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Saturday, August 8, 2026
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पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अपने जीवन से संतुष्ट, शोध में हुआ खुलासा

लाइफस्टाइल डेस्क। महिलाएं अपने जीवन से अधिक संतुष्ट होती हैं, जबकि पुरुषों में चिड़चिड़ापन कम होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं में संतुष्टि का भाव अधिक होने के कारण वे पुरुषों के मुकाबले ज्यादा खुश रहती हैं। 6 साल के शोध के बाद ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेश्नल स्टेटिस्टिक्स ने यह खुलासा किया है।

महिलाओं और पुरुषों के बीच संतुष्टि के भाव को लेकर हुए इस अध्ययन में कहा गया है कि महिलाएं अपने जीवन की घटनाओं से जल्दी उबर जाती हैं, इसलिए उनमें खुशी का अहसास अधिक रहता है। शोधकर्ताओं ने हालांकि यह भी दावा किया कि महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले अधिक चिड़चिड़ापन होता है। अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि पुरुष महिलाओं की अपेक्षा कम संतुष्ट पाए गए, मगर उनमें चिड़चिड़ापन नहीं था।

शोधकाल के दौरान महिला और पुरुष दोनों अपने आसपास के माहौल को लेकर चिंतित थे, वहीं महिलाओं में हालात के सुधरने की उम्मीद पुरुषों के मुकाबले अधिक थी। विशेषज्ञ इसके पीछे कोई सटीक कारण नहीं दे सके। शोधकर्ताओं ने दावा किया कि इस अध्ययन से लोगों के भावनात्मक स्तर को भी समझने में आसानी होगी।

हृदय रोगियों के लिए एंटीबायोटिक जानलेवा, दवा प्रशासन ने लोगों को किया आगाह

हेल्थ डेस्क। आमतौर पर ली जाने वाली एंटीबायोटिक के प्रति हृदय रोगियों को सावधान रहना चाहिए। इन दवाओं के सेवन से हृदय रोगियों की मौत की आशंका बढ़ सकती है। दरअसल अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (USFDA) ने लोगों को आगाह किया है कि सामान्य संक्रमण में ली जाने वाली एंटीबायोटिक सेवन के कई वर्षों बाद भी जानलेवा हो सकती हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि त्वचा, कान, साइनस और फेफड़ों में संक्रमण के लिए दी जाने वाली एंटीबायोटिक क्लैरिथ्रोमाइसिन के प्रति भी सावधान किया है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए विशेषज्ञों ने हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के आंकड़ों पर 10 वर्षों तक अध्ययन किया।

शोध के दौरान उन्होंने देखा कि दो हफ्ते से अधिक समय तक क्लैरिथ्रोमाइसिन दवा का सेवन करने वालों में हार्ट अटैक या अचानक मौत की आशंका अधिक थी। क्लैरिथ्रोमाइसिन और अजिथ्रोमाइसिन एक ही समूह की दो आमतौर पर दी जाने वाली दवाएं हैं। हालांकि एफडीए की मंजूरी से क्लैरिथ्रोमाइसिन का इस्तेमाल 25 साल से भी अधिक समय से किया जाता रहा है। एफडीए का कहना है कि क्लैरिथ्रोमाइसिन एंटीबायोटिक के मैक्रोलाइड्स समूह में आती है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए बैक्टीरिया में प्रोटीन के उत्पादन को रोकती है।

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण हो सकता है आपका खुशबूदार परफ्यूम

हेल्थ डेस्क। परफ्यूम की मनमोहक खुशबू कई गंभीर बीमारियों की वजह भी हो सकती है। इस बात पर यकीन करना थोड़ा कठिन हो सकता है, लेकिन है बिल्कुल सच। इस संबंध में किए गए अनेक अंतरराष्ट्रीय शोधों में यह बात साबित हुई है कि इत्र माइग्रेन के भयंकर सिरदर्द से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी हो सकता है।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में इस संबंध में शोध हुए हैं। इनमें विशेषज्ञों ने दावा किया है कि रोजमर्रा के कामकाज में इस्तेमाल होने वाली चीजों में मौजूद रसायन या सुगंध से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा हो सकता है। सफाई वाले स्प्रे का रसायन फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, तो इत्र समेत अन्य खुशबू वाले उत्पाद, पेंट और डिटरजेंट से माइग्रेन और कैंसर तक हो सकता है। इस शोध के नतीजे साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।

