क्राइम डेस्क. राजस्थान में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक सरकारी स्कूल की टीचर से रेप का मामला सामने आया है। बता दें कि महिला टीचर का यह अश्लील विडियो एक साल पहले बनाया गया था। इस वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता के साथ रेप किया गया।
आरोपी ने ब्लैकमेल कर महिला के बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर एक साल तक यौन शोषण किया। पड़ित महिला ने झुंझुनूं जिले के गांव दोरादास के रहेन वाले मोहित शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। महिला थाना पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवा कर मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुई रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2017 में उसका तबादला चूरू के नजदीक एक गांव में हुआ था। बताया गया कि बीते आठ जनवरी को आरोपी ने वीडियो वायरल करने और महिला के बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर उसे होटल में बुलाया, इसके बाद वहां चार दिन तक बंधक बनाकर उससे रेप किया। वहीं महिला भी फेसबुक पर फोटो डाले, पुलिस थाने तक पहुंची पीड़िता समाज में बदनामी के डर से सहमी हुई पीड़ित महिला यौन शोषण का शिकार होती रही।
आखिरकार जब महिला ने आरोपी के बुलाने पर जाने से इनकार कर दिया तो उसने फेसबुक पर महिला की फोटो डालकर भद्दे कमेंट करने शुरू कर दिए। इसके बाद वो पीड़िता को लेकर महिला थाने पहुंचे जहां आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। पुलिस आरोपी मोहित शर्मा की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शाहीन बाग पर एक बड़ा बयान दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने आशंका जताई है कि मतदान के बाद दिल्ली के शाहीन बाग को भाजपा जलियांवाला बाग बना देगी। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ पिछले 50 दिनों से धरने पर बैठे हैं।
संसद की कार्यवाही में भाग लेने के बाद बाहर पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया के पूछने पर कहा कि दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान है। इसके बाद भाजपा शाहीन बाग में गोलियां चलवा देगी। वह शाहीन बाग को जलियावालां बाग में बदल देंगे। भाजपा के एक मंत्री ने ही गोली मारने के नारे लगवाए हैं। इसलिए सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए।
ओवैसी का इशारा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर था। हाल ही में रिठाला क्षेत्र में हुई एक चुनावी सभा के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के मंच से नारे लगवाने के बाद से शाहीन बाग दिल्ली की राजनीति का केंद्र बन गया है। एआईएमआईएम नेता ने पूछा कि सरकार को बताना चाहिए कि कौन भड़का रहा है।
नई दिल्ली. महिला अपने दोस्त से ऑनलाइन चैट कर रही थी. लेकिन गलती से एक मैसेज उसके BF के पास पहुंच गया. उसके बाद उसकी सारी हकीकत सामने आ गई.जिसके बाद उस महिला ने एक स्क्रीनशॉट सोशल मिडिया पर पोस्ट किया.
महिला ने अपनी दोस्त के साथ अपनी चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है. देखते ही देखते ये चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. दरअसल महिला डैन नाम के पुरुष से चैट कर रही थी.
महिला ने डैन को बताया कि आज उसका प्लान बैंड Rocka की परफॉर्मेंस देखने जाने का है. ये पढ़ने के बाद डैन ने जानना चाहा कि वो वहां किस समय जा रही है.जवाब में महिला ने बताया कि वो रात में 10 बजे के आसपास वहां जाएगी जिसके जवाब में डैन ने ओके कहा.
यहां तक दोनों की सही बातचीत हो रही थी. इसी बीच महिला को लगा कि वह अपनी दोस्त से बात करे और उसे बताए कि उसे डैन के साथ जाने का मन नहीं है.महिला ने अपनी दोस्त कैट को लिखा, ‘मैं अकेली महसूस कर रही हूं और मुझे डर लग रहा है कि मैं आज रात डैन के साथ मेकआउट ना कर लूं, मुझे ऐसा करने से रोक लो.’
