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Thursday, September 10, 2026
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बीजेपी के इस दलित नेता ने 31 साल पहले रख दी थी? राम लला मंदिर की नीव

नई दिल्ली. BJP के कामेश्वर चौपाल दलित नेता है. ये विश्व हिन्दू परिषद के सदस्य है. यह नेता बहुत पहले ही राम लला मंदिर की नीव रखी थी. आज फिर से इस नेता को इस राम मंदिर की कमान सौंपी जाएगी.

 

PM नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) के गठन का ऐलान कर दिया. इसी के साथ ट्रस्ट को पहला चंदा भारत सरकार की ओर से 1 रुपया नकद मिला है. वहीं राम मंदिर ट्रस्ट के गठन होने के बाद कामेश्वर चौपाल का नाम चर्चा में है.

कामेश्वर चौपाल वह शख्स हैं जिन्होंने 9 नवंबर 1989 को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के लिए नींव की पहली ‘राम शिला’ (ईंट) रखी थी. उस समय में वह विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवक थे. बता दें, वह वर्तमान में बीजेपी के दलित नेता हैं. वह बिहार के सुपौल के रहने वाले हैं.

1989 में जब राम मंदिर के लिए पहली ‘राम शिला’ (ईंट) रखी जानी थी उस समय कामेश्वर चौपाल को ही चुना गया था. क्योंकि वह राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहे थे.

कामेश्वर चौपाल अब राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी भी बन गए हैं, आपको बता दें, गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे, जिसमें से एक ट्रस्टी दलित समाज से रहेगा. इस बीच बुधवार को ही यूपी की योगी सरकार ने अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन के आवंटन पर मुहर लगा दी है.

इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्वीट कर जानकारी दी थी कि “श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की पहली शिला दलित समाज के श्री कामेश्वर चौपाल जी ने रखी थी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार कामेश्वर चौपाल ने कहा- “समाज के सभी वर्गों से मेरी अपील है कि वे सभी आगे आएं और मंदिर निर्माण में अपना सहयोग दें. भविष्य में बनने वाला ये मंदिर शानदार होगा. यह मंदिर देश की भावना को भी व्यक्त करेगा जो सामाजिक सद्भाव और सभी के कल्याण के लिए है.

कामेश्वर चौपाल बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली में हैं. उन्होंने कहा- “ट्रस्टी के पैनल में मेरा नाम शामिल किए जाने पर बहुत खुश हूं, इस मौके पर मेरी दो बेटियों और एक बेटे ने मुझे अपने फोन पर कॉल किया. अब मैं मंदिर और ‘प्रभु राम’ के लिए आगे काम करने के लिए स्वतंत्र हूं. मेरे बच्चे सभी शादीशुदा हैं और अच्छी तरह से सेटल हैं. ऐसे में मुझे अब किसी भी प्रकार की टेंशन नहीं है.”

कामेश्वर चौपाल साल 1991 में बीजेपी का सदस्य बनने के लिए उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (VHP) को छोड़ दिया था. क्योंकि पार्टी ने उस साल संसदीय चुनाव लड़ने का मन बनाया था. जिसमें वह हार गए थे. साल 2014 में दूसरी बार चुनाव हार गए. हालांकि, वह दो बार 2002 से 2014 तक राज्यसभा सदस्य रहे हैं.

अब राम मंदिर की ट्रस्ट का निर्माण हो गया है. कामेश्वर चौपाल को इस ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है. भारत सरकार ने मंदिर बनने के लिए 1 रुपये का नकद चंदा दिया है.

एकतरफा प्यार में सरेआम लड़की ने किया ऐसा कांड, लड़का हुआ लहूलुहान

क्राइम डेस्क. यह घटना उत्तर प्रदेश की है. जहां एक लड़की ने एक लड़के का चेहरा ही खराब कर दिया. लड़की उस लड़के को प्यार करती थी. लेकिन लड़का उससे बात नहीं करता था. प्यार एकतरफा था. जिसके चलते लड़की ने उस लड़के को धमकाया और कहा की अपने चेहरे पर घमंड मत करो नहीं तो तेर चेहरा ही दूगी.

