27.8 C
Mumbai
Thursday, September 10, 2026
Home Blog Page 1236

साउथ-ईस्ट एशिया का प्रवेश द्वार है नार्थ-ईस्ट इंडिया -मोदी

ब्यूरो,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ‘एक्ट-ईस्ट’ नीति का सक्रियता से पालन कर रही है और क्षेत्र में बुनियादी संरचना में सुधार के लिए काम कर रही है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना है। प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया का ‘‘प्रवेश द्वार” करार दिया।

कल एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सभी पूर्वोत्तर राज्यों को रेल नेटवर्क से जोड़ने और सड़क, दूरसंचार, बिजली और जलमार्गों में बुनियादी संरचना को उन्नत बनाने की मंशा रखती है ताकि उन्हें विकसित राज्यों की बराबरी पर लाया जा सके। उन्होंने तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई।

मोदी ने कहा,”मैं पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार मानता हूं। काफी कुछ किया जा रहा है। काफी कुछ किया जाना बाकी है।” उन्होंने कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद से पूर्वोत्तर में रेल नेटवर्क के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और रेल मंत्रालय मौजूदा वर्ष में 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहा है।

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, होटल और साफ-सफाई में सुधार कर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पर्यटक सर्किट विकसित करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘स्वदेश दर्शन’ नाम की एक नई योजना शुरु की है, जिसके तहत देश में पर्यटक सर्किट विकसित किए जा रहे हैं और ऐसा एक सर्किट पूर्वोत्तर में प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में साहसिक पर्यटन रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभर सकता है। उन्होंने इन क्षेत्र के राज्यों से इसके विकास और बढ़ावे का अनुरोध किया। मोदी ने उत्तर पूर्व परिषद एनईसी, के 65वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “अगर अच्छे से विकसित किया जाए और बढ़ावा दिया जाए, तो यह क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभर सकता है। यह क्षेत्र की वृद्धि और आय में भी योगदान दे सकता है।” उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व क्षेत्र के सभी राज्यों को प्राकृतिक सुंदरता, विशेष ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक धरोहर का वरदान प्राप्त है।

shilongs beauty

मोदी ने कहा, “यह सब कुछ क्षेत्र में पर्यटन के अपार गुंजाइश पेश करता है। क्षेत्र में पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।” पर्यटन मंत्रालय के ‘थेमैटिक सर्किट’ का सर्वश्रेष्ठ प्रयोग करने की जरुरत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पडोसी देशों के कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को जोड़ने की सोचकर पर्यटकों के लिए आकर्षण बढ़ा सकता है। इसका लाभ उठाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, आज तक दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत से 1001 किलोमीटर के क्षेत्र में पूर्वोत्तर राज्यों की 34 सड़क परियोजनाओं को उत्तर पूर्व के लिए विशेष राजमार्ग निर्माण एजेंसी ‘राष्ट्रीय राजमार्ग एवं आधारभूत विकास निगम’ द्वारा लागू किया गया है।

उन्होंने बांग्लादेश के सहयोग से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी परियोजना को रेखांकित किया। बिजली के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र ने ज्यादा क्षेत्रों में बिजली सुनिश्चित करने के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं में निवेश किया है।

2023 में दौड़ने लगेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन -सुरेश प्रभु

ब्यूरो,

देश को पहली बुलेट ट्रेन 2023 तक मिल जाने की संभावना है। रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने स्वयं यह घोषणा नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर अपने मंत्रालय के कामकाज का उल्लेख करते हुए की है। उन्होंने कहा है कि हम लोगों ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के फेज पर विस्तार से चर्चा की है।

रेल मंत्री ने कहा है कि शेड्यूल के अनुसार काम किया जा रहा है। इस परियोजना पर 97,639 करोड़ रुपये कुल खर्च आएगा। इस योजना के लिए 81 प्रतिशत फंड जापान से कर्ज के तौर पर लिया जाएगा। 508 किलोमीटर की दूरी वाले मुम्बई अहमदाबाद के बीच के इस रेल रूट पर बुलेट ट्रेन से यह सफर मात्र दो घंटे में तय किया जा सकेगा, जबकि बुलेट ट्रेन की स्पीड 320 किमी से 350 किमी प्रतिघंटा के बीच होगी।

