हाईकोर्ट के द्वारा उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाये जाने सम्बन्धी फैसले से जितने प्रसन्न कॉंग्रेसी नहीं हुए, उससे कहें अधिक शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती खुश दिख रहे हैं। अपनी प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए स्वरूपानंद ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार राष्ट्रपति शासन को लेकर आतुर नज़र आई। उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाये जाने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सही ठहराया है।
शंकराचार्य स्वरूपानन्द सरस्वती ने कल नैनीताल हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद कहा कि न्यायालय का फ़ैसला बिलकुल सही है। राज्य में हरीश रावत को अपना बहुमत सिद्ध करने का पर्याप्त समय देना चाहिए था। और अगर समय दिया जाता तो वे निश्चित ही अपना बहुमत सिद्ध कर लेते।
शंकराचार्य ने कहा, “देर नहीं हुई है, हरीश रावत बहुमत सिद्ध करेंगे और फिर से जनता के बीच आकर विकास के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। अभी चुनाव कराया जाना सही नहीं है। अभी चुनाव कराये जाने से करोड़ों रुपये खर्च होने के साथ भ्रष्टाचार भी होगा। हरीश रावत को शंकराचार्य ने गुरुमन्त्र दिया कि अब उन्हें सचेत रहकर अपने कार्यों को करना चाहिए।
⚜मेष (Aries): मांगलिक कार्यों में प्रमुखता से शामिल होंगे। अपनों के साथ हर्षोल्लास से समय बीतेगा। विवाह योग्यों को बेहतर प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। दिन धनधान्य कारक।
⚜वृषभ (Taurus): प्रभावशीलता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीत का प्रतिशत बेहतर बना रहेगा। सृजन एवं स्मरण को बल मिलेगा। दाम्पत्य में शुभता रहेगी। मित्र विश्वस्त रहेंगे।
⚜मिथुन (Gemini): कला प्रियता और दक्षता बढ़ेगी। परफार्मर अच्छे प्रस्ताव प्राप्त करेंगे। दिखावे पर जोर बना रह सकता है। चापलूसों से दूर रहें। दिन खर्चीला और सुखकर।
⚜कर्क (Cancer): लाइफ स्टाइल से जुड़े कारोबारी ज्यादा अच्छा करेंगे। आर्थिक अवसरों को भुनाने पर जोर दें। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष हितकर रहेगा। महत्वपूर्ण चर्चाओं में प्रभावी रहेंगे।
⚜सिंह (Leo): सभी का सहयोग और कुछ कर दिखाने की ललक बड़े प्रयासों में तेजी लाएगी। भाग्य का सहयोग बना रहेगा। सुख संसाधन बढ़त पर रहेंगे। दिन उन्नतिकारक। निसंकोच आगे बढ़ें।
⚜कन्या (Virgo): भ्रमण मनोरंजन में रुचि रहेगी। अनुशासन और निरंतरता बनाए रखेंगे। समय प्रबंधन ध्यान दें। भटकाव की आशंका है। दिन भाग्यवर्धक। करियर संवार पर रहेगा।
⚜तुला (Libra): दिखावे और बड़प्पन की अपेक्षा काम निकालने की नीति अपनाना बेहतर होगा। अपने सहयोगी रहेंगे। सेहत पर ध्यान दें। दिन सामान्य फलकारक। आकस्मिकता बनी रह सकती है।
⚜वृश्चिक (Scorpio): निजी जीवन में शुभता का संचार बना रहेगा। जीवनसाथी उपलब्धि अर्जित कर सकता है। तेजी बनाए रखें। आवश्यक कार्य आज ही कर लेने की कोशिश करें।
⚜धनु (Sagittarius): आत्मविश्वास और अहम् भाव के अंतर को पहचानें। विपक्ष की सक्रियता बढ़ सकती है। शिक्षा संतान और प्रेम पक्ष बेहतर बनें। दिन खर्चीला। रुटीन पर जोर दें।
