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Friday, August 7, 2026
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कश्मीर में सुधरा माहौल, पुलवामा से भी हटा कर्फ्यू

अमित द्विवेदी,

कश्मीर घाटी में सुधरते हालात के मद्देनजर मंगलवार को पुलवामा शहर से कर्फ्यू हटा लिया गया। हालांकि शहर के कुछ इलाकों में अभी पाबंदी लागू है, जिससे किसी हिंसा का मामला सामने न आए। इस प्रयास के बावजूद अलगवावादी समर्थकों की हड़ताल के चलते आज 53वें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा।

कश्मीर में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर के एमआर गंज और नोहट्टा में कर्फ्यू लागू है, बाकी के इलाके कर्फ्यू मुक्त हैं। उन्होंने कहा कि हालात में हुए सुधार को देखते हुए अलगाववादी प्रभावित इलाका पुलवामा शहर से भी कर्फ्यू हटा लिया गया है।

हालाँकि अलगाववादियों ने हड़ताल की अवधि एक सितंबर तक बढ़ा दी है। श्रीनगर में अब जाकर माहौल शांत हो रहा है। अब यातायात की भी व्यवस्था धीरे धीरे सामान्य हो रहा है। सडकों पर निजी गाड़ियां नज़र आ रही हैं। हालाँकि अलगाववादियों की वजह अब भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं नज़र आ रहे हैं।

सौराष्ट्र का जल संकट होगा समाप्त, पीएम मोदी ने किया साउनी परियोजना का उदघाटन

सौम्या केसरवानी,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के जामनगर में सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण फॉर इरिगेशन (साउनी) परियोजना के पहले चरण का उदघाटन किया। इस परियोजना से अब सभी को आसानी से पानी की सप्लाई होगी। इस परियोजना के तहत 10 लाख 22 हजार एकड़ भूमि को खेती के लिए पानी मिलेगा।

इस प्रोजेक्‍ट के अन्तर्गत 1,126 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, और नर्मदा के पानी से सौराष्ट्र के 115 डैम को पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा और अगले तीन साल के भीतर सिंचाई के लिए पानी उपलब्‍ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने परियोजना की घोषणा 2012 में की थी। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके जरिए सिंचाई और पेयजल संकट झेल रहे सौराष्ट्र क्षेत्र के 115 बांधों में पानी डाला जाएगा।

परियोजना का उदघाटन करने के बाद मोदी सनोसरा कस्बे में जनसभा को संबोधित करने जाऐगें।
पीएम बनने के बाद मोदी की ये पहली गुजरात में जनसभा होगी। यहां पाटीदारों नेताओं की संख्या ज़्यादा है। पाटीदार नेताओं ने इस दौरान पीएम से मिलने की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर विरोध की भी धमकी दी है। इस रैली को गुजरात में होने वाले 2017 के विधानसभा चुनाव के चुनावी कैंपेन के तहत देखा जा रहा है।

भारत-अमेरिका ने रक्षा समझौते पर किया हस्ताक्षर, रक्षा और व्यापार को मिलेगी मज़बूती

अमित द्विवेदी,

रक्षा क्षेत्र में मजबूती लाने के लिए आज भारत और अमरीका ने एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते से दोनों देशों की सुरक्षा व्यवस्था को काफी मज़बूती मिलेगी और दोनों देश एक दूसरे के संसाधनों का इस्तेमाल कर स्वयं को मज़बूत बना सकेंगे। यह दोनों देश अपने संसाधनों के साथ ही सेना मरम्मत और आपूर्ति के सम्बन्ध में भी एक दूसरे की संपदाओं और अड्डों को प्रयोग में ला सकेंगे।

रक्षा समझौते ओर हस्ताक्षर करने के बाद दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने अपने साझा बयान में स्पष्ट किया कि इस समझौते से सिर्फ रक्षा मामले को मजबूती नहीं मिलेगी बल्कि व्यापार को भी मज़बूती प्राप्त होगी। यह समझौता दोनों देशों की सेना के बीच साजो-सामान संबंधी सहयोग, आपूर्ति और सेवा की व्यवस्था प्रदान करेगा।