गौरतलब है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई व गुजरात के सबसे बड़े नगर अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की परियोजना पर नरेंद्र मोदी सरकार काम कर रही है। ये दोनों शहर पश्चिम भारत के दो सबसे बड़े शहर हैं और कारोबारी व औद्योगिक नगर हैं।

राजन की नियुक्ति को लेकर मोदी ने मीडिया पर उठाया सवाल

ब्यूरो,

रघुराम राजन की दोबारा आरबीआई गर्वनर पद की नियुक्ति के सवाल पर पीएम मोदी ने सवाल उठाया है कि राजन की नियुक्ति पर मीडिया की इतनी रुचि क्यों है?

पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि आरबीआई गर्वनर की नियुक्ति एक प्रशासनिक विषय है। आरबीआई गर्वनर की नियुक्ति का फैसला सितंबर में ही लिया जाएगा। मैं नहीं समझता कि इसमें मीडिया की इतनी रुचि होनी चाहिए। गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितंबर को खत्म हो रहा है। सरकार के साथ तल्ख रिश्तों की वजह से बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी उन्हें वक्त से पहले ही हटाने की मांग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि कल बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर हमला बोला और उनके खिलाफ कई अत्यंत संगीन आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें तत्काल इस पद से बर्खास्त करने की मांग की। स्वामी ने प्रधानमंत्री को 17 मई को लिखे पत्र में राजन को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था,” राजन मानसिक तौर पर पूर्ण भारतीय नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राजन ने जानबूझकर भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।

Raghuram Rajan

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर का पद काफी उंचा होता है और इसके लिए देशभक्ति तथा राष्ट्र के प्रति बिना शर्त वाली प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। बीजेपी नेता स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अमेरिका के डोमिनेटेड ग्रुप आफ 30 के सदस्य हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की प्रभुत्व की स्थिति का बचाव करता है।

मोदी को एक पखवाड़े में लिखे दूसरे पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया कि एक संवेदनशील तथा काफी उंचे सरकारी पद पर होने के बावजूद राजन अपने ‘ग्रीन कार्ड’ के नवीकरण के उद्येश्य से लिए बीच बीच में अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं जो नवीनीकरण के लिए अनिवार्य है।

स्वामी ने कहा कि सितंबर, 2013 में रिजर्व बैंक का गवर्नर बनने के बावजूद राजन के पास अमेरिका का ग्रीनकार्ड बना हुआ है। यह अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का रास्ता है। इसमें यदि अमेरिका सरकार बुलाए तो व्यक्ति को वहां सेना में भी सेवाएं देने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और काफी ऊँचे सरकारी पद पर होने के बावजूद वह हर साल अपने ग्रीन कार्ड के नवीकरण के लिए कम से कम एक दिन अमेरिका में रकने के लिए जाते हैं।

ममता ने फिर संभाली पश्चिम बंगाल की कमान

शिखा पांडेय ,

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्षा ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में आज दूसरी बार शपथ ली। शुक्रवार को ममता बनर्जी ने हजारों लोगों की उपस्थिति में पद व गोपनीयता की शपथ लेकर अगले पांच वर्ष तक पश्चिम बंगाल सरकार की कमान संभाल ली। 12.45 बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू हुआ। राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

ममता ने ईश्वर और अल्लाह के नाम पर शपथ ली। उनके साथ उनके 42 मंत्रियों ने भी पद व गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 29 कैबिनेट, पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं आठ राज्य मंत्री हैं। ममता बनर्जी के नए मंत्रिमंडल में कुल 43 मंत्री होंगे, इनमें से एक उज्ज्वल विश्वास बाद में शपथ ग्रहण करेंगे।

पश्चिम बंगाल में पहली बार चार-चार व पांच-पांच मंत्रियों ने एक साथ शपथ ली। दक्षिण के राज्यों में इस तरह के दृश्य पहले भी देखे गए हैं, पर पश्चिम बंगाल के लिए यह एक नई बात थी। तृणमूल कांग्रेस सरकार में 17 नए चेहरे शामिल हैं।

