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Saturday, August 8, 2026
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भारत आईं पाकिस्तानी छात्राओं को हुआ हिंदुस्तान से प्यार, कहा, ‘हिंदुस्तान काफी पसंद आया’

सौम्या केसरवानी,

भारतीय सेना द्वारा पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) के बीच तनाव अपने चरम पर है। लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से भारत आई कुछ स्टूडेंडट्स इस बात से इतेफाक नहीं रखती हैं। इन लड़कियों को देखकर ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता है कि उनकी चेहरे पर कोई तनाव या डर का साया है। ये पाकिस्तानी स्टूडेंट्स का ग्रुप आराम से बेखौफ होकर चंड़ीगढ़ में घूम रहा है।

जब पाकिस्तानी स्टूडेंट्स के डेलीगेशन से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आई दरार के बारें में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों मुल्कों के लोग आपस में शांति ही चाहते हैं। भारत उन्हें काफी पसंद आ रहा है। यहां के लोगों द्वारा हमें बहुत ज्यादा प्यार और सम्मान मिल रहा है। पाक लड़कियों ने कहा कि हमें यहां आकर बिल्कुल भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि हमें यहां किसी प्रकार का कोई खतरा है। हमें यहां पर उतना ही मान-सम्मान मिला है, जितना कि हमें अपने मुल्क में मिलता है।

पाकिस्तानी स्टूडेंट्स का यह ग्रुप 11वें ग्लोबल यूथ पीस फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ आया हुआ है। गुरुवार को यह ग्रुप यहां के गुरुकुल ग्लोबल स्कूल में था। स्कूल में पहुंचने पर पाकिस्तानी स्टूडेंट्स के इस डेलिगेशन का जोरदार स्वागत किया गया था। इस दौरान पाकिस्तानी स्टूडेंट्स को भारतीय स्टूडेंट्स ने रोटी का निवाला खिलाकर शांति का संदेश दिया।

इसके साथ भारतीय स्टूडेंट्स ने अपने पड़ोसी मुल्क के कल्चर को जानने के लिए पाक स्टूडेंट्स से कुछ सवाल पूछे। भारतीय स्टूडेंट्स ने पाक में दी जाने वाली कुर्बानी और वेस्टर्न ड्रेसेज से संबंधित सवाले पूछे। जिनका पाक स्टूडेंट्स ने बड़ी सहजता से जवाब दिया।

पीएम मोदी से मिले डोभाल, एलओसी के हालात की दी जानकारी

अमित द्विवेदी,

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज प्रधानमंत्री मोदी से मिले। उन्होंने पीएम मोदी को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ताज़ा हालात की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पर पाकिस्तानी सेना की गतिविधियां बढ़ी है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर शाहपुर सेक्टर में संघषर्विराम का उल्लंघन किया। पीओके में भारतीय सेना के सर्जिकल ऑपरेशन के तीन दिन बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सेना के कैंप पर हमला किया।

बता दें कि सर्जिकल ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान के सरकार की नाकामी  का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी जनता ही सरकार की गतिविधियों से खफा है। अंदाज़ा यह भी लगाया जा रहा है कि ऐसे ही चलता रहा तो पाकिस्तान में तख्ता पलट की स्थिति भी बन सकती है।

जानकारी के मुताबिक, सेना और आतंकियों के बीच गोलीबारी जारी है, जिसमें दो आतंकियों के मारे जाने की ख़बर है। बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। दो जवान भी घायल हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक़, आतंकियों ने पहले ग्रेनेड से हमला किया, फिर गोलीबारी की।

देश के सामने कलाकार खटमल की तरह -नाना पाटेकर

अमित द्विवेदी,

जहां एक ओर बॉलीवुड में इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि पाकिस्तानी कलाकारों को अलग थलग किया जाना चाहिए या नहीं, वहीं अभिनेता नाना पाटेकर ने, राष्ट्र की महत्ता को प्राथमिक बताते हुए कलाकारों की तुलना खटमल से की।

