पाकिस्तानी कलाकारों द्वारा बॉलीवुड में काम किए जाने पर शुरू हुआ विवाद बढ़ता ही जा रहा है। खुद बॉलीवुड की कई हस्तियां इसके पक्ष में हैं तो कई विपक्ष में। अभिनेता सलमान खान ने भी अपना मत व्यक्त करते हुए पाक कलाकारों का समर्थन किया है। सलमान ने कहा है कि आतंकियों और कलाकारों में फर्क होता है।
सलमान ने पाकिस्तान में आर्मी द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की प्रशंसा की। सलमान ने कहा,” आतंकवादी थे ना, सही एक्शन लिया गया।”। लेकिन पाकिस्तानी कलाकारों का पक्ष लेते हुए उन्होंने कहा कि वे कलाकार वीजा मिलने के बाद भारत में काम करने के लिए आते हैं। वे भारत सरकार की मंजूरी से यहां आते हैं। वे कलाकार हैं, आतंकवादी नहीं।
गौरतलब है कि 18 सितंबर को हुए उरी अटैक के मद्देनज़र इंडियन मोशन्स पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने भी पाकिस्तानी कलाकारों को इंडस्ट्री में प्रतिबंधित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने इस बात की भी घोषणा की कि वे पाकिस्तानी कलाकारों की आगामी बॉलीवुड फिल्में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ व ‘रईस’ रिलीज़ नहीं होने देंगे। आज सुबह एक अन्य फिल्म समूह ने भी पाकिस्तानी कलाकारों को प्रतिबंधित कर दिया। इससे पहले फिल्म निर्माता करण जौहर सहित कई दिग्गज हस्तियां इस विषय में अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
इलाहाबाद। आज देश के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय शिक्षण संस्थान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में विद्यार्थी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए विवि प्रशासन ने भी कमर कस रखी है। आज कैम्पस के हजारों छात्रों द्वारा अध्यक्ष पद पर 9, उपाध्यक्ष पद पर 8, महामंत्री पद पर 6, संयुक्त मंत्री पद पर 8 और सांस्कृतिक सचिव पद पर 8 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
इस चुनाव में सबसे ख़ास बात ये होगी कि मतगणना के समय सभी अध्यक्ष प्रत्याशियों को अंदर मौजूद रहने की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
नवप्रवाह मीडिया नेटवर्क्स द्वारा प्रथम तीन प्रत्याशियों की लोकप्रियता का ग्राफ और उस पर आधारित छात्रों का रुझान व संभावित नतीजे क्या हो सकते हैं, उसका पूरा विवरण देने का प्रयास किया गया है, जो इस प्रकार है –
Cap. -विगत एक हफ्ते का सैम्पल
विगत एक हफ्ते से लगातार ग्राउंड जीरों की रिपोर्ट के विश्लेषण के तहत रोजाना प्रथम तीन प्रत्याशियों की लोकप्रियता का आंकलन किया और उन्हें शून्य से लेकर 10 तक के स्केल पर सभी को अंक दिया गया। ग्राफ देखने पर यह स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अतुल नारायण सिंह का परफार्मेंस 23 सितम्बर से लेकर 29 सितम्बर तक लगभग एक समान रहा। दूसरे प्रत्याशी अजीत यादव का ग्राफ 23-29 सितम्बर तक उतार-चढाव भरा रहा और तीसरे उम्मीदवार रोहित मिश्रा शुरू में मध्यम रूप से लोकप्रिय रहे लेकिन जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आई विशेषकर दक्षता भाषण के उपरांत उनकी लोकप्रियता में काफी बढ़त देखी गई, जो कि ग्राफ में भी दर्शाया गया है।
स्विंग – ग्राफ में जो लाल क्षेत्र है, वो उन छात्रों को दर्शाता है जो अपने मत का निर्णय मतदान से एक दिन पहले लेते है अर्थात यदि प्रथम तीन प्रत्याशियों में से एक के प्रति इनका झुकाव हो जाये तो पूरा समीकरण बदल जाने की संभावना है। ये पूरा सर्वे प्रत्याशियों की रैलियों, साक्षात्कार, दक्षता भाषण माइक मीटिंग और अनगिनत वोटरों के अनेक जगहों पर लिए गए इंटरव्यू पर आधारित है।
सबसे ख़ास बात यह है कि आज होने वाले मतदान में तीनों उम्मीदवारों अतुल नारायण सिंह, रोहित मिश्रा और अजीत यादव ‘विधायक’ के बीच कड़ी टक्कर है, लेकिन यदि ये स्विंग वोटर्स अपने प्रत्याशी का दामन छोड़कर दूसरे प्रत्याशी के खाते में चले जाते हैं तो समीकरण बदल भी सकते हैं।
