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Tuesday, August 4, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी ने की इस्तानबुल हमले की निंदा, कहा- अमानवीय और भयावह

अमित द्विवेदी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्तांबुल में हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमानवीय और भयावह करार दिया। पीएम मोदी ने ट्वीट के ज़रिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस्तानबुल में हुआ आत्मघाती भयावह है। इस घटना की हम कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने पीड़ित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की और कामना किया कि घायलों को जल्दी राहत मिले।

Attack in Istanbul is inhuman & horrific. I condemn it strongly. My thoughts are with bereaved families. May the injured recover quickly.

— Narendra Modi (@narendramodi) June 29, 2016

आतंकवादियों ने इस्तानबुल के अतातुर्क अयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल को निशाना बनाया। पहले आत्मघातियों ने बन्दूक से गोलियां चलाई, उसके बाद खुद को बम से उड़ा लिया। इस हमले में लगभग 50 लोगों के मारे जाने और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की ख़बर है।

कोई भारतीय हताहत नहीं -विदेश मंत्रालय

अतातुर्क हवाईअड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर हुए आतंकी हमले में किसी भारतीय के हताहत होने की अब तक कोई खबर नहीं है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय वाणिज्य दूतावास इस्तांबुल गवर्नरेट के संपर्क में है और मदद चाहने वाले भारतीयों के लिए आपातकालीन नंबर दिए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि किसी भारतीय के हताहत होने के बारे में अब तक कोई खबर नहीं है।

केंद्रीय कर्मियों की बल्ले-बल्ले, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को हरी झंडी

अमित द्विवेदी,

आज सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दे दी गई। केंद्र के इस फैसले से  केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों के वेतन में इज़ाफ़ा होगा और तकरीबन 58 लाख पेंशनधारियों फायदा होगा।

केंद्र सरकार ने जनवरी में वेतन आयोग की संस्तुतियों पर विचार करने के लिए, मंत्रिमंडलीय सचिव पी.के. सिन्हा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था। समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वित्त सचिव अशोक लवासा ने बताया था कि आयोग ने सिफारिश की है कि न्यूनतम वेतन 18 हजार प्रति माह होना चाहिए। अधिकतम वेतनमान की सीमा प्रति माह 2 लाख 25 हजार रुपए होनी चाहिए।

वेतन आयोग ने रक्षा कर्मियों के अलावा केंद्र सरकार के ऐसे सभी कर्मियों को जो सैनिक नहीं हैं उन्हें और केंद्रीय सशस्त्र बलों के लिए भी ‘वन रैंक वन पेंशन’ की तरह के प्रावधान की संस्तुति की है। जिससे पेंशन धारकों और हाल ही में रिटायर हुए कर्मियों की पेंशन को बैलेंस किया जा सके।

वेतन आयोग की अनुशंसा को लागू करने से सरकारी आकलन के मुताबिक़, वेतन के लिए में खर्च में 39 हजार 100 करोड़ की बढ़ोत्तरी होगी, जबकि भत्ते में 29 हजार 300 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। पेंशन मद में 33 हजार 700 करोड़ रुपए खर्च बढ़ेगा।

बाल-बाल बचे ऋतिक, दुर्घटना से चंद मिनट पहले निकले इस्तानबुल एअरपोर्ट से

शिखा पाण्डेय,

इस्तानबुल के अतातुर्क हवाईअड्डे पर हुए आत्मघाती हमले से अभिनेता ऋतिक रोशन बाल-बाल बच गए। दरअसल ऋतिक अपने दोनों बेटों के साथ हमले के कुछ देर पहले तक एअरपोर्ट पर थे। ऋतिक के एअरपोर्ट से निकलने के कुछ देर बाद ही यह हमला हुआ।

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ऋतिक ने दुःख व्यक्त करते हुए खुद ट्वीट कर ये जानकारी दी है। ऋतिक ने लिखा है कि जिस वक़्त आत्मघाती हमला हुआ, उससे कुछ समय पहले ही वे एयरपोर्ट से निकले थे। ऋतिक अपने दोनों बेटों के साथ छुट्टियां मनाने इस्तानबुल गए थे।

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गौरतलब है कि इस्तानबुल में हुए हमले में लगभग 50 लोगों के मारे जाने और 150 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। फिलहाल किसी भी भारतीय नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