अभिनेता नाना पाटेकर से जब पाकिस्तानी कलाकारों के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी कलाकार और बाकी सब बाद में, पहले मेरा देश। उन्होंने कहा कि देश के अलावा मैं किसी को नहीं जानता और ना जानना चाहूंगा। असली हीरो हमारे जवान हैं।

नाना ने स्पष्ट किया कि कलाकार देश के सामने खटमल की तरह हैं, हमारी कोई कीमत नहीं है। नाना पाटेकर ने सलमान का नाम लिए बिना उनके उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी कलाकार कोई आतंकी तो नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि हम जो बोलते हैं उस पर ध्यान मत दो, इतनी अहमियत मत देना किसी को। और जो पटर-पटर बोलते हैं न, उनकी उतनी औकात नहीं है कि हम उनकी बातों पर इतना ध्यान दें। जवानों से बड़ा हीरो कोई नहीं हो सकता। हम एक्टर तो बहुत मामूली लोग हैं। हमारे असल हीरो हमारे जवान हैं।

नाना पाटेकर के इस बयान के बाद पूरे देश में उनकी तारीफ हो रही है। साथ ही सोशल साइट्स पर सलमान की धुलाई और तेज़ हो गई है। कई लोगों को सोशल साइट्स पर सलमान की नाना से तुलना करते हुए लिखा जा रहा है कि देश में रहकर देश के बारे में न सोचने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

बारामूला हमले के बाद पंजाब के गुरदासपुर में BSF पोस्ट पर फायरिंग, घुसपैठ की आशंका

भारत के द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक से बौखलाये पाकिस्तान ने कल देर रात पहले जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमले को अंजाम दिया, इसके बाद आज सोमवार को सुबह पंजाब में फायरिंग की खबर सामने आ रही हैं।

एएएनआई के मुताबिक पंजाब के गुरदासपुर के चकरी गांव में बीएसएफ की चौकी पर फायरिंग की गई है, लेकिन अभी फायरिंग में कोई घायल हुआ है या नहीं इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है। बीएसएफ के आईजी अनिल पालीवाल ने बताया कि गुरुदासपुर सेक्टर चकरी पोस्ट पर संदिग्ध घुसपैठ के बीच बीएसएफ की ओर से फायरिंग की गई।

आपको बता दें कि पाकिस्तान की ओर से पंजाब के गुरदासपुर इलाके में इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीजफायर वॉयलेशन की घटना बारामूला आतंकी हमले के कुछ घंटों बाद सामने आई है। इससे पहले रविवार रात को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में बीएसएफ और आस-पास के सैन्य शिविरों पर आतंकवादियों ने हमला किया। इस हमले में बीएसफ का एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। सूत्रों के मुताबिक भारतीय जवानों ने भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है।

जवाबी कार्रवाई में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया, ‘‘बारामूला घटना की स्थिति काबू में।’’ बारामूला हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के डीजी से बात की और घायल जवान को अच्छी से अच्छी मेडिकल सुविधा दिए जाने को कहा है। उन्होंने शहीद जवान की मौत पर संवेदना व्यक्त की। सेना का सर्च आपरेशन अभी भी जारी है।

भारतीय तटरक्षक बल ने पकड़ी 9 क्रू मेंबर्स के साथ पाकिस्तानी नाव

आनंद द्विवेदी,

रविवार को गुजरात समुद्री तट से कुछ दूरी पर ही भारतीय तटरक्षक बल के जहाज समुद्र पावक ने एक पाकिस्तानी नाव को पकड़ा है। इस नाव में 9 क्रू मेंबर्स थे जिनसे आधिकारिक पूछताछ के बाद अग्रिम जांच के लिए पोरबंदर ले जाया गया है।

