्टर्ब हूंl मैं हाउसफुल 4 के निर्माताओं से निवेदन करता हूं कि जब तक इस प्रकरण की जांच नहीं हो जाती तब तक हाउसफुल 4 की शूटिंग रद्द की जाएl इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि जो महिलाएं आगे आकर इस प्रकार की बातें कह रही हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए और जिन लोगों का नाम इस प्रकरण में आया है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिएl यह ऐसा प्रकरण है जिसमें कठोर कार्रवाई होनी चाहिएl मैं ऐसे किसी भी आरोपी के साथ काम नहीं करूंगा, जो इस तरह के प्रकरण में अपराधी हैंl
 
अक्षय कुमार के इस निर्णय के बाद ‘हाउसफुल 4’ के डायरेक्टर साजिद खान ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने भी फिल्म के डायरेक्टर पद से हटने का फैसला लिया है। साजिद खान का कहना है कि जब तक अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित कर सच को सामने ना ला दूं, तब तक डायरेक्टर पद से हट रहा हूं।
 
आपको बता दें कि पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान पत्रकार करिश्मा उपाध्याय ने साजिद पर सेक्शुअल हैरसमेंट का आरोप लगाया था। हमशक्ल में उनकी असिस्टेंट डायरेक्टर रहीं सलोनी चोपड़ा ने भी कहा है कि साजिद ने कई महीनों तक उनका सेक्शुअली और मेंटली हैरसमेंट किया। इसके अलावा ऐक्ट्रेस रेचल वाइट ने भी आरोप लगाया है कि साजिद ने उनसे उनके ब्रेस्ट के बारे में बात की थी। ऐक्ट्रेस ने कहा था कि साजिद उन्हें ऐसे घूर रहे थे कि उन्हें महसूस हुआ कि उन्होंने कपड़े नहीं पहन रखे हैं।   

जसलीन को पूल में देख रोमिल खो बैठे अपना सुधबुध 

जसलीन को पूल में देख रोमिल खो बैठे अपना सुधबुध 
जसलीन को पूल में देख रोमिल खो बैठे अपना सुधबुध 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com

बिगबॉस के घर में कंट्रोवर्सी के अलावा कई मजाक मस्ती भी होते रहते है। हालही में एक वीडियो सामने आया जहाँ जसलीन मथारु और रोमिल मस्ती मजाक करते नजर आ रहे है। इस वीडियो में जस्लीन बिकिनी पहन स्विमिंग पूल में रोमिल को खींचती है 
जसलीन शो की सबसे ग्लैमरस कंटेस्टेंट है। दरअसल पूल में दीपक और रोमिल मस्ती कर रहे होते है। तभी पूल में जसलीन की एंट्री होती है और फिर रोमिल उन्हें देख भागने लगते है। और तभी दीपक रोमिल को पूल में धकेलते है। पूल के अंदर जसलीन रोमिल के करीब आने की कोशिश करती है जिसके बाद रोमिल थोड़ा सहम जाते हैं। 
वीडियो में उर्वशी, दीपक, रोमिल और जसलीन पूल में मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं। जबकि सुरभि राणा पूल के बाहर बैठी हुई हैं। जसलीन के आते ही दीपक रोमिल से कहते हैं कि हम लोग बाहर चलते हैं बहुत देर से नहा भी तो रहे हैं। रोमिल और दीपक पूल से बाहर निकल जाते हैं। तभी दीपक रोमिल को पूल में धक्का दे देते हैं। इसके बाद जसलीन रोमिल को अपनी ओर खींचने लगती हैं…तो रोमिल पूल से निकलकर भाग जाते हैं। 

पिछले साल के मुकाबले भारत में 11 फीसदी ज्यादा दी गई रिश्वत : रिपोर्ट

भारत में 11 फीसदी ज्यादा दी गई रिश्वत : रिपोर्ट
भारत में 11 फीसदी ज्यादा दी गई रिश्वत : रिपोर्ट

सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 

भारत में भ्रष्टाचार को खत्म करने के भले तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन बता दें कि साल के मुकाबले इस साल भारत में घूस देने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पिछले एक साल में देश के 56 फीसदी लोगों ने या तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से घूस दी है।

ये दावा ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया एंड लोकल सर्किल्स ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है, ये सर्वे 1.60 लाख प्रतिक्रियाओं के आधार पर किया गया है, पिछले साल 45 फीसदी लोगों ने देश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से अपने काम के लिए रिश्वत दी थी।

इस साल ये आंकड़ा बढ़कर 56 फीसदी पर पहुंच गया है, इस सर्वे के अनुसार, 58 फीसदी लोगों का कहना है कि उनके राज्य में एंटी करप्शन हेल्पलाइन जैसी कोई चीज नहीं है, वहीं 33 फीसदी लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि वह इस तरह की किसी भी हेल्पलाइन से परिचित नहीं हैं।

इस सर्वे के अनुसार, घूस में सबसे ज्यादा नकद लेन देन का इस्तेमाल हुआ है, कुल रिश्वत में 39 फीसदी रकम नकद दी गई है, वहीं 25 फीसदी एजेंट द्वारा घूस दी गई है, इसमें सबसे ज्यादा घूस पुलिसवालों को दी गई है।

सर्वे बताता है कि, पिछले साल और इस साल रिश्वत देने वाले 36 फीसदी लोगों का कहना था कि अपना काम कराने का यही एकमात्र तरीका है, पिछले साल जहां 43 फीसदी लोग कह रहे थे कि अपना काम कराने के लिए वह रिश्वत नहीं देते तो इस साल ऐसे लोगों का आंकड़ा 39 फीसदी ही था।