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Thursday, September 10, 2026
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कोरोना वायरस से चीन के कई शहर रेड एलर्ट मोड में, अब तक 493 लोगों की जा चुकी है जान

लेखक – विकास कुमार सिंह,
एशिया अध्ययन विभाग, पेइचिंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन

कोरोना वायरस को फैले हुए लगभग एक माह हो चुका है। इस वायरस का केंद्र, वुहान शहर पूरी तरह से बाकी चीन से कटा हुआ है। वर्तमान समय तक इस वायरस के कारण अकेले वुहान शहर में 362 लोगों की जान जा चुकी है। पूरे चीन में लगभग 24 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से ग्रसित हैं तो 23 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के संक्रमण के दायरे में हैं। अब तक कुल मिलाकर 493 लोगों की जान जा चुकी है। चीन सरकार पूरी तरह से इस वायरस पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सेना को भी काम पर लगा दिया गया है। वुहान शहर में सैन्य डॉक्टरों की तैनाती की गई है और उपचार का काम उनके निर्देश में चल रहा है।

इसी बीच चीन में वसंत त्योहार की छुट्टी समाप्त हो चुकी है और कई लोग काम पर वापस अपने शहर लौट रहे हैं। चीन के विशेषज्ञ चिकित्सक चुंग नान शान का मानना है कि फरवरी माह के पहले दो सप्ताह में वायरस का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसका प्रमाण इस बात से भी पता चलता है कि कल की अपेक्षा आज इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगभग 3800 लोग और जुड़ चुके हैं, वहीं इस वायरस के संक्रमण के संदिग्ध लोगों की संख्या में भी 3900 की बढ़ोतरी हुई है। वायरस के संक्रमण में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए सरकार नें कई कंपनियों को तत्काल बंद रखने का निर्देश दिया है। कुछ कंपनियाँ घर से ही काम करने के लिए अपने कर्मचारियों को प्रेरित कर रही है।

वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों में कई तरह की भ्रांतियाँ भी फैली रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वायरस का मुख्य कारण वुहान का मछली बाजार है तो कुछ लोग इसका कारण चमगादड़ को बता रहे हैं। वहीं कुछ विदेशी मिडिया का मानना है कि वायरस फैलने का कारण वुहान शहर में स्थित पी4 लैब है जिसमें इस वायरस के बारे में अनुसंधान हो रहा था। वहीं कुछ लोग सोशल मिडिया पर इस वायरस के फैलने के पीछे अमरीका का हाथ बता रहे हैं। इस वायरस के बारे में फैली भ्रांतियों को रोकने के लिए सरकार ने कई तरह के बेवसाईट का निर्माण किया है जिस पर वायरस के बारे में तथा इससे बचने के उपायों के बारे में लोगों को आगाह किया जा रहा है। सरकार ने सोशल मिडिया के द्वारा भी लोगों से अपील किया है कि इस स्थिति में वायरस से बचने के बारे में एक-दूसरे को आगाह करें।

लेकिन सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद चीन के कई शहरों ने रेड एलर्ट घोषित कर दिया है और शहर में ए-ग्रेड के एहतियाति कदमों को अपनाया है। इस लिस्ट में पहला कदम दक्षिण चीन में स्थित नानचिंग शहर ने उठाया है। नानचिंग शहर ने शहर के अंदर सभी सोसाइटी को कड़े निर्देशों का पालन करने को कहा है। उन निर्देशों में मुख्य रूप से उन सभी लोगों को जो सोसाइटी से बाहर आ-जा रहे हैं उनका शारीरिक तापमान लेने, कूरियर वालों को सोसाइटी से बाहर ही रहने, सभी तरह की निर्माण कार्य को तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया है। वहीं चीन के उत्तर-पूर्व में स्थित हारपीन शहर ने और भी कड़ा निर्देश दिया है। उनके निर्देशों में मुख्य रूप से सभी परिवारों को एक-दूसरे से संपर्क नहीं रखने, एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बाहर आने-जाने, किसी भी बाहरी गाड़ी का सोसाईटी में प्रवेश पर रोक आदी निर्देश जारी किए हैं। इसी तर्ज पर हांग चो, निंग पो आदी शहरों ने भी शहर को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है। इन निर्देशों में जो सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी व्यक्ति के सोसाइटी से बाहर जाने या आने पर शारीरिक तापमान की जाँच तथा बिना मास्क के सड़क पर या बाहर निकलने पर सख्त मनाही है। हांग चो शहर ने तो यहाँ तक ऐलान किया है कि जिस सोसाइटी में संक्रमित लोग पाए जाते हैं उस सोसाइटी के गेट पर मरीजों की संख्या को दर्शाना है। अगर देखा जाए तो एक तरफ जहाँ इस महामारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं वहीं लोगों में दहशत का भी माहौल है। आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि मार्च माह तक इस वायरस का प्रभाव कम हो पाएगा।

