28.4 C
Mumbai
Saturday, August 1, 2026
Home Blog Page 1258

दिल्ली: उद्योगपति के बेटे के शौक ने ली एक युवक की जान

Bureau@Navpravah.com
नार्थ दिल्ली के सिविल लाइन्स में एक अमीर पिता के नाबालिग बेटे ने प्राइवेट कंपनी में कार्यरत अधिकारी सिद्धार्थ को अपनी तेज रफ़्तार मर्सिडीज़ गाड़ी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस दुर्घटना के बाद से दिल्ली पुलिस भी सवालों के घेरे में है।
मृत सिद्धार्थ की बहन शिल्पा ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के 24 घंटे बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की है, अगर घटना के वक़्त आरोपी नशे में रहा हो तो हमें कैसे पता चलेगा। हमें कानून का ज्ञान नहीं लेकिन आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए। सिद्धार्थ के पिता ने कहा कि “हमने किसी और के शौक के चलते अपना बेटा खो दिया। नाबालिग से ज्यादा उसका वो पिता दोषी है, जिसने गाड़ी अपने बेटे को सौंपी। नाबालिग का पिता उतना ही दोषी है।
पहले पुलिस ने नाबालिग को गिरफ्तार किया लेकिन शाम को उसकी जमानत हो गई। पिता अभी भी गिरफ्त में ही है। पता चला है कि हादसे के वक़्त कार में 8 लड़के सवार थे।
सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ शर्मा एक निजी कम्पनी में मार्केटिंग अधिकारी थे और अमरीकी स्ट्रेटफोर्ड विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एक संस्थान से व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी कर रहे थे। गत सोमवार की रात जब उनके एक दोस्त ने सिविल लाइन्स रेस्तरां के पास छोड़ा तभी ज़ेबरा क्रासिंग से सड़क पार कर रहे सिद्धार्थ को तेज रफ़्तार मर्सिडीज़ कार ने टक्कर मारी।
DCP मधुर वर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों की दरयाफ्त पर केस को दर्ज किया गया है और मामले की तफ्तीश जारी है। कार को जब्त करने के बाद ही आरोपी की गिरफ्तारी की जा सकी है। पूछताछ के बाद ही मामले में आगे बढ़ा जा सकता है।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार घटना के बाद ही कार में सवार सभी लड़के वहां से कार को छोड़ भाग गये। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। पुलिस की शुरूआती जांच से किशोर के कार चलाने की बात सामने आई है। कार सिविल लाइन्स स्थित ओबेराय अपार्टमेन्ट के फ्लैट नम्बर B-52 में रहने वाले व्यापारी मनोज अग्रवाल के नाम पर पंजीकृत है।
पुलिस का अंदेशा है कि मौजमस्ती करने के उद्देश्य से निकले किशोर जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है, के द्वारा ये दुर्घटना हुई है।
सिद्धार्थ शर्मा और उनका परिवार मूलतः मुंबई महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। कुछ ही साल पहले वो दिल्ली शिफ्ट हुए थे। सिविल लाइन्स के ही यमुना मार्ग के वाइट हाउस अपार्टमेंट में वो अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पिता हेमराज, माँ मधु के अलावा पत्नी सोनम हैं। दो साल पहले सिद्धार्थ ने भाभा एटॉमिक सेंटर से बतौर कंसल्टेंट नौकरी छोड़ी थी।