⚜मकर (Capricorn): श्रेष्ठ कार्यों को आगे बढ़ाने में सफल रहेंगे। शिक्षा प्रेम और संतान पक्ष उम्मीद से अच्छा रहेगा। लाभ का प्रतिशत बेहतर रहेगा। किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले परिजनों की सुनें।
⚜कुंभ (Aquarius): भव्य भवन वाहन के प्रयासों में सक्रियता आएगी। घर परिवार से करीबी बढ़ेगी। साहस पराक्रम बढ़त पर बना रहेगा। बड़ों से आशीष लेना न भूलें। दिन शुभकर।
⚜मीन (Pisces): शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान बढ़ेगा। सामाजिकता में रुचि रहेगी। आलस्य से बचे रहेंगे। वाणिज्यिक गतिविधियां बेहतर रहेंगी। दिन उत्तम फलकारक।
(प्रोफ़ेसर एम. तिवारी प्रसिद्ध खगोलशास्त्री एवं दस महाविद्याओं के ज्ञाता हैं। अपनी समस्याओं का हल प्राप्त करने के लिए आप पंडित जी से 09919499991 पर संपर्क कर सकते हैं।)
प्रसिद्ध टीवी स्टार प्रत्यूषा बैनर्जी आत्महत्या केस के सस्पेक्ट और बॉयफ्रेंड राहुल ने गर्भपात की बात स्वीकार कर ली है। राहुल राज ने स्वीकार किया कि प्रत्युषा उसके बच्चे की माँ बनने वाली थी और गर्भपात करवाने का निर्णय दोनों का एकमत था।
रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने राहुल से गर्भपात सम्बन्धी जानकारी मागी उसने कहा कि , “ हम प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए डॉक्टर के पास गए और रिपोर्ट्स आने के बाद हमने मिलकर गर्भपात का निर्णय लिया क्योंकि हम शादी शुदा नहीं थे। हम केवल लिव इन में रह रहे थे। मैं खुद उसे गर्भपात के लिए लेकर गया था। वहां ज्यादा समय लग रहा था तो उसने मुझे वापस भेज दिया। हमने अपने भविष्य को देखकर ही ये फैसला लिया था।
राहुल ने कहा कि, “नवम्बर में हम शादी करने वाले थे।” 1 अप्रैल वाली घटना के विषय में राहुल राज सिंह का कहना है कि “प्रत्युषा और मैं अपने कॉमन फ्रेंड्स के साथ पार्टी में थे और रात भर बात चीत करते रहे। सुबह साढ़े आठ बजे के करीब हमने कुछ खाना चाहा। हमने घर में ही खाना बनाया होता तो ऐसा कुछ भी नहीं होता। जब मैं उठा तो प्रत्यूषा नहाने के लिए चली गई। उसके बाद वो फिर से ड्रिंक करने लगी। उसे शराब पीने की आदत लग गई थी। मैंने उसे शराब पीने से मना किया और बाहर खाना लेने चला गया।
जब वापस लौटकर मैंने बेल बजाई तो वह ऑफ़ थी। मेरी चाभियाँ काम नहीं कर रही थीं, क्योंकि वो डबल लॉक्ड था। मैं लॉक ठीक करने वाले को लेकर आया। जब हम दूसरी चाबी बनवाने के बारे में सोच रहे थे कि तभी हमारा नौकर आया। मैंने नौकर से कहा कि वो बालकनी से कूदकर दरवाजे को अंदर से खोल दे। जब मैं घर में घुसा तो प्रत्युषा पंखे से लटक रही थी। मैं तुरंत दौड़ा और उसके पैरों के नीचे अपना कंधा रख दिया।”
नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका देते हुए उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही अदालत ने 18 मार्च की स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
दरअसल, उत्तराखंड में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। अदालत के इस फैसले के बाद हरीश रावत के घर जश्न का माहौल है। गौररलब है कि 27 अप्रैल को बागियों की याचिका पर सुनवाई होनी है। फ्लोर टेस्ट 29 अप्रैल का दिन तय किया गया है।
इधर, सूत्रों के मुताबिक भाजपा आनन-फानन में राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने की तैयारी कर रही है। जहां भाजपा ने भी अपने सभी विधायकों को जल्द से जल्द देहरादून पहुंचने के निर्देश दिए हैं। वहीं कांग्रेस आज शाम अपने समर्थक 34 विधायकों की राजभवन में परेड कराने की तैयारी में है।