लेकिन ये मैसेज भेजते समय महिला ने एक बड़ी गलती कर दी. उसने ये मैसेज डैन को ही भेज दिया. हालांकि मैसेज भेजते ही उसे एहसास हो गया कि उसने कितनी बड़ी गड़बड़ कर दी है.महिला ने पूरी चैट की स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर डालते हुए लिखा, ‘मेरे जीवन में आप सबका स्वागत है.’
चैट की स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि डैन ने अपने बारे में गलती से भेजी ये चैट देख ली थी और इस पर जवाब देने के लिए कुछ टाइप कर रहा था. सोशल मीडिया पर लोग इस स्क्रीनशॉट के खूब मजे ले रहे हैं. कुछ लोग डैन से सहानुभूति दिखा रहे हैं तो कुछ लोग कह रहे हैं कि डैन का रिप्लाई टाइप करते हुए महिला ने परफेक्ट स्क्रीनशॉट लिया है.
महिला ने आगे ये नहीं बताया है कि पूरी चैट पर डैन की प्रतिक्रिया थी और उसने क्या रिप्लाई किया है. जिसको लेकर BF ने उसे पूछा लेकिन महिला ने कोई जबाब नहीं दिया.
लखनऊ. हिंदूवादी नेता रणजीत बच्चन हत्याकांड का केस पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने रणजीत बच्चन की हत्या के मामले में उनकी पहली पत्नी के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें, रविवार को लखनऊ में मॉर्निंग वॉक पर निकले रणजीत की हत्या कर दी गई थी। लखनऊ पुलिस के साथ STF ने इस मामले में काफी तत्परता दिखाई। इसके बाद पता चला कि रणजीत बच्चन की पहली पत्नी स्मृति ने अपने करीबी दीपेंद्र वर्मा से कराई उनकी हत्या कराई थी। इस हत्याकांड में दीपेंद्र के साथ उसका चचेरा भाई भी था। इनके साथ कार चालक तथा स्मृति को भी गिरफ्तार किया गया है।
लखनऊ में विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या की साजिश करने वाला कोई और नहीं बल्कि उनकी ही पहली पत्नी ही थी। पहली पत्नी स्मृति ने अपने ब्वायफ्रेंड के साथ मिलकर हत्या का पूरा प्लान बनाया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है। बताया जा रहा है कि पहली पत्नी स्मृति का रणजीत संग तलाक का मामला सुलझ नहीं रहा था। जिसको लेकर वह काफी परेशान थी।
रणजीत बच्चन की हत्या के मामले में लखनऊ पुलिस ने आरोपियों के साथ उनकी पहली पत्नी स्मृति की गिरफ्तारी की है। वहीं इससे पहले पुलिस ने मुंबई से रणजीत की हत्या करने वाले शूटर को धर दबोचा था। लखनऊ पुलिस ने बताया कि रंजीत बच्चन की पहली पत्नी स्मृति गोरखपुर में रहती थी। वह उससे परेशान थी। दोनों अलग हो चुके थे, लेकिन उनके बीच तलाक का मामला कोर्ट में होने के बावजूद सुलझ नहीं रहा था जबकि स्मृति किसी और से शादी करना चाहती थी।
तलाक का केस हल ना होने की वजह से वो शादी नहीं कर पा रही थी। ऐसे में स्मृति ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिल कर साजिश रची और रणजीत को अपने रास्ते से हटाने का पूरा षड्यंत्र किया। लखनऊ पुलिस ने हत्याकांड की तफ्तीश के दौरान 70 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाले थे। तब पता चला कि इस हत्याकांड में स्मृति का पुरुष मित्र भी शामिल था।
पुलिस ने रणजीत की हत्या के मामले में बुधवार को मुंबई से दीपेंद्र वर्मा को पकड़ा था। इसके बाद सारा मामला खुल गया। लखनऊ पुलिस के साथ इस मामले की जांच में लगी STF को बड़ी सफलता मिली है। STF ने मुम्बई से इस हत्याकांड के एक शूटर को हिरासत में लिया है। दो शूटरों ने हत्या को अंजाम दिया था। एक को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