यह कहकर कॉलेज की एक लड़की ने एकतरफा प्यार में एक लड़के के चेहरे पर ब्लेड चला द‍िया. बीच सड़क पर सरेआम हुए लड़की के हमले में लड़का लहूलुहान हो गया. यह सनसनीखेज घटना उत्तर प्रदेश के बरेली की है.

उत्तर प्रदेश में बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में प्रेम संबंध के चलते एक छात्रा ने अपने प्रेमी छात्र को ब्लेड से सरेआम सड़क पर लहूलुहान कर दिया. बताया जा रहा है क‍ि छात्र-छात्रा एक ही इंटर कॉलेज में साथ पढ़ते हैं. छात्रा एकतरफा प्यार करती है तो वहीं छात्र लड़की में और उसके प्यार कोई भी दिलचस्पी नहीं रखता है. लड़का पढ़ना चाहता है लड़की उस पर बार-बार शादी करने का दबाव बना रही है.

जब लड़के ने लड़की को पढ़ाई के चलते प्यार करने से मना कर किया जिसके चलते लड़की ने लड़के को सरेआम ब्लेड से चेहरे पर घाव बना दिए. इस वजह से लड़का लहूलुहान हो गया. लड़की, लड़के को देख कर मौके पर बेहोश हो गई.

इस लड़की का कहना अगर लड़का अपने आप को इतना स्मार्ट समझता है तो मैं इसको स्मार्ट रखूंगी ही नहीं. इस नीयत से लड़की ने लड़की के चेहरे पर ब्लेड से घाव कर दिया. अब लड़का बोलने की हालत में नहीं है. लड़के को गहरे ब्लेड के निशान लगे हैं.

इस बारे में एसपी ग्रामीण डॉ. संसार स‍िंह ने कहा क‍ि पुलिस को मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली है. लड़के-लड़की दोनों नाबालिग हैं और परिवार बदनामी और उनके भविष्य को देख कर संकोच के साथ श‍िकायत देने की बात तो कर रहा है लेक‍िन अभी तक पुलिस में कोई शिकायत नहीं की है.

जानकारी के बाद अब पुलिस उनके परिवार के लोगो से इसके बारे में पूछताछ की.लड़का अभी बोलने की हालत में नहीं है. उसका इलाज चल रहा है. लड़के के चेहरे पर काफी गहरे निसान है.

इस बहादुर जवान की शहादत को सलाम, गोली लगने बाद भी आतंकियों को किया ढेर

नई दिल्ली. जवान रमेश रंजन बिहार भोजपुर जिले के रहने वाले हैं.शहीद जवान रमेश रंजन वर्ष 2011 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 73 बटालियन में कॉन्स्टेबल पद पर बहाल हुए थे और उनकी पहली पोस्टिंग संभलपुर उड़िसा में हुई थी, बाद में उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में कर दी गई थी. जवान की शादी दो साल पहले ही हुई थी.

जम्मू-कश्मीर के लवेपोरा इलाके में आतंकियों और सीआरपीएफ जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हो गए. इस मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) का एक जवान शहीद हो गया. लेकिन शहीद होने से पहले जवान ने देश के लिए ऐसा कारनामा किया कि वह अमर हो गया.

बुधवार को लवेपोरा में सुरक्षाबलों को आतंकियों के होने की खबर मिली थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया और इलाके की घेराबंदी की. इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. आतंकियों ने जवान रमेश रंजन के सिर पर गोली मार दी. रमेश ने रायफल संभाली और जवाबी फायर शुरू कर दिया. जमीन पर गिरते-गिरते रमेश ने एक आतंकी को ढेर कर दिया. फायरिंग की आवाज सुन बाकी जवान अलर्ट हो गए और दो और आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया.

