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Friday, August 7, 2026
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नौ महीने तक क्रिकेट खेलकर धोनी बने सुशांत

एंटरटेनमेंट डेस्क,

मुंबई। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जूतों में कदम रखना किसी क्रिकेटर के लिए भी सोच से परे की बात है। लेकिन अभिनेता  सुशांत सिंह राजपूत ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। उन्होंने रोल में घुसने के लिए इतनी मेहनत की है कि फिल्म की झलकियों में वे धोनी की कॉपी लग रहे हैं। धोनी भी सुशांत को अपने रूप में देखकर चमत्कृत हैं।

एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी का पहला पोस्टर आने के बाद से ही धोनी बने सुशांत ने तहलका मचा दिया था। अभी हाल ही में आए नए ट्रेलर ने साबित कर दिया है कि सुशांत इस रोल के लिए परफेक्ट चुनाव थे।

सुशांत ने अपने को धोनी का क्लोन बनाने के लिए दिन-रात एक कर दिए। उन्होंने घंटों तक क्रिकेट प्रैक्टिस की। सुशांत धोनी का वीडियो देखा करते थे। कुछ दिनों पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें सुशांत धोनी के फेमस हेलीकॉप्टर शॉट की प्रैक्टीस करते दिख रहे थे। खास यह था कि इस शॉट की प्रैक्टिस करते हुए सुशांत ने वही परफेक्शन दिखाया और गेंद को वहीं हिट किया जहां धोनी आमतौर पर मारते हैं।

इस सबके बावजूद सुशांत के लिए सबसे कठिन था कैप्टन कूल के माइंडसेट को समझना। वो जानना चाहते थे कि जब धोनी फील्ड पर होते हैं तो कैसा सोचते हैं। मैच जीतने के बाद उन्हें कैसा महसूस होता है और हार के बाद कैसी मानसिक स्थिति बनती है। इसी प्रकार वे किस तरह प्रेशर को हैंडल करते हैं। उन्हें धोनी के टेम्प्रामेंट को भी समझने के लिए कड़ा प्रयास करना पड़ा।

वाड्रा की बढ़ सकती है मुश्किलें, जस्टिस ढींगरा ने लैंड डील मामले की रिपोर्ट सीएम खट्टर को सौंपी

अमित द्विवेदी,

हरियाणा। लैंड डील मामले में रॉबर्ट वाड्रा की परेशानियां बढ़ती नज़र आ रही है। इस मामले में जस्टिस ढींगरा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जस्टिस ढींगरा ने बताया कि 182 पृष्ठ की रिपोर्ट दो हिस्सों में सौंपी गई है। एक में जांच की रिपोर्ट है और एक में सबूत हैं।

वाड्रा लैंड डील मामले में जस्टिस ढींगरा ने संकेत दिया है कि ज़मीन आवंटन में गड़बड़ी पाई गई है। जिसके बाद ऐसी आशंका है कि रोबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजनीतिक खेमे में भी चर्चा हो रही है कि गांधी परिवार की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।

इस मामले में सीएम खट्टर ने कहा कि रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही इस पर फैसला लिया जा सकता है कि क्या करना है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। जानकारी के मुताबिक, जस्टिस ढींगरा ने अपनी रिपोर्ट में कई अधिकारियों की करतूतों को भी लिखा है। समझा जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कई वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ा झटका लग सकता है।

खबरों की मानें तो कई अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी आपराधिक मामलों के कई धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया जा सकता है।

बलूचिस्तान से जर्मनी तक पीएम मोदी का जलवा, समर्थन में लगे नारे

सौम्या केसरवानी,

बलूचिस्तान मामले को लेकर पीएम मोदी का समर्थन बढ़ता ही जा रहा है। पाकिस्तान का विरोध करते हुए बलूचिस्तानी समर्थकों ने मोदी के समर्थन में बलूचिस्तान से लेकर जर्मनी तक नारे लगाए। हालाँकि मोदी के समर्थन को लेकर चीन और पाकिस्तान पहले से ही तिलमिलाए हुए हैं।

बलूचिस्तान के रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान और बलूचिस्तान में चीनी हस्तक्षेप का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के विरोध में नारे भी लगाए और पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगाए।

