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Monday, August 3, 2026
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राजन के लायक नहीं मोदी सरकार – पी. चिदंबरम

ब्यूरो,

गवर्नर पद पर रघुराम राजन की पुनर्नियुक्ति पर वाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने राजन का समर्थन करते हुए मोदी सरकार पर उल्टा निशाना साधा है। राजन को दुनिया के सबसे बेहतर अर्थशास्त्रियों में से एक बताते हुए चिदंबरम ने कहा कि खुद मोदी सरकार रघुराम राजन के लायक नहीं है।

कांग्रेस मुख्यालय में मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चिदंबरम ने पहले कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर तभी कुछ कहेगी जब यदि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री राजन के खिलाफ कुछ बोलते हैं।

बाद में राजन का बचाव करते हुए चिदम्बरम ने  कहा कि यूपीए सरकार ने विश्व के सर्वश्रेष्ठ अर्थशास्त्रियों में से एक को आरबीआई का गवर्नर बनाया था। कांग्रेस को उस समय भी राजन पर पूरा भरोसा था और आज भी है।

चिदंबरम से जब यह पूछा गया कि क्या राजन को दूसरा कार्यकाल दिया जाना चाहिए? उन्होंने कहा, ” मुझे तो लगता है कि यह सरकार राजन को रखने लायक है भी या नहीं?”

narendra modi

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वित्त मंत्री के तौर पर उन्हें भी राजन के ब्याज दर के निर्धारण से आपत्ति थी, चिदंबरम ने कहा कि यूपीए सरकार के सभी केंद्रीय बैंक गवर्नरों के साथ बहुत अच्छे संबंध थे जिनमें मौजूदा गवर्नर भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “दुनिया भर में वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर के बीच ऐसे विवाद होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वित्त मंत्री आरबीआई गवर्नर की कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करें। हर किसी का अपना अपना नज़रिया है।” उन्होंने राजन के ‘अंधों में काना राजा’ की विवादास्पद टिप्पणी पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण की आलोचना के संबंध में कहा कि यहीं मतदान करवा लें कि इसमें कौन सही और कौन गलत है।

गौरतलब है कि राजन का तीन साल का कार्यकाल सितंबर के पहले सप्ताह में खत्म हो रहा है, परंतु भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राजन का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व ही उन्हें पदच्युत करने की माँग की है। स्वामी ने प्रधानमंत्री को दो बार पत्र लिखकर राजन को हटाने की माँग की है।

जी 7 देशों के टेंशन की वजह बनाता जा रहा है चीन!

ब्यूरो,

चीन की बढ़ती सैन्य ताकत जी 7 देशों के लिए चिंता की बात बन गई है। खास कर दक्षिण चीन सागर में उसकी उपस्थिति ज्यादातर देशों को खटक रही है।अमेरिकी सांसदों ने पहले ही से इस विषय में अपनी चिंता व्यक्त कर दी है।

जापान के शिमा शहर में चल रही जी 7 देशों के सम्मेलन में भी यह मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। जी 7 देशों के नेताओं ने कहा कि एशिया में समुद्र संबंधी बढ़ती चिंताएं परेशानी का सबब हैं और विवादों का समाधान वैध एवं शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।

जी 7 नेताओं ने कहा, ” हम पूर्वी और दक्षिण चीन सागरों में स्थिति को लेकर चिंतित हैं और विवादों के शांतिपूर्ण प्रबंधन एवं निपटान के मौलिक महत्व पर जोर देते हैं।” जी 7 के वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा पत्र की विषय वस्तु में किसी एक देश का जिक्र नहीं किया गया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि इसका इशारा चीन की ओर था।

china tension of g7

लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के दावे ने उसके कुछ दक्षिणपूर्वी एशियाई पड़ोसियों को नाराज कर दिया है और इस जल क्षेत्र में नौवहन की आजादी पर खतरे संबंधी चिंताओं को जन्म दिया है। इस समुद्री क्षेत्र में ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम के साथ-साथ फिलीपीन भी अपना दावा पेश करता है।

चीन द्वारा वहां छोटे द्वीपों के सैन्यीकरण ने देश की बढ़ती क्षेत्रीय ताकत को लेकर सीमा संबंधी आशंकाएं बढ़ा दी हैं और साथ ही आवश्यकता पड़ने पर इस दावे के समर्थन में उसके द्वारा बल प्रयोग किए जाने का खतरा भी बढ़ गया है। चीन पूर्वी चीन सागर में निर्जन द्वीपों पर जापान के साथ भी विवाद की स्थिति में है। इन द्वीपों पर दोनों देश अपना अपना दावा पेश करते हैं।

