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Saturday, August 8, 2026
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राफेल लड़ाकू विमान सौदा तय, फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत

मंगलवार को आगरा एक्सप्रेस-वे पर अभ्यास करेंगे 16 लड़ाकू विमान

शिखा पाण्डेय,

भारत व फ्रांस के बीच अनेक प्रयासों के बाद अंततः अत्यन्त महत्त्वपूर्ण व बहुचर्चित ‘राफेल लड़ाकू विमान सौदा’ तय हो गया है। भारत सरकार ने फ्रांस के साथ  36 लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे को मंजूरी प्रदान कर दी है। जानकारी में मुताबिक इस डील पर 7.878 अरब यूरो की लागत आएगी। इस पर शुक्रवार को फ्रांस के रक्षा मंत्री ज्यां जीन यीव्स ली ड्रियान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

सौदे को लेकर शुरुआती बातचीत 1999-2000 में हुई थी। उन दिनों वायुसेना लड़ाकू विमानों के घटते बेड़े को लेकर चिंतित थी। तभी से लेकर राफेल पर लगातार बातचीत चलती रही और अब जाकर सौदे पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं।

इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 36 महीने में शुरू हो जाएगी और यह अनुबंध किए जाने की तारीख से 66 महीने में पूरी हो जाएगी। पिछले 20 वर्षों में यह लड़ाकू विमानों की खरीद का पहला सौदा होगा। इसमें अत्याधुनिक मिसाइल लगे हुए हैं जिससे भारतीय वायु सेना को मजबूती मिलेगी।

फ्रांस के रक्षा मंत्री शुक्रवार शाम भारत आ रहे हैं। उनके साथ देसाल्ट एविएशन, थेल्स और एमबीडीए के सीईओ के साथ शीर्ष सरकारी अधिकारी भी होंगे। सू़त्रों ने बताया कि सरकार ने आज औपचारिक रूप से अंतर सरकारी समझौते को मंजूरी प्रदान कर दी जिस पर शुक्रवार को फ्रांस के रक्षा मंत्री की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

राफेल सौदे की ख़ास बातें-

रक्षा सूत्रों के मुताबिक़ इस लड़ाकू विमान की खरीद पर यूपीए सरकार के काल की कीमत की तुलना में करीब 75 करोड़ यूरो बचाये जा सकेंगे जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने रद्द कर दिया था। इसके अलावा इसमें 50 प्रतिशत आफ सेट का प्रावधान भी रखा गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि छोटी बड़ी भारतीय कंपनियों के लिए कम से कम तीन अरब यूरो का कारोबार और ऑफसेट के जरिये सैकड़ों रोजगार सृजित किए जा सकेंगे।

रफाल विमान में भारतीय वायुसेना की ज़रूरतों के लिहाज से तक़रीबन एक दर्जन फेरबदल भी किये गए हैं। मोदी सरकार द्वारा तय कीमत में  केवल राफेल लड़ाकू विमान ही नहीं आएगा बल्कि उसमें एक से बढ़कर बेहतर हथियार प्रणाली होगी, मसलन मिटीयोर मिसाइल होंगी। मीटियोर के आने से हमारी वायुसेना के मिसाइल पाकिस्तानी वायुसेना के मिसाइल पर काफी भारी पड़ेंगे। जहाज़ में हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल होने से तिब्बत और पाकिस्तान के कई इलाके बगैर सरहद पार किये भारत की ज़द में आ जाएंगे।

इतना ही नहीं, इसमें हवा से जमीन में मार करने वाली स्कैल्प मिसाइलें होंगी। इसका निशाना अचूक है यानी यहां बैठे बैठे इस लड़ाकू विमान के मिसाइल किसी भी आतंकी कैंप को बरबाद कर सकते हैं। लंबी दूरी की हवा से ज़मीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल का होना भारत को अपने प्रतिद्वद्वियों पर एक स्वाभाविक बढ़त देता है।