वरिष्ठ बलूच नेता ने बुग्ती ने कहा कि हम कभी भी पाकिस्तान में नहीं थे और न आज ही हैं। उन्होंने पाकिस्तान को धमकी देते हुए कहा कि अभी भी वक्त है कि वो निकल जाए। नहीं तो, बांग्लादेश से भी बुरा हाल होगा।

इधर, चीन को यह बात नापसंद है कि भारत पीओके और बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकार मसले को उठाये। गौरतलब है कि 15 अगस्त के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने बलूचिस्तान और पीओके का मुद्दा उठाया था।

पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ को अयोग्य घोषित करने की याचिका खारिज

सौम्या केसरवानी,

आए दिन हिंदुस्तान को परेशान करने की कोशिश करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ खुद अपने देश के नेताओं के घेरे से नहीं निकल पा रहे हैं।
पाकिस्तान के उच्च न्यायालय ने विपक्ष के नेता इमरान खान ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनके पद को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। लेकिन इमरान खान की ये याचिका खारिज कर दी है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को न्यायालय ने तो राहत दे दी, लेकिन उन्ही के देश के नेता उनके पीछे लगे रहते हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के वकील ने नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के लिए नेशनल असेंबली और प्रधानमंत्री पद से शरीफ को अयोग्य घोषित करने के लिए यह याचिका दायर की थी।

पनामा की लॉ फर्म से अप्रैल में लीक हुए लाखों दस्तावेजों से खुलासा हुआ था कि शरीफ की बेटी और दो बेटों की ब्रिटेन में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र शरीफ ने अपने परिवार की संपत्ति का ब्यौरा देते समय नहीं किया था। इसी आधार पर उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

अगले साल की शुरुआत में ही 68 उपग्रह प्रक्षेपित कर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में इसरो

शिखा पाण्डेय,

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले साल के प्रारंभ में एक ही मिशन में रिकार्ड 68 उपग्रहों के प्रक्षेपण की योजना बना रहा है।

इसरो की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स के सीएमडी राकेश शशिभूषण ने बताया, ‘प्रक्षेपण तो कई होने हैं। यह एक खास प्रक्षेपण है जिसमें हम करीब 68 उपग्रहों (को भेजने) की योजना बना रहे हैं, यह भी एक प्रक्षेपण है जिसे अंतिम रूप दिया जाना है।’’ एंट्रिक्स है।

अधिकारियों के मुताबिक, यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले छह सात महीने में यह प्रक्षेपण हो सकता है और उपग्रह दूसरे देशों के नैनो उपग्रह होंगे।
गौरतलब है कि जून में भी एक रिकार्ड बनाते हुए इसरो ने एक मिशन में 20 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया था।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को अखिलेश की सौगात, नहीं खाली करना पड़ेगा बंगला!

सौम्या केसरवानी,

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किए गए बंगले अब खाली नहीं करने होंगे। बंगाल खाली किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों के होश उड़े हुए थे, लेकिन अखिलेश यादव की सरकार ने आज विधानसभा में इससे सम्बंधित बिल पास कर दिया। अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को दिए हुए बंगलों के आवंटन पर कानूनी मुहर लगा दी गई है।

मुलायम सिंह यादव, मायावती, राजनाथ सिंह, एन डी तिवारी, कल्याण सिंह और राम नरेश यादव, ये वो छः नेता हैं, जिन्होंने बतौर मुख्यमंत्री यूपी पर राज किया। इनको राज्य सरकार की ओर से एक अधिनियम के तहत नाम मात्र के किराये पर बंगले अलॉट हैं। ये बंगले उन्हें बतौर पूर्व मुख्यमंत्री मिले हैं, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि यूपी के सभी पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी आवास दो महीने के भीतर खाली कर दें।

1997 में यूपी सरकार ने एक नियम बनाया जिसके तहत सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित करने का प्रावधान लाया गया था, सरकार का तर्क था कि पूर्व मुख्यमंत्री जनता की सेवा करते हैं, इसलिए उन्हें ये सेवा दी जाती है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में एक गैर सरकारी संगठन ने कहा कि संविधान में इसका कोई प्रावधान नहीं है। यहां तक कि यूपी के अपने कानून के तहत भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर देने का कोई प्रावधान नहीं है। ये आदेश रद्द नहीं किया गया तो बाकि राज्य भी ऐसे आदेश जारी कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस पर फैसला सुनाया कि वे दो महीने में सरकारी बंगला खाली करें। साथ ही जितने वक्‍त तक ये लोग बंगले में रहे, उतने वक्‍त का वाजिब किराया भी चुकाएगें।

केंद्रीय कर्मचारियों को दो साल के बोनस का तोहफा!न्यूनतम मजदूरी भी 350₹!

