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Sunday, August 2, 2026
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ममता ने फिर संभाली पश्चिम बंगाल की कमान

शिखा पांडेय ,

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्षा ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में आज दूसरी बार शपथ ली। शुक्रवार को ममता बनर्जी ने हजारों लोगों की उपस्थिति में पद व गोपनीयता की शपथ लेकर अगले पांच वर्ष तक पश्चिम बंगाल सरकार की कमान संभाल ली। 12.45 बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम शुरू हुआ। राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

ममता ने ईश्वर और अल्लाह के नाम पर शपथ ली। उनके साथ उनके 42 मंत्रियों ने भी पद व गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 29 कैबिनेट, पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं आठ राज्य मंत्री हैं। ममता बनर्जी के नए मंत्रिमंडल में कुल 43 मंत्री होंगे, इनमें से एक उज्ज्वल विश्वास बाद में शपथ ग्रहण करेंगे।

पश्चिम बंगाल में पहली बार चार-चार व पांच-पांच मंत्रियों ने एक साथ शपथ ली। दक्षिण के राज्यों में इस तरह के दृश्य पहले भी देखे गए हैं, पर पश्चिम बंगाल के लिए यह एक नई बात थी। तृणमूल कांग्रेस सरकार में 17 नए चेहरे शामिल हैं।

तमाम मोदी विरोधी भी पहुंचे शपथ ग्रहण समारोह में

रेड रोड पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने वाली विशिष्ट हस्तियों में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक जी. राजू, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू प्रसाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फ़ारुख़ अब्दुल्ला और द्रमुक की नेता कनिमोझी, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली, ऋतुपर्णा सेनगुप्ता व अन्य कई मुख्य हस्तियाँ शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस की ओर से शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया गया है। हालांकि शपथ ग्रहण के कार्यक्रम में किसी केंद्रीय कांग्रेसी नेता को भी नहीं देखा जा सका, लेकिन ममता बनर्जी को बधाई देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीटर पर ट्वीट जरूर किया।

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ममता बनर्जी के साथ शपथ लेने वाले प्रमुख मंत्रियों में अमित मित्रा, पार्थ चटर्जी, सुब्रत मुखर्जी, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, अबनि जोरदार, फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, गौतम देब, सोवन चटर्जी, जावेद खान, अब्दुर रज्जाक मुल्लाह, सुवेंदु अधिकारी, ज्योतिप्रिया मल्लिक, पूर्णेंदु बोस, रवीन्द्र नाथ घोष, ब्रत्य बसु, शांतिराम महतो, आशीष बनर्जी और अरूप बिस्वास शामिल हैं। जिन राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई उनमें क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला और गायक इन्द्रनील सेन भी शामिल हैं। ममता बनर्जी ने शाम साढ़े चार बजे अपने कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई है, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं और विभागों का बंटवारा भी साफ हो सकता है।

मंत्रिमंडल में शामिल हुए 18 नए चेहरों में सुवेंदु अधिकारी, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, चूड़ामणि महतो, तपन दासगुप्ता, असीमा पात्रा, इन्द्रनील सेन, लक्ष्मी रतन शुक्ला, श्यामल संत्रा, गुलाम रब्बानी ,सिद्दीकुल्लाह चौधरी, अब्दुर रज्जाक मुल्ला, जाकिर हुसैन, जेम्स कुजूर, रवीन्द्र नाथ घोष, संध्यारानी टुडू, अबानी जोरदार, बच्चू हंसदा और सोवन चटर्जी शामिल हैं।

आज के शपथ ग्रहण समारोह में रेड रोड हरे रंग की कुर्सियों से भरा पड़ा था। हजारों की संख्या में लगाई गईं इन कुर्सियों से ऐतिहासिक रेड रोड ग्रीन रोड में तब्दील दिखा। समारोह में एक हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था और करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे। इस समारोह के प्रसारण के लिए दर्जनों की संख्या में एलइडी स्क्रीन भी रेड रोड के दोनों तरफ लगाये गये थे, ताकि दूर से देखनेवालों को किसी तरह की असुविधा न हो। इसके अलावा पीएचइडी विभाग की ओर से पैकेट में पीने के पानी के स्टाल भी जगह-जगह लगाए गए थे, ताकि समारोह में आए अतिथियों की प्यास बुझाई जा सके।

समीक्षा- फ़िल्म फोबिया

निर्माता- विकी रजानी
निर्देशक- पवन कृपलानी
मुख्य कलाकार- राधिका आप्टे, सत्यदीप मिश्र, निवेदिता भट्टाचार्य

