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Thursday, August 6, 2026
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73 टीवी चैनलों के लाइसेंस हुए रद्द? कहीं आपका पसंदीदा चॅनेल भी..

 शिखा पाण्डेय,

अपलिंकिंग गाइडलाइंस के प्रावधानों का उल्लंघन करने के कारणसरकार ने  73 टीवी चैनलों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में स्वयं यह बात बताई।

राठौड़ ने बताया,” एक साल की निर्धारित अवधि में काम-काज नहीं होने की वजह से जिन टीवी चैनलों के लाइसेंस कैंसल किए गए उनमें महुआ पंजाबी, महुआ तेलुगु, खास, विजन एंटरटेनमेंट, जस्ट टीवी समेत अन्य चैनल भी शामिल हैं।” साथ ही गृह मंत्रालय द्वारा सिक्योरिटी क्लीयरेंस न दिए जाने की वजह से लेमन टीवी, फोकस एनई, फोकस हरियाणा, एसटीवी हरियाणा जैसे दूसरे टीवी चैनल्स को भी ऑफ एयर कर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त मंत्रालय द्वारा छह प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स के 24 एफएम चैनलों के लाइसेंस भी वापस ले लिए गए क्योंकि इन्होंने अनुमति के लिए समझौता पत्र (जीओपीए) के प्रावधानों का उल्लंघन किया। मंत्रालय ने रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स ऑफ इंडिया के जरिए नौ अखबारों और पीरियॉडिकल्स रजिस्ट्रेशन भी कैंसल कर दिए। वहीं, सरकार ने 42 प्राइवेट चैनलों और 196 कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों को संचालन की अनुमति दी है। आपको बता दें कि अभी देश में 892 प्राइवेट सैटलाइट टीवी चैनल्स रजिस्टर्ड हैं।

तेवतिया हमले के मामले में एक महिला कांस्टेबल सहित 6 अन्य हिरासत में

अमित द्विवेदी,

यूपी के मुरादनगर इलाके में भाजपा नेता तेवतिया पर हुए हमले के मामले में एक महिला कॉन्टेस्बल समेत छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में बागपत में तैनात महिला कांस्टेबल से पूछताछ चल रही है। जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल सुनीता नामी बदमाश राकेश हसनपुरिया की पत्नी है।

तेवतिया पर हुए हमले को लेकर शक हसनपुरिया की पत्नी सुनीता पर इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि कहा जाता है कि राकेश हसनपुरिया की मुखबिरी तेवतिया ने की थी। बाकी के जिन 6 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें से शेखर चौधरी और मनोज महरौली के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। राकेश का 2003 में एनकाउंटर हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, बदमाशों ने तेवतिया की कार पर सौ राउंड से ज्यादा फायरिंग की। फिलहाल तेवतिया की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन अभी तक हमलावरों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। घटनास्थल से एक AK-47 और दो पिस्तोल सहित काफी मात्रा में कारतूस मिले हैं।

शाहरुख़ से अमेरिका ने माँगी माफी!

ब्यूरो,

अभिनेता शाहरूख खान को अमेरिका के एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने को लेकर अमेरिका ने माफी मांगी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सहायक मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘आपको हवाईअड्डे पर हुई परेशानी के लिए मुझे खेद है। यहां तक कि अमेरिकी राजनयिकों को भी अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ता है।’

अभिनेता शाहरुख खान ने हिरासत में लिए जाने के बाद ट्वीट कर अपनी तकलीफ बयां की। गौरतलब है कि पिछले 7 साल में यह तीसरी बार है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने शाहरुख़ को रोका है।

शाहरुख़ को इसके पहले अप्रैल, 2012 में आव्रजन अधिकारियों ने न्यूयार्क के पास व्हाइट प्लेन्स हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया था। उन्हें दो घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया था।

शाहरुख़ ने हिरासत के दौरान एक दूसरे ट्वीट में कहा कि वे सुरक्षा व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन बार बार रोका जाना अजीब लगता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत के दौरान उन्होंने पोकेमॉन गो गेम का भी आनंद लिया।

36 साल बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम पहुंची ओलंपिक क्वार्टर फाइनल में

शिखा पाण्डेय
रियो ओलंपिक से भारत के लिए एक खुशखबरी आई है। 36 साल के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ओलंपिक के क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गयी है। हालांकि गुरुवार को नीदरलैंड की टीम ने भारत को 2-1 से हरा दिया मगर फिर भी भारत को यह मौका जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच ड्रॉ मुकाबले के कारण मिल गया।