प्राथमिक जांच में इनके मछुआरे होने के संकेत मिल रहे हैं जो गलती से भारतीय सीमा में घुस गए या फिर किसी अन्य मकसद से आये हैं। तटरक्षक बल इस लिए मुस्तैद है क्योंकि 2008 में ऐसे ही एक नाव में मुम्बई हमले में कुछ अतांकवादी भी समंदर के रास्ते से नाव के सहारे घुस आए थे।

गौरतलब है कि उरी हमले के बाद से ही देश के हर संवेदनशील हिस्से में हाइएलर्ट की घोषणा की गई है। सेना की सभी शाखाओं ने बेहद चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी है। खासकर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत ने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी सघन कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तटरक्षक बल के पीआरओ विंग कमांडर अभिषेक मतिमान ने बताया कि,”सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुजरात तट से कुछ दूर समुद्र में जहाँ पर हमारे जहाज और एयरक्राफ्ट तैनात हैं वहां से आज सुबह 10:15 बजे एक 9 क्रू मेंबर्स वाली पाकिस्तानी नाव को पकड़ा गया है।”

भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण को पाकिस्तान की कैद से छुड़ाने की कोशिश जारी- मनोहर पर्रिकर

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे से सेना के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए डीजीएमओ के जरिये सैन्य स्तर पर एक सुगठित तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। चव्हाण गलती से सीमा पार कर गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान सेना ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के कब्जे में गया जवान सर्जिकल स्ट्राइक अभियान से जुड़ा हुआ नहीं था।

रक्षामंत्री ने रविवार को पुणे में आयोजित स्वच्छ भारत अभियान के बाद मीडिया से बातचीत की। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सेना के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को वापस लाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर पर्रिकर ने कहा, “भारत-पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) एक-दूसरे के संपर्क में हैं। डीजीएमओ स्तर पर एक मानक तंत्र है, जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है।”

राफेल सौदे से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में पर्रिकर ने कहा, “डील के अनुसार राफेल विमानों की डिलीवरी की समय सीमा 36 महीने है, लेकिन संभव है कि हमें डिलीवरी पहले ही मिल जाए। हमने उनसे जल्द डिलीवरी करने का अनुरोध किया है।”

गौरतलब है कि 37वीं राष्ट्रीय रायफल के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण गुरुवार (29 सितंबर) को गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल पार कर पाकिस्तान चले गए थे, जो फिलहाल पाकिस्तान के कब्जे में हैं। डीजीएमओ ने हॉटलाइन पर पाकिस्तान को इसकी जानकारी दे दी है। सेना ने कहा,”दोनों ही तरफ सेना और आम नागरिकों का गलती से सीमा पार कर जाना असामान्य नहीं है, उन्हें मौजूदा तंत्रों के जरिए वापस ले आया जाता है।”

चव्हाण को छुड़ाने के लिए हरसंभव राजनयिक और कूटनीतिक कोशिशें हो रही हैं। इस बीच उनके पाकिस्तान के कब्जे में होने की खबर सुनते ही उनकी नानी लीलाबाई चिंदा पाटील की गुरुवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। 23 वर्षीय चव्हाण महाराष्ट्र के धुले जिले के वोरबीर गांव के रहनेवाले हैं। उनके पिता का नाम बाशन चौहान है। उनके भाई भी मिलिट्री में ही हैं। उनकी तैनाती फिलहाल गुजरात में है।

कंबाइंड एक्जिबिशन ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी’ में भारत के 10 स्टार्टअप लेगें हिस्सा

शिखा पाण्डेय,

जापान के सबसे बड़े सूचना प्रौद्योगिकी मंच ‘कंबाइंड एक्जिबिशन ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी’ में भारत के 10 स्टार्टअप हिस्सा लेगें। ‘कंबाइंड एक्जिबिशन ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी’ का आयोजन इसी सप्ताह 4 अक्टूबर को जापान के आर्थिक, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। भारत के 10 स्टार्टअप्स इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