वायरस के प्रकोप को देखते हुए, विश्वविद्यालयों में सरदी की छुट्टी को बढ़ा दिया गया है। छात्रों से अपील किया गया है कि विश्वविद्यालय के अगले आदेश तक छात्र घर से बाहर नहीं निकलें या विश्वविद्यालय वापस नहीं लौटें। कुछ विश्वविद्यालयों नें मार्च माह से छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने की व्यवस्था की है और मई माह से सामान्य तौर पर कक्षा संचालन करने की संभावना बताई जा रही है। वहीं विदेशी छात्रों को फरवरी के अंत और मार्च माह के पहले सप्ताह में विश्वविद्यालय पहुँचने के लिए आदेश जारी किया गया है।

सरकार और जनता इस महामारी पर काबू पाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रही है। लेकिन एक तरफ जहाँ संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों में भय का माहौल है वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों से लोगों में कहीं न कहीं आत्मविश्वास भी लौटना शुरू हुआ है। लोगों का विश्वास है कि सरकार और जनता की मिलीजुली कार्यवाही से इस महामारी पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।

गौरतलब है कि इस वायरस ने भारत में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी है। अभी तक केरल में तीन लोगों में इस वायरस का संक्रमण पाया गया है। ये तीनों लोग कहीं ना कहीं वुहान से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार ने वुहान से भारतीयों को वापस भारत ले जाकर सराहनीय काम तो किया है लेकिन क्या भारत इस वायरस के प्रकोप से बचने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्या भारतीय अस्पतालों की जर्जर स्थिति इस वायरस से निपटने के लिए तैयार है। इस सवाल का जबाव आनेवाले दिनों में ही पता चल पाएगा।

इस महिला वैज्ञानिक ने रच दिया ऐसा इतिहास, जिसे तोडना हो जाएगा मुश्किल

नई दिल्ली. एक महिला वैज्ञानिक जो कि अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी में काम करती है. इस महिला ने एक नया इतिहास बनाया. ये महिला एक इंजीनियर यह. लेकिन इनको अंतरिक्ष से बहुत प्यार था.

क्रिस्टीना कुक ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में करीब 11 महीने बिताए और अमरिका में किसी महिला का यह सबसे लंबा अंतरिक्ष मिशन था. कुक अंतरराष्ट्रीय समय के मुताबिक 9 बजकर 12 मिनट पर पृथ्वी पर सुरक्षित उतर गईं. उन्होंने वहां करीब 328 दिन बिताए

अंतरिक्ष में जाना किसी भी वैज्ञानिक या एयरोनॉटिक्स इंजीनियर का सपना होता है. इस सपने को हकीकत में बदलकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की वैज्ञानिक क्रिस्टीना कुक ने लगभग 11 महीने अंतरिक्ष में बिता कर इतिहास रच दिया. कुक अब पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आईं हैं.

कुक के साथ ही अंतरिक्ष एजेंसी के दूसरे वैज्ञानिक लुका परमितनो और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के अलेक्जेंडर भी वापस धरती पर लौट आए हैं. एजेंसी ने इन वैज्ञानिकों के धरती पर लैंडिंग का एक वीडियो भी बनाया जिसमें ये वैज्ञानिक मुस्कुराते हुए बाहर आते दिख रहे हैं.

यह मानव सहित अंतरिक्ष मिशन की शुरुआत बीते साल 14 मार्च को हुई थी. क्रिस्टीना कुक ने धरती पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी का शुक्रिया अदा किया और कहा, ‘मैं अभी बहुत अभिभूत और खुश हूं.