“संगठन की समर्पित कार्यकर्ता हूँ, ABVP पैनल को मेरा पूर्ण समर्थन ” -नलिनी मिश्रा

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में नामांकन से ठीक पहले घटनाक्रमों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बुधवार शाम निलम्बन रद्द होने के बाद से चुनाव लड़ने के लगाये जा रहे कयासों पर छात्र नेता नलिनी मिश्रा ने चुप्पी तोड़ते हुए संगठन के निर्णय को सबके हित में बताया। उन्होंने कहा कि संगठन का निर्णय का मैं सम्मान करती हूँ।

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छात्र नेता नलिनी मिश्रा ने कहा, ‘पिछले चार वर्षों से मैं विवि कैम्पस में अनवरत छात्र हितों की लड़ाई में संघर्षरत हूँ और ABVP की एक समर्पित कार्यकर्ता हूँ। विवि प्रशासन द्वारा गलत आरोप लगाते हुए मुझे निलम्बित कर दिया गया, जिस कारण मैं ABVP पैनल में अध्यक्ष पद हेतु अप्लाई नही कर पाई। मुझे इस बात का अफसोस है, लेकिन संगठन ने जो पैनल चुना है, मैं उसका पूर्ण रूप से समर्थन करती हूँ और आगे परिषद के लिए छात्र हितों के लिए इसी प्रकार संघर्षरत रहूंगी।’

आपको बता दें कि कल देर शाम ABVP की सक्रिय छात्र नेता नलिनी मिश्रा के द्वारा दायर याचिका पर कोर्ट में अपना फैसला सुनाते हुए निलम्बन रद्द करने का आदेश दिया था। ठीक उसी समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा पैनल चुनने के लिए माथापच्ची की जा रही थी। ऐसे में सूत्रों के हवाले से ये खबर आई कि नलिनी मिश्रा के नाम पर भी विचार हो रहा है और इसीलिए पैनल घोषित करने में देरी हो रही है। लेकिन देर रात तक लगाये जा रहे तमाम कयासों पर संगठन ने विराम लगाते हुए पैनल घोषित करते हुए पांचों उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। इसके बाद से दो तरह की बातें सामने आ रही थी कि क्या नलिनी मिश्रा निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी या वो परिषद् के निर्णय का साथ देंगी।

इसी उहापोह की स्थिति को साफ करते हुए नवप्रवाह.काम से विशेष बातचीत में छात्र नेता नलिनी मिश्रा ने कहा कि मैं परिषद् की एक समर्पित कार्यकर्ता हूँ और मुझे परिषद् इस चुनाव के लिए जो भी जिम्मेदारी देगा, मैं उसका निर्वाहन करूंगी। उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट ने मेरा निलम्बन रद्द करके मेरी सच की लड़ाई में मेरा साथ दिया है और ये जीत पूरे संगठन की जीत है। मुझे थोडा अफ़सोस है कि इस निलम्बन के कारण मैं चुनाव लड़ने के लिए पैनल में अप्लाई नही कर पाई, लेकिन खुशी है कि परिषद ने आने वाले छात्र संघ चुनाव के लिए एक अच्छा पैनल चुना है। मैं उसका समर्थन करती हूँ। हमारी जीत होगी। मैं इसी प्रकार आगे भी छात्रों के हक की लड़ाई में उनके साथ रहूंगी।

लवमेकिंग सीन को लेकर चर्चा में सैय्यामी और हर्षवर्धन कपूर

एंटरटेनमेंट डेस्क,

मुंबई। हर्षवर्धन कपूर और सैय्यामी खेर मिर्ज़िया से बॉलीवुड में पदार्पण कर रहे हैं। दोनों ने अपनी लॉन्चिंग से पहले ही अपने लिए अलग ही हाइप बना ली है। अपनी कैमेस्ट्री और लव मेकिंग सीन को लेकर सैय्यामी और हर्षवर्धन फिलहाल बी-टाउन में चर्चा का विषय बन चुके हैं।

अपनी डेब्यू को बेस्ट बनाने के लिए कलाकार मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ते, लेकिन कहीं न कहीं उनकी झिझक और पहली बार कैमरे को फेस करना दिख ही जाता है। पर सैय्यामी और हर्षवर्धन के साथ ऐसा कतई देखेने को नहीं मिल रहा है। दोनों ने अपनी पहली फिल्म में आश्चर्यजनकरूप से लव मेकिंग सीन और इंटेंस किसिंग सीन भी किए हैं।