तमाम मोदी विरोधी भी पहुंचे शपथ ग्रहण समारोह में

रेड रोड पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने वाली विशिष्ट हस्तियों में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक जी. राजू, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू प्रसाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फ़ारुख़ अब्दुल्ला और द्रमुक की नेता कनिमोझी, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली, ऋतुपर्णा सेनगुप्ता व अन्य कई मुख्य हस्तियाँ शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस की ओर से शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया गया है। हालांकि शपथ ग्रहण के कार्यक्रम में किसी केंद्रीय कांग्रेसी नेता को भी नहीं देखा जा सका, लेकिन ममता बनर्जी को बधाई देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीटर पर ट्वीट जरूर किया।

mamata banerjee, oath, west bengal, hot news, navpravah, latest news, hindi news

ममता बनर्जी के साथ शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों में अमित मित्रा, पार्थ चटर्जी, सुब्रत मुखर्जी, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, अबनि जोरदार, फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, गौतम देब, सोवन चटर्जी, जावेद खान, अब्दुर रज्जाक मुल्लाह, सुवेंदु अधिकारी, ज्योतिप्रिया मल्लिक, पूर्णेंदु बोस, रवीन्द्र नाथ घोष, ब्रत्य बसु, शांतिराम महतो, आशीष बनर्जी और अरूप बिस्वास शामिल हैं। जिन राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई उनमें क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला और गायक इन्द्रनील सेन भी शामिल हैं। ममता बनर्जी ने शाम साढ़े चार बजे अपने कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई है, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं और विभागों का बंटवारा भी साफ हो सकता है।

मंत्रिमंडल में शामिल हुए 18 नए चेहरों में सुवेंदु अधिकारी, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, चूड़ामणि महतो, तपन दासगुप्ता, असीमा पात्रा, इन्द्रनील सेन, लक्ष्मी रतन शुक्ला, श्यामल संत्रा, गुलाम रब्बानी ,सिद्दीकुल्लाह चौधरी, अब्दुर रज्जाक मुल्ला, जाकिर हुसैन, जेम्स कुजूर, रवीन्द्र नाथ घोष, संध्यारानी टुडू, अबानी जोरदार, बच्चू हंसदा और सोवन चटर्जी शामिल हैं।

आज के शपथ ग्रहण समारोह में रेड रोड हरे रंग की कुर्सियों से भरा पड़ा था। हजारों की संख्या में लगाई गईं इन कुर्सियों से ऐतिहासिक रेड रोड ग्रीन रोड में तब्दील दिखा। समारोह में एक हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था और करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे। इस समारोह के प्रसारण के लिए दर्जनों की संख्या में एलइडी स्क्रीन भी रेड रोड के दोनों तरफ लगाये गये थे, ताकि दूर से देखनेवालों को किसी तरह की असुविधा न हो। इसके अलावा पीएचइडी विभाग की ओर से पैकेट में पीने के पानी के स्टाल भी जगह-जगह लगाए गए थे, ताकि समारोह में आए अतिथियों की प्यास बुझाई जा सके।

समीक्षा- फ़िल्म फोबिया

निर्माता- विकी रजानी
निर्देशक- पवन कृपलानी
मुख्य कलाकार- राधिका आप्टे, सत्यदीप मिश्र, निवेदिता भट्टाचार्य

**/5

निर्देशक पवन कृपलानी ने ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘डर- एट द माल’ जैसी थ्रिलर फिल्म बनाने के बाद साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘फोबिया’ का निर्देशन किया है। आइए जानते हैं क्या है इस फ़िल्म में-