अध्ययन के दौरान देखा गया कि खुशबू के प्रति संवेदनशील लोगों को आंखों में जलन, पानी आना, बंद नाक, सिरदर्द और अस्थमा की शिकायत देखी गई। कुछ अन्य गंभीर मामलों में मितली आने और त्वचा की समस्याएं देखने को मिली। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में हुए एक अन्य अध्ययन में विशेषज्ञों ने इत्र, खुशबू वाले उत्पाद या सफाई वाले रसायनों को माइग्रेन का कारक बताया।

विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष 500 लोगों के आंकड़ों के अध्ययन के बाद निकाला। इस अध्ययन में पाया गया कि लगभग 60 फीसदी मामलों में माइग्रेन का अटैक हुआ, जबकि 68 फीसदी मामलों में लोगों ने नाक और साइनस में परेशानी अनुभव की।

टाटा मोटर्स ने इंडिया में लांच की अब तक की सबसे सस्ती Electric SUV, जानें कीमत

बिजनेस डेस्क। प्रतिष्ठित कार निर्माता कंपनी Tata Nexon EV ने अपनी बहुप्रतीक्षित कार मंगलवार को बाजार में बिक्री के लिए उतार दी है। इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 13।99 लाख रुपये है। यह टाटा की पहली और देश में सबसे सस्ती Electric SUV है। Tata Nexon Electric तीन वेरियंट (एक्सएम, एक्सजेड प्लस और एक्सजेड प्लस एलयूएक्स) में बाजार में उतारी गई है। मार्केट में इसकी टक्कर एमजी मोटर की जेडएस ईवी और ह्यूंदै की कोना Electric SUV से होगी।

Tata Nexon EV में 30।2 किलोवाट लिथियम-आयन बैटरी पैक है। बैटरी पैक को फ्लोर के नीचे दिया गया है, जो बॉडी रोल को कम करने में मदद करेगा। इस Electric SUV में दिया गया Electric मोटर 129पीएस का पावर और 245एनएम पीक टॉर्क जेनरेट करता है। Tata Moters का दावा है कि Nexon Electric एक बार फुल चार्ज होने पर 312 किलोमीटर तक चलेगी। 0-100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में इस Electric SUV को 9।9 सेकंड का समय लगेगा। स्टैंडर्ड 15ए एसी चार्जर से बैटरी को 20 पर्सेंट से 100 पर्सेंट चार्ज करने में 8 घंटे का समय लगेगा। वहीं, फास्ट चार्जर से इसकी बैटरी को 60 मिनट में 0 से 80 पर्सेंट तक चार्ज किया जा सकता है।

Nexon Electric स्टैंडर्ड Nexon (पेट्रोल-डीजल मॉडल) के फेसलिफ्ट मॉडल पर आधारित है। इस Electric SUV में ह्यूमनिटी लाइन ग्रिल, प्रोजेक्टर लाइट्स के साथ शार्प हेडलैम्प्स और एलईडी डीआरएल दिए गए हैं। कार में चौड़ा एयरडैम, क्रोम बेजल्स के साथ फॉग लैम्प, नए अलॉय वील्ज और टर्न इंडिकेटर्स के साथ आउट साइड रियर व्यू मिरर्स हैं। स्टैंडर्ड Nexon से अलग इसमें Nexon EV की बैजिंग है। यह Electric SUV तीन कलर ऑप्शन- सिग्चेनर टील ब्लू, ग्लेशियर वाइट और मूनलाइट सिल्वर में उपलब्ध है।

औरैया में 6 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म, सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर

क्राइम डेस्क. जंगल में लकड़ी बीनने गई एक 6 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया और फरार हो गया। घटना का शिकार हुई मासूम बच्ची को गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया है।

बच्ची को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई, जब मासूम पीड़िता के मां-बाप मजदूरी करने बाहर गए हुए थे और वह अपने दादा-दादी के साथ रह रही थी। पीड़िता के दादा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि फफूंद कस्बे की रहने वाली नाबालिग छह वर्षीय बच्ची को उस समय एक अज्ञात युवक ने पास के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया, जब वह एक अन्‍य बच्चे के साथ लकड़ी बीनने गई थी। इसी बीच वहां एक अज्ञात युवक आया और उसे लकड़ी देने का बहाना कर झाड़ियों में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