गंभीर प्रेम कहानी के बीच इस प्रकार के सीन करना और उसे जस्टीफाइ करना वास्तव में बड़े साहस का काम है। मिर्ज़ा व साहिबान की कहानी एक पंजाबी लोककथा है जिसे बड़ी ही संजीदगी से पेश करने का नैतिक दबाव निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा के कंधो पर था और उन्होंने बखूबी इसे निभाया है। यह फिल्म  सिनेस्तान फिल्म कंपनी और राकेश ओमप्रकाश मेहरा पिक्चर्स ने प्रोड्यूस की है। फिल्म 7 अक्टूबर को रिलीज़ होगी।

पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व है ‘पितृ पक्ष’

सौम्या केसरवानी,

पितृ पक्ष, अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान दिखाने के लिए यह पर्व मनाया जाता है। पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा से हो जाती है।
यह महापर्व पूर्वजों को याद करने, उनको धन्यवाद देने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। इसे महापर्व इसलिए कहा गया है, क्योंकि ये 16 दिनों तक चलता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज किसी न किसी रूप में हमारे पास आते है,
इस पर्व पर पितरों के मान सम्मान के लिए पौत्र या पुत्र द्वारा श्राद्ध करवाया जाता है।

पितृ पक्ष में श्राद्ध से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पूर्वज प्रसन्न होकर लम्बी आयु की कामना करते हैं।
हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में कोई भी शुभ काम करने की मनाही है। गरुड़ पुराण में इस बात का भी ज़िक्र है कि श्राद्ध और तर्पण से पितरों को तृप्ति मिलती है, इसी कारण पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण किया जाता है।

एक मान्यता यह भी है कि पक्षी पितरों के विशेष दूत होते हैं, इसलिए कौवों और पक्षियों का श्राध्द का भोजन ग्रहण करना सही मायने में पितरों को प्राप्त होता है, ऐसी मान्यता है।

इविवि छात्र संघ चुनाव : ABVP ने घोषित किया पैनल, रोहित मिश्र होंगे अध्यक्ष पद के उम्मीदवार

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। दिल्ली विश्वविद्यालय में जबरदस्त जीत और जेएनयू में करारी हार के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में बड़ी जीत के उद्देश्य से ABVP ने कमर कस ली है। विश्वविद्यालय कैम्पस में भगवा लहराने के उद्देश्य से आज देर शाम ABVP ने अपना पैनल घोषित कर दिया। इस बार ABVP पैनल से अध्यक्ष पद के लिए रोहित मिश्रा, उपाध्यक्ष पद के लिये अवनीश राय ‘मानस’ , महामंत्री पद के लिये रवि प्रताप सिंह, उप मंत्री पद के लिये अभिषेक पांडेय ‘योगी’ और प्रकाशन मंत्री पद के लिए मोहित पाल को उम्मीदवार चुना गया है।

पैनल में सबसे खास बात ये है कि इस बार अभाविप ने एक बार फिर ब्राह्मण उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जिसकी सीधी लड़ाई अतुल नारायण सिंह से बताई जा रही है। पैनल घोषित होने के बाद ABVP महानगर मंत्री रिंकू पयासी ‘महानन्द’ ने बताया कि विद्यार्थी परिषद द्वारा घोषित पैनल की ही जीत होगी और इस बार इतिहास में पहली बार हम सभी पदों पर जीत हासिल करेंगे। इस बार ABVP के अध्यक्ष उम्मीदवार रोहित मिश्रा ने कहा कि मेरा सबसे प्रमुख एजेंडा यह है कि कैम्पस के अंदर बन्द पड़ी घड़ी को चालू करवाया जाये और छात्राओं की सुरक्षा, सरंक्षता के लिए कड़े कानून बनाये जाएं और कैम्पस में शिक्षण कार्य भी दुरुस्त हो। ABVP के कार्यों से छात्र खुश हैं और निःसंदेह जीत हमारे ही पैनल की होगी।

