#MeToo कैंपेन पर एम जे अकबर पर लगे आरोपों पर ओवैसी समेत कई लोगों ने दी प्रतिक्रया
मोदी सरकार के मंत्री एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप
AMU विवाद: दो छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज
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#MeToo मामला: जांच के लिए बनेगी कमेटी -मेनका गाँधी
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
यौन शोषण के खिलाफ सोशल नेटवर्किंग साइट पर #MeToo कैंपेन में अब तक कई नाम सामने आ चुके हैं, मामले की गंभीरता को समझते हुए अब सरकार इस पर एक्शन लेने की तैयारी कर रही है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा, इस कमेटी में जज और कानून विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो पहले मामलों की गहनता से जांच करेंगे और फिर इसकी सुनवाई करेंगें।
मेनका गांधी ने कहा, मैं प्रत्येक शिकायत की पीड़ा और सदमा समझ सकती हूं, उन्होंने कहा कि किसी के दर्द को समझने से बात नहीं बनती है, इसलिए इस बात का फैसला लिया गया है कि इस मामलों की जांच के लिए वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति बनाई जाएगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौतम पटेल देश में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के समर्थन में खुल कर आये हैं और कहा है कि पितृसत्तात्मक दुनिया महिलाओं को खुल कर बोलने की अनुमति नहीं देती है।
सोशल नेटवर्किंग साइट पर ज़ोर पकड़ती मुहिम-
देश में जारी ‘मी टू’ मुहिम के तहत कई महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न या यौन दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए हैं, जिसके लपेटे में केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर और फिल्म अभिनेता आलोक नाथ सहित मीडिया और मनोरंजन जगत के कई नामी-गिरामी चेहरे आए हैं।
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ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com
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ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com
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ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.Com
पिछले साल के मुकाबले भारत में 11 फीसदी ज्यादा दी गई रिश्वत : रिपोर्ट
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com
भारत में भ्रष्टाचार को खत्म करने के भले तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन बता दें कि साल के मुकाबले इस साल भारत में घूस देने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पिछले एक साल में देश के 56 फीसदी लोगों ने या तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से घूस दी है।
ये दावा ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया एंड लोकल सर्किल्स ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है, ये सर्वे 1.60 लाख प्रतिक्रियाओं के आधार पर किया गया है, पिछले साल 45 फीसदी लोगों ने देश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से अपने काम के लिए रिश्वत दी थी।
इस साल ये आंकड़ा बढ़कर 56 फीसदी पर पहुंच गया है, इस सर्वे के अनुसार, 58 फीसदी लोगों का कहना है कि उनके राज्य में एंटी करप्शन हेल्पलाइन जैसी कोई चीज नहीं है, वहीं 33 फीसदी लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि वह इस तरह की किसी भी हेल्पलाइन से परिचित नहीं हैं।
इस सर्वे के अनुसार, घूस में सबसे ज्यादा नकद लेन देन का इस्तेमाल हुआ है, कुल रिश्वत में 39 फीसदी रकम नकद दी गई है, वहीं 25 फीसदी एजेंट द्वारा घूस दी गई है, इसमें सबसे ज्यादा घूस पुलिसवालों को दी गई है।
सर्वे बताता है कि, पिछले साल और इस साल रिश्वत देने वाले 36 फीसदी लोगों का कहना था कि अपना काम कराने का यही एकमात्र तरीका है, पिछले साल जहां 43 फीसदी लोग कह रहे थे कि अपना काम कराने के लिए वह रिश्वत नहीं देते तो इस साल ऐसे लोगों का आंकड़ा 39 फीसदी ही था।

