खुलासा तब हुआ जब नाबालिग के साथ खेल रहा पड़ोसी बच्चा उसके परिजनों को सूचना देने उसके घर पहुंचा। मौके पर पहुंचे परिजनों को बच्ची झाड़ियों में बेहोशी की हालत में पड़ी थी। बच्ची को होश में लाने के बाद बच्ची ने रो-रोकर अपने साथ दुष्कर्म होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।

सीओ अजितमल कमलेश नारायण पांडेय ने बताया कि 100 नंबर पर सूचना मिली कि 6 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। घटनास्थल पर जांच के दौरान 3-4 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। सीओ के मुताबिक, बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

मोदी सरकार की हकीकत, 7 बड़े क्षेत्रों में करीब 3.5 करोड़ लोग हो गए बेरोजगार: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली. रोजगार के मोर्चे पर देश के बिगड़ते हालात पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बार फिर घटती नौकरियों के एक आंकड़े के बहाने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। प्रियंका गांधी न ट्वीट करते हुए कहा कि नौकरियां देने के तमाम बड़े वादों की हकीकत यही है। देश के सात बड़े क्षेत्रों में करीब साढ़े तीन करोड़ लोग बेरोजगार हो गए हैं। बड़े-बड़े नामों और विज्ञापनों का नतीजा है 3 करोड़ 64 लाख बेरोजगार लोग। तभी तो सरकार नौकरी पर बात करने से कतराती है।

इससे पहले भी प्रियंका गांधी घटती नौकरियों और बढ़ती बेरोजगारी पर मोदी सरकार पर निशाना साध चुकी हैं। 14 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ बढ़ते विरोध और लगातार ऊंची हो रही महंगाई की दरों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। तब प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार ने तो जेब काट कर पेट पर लात मार दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘सब्जियां, खाने-पीने की चीजों के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। जब सब्जी, तेल, दाल और आटा महंगा हो जाएगा तो गरीब खाएगा क्या? ऊपर से मंदी की वजह से गरीब को काम भी नहीं मिल रहा है।’

प्रियंका के अलावा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी आंकड़ों के जरिए मोदी सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा, ‘अपूर्ण मैनेजमेंट का सर्किल अब पूरा हो गया है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने जुलाई 2014 में महंगाई की दरों में 7.39 प्रतिशत से शुरुआत की थी, अब दिसंबर 2019 में ये आंकड़ा फिर 7.35 प्रतिशत हो गया है।’ उन्होंने आगे कहा कि खाने-पीने की चीजें 14.12 प्रतिशत तक बढ़ रही हैं, सब्जियों के दाम 60 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, प्याज़ 100 रुपये किलो बिक रहा है, यही अच्छे दिनों का वादा भाजपा ने किया था।

फिल्म ‘सूर्यवंशी’ में IPS की भूमिका में नजर आएंगे अक्षय कुमार, बावरिया गैंग का करेंगे पर्दाफाश

मनोरंजन डेस्क. पुलिस महकमें में कुछ अफसर ऐसे होते है जिनकी कार्यशैली बिलकुल अलग होती है और वे अपने साहसी स्वभाव से एक मिशाल बन जाते है। ऐसे ही एक अधिकारी राजस्थान के बाड़मेर जिले की रेतीली जमीन पर तपे सांगाराम जांगिड़ है जिन्होंने एक पुलिस अधिकारी के रूप में दक्षिण भारत में अमिट छाप छोड़ी। बावरिया गैंग को पकड़कर वह राष्ट्रीय स्तर पर इस कदर चर्चित हुए कि उन पर बनी तेलुगू फिल्म थीरन ने जबरदस्त धूम मचाई। बाद में उसे टेलीविजन पर हिंदी में डब कर रिलीज किया गया था। अब उन्हीं जांगिड़ की कहानी पर फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी ‘सूर्यवंशी’ बना रहे हैं, जो जल्द रिलीज होने वाली है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार में नजर आएंगे।