जी 7 के सदस्य देशों अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने कहा कि विवादों का निपटारा शांतिपूर्वक किया जाना चाहिए और ‘‘नौवहन एवं हवाई उड़ान की स्वतंत्रता’ का सम्मान किया जाना चाहिए। दरअसल अमेरिकी सेना ने ‘‘नौवहन की स्वतंत्रता’ के कई अभियान चलाए हैं जिनसे बीजिंग की भौंहें तन गई हैं।

जी7 नेताओं ने यह भी कहा कि इलाके में दावे अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर किए जाने चाहिए और देशों को ऐसे एकपक्षीय कदमों से बचना चाहिए जिनसे तनाव बढ़ने की आशंका हो और उन्हें दावों को साबित करने के लिए बल प्रयोग से भी बचना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मध्यस्थता समेत न्यायिक माध्यमों का प्रयोग किया जाना चाहिए।

जी7 बैठक के इतर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने कल कहा कि समूह को चीन के समुद्री दावों और क्रीमिया के रूसी विलय पर स्पष्ट एवं कड़ा रुख अपनाना होगा।

टिहरी में तेज़ बारिश से तबाही, घर छोड़कर भागे लोग

नारायण सिंह

ब्यूरो (उत्तराखंड)

दोपहर बाद हुई तेज बारिश उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर आफत लेकर आई। टिहरी के घनसाली और पिथौरागढ़ के बंगापानी में बारिश ने भारी तबाही मचाई। कौठियाड़ा गांव में बारिश के दौरान पहाड़ी का मलबा घरों में घुस गया। साथ ही घनसाली-बूढ़ाकैदार मौटर मार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया।

टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र के कौठियाड़ा गांव में पहाड़ी से गिरा मलबा घुस गया। इससे करीब दस घरों में भारी मलबा बारिश के पानी के साथ घुस गया। ग्रामीणों ने घरों से भागकर जान बचाई। वहीं, चमोली जिले के कर्णप्रयाग ब्लॉक के सोनला के जंगलों में बादल फटने से कई घरों में पानी और मलबा घुस गया।

वहीं, टिहरी में बूढ़ाकेदार-घनसाली मौटर मार्ग चार स्थानों पर मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। इस सड़क पर सेंदुल गांव, ब्राइटलैंड स्कूल के निट, केमरा व सुलियारा गांव में सड़क बंद हो गई। सूचना पर प्रशासन की टीम रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई है।

उधर पिथौरागढ़ जनपद में बंगापानी तहसील में बारिश से कई घरों में पानी घुस गया, जबकि कई मकानों में दरारें आ गई। इससे लोग सहमे हुए हैं। बंगापानी और छोरीबागढ़ में गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। इससे कई घरों में बारिश का पानी घुस गया,

कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर नसीरुद्दीन और अनुपम में घमासान

एंटरटेनमेंट ब्यूरो,

मोदी सरकार द्वारा अपनी द्वितीय वर्षगांठ पर ज़ोरदार जश्न मनाया जा रहा है। कई लोग मोदी सरकार के 2 वर्षों के कार्यकाल की और इस जश्न भरे माहौल की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं तो कई इसे कोस रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने पहले तो ये कहा है कि लोग सरकार के बारे राय बनाने में जल्दबाजी करते हैं। हमें सरकार को कुछ समय देना चाहिए। लेकिन बाद में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि सरकार की कुछ बातें उन्हें परेशान कर रही हैं।

दरअसल नसीरुद्दीन शाह कल दिल्ली में अपनी फिल्म ‘वेटिंग’ के प्रमोशन के लिए आए थे। ‘वेटिंग’ एक कॉमेडी फिल्म है। अपनी कॉमेडी फिल्म के प्रमोशन के बहाने नासिरुद्दीन मोदी सरकार का ही नहीं दिग्गज कलाकार अनुपम खेर का भी मज़ाक उड़ा गए,या यूँ कहें कि व्यंग बाण चला गए। शाह ने अनुपम पर निशाना साधते हुए कहा कि जो कभी कश्मीर में रहा नहीं वो अब कश्मीरी पंडितों के लिए लड़ाई लड़ रहा है। आज अचानक वो विस्थापित हो गए?