फिर रमेश रंजन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें शहीद घोषित कर दिया गया. रमेश रंजन बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं. मौत के बाद उनके घर पर सूचना दी गई कि मुठभेड़ में जवान रमेश रंजन शहीद हो गए हैं.

शहीद जवान के पिता राधामोहन सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले उनका बेटा छुट्टी में घर आया था, छुट्टी खत्म होने के बाद वो जम्मू-कश्मीर अपनी ड्यूटी पर चला गया था. बेटे से हमेशा बात होती थी, कल शाम भी उनकी बात बेटे से हुई थी. फिर उसके बटालियन के कमांडेंट का फोन आया कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई है, जिसमें रमेश रंजन शहीद हो गया है.

बेटे की शहादत पर रमेश के पिता का कहना है कि मुझे गर्व है कि मैं उस बेटे का बाप हूं जो आतंकियों को मार कर शहीद हुआ है. शहीद की मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. शहीद के रिश्तेदारों का कहना है कि वे हम लोगों के लिए किसी आदर्श से कम नहीं हैं.

आतंकियों के खिलाफ यह ऑपरेशन सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर चलाया. मारे गए तीन आतंकियों में से दो की पहचान खतीब अहमद दास और जिआउल रहमान वानी के रूप में हुई है.

इससे पहले सीमा पार से भी गोलीबारी की गई. मंगलवार को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. जिसका भारतीय सेना ने मुहंतोड़ जवाब दिया. सेना के मुताबिक पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और पुंछ में नियंत्रण रेखा पर फायरिंग की और मोर्टार दागे.

इस शहीद जवान ने बहादुरी को लोग हमेशा याद करेंगे. ये जवान अपनी अंतिम सांस तक लड़ता रहा. और दो आतंकियों को उसने मार गिराया जो की बहुत ही खुखार आतंकी थे.

भरोसेमंद दोस्त को भारत के साथ देख, पाकिस्तान का टुटा दिल

नई दिल्ली. पाकिस्तान अब धीरे-धीरे बिलकुल अकेला होता जा रहा है. अभी तक सऊदी अरब पाकिस्तान का भरोसेमंद दोस्त था. लेकिन अब सऊदी भी आया भारत के साथ आया.जिसको लेकर पाकिस्तान के चहरे पर चिंता की रेखा साफ नजर आ रही है. अभी तक इस्लामिक देश होने के कारण सऊदी पाकिस्तान का सबसे अच्छा दोस्त था.

अब पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर अपने सबसे करीबी देश सऊदी अरब का भी साथ नहीं मिल रहा है. पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सऊदी अरब कश्मीर मुद्दे पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठक बुलाने के लिए तैयार नहीं है. बता दें कि 9 फरवरी को ओआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर की बैठक होगी.

पाकिस्तानी पीएम मलेशिया दौरे में इमरान खान ने एक थिंक टैंक से बातचीत में भी ओआईसी पर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा, यही वजह है कि हमारी (मुस्लिम देशों की) कोई आवाज ही नहीं है और हम पूरी तरह से बंटे हुए हैं. ओआईसी कश्मीर मुद्दे पर एक बैठक तक नहीं बुला पा रहा है.

दिसंबर महीने में ओआईसी के स्वतंत्र स्थायी मानवाधिकार आयोग ने कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी थी. हालांकि, विदेश मंत्रियों के स्तर की बैठक की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई.

अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ओआईसी की बैठक को लेकर हाल ही में कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिमों की एकजुटता का संदेश देने के लिए ये बहुत जरूरी है. मलेशिया दौरे में भी इमरान खान ने मुस्लिम देशों की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए. इमरान खान ने कहा कि अगर भेदभाव धर्म के आधार पर हो रहा है तो फिर मुस्लिमों को धर्म के आधार पर एकजुट होना चाहिए.

फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव, कई लोगो की दर्दनाक मौत

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में तहसील बिसवां में एक दरी फैक्ट्री में अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने लगा. फैक्ट्री में मजदूर दरी का काम कर रहे थे. जिसमे कई महिलाएं भी काम कर रही थी. जहरीली गैस के रिसाव के कारण सात लोगो की मौत हो गयी है.

इस फैक्ट्री में दरी का काम होता है. जिसमे बच्चे महिलाये पुरुष काम करते है. गुरुवार को दरी की फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव हो गया. फैक्ट्री में मौजूद 7 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 2 पुरुष, 2 महिला और 3 बच्चे शामिल है. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. लेकिन अभी, रिसाव के कारण का पता नहीं चल पाया है.

इस घटना से इलाके में शोक का महोल छा गया है. हालत को देखते हुए इलाके में काफी मात्रा में पुलिस बल तैनात है. गैस रिसाव का कारण का पता लगाया जा रहा है.

राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद अब अध्यक्ष के नाम का इंतजार, ये दिग्गज है प्रबल दावेदार

अयोध्या. लोकसभा में पीएम मोदी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का एलान कर दिया है। जिसके बाद से ही अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट में अध्यक्ष के नाम पर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस ट्रस्ट में अयोध्या के 3 सदस्य है।

अयोध्या के तीन लोग शामिल किये गए हैं। अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्रदास और होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ अनिल मिश्र सदस्य बनाये गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बना दिया है। इस ट्रस्ट का नाम श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र होगा। यह स्वतंत्र होगा और भगवान राम के जन्मस्थान पर एक विशाल मंदिर के लिए सभी निर्णय लेने में सक्षम होगा।

इस ट्रस्ट के अध्यक्ष पद के लिए नृत्य गोपाल दास प्रबल दावेदार हैं। राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का नाम राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। अयोध्या के साधु-संतों और विहिप को उम्मीद है कि ट्रस्ट का अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास बनाए जा सकते हैं।

राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए घोषित ट्रस्ट का अध्यक्ष मणिराम दास जी की छावनी के महंत व श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास को बनाये जाने का संभावना है। इसके संकेत उनके आश्रम की सुरक्षा कड़ी किये जाने से भी मिले हैं। हालांकि बुधवार को न्यास अध्यक्ष अयोध्या से बाहर थे, फिर भी ट्रस्ट गठन की जानकारी सावर्जनिक होने के पूर्व ही उनके आश्रम व उस ओर जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे। इनमें एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से होगा। ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। पीएम मोदी के ट्रस्ट के गठन के ऐलान के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि आखिर ट्रस्ट का स्वरूप कैसा होगा।

बताया जा रहा है ट्रस्ट में 15 सदस्यों में गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी तथा अयोध्या के डीएम (पदेन) होंगे। इनके साथ ही निर्मोही अखाड़ा से एक सदस्य, राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्यगोपाल दास और रामजन्म भूमि आंदोलन से लगातार जुड़े रहे वीएचपी के महामंत्री चंपत राय सदस्य रहेंगे। बाकी के छह सदस्य पर फैसला केंद्र सरकार कर रही है। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग होंगे। एक ट्रस्टी हमेशा दलित रहेगा। राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण उसी नक्शे के आधार पर होगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट ने बनाए थे।

मुंबई में मिले ऐसे डॉक्टर, हकीकत जान कर उड़ जाएंगे आप के होश

मुंबई जैसे महा शहर में ऐसे डॉक्टर है जिनके पास कोई डिग्री नहीं है. लेकिन कई सालो से ये क्लीनिक चला रहे है.ये डॉक्टर जिनके पास कोई डिग्री नहीं हैऔर ना ही पढ़े-लिखे है. लेकिन ये डॉक्टर मरीजों को परामर्श तो देते ही थे साथ ही सर्जरी भी कर देते थे.

यह घटना मुंबई के स्लम एरिया में इस क्लीनिक से रोज लाखों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है. इसमें जो डॉक्टर है उनके पास किसी अस्पताल में सहायक बनने की भी योग्यता नहीं ऐसे फर्जी डॉक्टर्स मरीजों को ना सिर्फ परामर्श दे रहे थे बल्कि उनकी सर्जरी तक कर रहे थे.