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने और बजट अध्यादेश मामले में केंद्र सरकार के फैसले को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने कहा कि शासन के लिए केंद्र के पास पर्याप्त मैटेरियल नहीं था। कोर्ट ने कहा ऐसे लगता है कि ये मामला एक चुनी हुई सरकार और दूसरी सरकार के बीच का है। केंद्र के रवैये पर निराशा जताते हुए कोर्ट ने कहा इससे उन्हें दुःख हुआ है।
उत्तराखंड में ऐसे चला कानूनी दांवपेंच और सियासी उठापटक-
*कांग्रेस के बाद अब भाजपा ने भी अपने सभी विधायकों को जल्द से जल्द देहरादून पहुंचने के दिए निर्देश।
*कांग्रेस आज शाम अपने समर्थक 34 विधायकों की राजभवन में परेड कराने की तैयारी में।
*विनियोग विधेयक पर कोर्ट की फाइंडिंग, सदन में अगर एक भी सदस्य मांग करता है तो होनी चाहिए वोटिंग, इस पर नियम देखे जाने की जरूरत।
*हाईकोर्ट में आज का दिन ऐतिहासिक। 3 घंटे से अंतरिम आदेश किया जा रहा डिक्टेट।
*आज खंडपीठ में नहीं हुआ लंच ब्रेक, बारीकी से खंडपीठ हर पहलू पर कर रही फोकस।
*केंद्रीय कैबिनेट नोट का दिया जा रहा आदेश में रेफरेंस।
*राष्ट्रपति शासन के लिए केंद्र के पास नहीं था पर्याप्त मैटेरियल : हाईकोर्ट
*28 तक बहुमत साबित करने का समय दिए जाने पर भी राष्ट्रपति शासन सही नहीं-कोर्ट
*केंद्र सरकार कोर्ट के साथ खेल रही है-हाईकोर्ट
*हाईकोर्ट ने कहा क्या सरकार एक प्राइवेट पार्टी है।
*राष्ट्रपति शासन की सुनवाई के दौरान कोर्ट का कड़ा रूख।
*राज्यपाल की रिपोर्ट में भी राज्य में संवैधानिक संकट की समस्या का जिक्र नहीं-कोर्ट
*हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा, अब साफ-साफ क्यों नहीं बताते कि हफ्तेभर राष्ट्रपति शासन नहीं हटेगा।
*हाईकोर्ट की केंद्र पर फिर सख्त टिप्पणी, गुस्से की बजाय हमें तकलीफ ज्यादा।
*हाईकोर्ट की केंद्र पर सख्त टिप्पणी, कल अगर आप राष्ट्रपति शासन हटा लेते हैं और किसी को सरकार के लिए बुलाते हैं तो ये न्याय के साथ मजाक होगा।
एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अधिकारियों को चेतावनी दे डाली कि सिस्टम को सिस्टम की तरह न रहने दिए जाने को वो बर्दाश्त नहीं कर पायेंगे। सिविल सर्विस दिवस पर दिल्ली सचिवालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें अरविन्द केजरीवाल ने नौकरशाहों द्वारा सिस्टम में की जाने वाली राजनीति के वशीभूत हड़ताल जैसे कदम उठाये जाने पर आपत्ति जताई।
दरअसल 31 दिसंबर 2015 को दानिक्स और आईएएस अधिकारी सामूहिक हड़ताल पर चले गये थे। सीएम केजरीवाल ने कहा, “ उस हड़ताल ने मुझे बहुत ठेस पहुंचाई थी। सिस्टम को सिस्टम ही रहने दें। जिन्हें राजनीति का शौक हो वो त्याग पत्र दें और चुनावी मैदान में आ जाएँ।
केजरीवाल ने ऑड-इवेन शुरू होने के पहले ही अधिकारियों के हड़ताल में चले जाने के पीछे केंद्र सरकार का हाथ बताते हुए कहा कि अधिकारियों ने केंद्र सरकार के कहने पर ही हड़ताल की थी। ऐसा उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं होगा। काम करने वाले अधिकारियों के साथ सरकार है।
