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Saturday, August 8, 2026
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खतरनाक रूप ले रहा है कोरोना वायरस, चीन में अब तक 80 लोगों की मौत

वर्ल्ड डेस्क. चीन में खतरनाक जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दहशत का माहौल है। चीन के स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बेहद खतरनाक श्रेणी में रख रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस बीमारी में लक्षण नहीं दिखते हैं और यह लोगों को अपनी जकड़ में ले ले रहा है। चीन में खौफ का आलम ये है कि वुहान में लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है और इस शहर से किसी के निकलने की अनुमति तक नहीं है। पेइचिंग ने लोगों को एक-दूसरे से हाथ न मिलाने की सलाह दी है।

मालूम हो कि चीन में अब तक इस बीमारी से 80 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां चीन के बाहर थाइलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और फ्रांस तक पहुंच चुके इस वायरस को रोकने के लिए जीतोड़ कोशिश में लगी हुईं हैं।

इस अनजान नए वायरस से पूरी दुनिया सतर्क हो गई है। सबसे खतरनाक बात तो यह है कि स्वास्थ्य एजेंसियों को इसके फैलने के तरीके बारे तक में भी पता नहीं है। इस बीमारी के कारण न्यूमोनिया हो सकता है जो कुछ मामलों में बेहद खतरनाक है। चीन ने स्वास्थ्य मंत्री मा शीहावे ने बताया कि इस वायरस का असर 14 दिन तक का है।

इस दौरान, यह वायरस संक्रमण फैला सकता है लेकिन खास बात यह है कि इस वायरस के संक्रमण का पता ही नहीं चल पाता है। सेवरे एक्यूट रेस्पेरिटरी सिंड्रोम (SRS) की तरह का मामला नहीं है। कोरोना वायरस बेहद खतरनाक है और इसपर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। बता दें कि एसएआरएस ने 2002-2003 में चीन में कहर बरपाया था और इससे करीब 800 लोगों की मौत हुई थी। चीन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि करीब 2000 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं और अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है।

इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेडरोस धानम गैब्रियेसस ने रविवार को बताया कि वह चीन के अधिकारियों और स्वस्थ्य विशेषज्ञों से इस वायरस पर बात करने के लिए चीन पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चीन के साथ इस बीमारी से निपटने के लिए मजबूत सहयोग करना चाहते हैं। चीन में स्वास्थ अधिकारियों ने लोगों को एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाने का आग्रह किया है। चीनी नववर्ष के बाद खुलने वाले स्कूल-कॉलेज अभी नहीं खुलेंगे। हॉगकॉग में भी स्कूल अब 17 फरवरी को खुलेंगे। चीन ने बाजार, रेस्तरा और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जंगली जानवरों के मांस की बिक्री पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि इस वायरस के इंसानों में फैलने का मुख्य जानवरों के मांस को ही माना जा रहा है।

रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे उद्धव ठाकरे, करेंगे सरयू की आरती !

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार के 100 दिन पूरे होने पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इसकी जानकारी दी। तय कार्यक्रम के मुताबिक ठाकरे 7 मार्च को अयोध्या का दौरा करेंगे। श्री राम जन्मभूमि के दर्शन के बाद वे सरयू नदी पर आरती करेंगे। ये दौरा सरकार के सौ दिन पूरे होने पर आयोजित किया जाएगा।

पिछले दिनों संजय राउत ने ट्वीट कर कहा था कि वो चाहते हैं कि गठबंधन के नेता भी उनके साथ जाएं। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी भी कई मंदिरों के दर्शन करते हैं। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार चला रही शिवसेना सरकार बनने के बाद लगातार भाजपा के निशाने पर है। भाजपा नेता शिवसेना पर भगवा से कांग्रेस के रंग में लगने का आरोप लगा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों शिवसेना पर सीएम पद के लिए विचारधारा से समझौता करने का आरोप लगाया था।

बता दें कि पिछले साल जून में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने 18 शिवसेना सांसदों और नेताओं के साथ अयोध्या में रामलला का दर्शन किया था। इसके अलावा 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले भी ठाकरे अयोध्या आये थे। पिछले साल की यात्रा के दौरान शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने जल्द राम मंदिर निर्माण की बात कही थी।