41 साल की कुक का जन्म मिशिगन में हुआ था और वो पेशे से इंजीनियर हैं. कुक ने बीते साल 28 दिसंबर को किसी महिला के अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा दिन बिताने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. इससे पहले नासा की ही पेगी व्हिट्सन ने साल 2016-17 में 289 दिन अंतरिक्ष में बिताये थे.

इस महिला ने विश्व रिकार्ड बनाया है. जिसे तोडना इतना आसन नहीं होगा. ये अपने आप में एक महान कीर्ति है. जो कि सराहनीय है.

मतदान से पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम का OSD, कर रहा था ये काम

नई दिल्ली. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को कोण नहीं जानता है. आम आदमी पार्टी से दिल्ली के डिप्टी सीएम के पद पर रहे है. केजरीवाल सरकार के एक स्तम्भ माने जाते है. अब उनके OSD को CBI ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. ये घटना तब हुई जब कल दिल्ली में मतदान होना है.ऐसे में ऐसी घटना आम पार्टी की मुश्किलें और बड़ा दी है.

सीबीआई ने गोपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा. वो दिल्ली के डिप्टी सीएम का OSD है. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गोपाल कृष्ण माधव नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. ये शख्स दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का OSD बताया जा रहा है. सीबीआई ने गोपाल को एक टैक्स के मामले को निपटाने के लिए 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है.

जब वह जीएसटी के एक मामले में 2 लाख रुपये से ज्यादा रिश्वत ले रहे थे. तभी गिरफ्तार किया गया. माधव को गिरफ्तार करने के तुरंत बाद सीबीआई हेडक्वॉर्टर ले जाया गया, जहां अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं.

अब डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है, जांच जारी है. अधिकारियों ने बताया कि माधव 2015 में सिसोदिया के ऑफिस में तैनात थे.

सीबीआई ने यह गिरफ्तारी ऐसे समय में की है जब एक दिन बाद दिल्ली चुनाव के लिए वोटिंग होनी है. दिल्ली चुनाव के लिए आज प्रचार का आखिरी दिन था. अब जनता 8 फरवरी को अपना सीएम चुनने के लिए मतदान करेगी.

ऐसे में चुनाव प्रचार से ठीक पहले गुरुवार को अखबार के साथ दिल्लीवालों को एक ऐसे पर्चे भी मिले जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुसलमानों का मसीहा बताया गया और उन्हें जालीदार टोपी पहने दिखाया गया.

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया है. चुनाव आयोग ने सीएम योगी को 1 फरवरी को दिल्ली के करावल नगर में दिए उनके विवादित भाषण को लेकर नोटिस भेजा है. इस पर चुनाव आयोग ने 7 फरवरी शाम 5 बजे तक जवाब मांगा है.

चुनाव आयोग ने कहा, प्रथम दृष्टया इस तरह की टिप्पणी कर बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने 8 फरवरी के दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया. योगी आदित्यनाथ ने यह टिप्पणी 1 फरवरी को दिल्ली में एक भाषण के दौरान की थी.

एक जनसभा के दौरान सीएम योगी ने कहा, आज आतंकवादियों को बिरयानी नहीं खिलाई जा रही है. बिरयानी खिलाने का शौक या तो कश्मीर के अंदर कांग्रेस को था या फिर बिरयानी खिलाने का शौक शाहीन बाग जैसी घटनाओं में केजरीवाल को है. इस बात का जबाब चुनाव आयोग ने मांगा है.

सलमान खान की हिरोइन Pooja Dadwal की आऩे वाली फिल्म का पोस्टर लांच

मनोरंजन डेस्क. Bollywood अभिनेता सलमान खान की फिल्म वीरगति से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली Pooja Dadwal इन दिनों खबरों में हैं। Pooja Dadwal पिछले कई महीनों से Bollywood में कमबैक के लिए ऑडिशन दे रही थीं। इस बीच Pooja Dadwal ने कई डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स से मीटिंग की, कुछ ऑडिशन दिए और अब जाकर Pooja Dadwal को एक फिल्म मिल गई है।

एक्ट्रेस Pooja Dadwal ने मुंबई में अपनी इस फिल्म के पोस्टर के लिए फोटो शूट किया है। Pooja Dadwal अपना कमबैक ठीक 20 साल बाद कर रही हैं। हालांकि Pooja Dadwal की वापसी एक शार्ट फिल्म से हो रही है, लेकिन फिल्म का विषय और आगे के प्रोजेक्ट को लेकर Pooja Dadwal बेहद उत्साहित हैं।