शिखा पाण्डेय,

केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक धमाकेदार खुशखबरी दी है। केंद्र सरकार के करीब 33 लाख कर्मचारियों के लिए सरकार ने आज सालाना बोनस की घोषणा की है, जो पिछले दो सालों से बकाया था। सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को दो साल के लिए संशोधित दरों पर बोनस देगी।

इस बात की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में दी। साल 2014-15 और 2015-16 के लिए संशोधित दर पर बोनस जल्द ही जारी कर दिया जायेगा। इसके बाद बोनस को सातवें वेतन आयोग के तहत दिया जाएगा। सरकार ने एक अन्य फैसले में गैर-कृषि कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन 350 रुपये प्रतिदिन तय किया है जो इस समय 246 रुपये प्रतिदिन है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकारी कर्मचारियों के बोनस संबंधी बकाया भुगतान करने की घोषणा ऐसे समय की है जब ट्रेड यूनियन ने हड़ताल की चेतावनी दी है।

आपको बता दें कि ट्रेड यूनियनों ने सरकार के सामने 12 सूत्री एजेंडा रखा था, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन कमीशन के हिसाब से न्यूनतम वेतन 18,000 रखा गया है। वे सरकार के विनिवेश के हालिया निर्णय , खासकर फार्मा, रक्षा के क्षेत्र में विदेशी निवेश की शर्तों में ढील दिए जाने का भी विरोध कर रहे हैं।

ट्रेड यूनियन की इस प्रस्तावित हड़ताल की घोषणा के बाद  शुक्रवार को देशभर में बैंक, सरकारी कार्यालय और कारखाने बंद रहेंगे, हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए तैयार है।

बदली कहावत! “खिसियाने ‘केजरीवाल’, ‘मोदी’ नोचें”

शिखा पाण्डेय,

हर एक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र में रखने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर मोदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने दिल्ली को तबाह करने का दृढ़ निश्चय कर लिया है। इस बार केजरीवाल के मोदी पर झल्लाने का कारण यह है कि दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने आप सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को देख रहे विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है।

जंग ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पर्यावरण विभाग और स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बदलाव किया है।
उन्होंने तरुण सीम की जगह आईएसएस अधिकारी चंद्राकर भारती को स्वास्थ्य सचिव बना दिया है। गैर-आईएएस पृष्ठिभूमि के अधिकारी सर्वज्ञ श्रीवास्तव की जगह अश्विनी कुमार को नया पीडब्ल्यूडी सचिव बना दिया है।

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘एलजी कई अधिकारियों के सीधे तबादले कर रहे हैं। मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को फाइलें नहीं दिखाई जा रहीं हैं। क्या यही है मोदी के लोकतंत्र का नमूना?” उन्होंने कहा,” मनीष सिसौदिया ने जंग से अनुरोध किया था कि वे सीम और श्रीवास्तव का 31 मार्च तक तबादला नहीं करें क्योंकि वे मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने और नयी स्कूली इमारतों के निर्माण जैसी दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण परियोजाओं को संभाल रहे हैं, लेकिन वे नहीं पिघले।”

एलजी के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सिसौदिया ने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि मोदी जी ने ही एलजी से इन दोनों अधिकारियों का तबादला करने को कहा था। मोदी किसी भी हद तक जा सकते हैं। अगर शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर गिरता है तो इसके जिम्मेदार मोदी जी ही होंगे।”

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासनिक प्रमुख उप राज्यपाल ही हैं, जिसके बाद जंग द्वारा किया गया यह पहला महत्वपूर्ण फेरबदल है। इससे पहले एक अन्य आदेश में एलजी ने आप सरकार के पिछले सभी आदेशों को निरस्त कर दिया था। उन्होंने आईएएस अधिकारियों, दानिक्स और डीएएसएस काडर के अधिकारियों, प्रधान निजी सचिवों की नियुक्ति और तबादले के लिए स्वीकृति प्राधिकारी बना दिए थे।

‘शोभा’ ने की फिर ‘अशोभनीय’ टिप्पणी!