कहानी-

फ़िल्म फोबिया में प्रमुख भूमिका में है राधिका आप्टे, जिन्होंने महक का किरदार निभाया है। महक एग्रो फोबिया से पीड़ित है। महक के साथ एक हादसा होता है, जिसके बाद से वह इतना डर जाती है कि महीनों घर से बाहर ही नहीं निकलती। महक की बड़ी बहन और उसका दोस्त शान (सत्यदीप मिश्र) उसे बहुत समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह इस डर से खुद को बाहर निकाल ही नहीं पाती। महक की तबियत कुछ ठीक हो, इस कोशिश में शान उसे अपने एक दोस्त के खाली घर में शिफ्ट कर देता है। लेकिन उस घर में महक और ज़्यादा परेशान हो जाती है। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर फ़िल्म का अंत जानने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना पड़ेगा।

film, phobia, director, latest film

पटकथा-निर्देशन-

फ़िल्म की विषयवस्तु प्रभावशाली है लेकिन पटकथा पर कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया लेखक विकी राजानी ने। कहानी के कमज़ोर होने की वजह से निर्देशन में भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए पवन। फ़िल्म के अंत ने फोबिया को एक चमत्कार की शक्ल दे दी है।

अभिनय-

राधिका आप्टे और सत्यदीप मिश्र फ़िल्म में केंद्रबिंदु रहे हैं। दोनों कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है। एक फोबिया की शिकार मरीज किस तरह का व्यवहार कर सकती है, उसको जिया है राधिका ने। अन्य सह कलाकारों ने भी अच्छा अभिनय किया है।

जम्मू-कश्मीर में जवानों ने चार आतंकियों को किया ढेर

ब्यूरो,

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में जवानों ने चार आतंकवादियों को मार गिराया। सीमा पार करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।

घुसपैठ के इरादे से आतंकवादियों ने लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास सेना पर गोलीबारी शुरू की। जवाबी कार्रवाई में सैनिकों ने ज़बरदस्त फायरिंग की और चार आतंकियों को मार गिराया।

बारामुला में आतंकियों से मुठभेड़ जारी-

बारामूला में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच अभी भी मुठभेड़ जारी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। बारामुला के एक गाँव में आतंकियों के छुपे होने की आशंका जताई जा रही है।

तृप्ति देसाई पर जानलेवा हमला, नासिक अस्पताल में भर्ती

ब्यूरो,

भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्षा तृप्ति देसाई आज कल आए दिन नए विवादों में घिरी रहती हैं और कई सामाजिक व असामाजिक तत्त्व उनके कट्टर विरोधी हो चले हैं। अब कपालेश्‍वर मंदिर के गर्भगृह में पूजा करने पर अड़ी तृप्ति देसाई की कार पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया है, जिसमें उनको चोट भी आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हमला तब हुआ जब तृप्ति नासिक के कपालेश्वर मंदिर अपना प्रण पूरा करने जा रहीं थीं। उनको ऐसा करने से पुलिस ने भी रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुकीं। मंदिर जाने के क्रम में रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गयीं। घायल तृप्ति को नासिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में उनकी कार भी क्षतिग्रस्‍त हो गई। हमला किसने किया फिलहाल इसकी जांच जारी है।

अस्पताल में भर्ती तृप्ति देसाई ने हमले के संबंध में बताया कि उन पर साजिश के तहत इस प्रकार का हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। आपको बता दें कि कुछ हिंदू मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटाने के लिए मुहिम चलाने वाली भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्षा तृप्ति देसाई ने गुरुवार को प्रसिद्ध कपालेश्वर मंदिर में पूजा की लेकिन इस दौरान मंदिर के गर्भगृह प्रवेश करने में उन्हें सफलता नहीं मिली, जिसके बाद तृप्ति और उनके अन्य साथियों को पुलिस वाहन में मंदिर से कुछ दूर पहुंचाया गया, जहां से वे पुणे के लिए रवाना हो गयीं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही तृप्ति देसाई ने मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह में भी महिलाओं के प्रवेश को लेकर आंदोलन किया था। उन्होंने वहां प्रवेश करने की भी कोशिश की लेकिन ऐसा करने में उन्हें कामयाबी नहीं मिली। तृप्ति देसाई पिछले कई महीनों से पूजा स्थलों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुर्खियों में हैं। तृप्ति के इस अभियान को अहमदनगर स्थित प्रसिद्ध शनि सिंगणापुर मंदिर और नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर में सफलता मिली है।