बसपा सांसद की बहू हिमांशी की मर्डर मिस्ट्री, तफ़्तीश जारी

आनंद द्विवेदी
मामला उत्तर प्रदेश का है जहां BSP सांसद नरेंद्र कश्यप की बहू हिमान्शी कश्यप की बुधवार को सि‍र में गोली लगने के कारण मृत्यु हो गई। कारणों की जानकारी नहीं मिली लेकिन जानकारी के मुताबिक़ वारदात उनके कविनगर वाले घर में हुई। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटना स्थल पर पहुँच कर तफ़्तीश जारी की।
सूत्रों के मुताबिक़ गोली लगने के बाद हिमांशी को फ़ौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। विगत 3 साल पहले हिमांशी और नरेंद्र कश्यप के बड़े पुत्र सागर का विवाह हुआ था। हिमांशी बसपा से ही मंत्री रह चुके हीरालाल कश्यप की बेटी थी।
हिमांशी के पिता हीरालाल ने बेटी की हत्या पर दहेज़ प्रताड़ना को कारण बताते हुए कहा कि उनकी बेटी को दहेज़ के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। 25 मार्च को जब वह घर आई थी तो उसने बताया था कि दहेज की मांग को लेकर उसकी पिटाई की जाती है।
उसका पति सागर भी मारपीट करता था। उससे फॉरच्यूनर गाड़ी की डिमांड की जा रही थी। कुछ दिन पहले सागर ने उसे इतना मारा था कि हिमांशी के कान में गंभीर चोट आई थी और उसका इलाज भी चल रहा था। पुलिस के अनुसार शुरुआत में मामला घरेलू कलह का लग रहा है। हिमांशी ने खुद को गोली मारी या परिवार में से किसी ने, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। गोली जिस रिवाल्वर से चली वो बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप के नाम पर लाइसेंस रजिस्टर्ड है।

सूखे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार

आनंद द्विवेदी
ब्यूरो
देश के सर्वोच्च न्यायिक प्रहरी सुप्रीम कोर्ट ने 9 राज्यों में सूखे के हालात पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगा दी है। कोर्ट ने बुधवार को कड़े शब्दों में कहा “आप (केंद्र) राज्यों की प्रॉब्लम्स को लेकर आंखें बंद नहीं कर सकते हैं। इससे निपटने के लिए जरूरी कार्यवाही करनी ही होगी। इस समय देश के 9 राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं। आप इनसे कैसे मुंह मोड़ सकते हैं। सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।”
कोर्ट ने ये भी पूछा कि सूखे से किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठा रही है। इसके साथ ही मनरेगा को लेकर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई है। एक समाजसेवी संस्था स्वराज अभियान ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कोर्ट को दखल देने की अपील की थी, जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लिया। पहले भी कोर्ट ने 12 राज्यों में सूखे पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के रवैए पर सवाल किये थे और इस याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट इन राज्यों में सूखे से निपटने के लिए राज्य सरकार के साथ केंद्र को भी ऑर्डर दिया जाए।
केंद्र सरकार के अनुसार, वो राज्यों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं। अगर कोई राज्य किसी इलाके को सूखा ग्रस्त होने की घोषणा करता है तो तुरंत हम उस जगह मनरेगा के तहत 100 दिन के काम की जगह 150 दिन के काम का पैसा रिलीज कर देते हैं।
महाराष्ट्र राज्य के ठाणे प्रशासन ने सूखे से निपटने के लिए टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया है। पानी से सम्बंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए कोई भी व्यक्ति इस नंबर पे फोन कर सकता है। राज्य के कई इलाकों में तालाब, नल के आसपास धारा 144 लगा दी गई है। लातूर के  हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं, जहाँ लोग एक लीटर पानी के लिए भी तरस रहे हैं।
देश के अन्य राज्यों आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना राजस्थान, गुजरात, छतीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में भी सूखे जैसे हालत उत्पन्न हो चुकी है। बुंदेलखंड में तो बन्दूक के साए में पानी की रखवाली करने जैसे मामले सामने आ रहे हैं

नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र को दिया समय, 18 अप्रैल को होगी सुनवाई

नारायण सिंह
ब्यूरो – उत्तराखं
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने और केंद्र के लेखानुदान अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नैनीताल हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोजफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने अपना पक्ष रखने के लिए केंद्र की समय बढ़ाने की मांग को मान लिया।
कोर्ट ने कहा कि अब केंद्र व हरीश रावत 12 अप्रैल को इस मामले में सारे दस्तावेज हाई कोर्ट में दाखिल करेंगे। साथ ही इनका आपस में आदान-प्रदान भी होगा। 18 अप्रैल को इस मामले में फिर से सुनवाई होगी।
केंद्र की ओर से पैरवी करते हुए अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। केंद्र ने हरीश रावत की संशोधन की अर्जी पर जवाब के लिए फिर से समय मांगा। इस पर हरीश रावत की ओर से अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने समय देने पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि जानबूझकर मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पीठों का फैसला है कि जितनी देर में 356 पर फैसला आएगा, हार्स ट्रेडिंग की उतनी ही संभावना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि केद्र राष्ट्रपति शासन हटाकर भाजपा की सरकार बनाने की फिराक मे है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगली सुनवाई की अवधि तक केंद्र सरकार उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाकर सरकार बनाने का प्रयास न करे। इस पर उन्होंने कोर्ट से आदेश देने को कहा।