मंत्रियों ने अपने जारी बयान में स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध उनके ‘साझा मूल्यों एवं हितों’ पर आधारित है। समझौते का आधार दोनों देशों की तरक्की है।

समझौते के बारे में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और उनके अमेरिकी समकक्ष एश्टन कार्टर ने कहा है कि यह रक्षा समझौता सैन्य अड्डे स्थापित करने के लिए नहीं है। पर्रिकर और कार्टर ने दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’(एलईएमओए) के बारे में बता रहे थे।

सीआरपीएफ की ब्रांड एम्बेसडर बनेंगी पीवी सिंधु

शिखा पाण्डेय,

रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतनेवाली बैडमिंटन स्टार  पीवी सिंधु को देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने अपना ब्रांड एम्बसेडर नियुक्त करने का निश्चय किया है। साथ ही सीआरपीएफ इस शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी को कमांडैंट की मानद रैंक प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सीआरपीएफ द्वारा इस संबंध में गृह मंत्रालय को एक आधिकारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहाँ से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद सिंधु को एक समारोह में इस रैंक से सम्मानित किया जायेगा और उन्हें यह बैज सौंपा जायेगा जहाँ उन्हें सीआरपीएफ की वर्दी भी दी जायेगी। सिंधु को भी इस विषय में सूचित कर दिया गया है और सीआरपीएफ को उनकी सहमति भी मिल गई है।

उल्लेखनीय है कि सीआरपीएफ में कमांडैंट की रैंक पुलिस अधीक्षक के दर्जे के बराबर है और इस दर्जे का अधिकारी जब तैनात हो तो 1,000 सैनिकों की बटालियन को आदेश दे सकता है।

वर्ष 2050 तक दुनिया की आबादी हो जायेगी 10 अरब!

शिखा पाण्डेय,

अमेरिकन एजेंसी ‘पॉपुलेशन रेफरेंस ब्यूरो’ (पीआरबी) के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की आबादी 33 फीसदी बढ़कर 9.9 अरब तक पहुंच जाएगी। दुनिया की मौजूदा आबादी 7.4 अरब के करीब है।

एजेंसी की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2053 तक दुनिया की जनसंख्या 10 अरब पार कर जाएगी। पीआरबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ्री जॉर्डन के अनुसार, “पूरी दुनिया में प्रजनन दर में कमी दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद हमारा अनुमान है कि जनसंख्या वृद्धि दर इतनी तेज रहेगी कि हम जल्द ही 10 अरब का आंकड़ा छू लेंगे।”

अनुमान के अनुसार एशिया की आबादी में 90 करोड़ की वृद्धि के साथ यह 5.3 अरब पर पहुंच सकती है।
वहीं 2050 तक अफ्रीका की आबादी 2.5 अरब तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि अमेरिका की मौजूदा 22.3 करोड़ की आबादी बढ़कर सिर्फ 1.2 अरब होगी। यूरोप में बहुत कम जन्म दर के चलते जनसंख्या कम होगी। अनुमान के अनुसार यूरोप की मौजूदा 74 करोड़ की आबादी 2050 तक घटकर 72.8 करोड़ रह जाएगी। आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मौजूदा चार करोड़ की आबादी के बढ़कर 6.6 करोड़ होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पीआरबी 1962 से लगातार हर वर्ष यह आंकड़े जारी करता रहता है, जिसका संदर्भ बड़े पैमाने पर दिया जाता रहा है।

मुश्किल में आज़म खान, सुप्रीम कोर्ट ने बुलंदशहर रेप मामले में माँगा जवाब

सौम्या केसरवानी,

उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री आजम खान की मुश्किलें बढने वाली हैं, क्योंकि बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आजम खान को नोटिस दिया है, और तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। दरअसल, आजम खान ने बुलंदशहर हाइवे गैंगरेप पीड़ितों के खिलाफ ‘आपत्तिजनक’ बयान दिया था और इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया था।

पीड़ित पक्ष के वकील के मुताबिक पीड़िता ने मांग की है कि आजम खान के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो, और उचित कार्रवाई हो।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आजम खान से चार सवालों के जवाब मांगे हैं।

1- क्या कोई शख्स जो सार्वजनिक पद पर बैठा हो ऐसे घृणित अपराध पर टिप्पणी कर सकता है जबकि व्यक्तिगत रूप से उसका मामले से संबंध ना हो?