एक्ट्रेस Pooja Dadwal ने कहा, आज मेरा लकी दिन है, आज 20 साल बाद मैं एक बार फिर से कैमरे के सामने आ रही हूं। बहुत ज्यादा इमोशनल, उत्साहित, नर्वस और कॉन्फिडेंट भी हूं। आज मेरे दिल-दिमाग में सारे इमोशन एक साथ हैं। मैंने धैर्य रखा और आज मुझे काम मिल गया। मैं यह बात हमेशा से जानती थी कि ऊपर वाले की मेहर मुझ पर भी जरूर होगी, बस मुझे सब्र रखना होगा। आज मेरा सब्र काम आया है।

महाराष्ट्र में 65,000 करोड़ से एक प्रमुख बंदरगाह बनाने को ‎‎मिली मंजूरी

मुंबई. सरकार ने महाराष्ट्र के दहानु के पास वधावन में एक नये प्रमुख बंदरगाह का ‎निर्माण करने लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की लागत 65,544.54 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र में वधावन में एक नए प्रमुख बंदरगाह की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 65,544.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वधावन बंदरगाह भू-स्वामित्व मॉडल में विकसित किया जाएगा। जवाहर लाल नेहरू पोर्ट के साथ एक शीर्षा भागीदार के रूप में एक विशेष उद्देशीय इकाई (एसपीवी) स्थापित की जाएगी। जेएनपीटी की इस परियोजना को लागू करने में इक्विटी भागीदारी 50 प्रतिशत के बराबर या इससे अधिक होगी।

बयान में कहा गया है कि एसपीवी कनेक्टिविटी स्थापित करने के अलावा भूमि सुधार, ब्रेक वॉटर के निर्माण सहित बंदरगाह बुनियादी ढांचे का विकास करेगा। सभी व्यापारिक गतिविधियां निजी डेवलपर्स द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) तरीके से की जाएंगी।

वित्त मंत्री सीतारमण का खुलासा- सरकारी बैंकों के साथ 1,13,374 करोड़ का हुआ फ्रॉड

मुंबई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंकों और चुनिंदा वित्तीय संस्थानों में 1,13,374 करोड़ रुपए के फ्रॉड हुए। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि 2015 में सरकार ने संदिग्ध धोखाधड़ी से निपटने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के लिए 50 करोड़ रुपए से अधिक का एक फ्रेमवर्क जारी किया था। इसने फ्रेमवर्क के माध्यम से व्यापक संरचनात्मक और प्रक्रियात्मक सुधारों की स्थापना की थी और धोखाधड़ी बैंकिंग प्रथाओं की जांच के लिए अन्य कदम उठाए थे।

उन्होंने कहा कि दबाव वाले कर्ज में पारदर्शिता आने के चलते सरकारी बैंकों के डूबे हुए कर्ज में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वैश्विक परिचलान से प्राप्त आंकड़ों से मिलती है।

वित्तमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2015 को सरकारी बैंकों का नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) 2,79,016 करोड़ रुपए था जो 31 मार्च 2016 को 6,84,732 करोड़ और 31 मार्च 2018 को 8,95,601 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। सरकार के पहचान, समाधान, पूंजीकरण और सुधार प्रयासों के चलते इन बैंकों के एनपीए में 1,68,305 करोड़ रुपए की गिरावट आई है, अब यह 7,27,296 करोड़ रुपए है।

कैरोना वायरस कई देशों में फैला, चीन सरकार छुपा रही है असली आंकड़े

नई दिल्ली. चीन सरकार क्या करोना वायरस के आंकड़े को छुपा रही है। ताइवान की एक कंपनी टेनसेंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया था की करोना वायरस से 124023 लोग प्रभावित हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि 24589 लोगों की मौत करोना वायरस से हुई है। हालांकि बाद में कंपनी ने अपने आंकड़े बदल दिए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी तक करोना वायरस से मरने वालों की संख्या 563 बताई गई है। वहीं 28018 मरीजों की पुष्टि की गई है।