आईटी उद्योगों के संगठन ,’नास्कॉम’ ने एक बयान में कहा कि जापान में आईटी फोरम में हिस्सा लेने वाले स्टार्टअप्स कृषि, लाजिस्टिक्स और औद्योगिक आटोमेशन क्षेत्र से जुड़े हैं। नास्कॉम के सीओई आईओटी ने इस कार्यक्रम के लिए 65 भारतीय स्टार्ट अप्स नाम सुझाया था। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चुने गए स्टार्ट अप्स में से नौ नास्कॉम के सीओई आईओटी द्वारा नामित किए गए हैं।

कंगना ने दिया विवादित बयान, हो सकता है बवाल!

 

संजय मिश्रा ‘कात्यानी’,

बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत लाइमलाइट में आने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। काफी दिनों से शांत मामले को कंगना ने एक बार फिर से हवा दे दी। ऋतिक रोशन और कंगना रनौत का कोल्ड वार ने एक नई दिशा तब पकड़ ली, जब कंगना ने ऋतिक को 43 साल का बच्चा बोल दिया।

कंगना और ऋतिक अपने रिश्ते को लेकर पिछले कुछ महीनों से सुर्ख़ियों में हैं। दोनों आए दिन अपने विवादित टिप्पणियों के चलते खबरों में छाए रहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। कंगना ने इस बार ऋतिक के पिता को मामले में घसीटते हुए ताना मारा कि 43 साल के बच्चे को अपने पिता को अपने मामले में लाने की क्या ज़रूरत है।

लंबे समय से कंगना और ऋतिक विवादों मर घिरे हैं। कुछ दिन पहले कंगना-ऋतिक विवाद पर राकेश रोशन ने कहा था कि अगर ऋतिक सच्चाई उजागर कर दें, तो लोग हैरान रह जाएंगे। राकेश रोशन ने ये भी कहा कि ऋतिक दूसरों से अलग है। अगर कोई उसके बारे में झूठ भी फैलाता है, तो वो शांत रहना पसंद करता है। अगर वो सच बोलने पर आए, तो लोग चौंक जाएंगे।

इस मामले में जब कंगना से एक पत्रकार ने पूछा तो कंगना ने ऋतिक पर जोरदार ताना मारा। कंगना ने कहा, ”क्यों 43 साल के होकर भी लोग अपनी समस्या खुद दूर नहीं कर पाते। बच्चे की तरह पिता को अपने मामले में शामिल करते हैं।

मनोयोग से करें माँ की आराधना, समस्त कामनाएं होंगी पूर्ण

सुमन मिश्रा,

“सिंहस्था शशिशेखरा मरकतप्रख्यैश्वेतुर्भिर्भुजैः शंखचक्रधनुःशरांश्च दधति नेत्रैस्त्रिभिःशोभिता ।
आमुक्तांगदहारकंकणरणत्काश्चीरणन्नुपुरा दुर्गा दुर्गतिहारिणी भवतु नो रत्नोल्लसत्कुण्डला ।
ध्यानार्थे अक्षत्पुष्पाणि समर्पयामि ।
ऊँ दुर्गायै नमः”

सभी देवों की दिव्य शक्तियों से युक्त माँ दुर्गा सभी भक्तों की रक्षा करें। शारदीय नवरात्रि पराशक्ति के शुभ संदेश के साथ आज से अर्थात 1अक्टूबर से आरम्भ हो रहा है। देवी अपने सभी भक्तों को आश्वस्त करती हैं।
“एभिः स्तवैश्च मां नित्यं स्तोष्यते यः समाहितः।
तस्याहं सकलां बाधां नाशयिष्याम्यसंशयम् ।”

इस आश्वासन की शक्ति से इतिहास पूर्व परिचित है। प्रभु राम ने इसी शक्ति से अभिभूत होकर आसुरी शक्तियों का संहार किया था। कलियुग में आसुरी शक्तियाँ हमारे भीतर क्रोध, ईर्ष्या, लोभ, अहंकार इत्यादि के रूप में समाई हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में हम माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना कर इन आसुरी शक्तियों से मुक्त हो सकते हैं।