संवेदनहीनता का खतरा है दुनिया को – विल्फ्रेड नरोन्हा

संवाददाता,

सेंट पीटर्स स्कूल पंचगनी में आयोजित “अपने प्रिय लेखक से मिलिए” कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विल्फ्रेड नरोन्हा ने बताया, ‘पूरी दुनिया में संवेदनहीनता का खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में एक रचनाकार ही लोगों में संवेदनशीलता पैदा कर सकता है। आज की नई पीढ़ी कल का भविष्य तय करेगी। इसलिए इनके लेखन को सही दिशा देना हमारी जिम्मेदारी बनती है।’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव निगम ने छात्रों को लेखन- प्रक्रिया से संबंधित बारीकियों की विस्तार से चर्चा करते हुए बताया ‘साहित्य हमें दृष्टि देता है। यही दृष्टि जीवन की तमाम समस्याओं को हल करने में सहायक होती है। एक सफल रचनाकार सहृदय पाठक भी होता है। अतः लेखन में रूचि रखने वाले छात्रों को कहानियां, कविताएं, उपन्यास आदि पढ़ते रहना चाहिए।’ इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र स्वरचित गीत, कहानी, कविता और आत्मकथा पढ़कर सुनाए। प्रश्नकाल के दौरान सबकी सहभागिता कार्यक्रम की सफलता का आधार बनी। कार्यक्रम का आद्यंत सूत्र संचालन डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने किया। सुनील माने ने आमन्त्रित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जयवंत भिलारे, राकेश त्रिपाठी, चन्द्रवदन आढाव और राम शेलके सहित कई गणमान्य मौजूद थे।

तुर्की: इस्तांबुल के अतातुर्क हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमला, 50 लोगों की मौत 100 से अधिक घायल

प्रमुख संवाददाता,

तुर्की के इस्तांबुल स्थित अतातुर्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए बम धमाके में 50 लोगों के मारे जाने की खबर है जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, तीन आत्मघाती हमलावरों ने यहां खुद को उड़ा लिया, जिसके बाद हवाई अड्डे पर भगदड़ मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने जांच की शुरुआत में बताया कि इस आत्मघाती बम धमाके में इस्लामिक स्टेट का हाथ हो सकता है। हवाई अड्डे पर 3 आत्मघाती हमलावरों द्वारा खुद को उड़ाए जाने के पहले फायरिंग करने की बात भी सामने आ रही है। जानकारी में मुताबिक़, खुद को उड़ाने के पहले हमलावरों ने कलाशनिकोव राइफ़ल से फायरिंग भी की। इस सम्बन्ध ने तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरिम ने इस बाबत जानकारी दी कि मंगलवार रात को इस्‍तांबुल के अतातुर्क अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए तीन आत्‍मघाती बम विस्‍फोटों के बाद जो संकेत मिल रहे हैं, उससे लगता है कि इसके पीछे आतंकी संगठन आईएसआईएस का हाथ है। उन्‍होंने पत्रकारों को जानकारी दी कि कि ताजा सूचना के मुताबिक मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 50 हो गई है। सुरक्षा के मद्देनज़र हमले के बाद विमानों की आवाजाही रोक दी गई है और लोगों से कहा गया है कि वे अतातुर्क हवाई अड्डे से दूरी बनाये रखें। जिससे किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। गौरतलब है कि अमरीकी विदेश विभाग ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी किया था कि यदि वे तुर्की जाएं तो सावधानी बरतें।

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने मेस्सी से राष्ट्रीय टीम न छोड़ने का किया आग्रह

शिखा पाण्डेय,

लियोनल मेस्सी के अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से सन्यास लेने की खबर से विश्व भर से उनके फैंस के साथ पूरा अर्जेंटीना बहुत दुःखी है। इसलिए अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना और देश के राष्ट्रपति मौरिसियो मैक्री ने लियोनल मेस्सी से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय टीम को नहीं छोड़े।

बता दें कि मेस्सी चिली के खिलाफ कोपा अमेरिका फुटबॉल चैम्पियनशिप के शूटआउट में स्पाट-किक चूकने के बाद आंख में आंसू लिए मैदान से बाहर चले गए थे। अर्जेंटीनी टीम चिली से हारकर खिताब गंवा बैठी। मेस्सी ने बाद में पत्रकारों से कहा कि वह संन्यास ले रहे हैं, जिससे अर्जेंटीनी फुटबॉल में हलचल मच गई क्योंकि लोग रुस में होने वाले 2018 विश्व कप में उनसे काफी उम्मीदें लगाए हैं।