कुछ भी हो लेकिन इस बार अभाविप पैनल की जीत की राह आसान नही होगी, क्योंकि उनके सामने कई मजबूत उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अतुल नारायण सिंह का कहना है कि ABVP ने कैम्पस में माहौल गन्दा कर रखा है, जिसका खामियाजा इन्हे होने वाले चुनावो में भुगतना पड़ेगा। इन्होंने हमेशा नकारात्मकता की राजनीति की है। आगे उन्होंने कहा कि मुझे हराने के लिए सभी छात्र संगठन एक हो चुके हैं और निजी रूप से मेरा विरोध कर रहे हैं, इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि मैं इस चुनाव में मुद्दों की बात कर रहा हूँ।

बहरहाल, अभी नामांकन और दक्षता भाषण शेष है और सभी प्रत्याशी अब अपनी जीत के खातिर अपनी मेहनत में कोई कसर नही छोड़ना चाहते। आपको बता दें कि आने वाले 23 तारीख को नामांकन और अंततः 30 सितम्बर को सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। अभी अभाविप और आइसा छात्र संगठनों ने ही अपने पैनल की घोषणा की है और कल तक बाक़ी बचे छात्र संगठनों के भी पैनल घोषित होने की उम्मीद है।

व्हाट्सएप्प के इस फीचर से ग्रुप चैट हुआ और भी इंट्रेस्टिंग

सौम्या केसरवानी,

पूरी दुनिया के सबसे मशहूर मैसेजिंग एप व्हाट्सएप अपने एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए एक नया फीचर लेकर आया है। जिसमें, यूजर ग्रुप में चैट के लिए नाम मेंशन कर सकता है। ये प्रक्रिया ठीक फेसबुक की उस प्रक्रिया की तरह है, जिसमें आप अपने पोस्ट में दोस्तों या जानने वालों को टैग कर सकते हैं।

अगर आप ग्रुप चैट के शौकीन हैं और आप को सबसे ज्यादा ग्रुप में चैट करना अच्छा लगता है, तो ये फीचर आपके लिए बेहतरीन साबित होगा।

टैग करने के लिए यूजर को ‘@’ टाइप करना होगा। टाइप करते ही आपके सामने ग्रुप मेंबर्स की कॉन्टैक्ट लिस्ट सामने आ जाएगी और फिर इसमें से आप टैग करने वाले दूसरे ग्रुप युजर को चुन सकते हैं।

इससे पहले व्हाट्सएप ग्रुप यूजर्स के लिए कोट फीचर लेकर आ चुका है। इसकी मदद से आप ग्रुप में उस मैसेज को कोट कर सकते हैं, जिसका रिप्लाई आप करना चाहते हैं। टैगिंग फीचर से व्हाट्सएप ने ग्रुप चैट को और मजेदार बनाने की कोशिश की है। इसकी मदद से अब यूजर्स को ग्रुप चैट करने में भी काफी अच्छा लगेगा। अब सभी यूजर इस फीचर का भरपूर फ़ायदा उठा सकेंगे। भविष्य में और भी फीचर्स आने की सम्भावना है।

इविवि: छात्र नेता नलिनी मिश्रा का निलम्बन कोर्ट ने किया रद्द, लड़ सकती हैं अध्यक्ष पद का चुनाव!

अनुज हनुमत,

इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और नामांकन से ठीक पहले आज शाम कोर्ट के एक अहम फैसले ने चुनाव को एक नई दिशा दे दी है। आपको बता दें कि विवि प्रशासन द्वारा छात्र नेता नलिनी मिश्रा सहित दर्जनों छात्र नेताओं को विवि कैम्पस के मुख्य गेट में तालाबंदी के आरोप में निलम्बित कर दिया गया था।

अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार नलिनी मिश्रा ने कोर्ट में निलम्बन रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। छात्र नेता नलिनी मिश्रा ने बताया, ‘कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपना फैसला देते हुए विवि प्रशासन को मेरा निलम्बन रद्द करने का आदेश दिया है।’ सूत्रों की मानें तो अगर नलिनी मिश्रा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ती हैं तो अन्य सभी प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आज देर शाम निलम्बन रद्द होने की सूचना मिलते ही नलिनी मिश्रा से जब हमने बात की, तो उन्होंने कहा, ‘ये सत्य की जीत है और मैं तो शुरू से कह रही थी कि विवि प्रशासन ने मुझे गलत सबूतों के आधार पर निलम्बित किया था।’

चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने अभी कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। सबसे अहम बात ये है कि नलिनी मिश्रा ABVP की महानगर छात्रा प्रमुख हैं और परिषद की ओर से इस छात्र संघ चुनावों में अध्यक्ष पद की प्रबल उम्मीदवारों में से एक थी। एक बात तो स्पस्ट है कि कोर्ट के फैसले ने छात्र संघ चुनावों में एक बार फिर जान फूंक दी है। कल पर्चा दाखिल करने का अंतिम दिन है और अब देखना होगा की क्या कल नलिनी मिश्रा अध्यक्ष पद के लिये पर्चा दाखिल करेंगी!

वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष पद के प्रबल उम्मीदवार अतुल नारायण सिंह का कहना है कि अगर कोर्ट ने ऐसा निर्णय दिया है तो बहुत अच्छा है, क्योंकि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हालाँकि इस मुद्दे पर विवि प्रशासन ने अभी किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आतंकवाद के खिलाफ जल्द बने सख़्त कानूनी ढांचा -ब्रिक्स सदस्य

शिखा पाण्डेय,

ब्रिक्स के सदस्य देशों ने आतंकवाद को समूल नष्ट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में सख्त कानूनी ढांचे की मांग की है। सदस्य देशों ने भारत के उरी में हुए आतंकवादी हमले सहित सभी हालिया आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की और इस बुराई के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वार्ताओं में तेजी लाने का आह्वान किया है।

सभी ब्रिक्स देशों ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र से इतर कल आयोजित एक बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई क्षेत्रों में जारी संघर्ष आतंकवादी गतिविधियों के लिए माकूल जगह मुहैया कराते हैं। ब्रिक्स नेताओं ने ‘कम्प्रीहेन्सिव कन्वेन्शन अगेन्स्ट टेरॅरिज्म’ पर वार्ताओं का जल्द कोई निष्कर्ष निकाले जाने का आह्वान किया।

भारत के विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर,रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ब्राजील के विदेश मंत्री जोस सेरा, चीन के वांग यी और दक्षिण अफ्रीका के मेते अंकोना-माशाबेन ने बार बार आतंकवाद की कड़ी निंदा की। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया, “सभी ब्रिक्स सदस्य भारत में हुए आतंकवादी हमले सहित ब्रिक्स के कुछ सदस्य देशों के खिलाफ हुए हालिया कई हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।”

ब्रिक्स देशों के विदेश मामलों के इन मंत्रियों की बैठक में दुनिया के आर्थिक विकास के लिए सामूहिक कार्रवाई किए जाने के आह्वान के अलावा संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधिपरक एवं प्रभावशाली बनाने के मकसद से सुरक्षा परिषद सहित इसमें व्यापक सुधार की जरूरत को भी एक बार फिर दोहराया गया।

‘हाथी’ सारी नीतियां खा गया, ‘साइकिल’ बिना भ्रष्टाचार के चल नहीं सकती-राहुल गांधी

शिखा पाण्डेय
खुद को किसानों का मसीहा सिद्ध करने में जुटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने  केंद्र सरकार से किसान बजट बनाने की मांग की है। आज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़े- बड़े उद्योगपतियों के कर्ज तो माफ किये लेकिन किसानों की तरफ ध्यान नहीं दिया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने देवरिया से दिल्ली की किसान यात्रा के तहत आज घाटमपुर में किसानों के लिए आयोजित खाट सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी केंद्र सरकार से मांग है कि किसान बजट बनाया जाये ताकि यह तय हो कि किसानों को क्या मिलेगा।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में उद्योगपतियों के तो सैकड़ों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिये जाते हैं लेकिन किसानो के कर्ज माफ नहीं किये जाते। किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रेल बजट को आम बजट से मिलाये जाने की खबर है, उसी प्रकार नरेंद्र मोदी किसान बजट भी बनायें ताकि यह साफ़ हो कि देश के किसानों को क्या मिलेगा।