नई दिल्ली। चीन के वुहान शहर से फैले खतरनाक कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चीन में कोरोनो वायरस से मरने वालों की संख्या 636 हो गई, चीन में 31 हज़ार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इससे पहले गुरुवार को एक दिन में 73 लोगों की मौत हुई थी। चीन समेत दुनिया के 31 देशों में यह वायरस फैल चुका है।
चीन के विदेश मंत्रलय ने बताया कि देश में रह रहे 19 विदेशी नागरिक भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। मंत्रालय ने हालांकि पीड़ितों की नागरिकता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इससे पहले चीन में चार पाकिस्तानी और दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के संक्रमित होने की खबर आई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वायरस की रोकथाम के लिए जेनेवा में 11 और 12 फरवरी को सैकड़ों विशेषज्ञ जमा होंगे। इस दो दिनी सम्मेलन के दौरान दवाओं और वैक्सीन के विकास में तेजी लाने पर चर्चा होगी। WHO की अगुआई में कई देशों के विशेषज्ञों का एक दल चीन का भी दौरा करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने बताया है कि वुहान से दो विमानों के जरिये लाया गया कोई भी भारतीय नागरिक कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं मिला है। उन सभी के टेस्ट निगेटिव आए हैं। उन्हें दिल्ली के आसपास स्थित सेना और आइटीबीपी द्वारा स्थापित अलग कक्षों में रखा गया था।
आपको बता दें, कि भारत में अभी तक कोरोना वायरस से पीड़ित तीन मरीज मिले हैं। तीनों ही केरल के हैं और वुहान यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। वह खुद ही स्वदेश लौटे थे और अस्पताल भी पहुंचे थे।
नई दिल्ली. हर बच्चे को खेलना बहुत पसंद है.लेकिन कभी-कभी ये बच्चे कुछ गलती कर बढ़ते है. और उसका नतीजा बहुत ही भयानक होता है. छोटे बच्चे जब किसी चीज से खेलते है तो अक्सर उस चीज को मुँह में डाल लेते है.
ऐसा ही हुआ दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में जहां एक बच्चे ने खेलने के दौरान खिलौने में लगने वाले एलईडी बल्ब को ही निगल लिया. बल्ब निगलने के बाद उस बच्चे को गले और सीने में तेज दर्द होने लगा और उसे लगातार खांसी भी होने लगी.
बच्चे को खांसता देखकर उसके परिजनों ने पहले बच्चे को खांसी की दवा लाकर दी लेकिन जब इसके बाद भी खांसी नहीं रुकी और बच्चा सीने में दर्द की शिकायत करता रहा तो परेशान परिजन उसे अस्पताल ले गए.
डॉक्टरों ने जब बच्चे को देखा तो उन्हें भी लगातार हो रही खांसी और सीने में दर्द का कारण समझ नहीं आया. इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बच्चे के सीने का एक्सरे किया तो उनके होश उड़ गए. एक्सरे के जरिए उन्हें पता चला कि सांस की नली और फेफड़े के पास कोई चीज फंसी हुई थी जिस वजह से बच्चे को इतनी तकलीफ हो रही थी.
बच्चे का इलाज करने वाली डॉक्टर मनीषा के मुताबिक इस तरह की समस्या में ऑपरेशन करके उस चीज को बाहर निकाला जाता है लेकिन बच्चे की कम उम्र को देखते हुए ऐसा करना संभव नहीं था.
डॉक्टरों को समझ में नहीं आ रहा था कि बच्चे को इस दर्द से कैसे राहत दें. फिर पूरी टीम ने बच्चे को बेहोश कर एक उपकरण को उसके मुंह के रास्ते अंदर डाला और फंसी हुई चीच को बाहर निकाला.
जब बच्चे के फेफड़े में फंसी चीज को बाहर निकाला गया तब डॉक्टरों को पता चला कि दरअसल वो खिलौने में इस्तेमाल होने वाला एलईडी बल्ब था जो बच्चे ने खेल के दौरान गलती से निगल लिया और उसे भी उस वक्त इसका पता नहीं चला.