ये ग्राफ रिपोर्ट महज परिणाम से पहले एक आंकलन है। ग्राफ रिपोर्ट को जारी करने में देरी का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि दक्षता भाषण का विश्लेषण व उसके कारण हुई प्रत्याशी की लोकप्रियता का वैज्ञानिक विश्लेषण करने में पर्याप्त समय की जरूरत होती है ।तुरन्त किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना मैने और मेरी टीम ने उचित नही समझा ।सभी को पता है की अंततः विश्वविद्यालय के छात्र ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करते हैं । आपको बता दे की आज देर शाम तक चुनाव के परिणाम आ जायेंगे ।
उरी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक (हमला) किया है। लेफ्टिनेंट जनरल ने बताया कि भारत ने बहुत ही पुख्ता जानकारी के बाद लाइन ऑफ कंट्रोल के पार आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर उसे नष्ट किया।
आपको बता दे कि सबसे ख़ास बात यह है कि पाकिस्तानी सरकार ने अब तक यह नहीं माना कि भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर में किसी भी प्रकार का सर्जिकल स्ट्राइक किया है, लेकिन इसके उलट पाक मीडिया से सबसे पहले ये खबरें आई कि पीओके में भारत द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक किया गया।
अब भारत का ये सर्जिकल स्ट्राइक का ऑपरेशन ही पाकिस्तान के गले की फ़ांस बन गया है। पाकिस्तानी सेना के अधिकारिक बयान में सर्जिकल स्ट्राइक का खंडन करते हुए कहा गया कि भारत सीमापार से गोलीबारी को सर्जिकल स्ट्राइक बता रहा है। पाकिस्तानी सेना ने भारतीय गोलीबारी में अपने दो जवानों के मारे जाने की पुष्टि की।
आपको बता दें की अगर पाकिस्तान यह स्वीकारता है कि भारत ने उसकी सीमा के अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक के आपरेशन में 30-35 आतंकवादियों को मार गिराया है, तो वह जाने अनजाने स्वीकार कर लेगा कि उसकी सीमा के अंदर आतंकवादी कैम्प चल रहे हैं। इससे इतर पाकिस्तानी मीडिया द्वारा एक और तर्क देते हुए अपनी रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव में हैं और इसी वजह से भारत की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक का दावा किया जा रहा है।
आपको बता दें कि भारत के इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी विदेश मंत्रालय के एक प्रेस कॉन्फेंस में दी गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट रणवीर सिंह ने संबोधित किया।
क्या है सर्जिकल स्ट्राइक-
कोई भी ऐसा सैन्य ऑपरेशन जिसमें ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर किसी चिन्हित ठिकाने को नष्ट किया जाता है, उसे ही सर्जिकल स्ट्राइक कहते हैं। इसमें सिर्फ़ ठिकाने को नुक़सान पहुँचता है, उसके आस पास की इमारतों या नागरिकों को कोई नुक़सान नहीं होता है। केंब्रिज डिक्शनरी के मुताबिक़ सर्जिकल स्ट्राइक एक सैन्य हमला होता है, जो किसी ठिकाने पर किया गया हो। सर्जिकल शब्द मेडिकल के सर्जरी शब्द से आया है। सर्जिकल स्ट्राइक में छोटे हथियारों का प्रयोग किया जाता है।
सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे मशहूर उदाहरण शायद पाकिस्तान के ऐबटाबाद में चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर हमला था।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार पाकिस्तानी सरकार और सेना आगे क्या रास्ता अपनाती है, क्योंकि पाकिस्तान के अंदर मची हलचल ने ये तो साबित कर दिया है कि भारत के जवानों ने उरी हमलों में शहीद हुए जवानों की शहादत का बदला ले लिया है।
उरी हमले का बदला लेते हुए भारतीय जवानों ने नियंत्रण रेखा के पास स्थित आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस लक्षित हमलों के बाद बांग्लादेश ने भारत का पक्ष लेते हुए कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता और सीमा पर हुए किसी भी हमले का जवाब देने का “कानूनी और वैश्विक रूप से स्वीकार्य अधिकार” है। हालाँकि बांग्लादेश ने सभी पक्षों से ‘धैर्य’ बनाए रखने की अपील की।