बाड़मेर के कवास गांव निवासी सांगाराम जांगिड़ वर्ष 1985 में भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) में चयनित हुए। वह अपने जिले से आईपीएस बनने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्हे तमिलनाडु कैडर मिला। विभिन्न जिलों में तैनाती के दौरान वह काफी लोकप्रिय हो गए थे, लेकिन वर्ष 2005-06 में बावरिया गैंग का पर्दाफाश कर वह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गए। इस गैंग की वजह से तमिलनाडु और आंध्रपदेश में लूट और हत्या की वारदातें बढ़ रही थीं। तमिलनाडु में ही हत्या और डकैती की 24 वारदातों को अंजाम दिया था। इस बीच, इस गैंग ने तमिनलाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के खास विधायक टी. सुदर्शन एवं कांग्रेस नेता टीएम नटराजन की हत्या कर दी। तब जयललिता ने तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) सांगाराम जांगिड़ की अगुवाई में एक टीम बनाई।

विधायक की हत्या वाली जगह पर मिली एक जोड़ी जूती के सहारे जांगिड़ ने जांच को आगे बढ़ाया। जूती से साफ हो गया था कि आरोपित उत्तर भारत के हैं, क्योंकि दक्षिण भारत में जूती नहीं पहनी जाती है। मौके के फिंगर प्रिंट भी काफी काम आए। जांगिड़ ने अपने 50 साथी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के साथ राजस्थान, हरियाणा एवं उत्तरप्रदेश में ऑपरेशन चलाया। ऐसे अपराधों में शामिल रहने वाले बावरिया और कंजर गिरोह की छानबीन की गई। इस ऑपरेशन को करीब पांच माह बाद सफलता मिली।

जांच के दौरान आगरा जेल में 1996 में बंद रहे आरोपितों के फिंगर प्रिंट मौका-ए-वारदात से लिए गए फिंगर प्रिंट से मेल हो गए। जांगिड़ की टीम ने आगरा से सटे राजस्थान के धौलपुर, भरतपुर एवं उत्तर प्रदेश के मेरठ और हरियाणा के पलवल में छापेमारी करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया। गैंग का सरगना भरतपुर का ओम बावरिया था। आरोपितों ने विधायक की हत्या सहित अन्य वारदातें करना स्वीकार कर लिया। अदालत ने इनमें दो लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई, शेष को अलग-अलग सजा हुई।

सांगाराम जांगिड़ बताते हैं कि ओम बावरिया गैंग हाईवे पर चलने वाले ट्रकों में सवार होकर अपने निशाने पर पहुंचता और वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरी जगह चला जाता था। ये लोग लूट के बाद मालिक की नृशंस तरीके से हत्या करते थे, उसे जीवित नहीं छोड़ते थे। गैंग के पकड़े जाने के बाद जांगिड़ देशभर में चर्चा का केंद्र बन गए। उनकी कहानी आज भी दक्षिण भारत में चर्चित है। वह पिछले साल जुलाई में रिटायर हो गए। उन्हीं के परिवार के एक सदस्य जोगाराम राजस्थान कैडर में आईएएस अधिकारी हैं।

BJP के बागी यशवंत सिन्हा बोले- जनविरोधी सरकार के विरुद्ध खड़ा होना हर भारतीय का कर्तव्य

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी के बागी नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा इन दिनों गांधी शांति यात्रा लेकर मोदी सरकार से दो-दो हाथ करने में लगे है यात्रा लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा पहुंचे सिन्हा ने कहा कि जन विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ़ खड़ा होना हर भारतीय का कर्तव्य है।

सैफई में तिरंगा फहराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार को कहा कि जिस संविधान को 26 जनवरी 1950 को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के साथियों ने देश को दिया वो खतरे में है। गणतंत्र खतरे में है और इसलिए गांधी शांति यात्रा की जरूरत आ पड़ी। किसान सबसे ज्यादा परेशान है इसलिए वो हमारा हौसला बढ़ाने में आगे है। आज अगर हम नहीं चेते तो कल बहुत देर हो जायेगी।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है। CAA संविधान के बिल्कुल ही खिलाफ है, इसकी कोई आवश्यकता ही नहीं थी यह कानून देश को बांटने के लिए ही बना है इसको प्रभावी नहीं किया जा सकता है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को सैफई में भव्य आयोजन के लिये बधाई देते हुये कहा कि वो खुद भी पुराने समाजवादी रहे हैं और आगे भी समाजवादी ही बने रहेंगे। हम उन सब लोगों का हाथ मजबूत करेंगे जो इस सरकार का विरोध करते है और जो जुल्म हो रहा है उसके खिलाफ खड़े है। सिन्हा ने कहा कि वह नौ जनवरी को मुंबई से गांधी शांति यात्रा की शक्ल में निकले है। सैफई के बाद वह लखनऊ जायेंगे। अगले तीन दिन यूपी में व्यतीत करने के बाद वह 30 जनवरी को दिल्ली के राजघाट पर इस यात्रा का समापन करेंगे।