इस घटना को देख कर बच्चे की ऐसी गलती देखकर अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि बच्चों के खेलते समय उन पर नजर रखें और इस बात का ख्याल रखें कि वो मुंह में ऐसा कुछ भी न लें जो पच न सके. बच्चों को ऐसे खिलौने से भी दूर रखने की सलाह दी गई है.
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश एजुकेशन बोर्ड ने उत्तर प्रदेश टीचर एलिजबिलटी टेस्ट का रिजल्ट आ गया है. इसमें काफी बच्चे फेल हुए है. ये पेपर के काफी सवालों पर मतभेद था. ये पेपर 8 जनवरी को आयोजित किया गया था.
उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UPTET) का परिणाम जारी कर दिया गया है. हालांकि आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा का लिंक एक्टिवेट नहीं हुआ है. लिंक एक्टिवेट होने के बाद ही परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upbasiceduboard.gov.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकेंगे. परीक्षा का आयोजन 8 जनवरी को हुआ था, जिसमें 16 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रर किया था.
UPTET 2020 परीक्षा के कंट्रोलर अनिल भूषण चतुर्वेदी ने परिणाम घोषित होने की घोषणा की है. कुल 29.74% उम्मीदवारों ने प्राथमिक स्तर की परीक्षा पास की है जबकि 11.46% उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दे सकते हैं.
प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए कुल 1083016 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 990744 अभ्यर्थी उपस्थित हुए थे. 2, 94,635 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है. इसके अलावा, उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए, 573322 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 523972 उपस्थित हुए थे, 60068 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है.
नई दिल्ली. चीन के डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने पिछले साल 30 दिसंबर को अपने साथी डॉक्टरों को इस वायरस के खतरे के बारे में बताया था और उनको चेताया था कि वो इस वायरस से बचने के लिए खास तरह के कपड़े पहनें.और भी कई उपाय बताया था. कोरोना वायरस से ही हुई डॉक्टर ली वेनलियान्ग की मौत सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का लगा था आरोप.
कोरोना वायरस को लेकर सबसे पहले दुनिया को चेताने वाले चीनी डॉक्टर ली वेनलियान्ग की गुरुवार को मौत हो गई. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक डॉक्टर ली वेनलियान्ग की मौत कोरोना वायरस की चपेट में आने से हुई है. जब चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस की खबर को छिपाने की कोशिश की जा रही थी, तब डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने अस्पताल से वीडियो पोस्ट करके कोरोना वायरस को लेकर लोगों को चेताया था.
इसके बाद चीन के स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने 34 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियान्ग से पूछताछ की थी. इतना ही नहीं, वुहान पुलिस ने डॉक्टर ली वेनलियान्ग को नोटिस भी जारी किया था और उनको सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने का आरोपी बनाया गया था. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद डॉक्टर ली वेनलियान्ग ने 12 जनवरी को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था. वो एक मरीज के संपर्क में आने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए थे.
चीन से फैले कोरोना वायरस को लेकर भारत भी पूरी तरह से अलर्ट है. चीन, जापान, सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले एक लाख से ज्यादा यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस की जांच के लिए अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विशेषज्ञ तैनात किए हैं. फिलहाल 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीनी डॉक्टर ली वेनलियान्ग की मौत पर दुख जताया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया कि हम डॉक्टर ली वेनलियान्ग के निधन से बेहद दुखी हैं. हम सभी को उनके द्वारा किए गए कार्य का जश्न मनाने की जरूरत है.