माराडोना के हवाले से ला नासियोन आनलाइन अखबार ने लिखा, “उसे रुकना ही होगा क्योंकि उसके पास अभी खेलने के लिये काफी दिन हैं।” उन्होंने कहा, “वह विश्व चैम्पियन बनने रुस जाएगा।” उनतीस वर्षीय मेस्सी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन अर्जेंटीना के साथ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में यह उनकी चौथी हार थी।

राष्ट्रपति मैक्री ने भी बार्सिलोना के सुपरस्टार से अर्जेंटीनी टीम में कायम रहने की अपील की है। मैक्री के प्रवक्ता ने फोन पर कहा, “उन्होंने उसे फोन किया और बताया कि वह राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन से कितना गर्व महसूस करते हैं और उनसे कहा कि वह आलोचनाओं पर ध्यान नहीं दें।”

पाक उच्चायुक्त को दिया इफ्तार रद्द, बासित के बयान से गुस्सा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

प्रमुख संवाददाता,

मुसलिम राष्ट्रीय मंच ने मंगलवार को भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को दिया इफ्तार पार्टी का न्यौता वापस ले लिया है। मंच ने दो जुलाई को पार्लियामेंट एनेक्स में होने वाली इफ्तार पार्टी में अब्दुल बासित को बुलाया था। लेकिन कश्मीर के पंपोर में हुए आतंकी हमले के विरोध में मंच ने बासित को दिया गया न्योता वापस ले लिया। मंच ने यह निर्णय पाक उच्चायुक्त के पंपोर आंतकी हमले में शहीद हुए जवानों का मजाक उड़ाने की वजह से लिया है।

राष्ट्रीय मुसलिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजल ने कहा है कि हमने पाक उचायुक्त को दिया गया इफ्तार रद्द कर दिया है। दरअसल जब मीडिया ने अब्दुल बासित से पंपोर हमले संबंधी सवाल पूछा था तो बासित ने कहा था कि यह रमजान का महीना है, अभी इफ्तार की पार्टी है, उस पर बात कीजिए और पार्टी का आनंद लीजिए।

गौरतलब है कि शनिवार को कश्मीर के पम्पोर में आतंकियों ने सीआरपीएफ की एक बस पर हमला कर दिया था। इस हमले में आठ जवान शहीद हो गए और करीब 24 से ज्यादा घायल हो गए थे। आरएसएस से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने पाकिस्तान जैसे मुस्लिम राष्ट्रों समेत कई देशों के राजदूतों को न्योता दिया था। उनका कहना है कि इस ‘इफ्तार’ पार्टी का मकसद एकता और सौहार्द का संदेश फैलाना है।

आरएसएस के विचारक राकेश सिन्हा ने भी कहा था कि मुसलिम मंच को बासित को दिया न्योता वापस ले लेना चाहिए। हालांकि उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से संबद्ध होने की बातों को खारिज किया है और कहा है कि इसके द्वारा आयोजित इफ्तार का आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं है।

फ़िल्म ‘मॉम’ में एक अलग अंदाज़ में नज़र आएंगी श्रीदेवी

एंटरटेनमेंट डेस्क,

फिल्म इंग्लिश विंग्लिश की सफलता के बाद एक बार फिर से बोनी कपूर निर्मित फिल्म ‘मॉम’ में श्रीदेवी अभिनय करते हुए नजर आएँगी। श्रीदेवी ने इंग्लिश विंग्लिश से फ़िल्म इंडस्ट्री में धमाकेदार वापसी की थी। इस फ़िल्म से भी कुछ ऐसी ही उम्मीद की जा रही है। फ़िल्म की शूटिंग समाप्त होने के बाद फ़िल्म की पूरी टीम काफी उत्साहित नज़र आ रही है।

फिल्म मॉम की शूटिंग साल की शुरुआत में प्रारम्भ हुई थी। इस फिल्म से रवि उदयवार निर्देशन में अपना डेब्यू करेंगे। फिल्म में श्रीदेवी के साथ सजल अली, अक्षय खन्ना, अदनान सिद्दीकी, और अभिमन्यु सिंह महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे, वहीं फ़िल्म में विशेष अतिथि भूमिका में नजर आएँगे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी।

सूत्रों के अनुसार, फिल्म का शूट 24 जून पूरा हुआ है। अब सभी को इस फ़िल्म के रिलीजिंग का इंतज़ार है। फ़िल्म से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक़ फ़िल्म में श्रीदेवी अपने अभिनय से चार-चाँद लगाएंगी। एक एक सीन को बखूबी फिल्माया गया है।

जम्मू-कश्मीर में गृहमंत्री राजनाथ ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा, चौकसी और मज़बूत करने का दिया निर्देश