शोध में खुलासा, ये एक काम कर महिलाएं मोटापे और शुगर से पा सकती है मुक्ति

हेल्थ डेस्क. डायबीटीज फाउंडेशन ऑफ इंडिया के एक रिसर्च में सामने आया है कि अगर प्री-डायबिटिक महिलाएं Vitamin-D का सही मात्रा में सेवन करें तो वे अपने मोटापे और शुगर दोनों को कंट्रोल में रख सकती हैं। अगर हर रोज सही समय पर धूप में रहा जाए, तब भी ये दिक्कतें दूर रहती हैं। रिसर्चर्स ने अपने इस शोध में 20 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को शामिल किया, जो प्री-डायबिटिक थीं। इन महिलाओं का वजन भी सामान्य से अधिक था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि रिसर्च के दौरान जिन डायबिटिक महिलाओं को रेग्युलर ट्रीटमेंट के साथ Vitamin-D के सप्लिमेंट्स भी दिए गए, उनमें ब्लड शुगर और ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित होती चली गई। जबकि जिन महिलाओं को Vitamin-D नहीं दिया गया, उनका प्लेसबो सैंपल साफतौर पर उनमें डायबीटीज के बढ़ते स्तर को दिखा रहा था।

खास बात यह है कि Vitamin-D के सप्लिमेंट्स से ना केवल इन महिलाओं का ग्लूकोज लेवल सामान्य के आस-पास आ गया बल्कि इनके बॉडी फैट में भी काफ कमी आ गई। Vitamin-D की डिफिसिऐंसी एक कॉमन पब्लिक हेल्थ ईश्यू है। यानी केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में Vitamin-D की कमी के चलते कई तरह की परेशानिया पब्लिक हेल्थ ईश्यू के रूप में उभर रही हैं। भारत के संबंध में माना जाता रहा है कि यहां पर्याप्त मात्रा में और लगभग पूरे साल धूप आती है, ऐसे में भारतीयों में पर्याप्त मात्रा में Vitamin-D होता है। लेकिन इस बारे में हुई रिसर्चर्स कुछ और ही हाल बयां करती हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह शोध इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है कि इससे ना केवल Vitamin-D की कमी के कारण शरीर को होनेवाले नुकसान के बारे में पता चलता है बल्कि शुगर संबंधी परेशानियों से बचने के लिए बॉडी ग्लूकोज को मेंटेन रखने का तरीका भी पता चलता है। यहां बता दें कि भारतीय महिलाओं की बड़ी समस्या के रूप में उभरा है बढ़ता हुआ मोटापा और शुगर की समस्या। लेकिन इन दोनों ही परेशानियों से बचने का यह नया तरीका एम्स और डायबीटीज फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा सुझाया गया है।

18 दिन बाद अमेरिका ने स्वीकार, ईरान के हमले में 34 सैनिक हुए थे घायल

वॉशिंगटन. अमेरिका ने लंबे समय तक इनकार करने के बाद आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि ईरान के रॉकेट अटैक में उसके 34 सैनिक घायल हुए हैं। ईरान ने यह हमला कमांडर कासिम सुलेमानी के इराक में अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद बदले के रूप में किया था। सुलेमानी पर अमेरिका की लंबे समय तक नजर थी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनाई ने अमेरिका को बदले की धमकी दी थी।

पेंटागन ने कहा ‎कि ईरानी हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों का मस्तिष्काघात हुआ है और ब्रेन में चोट लगी है। ईरान ने 8 जनवरी को इराक में मौजूद अमेरिकी वायु सेना के अड्डों पर हमला किया था।

ईरान ने दावा किया था कि इस हमले में 80 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि अमेरिका ने दावा किया था कि पेंटागन के वॉर्निंग सिस्टम के कारण सैनिक पहले ही बंकरों में चले गए थे और सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। बता दें कि ईरानी रॉकेट अटैक के दौरान यूक्रेन का एक विमान क्रैश हो गया था जिसमें सवार सभी 176 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी।

ईरान ने पहले क्रैश में अपनी भूमिका से इनकार किया था, लेकिन बाद में कहा कि इसके रॉकेट ने गलती से विमान को हिट कर दिया था। इसके बाद ईरान में खामेनेई के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए थे, क्योंकि मृतकों में अधिकांश ईरानी यात्री थे। विमान तेहरान से यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था।

जेफ बेजॉस के पत्नी से तलाक के पीछे सऊदी क्राउन प्रिंस का हाथ होने का दावा

बिजनेस डेस्क. Amazon के सीईओ जेफ बेजॉस के फोन हैक के खुलासे के बाद से सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि बेजॉस की उनकी पत्नी से दुनिया के सबसे महंगे तलाक के पीछे भी तो कहीं सऊदी क्राउन प्रिंस का ही हाथ तो नहीं था।