shah-anupam

इतना ही नहीं शाह ने सिलेबस की किताबों में किए जाने वाले बदलाव पर भी सवाल उठाए। नसीरुद्दीन शाह का बयान ऐसे समय आया है जब स्मृति ईरानी का मंत्रालय नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट बनवा रहा है। राजस्थान में नेहरू को सिलेबस से हटाने का विवाद उठा है। ‘ए वेडनसडे’ फिल्म में दोनों ने एक साथ काम किया था। सिल्वर स्क्रीन पर अपनी उम्दा कलाकारी का लोहा मनवाने वाले दोनों दिग्गज कलाकार अब राजनीतिक मंच पर घमासान करते नज़र आ रहे हैं।

अब नसीरुद्दीन शाह के बयान पर अनुपम खेर की प्रतिक्रिया भी आई है। उन्होंने ट्वीट कर इसका जवाब दिया है। खेर ने कहा,” शाह साब की जय हो। आपके तर्क के अनुसार तो एनआरआई को भारत के बारे में सोचना ही नहीं चाहिए।” अपने बयान पर मचे बवाल पर नसीरुद्दीन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें जो कहना था उन्होंने कह दिया। उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया है।

मेघालय में मोदी, एशिया के सबसे स्वच्छ गाँव मॉफलांग का किया दौरा

ब्यूरो,

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह मेघालय के एक गांव मॉफलांग पहुंचे। मॉफलांग को एशिया का सबसे साफ-सुथरा गांव माना जाता है। इस गांव में मोदी ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनके साथ संगीत का भी भरपूर लुत्फ उठाया। प्रधानमंत्री ने घूम घूम कर पूरे गांव और गांव के रहन सहन को देखा और उनकी भूरि भूरि प्रशंसा की।

मोदी ने खासी समुदाय के लोगों के संग समय बिताया और उनके वाद्य यंत्र को बजाकर भी आनंद लिया। मोदी वहाँ के लोक कलाकारों के साथ बिलकुल घुल मिल गए थे। उनके साथ मोदी ने मेघालय का ढोल व कई वाद्य यंत्रों को स्वयं बजाया, लोकनृत्य का भी जमकर आनंद लिया। मोदी ने यहाँ कलाकारों और आम लोगों के साथ चाय की चुस्कियां भी लीं और उनसे बातचीत की। आज मोदी को यहाँ कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेना है।

cleanest village of asia

गौरतलब है कि कल पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया का ‘प्रवेश द्वार’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ‘एक्ट-ईस्ट’ नीति का सक्रियता से पालन कर रही है और क्षेत्र में बुनियादी संरचना में सुधार के लिए काम कर रही है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना है।

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज दिल्ली में ‘ज़रा मुस्कुरा दो’ नामक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम इंडिया गेट पर शाम 5 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर किया जाएगा। कार्यक्रम के एक छोटे से हिस्से ‘बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ’ की मेज़बानी बिग बी अमिताभ बच्चन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के मेज़बान अभिनेता आर. माधवन होंगे।

माँ-बेटी में ही घमसान, राबड़ी की जगह मीसा जा सकती हैं राज्यसभा!

ब्यूरो,

राष्ट्रीय जनता दल से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार अब पूर्व मुंख्यमंत्री राबड़ी देवी की जगह उनकी बेटी डाॅ. मीसा भारती राजद से राज्यसभा जाएँगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने मीसा के नाम पर मुहर लगा दी है। इससे पहले चर्चित एडवोकेट राम जेठमलानी की राज्यसभा के लिए उम्मीदवारी पहले ही से तय हो चुकी है।

मीसा और राम जेठमलानी 30 या 31 मई को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। हालांकि, अब भी राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने राज्यसभा या विधान परिषद के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। पार्टी के नेता भी लालू प्रसाद की घोषणा के पहले कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

मीसा और जेठमलानी के राज्यसभा जाने की सूचना के साथ ही अब राजद कोटे से सिर्फ विधान परिषद की दो सीटों के लिए पार्टी के कुछ नेताओं के नामों की चर्चा शुरू हो गयी है। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ रामचंद्र पूर्वे का नाम पक्का माना जा रहा है। दूसरी सीट के लिए डॉ. तनवीर हसन और हिना शहाब के नामों की चर्चा अब भी चल रही है।

इसके पहले डॉ. एजाज अली भी विधान परिषद के प्रत्याशी के रूप में गिने जा रहे थे। राज्यसभा से टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद अब डॉ.अली विधान परिषद की उम्मीदवारी से बाहर माने जा रहे हैं।