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निर्देशक पवन कृपलानी ने ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘डर- एट द माल’ जैसी थ्रिलर फिल्म बनाने के बाद साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘फोबिया’ का निर्देशन किया है। आइए जानते हैं क्या है इस फ़िल्म में-

कहानी-

फ़िल्म फोबिया में प्रमुख भूमिका में है राधिका आप्टे, जिन्होंने महक का किरदार निभाया है। महक एग्रो फोबिया से पीड़ित है। महक के साथ एक हादसा होता है, जिसके बाद से वह इतना डर जाती है कि महीनों घर से बाहर ही नहीं निकलती। महक की बड़ी बहन और उसका दोस्त शान (सत्यदीप मिश्र) उसे बहुत समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह इस डर से खुद को बाहर निकाल ही नहीं पाती। महक की तबियत कुछ ठीक हो, इस कोशिश में शान उसे अपने एक दोस्त के खाली घर में शिफ्ट कर देता है। लेकिन उस घर में महक और ज़्यादा परेशान हो जाती है। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर फ़िल्म का अंत जानने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना पड़ेगा।

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पटकथा-निर्देशन-

फ़िल्म की विषयवस्तु प्रभावशाली है लेकिन पटकथा पर कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया लेखक विकी राजानी ने। कहानी के कमज़ोर होने की वजह से निर्देशन में भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए पवन। फ़िल्म के अंत ने फोबिया को एक चमत्कार की शक्ल दे दी है।

अभिनय-

राधिका आप्टे और सत्यदीप मिश्र फ़िल्म में केंद्रबिंदु रहे हैं। दोनों कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है। एक फोबिया की शिकार मरीज किस तरह का व्यवहार कर सकती है, उसको जिया है राधिका ने। अन्य सह कलाकारों ने भी अच्छा अभिनय किया है।

जम्मू-कश्मीर में जवानों ने चार आतंकियों को किया ढेर

ब्यूरो,

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में जवानों ने चार आतंकवादियों को मार गिराया। सीमा पार करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।

घुसपैठ के इरादे से आतंकवादियों ने लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास सेना पर गोलीबारी शुरू की। जवाबी कार्रवाई में सैनिकों ने ज़बरदस्त फायरिंग की और चार आतंकियों को मार गिराया।

बारामुला में आतंकियों से मुठभेड़ जारी-

बारामूला में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच अभी भी मुठभेड़ जारी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। बारामुला के एक गाँव में आतंकियों के छुपे होने की आशंका जताई जा रही है।

तृप्ति देसाई पर जानलेवा हमला, नासिक अस्पताल में भर्ती

ब्यूरो,

भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्षा तृप्ति देसाई आज कल आए दिन नए विवादों में घिरी रहती हैं और कई सामाजिक व असामाजिक तत्त्व उनके कट्टर विरोधी हो चले हैं। अब कपालेश्‍वर मंदिर के गर्भगृह में पूजा करने पर अड़ी तृप्ति देसाई की कार पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया है, जिसमें उनको चोट भी आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हमला तब हुआ जब तृप्ति नासिक के कपालेश्वर मंदिर अपना प्रण पूरा करने जा रहीं थीं। उनको ऐसा करने से पुलिस ने भी रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुकीं। मंदिर जाने के क्रम में रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गयीं। घायल तृप्ति को नासिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में उनकी कार भी क्षतिग्रस्‍त हो गई। हमला किसने किया फिलहाल इसकी जांच जारी है।

अस्पताल में भर्ती तृप्ति देसाई ने हमले के संबंध में बताया कि उन पर साजिश के तहत इस प्रकार का हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। आपको बता दें कि कुछ हिंदू मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटाने के लिए मुहिम चलाने वाली भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्षा तृप्ति देसाई ने गुरुवार को प्रसिद्ध कपालेश्वर मंदिर में पूजा की लेकिन इस दौरान मंदिर के गर्भगृह प्रवेश करने में उन्हें सफलता नहीं मिली, जिसके बाद तृप्ति और उनके अन्य साथियों को पुलिस वाहन में मंदिर से कुछ दूर पहुंचाया गया, जहां से वे पुणे के लिए रवाना हो गयीं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही तृप्ति देसाई ने मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह में भी महिलाओं के प्रवेश को लेकर आंदोलन किया था। उन्होंने वहां प्रवेश करने की भी कोशिश की लेकिन ऐसा करने में उन्हें कामयाबी नहीं मिली। तृप्ति देसाई पिछले कई महीनों से पूजा स्थलों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुर्खियों में हैं। तृप्ति के इस अभियान को अहमदनगर स्थित प्रसिद्ध शनि सिंगणापुर मंदिर और नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर में सफलता मिली है।