एक अखबार ने दावा किया था कि Amazon के मालिक का फोन हैक करने के पीछे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बिन सलमान थे। इस बीच बेजॉस ने अक्टूबर 2019 की एक फोटो ट्वीट की है। इसमें वे सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या की बरसी पर हुई एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल नजर आ रहे हैं। बेजॉस की फोन हैकिंग में सऊदी प्रिंस का हाथ होने की खबरों के बीच यह उनकी पहली प्रतिक्रिया है।

Amazon के सीईओ जेफ बेजॉस ने ट्वीट किया कि खशोगी की हत्या में सऊदी प्रिंस का हाथ था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हैकिंग के बाद बेजॉस की कुछ निजी जानकारी अमेरिकी टैबलॉयड नैशनल इंक्वॉयरर को भेजी गईं। इस अखबार ने बेजॉस और उनकी गर्लफ्रेंड लॉरेंस सांचेज के प्राइवेट मेसेज लीक किए। इससे एक महीने पहले ही जेफ और उनकी पत्नी मैकेंजी बेजोस ने ऐलान किया था कि वे अपने 25 साल के रिश्ते को तोड़ रहे हैं।

बेजॉस ने अपनी पत्नी से दुनिया का सबसे महंगा तलाक लिया। ये तलाक 2.75 लाख करोड़ में हुआ। विशेषज्ञ तलाक और प्राइवेट मेसेज लीक होने के मामलों में समानता देख रहे हैं। माना जा रहा है कि बेजॉस के सांचेज संग अंतरंग मेसेज बेजॉस की पत्नी को भी भेजे गए हों, जो तलाक का मुख्य आधार बना हो।

ऋषभ पंत के लिए मुसीबत बना केएल राहुल का जबरदस्त फॉर्म, कप्तान कोहली ने भी दिए थे संकेत

स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय टीम ने ऑकलैंड में 203 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य हासिल करते हुए न्यूजीलैंड को सीरीज के पहले टी-20 में 6 विकेट से हरा दिया है। विदेशी मैदान पर यह एक बड़ा लक्ष्य था, लेकिन टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर ने जिस तरह के खेल का प्रदर्शन किया, उससे यह कोई बड़ा काम नहीं रह गया। इसके बाद मिडल ऑर्डर ने भी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया।

मध्यम क्रम में बैटिंग करने उतरे केएल राहुल ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय टीम की केएल राहुल को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर इलेवन में रखने की रणनीति के कारगर होने का मतलब युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत की मुश्किल बढ़ना होगा। दिल्ली के इस ताबड़तोड़ बल्लेबाज को टीम मैनेजमेंट ने पूरा विश्वास जताते हुए लगातार मौके दिए, लेकिन पंत ने हर मोर्चे पर उन्हें निराश ही किया है।

विकेटकीपिंग में वह शुरू से अच्छे नहीं थे और बैटिंग में भी वह अपनी भूमिका समझने में नाकाम रहे। यह अगल बात है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें तब भी टीम में बरकरार रखा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में वह चोटिल हो गए और राहुल ने उनकी जगह विकेटकीपिंग की भूमिका निभाई।

फिलहाल कप्तान कोहली केएल की दोहरी भूमिका से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं और जब तक राहुल का बल्ला बोलेगा तब तक नहीं लगता कि दस्ताने उनके हाथों से बाहर आएंगे। राहुल जिस फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए ऋषभ पंत को फिलहाल तो मौका मिलता दिखाई नहीं देता। इस बारे में विराट ने भी कहा था कि केएल राहुल राहुल द्रविड़ की तरह विकेटकीपिंग करके टीम का संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपनी नई रणनीति के तहत एक बार फिर विकेटकीपिंग के लिए ऋषभ पंत पर केएल राहुल की तरजीह दी, जिसकी वजह से उन्हें एक अतिरिक्त बल्लेबाज को एकादश में शामिल करने का मौका मिला। मुकाबले में बल्लेबाजी में गहराई लाने की विराट की रणनीति काम कर गई। पांचवें नंबर पर उतरे शिवम दुबे के फेल होने के बावजूद भारतीय खेमा ज्यादा परेशान नहीं दिखा, क्योंकि छठे क्रम पर मनीष पांडे जैसा टिकाऊ बल्लेबाज क्रीज पर उतरा।

शिवसेना का बड़ा बयान, देश में घुसे पाक और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालो

मुंबई. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है कि देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालो। उन्हें हर हाल में बाहर निकालना ही चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन इसके लिए किसी राजनीतिक दल को अपना झंडा बदलना पड़े, यह देखना बेहद मजेदार अनुभव है। हाल ही में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अपनी पार्टी का झंडा बदला है, इसी पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा है कि दूसरी बात यह कि इसके लिए एक नहीं, दो झंडों की योजना बनाना यह दुविधा या फिसलती गाड़ी के लक्षण हैं।

राज ठाकरे और उनकी 14 साल पुरानी पार्टी ने मराठी के मुद्दे पर पार्टी की स्थापना कीष लेकिन अब उनकी पार्टी हिंदुत्ववाद की ओर जाती दिख रही है। इसे रास्ता बदलना कहना ही ठीक होगा। सामना में लिखा है कि शिवसेना ने मराठी के मुद्दे पर बहुत काम किया है। इसलिए मराठियों के बीच जाने के बावजूद उनके हाथ कुछ नहीं लगा और लगने के आसार भी नहीं हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा को जैसी चाहिए, वैसी ही ‘हिंदू बांधव, भगिनी, मातांनो…’ आवाज राज ठाकरे दे रहे हैं। यहां भी इनके हाथ कुछ लग पाएगा, इसकी उम्मीद कम ही है।

शिवसेना ने प्रखर हिंदुत्व के मुद्दे पर देशभर में जागरूकता के साथ बड़ा कार्य किया है। मुख्य बात यह है कि शिवसेना ने हिंदुत्व का भगवा रंग कभी नहीं छोड़ा। यह रंग ऐसा ही रहेगा। इसलिए दो झंडे बनाने के बावजूद राज के झंडे को वैचारिक समर्थन मिल पाएगा, इसकी संभावना नहीं दिख रही।

शिवसेना ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई है। इसे रंग बदलना वैसे कहा जा सकता है? इस बारे में लोगों को आक्षेप कम लेकिन पेट दर्द ज्यादा है। भाजपा या दूसरे लोग महबूबा या किसी और से निकाह करते हैं तो चलता है, लेकिन यही राजनीतिक व्यवस्था कोई और करे, तो इसे पाप साबित किया जाता है। हमने जो सरकार बनाई, वह पाप नहीं बल्कि समाजिक कार्य है। सरकार का उद्देश्य और नीति स्पष्ट है।
सरकार संविधान के अनुसार चलाई जाएगी तथा रोटी, कपड़ा, मकान, रोजगार, किसान, मेहनतकशों के कल्याण और सुरक्षा जैसे समान नागरी कार्यक्रमों को लेकर आगे बढ़ेगी। तीन पार्टियों की विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन ‘राज्य और जनता का कल्याण करने के लिए सरकार चलानी है’ इस संदर्भ में तीनों एकमत हैं।

गत पांच वर्षों में भारतीय जनता पार्टी जो कुछ नहीं कर पाई, वह महाविकास आघाड़ी सरकार ने 50 दिनों में कर दिखाया है। जनता का सरकार को समर्थन प्राप्त है। यह देखकर कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली सरकार नहीं गिरनेवाली, पुराने प्यादों को रंग बदलकर नचाया जाने लगा है। संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली में हर राजनीतिक दल अपना-अपना एजेंडा और झंडा लेकर काम करता रहता है। शिवसेना जैसी पार्टी ‘एक झंडा एक नेता’ के साथ 55 वर्षों से काम कर रही है। यह एक तपस्या और त्याग है। सत्ता के लिए शिवसेना ने रंग बदला है, ये ऐसी बात कहनेवाले लोगों के दिमागी दिवालिएपन की निशानी है।

कंगना रनौट की फिल्म पंगा रिलीज, पहले दिन की इतने करोड़ की कमाई

मनोरंजन डेस्क. बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत की फिल्म पंगा रिलीज हो चुकी है। फिल्म के पहले दिन का कलेक्शन सामने आ गया है। जितनी उम्मीद थी, उसके मुकाबले फिल्म की शुरुआत धीमी रही। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस फिल्म को शाम के समय अच्छी ऑडियंस मिली लेकिन इसका पहले दिन का कलेक्शन कम है।

फिल्म पंगा ने अपने ओपनिंग डे पर बॉक्स ऑफिस पर 2.70 करोड़ का कलेक्शन किया है। जबकि इस फिल्म से पहले दिन 5 करोड़ का कलेक्शन करने की उम्मीद की गई थी। कंगना रनौत की इस फिल्म को डायरेक्टर अश्विनी अय्यर तिवारी ने बनाया है। उल्लेखनीय है कि पंगा का क्लैश रेमो डीसूजा की डांस फिल्म स्ट्रीट डांसर 3डी से हुआ है। फिल्म पंगा को भारत में 1450 और विदेश में 450 यानी कुल 1900 स्क्रीन्स मिली हैं। वरुण धवन और श्रद्धा कपूर स्टारर स्ट्रीट डांसर 3डी को भारत में 3700 और विदेश में 670 यानी कुल 4370 स्क्रीन्स मिली है।