काबुल में गिरफ्तार दो आतंकी करना चाहते थे दिल्ली को तबाह, ताज महल भी था निशाने पर

ब्यूरो,

काबुल में गिरफ्तार दो आतंकियों ने दिल्ली में रहकर धमाके की साजिश रचने का सनसनीखेज़ खुलासा किया है। अब इन दोनों को काबुल से लाने की राजनयिक कोशिश की जा रही है।

ये आतंकी दिल्ली और आसपास के इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से छह महीने पहले भारत आए थे। दिल्ली का इस्कॉन मंदिर, कई भीड़ भरे इलाके, शॉपिंग मॉल, साथ ही आगरा का ताजमहल भी इनके निशाने पर थे।

हाल ही में अफगानिस्तान में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में हुए आतंकी हमले के बाद काबुल पुलिस ने दोनों को पकड़ा था। हमले के दौरान इन्होंने दीवार पर लिखा था-‘अफजल गुरु का बदला’।

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में जो सनसनीखेज खुलासे हुए उसने भारतीय खुफिया एजेंसीयों और दिल्ली पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। पता चला कि ये लोग बम धमाके करने के इरादे से बाकायदा दिल्ली आए थे। यहां आकर इन लोगों ने बम बनाने का सामान खरीदा और छह कैमिकल आईईडी यानि बम भी बनाए।

plan of attack in delhi

खुफिया सूत्रों के मुताबिक जैश के इन दोनों आतंकवादियों को आईएसआई के एक कैंप में केमिकल आईईडी बनाने की ट्रेनिंग दी गई, फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए और मेडिकल वीजा के नाम पर ये लोग नवबंर 2015 में दिल्ली आ गए, जहां लाजपत नगर में किराए का मकान भी दिलवा दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि इन आतंकवादियो के सहयोगियों ने इनकी बाकायदा पुलिस जांच इस लिए करा दी थी, जिससे इनके ऊपर किसी को शक ना हो सके। इस बात की जांच की जा रही है कि इस काम में कौन से पुलिसकर्मी और अन्य लोग शामिल थे।

दरअसल दिल्ली में लिए किराए के घर में एक आईईडी में बारूद भरते समय धुंआ निकलने लगा था। दोनों ने आईईडी को टॉयलेट के फ्लश में बहा दिया, लेकिन तब तक काफी धुआं फैल चुका था। पोल खुलने के डर से दोनों चुपके से भाग निकले और सीधे काबुल पहुंच गए। लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दोनों के रहने और फिर भाग निकलने की खबर नहीं थी।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों से पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की एक टीम काबुल गई थी। इनसे हुई पूछताछ के आधार पर इनके सहयोगियों को भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

महारैली में मोदी ने कहा- कुछ लोगों के दिमाग का विकास नहीं हो पा रहा

ब्यूरो,

केंद्र सरकार के दूसरी वर्षगांठ के मौके पर आज प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में महारैली को संबोधित करते हुए दो साल के रिपोर्ट कार्ड में अपनी उपलब्धियां गिनवाईं। मोदी सरकार अपने दो साल के कामकाज के ब्यौरे के साथ-साथ मिशन 2017 पर भी पैनी नजर रखे हुए है।

सहारनपुर में एक महारैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं उत्तर प्रदेश वाला हूँ। यहाँ का सांसद हूँ। मैं आप सभी का आशीर्वाद चाहता हूँ। मैं जो जन सैलाब देख रहा हूँ, उससे अत्यंत गदगद हूँ। मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ कि जगह कम पड़ गई।”

मोदी बोले,” मैं प्रधानसेवक के रूप में आप सभी की सेवा करता रहा हूँ। दो वर्ष पूर्व इसी वक्त मैं शपथ ले रहा था और आज आपके सामने अपने कामों का हिसाब देने आया हूँ। दो वर्ष में देश ने हमारे काम को देखा है। संसद में जब सांसदों ने मुझे नेता के रूप में चुना था, तो मैंने अपने पहले भाषण में कहा था कि मेरी सरकार गरीबों के प्रति समर्पित है। कोई गरीब मां – बाप नहीं चाहता कि उनके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले।