भारत अभी तक चार मैच खेल चुका है जिसमें दो में जीत और दो मैच में हार का सामना करना पड़ा है। भारत को नीदरलैंड और जर्मनी की टीम ने 2-1 से हराया। भारत ने अर्जेंटीना को 2-1 से हराया था और आयरलैंड की टीम को 3-2 से हराया था। इस प्रकार भारत के टोटल 6 अंक हैं। इस ग्रुप में टॉप पर नीदरलैंड की टीम 12 अंकों के साथ है। 9 अंकों के साथ जर्मनी की टीम दूसरे स्‍थान पर है। 6 अंकों के साथ ग्रुप बी में भारतीय टीम तीसरे नंबर पर पहुंच गयी है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार के मैच में भारतीय टीम को मैच वापसी के लिए पांच अवसर मिले, लेकिन भारत इसका लाभ नहीं उठा पाया और उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय पुरुष हॉकी टीम को पूरे 36 साल बाद क्वार्टर फाइनल में जाने का सुअवसर मिला है। इसलिए सारे देश को उनसे यही उम्मीद है कि वे अपनी गलतियां न दोहराते हुए रियो ओलंपिक में जीत का परचम लहरायें।

दिलों पर राज करने वाला रुस्तम

अमित द्विवेदी,

फिल्म समीक्षा                               रेटिंग: 3*/5

फिल्म: रुस्तम
निर्देशक: टीनू देसाई
प्रमुख कलाकार: अक्षय कुमार, इलियाना डिक्रूज, ईशा गुप्ता, अर्जुन बाजवा, कुमुद मिश्र, पवन मल्होत्रा।
संगीत: अंकित तिवारी, जीत गांगुली, राघव सच्चर

पिछले कुछ समय से अक्षय कुमार की देश प्रेम से ओत-प्रोत फिल्में दर्शकों को दीवाना बना रही हैं। अक्षय जहां एक्शन और कॉमेडी फिल्मों के जरिए अक्षय ने लोगों के दिलों पर राज किया, वहीं अब गंभीर मुद्दों पर बनी फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय से एक अलग मुकाम हासिल करते नज़र आ रहे हैं। रुस्तम भी एक ऐसी ही फिल्म है। आइए जानते हैं फिल्म के बारे में।

कहानी-

फिल्म की कहानी नेवी ऑफिसर रुस्तम पावरी (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है। रुस्तम अपनी पत्नी सिंथिया (इलियाना डी क्रूज) के साथ काफी खुश रहता है। रुस्तम की ज़िन्दगी एक अलग मोड़ तब लेती है, जब किसी वजह से वह निर्धारित समय से पहले ही ड्यूटी से घर पहुँचता है। रुस्तम का जीवन एक ही झटके में बदल जाता है, जब उसे पता चलता है कि  उसके करीबी दोस्त विक्रम मखीजा (अर्जुन बाजवा) से उसकी पत्नी के नाजायज़ सम्बन्ध हैं। तैस में आकर रुस्तम घर से निकलता है और विक्रम के पास पहुँचता है। विक्रम पर तीन गोलियां चलती हैं, उसकी मौत हो जाती है, जिसके साथ ही सबकुछ बदल जाता है। क़त्ल की वजह, इसका ज़िम्मेदार कौन है। ऐसा क्या है कि इस मामले में तत्कालीन सरकार भी शामिल होती है, इसे बड़ी बारीकी से दर्शाया गया है। जिसके लिए आपको सिनेमाघर जाना पड़ेगा।

पटकथा-

फिल्म की कहानी मुम्बई के मशहूर नानावटी केस से काफी मिलती जुलती है। विपुल रावल ने कई बारीकियों को खूबसूरत अंदाज़ में पेश किया है। आज़ादी के कुछ समय के बाद की ही घटना को बेहतरीन अंदाज़ में फिल्माया गया है। संवाद और पटकथा में भी इसका खास ख़याल रखा गया है। टीनू देसाई ने फिल्म के निर्देशन में कोई कसर नहीं छोड़ी है। फिल्म की कमज़ोर कड़ी इसका इंटरवल के पहले का हिस्सा है, जो ढीला और थोड़ा उबाऊ है। अगर फिल्म की लंबाई थोड़ी कम होती, तो फिल्म और भी अच्छी और प्रभावी होती।

अभिनय-

अक्षय कुमार ने बेहतरीन अभिनय किया है। किसी भी फ्रेम ने अक्षय कमज़ोर नज़र नहीं आए। इलियाना डिक्रूज, अर्जुन बाजवा, ईशा गुप्ता, कुमुद मिश्र और पवन मल्होत्रा ने भी कमाल की एक्टिंग की है।