सीबीएसई के दसवीं के परीक्षा परिणाम आज होंगे घोषित

शिखा पांडेय,

आज केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के दसवीं कक्षा के परिणामों की घोषणा होगी। अधिकारियों के अनुसार नतीजे दोपहर दो बजे घोषित किए जाएंगे। छात्र बोर्ड की वेबसाइट www.cbse.results-nic.in पर अपने नतीजे देख सकते हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक़, सभी स्कूल स्वत: अपने पूरे नतीजे बोर्ड से पंजीकृत ईमेल आईडी पर हासिल कर लेंगे। बयान में कहा गया कि पूर्व के वर्षों के अनुरुप बोर्ड आईवीआरएस के जरिए भी अपने नतीजे जारी करेगा। एनआईसी और एमटीएनएल के टेलीफोन नंबरों – 24300699 या 28127030 पर दिल्ली के टेलीफोन उपभोक्ता आईवीआरएस के जरिए नतीजे हासिल कर सकते हैं, जबकि देश के दूसरे हिस्सों के लिए ये फोन नंबर 011-24300699 या 011-28127030 हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, नतीजे बोर्ड परिसर में उपलब्ध नहीं होंगे। इसलिए लोग नतीजे हासिल करने के लिए उसके कार्यालय न जाएँ।

छात्र कुछ आसान से स्टेप्स में अपना रिजल्ट अपने स्क्रीन पर प्राप्त कर सकते हैं-

*CBSE की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.nic.in , www.cbseresults.nic.in और www.results.nic.in पर जाएँ।

*वेबसाइट पर दिए लिंक ‘Class X 2016‘ पर क्लिक करें।

*जो पृष्ठ खुले उसपर अपने रोल नंबर समेत तमाम जरूरी जानकारियां भरें।

*सबमिट बटन दबाएँ।

*आपका रिजल्ट आपकी सक्रीन पर होगा।

सीबीएसई के साथ आज बिहार बोर्ड की दसवीं के नतीजे भी आएंगे। छात्र results.bihareducation.net पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

साउथ-ईस्ट एशिया का प्रवेश द्वार है नार्थ-ईस्ट इंडिया -मोदी

ब्यूरो,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ‘एक्ट-ईस्ट’ नीति का सक्रियता से पालन कर रही है और क्षेत्र में बुनियादी संरचना में सुधार के लिए काम कर रही है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना है। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया का ‘‘प्रवेश द्वार” करार दिया।

कल एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सभी पूर्वोत्तर राज्यों को रेल नेटवर्क से जोड़ने और सड़क, दूरसंचार, बिजली और जलमार्गों में बुनियादी संरचना को उन्नत बनाने की मंशा रखती है ताकि उन्हें विकसित राज्यों की बराबरी पर लाया जा सके। उन्होंने तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई।

मोदी ने कहा,”मैं पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार मानता हूं। काफी कुछ किया जा रहा है। काफी कुछ किया जाना बाकी है।” उन्होंने कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद से पूर्वोत्तर में रेल नेटवर्क के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और रेल मंत्रालय मौजूदा वर्ष में 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहा है।

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, होटल और साफ-सफाई में सुधार कर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पर्यटक सर्किट विकसित करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘स्वदेश दर्शन’ नाम की एक नई योजना शुरु की है, जिसके तहत देश में पर्यटक सर्किट विकसित किए जा रहे हैं और ऐसा एक सर्किट पूर्वोत्तर में प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में साहसिक पर्यटन रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभर सकता है। उन्होंने इन क्षेत्र के राज्यों से इसके विकास और बढ़ावे का अनुरोध किया। मोदी ने उत्तर पूर्व परिषद एनईसी, के 65वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “अगर अच्छे से विकसित किया जाए और बढ़ावा दिया जाए, तो यह क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभर सकता है। यह क्षेत्र की वृद्धि और आय में भी योगदान दे सकता है।” उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व क्षेत्र के सभी राज्यों को प्राकृतिक सुंदरता, विशेष ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक धरोहर का वरदान प्राप्त है।

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मोदी ने कहा, “यह सब कुछ क्षेत्र में पर्यटन के अपार गुंजाइश पेश करता है। क्षेत्र में पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।” पर्यटन मंत्रालय के ‘थेमैटिक सर्किट’ का सर्वश्रेष्ठ प्रयोग करने की जरुरत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पडोसी देशों के कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को जोड़ने की सोचकर पर्यटकों के लिए आकर्षण बढ़ा सकता है। इसका लाभ उठाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, आज तक दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत से 1001 किलोमीटर के क्षेत्र में पूर्वोत्तर राज्यों की 34 सड़क परियोजनाओं को उत्तर पूर्व के लिए विशेष राजमार्ग निर्माण एजेंसी ‘राष्ट्रीय राजमार्ग एवं आधारभूत विकास निगम’ द्वारा लागू किया गया है।