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा बोले- कंधे पर लगी गेंद पर आउट दिए जाने पर असहज हो गए थे सचिन तेंदुलकर !

स्पोर्ट्स डेस्क. विख्यात भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ऐडिलेड ओवल में ग्लेन मैकग्रा के बाउंसर पर पगबाधा आउट दिए जाने के अंपायर के निर्णय से नाराज थे। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा ने कहा कि भारतीय स्टार को तब LBW नहीं बल्कि SBW आउट दिया जाना चाहिए था। मैक्ग्रा ने तेंडुलकर के साथ अपनी मैदानी जंग के कुछ घटनाओं को याद करते हुए दिसंबर 1999 की उस घटना को भी याद किया है, जब उनका कुछ कम उपर उठा बांउसर सचिन के कंधे से लगा था और अंपायर डेरल हार्पर ने उन्हें पगबाधा आउट करार दिया था। तेंडुलकर इस फैसले से सहमत नहीं थे।

मैक्ग्रा ने कहा क्या यह LBW था। उसे SBW (शोल्डर बिफोर विकेट) करार दिया जाना चाहिए था। ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बॉलर ने ‘एचसीएल स्पोर्ट्स नाइट’ के दौरान इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया सचिन बल्लेबाजी कर रहे थे और अभी उन्होंने क्रीज पर कदम रखा ही था और मैंने उन्हें बाउंसर किया और सचिन लंबे कद के खिलाड़ी नहीं हैं।

उन्होंने कहा बाउंसर अमूमन उसके सिर के ऊपर से निकल जाता है, लेकिन उस दिन उसमें ज्यादा उछाल नहीं थी। सचिन तेंदुलकर नीचे झुक गए और गेंद सीधे उसके कंधे पर लगी। क्योंकि सचिन लंबे कद कगे नहीं है, इसलिए जब नीचे झुके तो मैंने देखा कि गेंद बीच के स्टंप को हिट कर रही थी। इसलिए मैंने अपील की और अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया। यद्यपि सचिन इस फैसले से खुश नहीं थे।

सचिन तेंदुलकर मन में गुस्सा लिए हुए पविलियन लौट गए। क्या यह LBW था? नहीं, उसे SBWA (शोल्डर बिफोर विकेट) करार दिया जाना चाहिए था। मैक्ग्रा ने इसके अलावा विश्व कप 2003 फाइनल का भी जिक्र किया जब उन्होंने तेंडुलकर को शुरू में ही आउट कर दिया था और दर्शक इससे खुश नहीं थे। इस ऑस्ट्रेलियाई स्टार ने खुलासा किया कि तेंडुलकर ने कुछ अवसरों पर उनके खिलाफ छींटाकशी भी की। मैकग्रा ने कहा उन्हें ब्रायन लारा और तेंडुलकर जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने में हमेशा आनंद आया। उन्होंने कहा मैंने उसे कुछ अवसरों पर आउट किया और उसने हमारे खिलाफ कुछ अच्छे शतक भी बनाए। इसलिए हमारे बीच का मुकाबला 50-50 जैसा रहा।

NBA स्टार और महान बास्केटबॉल खिलाडी़ की हेलिकॉप्टर हादसे में मौत, शोक में डूबा पूरा खेल जगत