चीन से शुरू हुआ यह करोना वायरस धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में पहुंच गया है। बुधवार तक हांगकांग में इस वायरस से पीड़ित 21 मरीज,मकाउ में 10 ताइवान में 11 भारत में 5 फिलीपीन जापान मैं करोना वायरस के मामले सामने आए हैं। हांग कांग और फिलीपीन में एक एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।जापान में भी 10 लोग संक्रमित पाए गए हैं। जापान में 273 लोगों के नमूनों की जांच हो रही है। करोना वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या कई देशों में फैल चुकी है।

चीन सरकार पर करोना वायरस के मामलों को छुपाने का आरोप भी लग रहा है। सूत्रों के अनुसार टेनसेंट कंपनी ने जो आंकड़े जारी किए थे। वह चीन सरकार के दबाव में वापस ले लिए गए हैं। चीन के अंदर करोना वायरस के लाखों मरीज हैं। जो आधिकारिक आंकड़े से लगभग 80 गुना ज्यादा हैं। सूत्रों के अनुसार हॉन्ग कॉन्ग मकाउ और ताइवान से लगे हुए इलाकों में सबसे ज्यादा करोना वायरस फैला हुआ है।

चीन सरकार ने समय रहते इसकी जानकारी उजागर नहीं की। जिसके कारण भयावह रूप में यह बीमारी सारी दुनिया के देशों में फैल रही है। उल्लेखनीय है 2002-03 में भी चीन और हांगकांग में लगभग 650 लोगों की मौत इसी तरह से हुई थी। इसमें पहले सर्दी जुकाम और बुखार होता है।इसके बाद यह खतरनाक करोना वायरस में परिवर्तित हो जाता है। जो जानलेवा साबित होता है।

बीजेपी का प्रचार करने गयी सपना चौधरी? दिल्ली की जनता से मिला ये जबाब

नई दिल्ली. दिल्ली में चुनाव प्रचार खूब चोर शोर से चल रहा है.हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी भी दिल्ली में प्रचार कर है. सपना चौधरी BJP पार्टी का प्रचार कर रही है. सपना चौधरी को दुनिया में मशहूर है. लोग उनके डांस के दीवाने है.

इसी बीच सपना चौधरी ने लोगों से पूछा कि इस बार किसको विजयी बनाना है. इसके बाद लोगों ने जो जवाब दिया उससे अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई. लोगों ने जवाब दिया केजरीवाल को. सपना चौधरी ने जब दोबार पूछा किसको विजयी बनाना है तो लोगों ने दोबारा जवाब दिया कि केजरीवाल को विजयी बनाना है.

एक सो में सपना चौधरी जिनके पीछे BJP पार्टी के मशहूर नेता है. ऐसा विडिओ सोशल मिडिया पर एक वाइरल हुआ है. जिसमे सपना चौधरी दिल्ली की जनता से पूछा की किसे वोट करेंगे. तो जनता ने एक आवाज में बोले केजरीवाल को जिताएंगे.

मछुआरे के जाल में मछली के साथ फंसा ऐसा जीव, जिसे देखकर दंग रह गए

नई दिल्ली. मछुआरे हमेशा मछली पकड़ने के लिए समुद्र में जाते है. रोज की तरह मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए जाल फेंकी, और जब बाहर निकला तो उसमे मछलियों के साथ एक अजीब जीव भी था.जिसे देकर सबके होश उड़ गए.

अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि यह जीव कहां और किसने निकाला है. पर सोशल मीडिया पर इस जीव के वीडियो को लाखों लोग देख रहे हैं. एलियन जैसे दिखने वाले जीव को शुरुआत में देखने में ये ऑक्टोपस जैसा दिखता है. लेकिन इसकी ऑक्टोपस जैसे सूंड़ नहीं थे. (फोटोः Nataliia Vorobok/TikTok)

मछुआरा समुद्र से मछली पकड़ने गया था. उसने कांटा फेंका. थोड़ी देर बार कांटे का तार तेजी से हिलने लगा. मछुआरे ने तार को खींचना शुरू किया. उसे लग रहा था कि कोई बड़ी मछली फंसी है. लेकिन जब पूरा तार बाहर आया तो उसके होश फाख्ता हो गए. उसने आजतक ऐसा अजीबो-गरीब जीव नहीं देखा था. इस जीव का किसी ने वीडियो बनाया. अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

इस एलियन जैसे जीव के तीन पैर हैं. यह अपने मुंह को फैला लेता है. इसकी दो बड़ी बड़ी आंखें हैं जो बॉलीवुड फिल्म में दिखाए गए एलियन जादू की तरह दिखती हैं. साथ ही इसके सूंड पर कई छोटे-छोटे टेंटिकल्स हैं. साथ ही इसके गिल्स भी हैं.