2- क्या सरकार को लोगों को ऐसी टिप्पणी करने देना चाहिए?

3- क्या इस तरह की टिप्पणियां आजादी की अभिव्यक्ति के अंतर्गत आती हैं?

4- क्या इस तरह की टिप्पणियां संवैधानिक संवेदना को परास्त नहीं करती है?

याचिकाकर्ता के मुताबिक, मामला दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की गई है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों और आजम खान पर कार्रवाई और पीड़ितों के पूर्ण पुनर्वास की भी मांग की गई है। 12 अगस्त को पीड़ित नाबालिग लड़की के पिता ने आजम खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

अब ‘पश्चिम बंगाल’ नहीं, ‘बंगाल’ या ‘बांग्ला’ कहें- ममता बनर्जी

शिखा पाण्डेय,

पश्चिम बंगाल  का नाम अब सिर्फ ‘बंगाल’ होगा क्योंकि पश्चिम बंगाल के नए नाम का प्रस्‍ताव राज्‍य विधानसभा में पारित हो गया है। इस नये प्रस्ताव के तहत अलग-अलग भाषाओं के लिए राज्य के अलग नाम दिए गए हैं। इस नए नाम के प्रस्ताव को राज्य विधान सभा में सोमवार को पारित किया गया। हालांकि इसमें ‘बंगो’ के प्रस्ताव को खारिज किया गया है।

बदलाव के पश्चात् पश्चिम बंगाल अब बांग्ला भाषा में ‘बांग्ला (Bangla)’, अंग्रेजी में ‘बैंगॉल (Bengal)’ और हिंदी में ‘बंगाल (Bangal)’ कहा जाएगा।

पारित प्रस्ताव को अब केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद पश्चिम बंगाल का नाम अधिकारिक रूप से ‘बंगाल’ और ‘बांग्ला’ हो जाएगा।

नाम में बदलाव का कारण-

ममता बनर्जी के अनुसार राज्य का नाम अंग्रेज़ी भाषा में डब्ल्यू से शुरू होने के कारण राज्य के प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में बात रखने के लिए अंत में समय मिलता था। उनका कहना था कि इसी वजह से राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में प्रांत की बातें या तो सुनी ही नहीं जाती हैं या उनकी अनदेखी हो जाती है। अब नए नाम की वजह से राज्यों की सूची में बंगाल काफी ऊपर पहुंच जाएगा, जो अंग्रेजी की वर्णमाला के क्रम के अनुसार बनाई जाती है।

प्रस्ताव पास होने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि “आज का दिन हर लिहाज से ऐतिहासिक है। हमें इस फैसले पर गर्व है। जो लोग इसका विरोध कर रहे थे, उन्हें इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।” आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पिछले शासनकाल में भी राज्य का नाम बदलने का मुद्दा उठाया था।

सिंधू, साक्षी सहित 4 खिलाड़ियों को मिला खेल रत्न पुरस्कार

शिखा पाण्डेय,

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज रियो ओलंपिक में रजत पदक विजेता शटलर पीवी सिंधू और कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक सहित 4 खिलाड़ियों को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। सिंधू, साक्षी, दीपा और जीतू को खेल रत्न पुरस्कार मिला। समारोह में 6 कोच भी द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए गए।