प्रधानमंत्री ने राज्यों की चर्चा करते हुए कहा,” हमारी कोशिश रही है कि हम राज्यों को मजबूत बनाएँ। राज्य सरकारें भी जनता के लिए काम करें। पहले एक जमाना था, जब दिल्ली सरकार के पास भारत का 65 प्रतिशत धन होता था। राज्यों के खजाने में सिर्फ 35 प्रतिशत होता था। हमने सबसे बड़ा निर्णय किया। अब दिल्ली के खजाने में सिर्फ 35 प्रतिशत हिस्सा रहेगा और 65 प्रतिशत राज्यों के खजाने में रहेगा। इस निर्णय से राज्यों को ताकत मिली।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्राम पंचायत और नगर निगम की मदद की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सीधे तौर पर नगर निगम और ग्राम पंचायत को धन उपलब्ध कराया ताकि अच्छी बिजली, अच्छी सड़क और अच्छे स्कूल बन सकें। हमारी कोशिश थी कि इन कोशिशों से बदलाव आए।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है, लेकिन लोगों का दिमाग नहीं बदल रहा। जिस वक्त उन्होंने जिम्मेदारी संभाली उस वक्त गन्ना किसानों के 14 हजार करोड़ रुपए बकाया थे। उनकी सरकार ने गन्ना किसानों के हालात के विषय में सोचा।

राष्ट्र विरोधी हैं आरबीआई गवर्नर, बर्खास्त किया जाए -सुब्रमण्यम स्वामी

ब्यूरो,

भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर हमला बोला और उनके खिलाफ कई आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें तत्काल इस पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर लघु एवं मझले उद्योगों को नुकसान पहुंचाया है। इससे न केवल उत्पादन में भारी गिरावट आई है बल्कि बडी संख्या में अर्द्धकुशल श्रमिक बेरोजगार भी हुए हैं। स्वामी ने कहा कि गवर्नर को ब्याज दर बढ़ाने के परिणाम के बारे में भी सोचना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि गवर्नर ने यह नीति जानबूझकर अपनाई। इसके पीछे उनकी मंशा राष्ट्र विरोध की थी।

स्वामी ने यह आरोप भी लगाया कि राजन शिकागो विश्वविद्यालय के अपने ईमेल आईडी के ज़रिए गोपनीय व संवेदनशील वित्तीय सूचनाएं भेजते रहे हैं जो असुरक्षित है। इसके अलावा वह सार्वजनिक तौर पर भाजपा सरकार का अपमान करते रहे हैं।

RBI governer
RBI governer

मोदी को एक पखवाड़े में लिखे दूसरे पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया कि एक संवेदनशील तथा काफी ऊंचे सरकारी पद पर होने के बावजूद राजन अपने ‘ग्रीन कार्ड’ के नवीकरण के उद्येश्य से बीच-बीच में अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर का पद काफी ऊंचा होता है और इसके लिए देशभक्ति तथा राष्ट्र के प्रति बिना शर्त वाली प्रतिबद्धता की जरूरत होती है।

भाजपा नेता स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अमेरिका के डोमिनेटेड ग्रुप आफ 30 के सदस्य हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की प्रभुत्व की स्थिति का बचाव करता है।

स्वामी ने इस बात का उल्लेख किया कि किस तरह जापान तथा पूर्वी एशिया में संकट की वजह से क्षेत्र में अमेरिका दबदबा कायम हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजन का काम करने का तरीका भी इसी तरह का लगता है। वह बेहद ऊंची ब्याज दरों के जरिये लघु एवं मझोले उद्योगों का गला घोंटना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी होने के बावजूद राजन भाजपा सरकार का सार्वजनिक तौर पर अपमान कर चुके हैं। स्वामी ने कहा, “राजन ने हमारी सरकार को देश में असहिष्णुता के लिए जिम्मेदार ठहराया। वाशिंगटन में उन्होंने भारत की वृद्धि दर का अपमान करते हुए, भारतीय अर्थव्यवस्था को अंधों में काना राजा कहा था।”