काबुल में गिरफ्तार दो आतंकी करना चाहते थे दिल्ली को तबाह, ताज महल भी था निशाने पर

ब्यूरो,

काबुल में गिरफ्तार दो आतंकियों ने दिल्ली में रहकर धमाके की साजिश रचने का सनसनीखेज़ खुलासा किया है। अब इन दोनों को काबुल से लाने की राजनयिक कोशिश की जा रही है।

ये आतंकी दिल्ली और आसपास के इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से छह महीने पहले भारत आए थे। दिल्ली का इस्कॉन मंदिर, कई भीड़ भरे इलाके, शॉपिंग मॉल, साथ ही आगरा का ताजमहल भी इनके निशाने पर थे।

हाल ही में अफगानिस्तान में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में हुए आतंकी हमले के बाद काबुल पुलिस ने दोनों को पकड़ा था। हमले के दौरान इन्होंने दीवार पर लिखा था-‘अफजल गुरु का बदला’।

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में जो सनसनीखेज खुलासे हुए उसने भारतीय खुफिया एजेंसीयों और दिल्ली पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। पता चला कि ये लोग बम धमाके करने के इरादे से बाकायदा दिल्ली आए थे। यहां आकर इन लोगों ने बम बनाने का सामान खरीदा और छह कैमिकल आईईडी यानि बम भी बनाए।

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खुफिया सूत्रों के मुताबिक जैश के इन दोनों आतंकवादियों को आईएसआई के एक कैंप में केमिकल आईईडी बनाने की ट्रेनिंग दी गई, फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए और मेडिकल वीजा के नाम पर ये लोग नवबंर 2015 में दिल्ली आ गए, जहां लाजपत नगर में किराए का मकान भी दिलवा दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि इन आतंकवादियो के सहयोगियों ने इनकी बाकायदा पुलिस जांच इस लिए करा दी थी, जिससे इनके ऊपर किसी को शक ना हो सके। इस बात की जांच की जा रही है कि इस काम में कौन से पुलिसकर्मी और अन्य लोग शामिल थे।

दरअसल दिल्ली में लिए किराए के घर में एक आईईडी में बारूद भरते समय धुंआ निकलने लगा था। दोनों ने आईईडी को टॉयलेट के फ्लश में बहा दिया, लेकिन तब तक काफी धुआं फैल चुका था। पोल खुलने के डर से दोनों चुपके से भाग निकले और सीधे काबुल पहुंच गए। लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दोनों के रहने और फिर भाग निकलने की खबर नहीं थी।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों से पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की एक टीम काबुल गई थी। इनसे हुई पूछताछ के आधार पर इनके सहयोगियों को भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

महारैली में मोदी ने कहा- कुछ लोगों के दिमाग का विकास नहीं हो पा रहा

ब्यूरो,

केंद्र सरकार के दूसरी वर्षगांठ के मौके पर आज प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में महारैली को संबोधित करते हुए दो साल के रिपोर्ट कार्ड में अपनी उपलब्धियां गिनवाईं। मोदी सरकार अपने दो साल के कामकाज के ब्यौरे के साथ-साथ मिशन 2017 पर भी पैनी नजर रखे हुए है।

सहारनपुर में एक महारैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं उत्तर प्रदेश वाला हूँ। यहाँ का सांसद हूँ। मैं आप सभी का आशीर्वाद चाहता हूँ। मैं जो जन सैलाब देख रहा हूँ, उससे अत्यंत गदगद हूँ। मैं आपसे क्षमा चाहता हूँ कि जगह कम पड़ गई।”

मोदी बोले,” मैं प्रधानसेवक के रूप में आप सभी की सेवा करता रहा हूँ। दो वर्ष पूर्व इसी वक्त मैं शपथ ले रहा था और आज आपके सामने अपने कामों का हिसाब देने आया हूँ। दो वर्ष में देश ने हमारे काम को देखा है। संसद में जब सांसदों ने मुझे नेता के रूप में चुना था, तो मैंने अपने पहले भाषण में कहा था कि मेरी सरकार गरीबों के प्रति समर्पित है। कोई गरीब मां – बाप नहीं चाहता कि उनके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले।