संगीत-

हालाँकि फिल्म के कुछ गाने पहले ही हिट हो चुके हैं। फिल्म में कोई भी गाना ऐसे नहीं फिल्माया गया है, जो आपको बोर करे। अंकित तिवारी और जीत गांगुली ने अच्छा संगीत दिया है।

रियो ओलंपिक: तीरंदाज़ दीपिका और बोम्बेला ने भी किया निराश

शिखा पाण्डेय

रियो ओलम्पिक में भारत की महिला तीरंदाज़ दीपिका कुमारी और लैशराम बोम्बेला देवी प्री क्वार्टर फाइनल में सफल नहीं हो पायीं। दोनों की हार के साथ तीरंदाजी में  भारत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। दीपिका चीनी ताइपी की टैन हां-टिंग से 0-6 से हार गयीं और बोम्बेला देवी मेक्सिको की अलेज़ान्द्रा वालेंसिया से 2-6 से हार गयीं।

बोम्बेला की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सात अंक पर निशाना लगाने के साथ उन्होंने मुकाबले की शुरुआत की। अगले दो शॉट में उन्होंने सुधार करते हुए नौ और 10 अंक हासिल किए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और बाज़ी उनके हाथ से निकल चुकी थी।

दूसरे सीरीज में बोम्बेला देवी ने बेहतर प्रदर्शन किया और 26-23 से यह सीरीज जीत ली और मैच में 2-2 से बराबरी कर ली। मगर तीसरे सेट में बेहतर लग रहीं बोम्बेला का आखिरी शॉट खराब रहा और वालेंसिया ने दो पूर्ण अंक हासिल करते हुए मैच में 4-2 से बढ़त ले ली। शायद इस वजह से बोम्बेला देवी दबाव में आ गईं और चौथे सीरीज में उन्होंने छह अंक से शुरुआत की। वालेंसिया ने वहीं दूसरे शॉट में 10 पर निशाना लगाया और बोम्बेला की जीत असंभव हो गई।

दोनों भारतीय तीरंदाजों के अपने अंतिम-16 मुकाबले को हार जाने से भारत की उम्मीदों को बहुत बड़ा झटका लगा है।

नौकरीपेशा महिलाओं को मिलेगा 12 हफ़्तों के बजाय 26 हफ़्तों का मैटरनिटी लीव!

शिखा पाण्डेय

नौकरीपेशा महिलाओं के लिए एक गुड न्यूज़ है। बहुचर्चित मेटरनिटी बैनिफेट एक्ट में संशोधन आज राज्यसभा में पास हो गया। इस मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करना है। इस प्रस्ताव के पास होने पर सरकारी के साथ साथ निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने राज्यसभा में गुरुवार को इस संशोधित विधेयक को पेश किया। संशोधन में महिलाओं के मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है। इसे शुक्रवार को लोकसभा में रखा जाएगा जहां सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। ऐसे में साफ है कि यह प्रस्ताव जल्द ही कानून का रूप ले लेगा।

इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि सरकार और उनका मंत्रालय पिछले डेढ़ साल से इस प्रस्ताव के लिए प्रयास कर रहा था। हालांकि इस प्रस्ताव को श्रम मंत्रालय की ओर से पेश किया गया।

मेनका ने बताया कि सरकार यह मानती है कि नवजात बच्चे को जन्‍म के बाद कम से कम छह माह तक मां का दूध जरूर मिलना चाहिए। ऐसे में जो महिलाएं नौकरीपेशा हैं उनके लिए जरूरी है कि उन्हें पर्याप्त अवकाश दिया जाए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कानून 10 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखने वाले सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगा। इन संशोधनों में दो जीवित बच्चों के लिए मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह करना और दो बच्चों से अधिक के लिए 12 सप्ताह, कमीशनिंग मां और गोद लेने वाली मां के लिए 12 सप्ताह का अवकाश और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए क्रेच का अनिवार्य प्रावधान शामिल है।

अगर जनता ने सेवा का मौका नहीं दिया,तभी विवाह के विषय में सोचूंगी- इरोम शर्मीला

शिखा पाण्डेय
इरोम शर्मीला द्वारा 16 साल पुराना अनशन तोड़ने के बाद से ही ये चर्चा तेज़ हो गई कि वे जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। हालांकि इरोम ने इस विषय में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि अगले साल होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनाव में वो हिस्सा लेंगी। अगर लोगों ने उन्हें एक राजनेता के तौर पर पसंद नहीं किया तभी वे शादी के विषय में विचार करेंगी।

शर्मिला ने बताया कि वह मणिपुर विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र प्रत्याशी के रुप में मौजूदा मुख्यमंत्री ओमकार सिहं के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहती हैं। उनका कहना है कि वह सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफ्स्पा) को हटाने के खिलाफ अंत तक उन्हें अपना संघर्ष जारी रखना है। उन्होंने बताया कि वह अपनी जैसी विचारधारा वाले 20 लोगों को खोज रही हैं, जो कि उनकी इस लड़ाई में उनका साथ दें और स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े।