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक में खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन पर टिप्‍पणी करनेवाली लेखिका शोभा डे तमाम आलोचनाओं के बाद भी अपनी ऊट पटांग टिप्पणियों से बाज़ नहीं आ रहीं।उन्होंने फिर एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। इस बार तो उन्‍होंने सीधा क्रिकेट के भगवान,मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पर निशाना साधा है। डे ने  सचिन द्वारा रियो ओलंपिक में जीतनेवाले खिलाड़ियों को हैदराबाद के एक कार्यक्रम में दी गई BMW कारों पर कई प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

शोभा डे ने ट्वीट कर सवाल किया है,” क्‍या पदक विजेता खिलाड़ियों को जो BMW कार सचिन की ओर से गिफ्ट की गयी है, उसका खर्च वे खुद उठाएंगे?” डे ने ट्वीट किया और लिखा, “यह छोटा कष्‍टदायी मगर जायज सवाल है कि क्‍या सचिन तेंदुलकर ने खिलाड़ियों को दी गई BMW कारों का पैसा खुद चुकाया है?”

उन्‍होंने एक और ट्वीट कर खिलाड़ियों का मज़ाक बनाते हुए कहा,”ग्रेट ऐड फॉर BMW। इन महंगी कारों को चलाने के लिए भुगतान कौन करेगा? कहीं ऐसा न हो कि भारतीय एथलिटों के लिए यह सफेद हाथी न बनकर रह जाए।”

गौरतलब है कि भारतीय खिलाड़ियों द्वारा रियो में पदक न जीत पाने पर  शोभा ने ट्वीट किया था, ‘‘ओलंपिक में टीम इंडिया का लक्ष्य: रियो जाओ, सेल्फी लो, खाली हाथ वापस आओ। पैसे और मौकों की बर्बादी।” उनके इस बयान पर कई दिग्गज हस्तियों ने नाराजगी भरी प्रतिक्रिया दी थी। उसके बावजूद शोभा ने अपनी टिप्पणी पर कोई माफ़ी नहीं मांगी थी।

लन्दन ओलम्पिक में योगेश्वर दत्त को मिला कांस्य पदक हुआ चांदी का

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक में भले ही भारतीय रेसलर योगेश्वर दत्त कोई खास कमाल न दिखा पाये हों, लेकिन लंदन ओलंपिक से जुड़ी एक बेहद अहम खुशखबरी उन्हें और पूरे देश को आज मिली है। 2012 के लंदन ओलंपिक में 60 किग्रा भार वर्ग में भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त को मिला कांस्य पदक अब रजत में बदल गया है।

यह सुनकर आप भले ही चौंक गए हों पर दत्त का यह ब्रॉन्ज़ मैडल सिल्वर में तब बदल गया जब सिल्वर मैडल जीतनेवाले रूस के दिवंगत बेसिक कुडुखोक को डोप टेस्ट में नाकाम पाया गया और उनका पदक उन्हें गंवाना पड़ा।

दरअसल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति खिलाड़ियों के सैंपल को दस साल के लिए स्टोर रखती है ताकि जरूरत पड़ने पर एडवांस टेस्टिंग की जा सके। रूसी एजेंसी फ्लोरेसलिंग डाट ओआरजी के मुताबिक इसी एडवांस्ड टेस्टिंग के दौरान रूस के चार बार के विश्व चैम्पियन और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता बेसिक कुदुखोव का डोप टेस्ट पॉजीटिव पाया गया है। आपको यह भी बता दें कि कुडुखोव की 2013 में रूस में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी।

योगेश्वर ने ट्वीट किया, “मुझे आज सुबह ही यह खुशखबरी मालूम हुई। मैं यह पदक देशवासियों को समर्पित करता हूं।” गौरतलब है कि लंदन ओलंपिक में योगेश्वर का मुकाबला रूसी पहलवान बेसिक कुदुखोव से हुआ था, जिसमें बेसिक कुदुखोव ने योगेश्वर को हारा कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था और योगेश्वर को ब्रॉन्ज मेडल से संतुष्ट होना पड़ा था।

योगेश्वर ने लंदन ओलंपिक 2012 में पुरूषों के 60 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता था। योगेश्वर लंदन में कुडुखोव से प्री क्वार्टर फाइनल में हार गए थे लेकिन रूसी पहलवान के फाइनल में पहुंचने के बाद उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने कांस्य पदक जीता था।