काम करने में यदि कोई गलती हो जाती है, तो भी सरकार आपके साथ है, लेकिन गलती जान बूझकर नहीं की जानी चाहिए। सिविल सर्विस डे की बधाई देते हुए केजरीवाल ने कहा कि कई अधिकारियों ने बेहतरीन कार्य किये हैं और सरकार की उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सिविल सर्विस डे की तर्ज़ पर ही पॉलिटिकल डे भी मनाया जाना चाहिए। जहाँ पर सभी राजनीतिक लोग अपनी बात एक साथ एक मंच पर कह सकें। उन्होंने कहा कि हम यहाँ जनता के लिए बेहतरीन तरीके से काम करने के उद्देश्य से आए हैं। आप लोगों का भी यही नजरिया है और सरकार बेहतर ढंग से चले इसके लिए बेहतर प्रशासन और काम जरूरी है।
देखने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचार की सीढ़ियों के सहारे सत्ता पर चढ़ने वाले केजरीवाल जिन अधिकारियों को शौकिया राजनीति करने का ज्ञान देते नजर आये और इस्तीफ़ा देकर चुनावी मैदान पर उतरने को कह गए, क्या वो खुद इसी शौक के चलते इस्तीफ़ा दे बैठे और चुनावी मैदान में कूद पड़े।
यूं तो कहने को उत्तर प्रदेश सँवर रहा है, बदल रहा है, पर शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो प्रदेश भर की सड़को के हाल से संतुष्ट हो ? सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी सड़कों के निर्माण में ही होता है। शायद जरूरी भी है, क्योकि ज्यादातर ठेकेदारों को या तो चुनाव लड़ना होता है या तो राजनीति में मोटी रकम दानस्वरुप देनी होती है।
सड़को का यही खस्ताहाल चित्रकूट जिले में भी खूब देखा जा सकता है, जहाँ दिखने में तो विकास की भरमार है, पर सड़क और बिजली के मामले में जनता त्रस्त है। यहाँ की अधिकांश सड़के ‘गड्ढे’ में तब्दील हो चुकी हैं। ऐसी सड़कों के उदाहरण बहुत हैं, किस किस के नाम लिखे जाएँ पर किसी एक का जिक्र करना तो आवश्यक ही है। जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर मानिकपुर नगर की एक और ख़ास सड़क है, जो मौजूदा समय में तहसील मुख्यालय से होती हुई पास के कई गाँवों को जोड़ती है। जिसकी सबसे ज्यादा खस्ता हालत कल्याण केंद्र चौराहे से तहसील मुख्यालय तक है, इसकी लम्बाई महज डेढ़ किमी होगी।
इस सड़क से महीने में एक बार जिलाधिकारी महोदय तो गुजरती ही हैं, पर एसडीएम साहब और तहसीलदार तो रोजाना ही गुजरते हैं। ऐसे में इन सभी प्रशासन के आलाधिकारियों को सड़क के गड्ढे न दिखते हों, ये तो मुमकिन नहीं। इन गड्ढों में उतना ख़ास समाचार लायक कोई तत्व भी नही, इसीलिए शायद अभी तक ये लोकतन्त्र के चौथे प्रहरी की नजर में नही आया।
सड़क के जिस हिस्से में ये ताजा गड्ढा हुआ है, इसकी ऊपर परत बिल्कुल हट चुकी है, जिस कारण अंदर पडी छड़ें बाहर निकल आई हैं जिसके कारण किसी दिन भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। वैसे तो पास के लोगो ने पत्थर रखकर इन छड़ों को दबा दिया है पर खतरा तो अभी भी उतना ही है, क्योकि ऐसे गड्ढे तो पूरी सड़क में भरे पड़े हैं। अब तो इस बात का भी कोई अर्थ नहीं कि इस सड़क का निर्माण किसने और कब कराया था, क्योकि जब यह बनी थी तभी लोगो ने घोषणा कर दी थी कि ये सड़क नहीं मजाक है, क्योकि सड़कें तो सरकारी कागजों में ही दुरुस्त बनती हैं जमीन पर नहीं।
आमजनमानस की बात करें तो सभी को अपने आस पास की इन समस्यायों से छुटकारा चाहिए पर शर्त यह है कि भगत सिंह अपने घर में नहीं, बल्कि पड़ोसी के घर में पैदा हो। फिर प्रशासन से टक्कर कौन ले? अपनी-अपनी समस्यायों का ही इतना बड़ा पुलिंदा है सबके पास की, किसी को फुर्सत नही!