प्रधानमंत्री ने राज्यों की चर्चा करते हुए कहा,” हमारी कोशिश रही है कि हम राज्यों को मजबूत बनाएँ। राज्य सरकारें भी जनता के लिए काम करें। पहले एक जमाना था, जब दिल्ली सरकार के पास भारत का 65 प्रतिशत धन होता था। राज्यों के खजाने में सिर्फ 35 प्रतिशत होता था। हमने सबसे बड़ा निर्णय किया। अब दिल्ली के खजाने में सिर्फ 35 प्रतिशत हिस्सा रहेगा और 65 प्रतिशत राज्यों के खजाने में रहेगा। इस निर्णय से राज्यों को ताकत मिली।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्राम पंचायत और नगर निगम की मदद की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सीधे तौर पर नगर निगम और ग्राम पंचायत को धन उपलब्ध कराया ताकि अच्छी बिजली, अच्छी सड़क और अच्छे स्कूल बन सकें। हमारी कोशिश थी कि इन कोशिशों से बदलाव आए।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है, लेकिन लोगों का दिमाग नहीं बदल रहा। जिस वक्त उन्होंने जिम्मेदारी संभाली उस वक्त गन्ना किसानों के 14 हजार करोड़ रुपए बकाया थे। उनकी सरकार ने गन्ना किसानों के हालात के विषय में सोचा।

राष्ट्र विरोधी हैं आरबीआई गवर्नर, बर्खास्त किया जाए -सुब्रमण्यम स्वामी

ब्यूरो,

भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर हमला बोला और उनके खिलाफ कई आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें तत्काल इस पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर लघु एवं मझले उद्योगों को नुकसान पहुंचाया है। इससे न केवल उत्पादन में भारी गिरावट आई है बल्कि बडी संख्या में अर्द्धकुशल श्रमिक बेरोजगार भी हुए हैं। स्वामी ने कहा कि गवर्नर को ब्याज दर बढ़ाने के परिणाम के बारे में भी सोचना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि गवर्नर ने यह नीति जानबूझकर अपनाई। इसके पीछे उनकी मंशा राष्ट्र विरोध की थी।

स्वामी ने यह आरोप भी लगाया कि राजन शिकागो विश्वविद्यालय के अपने ईमेल आईडी के ज़रिए गोपनीय व संवेदनशील वित्तीय सूचनाएं भेजते रहे हैं जो असुरक्षित है। इसके अलावा वह सार्वजनिक तौर पर भाजपा सरकार का अपमान करते रहे हैं।

RBI governer
RBI governer

मोदी को एक पखवाड़े में लिखे दूसरे पत्र में स्वामी ने आरोप लगाया कि एक संवेदनशील तथा काफी ऊंचे सरकारी पद पर होने के बावजूद राजन अपने ‘ग्रीन कार्ड’ के नवीकरण के उद्येश्य से बीच-बीच में अमेरिका की यात्राएं करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर का पद काफी ऊंचा होता है और इसके लिए देशभक्ति तथा राष्ट्र के प्रति बिना शर्त वाली प्रतिबद्धता की जरूरत होती है।

भाजपा नेता स्वामी ने आरोप लगाया कि राजन अमेरिका के डोमिनेटेड ग्रुप आफ 30 के सदस्य हैं। यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिका की प्रभुत्व की स्थिति का बचाव करता है।

स्वामी ने इस बात का उल्लेख किया कि किस तरह जापान तथा पूर्वी एशिया में संकट की वजह से क्षेत्र में अमेरिका दबदबा कायम हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजन का काम करने का तरीका भी इसी तरह का लगता है। वह बेहद ऊंची ब्याज दरों के जरिये लघु एवं मझोले उद्योगों का गला घोंटना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी होने के बावजूद राजन भाजपा सरकार का सार्वजनिक तौर पर अपमान कर चुके हैं। स्वामी ने कहा, “राजन ने हमारी सरकार को देश में असहिष्णुता के लिए जिम्मेदार ठहराया। वाशिंगटन में उन्होंने भारत की वृद्धि दर का अपमान करते हुए, भारतीय अर्थव्यवस्था को अंधों में काना राजा कहा था।”

शेयर बाजार भी मोदी सरकार से हुआ प्रभावित

ब्यूरो,

मोदी सरकार की दूसरी सालगिरह भारतीय शेयर बाज़ार के लिए भी शुभ दिन साबित हुई। पिछले दो कारोबारी सत्र में सेंसेक्स जहां 1060 अंक चढ़कर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी दो दिनों में 320 अंक चढ़ा। निफ्टी ने आज 8,069 के रिकार्ड स्तर को छुआ।