आज बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार इकबाल चौधरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि, “भारत को अपनी संप्रभुता और अपनी धरती पर हुए किसी भी हमले का जवाब देने का पूरा कानूनी और वैश्विक रूप से स्वीकार्य अधिकार है।” कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह “द्विपक्षीय विवाद” है और “दूसरे पक्ष से भी उल्लंघन” हुए हैं।
आगे चौधरी ने कहा कि, “यह (कश्मीर) लंबा और लगातार चलने वाला विवाद है और दूसरे पक्ष की ओर से भी उल्लंघन हुए हैं। बांग्लादेश का हमेशा से मानना रहा है कि स्वतंत्रता की संप्रभुता और देश के कानूनी अधिकारों के खिलाफ आक्रमकता या हमला स्वीकार्य नहीं है।
बांग्लादेश हमेशा मानता है कि किसी भी देश को तीसरे राष्ट्र की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।” इक़बाल चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता में आने के बाद जोर देकर कहा था कि किसी भी आतंकवादी समूह को पनाह लेने, योजना बनाने या भारतीय सीमा में हमले या आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बांग्लादेश की धरती का प्रयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसे लेकर हम इतने प्रतिबद्ध हैं कि ऐसी किसी भी गतिविधि को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है।”
अपने बयान के बाद उन्होंने दोनों पक्षों से ‘धैर्य’ रखने की अपील करते हुए कहा कि, “बांग्लादेश को हमेशा लगता है कि इस तरह के मामलों में, सभी पक्षों की ओर से धैर्य रखा जाना चाहिए, क्योंकि हम मानते हैं कि दक्षेस देशों में हमें सभी सदस्य देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हुए, शांतिपूर्ण वातावरण में रहना चाहिए। बांग्लादेश के इस बयान ने पाकिस्तान की मुश्किले और बढ़ा दी हैं, क्योंकि बांग्लादेश पाकिस्तान का ही पुराना हिस्सा है।
अमेरिका के न्यूजर्सी शहर में एक भीषण हादसे की खबर आई है। घटना न्यू जर्सी के होबोकेन स्टेशन पर हुई है, जहाँ एक ट्रेन स्टेशन में घुस गई। इस घटना में सौ से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
स्थानीय समाचार एजेंसियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह पीक टाइम में यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम चल रहा है।
न्यूयॉर्क के आधिकारिक इमरजेंसी इंफॉर्मेशन सिस्टम ने ट्वीट कर बताया, ”होबोकेन स्टेशन, न्यू जर्सी में एक ट्रांजिट ट्रेन के पटरी से उतर जाने के कारण, स्टेशन पर फिलहाल ट्रेनों का आवागमत बंद है।” विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
भारतीय सेना द्वारा सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को दिखाई गई उसकी औकात से पूरा पाकिस्तान सकपका सा गया है। इसलिए इतना करारा जवाब मिलने के बावजूद पाकिस्तानी सरकार और सेना ने किसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक से साफ इनकार किया है। ‘नापाक’ सरकार की ओर से मात्र इतना स्वीकार किया गया कि भारतीय हमले में उनके दो सैनिक शहीद हुए।
उधर पाकिस्तानी मीडिया इस कदर बेहोश है कि उसे इस बात का पता ही नहीं कि उसकी सेना ने क्या बयान दिया है। पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने आज शाम एक ट्वीट कर कहा, ”आज सुबह 7:30 बजे पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कम से कम 5 भारतीय सैनिक मार गिराए गए हैं। कई घायल हुए हैं।”
बिना सिर पैर के इस ट्वीट पर भारतीय तो भारतीय, खुद पाकिस्तानी यूजर्स ने हामिद को जम कर लताड़ा। एक यूजर ने लिखा, “मीर साहब, आप कबसे झूठ बोलने लगे? वैसे भारतीय सेना ने आतंकी कैंपों पर हमला किया था। आपके दो जवान वहां क्या कर रहे थे?” एक अन्य यूजर ने मीर के दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा, ”कैसी जवाबी कार्रवाई? मीर साहब, सर्जिकल स्ट्राइक तो हुई ही नहीं न!”