उन्होंने बांग्लादेश के सहयोग से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी परियोजना को रेखांकित किया। बिजली के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र ने ज्यादा क्षेत्रों में बिजली सुनिश्चित करने के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं में निवेश किया है।

2023 में दौड़ने लगेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन -सुरेश प्रभु

ब्यूरो,

देश को पहली बुलेट ट्रेन 2023 तक मिल जाने की संभावना है। रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने स्वयं यह घोषणा नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर अपने मंत्रालय के कामकाज का उल्लेख करते हुए की है। उन्होंने कहा है कि हम लोगों ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के फेज पर विस्तार से चर्चा की है।

रेल मंत्री ने कहा है कि शेड्यूल के अनुसार काम किया जा रहा है। इस परियोजना पर 97,639 करोड़ रुपये कुल खर्च आएगा। इस योजना के लिए 81 प्रतिशत फंड जापान से कर्ज के तौर पर लिया जाएगा। 508 किलोमीटर की दूरी वाले मुम्बई अहमदाबाद के बीच के इस रेल रूट पर बुलेट ट्रेन से यह सफर मात्र दो घंटे में तय किया जा सकेगा, जबकि बुलेट ट्रेन की स्पीड 320 किमी से 350 किमी प्रतिघंटा के बीच होगी।

गौरतलब है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई व गुजरात के सबसे बड़े नगर अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की परियोजना पर नरेंद्र मोदी सरकार काम कर रही है। ये दोनों शहर पश्चिम भारत के दो सबसे बड़े शहर हैं और कारोबारी व औद्योगिक नगर हैं।

राजन की नियुक्ति को लेकर मोदी ने मीडिया पर उठाया सवाल

ब्यूरो,

रघुराम राजन की दोबारा आरबीआई गर्वनर पद की नियुक्ति के सवाल पर पीएम मोदी ने सवाल उठाया है कि राजन की नियुक्ति पर मीडिया की इतनी रुचि क्यों है?

पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि आरबीआई गर्वनर की नियुक्ति एक प्रशासनिक विषय है। आरबीआई गर्वनर की नियुक्ति का फैसला सितंबर में ही लिया जाएगा। मैं नहीं समझता कि इसमें मीडिया की इतनी रुचि होनी चाहिए। गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है। सरकार के साथ तल्ख रिश्तों की वजह से बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी उन्हें वक्त से पहले ही हटाने की मांग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि कल बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर हमला बोला और उनके खिलाफ कई अत्यंत संगीन आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें तत्काल इस पद से बर्खास्त करने की मांग की। स्वामी ने प्रधानमंत्री को 17 मई को लिखे पत्र में राजन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था,” राजन मानसिक तौर पर पूर्ण भारतीय नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राजन ने जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।

Raghuram Rajan

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर का पद काफी उंचा होता है और इसके लिए देशभक्ति तथा राष्ट्र के प्रति बिना शर्त वाली प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। बीजेपी नेता स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अमेरिका के डोमिनेटेड ग्रुप आफ 30 के सदस्य हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की प्रभुत्व की स्थिति का बचाव करता है।

मोदी को एक पखवाड़े में लिखे दूसरे पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया कि एक संवेदनशील तथा काफी उंचे सरकारी पद पर होने के बावजूद राजन अपने ‘ग्रीन कार्ड’ के नवीकरण के उद्येश्य से लिए बीच बीच में अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं जो नवीनीकरण के लिए अनिवार्य है।

स्वामी ने कहा कि सितंबर, 2013 में रिजर्व बैंक का गवर्नर बनने के बावजूद राजन के पास अमेरिका का ग्रीनकार्ड बना हुआ है। यह अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का रास्ता है। इसमें यदि अमेरिका सरकार बुलाए तो व्यक्ति को वहां सेना में भी सेवाएं देने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और काफी ऊँचे सरकारी पद पर होने के बावजूद वह हर साल अपने ग्रीन कार्ड के नवीकरण के लिए कम से कम एक दिन अमेरिका में रकने के लिए जाते हैं।