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए 62 सीटों पर मतदान हो रहा है। आज हो रहे चुनाव में कोलकाता की सात विधानसभाएं भी शामिल हैं। तीसरे चरण में 62 सीटों के लिए 34 महिलाओं समेत 418 उम्मीदवार मैदान में हैं।
तीसरे चरण के मतदान में लगभग 1.37 करोड़ उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगा। मतदाता कुल 16461 केंद्रों पर मतदान करेंगे। तीसरे चरण में प्रमुख उम्मीदवारों में टीएमसी सरकार के मंत्री सहित कई अहम लोगों की किस्मत दांव पर लगी है। अब तक चुनावी प्रचार में सभी पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने का कोई कसर नहीं छोड़ा है। चाहे वो प्रधानमंत्री मोदी हों, राहुल गांधी हों या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।
तीसरे चरण के मतदान में मंत्री शशि पांजा और साधना पांडे, बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा, वरिष्ठ कॉंग्रेसी नेता मोहम्मद सोहराब, माकपा विधायक अनिसुर रहमान और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी नजरूल इस्लाम भी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने इस चरण में 3401 क्षेत्रों को संवेदनशील करार दिया गया है।
अब देखना यह होगा कि इस बार बंगाल में ममता बनर्जी का जादू चलता है या नरेंद्र मोदी के भाषणों का असर पड़ता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों लगभग सभी नेताओं ने एक दूसरे की पोल खोलने की कोशिश की। देखना यह होगा कि स्थानीय जनता ममता पर विश्वास करती है या बंगाल में भी बदलाव की स्थिति सामने आ सकती है।
⚜मेष (Aries): श्रेष्ठता प्रदर्शन में आगे रहेंगे। लंबित कार्य पूरे कर सकेंगे। सफलता का प्रतिशत ऊंचा रहेगा। घर परिवार में मांगलिक आयोजन संभव है। दिन धनधान्य कारक।
⚜वृषभ (Tauras): सभ्यता और भव्यता पर जोर बना रहेगा। निजी मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। रिश्तों में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा। प्रयासों को समर्थन सराहना मिलेगी। दिन उत्तम।
⚜मिथुन (Gemini): आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हुई रहेंगी। विभिन्न स्त्रोतों से आय संभव होगी। भ्रमण मनोरंजन के अवसर बने रहेंगे। प्रियजन विश्वसनीय रहेगा। मूल्यवान वस्तु क्रय कर सकते हैं।
⚜कर्क (Cancer): सफलता की संभावना उच्च रहेगी। कार्यशैली से सभी प्रभावित रहेंगे। बहुमुखी प्रतिभा के प्रदर्शन से पद प्रतिष्ठा और आय बढ़ान में सफल रहेंगे। घर में सुख सौख्य रहेगा।
⚜सिंह (Leo): भाग्य का साथ और साथियों का समर्थन कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता दिला सकता है। श्रेष्ठ समय का अधिकाधिक दोहन करें। दिन पद प्रतिष्ठा और पैतृक पक्ष को बल देने वाला।
⚜कन्या (Virgo): अच्छा सोचें और लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाएं। बाधाएं स्वत: दूर होती नजर आएंगी। भाग्य का सहयोग बढ़ेगा। भ्रमण मनोरंजन में रुचि लेंगे। दिन शुभ फलकारक।
⚜तुला (Libra): दाम्पत्य में सुख सौख्य बना रहेगा। जीवनसाथी उम्मीद से अच्छा करेगा। खानपान में सतर्कता रखें। गरिमा गोपनीयता पर जोर दें। दिन सामान्य से शुभ फलकारक।
⚜वृश्चिक (Scorpio): घर परिवार में स्थायित्व बढ़ेगा। भूमि भवन के मामले बन सकते हैं। जीवनसाथी सहयोगी रहेगा। विपक्ष स्वत: पीछे हटने मजबूर रहेगा। तेजी बनाए रखें। दिन शुभ।
⚜धनु (Sagittarius): प्रभावशीलता बनी रहे, इस हेतु बातचीत में सतर्कता रखें। विपक्ष आपकी विनम्रता का लाभ उठा सकता है। तार्किक रहें। लेन देन में जल्दबाजी से बचें।
⚜मकर (Capricorn): प्रेमी जन मन की बात कर सकते हैं। पठन पाठन और पारस्परिक सामंजस्य को बल मिलेगा। बड़ों का मान रखें। आर्थिक सहजता बनी रहेगी। दिन उत्त्तम।
⚜कुंभ (Aquarius): सुख सुविधाओं पर जोर रहेगा। घर परिवार में शुभता का संचार रहेगा। बड़ों का साथ विश्वास बढ़ाएगा। व्यर्थ के मामलों में न उलझें। साहस पराक्रम बना रहेगा।