ऐसे डॉक्टर झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार किये गए है. जो पिछले पांच साल से बिना डिग्री के मरीजों से खिलवाड़ कर रहे थे. मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को मुंबई के पूर्व उपनगरीय इलाके में यह छापेमारी की है जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जानकारी के मुताबिक पकड़े गए डॉक्टरों के पास बेसिक स्कूली शिक्षा भी नहीं है और इनमें से कुछ तो सिर्फ पांचवीं पास ही हैं.

गिरफ्तार हुए डॉक्टर के ज्यादातर क्लीनिक गोवंडी इलाके में है जहां काफी घनी आबादी है. ये डॉक्टर न सिर्फ चिकित्सकीय सलाह देते थे बल्कि कई मरीजों की सर्जरी तक कर चुके हैं. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम मरीज बनकर क्लिनिक में जानकारी जुटाने पहुंची थी जिसके बाद झोलाछाप डॉक्टरों का भंडाफोड़ हुआ. जांच में पाया गया कि ये सभी हकीम बगैर किसी मेडिकल शिक्षा और सर्टिफिकेट के इलाके में क्लीनिक चला रहे थे.

फर्जी डॉक्टरों की पहचान मुकुल अमर (34 के तौर पर हुई है जो सिर्फ 11वीं तक पढ़ा है. इसके अलावा 12वीं तक पढ़ा कमरुद्दीन, पांचवीं पास मकसूद अंसारी, 8वीं पास किस्मत शाह और छठवीं पास तैयब चौधरी को भी इस भर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इनमें से किसी भी आरोपी के पास प्रैक्टिस के लिए जरूरी दस्तावेज और संबंधित डिग्री नहीं मिली है.

एक पुलिसकर्मी ने जब इनसे पढ़ाई और मेडिकल डिग्री के बारे में पूछा तो यह पुलिस को गुमराह करने लगे. लेकिन बाद में इन्होंने जो खुलासे किए वह चौकाने वाले थे क्योंकि पिछले करीब पांच साल से ये सभी अपना क्लिनिक चला रहे हैं और मासूम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं.

मुंबई के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये लोग किसी क्लीनिक में वार्ड व्बॉय और सहायक के तौर पर काम करने के काबिल भी नहीं है, डॉक्टरों और क्लीनिक चलाना तो दूर की बात है. उन्होंने कहा कि कई लोग इनसे मेडिकल परामर्श लेने आते थे जिनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग शामिल हैं. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शिवाजी नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया जिसके बाद इनकी पेशी हुई और 10 फरवरी तक आरोपियों की कस्टडी में रखा जाएगा.

मुंबई के ऐसे डॉक्टर जो लोगो को फर्ची का चुना लगा रहे थे. ये डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं होने पर भी ये सर्जरी भी करते थे. मुंबई में ऐसे कई मामले सामने आये है.

जब PM मोदी ने हाथों में राइफल लेकर साधे कई निशाने, Social Media पर छाई ये तस्वीर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एशिया की सबसे बड़ी हथियार मंडी Defence Expo 2020 का आयोजन किया गया है। जिसका उद्घाटन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। 5 दिन तक चलने वाली Defence Expo 2020 के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने वर्चुअल शूटिंग रेंज में निशाना लगाने के रोमांच का लुत्फ उठाया। जिसके बाद से ही पीएम मोदी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