मनी’ लेने में ही व्यस्त हैं ममता- नरेंद्र मोदी

Bureau@Navpravah.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे। अलीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि माँ, माटी और मानुष के नाम पर वोट लेने वाले आजकल सिर्फ मनी लेने में ही व्यस्त हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि दीदी का ध्यान सिर्फ बयानबाज़ी पर ही रहता है। केंद्र सरकार विकास के लिए कोई बैठक करे तो उसमे दीदी का कोई इंटरेस्ट नहीं होता। दीदी को मोदी से दिक्कत हो सकती है लेकिन केंद्र सरकार से कैसी दिक्कत!
मोदी ने आगे कहा कि ममता दीदी सोनिया गांधी से मिलने के लिए समय निकाल लेती हैं और फ़ोटो खिंचा के शेयर करने के लिए भी समय मिल जाता है लेकिन विकास जैसे मुद्दे पर होने वाले चर्चे में इन्हें समय नहीं मिलता। और जब जनता विकास पर प्रश्न खड़ा करती है तो ममता और लेफ्ट पार्टी आपस में ब्लेम गेम खेलती हैं।
मोदी ने शारदा घोटाले के साथ ही गिरीश पार्क फ्लाईओवर के गिरने की घटना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि गोरखा देश की शान हैं, लेकिन दीदी ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। उनको भी हतोत्साहित किया।

माल्या को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, कहा 10 दिन में दें संपत्ति का व्योरा

Bureau@Navpravah.com
बैंकों का 9000 करोड़ रूपए का सफाया करने वाले उद्योगपति विजय माल्या पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि अगली सुनवाई में माल्या भी उपस्थित रहें। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि माल्या एक बड़ी रकम भी जमा कराएं, जिससे बैंकों से बातचीत का रास्ता स्पष्ट हो सके।
विजय माल्या पर कानूनी शिकंजा कसता ही जा रहा है। गुरूवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने माल्या की गतिविधियों पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी 10 दिनों में माल्या अपनी संपत्ति का सम्पूर्ण व्योरा दें। कोर्ट के निर्देशानुसार अब माल्या को न सिर्फ अपना बल्कि पत्नी और बच्चों की संपत्ति का भी व्योरा देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
वहीं, किंगफिशर एयरलाइंस को कर्ज देने वाले बैंकों ने  स्पष्ट किया है कि लोन चुकाने के लिए और भी बेहतर ऑफर दिया जाए। इस पर किंगफिशर के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कर्ज चुकाने का नया प्रस्ताव बनाने के लिए दो हफ्तों का समय मांगा है। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है।

केंद्र सरकार को नैनीताल उच्च न्यायालय का झटका

नारायण सिंह
उत्तराखंड
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने और केंद्र सरकार के लेखानुदान अध्यादेश लाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर दूसरे दिन भी सुनवाई जारी है।
बता दें कि बीते रोज इस मामले में नैनीताल उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने सुनवाई की। ये दोनों याचिकाएं निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की तरफ से दाखिल की गई हैं। याचिकाओं के पक्ष में उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में लंबी जिरह की।
अदालत ने तकरीबन चार घंटें दलीलें सुनीं। इस बीच, खंडपीठ ने लेखानुदान निरस्त करने की रावत की याचिका पर केंद्र सरकार का समय देने का अनुरोध खारिज कर दिया। केंद्र ने इसके लिए कम से कम तीन दिन का वक्त देने की मांग की थी।

 

8 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ, तैयारियां ज़ोरों पर

आचार्य प्रदीप द्विवेदी 

कल (8 अप्रैल) से चैत्र नवरात्रि का शुभारम्भ हो रहा है। हर घर में जगत जननी माँ जगदम्बा के आगमन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इस बार यह नवरात्रि मात्र 8 दिनों का ही है। विद्वानों के मतानुसार चैत्र नवरात्रि का महात्म्य शारदीय नवरात्रि से भी अधिक होता है। इस समय माँ दुर्गा पृथ्वी में ही विराजती हैं।