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने एलओसी के पार जाकर आंतक के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने गुरुवार को बताया, “बुधवार रात हमें पक्की जानकारी मिली थी कुछ आंतकवादी सीमा पर इकट्ठा हुए हैं और उनका इरादा जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करना है। इस खबर के मिलने के बाद भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान की सीमा में स्थित आतंकियों के पांच लॉन्चिंग पैड्स को नष्ट कर दिया।” डीजीएमओ ने बताया कि इस सर्जिकल स्ट्राइक का लक्ष्य आतंकवादियों के नापाक इरादों को मिट्टी में मिलाना था। इस हमले में लगभग 35-40 आतंकियों को मार गिराया गया है।
भारतीय सेना द्वारा उरी हमले का बदला लेने के लिए पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह करने के बाद, अब पाक की ओर से भी संभावित जवाबी हमले से निपटने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की माने तो पाकिस्तान की तरफ से पलटवार किया जा सकता है।
सेना प्रमुख ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसी क्रम में आज सीमावर्ती राज्यों को हाईअलर्ट पर रखा गया है और गृह मंत्रालय ने कश्मीर, पंजाब, गुजरात में सीमा से सटे सभी गांवों को खाली कराने की एडवाइजरी राज्य सरकारों को जारी कर दिया है।
इसके फौरन बाद राज्य सरकारों ने कार्यवाही तेज करते हुए लोगों को इन इलाकों से हटाना शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट के बाद पठानकोट के सिविल अस्पताल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। इमरजेंसी वार्ड को भी खाली कराया जा रहा है।सबसे अहम बात ये है कि डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों की भी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
गुजरात में भी मछुआरों से कहा गया है कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक न जाएं। पंजाब में हुसैनीवाला बॉर्डर पर की जाने वाली बीटिंग रिट्रीट रद्द कर दी गई है। फिरोजपुर के जिला कलेक्टर डी पी एस खरबंदा ने कहा, ‘अभी यहां पर स्थिति सामान्य है और हम लोगों ने एतियातन सीमा से लगे 10 किमी. तक के स्कूलों को बंद करा दिया गया है। बहरहाल इस पूरी स्थिति के बीच इतना तो स्पष्ट हो गया है कि अब भारत पाकिस्तान के किसी भी प्रकार के हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज शाम 4 बजे सभी राजनैतिक पार्टियों की सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सूत्रों की माने तो इस बैठक में पाकिस्तान में चलाये गए सर्जिकल आपरेशन की चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी बड़ी कार्यवाही के पहले केंद्र सरकार सभी दलों से बातचीत कर लेना चाहती है, इसलिए राजनाथ सिंह ने ये बैठक बुलाई है।
आखिरकार उरी हमलों का मुहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर सर्जिकल आपरेशन कर आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हमला किया। हमले में कई आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इसकी पुष्टि खुद पाकिस्तान ने की। इसके बाद पूरे देश में भारतीय सेना के इस आपरेशन की जमकर सराहना की जा रही है।
गौरतलब है कि उरी हमले के बाद भारत ने अपने जवानों की शहादत का पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक (हमला) किया है। लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह ने कहा कि भारत ने बहुत ही पुख्ता जानकारी के बाद, लाइन ऑफ कंट्रोल के पार आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर उसे नष्ट किया।