मछुआरे के साथ-साथ जिसने भी इसे देखा उसे लगा यह सी-स्किव्ड (Sea Squid) है. यह भी कहा जा रहा था कि यह सी-स्किवरल (Sea Squirrel) है. लेकिन किसी को इस जीव का सही नाम नहीं पता था. लेकिन जब इस जीव को ओशन कंजरवेशन ट्रस्ट के वैज्ञानिकों को दिखाया गया तो पता चला कि यह इलास्मोब्रांच (Elasmobranch) प्रजाति के जीवों से मिलता जुलता है.

इस अजीब जीव को लोग तीन पैर वाला एलियन बता रहे है. ओशन कंजरवेशन ट्रस्ट के मरीन एक्सपर्ट मार्कस विलियम्स ने कहा कि इसके दो छोटे फिन्स हैं. दो पंख हैं. एक लंबी सूड़ है. साथ ही तीन पैर होते हैं. जब यह खुद को खतरे में महसूस करता है तो एलियन की तरह गोल हो जाता है. यानी अपने दो बड़े पंखों से खुद को ढंक लेता है.

निर्भया के दोषी अक्षय ने चली नई चाल, फांसी से बचने के लिए कर रहा हर संभव प्रयास

क्राइम डेस्क. निर्भया हत्या कांड के दोषी अक्षय ने फिर से एक नई चाल चली है. अक्षय ने कहा की मेरी दया याचिका पर मेरे हस्ताक्षर नहीं है. बिना हस्ताक्षर के मेरी दया याचिका को राष्ट्रपति के सामने भेजी गई. इसलिए इस दया याचिका का संज्ञान ना लिया जाये.

अक्षय के वकील एपी सिंह के मुताबिक, अक्षय ने 1 फरवरी को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा था कि अक्षय की दया याचिका बिना उसके हस्ताक्षर के राष्ट्रपति के समक्ष दाखिल की गई. लिहाजा दया याचिका पर संज्ञान नहीं लिया जाए. अक्षय के वकील एपी सिंह के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन में पावती की मुहर के साथ संलग्न पत्र में कहा गया है कि 31 जनवरी को दाखिल दया याचिका पर अक्षय के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं है.

और ना ही याचिका तिहाड़ जेल प्रशासन से प्रमाणित है. साथ ही याचिका दोषी की आर्थिक स्थिति और केस की पूरी जानकारी के बिना जल्दबाजी में दायर हुई थी. वहीं, इस मामले में दिल्ली सरकार ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल करके डेथ वारंट जारी करने की मांग की है. तिहाड़ जेल प्रसाशन ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर चारों दोषियों के खिलाफ फ्रेश डेथ वारंट जारी करने की मांग की है. तिहाड़ जेल प्रसाशन ने अपनी अर्जी में कहा कि अक्षय, मुकेश और विनय की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है. तिहाड़ जेल प्रशासन ने दलील दी कि अभी किसी भी फोरम में किसी भी दोषी की कोई याचिका लंबित नहीं है, लिहाजा नया डेथ वारंट जारी किया जाए.

अक्षय के वकील एपी सिंह के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन में पावती की मुहर के साथ संलग्न पत्र में कहा गया है कि 31 जनवरी को दाखिल दया याचिका पर अक्षय के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं है. ना ही याचिका तिहाड़ जेल प्रशासन से प्रमाणित है. साथ ही याचिका दोषी की आर्थिक स्थिति और केस की पूरी जानकारी के बिना जल्दबाजी में दायर हुई थी.

निर्भया के आरोपी अक्षय ने अपने बचाव के लिए नई चल चली.1 फरवरी को फांसी होनी थी.लेकिन कुछ कारणों से जिस पर रोक लगा दिया. अब दोषियो में फांसी से बचने के लिए चाल पे चाल चल रहे है.