ट्रेडर्स के लिए आज का दिन अत्यंत खास रहा, क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी साल 2016 की नई ऊंचाई पर बंद हुए हैं। 4 नवंबर 2015 के बाद निफ्टी ने पहली बार 8,000 के रिकार्ड स्तर को छुआ है। आज बीएसई 485 अंक चढ़कर 26,366 अंक पर बंद हुआ। बाज़ार में तेज़ी की असली वजह यह रही कि इंटरनेशनल मार्केट में आज क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी थी। साथ ही कल कैबिनेट में पास हुए गुड्स पॉलिसी और बेहतर मानसून की उम्मीदों की वजह से बाजार पर सकरात्मक असर पड़ा।

profit

मार्गन स्टैनले ने बुधवार को इंडियन मार्केट की रेटिंग इक्वल वेटिंग को सुधार कर ओवरवेट कर दिया है। उधर अमेरिकी मार्केट का हाउसिंग डेटा भी बाजार में तेजी का वजह रहा।

निफ्टी के 50 में से 28 शेयर बढ़त के हरे निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा एल एंड टी का शेयर 13.89 फीसदी ऊपर बंद हुआ। कल एल एंड टी के तिमाही नतीजे आये थे। आज इंफ्रा शेयरों में जबर्दस्त तेजी देखी गई। वहीं निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर बंद हुआ है।

रेटिंग एजेंसी मार्गन स्टैनले ने बाजार का बेस रेट 26,000 रखा है। मोदी सरकार के तीसरे साल कई महत्वपूर्ण सुधार के उम्मीद है। इनमें जीएसटी विधेयक महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या बढ़ने के बाद कई विधेयक पारित होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

डोम्बिवली में एक फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 कर्मी मरे 150 से अधिक घायल

ब्यूरो,

मुंबई के डोम्बिवली में एक केमिकल फैक्ट्री में बड़ा ब्लास्ट हुआ है। धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस घटना में 3 लोग मारे गए हैं।  150 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। दमकल की 8 गाड़ियाँ मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।

राहत और बचाव कार्य को शुरू कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी एकदम ठोस रूप से नहीं कहा जा सकता कि आग लगने की असली वजह क्या थी। वहीं स्‍थानीय लोगों के अनुसार पहले फैक्‍ट्री में एक सिलेंडर में धमाका हुआ जिसके बाद अन्‍य सिलेंडर और बॉयलर भी फट गए। फिलहाल फैक्ट्री में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम किया जा रहा है।

धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज चार किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के रिहायशी इलाके में कई घरों की खिड़कियां टूट गई हैं। वहीं सड़क पर चल रही गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत तय -अमित शाह

ब्यूरो, 

असम विधानसभा चुनाव में अप्रतिम जीत के बाद भाजपा का आत्मविश्वास काफी बढ़ा नज़र आ रहा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विश्वास दिलाया है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाएगी। शाह ने गुजरात में भी फिर से सरकार बनाने का विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को हटाए जाने की खबरों को खारिज किया है।

उत्तराखंड पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन तकनीकी कारणों से लगाया गया था। उन्होंने कहा कि वहां सत्ता के खिलाफ भारी असंतोष है और अगर आज चुनाव हो जाएं तो आज बीजेपी की सरकार बन जाएगी। केन्द्र में बीजेपी सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर शाह ने यह भी दावा किया कि उत्तराखंड में जब भी चुनाव होंगे उनकी पार्टी की ही सरकार बनेगी।

असम की जीत और केरल में पार्टी को मिले मतों से उत्साहित बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी बीजेपी की मुख्य प्रतिद्वन्दी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीत हासिल करना असम से आसान होगा क्योंकि वहां पार्टी के पास अपनी ताकत है। वहां पार्टी ने गत लोकसभा चुनावों में 80 में से 71 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि अभी यह फैसला नहीं किया गया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम का ऐलान करेगी भी या नहीं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि जैसी ज़रूरत होगी वैसा किया जाएगा।

हाल में चार राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वह केरल के परिणाम से सबसे अधिक खुश हैं। वहां पार्टी को 10 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं। शाह ने कहा कि लोगों ने हमारी नीतियों पर हमें वोट दिया है और आगे भी हम अपने विकास के एजेन्डा पर बढ़ते रहेंगे।

कांग्रेस मुक्त भारत के बीजेपी के नारे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस नारे का अर्थ देश को उस अव्यवस्था से मुक्ति दिलाना है जो कांग्रेस ने फैला रखी है। उस पार्टी ने अपने निहित स्वार्थ के लिए जनहित को पूरी तरह ताक पर रख दिया था। वैसे अब जनता इस बात से भली भाँति परिचित हो गई है। इसलिए कांग्रेस का जनाधार तेज़ी से सिकुड़ता जा रहा है।

राज्यसभा में संख्या बल के चलते सरकार के महत्वपूर्ण विधेयकों के रूक जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि राहुल अगर राजनीति छोड़कर राष्ट्रीय हित पर ध्यान दें और विकास को महत्त्व दें तो सारी समस्या ही समाप्त हो जाए।