लेखक – विकास कुमार सिंह, एशिया अध्ययन विभाग, पेइचिंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन
कोरोना वायरस को फैले हुए लगभग एक माह हो चुका है। इस वायरस का केंद्र, वुहान शहर पूरी तरह से बाकी चीन से कटा हुआ है। वर्तमान समय तक इस वायरस के कारण अकेले वुहान शहर में 362 लोगों की जान जा चुकी है। पूरे चीन में लगभग 24 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस से ग्रसित हैं तो 23 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के संक्रमण के दायरे में हैं। अब तक कुल मिलाकर 493 लोगों की जान जा चुकी है। चीन सरकार पूरी तरह से इस वायरस पर काबू पाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सेना को भी काम पर लगा दिया गया है। वुहान शहर में सैन्य डॉक्टरों की तैनाती की गई है और उपचार का काम उनके निर्देश में चल रहा है।
इसी बीच चीन में वसंत त्योहार की छुट्टी समाप्त हो चुकी है और कई लोग काम पर वापस अपने शहर लौट रहे हैं। चीन के विशेषज्ञ चिकित्सक चुंग नान शान का मानना है कि फरवरी माह के पहले दो सप्ताह में वायरस का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसका प्रमाण इस बात से भी पता चलता है कि कल की अपेक्षा आज इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगभग 3800 लोग और जुड़ चुके हैं, वहीं इस वायरस के संक्रमण के संदिग्ध लोगों की संख्या में भी 3900 की बढ़ोतरी हुई है। वायरस के संक्रमण में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए सरकार नें कई कंपनियों को तत्काल बंद रखने का निर्देश दिया है। कुछ कंपनियाँ घर से ही काम करने के लिए अपने कर्मचारियों को प्रेरित कर रही है।
वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों में कई तरह की भ्रांतियाँ भी फैली रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वायरस का मुख्य कारण वुहान का मछली बाजार है तो कुछ लोग इसका कारण चमगादड़ को बता रहे हैं। वहीं कुछ विदेशी मिडिया का मानना है कि वायरस फैलने का कारण वुहान शहर में स्थित पी4 लैब है जिसमें इस वायरस के बारे में अनुसंधान हो रहा था। वहीं कुछ लोग सोशल मिडिया पर इस वायरस के फैलने के पीछे अमरीका का हाथ बता रहे हैं। इस वायरस के बारे में फैली भ्रांतियों को रोकने के लिए सरकार ने कई तरह के बेवसाईट का निर्माण किया है जिस पर वायरस के बारे में तथा इससे बचने के उपायों के बारे में लोगों को आगाह किया जा रहा है। सरकार ने सोशल मिडिया के द्वारा भी लोगों से अपील किया है कि इस स्थिति में वायरस से बचने के बारे में एक-दूसरे को आगाह करें।
लेकिन सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद चीन के कई शहरों ने रेड एलर्ट घोषित कर दिया है और शहर में ए-ग्रेड के एहतियाति कदमों को अपनाया है। इस लिस्ट में पहला कदम दक्षिण चीन में स्थित नानचिंग शहर ने उठाया है। नानचिंग शहर ने शहर के अंदर सभी सोसाइटी को कड़े निर्देशों का पालन करने को कहा है। उन निर्देशों में मुख्य रूप से उन सभी लोगों को जो सोसाइटी से बाहर आ-जा रहे हैं उनका शारीरिक तापमान लेने, कूरियर वालों को सोसाइटी से बाहर ही रहने, सभी तरह की निर्माण कार्य को तत्काल स्थगित करने का निर्देश दिया है। वहीं चीन के उत्तर-पूर्व में स्थित हारपीन शहर ने और भी कड़ा निर्देश दिया है। उनके निर्देशों में मुख्य रूप से सभी परिवारों को एक-दूसरे से संपर्क नहीं रखने, एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बाहर आने-जाने, किसी भी बाहरी गाड़ी का सोसाईटी में प्रवेश पर रोक आदी निर्देश जारी किए हैं। इसी तर्ज पर हांग चो, निंग पो आदी शहरों ने भी शहर को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है। इन निर्देशों में जो सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी व्यक्ति के सोसाइटी से बाहर जाने या आने पर शारीरिक तापमान की जाँच तथा बिना मास्क के सड़क पर या बाहर निकलने पर सख्त मनाही है। हांग चो शहर ने तो यहाँ तक ऐलान किया है कि जिस सोसाइटी में संक्रमित लोग पाए जाते हैं उस सोसाइटी के गेट पर मरीजों की संख्या को दर्शाना है। अगर देखा जाए तो एक तरफ जहाँ इस महामारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं वहीं लोगों में दहशत का भी माहौल है। आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि मार्च माह तक इस वायरस का प्रभाव कम हो पाएगा।