⚜मीन (Pisces): सामाजिक गतिविधियों म रुचि बढ़ेगी। अपनों का साथ हर्षोत्साह में वृद्धि करेगा। आलस्य से बचें। संपर्क बेहतर होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। दिन श्रेष्ठ फलकारक।
(प्रोफ़ेसर एम. तिवारी प्रसिद्ध खगोलशास्त्री एवं दस महाविद्याओं के ज्ञाता हैं। अपनी समस्याओं का हल प्राप्त करने के लिए आप पंडित जी से 09919499991 पर संपर्क कर सकते हैं।)
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियां अपने अपने दांव पेंच खेलती नज़र आ रही है। ऐसे में केंद्र समेत कई अन्य राज्यों में सत्तारूढ़ भाजपा, अपने पसंदीदा चुनावी मुद्दा “राम मंदिर” को हाशिये पर छोड़ती नज़र आ रही है। उत्तर प्रदेश में नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर की एक प्रेस वार्ता में कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर को कभी भी चुनावी मुद्दा नहीं बनाया है। विरोधी दल भाजपा पर आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
कानपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर को लेकर आश्चर्यचकित कर देने वाला बयान दे दिया। मौर्य ने कहा “राम मंदिर भाजपा और हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है। हम विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेंगे। राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला हो, हमें मान्य होगा।”
केपी मौर्य ने समाजवादी पार्टी और बसपा पर तंज कसते हुए ये भी कहा कि, “ यदि समाजवादी पार्टी और बसपा को लगता है कि राम मंदिर चुनावी मुद्दा है तो वो ही मंदिर बनवा लें।”
भाजपा में नेतृत्व की कमी वाले सवाल पर मौर्य का कहना था, “ भाजपा में चेहरों की कोई कमी नहीं है, हम पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे।”
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर समाजवादी पार्टी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए केपी मौर्य ने कहा कि, “उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। सपा सरकार के कार्यकाल में 11 हजार पुलिस कर्मियों पर हमले हुए और प्रदेश की कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है।
कानपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने कहा कि, “हम विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाने वाले हैं। मोदी सरकार देश के विकास में लगी हुई है। यही वजह है कि हम हाल में ही चार राज्यों में सरकार बनाने में सफल रहे।” उन्होंने अपने भाजपा कार्याकर्ताओं और नेताओं से प्रदेश में सपा सरकार की असफलताओं और बसपा के भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्ला-बोल रणनीति बनाने को कहा। उनके अनुसार सपा सरकार की वजह से ही कानपुर जैसे शहरों में बिजली पानी का अभाव है।
राजीव गाँधी हत्याकाण्ड के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रही नलिनी ने हाईकोर्ट मद्रास में याचिका दायर की है, जिसमें उसने खुद को रिहा किये जाने की अपील की है। उसके वकील राधाकृष्णन का कहना है कि इस याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट द्वारा की जा सकती है। उनके अनुसार, तमिलनाडु सरकार कोर्ट के फैसले के पूर्व भी संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत नलिनी को रिहा कर सकती है।
गौरतलब है कि राजीव गाँधी की हत्या केस में नलिनी मुरुगन, संथन, और पेरारिवलन सहित 26 लोगों पर हत्या का मुकदमा चलाया गया था, और निचली अदालत द्वारा इन सभी को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
नलिनी द्वारा क्षमादान मांगे जाने पर राज्य सरकार ने अप्रैल 2000 में आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था। वहीं अक्टूबर 2007 में नलिनी द्वारा फ़ाइल समय से पहले कारावास से मुक्त किये जाने के अनुरोध को अधिकारियों ने निरस्त कर दिया था। फिर नलिनी ने 2010 में भी रिहाई की गुहार लगाईं और मद्रास हाईकोर्ट द्वारा इसे खारिज कर दिया गया था।