बुधवार को पीएम मोदी ने Defence Expo 2020 में लगाई गई अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का मुआयना किया और जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने Defence Expo में लगाए गए Virtual Shooting Range में फायरिंग की और एक के बाद एक कई निशाने लगाए। लखनऊ के वृंदावन में एशिया के सबसे बड़े हथियारों की मंडी डिफेंस एक्सपो में एक से बढ़कर एक आधुनिक शस्त्र लाए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Defence Expo 2020 के शुभारंभ के बाद पूरी मंडी सज गई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य लोग Defence Expo 2020 की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक Virtual Shooting Range पर पहुंचे और वहां मौजूद अधिकारियों से उसकी बारीकियों को समझा। इसके बाद उन्होंने खुद ही वर्चुअल राइफल से निशाना साधा। पीएम मोदी वर्चुअल शूटिंग रेंज में एक के बाद एक कई निशाने लगा रहे हैं।

आपको बता दें, पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को लखनऊ में आयोजित Defence Expo 2020 में मौजूद ऐसी ही Virtual Shooting Range में पहुंचे थे। Virtual Shooting Range में निशानेबाज या सैनिक बिना युद्ध में गए युद्ध जैसा रोमांच महसूस कर सकते हैं और अपने युद्ध कौशल का आकलन कर सकते हैं। ऐसे ही रोमांच का पीएम मोदी ने खुद निशाना लगाकर अनुभव किया।

IND vs NZ: टेलर के शतक से न्यूजीलैंड ने पहले एकदिवसीय मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया

स्पोर्ट्स डेस्क. न्यूजीलैंड ने पहले एकदिवसीय क्रिकेट मुकाबले में भारत को चार विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही तीन एकदिवसीय मैचों की सीरीज में मेजबान टीम ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मैच में टॉस जीतकर मेजबान न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम को पहले बल्लेबाज के लिए आमंत्रित किया भारतीय टीम ने श्रेयस अय्यर के शतक (103) रनों की सहायता से निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट पर 347 रन बनाये। इस प्रकार मेजबान टीम को जीत के लिए 348 रनों का लक्ष्य मिला।

न्यूजीलैंड ने टेलर के शतक 109 और निकोल्स के 78 व लाथम के 69 रनों की शानदार पारियों से 48 ओवर और एक गेंद में ही छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। केन विलियमसन की जगह कप्तानी संभाल रहे लाथम इस मैच में अपने खिलाड़ियों को प्रेरित करने में सफल रहे। इससे पहले टी20 सीरीज में मेजबान टीम को 5-0 की करारी हार का सामना करन पड़ा था। पहले ही मैच में मिली इस जीत से कीवी टीम का मनोबल आने वाले मैचों के लिए बढ़ेगा। मेजबान टीम की जीत में अहम भूमिका टेलर और लाथम के बीच हुई चौथे विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी रही। टेलर को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला।

इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस अय्यर 103) की शतकीय पारी की बदौलत 347 रन बनाए थे। अय्यर के अलावा कप्तान विराट कोहली ने 51 और लोकेश राहुल ने नाबाद 88 उन बनाये थे। बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल ने भारतीय पारी की शुरुआत की। इसी के साथ इस सलामी जोड़ी ने अपना एकदिवसीय पदार्पण किया। भारत को पहला झटका पृथ्वी के रूप में लगा जब वो विकेट के पीछे टॉम लाथम द्वारा 20 रन से स्कोर पर कैच किए गए। भारत का दूसरा विकेट मयंक अग्रवाल के रूप में गिरा। मयंक 32 रन बनाकर टिम साउथी की गेंद पर टॉम ब्लंडेल के हाथों कैच हुए।