अमित द्विवेदी,

पुलवामा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के काफिले पर हुए हमले के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया। सुरक्षा व्यवस्था की जांच के बाद सिंह ने चौकसी और भी मज़बूत करने का निर्देश दिया। जम्मू कश्मीर में सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकरीबन एक घंटे तक सुरक्षा विषयों पर चर्चा की। गृहमंत्री को सुरक्षा हालात और उसके लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम की विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और सभी खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों की उपस्थिति में यह बैठक की गई। जिनसे वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था और अन्य चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक़ बैठक में सीमा पार घुसपैठ सहित सुरक्षा संबंधी सूचनाओं तथा उठाए गए कदमों का विश्लेषण किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ गत शनिवार हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 8 जवानों के मारे जाने पर गृह मंत्री ने चिंता व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों से बातचीत में स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा इंतजामात को और भी मज़बूत किए जाने की आवश्यकता है।गौरतलब है कि गृहमंत्री ने पुलवामा हमले के सन्दर्भ में 3 सदस्यों की एक टीम गठित की है, जो सुरक्षा में आई चूक पर नज़र रखेगी। और यदि किसी तरह की कमज़ोरी नज़र आती है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर किया जाएगा। यह टीम सीमा पार के घुसपैठ को रोकने के लिए काम करेगी। जिससे इस तरह के घुसपैठ और आतंकी हमले को जड़ से समाप्त किया जा सके।

शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना, पूछा- खाते में कब जमा होंगे 15 लाख ?

प्रमुख संवाददाता,

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक बार फिर भाजपा की केंद्र सरकार पर व्यंग बाण चलाया है। ‘सामना’ के संपादकीय में शि‍वसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है कि अपने चुनावी वायदे के अनुसार आखि‍र सरकार ने दो साल के कार्यकाल में कितने देशवासियों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये जमा करवाए हैं? मुखपत्र के संपादकीय में पूछा गया है कि चुनाव से पहले भाजपा द्वारा कालेधन की वापसी का जो वादा किया गया था,उसका क्या हुआ? दो साल में आखिर कितने देशवासियों के बैंक खाते में 15 लाख रुपए जमा करवाए हैं केंद्र सरकार ने? प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने लेख का शीर्षक ‘चाय से ज्यादा केतली गरम- मन की बात!’ दिया है। लेख में तंज कसते हुए कहा गया है कि , ‘देश बदल रहा है, लेकिन हमें मुफ्त चाय नहीं चाहिए। चुनाव से पहले जो आपने वादा किया था उसके अनुसार हमारे बैंक खाते में 15 लाख रुपये कब जमा करते हो, पहले बताओ? ऐसा कोई व्यक्ति चाय की चुस्की मारते हुए पूछे तो उसका जवाब क्या होगा? उसे मारें, जलाएं या पकड़ें, ऐसा सवाल कुछ लोगों के मन में स्वभाविक तौर पर उठ सकता है।’ आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कालेधन को लेकर अपनी राय लोगों के सामने रखी थी और अघोषित संपत्ति का खुलासा 30 सितंबर से पहले करने को कहा था,जिसपर शिवसेना द्वारा निशाना साधा जा रहा है। ‘सामना’ में ऐसा सवाल पूछने वालों के लिए जवाब का उल्लेख भी है जिसके अनुसार – ‘बाबा रे, प्रधानमंत्री मोदी 50 साल की गंदगी साफ करने में लगे हैं। उनके हाथ में छड़ी जरूर है, लेकिन वह जादू की छड़ी मालूल नहीं होती। इसलिए सिर्फ दो साल में सब कुछ बदल जाएगा, ऐसी उम्मीद पालने की गलती मत करो। प्रधानमंत्री को कुछ और समय दो।’ शि‍वसेना ने सामना में लिखा है कि कालाधन ढूंढने के लिए स्विट्जरलैंड या मॉरिशस जाने की आवश्‍यकता नहीं है। कालाधन उद्योगपति, फिल्मवाले और आतंकवादी संगठनों के साथ राजनीति में भी प्रचुर मात्रा में मिलता है। कालाधन हमारे खुद के घर में है, उसे खोदकर निकालें तो भी मोदी जी का मिशन काला धन सफल हो जाएगा। लेख में आगे लिखा गया है कि मोदी के ‘मन की बात’ कड़क चाय के समान है, लेकिन मुंबई में कालेधन पर लोग ‘मन की बात’ सुनें इसलिए कई स्थानों पर मुफ्त में ‘चाय-पानी’ की व्यवस्था करवाई गई।