राहुल ने दावा किया कि देश में जब कांग्रेस की सरकार आयेगी तब किसानों का कर्ज माफ करना हमारी प्राथमिकता होगी क्योंकि हमारे लिये देश का किसान और नौजवान ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने अपनी खाट सभा में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को भी आड़े हाथों लिया। राहुल ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, हम उत्तर प्रदेश सरकार को विभिन्न योजनाओं के लिए पैसा भेजते थे, लेकिन मुश्किल से कोई काम होता था। बाकी पैसे पता नहीं कहां चले जाते थे।

उन्होंने बसपा पर व्यंग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने पहले हाथी को चुना।  कांशीराम जी ने जिन आदर्शों व नीतियों के आधार पर अपना खून पसीना लगाकर पार्टी खड़ी की थी, उन आदर्शों व नीतियों को वह हाथी खा गया।

सपा को आड़े हाथ लेते हुए राहुल बोले,” फिर आपने साइकिल को चुना, पैडल मारा, किंतु साइकिल वहीं रह गयी। मुलायम सिंह ने साइकिल रोक दी। जिन मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निकाला उन्हें वापस मंत्री क्यों बनाया? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भ्रष्टाचार के बगैर साइकिल चल ही नहीं सकती।”

राहुल ने विश्वास दिलाया कि अगर इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी, तो बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ही सरकारो के कामकाज की जांच कराई जायेगी।

मुझमें प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण हैं, पर एक कमी यह कि मैं मुसलमान हूँ-आज़म खान

शिखा पाण्डेय,

समाजवादी पार्टी के  वरिष्ठ नेता व उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान कई बार अपनी प्रधानमंत्री बनने की लालसा को अलग अलग तरह से ज़ाहिर कर चुके हैं। आज़म का कहना है कि उनके अंदर प्रधानमंत्री बनने के लिए जरुरी सारी खूबियां मौजूद हैं और अगर उन्हें इस पद पर बैठा दिया जाए तो वह दिखा देंगे कि देश कैसे चलाते हैं।

खान  ने कल शाम दरियाबाद में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में उरी में हुए आतंकवादी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘‘मेरे कहने से उरी में हुए आतंकवादी हमले को लेकर कोई नीति नहीं अपनाई जायेगी। मुझे देश का प्रधानमंत्री बनाओ, मैं देश चलाकर दिखा दूंगा।”

अक्सर साम्प्रदायिकता भड़कनेवाले बयान देने वाले आज़म ने अपने अंदर प्रधानमंत्री बनने लायक सभी खूबियां मौजूद बताते हुए कहा कि उनके तजुर्बे और शैक्षिक योग्यता के अलावा उनकी ईमानदारी और उनके स्तर में कोई कमी नहीं है। बस एक कमी यह है कि वह मुसलमान हैं।

खान ने कहा कि वह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से भी प्रधानमंत्री पद के विषय में अनापत्ति की रजामंदी ले लेंगे। गौरतलब है कि मुलायम सिंह खुद कई मंचों पर 1990 के दशक में देश का प्रधानमंत्री ना बन पाने का मलाल जाहिर कर चुके हैं। यह बात उन्होंने हाल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भी कही थी।

अमर सिंह को महासचिव बनाये जाने के सवाल पर आज़म ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज एक ही सन्देश दिया है कि समाजवादी परिवार जैसा कल था, वैसा ही आज भी है और आगे भी रहेगा।” इसके अलावा खान ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा ‘‘मेरे पीछे इतने कुत्ते लगे हैं कि अगर मैं उन्हें भगाने लगूंगा तो सारी उम्र कुत्ते भगाने में चली जाएगी। कुत्ते मेरे पीछे भौंकते रहते हैं और मैं आगे चलता रहता हूं।”