पाकिस्तानी मीडिया से जो खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक, भारत ने करीब पांच आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया है। आपको बता दें कि भारत के इस सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी विदेश मंत्रालय के एक प्रेस कॉन्फेंस में दी गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट रणवीर सिंह ने संबोधित किया।
आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय फ़ौज ने बुधवार रात एलओसी के पार पीओके में पाकिस्तान से आए आतंकियों पर हमला बोलकर धराशायी कर दिया। इस संबंध में सेना के डीजीएमओ ले. जनरल रणवीर सिंह ने पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
जनरल रणवीर सिंह ने बताया कि भारतीय फौज ने कैसे इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और आतंकियों को कितना नुकसान हुआ। सिंह ने बताया कि सेना ने कल रात एलओसी के पार पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया, जिसमें आतंकियों को भारी नुकसान हुआ है। हमले में कई आतंकी इसमें मारे गए हैं।
सिंह ने बताया कि जब हमें पक्की जानकारी मिल गई उसके बाद हमारी सेना ने आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया। हमने बाद में इसकी जानकारी पाकिस्तान को दे दी। उन्होंने कहा कि ये आतंकी भारत में घुसपैठ करने वाले थे, जिन्हें हमने मौत के घाट उतार दिया।
अब ऑपरेशन खत्म कर दिया गया है। भारतीय सशस्त्र बल किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। फिलहाल आगे और अभियान की योजना नहीं है। आतंकियों से बरामद हथियारों पर पाकिस्तान के निशान हैं।
हिला पाकिस्तान-
भारतीय जवानों के इस साहसिक कदम से पाकिस्तान सदमे में है। पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ़ ने इस संबंध में कहा कि भारत उनकी अमन चैन की ख्वाहिश को कमज़ोरी न समझे। पाकिस्तान अपनी रक्षा करने में सक्षम है। आइंदा अगर इस तरह की कार्रवाई हुई, तो पाकिस्तान इसका जवाब देने की सलाहियत रखता है।
पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ वर्ग से अलग करने को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी, जिसे अगले हफ्ते तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि अभी तक इसका कोई उचित कारण नहीं बताया गया है।
गौरतलब है कि उरी हमले के बाद से ही देश में लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग हो रही है। इसी क्रम में सरकार ने सिंधु समझौते को तो नहीं तोड़ा, लेकिन वह उसे दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस छीन सकती है। जानकारों की मानें तो इस फैसले से पाकिस्तान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा।
आपको बता दें कि भारत ने 1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों को लेकर एमएफए स्टेट्स दिया जाता है। एमएफएन स्टेट्स दिए जाने पर दूसरे देश इस बात को लेकर आश्वस्त रहते हैं कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इसकी वजह से पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड टैरिफ मिलता है। लेकिन, बदले में पाकिस्तान ने आश्वासन के बावजूद भारत को एमएफएन दर्जा नहीं दिया।
उधर भारत की कोशिशों के चलते सार्क देशों के बीच पाकिस्तान पहले ही अकेला पड़ चुका है। भारत के साथ साथ अफगानिस्तान, भूटान, और बांग्लादेश ने नेपाल को सम्मेलन के बहिष्कार की खबर दे दी है।
सबसे खास बात यह है कि इस वक़्त सार्क देशों की अध्यक्षता कर रहे नेपाल ने अपने बयान में माना है कि उसे बहिष्कार की सूचना मिल चुकी है, फिर भी औपचारिक तौर पर सभी देशों से गुजारिश की है कि सम्मेलन लायक माहौल बनाया जाए।
आपको बता दें कि सार्क सम्मेलन इस्लामाबाद में 9 और 10 नवंबर को होने वाला था। कुल मिलाकर अगर भारत, पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा समाप्त कर देता है, तो निःसन्देह यह निर्णय पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा सकता है।