वायरस के प्रकोप को देखते हुए, विश्वविद्यालयों में सरदी की छुट्टी को बढ़ा दिया गया है। छात्रों से अपील किया गया है कि विश्वविद्यालय के अगले आदेश तक छात्र घर से बाहर नहीं निकलें या विश्वविद्यालय वापस नहीं लौटें। कुछ विश्वविद्यालयों नें मार्च माह से छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने की व्यवस्था की है और मई माह से सामान्य तौर पर कक्षा संचालन करने की संभावना बताई जा रही है। वहीं विदेशी छात्रों को फरवरी के अंत और मार्च माह के पहले सप्ताह में विश्वविद्यालय पहुँचने के लिए आदेश जारी किया गया है।
सरकार और जनता इस महामारी पर काबू पाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रही है। लेकिन एक तरफ जहाँ संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों में भय का माहौल है वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों से लोगों में कहीं न कहीं आत्मविश्वास भी लौटना शुरू हुआ है। लोगों का विश्वास है कि सरकार और जनता की मिलीजुली कार्यवाही से इस महामारी पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इस वायरस ने भारत में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी है। अभी तक केरल में तीन लोगों में इस वायरस का संक्रमण पाया गया है। ये तीनों लोग कहीं ना कहीं वुहान से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार ने वुहान से भारतीयों को वापस भारत ले जाकर सराहनीय काम तो किया है लेकिन क्या भारत इस वायरस के प्रकोप से बचने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्या भारतीय अस्पतालों की जर्जर स्थिति इस वायरस से निपटने के लिए तैयार है। इस सवाल का जबाव आनेवाले दिनों में ही पता चल पाएगा।
नई दिल्ली. एक महिला वैज्ञानिक जो कि अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी में काम करती है. इस महिला ने एक नया इतिहास बनाया. ये महिला एक इंजीनियर यह. लेकिन इनको अंतरिक्ष से बहुत प्यार था.
क्रिस्टीना कुक ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में करीब 11 महीने बिताए और अमरिका में किसी महिला का यह सबसे लंबा अंतरिक्ष मिशन था. कुक अंतरराष्ट्रीय समय के मुताबिक 9 बजकर 12 मिनट पर पृथ्वी पर सुरक्षित उतर गईं. उन्होंने वहां करीब 328 दिन बिताए
अंतरिक्ष में जाना किसी भी वैज्ञानिक या एयरोनॉटिक्स इंजीनियर का सपना होता है. इस सपने को हकीकत में बदलकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की वैज्ञानिक क्रिस्टीना कुक ने लगभग 11 महीने अंतरिक्ष में बिता कर इतिहास रच दिया. कुक अब पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आईं हैं.
कुक के साथ ही अंतरिक्ष एजेंसी के दूसरे वैज्ञानिक लुका परमितनो और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के अलेक्जेंडर भी वापस धरती पर लौट आए हैं. एजेंसी ने इन वैज्ञानिकों के धरती पर लैंडिंग का एक वीडियो भी बनाया जिसमें ये वैज्ञानिक मुस्कुराते हुए बाहर आते दिख रहे हैं.
यह मानव सहित अंतरिक्ष मिशन की शुरुआत बीते साल 14 मार्च को हुई थी. क्रिस्टीना कुक ने धरती पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी का शुक्रिया अदा किया और कहा, ‘मैं अभी बहुत अभिभूत और खुश हूं.
41 साल की कुक का जन्म मिशिगन में हुआ था और वो पेशे से इंजीनियर हैं. कुक ने बीते साल 28 दिसंबर को किसी महिला के अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा दिन बिताने का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. इससे पहले नासा की ही पेगी व्हिट्सन ने साल 2016-17 में 289 दिन अंतरिक्ष में बिताये थे.
इस महिला ने विश्व रिकार्ड बनाया है. जिसे तोडना इतना आसन नहीं होगा. ये अपने आप में एक महान कीर्ति है. जो कि सराहनीय है.