द्रोणाचार्य पुरस्कार-

द्रोणाचार्य पुरस्कार उन गुरुओं को प्रदान किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से देश को प्रतिनिधि खिलाड़ी प्रदान किए। इस फेहरिस्त में जिमनास्टिक्‍स में दीपा कर्मकार के कोच बिश्‍वेश्‍वर (बीएस) नंदी, क्रिकेटर विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा का नाम शामिल है। महाबीर सिंह को कुश्‍ती (लाइफटाइम) के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया। कुल 6 कोच को यह पुरस्‍कार दिया गया।

अर्जुन पुरस्कार-

सम्मान समारोह में अजिंक्य रहाणे सहित 15 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया। जिसमें तीरंदाज रजत चौहान, एथलीट ललिता बाबर, स्नूकर खिलाड़ी सौरव कोठारी, मुक्केबाज शिवा थापा, फुटबाल खिलाड़ी सुब्रत पॉल, हॉकी खिलाड़ी वी.आर. रघुनाथ, रानी रामपाल, निशानेबाज गुरप्रीत सिंह, अपूर्वी चंदेला, टेबल टेनिस खिलाड़ी सौम्यजीत घोष, महिला पहलवान विनेश फोगाट, अमित कुमार पैरा एथलीट संदीप सिंह मान और विरेन्द्र सिंह शामिल हैं।

लन्दन: चीनी दूतावास के सामने लगे मोदी समर्थन में नारे, कहा- ‘कदम बढ़ाओ मोदीजी, हम तुम्हारे साथ हैं’

अमित द्विवेदी,

बलूचिस्तान मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी फेहरिस्त में बलूचवासियों ने लन्दन स्थित चीनी दूतावास के सामने चाइना-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मोदी का समर्थन करते हुए ‘कदम बढ़ाओ मोदी जी, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे लगाए।

बलूचवासियों द्वारा लगातार हो रहे प्रदर्शन से पाकिस्तान सरकार सदमे में नज़र आ रही है। साथ ही चाइना भी अपने इस विरोध से हिला हुआ है। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बलूच नेता ने कहा कि हम पाकिस्तान और चीन को बताना चाहते हैं कि अब बिना हमारी सहमति के बलूचिस्तान में कुछ नहीं हो सकता। जो बलूचवासी चाहेंगे वही होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों देशों (पाकिस्तान और चीन) की हमेशा छीनने की कोशिश रहती है।

पाक-चाइना इकोनॉमिक कॉरोडोर को लेकर भी बलूचियों ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि हमारे देश से होकर गुजरने वाले इस कॉरिडोर को हम स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि हम हमारे देशवासियों के विकास को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं। ऐसे में कोई भी डील हम नहीं करने देंगे, जिनसे हमारे देशवासियों को कोई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ नहीं होगा।

गौरतलब है कि जर्मनी में शनिवार को लेपिजिग शहर में दर्जनों निर्वासित बलूच कार्यकर्ताओं ने एक रैली का आयोजन किया। इस रैली में आए कार्यकर्ता भारतीय तिरंगा लहराते हुए नज़र आए। यही नहीं वे पाकिस्तान विरोधी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाते भी नजर आए।

51 दिनों के बाद कश्मीर में नज़र आई शांति, कर्फ्यू हटा

सौम्या केसरवानी,

कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा के 51 दिनों के बाद पुलवामा और श्रीनगर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा की घटनाएं शुरू हुई थी, जिसपर नियंत्रण रखने के लिए राज्य में कर्फ्यू लगाया गया था।

राज्य में किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने धारा-144 के तहत 10 या इससे अधिक लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने पर पाबंदी जारी रखने का फैसला किया है। गौरतलब है कि राज्य में हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है, हजारों लोग घायल हैं।

अलगाववादियों ने अपने साप्ताहिक विरोध कार्यक्रम में इन समितियों से संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों तथा घायलों से मुलाकात करने, उनके लिए आवश्यक व्यवस्था एवं सहयोग करने को भी कहा है।

इस मामले में पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा था कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षाकर्मी, वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है।