गौरतलब है कि शर्मिला एक ब्रिटिश नागरिक डेसमंड कूटिन्हो से शादी करना चाहती हैं परंतु अब उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है की जब तक वे अपने लक्ष्य में सफल नहीं होतीं, ज़िन्दगी के दूसरे पड़ाव में कदम नहीं रखेंगी।

कन्हैया कुमार की ज़मानत नहीं होगी रद्द

शिखा पाण्डेय
जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष व राजद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार के लिए एक राहत की खबर है। दिल्ली हाइकोर्ट ने कन्हैया को मिली अंतरिम जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया है।

हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कन्हैया पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर जमानत रद्द करने की मांग की गयी थी। जमानत के बाद कन्हैया द्वारा सेना के खिलाफ बयानों और प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को देशविरोधी बताकर जमानत की शर्तों का उंल्लघन करने के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि पिछली तीन सुनवाई के दौरान इस मामले में दिल्ली पुलिस कन्हैया के खिलाफ अपना पक्ष स्पष्ट नहीं कर पाई। पुलिस का यह जवाब आश्चर्यजनक है कि कोर्ट खुद तय करे कि जमानत रद्द होगी या नहीं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में ये माना था कि कन्हैया ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है लेकिन जमानत रद्द करने का फैसला उसने हाईकोर्ट पर छोड़ दिया था।  हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस को यह स्टैंड खुद लेना चाहिए था कि जमानत कैंसिल होना चाहिए या नहीं।

खराब माहौल की वजह से दूसरी पारी से इन्कार किया राजन ने

शिखा पाण्डेय,

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने अब अपने मन की बातें खुलकर प्रकट की हैं। राजन ने कहा है कि वह पहले अपने कार्यों को पूरा करने के लिये कुछ और समय रुकने के लिए राज़ी थे। लेकिन जिस तरह का ओछा माहौल उनके खिलाफ बनाया गया, उससे वे दूसरा कार्यकाल नहीं लेने के अपने निर्णय पर खुश हैं।

राजन ने टेलीविजन चैनल सीएनबीसी-टीवी 18 को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वह वे टीम के हिसाब से खेलने वाले सबसे अच्छे खिलाड़ी रहे और उन्होंने देश के हित में जो काम सबसे अच्छा समझा वह किया। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत की प्रक्रिया उस मुकाम तक नहीं पहुंची थी जहां रुकने को लेकर सहमति बन सकती थी।

भविष्य की योजना के बारे में राजन ने कहा, ” जैसा मैंने बार-बार कहा है कि मैं मूल रूप से अध्ययन अध्यापन क्षेत्र का आदमी हूं। आरबीआई गवर्नर का काम एक अतिरिक्त काम है।” उल्लेखनीय है कि राजन का कार्यकाल चार सितंबर को समाप्त हो रहा है और उसके बाद उनकी फिर से अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र में जाने की योजना है।

राजन ने कहा,” हाल में हुए कुछ आक्षेप बहुत ओछे थे। बिना सिर पैर की बातें की गयीं। मैंने उन आक्षेपों पर ध्यान नहीं दिया।” आपको बता दें कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राजन पर कई आरोप लगाये थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के पूर्व प्रमुख अर्थशास्त्री मानसिक रूप से पूरी तरह भारतीय नहीं हैं और गोपनीय तथा संवेदनशील सूचनाएं विदेश भेजते हैं।

राजन ने कहा, ” मैं दूसरे कार्यकाल के लिए बहुत उत्सुक नहीं था। मैं कार्यों को पूरा होने के लिये कुछ समय रुकने के लिये तैयार था। लेकिन अब जब मैं जा रहा हूं तो पूरी तरह खुश हूं।” गवर्नर ने कहा कि उन्होंने जो काम लिये, उसमें से 90 से 95 प्रतिशत पूरे हो गये हैं और उन्हें यह कार्य करने में पूरी आजादी रही।

राजन ने कहा कि उन्हें अपने हिसाब से अपना काम करने की संपूर्ण स्वतंत्रता मिली। इसके लिए सरकार के साथ बहुत काम करना होता है, सरकार को राजी करना पड़ता है। गर्वनर ने कहा कि कोई यह कहे कि आप तो हमेशा लड़ते रहे, तो यह बिल्कुल गलत है। पिछली सरकार के साथ संबंध अच्छे थे और इस सरकार के साथ भी अच्छे संबंध रहे।