विराट ने 28वें ओवर में एक रन लेकर अपने एकदिवसीय करियर का 58वां अधर्शतक लगाया। कोहली और अय्यर के बीच 101 रन की साझेदारी हुई। कोहली 51 रन बनाकर आउट हुए। इस प्रकार भारतीय टीम ने 50 ओवरों में चार विकेट पर 347 रन बनाये। अय्यर ने 107 गेंद में 103 रन बनाए यह एकदिवसीय क्रिकेट में उनका पहला शतक है। वहीं लोकेश राहुल ने 64 गेंद में 88 रन की नाबाद पारी खेली। कोहली ने 63 गेंद में 51 रन बनाए। अय्यर ने अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने राहुल के साथ चौथे विकेट के लिए 136 रन जोड़े। भारत ने आखिरी दस ओवर में 96 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से साउदी ने दो जबकि कोलिन और सोढ़ी ने एक-एक विकेट लिया। इस मैच में टाम ब्लंडेल ने कीवी टीम की ओर से पदार्पण किया जबकि भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल ने पदार्पण किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत धीमी रही। उनसे पहले 10 ओवरों में 54 रन ही बनाए। उसे पहला झटका मार्टिन गप्टिल के रूप में 85 रनों के टीम स्कोर पर लगा। गप्टिल को शार्दुल ठाकुर ने 16वें ओवर की चौथी गेंद पर केदार जाधव के हाथों कैच आउट कराया। गप्टिल ने 32 रन बनाये। वहीं पदार्पण कर रहे बल्लेबाज टॉम ब्लंडेल 9 रन बनाकर ही कुलदीप यादव की गेंद पर केएल राहुल के हाथों स्टंप्स हो गये।
निकोल्स ने 82 गेंदों में 11 चौके की मदद से 78 रन बनाये। इस तरह कीवी टीम को 171 के स्कोर पर तीसरा झटका लगा। हेनरी और रॉस टेलर के बीच तीसरे विकेट के लिए 62 रनों की साझेदारी हुई।

इसके बाद अनुभवी टेलर के साथ कप्तान लाथम ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 138 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचाया। तभी लाथम कुलदीप की गेंद पर पवेलियन लौटे। लाथम ने 48 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्के लगाये। इसके बाद 5वें विकेट के रूप में जिमी नीशाम 9 और छठे विकेट के रूप में कोलिन डि ग्रैंडहोम 1 रन बनाकर आउट हुए। वहीं सेंटनर 12 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की ओर से कुलदीप ने दो जबकि शमी और ठाकुर ने एक-एक विकेट लिया।

यह भारत के खिलाफ दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है, जिसे न्यूजीलैंड ने हासिल किया है। इससे पहले 2019 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 359 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।

सभी धर्मों पर पड़ेगा NRC का असर, इसे महाराष्ट्र में लागू नहीं होने देंगे: CM उद्धव ठाकरे

मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने फिर दोहराया कि उनकी सरकार प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी को राज्य में लागू नहीं होने देगी, क्योंकि इसका असर सभी धर्मों पर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने तीसरे साक्षात्कार में कहा कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी शरणार्थियों को देश से बाहर निकालना शिवसेना की पुरानी मांग रही है। शिवसेना अध्यक्ष ने कहा मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकालने के लिए नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का असर हिंदुओं पर भी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारत को पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों की संख्या जानने का अधिकार है जिन्होंने अपने देशों में सताए जाने के बाद भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दिया। ठाकरे ने सामना को दिए एक साक्षात्कार में कहा जब वे यहां आते हैं तो क्या उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान मिलेंगे? उनके बच्चों के रोजगार और शिक्षा का क्या? ये सभी मुद्दे महत्वपूर्ण है और हमें जानने का अधिकार है।

हमारे खुद के लोगों के पास रहने की पर्याप्त जगह नहीं है। क्या ये लोग दिल्ली, बेंगलुरु या कश्मीर जाएंगे क्योंकि अनुच्छेद 370 हट गया है? मुख्यमंत्री ने कहा कई कश्मीरी पंडित परिवार अपने ही देश में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। सीएए नागरिकों को देश से बाहर करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा हालांकि एनआरसी से हिंदुओं और मुसलमानों पर असर पड़ेगा तथा राज्य सरकार इसे लागू नहीं होने देगी। अपने चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला करते हुए शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि एनआरसी वास्तविकता नहीं है और इसके समर्थन या इसके खिलाफ मोर्चे की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि राज ठाकरे नौ फरवरी को मुंबई में सीएए तथा एनआरसी के समर्थन में रैली करेंगे।