स्ट्रीट डांसर 3डी ने अपने पहले दिन पंगा से लगभग 8 करोड़ रुपए ज्यादा का कलेक्शन किया है। पंगा एक महिला की कहानी है, जो अपनी ग्रहस्त जिंदगी से निकलकर अपने कबड्डी खेलने के लिए सपने को पूरा करती है। इस फिल्म में कंगना रनौत संग जस्सी गिल, ऋचा चड्ढा और नीना गुप्ता ने काम किया है।

FATF की बैठक में आतंकवाद को लेकर लगेगी पाकिस्तान की क्लास, ग्रे लिस्ट से बाहर होने की संभावना

New Delhi. FATF की पेरिस में अगले महीने होने वाली बैठक में विस्तार से चर्चा होगी कि वैश्विक आतंकवाद निरोधक निगरानी संस्था द्वारा सुझाई गई कार्य-योजना का पाकिस्तान ने पालन किया है या नहीं।

फ्रांस के राजनयिक सूत्रों ने बताया कि फ्रांस धनशोधन और आतंकी वित्त पोषण से लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवाद पर रोक लगाने में पाकिस्तान की कार्रवाई पर बेहिचक आकलन करेगा। इस तरह के संकेत थे कि बुधवार को बीजिंग में FATF के एशिया। प्रशांत चैप्टर की बैठक के दौरान चीन से समर्थन मिलने और कुछ पश्चिमी देशों से रणनीतिक समर्थन मिलने के बाद पाकिस्तान ‘संदिग्ध सूची’ से बाहर हो सकता है।

सूत्रों ने बताया बीजिंग की बैठक में तकनीकी दृष्टिकोण से पाकिस्तान की स्थिति का विश्लेषण किया गया। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को अपनी धरती से संचालित आतंकवादी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई योजना का सुझाव दिया था। इस संबंध में पेरिस में होने वाली FATF की बैठक में फरवरी में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

अमित शाह ने BJP कार्यकर्ता के घर खाया खाना, केजरीवाल बोले- मैंने ही रखा इनका ख्याल

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल ट्विटर से भी विरोधियों को जवाब दे रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को कहा कि आपने जिस पार्टी का कार्यकर्ता के घर खाना खाया है, उसका पूरे 5 साल तक ख्याल मैंने ही रखा है।

चुनाव प्रचार के सिलसिले में वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने यमुना विहार में पार्टी कार्यकर्ता मनोज के घर में भोजन किया। इसके बाद अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि उनके परिवार की आत्मीयता और आतिथ्य के लिए वे हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। अमित शाह ने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल नहीं एक परिवार है, जिसका हर सदस्य इसकी असली शक्ति है। हम सभी को मिलकर सशक्त भाजपा-सशक्त भारत की कल्पना को साकार करना है।

अमित शाह के इस ट्वीट पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने जवाब देते हुए कहा कि आप बीजेपी समर्थकों से जरूर पूछिएगा 5 साल उनके बच्चों की पढ़ाई का ख्याल किसने रखा, उनके लिए 24 घंटे बिजली किसने की, जब आपने इतनी महंगाई कर दी तो उनके बिजली पानी बस यात्रा फ्री करके किसने उन्हें गले लगाया? ये सब मेरे दिल्ली परिवार के लोग हैं सर, मैंने इनका बड़ा बेटा बनके ख्याल रखा है।

सीएम केजरीवाल ने कहा, “सर, आपको चुनाव के पहले अपनी गरज के लिए इनकी याद आयी, हम सब 2 करोड़ दिल्ली वाले एक परिवार की तरह हैं। 5 सालों में हमने मिलके दिल्ली को बदला है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए इस वक्त दिल्ली में प्रचार अभियान जोरों पर है। सीएम अरविंद केजरीवाल का दावा है कि बीते पांच साल में उन्होंने अच्छा काम किया है और इसी दम पर दिल्लीवालों से वोट मांग रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि केजरीवाल तो हमेशा से ये कहते रहे हैं कि नरेंद्र मोदी उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं, तो फिर उन्होंने पांच साल में अच्छा काम कैसे कर लिया। दिल्ली में मतदान 8 फरवरी को है। मतगणना 11 फरवरी को होगी।