स्पोर्ट्स डेस्क. नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) के स्टार और महान बास्केटबॉल खिलाडी़ कोबी ब्रायंट की हेलिकॉप्टर हादसे में दर्दनाक मौत हो गई है। रिटायर्ड कोबी ब्रायंट (41) की रविवार को हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई। कैलिफॉर्निया के कैलाबैसस में हुए इस हादसे में कोबी समेत 9 लोगों के मारे जाने की खबर है। घटना की जानकारी सामने आते ही उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। हादसा इतना भयानक था कि इसमें हेलिकॉप्टर में सवार कोई शख्स नहीं बच सका। जानकारी के मुताबिक घटना लॉस एंजिलिस से करीब 65 किमी दूर की है जहां हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। यह कोबी का प्राईवेट हेलिकॉप्टर था। बताया गया है कि हेलिकॉप्टर में हवा में आग लग गई थी जिसके बाद यह चक्कर खाता हुए नीचे झाड़ियों में आ गिरा। क्रैश की वजह से झाड़ियों में आग लग गई जिसके चलते बचाव दल को भी परेशानी हुई।

फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि हेलिकॉप्टर में आग कैसे लगी। अधिकारी जांच में जुटे हैं। वहीं, हादसे में मरने वाले बाकी लोगों की पहचान जाहिर नहीं की गई है। कोबी प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में 20 साल रहे और इस दौरान 5 चैंपियनशिप्स अपने नाम कीं। उनकी मौत की खबर से फैन्स में शोक है। यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने क्रैश हुए हेलिकॉप्टर की पहचान सिकोरस्काइ एस-76 के रूप में की है। ब्रायन लॉस एंजिलिस लेकर्स के एक स्टार प्लेयर थे। वह उन दिनों में भी हेलिकॉप्टर से ही चलते थे। उन्होंने लेकर्स के लिए खेलते हुए 5 एनबीए चैंपियनशिप जीती थीं। वह 18 बार एनबीए ऑल-स्टार रहे। ब्रायंट के बाद उनके परिवार में पत्नी वनेसा और चार बेटियां रह गई हैं।

डोनाल्ट ट्रंप, बराक ओबामा सहित शोक में डूबा अमेरिका- महान बास्केटबॉलरों में से एक कोबी ब्रांयट का रविवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया। इस हादसे में उनके अलावा 8 अन्य की भी मौत हो गई, जिसमें ब्रायंट की 13 वर्षीय बेटी गियेना भी शामिल हैं। ब्रायंट की मौत से अमेरिका शोक में डूबा हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप से लेकर बराक ओबामा तक ने ट्विटर पर शोक जताया है। शोक जताने वालों में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली भी शामिल हैं। हादसे की खबर से हैरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने लिखा- बास्केटबॉलर महान कोबी ब्रांयट के हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत की खबर आ रही है। यह हैरान करने वाली है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लिखा- कोबे कोर्ट में एक किंवदंती थे और उनके बाद बेटी के रूप में दूसरी पारी शुरू हो रही था। गिन्ना को खोना माता-पिता के रूप में हमारे लिए और भी अधिक दिल तोड़ने वाला है। मिशेल और मैं वैनेसा (ब्रायंट की वाइफ) और पूरे ब्रायंट परिवार को एक अकल्पनीय दिन पर प्यार और प्रार्थना भेजते हैं। महान बास्केटबॉलर बिली रसेल ने लिखा- अपने सबसे प्यारे लोगों में से ब्रायंट की मौत हैरानी भरी है। वेनेसा और उनकी फैमिली के साथ हमारी पूरी सद्भावना है। कोबे आप मेरे बहुत बड़े फैन थे, लेकिन असल में मैं आपका फैन था।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने लिखा- आज की इस खबर को सुनना बेहद दिल तोड़ने वाला रहा। बचपन की बहुत सारी यादें, जागने की जल्दी और इस जादूगर को कोर्ट पर ऐसी चीजें करते देखना, जो मंत्रमुग्ध करने वाले होते थे। जीवन कितना अप्रत्याशित है… उनकी बेटी गियेना का निधन भी दुर्घटना में हुआ। इससे वाकई में दिल टूट गया है। भगवान आपको शांति दें और परिवार को शक्ति प्रदान करे। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न ने लिखा- कोबी ब्रांयट और उनकी 13 वर्षीय बेटी की भयानक हादसे में मौत की खबर से सभी की तरह मैं भी हैरान हूं। इस दुखद समय में मैं उनकी फैमिली के साथ हूं। बॉलिवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस महान खिलाड़ी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।