नवरात्रि के इस पावन समय में हर भक्त अपनी भक्ति-आराधना से माँ भगवती को प्रसन्न करना चाहता है। भक्त मां के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना और व्रत रखता है। जिससे मां की कृपा उन पर सदैव बनी रहे।

देवी के नौ रूपों के संबंध में एक श्लोक है, जिसमे माँ के सभी रूपों का वर्णन है।

यह श्लोक कुछ इस प्रकार है-

 

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रम्हचारिणी, तृतीयं चंद्रघंटेति, कुष्मांडेति, चतुर्थक, पंचमम स्कंदमातेति, षष्ठं कात्यायनीति, च सप्तम कालरात्रिति, महागौरीति, चाष्ठमं, नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता।

इस श्लोक के अनुरूप नौ दिनों तक इस रूप का विधि विधानपूर्वक आह्वान, पूजन और जप के बाद नवें दिन हवन करने से मां दुर्गा अपने भक्त की हर मनोकामना पूरी करती है।

चैत्र नवरात्रि-

पंचांगों के अनुसार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा को ही होती है। जोकि हिंदू कैलेण्डर का पहला दिवस होता है। माँ जगदम्बा के सभी भक्त नूतन वर्ष के पहले 9 दिन पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं। इस चैत्र नवरात्रि को वंसत नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है।

चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्र भी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान राम का जन्म हुआ था, जो कि चैत्र के अन्तिम दिन पड़ता है। चैत्र नवरात्रि उत्तर भारतीय प्रदेशों में अधिक प्रचलित है। महाराष्ट्र में चैत्र नवरात्रि की शुरूआत गुढी पाड़वा से होती है।

 

BJP नेता एल. के. आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी का निधन

Bureau@Navpravah.com
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी का निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ।

 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की पत्नी कमला आडवाणी को बुधवार के दिन दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तत्काल दिल्ली के एम्स अस्पताल ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनका निधन हो चुका है।

 

कमला आडवाणी की निधन की खबर मिलते ही देश के राजनेताओं ने मृतात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कि अत्यंत दुःखद खबर है कि श्रीमती कमला आडवाणी नहीं रहीं। कमलाजी आडवाणी जी की पिलर थीं। उनसे हुई तमाम मुलाक़ातों को भुला पाना कठिन है। श्रद्धांजलि।

 

कन्नड़ फ़िल्म का निर्माण करेंगे डीनो मॉरिया

Entertainment desk
​पिछले कुछ समय से ​बॉलीवुड के सितारे फिल्म निर्माण में बतौर निर्माता नज़र आ रहे हैं। ज़्यादातर का मानना है कि अच्छे विषयों और क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देना आवश्यक है। अब क्षेत्रीय सिनेमा के निर्माण में अभिनेता, उद्यमी डिनो मोरिया भी शामिल हो गए हैं।
सूत्रों की माने तो फिटनेस के प्रति जागरूक अभिनेता जल्द ही एक कन्नड़ ​फिल्म का निर्माण करेंगे। जानकारी के मुताबिक़ डीनो को क्षेत्रीय सिनेमा देखना पसंद है, फिर वह मराठी हो या और कोई भाषा। डिनो का मानना है की क्षेत्रीय सिनेमा में बहुत अच्छे विषय और उम्दा प्रदर्शन होता है इसीलिए वे क्षेत्रीय सिनेमा के जरिये खुद का प्रोड्कशन हाउस शुरू करना चाहते हैं।
​डिनो मोरिया कहते हैं ‘बैंगलोर में पाला-बढ़ा हूँ और मैंने कई कन्नड़ फिल्में देखी हैं। 5 साल पहले कन्नड़ फिल्म जूली में गेस्ट अपीयरेंस दे चुका हूँ। यह इंडस्ट्री मेरे लिए बहुत जानी पहचानी है।
मेरे कई दोस्त इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इसीलिए मैंने सोचा कि बैंगलोर में प्रोडक्शन हाउस शुरू करूँ। यहाँ की इकोनॉमी में रिस्क कम है और मौके ज्यादा हैं। मैं बहुत ही गौर से स्क्रिप्ट्स पर काम कर रहा हूँ। यह फिल्म एक रोम कॉम होगी और हफ्ते भर में सब कुछ फाइनल कर लिया जायेगा।  ​