प्रकृति के बदलाव के रूप में माँ दुर्गा के आगमन की अनुभूति की जाती है। आज जब मनुष्य अपने भीतर के विकारों के साथ-साथ विभिन्न रोगों और वैमनष्यता से जूझ रहा है, तब अवश्य दैवीय शक्तियों की आवश्यकता भी महसूस करता है। दैवीय शक्तियाँ कोई अद्भुत चमत्कार भले न करती हों, परन्तु इन विपदाओं का मुकाबला करने की शक्ति अवश्य देती हैं।

उपासना, स्तुति, प्रार्थना, अराधना इत्यादि में अंधभक्ति का कोई स्थान नहीं है, मात्र मनोयोग से माँ का ध्यान और यथोचित उपासना ही शांति की अनुभूति करा सकती है।

यह ऐसा पर्व है जो देश के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है। बंगाल में दुर्गा पूजा, गुजरात में गरबा, महाराष्ट्र में डांडिया, पंजाब में कंजिका पूजन के साथ नवरात्रि का उपवास, उत्तर प्रदेश में घट स्थापना के साथ शक्ति की उपासना, मध्यप्रदेश में शारीरिक अंगों में जवारों के रोपण के साथ कठिन योग के साथ देवी उपासना इत्यादि इस महत्वपूर्ण पर्व को मनाने के तरीके हैं।

राम लीला, रावण वध कथा भी शारदीय नवरात्र का अंग है। धार्मिक तथा अध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ यह पर्व सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। स्त्रियों को महत्व देने के वैदिक परम्परा का साक्ष्य भी देता है। इस त्योहार को मनाने हेतु सामग्रियों के साथ- साथ श्रद्धा अत्यंत आवश्यक है। श्रद्धा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

अगले वर्ष 6 जनवरी को पेश-ए- खिदमत होगी विद्या बालन की ”बेगम जान”

एंटरटेनमेंट डेस्क,
फिल्म ‘परिणीता’ से ‘तीन ‘ तक अपनी अदाओं व अभिनय से सबको मंत्रमुग्ध करने वाली वर्सटाइल अभिनेत्री विद्या बालन अपनी अगले वर्ष रिलीज़ हो रही फिल्म  ‘बेगम जान’ को लेकर काफी चर्चा में हैं। यह फिल्म छह जनवरी 2017 को रिलीज होगी। ‘बेगम जान’ आजादी से पहले के समय की कहानी है।

‘बेगम जान’ का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक श्रीजीत मुखर्जी कर रहे हैं। यह बॉलीवुड में उनकी डेब्यू फिल्म होगी। फिल्म को ‘प्ले एंटरटेनमेंट’द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है। प्रोडक्शन कंपनी के प्रमुख मिलिंद डबके ने इस बात की जानकारी दी कि फिल्म छह जनवरी, 2017 को रिलीज होगी। यह एक कमर्शियल फिल्म है।

यह फिल्म एक वेश्यालय की विस्थापित महिलाओं की दुख भरी कहानी है। फिल्म में विद्या ‘बेगम जान’ के शीर्ष किरदार में हैं , जो एक ऐसी महिला है जिसने विभाजन के दौरान कई समस्याओं का सामना करती है, इसके बावजूद मुश्किलों के खिलाफ मजबूती से खड़ी होती हैं।

‘बेगम जान’ में नसीरुद्दीन शाह, रजत कपूर, गौहर खान, पल्लवी शारदा, ईला अरुण, आशीष विद्यार्थी और चंकी पांडे जैसे कई दूसरे कलाकार भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

नारी शक्ति को बखूबी फिल्माने वाले ‘प्ले एंटरटेनमेंट’ ने इससे पहले ‘जय गंगाजल’ को प्रोड्यूस किया था, जिसमें अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को पुलिस अधिकारी के किरदार में देखा गया था।